Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

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  Who was your inspiration in Childhood ? My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts More »

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA  Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

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1. आपका बचपन में प्रेरणा स्त्रोत कौन था? मेरे पूज्य बाबाजी स्वर्गीय श्री रामसिंह जी । जो एक कृषक थे, एक सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने जिंदगी में मुझे जीना सीखाया। प्ररेणा भी More »

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

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Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd. with 300+ Centers all across India Who was your inspiration in Childhood ? My mother and father were my source More »

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

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Who was your inspiration in Childhood ? My inspiration was my family. I was surrounded by educators in my family. Ma Nanaji, Mamaji, my mother everybody was into academics. My Mamaji was More »

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

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Who was your inspiration in Childhood ? I always believed that inspiration is from inside and not from outside. Only you can inspire yourself. Outward inspirations are momentary and do not stay More »

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

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  Who was your inspiration in Childhood ? My dad and my uncle were my inspiration in my childhood. Both of them were associated with RSS. They inspired me to join RSS More »

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

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Dr.Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker Who was your inspiration in Childhood ? My mother was my inspiration in my childhood and she is still my inspiration. My brother had also More »

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

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Who was your inspiration in Childhood ? My grandfather was my biggest inspiration. I had learnt the minutest details of life from him. I learnt a lot from him about business. Like More »

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

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Who was your inspiration in Childhood ? I think in my childhood it was the national leaders like Gandhi ji and Nehru ji who inspired me the most because our exposure at More »

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

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Who was your inspiration in Childhood? Radio was my source of inspiration as I used to listen to loads of music and radio and tape recorder were the only source to listen More »

 

लोगों को मिल रहे 2 तरह के 500 के नए नोट, असली-नकली पहचानना हो रहा मुश्किल, RBI ने कहा प्रिटिंग डिफेक्ट

दोनों नोट में कई फर्क हैं। (Photo: Twitter/Arvind Kejriwal Retweet)

500 रुपए के नए नोट बैंकों और एटीएम में आए अभी दो हफ्ते हुए हैं, लेकिन अभी से बाजार में इस नोट के दो रूप देखने को मिल रहे हैं। इन दोनों नोटों में कई छोटे-छोटे फर्क हैं, और विशेषज्ञों का मानना है कि इससे ना सिर्फ आम लोगों के दिमाग में उलझन पैदा होगी, बल्कि जालसाजी को भी बढ़ावा मिलेगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी का फैसला कालाधन, जालसाजी व नकली नोटों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लिया था। अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, दिल्ली में रहने वाले एक शख्स ने कहा, “एक नोट में गांधी जी की परछाई ज्यादा दिखाई है, इसके अलावा सीरियल नंबर, अशोक स्तंभ जैसी चीजों के साइज में भी अंतर है।”

गुरुग्राम में रहने वाले रेहन शाह ने दोनों नोट में किनारों का साइज भी अलग-अलग बताया। वहीं मुंबई में रहने वाले एक शख्स ने 2000 रुपए के नोट के छुट्टे कराए थे और उन्हें 500 रुपए के दो नोट मिले। इन दोनों के कलर में फर्क था। एक हल्के रंग की छपाई से था। वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की प्रवक्ता अल्पना किल्लावाला ने कहा, “यह नोट प्रिटिंग में की गई गलती हो सकती है। क्योंकि इस समय काम का काफी दबाव है। हालांकि लोग बेझिझक इन नोटों को ले सकते हैं या चाहें तो आरबीआई को वापस कर सकते हैं।”

विशेषज्ञों का मानना है कि लोगों की उलझन का फायदा नकली नोट चलाने वालों को मिल सकता है। काफी सालों से क्राइम विभाग को देख रहे एक सीनियर IPS ऑफिसर ने कहा, “चूंकि लोग पूरी तरह से 500 के नोट के फीचर नहीं समझ पाएंगे, ऐसे में वह नकली नोट को भी बिना पहचाने रख सकते हैं। अगर बाजार में 500 के ऑफिशियल नोट भी दो रूप में मौजूद होगा तो तीसरे या नकली रूप को भी लोग नहीं पहचान पाएंगे।”

बच्ची ने थाने में बयां की दर्द की दास्तां

 bacchi ne baya ki daasta
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 कंकरखेड़ा क्षेत्र में एक बच्ची का दो दिन पहले अपहरण कर दुष्कर्म किया गया था। बृहस्पतिवार को महिला थाने में बच्ची ने बयान दर्ज कराए। बच्ची की दास्तां सुनकर हर कोई सन्न रह गया। बयानों के आधार पर पुलिस ने मुख्य आरोपी फोटू के खिलाफ दुष्कर्म और उसके दो साथियों पर अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की है। सीओ दौराला ने बताया कि आरोपियों पर पॉक्सो के तहत कार्रवाई की जाएगी। उधर, पुलिस की दबिश से पूर्व ही तीनों आरोपी गांव से फरार हो गए हैं।
खिर्वा रोड स्थित गांव निवासी बच्ची ने बृहस्पतिवार को महिला थाने में बयान दर्ज हुए। बच्ची ने बताया कि आरोपी फोटू ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। आरोपी रोहित ने उसको पकड़ा और नवाब ईख के खेत के बाहर खड़ा था। उसने बताया कि आरोपी फोटू उसे लेकर खेत में गया था। जहां पर दोनों आरोपी पहले से ही मौजूद थे। उधर, सीओ दौराला बीएस वीर कुमार ने बताया कि तीनों आरोपियों पर पॉक्सो का मामला भी दर्ज किया गया है। फोटू पर दुष्कर्म और दोनों आरोपियों पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीनों आरोपियों की तलाश में दबिश दी गई है, लेकिन वह फरार मिले। उधर, आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से परिजनों में रोष है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपी गांव छोड़कर फरार हो गए। सीओ दौराला बीएस वीर कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बच्ची 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे।

बैंक खुलते ही कैश खत्म, भड़के ग्राहक

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
नोट बंदी का 16वां दिन लोगों के लिए आफत भरा रहा। बुधवार को हल्की राहत से उम्मीद जगी थी कि अब हालात कुछ सुधरेंगे। लेकिन, बृहस्पतिवार को अधिकांश बैंकों में कैश खत्म होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। शहर और देहात के बैंकों में खूब हंगामे हुए। कहीं लोगों ने जाम लगाया तो कहीं पुलिस और बैंक अधिकारियों से उलझ पड़े। शादी वाले परिवार भी आरबीआई की शर्तें पूरी न होने से दिनभर भटकते रहे। उधर, आरबीआई और केंद्र सरकार पर पक्षपात आरोप लगाते हुए सहकारी बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर रहे।
एसबीआई को छोड़कर शहर के अधिकांश बैंकों में बृहस्पतिवार सुबह से ही नो कैश के नोटिस लगने शुरू हो गए। हापुड़ अड्डा और इंदिरा चौक शिवपुरी स्थित सिंडिकेट बैंक में सुबह ही कैश खत्म हो गया। वहीं कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक में दोपहर दोबजे करेंसी खत्म हुई। वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में दोपहर एक बजे कैश खत्म होने पर ग्राहकों को बाद में आने को कह दिया गया। यही हाल दिल्ली रोड स्थित एचडीएफसी बैंक का भी रहा। इसके अलावा पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) में भी कैश नहीं था। कैश की किल्लत से शहर के बैंकों में हंगामे शुरू हो गए। इन सबके बीच सिर्फ एसबीआई ही ग्राहकों की उम्मीदों पर खरा उतर सका।

शादी वाले परिवार भी भटकते रहे
आरबीआई की शर्तों के कारण शादी वालेे परिवार बृहस्पतिवार को भी ढाई लाख के लिए भटकते रहे। कागज पूरे न होने से बैंकों ने ग्राहकों को लौटा दिया। ब्रह्मपुरी निवासी पवन जैन, सदर के राकेश कुमार, टीपी नगर चंद्रलोक के दीपचंद, शास्त्रीनगर के राजकुमार ,राजीव और माछरा निवासी प्रेमपाल समेत दर्जनों लोग कलेक्ट्रेट और एलडीएम कार्यालय पर अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। लोगों का कहना था कि कोई भी दुकानदार उन्हें यह लिखकर नहीं दे रहा है कि उसका बैंक खाता नहीं है। जो सामान वह खरीद चुके हैं, उसका बिल मिलना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसे में वह बिल कहां से लाएं। लोगों में आरबीआई की शर्तों को लेकर गुस्सा था।

 पुलिस और बैंक अधिकारियों ने किसी तरह शांत कराया
घंटों लंबी लाइन में लगने के बाद भी कैश न मिलने से महिलाओं का धैर्य जवाब देने लगा। बृहस्पतिवार को कई जगह पर महिलाएं सड़कों पर उतरीं और जाम लगाया।
अहमदनगर की इलाहाबाद बैंक शाखा में सुबह सात बजे से ही लोगों की लंबी लाइन लगी थी। इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं थीं। लेकिन, बैंक खुलने के कुछ देर बाद ही कैश खत्म होने का नोटिस लगा दिया गया। इसे देख लोग भड़क गए। उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाएं बैंक के सामने बीच सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। इससे रोड पर ट्रैफिक बंद हो गया। देहली गेट पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को शांत करने की कोशिश की। लेकिन, वह नहीं मानीं। उनका कहना था कि घर का काम छोड़कर सुबह ही लाइन में लगते हैं, लेकिन बैंक खुलते ही कैश न होने का टका सा जवाब दे दिया जाता है। कैश मिले बगैर जाम खोलने से भी इनकार कर दिया। इसके बाद सीओ कोतवाली रण विजय सिंह मौके पर पहुंचे। महिला थाना पुलिस को भी बुलाना पड़ा। अधिकारियों ने बैंक अफसरों से वार्ता की तो उन्होंने बताया कि सुबह से कैश नहीं आया है। जो था वह खत्म हो चुका है। इसके बाद पुलिस ने लोगों को शुक्रवार के लिए टोकन जारी कराकर शांत किया और घर भेजा।

इंदिरा चौक पर भी लगाया जाम
इंदिरा चौक पर सिंडिकेट बैंक में भी कैश खत्म होने पर लोग भड़क गए। महिलाएं सड़क पर जाम लगाकर बैठ गईं। पुलिसकर्मियों ने शांत करने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानीं। ट्रैफिक थमा तो कोतवाली पुलिस और महिला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बैंककर्मियों ने कैश न होने की बात कहकर हाथ खड़े कर दिए। पुलिस ने बमुश्किल लोगों को शांत कर घर भेजा।

घर संभालें या लाइन में लगें
कैश न मिलने से भड़की महिलाएं पुलिस और बैंक अधिकारियों पर खूब बरसीं। उनका कहना था कि वह घर छोड़ यहां लाइनों में लगती हैं। लेकिन, कैश नहीं मिलता। आखिर, कब तक यह चलेगा। वे घर संभालें या लाइन में लगें। किसी समस्या की कोई सीमा होती है। हालात कब सुधरेंगे, इसकी कोई जानकारी भी नहीं दी जा रही है।

वेस्टइंडीज की महिला क्रिकेटरों को भाये मेरठी बैट

mahila cricketer
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
वेस्टइंडीज की पुरुष टीम के बाद महिला क्रिकेटरों को भी मेरठी बैट भाने लगे हैं। बृहस्पतिवार को वेस्टइंडीज महिला टीम की सदस्य ब्रिटनी कूपर और शकुआना क्वेंटाइन परतापुर स्थित एसएम स्पोर्ट्स कंपनी पहुंचीं। यहां कंपनी के निदेशक उदय महाजन और संयम महाजन से मुलाकात की। दोनों खिलाड़ियों ने कंपनी के बैटों को शानदार बताते हुए अपने लिए 4-4 बैट तैयार कराए और किट खरीदी।
आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 61 रन बनाकर टीम को फाइनल में पहुंचाने वाली राइट हैंड बैट्समैन ब्रिटनी कूपर और आलराउंडर शकुआना क्वेंटाइन दिल्ली से सुबह करीब साढ़े दस बजे मेरठ पहुंचीं। दोनों ने बताया कि एसएम कंपनी के बैट से उनकी टीम के कई खिलाड़ी पहले से खेल रहे हैं। उनके बल्ले देखने के बाद वे यहां आईं। अपने सामने ही दोनों ने बल्ले तैयार करवाए। उदय महाजन और संयम महाजन ने बताया कि उनकी कंपनी के बैटों से देश-विदेश के कई खिलाड़ी खेल रहे हैं।

सरकार का कदम सही, पर परेशान हो रही जनता

sarkaar ka kadam sahi

अमर उजाला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेते लोगPC: अमर उजाला
केंद्र सरकार द्वारा पुराने बड़े नोट बंद करने के बाद अफरा-तफरी का माहौल है। बैंकों और एटीएम के बाहर लोगों की लंबी लाइन लग रही है। इस बात का किसी को अंदाजा नहीं है कि आगे क्या होने वाला है। हर कोई पैसा निकालने और जमा करने के लिए लाइन में लगा है। ऐसे माहौल में शहर के लोग क्या सोचते हैं और कहते हैं? इस पर अमर उजाला ने मोहकमपुर स्थित कार्यालय में परिचर्चा का आयोजन किया। इसमें शहर के व्यापारी, उद्यमी, समाजसेवी, चिकित्सक, शिक्षक, सीए और महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने अपने विचार रखे और उनके विचारों से यही निष्कर्ष निकला कि यदि वास्तव में इस प्रक्रिया से काला धन बाहर आता है और भविष्य में इस पर रोक लगती है, तो यह परेशानी झेलने को तैयार हैं। लेकिन, इतना बड़ा कदम उठाने से पहले उसकी तैयारी जरूर कर लेनी चाहिए थी। कुछ वक्ताओं ने यह भी कहा कि भविष्य के नतीजे तो नहीं पता, लेकिन आम आदमी और गरीब वर्ग इस समय बिना पैसे के बुरी हालत में है।
तैयारी कर लेते तो बेहतर होता
– अचानक नोट बंदी से बाजार में अफरा-तफरी का माहौल है। व्यापारी इस समय पूरी तरह परेशान है। हालात ये हैं कि व्यापारी यदि थोक व्यापारी को पैसा दे रहा है तो वह सिक्कों और खुले रूप में दे रहा है, जिसका कलेक्शन मुश्किल होता है। यह फैसला पूरी तैयारी के बाद लेना था, ताकि छोटा वर्ग और व्यापारी परेशान न होता। -नवीन गुप्ता, अध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ

चाय की ही दुकानें बंद करा दीं
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाय की दुकान चलाते थे और उन्होंने चाय वालों की ही दुकान बंद करा दी है। नोट बंदी का सबसे ज्यादा असर चाय, पान जैसे खोखा व्यापारियों को हुआ है। जबकि, अंबानी जैसे तमाम बड़े उद्योगपति इससे बेअसर हैं। यह निर्णय पूरी तरह तानाशाही पूर्ण है। इससे काला धन बाहर नहीं आएगा, बल्कि कुछ लोगों का काला धन खपाने का इंतजाम किया गया है। – विपुल सिंघल, व्यापारी नेता

अच्छे के लिए कष्ट ही सही
– नोट बंदी से रियल इस्टेट पूरी तरह टूट गया है और जल्दी उबरने की उम्मीद भी नहीं है। आज लेबर को देने के लिए पैसा नहीं है। अगर कोई पैसा जमा करने भी जाता है तो लोगों की लाइन इतनी लंबी होती है कि वह वापस आ जाता है। लेकिन कुछ अच्छा होता है, तो कष्ट सहना पड़ता है। काला धन जो बाहर आएगा, वह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ देश को विकास के रास्ते पर ले जाएगा।
कमल ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, संयुक्त व्यापार संघ

काला धन अफसरों-नेताओं के पास
– सराफा कारोबार पर इस नोट बंदी का सबसे ज्यादा असर आया है। शादियों का सीजन था और लोग परेशान हैं। पैसे की निकासी की भी व्यवस्था सही तरह होनी चाहिए थी। अब सरकार को ध्यान देना चाहिए कि वास्तव में काला धन है कहां। क्योंकि, नजर व्यापारी की तरफ है, जबकि काला धन सरकारी अफसरों और नेताओं के पास है।
– दिनेश रस्तोगी, महामंत्री, सराफा व्यापार संघ

निचले तबके को ध्यान में रखना था
–  नोट बंदी का निर्णय ठीक है, लेकिन उसका पर क्रियान्वयन सही तरीके से नहीं हो रहा है। काले धन के मुद्दे पर हम लोग महीने तक ऐसा संकट झेल सकते हैं, लेकिन उस मजदूर गरीब का क्या होगा, जो रोज कमाता है और रोज खाता है? अब नोट बंदी से फैक्ट्रियां बंद हैं तो ऐसे में इन लोगों का क्या होगा? सरकार को निचले तबके के लोगों के हितों को ध्यान में रखकर प्लानिंग से फैसला लेना था।
– हाजी ताज मोहम्मद अलव्री, एमडी हमराज दवाखाना

हमारी भी तो कुछ जिम्मेदारी है
– लेबर को पैसा देने में दिक्कत आ रही है। मैं खुद भी भट्ठा चलाता हूं, लेकिन सरकार के साथ हमारी भी कुछ जिम्मेदारी है। थोड़े दिन दिक्कत है तो उसके बाद सुधार भी होगा। अब सब लोग अपने बैंक खाते खुलवाएंगे। लेबर की मजदूरी चेक से जायेगी और बाकी भुगतान भी चेक के माध्यम से ही होंगे।
पवन मित्तल, महामंत्री, जनपद ईंट निर्माता समिति

पूरी तैयारी से नहीं लिया फैसला
– फैसला अच्छा है। इसे लेकर कोई शक नहीं है, लेकिन सरकार हर रोज नोट बदलने और निकासी के नए नियम बना रही है। इससे साफ है कि पूरी तैयारी के साथ फैसला नहीं लिया गया है। काले धन वालों को भले ही कोई समस्या हुई हो या न हुई हो, लेकिन आम आदमी लाइनों में खड़ा है और उसके बाद भी पैसा नहीं निकल रहा है।
– रितू भारती, संचालिका, कोचिंग सेंटर

आम आदमी को ध्यान में रखते
– हम लोग काले धन वाले लोगों की बात कर रहे हैं। उन पर लगाम कसनी चाहिए। हर आदमी सरकार को समर्थन भी कर रहा है, लेकिन लाइन में जो आदमी लगा है, उसकी परेशानी काले धन वाले से कहीं ज्यादा है। उसे लेकर सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिए थे।
– ममता गर्ग, अध्यक्ष अभिलाष फाउंडेशन

फैसले के सुखद परिणाम आएंगे
– प्रधानमंत्री का निर्णायक कदम है। इससे काफी लोगों की हालत पतली है। अभी दिक्कतें हैं, लेकिन कुछ समय बाद सुखद परिणाम सामने आएंगे। हालांकि, नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री के मन में ज्वैलर्स को लेकर कुछ संशय है। इसे लेकर सरकार को आश्वस्त रहने की जरूरत है।
– विजय आनंद अग्रवाल, मंत्री संयुक्त व्यापार संघ

मांग के मुकाबले आपूर्ति नहीं
– मनी की डिमांड ब्लॉक की है, लेकिन उतनी बड़ी सप्लाई नहीं है, जिससे चौतरफा असर दिख रहा है। देश में ऐसे भी लोग हैं, जिनके पास न कोई एकाउंट है और न ही तिजोरी। सबसे ज्यादा उन्हीं लोगों को नोट बंदी से परेशानी होगी। लेकिन, लंबे समय बाद देश में भ्रष्टाचार के मोर्चों पर सुधार की उम्मीद सी जगी है।
– डॉ. मनोज सिवाच, अर्थशास्त्री

व्यावहारिक नहीं है फैसला
– सरकार ने डायरेक्ट इंजेक्शन दिया है। आज ट्रक बंद है। एक ट्रांसपोर्टर हूं, जिससे बता सकता हूं कि दो हजार या चार हजार रुपये लेकर किसी ट्रक को माल लोड कर नहीं भेजा जा सकता है। क्योंकि, ट्रक का टायर ही 10 हजार का आता है। अगर प्रदेश के बार ट्रक लोड करके भेजते हैं तो ड्राइवर को 40 से 50 हजार रुपये देना पड़ता है और यह कैश में चलता है। ऐसे में फैसला व्यावहारिक नहीं है।
– गौरव शर्मा, अध्यक्ष ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन

हम सब मिलकर निपटें
– हमारे देश में जब भी नेतृत्व अच्छा मिला है और उसने आह्वान किया है तो देश की जनता हर तरह से समर्पण के लिए खड़ी हुई है। जेपी से लेकर अन्ना के आंदोलन को देख सकते हैं। अब कुछ जनता को उम्मीद जगी है कि काले धन पर लगाम कस सकती है। कुछ व्यावहारिक दिक्कतें हैं, जिन्हें हम सभी को मिलकर निपटाना चाहिये। अगर किसी के पास कैश नहीं हो तो बाद में ले लें या फिर कार्ड स्वैप करा लें।
डॉ. वीरोत्तम तोमर (अध्यक्ष आईएमए)

फैसला अच्छा पर नीयत साफ नहीं
– फैसला अच्छा है, लेकिन नीयत साफ नहीं है। आज तक कोई काले धन वाला बैंकों के बाहर लाइन में नहीं लगा है, गरीब लोग ही लाइनों में खड़े हो रहे हैं। आज उनकी रोजी-रोटी तक पर संकट खड़ा हो गया है। अगर अच्छी नीयत से लागू किया है तो दीर्घकालीन नतीजे अच्छे होंगे, लेकिन अभी उसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।
– हाजी फारूख अंसारी, नेता बुनकर संघ

नोट बंदी पर फैलाया जा रहा भ्रम
– नोट बंदी  के बाद कुछ चीजों को लेकर भ्रम सा फैलाया जा रहा है कि 2.5 लाख से ऊपर अगर खाते में जमा किया तो काला धन होगा। आप 4-6 लाख, जितना भी जमा करें। इनकम टैक्स का नोटिस आएगा तो उसमें सिर्फ आपको इनकम का जरिया बताना होगा। अगर आप पूरा ब्योरा नंबर एक में देते हैं तो आप पर कोई पेनल्टी नहीं लगेगी।
– अभिषेक गोयल, सीए

किसानों की कोई नहीं सुन रहा
– सरकार के फैसले पर संशय खड़ा होता है। आज उनकी सुनने वाला कोई नहीं है, जो इस देश के अन्नदाता हैं। सरकार ने एक झटके में कोऑपरेटिव बैंक में ट्रांजैक्शन पर रोक लगा दी है। मेरठ में हमारी 53 शाखाएं हैं और 5 लाख किसान जुड़े हैं। इनमें से अधिकांश किसानों के एकाउंट सिर्फ हमारे बैंकों में हैं। अब बैंक पर रोक लगाने से उनके पैसे नहीं निकल रहे हैं। किसान फसल की बुआई कैसे करें, इस पर कोई बात नहीं हो रही है।
– नगेंद्र कुमार, अध्यक्ष, कोऑपरेटिव बैंक इंप्लाइज यूनियन मेरठ

जैसे हर आम आदमी के पास काला धन हो
– सरकार ने निहायत ही गैर व्यावहारिक फैसला लिया है। आज लाइन में लगे आम आदमी को देखकर लगता है कि हर आदमी काले धन वाला है। देश में चुनिंदा लोगों के पास ही काला धन है, जिनके बारे में सरकार भी जानती है, लेकिन आज तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। आम आदमी को काले धन के नाम पर बैंकों के बाहर लाइनों में लगा दिया है।
– इंद्रपाल सिंह, दवा व्यापारी

दो-चार हजार वालों को दिक्कत नहीं
– सरकार की नीति और नीयत पर कोई शक नहीं होना चाहिए। देश की जनता हर उस सरकार के साथ खड़ी हुई है, जिसने देश में बड़े बदलाव या भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की पहल की है। अब अगर सरकार ने निर्णय लिया है तो कुछ सोचकर ही लिया है। इससे 2-4 लाख रुपये वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी, लेकिन 2-4 करोड़ रखने वालों पर जरूर लगाम कसेगी।
– अरुण वरिष्ठ, महामंत्री संयुक्त व्यापार संघ

फर्क तो छोटे व्यापारी पर पड़ा है
– सरकार का निर्णय लापरवाही भरा है। नोट बंदी से पहले देश के सवा सौ करोड़ लोगों के बारे में नहीं सोचा गया है। आज भी बड़े व्यापारी पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। अगर फर्क पड़ा है तो छोटे व्यापारी पर। बड़े व्यापारियों ने तो अपना काला धन खपाने के लिए मजदूरों को लाइनों में लगा दिया है। वहीं, बैंकों के अंदर भी 20 से 30 फीसदी पर काले धन वालों का पैसा बदलने का काम चल रहा है।
– राकेश मोहन जैन, अध्यक्ष अहमद रोड व्यापार संघ

आम आदमी को परेशान किया जा रहा
– आम आदमी को परेशान किया जा रहा है। भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाले लोगों पर लगाम कसनी चाहिए। आखिर जो लोग रिश्वत दे रहे हैं, वो ऐसा क्यों कर रहे हैं। सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने वाले वर्ग के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए
– एसके शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता

भ्रष्ट लोगों पर कसेगी लगाम
– इस फैसले से उन लोगों पर लगाम कसी जा सकेगी, जो अपने बिस्तर में नोट रखकर सोते थे। मैं पेशे से टीचर हूं। हमारे यहां पर लोग ट्रांसफर कराने के लिए लाख-दो लाख रुपये रिश्वत में देते हैं। अब जब प्लास्टिक मनी या चेक से पेमेंट होगा तो ऐसे लोगों पर भी लगाम कसेगी।
– डॉ. लता कुमार, समाजशास्त्री

ये भी रहे मौजूद
डॉ. चंद्रलेखा जैन, राजीव ढाका, डॉ. आशु मित्तल, डॉ. नवनीत अग्रवाल, संजय गोदावरी, पार्षद तरुण गोयल, अमन गुप्ता, डॉ. जितेंद्र पाल, पवन गर्ग, सतीश चंद जैन, एसके शर्मा, सरदार खेता सिंह, स्वरूप चौधरी, मोहम्मद अतीक अलवी, रश्मि अग्रवाल, अंकुर अग्रवाल, मनीष शर्मा भी मौजूद रहे।

हाईवे पर 240 प्वाइंटों पर 24 घंटे होगी पुलिस

highway par police
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 सर्दी बढ़ते ही हाईवे पर लूटपाट की वारदातों में वृद्धि होने लगी है। इसको देखते डीआईजी के. एस इमेनुअल ने मेरठ रेंज में हाईवे पर 240 प्वाइंटों पर 24 घंटे पुलिस फोर्स तैनात करने का प्लान तैयार किया है। डीआईजी ने कप्तानों को इस संबंध में दिशा निर्देश दिए हैं। कहा कि हाईवे की सुरक्षा को लेकर कोई लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी।
दिल्ली-देहरादून एनएच 58 पर बदमाशों ने एक सप्ताह में आठ और हापुड़ एनएच 24 पर तीन लूट की वारदात को अंजाम दिया है। सर्दी आते ही हाईवे पर बदमाश सक्रिय हो गए हैं। इसे देखते हुए डीआईजी मेरठ ने सभी कप्तानों को निर्देश जारी किए हैं कि हाईवे पर पुलिस फोर्स तैनात करें। मेरठ में दिल्ली-देहरादून हाईवे पर 52 प्वाइंट, एनएच 24 पर 45 प्वाइंट समेत मेरठ रेंज के जिलों में हाईवे पर 240 प्वाइंट बनाए गए हैं। जहां पर 24 घंटे पुलिस तैनात रहेगी।

बैरियर लगाकर करेंगे चेकिंग
डीआईजी ने कहा कि हाईवे पर बैरियर लगाकर चेकिंग व्यवस्था लागू की गई है। रात नौ बजे के बाद हाईवे से गुजरने वाले प्रत्येक वाहन को चेक किया जाएगा और शिफ्टों में पुलिस की ड्यूटी लगेगी। संबंधित थाने की पुलिस रोजाना हाईवे पर तैनात पुलिसकर्मियों की रिपोर्ट भेजेगी। इसके लिए एसपी क्राइम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। जो इसकी समीक्षा करेंगे। डीआईजी बोले कि मैं खुद हाईवे पर जाकर व्यवस्था देखूंगा।

हाईवे पर यूपी 100 भी अलर्ट
हाईवे पर रात को यूपी 100 की गाड़ियों की संख्या भी डीआईजी ने बढ़ाई है। डीआईजी ने बताया कि यूपी 100 की करीब आठ गाड़ियां रात नौ बजे के बाद हाईवे पर नजर आएंगी। सूचना आते ही तत्काल वह मौके पर पहुंचेगी। संबंधित थानेदार और सीओ को वारदात की जानकारी भी यूपी 100 में तैनात पुलिसकर्मियों को देनी होगी। ताकि पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर जाकर स्थिति को कंट्रोल करें।

पुराना रिकॉर्ड भी खंगाला
पुराना रिकॉर्ड देखकर पुलिस अधिकारियों ने सर्दी में हाईवे पर सुरक्षा के प्लान का खाका तैयार किया है। पुलिस के मुताबिक सर्दी के सीजन में बदमाश ज्यादा लूटपाट की वारदात करते हैं। इसको देखते हुए पुलिस ने सारी तैयारी की है।

रजिस्ट्रार कानूनगो होंगे सस्पेंड, एसडीएम के खिलाफ संस्तुति

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
सरकारी जमीन पर तहसील सरधना में हुए खेल के मामले में डीएम ने कार्रवाई तय कर दी है। डीएम बी. चंद्रकला ने एसडीएम से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगते हुए रजिस्ट्रार कानूनगों को जहां सस्पेंड करने की बात कही है। वहीं तत्कालीन एसडीएम सहित जो भी इस मामले में दोषी हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट शासन को भेजने को कहा है।
ये था पूरा मामला
एनएच-58 पर ग्राम सिवाया के पास सरकारी पशु चारागाह की जमीन है। 30 करोड़ की करीब बीस हजार वर्ग मीटर इस जमीन पर बिल्डर ने कब्जा कर लिया। इसके बाद बिल्डर ने वर्ष 2013 में कॉलोनी का निर्माण शुरू किया। इस दौरान बिल्डर ने सरधना के तत्कालीन एसडीएम अखंड प्रताप सिंह से साज कर इस जमीन को अपने नाम करा लिया। जिसकी शिकायत होने पर तत्कालीन डीएम ने तुरंत अखंड प्रताप सिंह को एसडीएम पद से हटाते हुए अरविंद मिश्रा को एसडीएम नियुक्त किया। अरविंद मिश्रा ने पूर्व एसडीएम अखंड प्रताप सिंह के आदेश को खारिज कर दिया। जिसके विरोध में बिल्डर ने कमिश्नर के यहां अपील की, इस पर अपर आयुक्त गया प्रसाद ने सुनवाई करते हुए 27 अगस्त 2014 को अरविंद मिश्रा के आदेश को खारिज कर पूर्व एसडीएम अखंड प्रताप सिंह का आदेश बहाल कर दिया। लेकिन तहसील सरधना में यह आदेश दब कर रह गया। इस आदेश के खिलाफ न तो कोई रिव्यू दायर किया गया और न हीं हाईकोर्ट या रेवेन्यू बोर्ड में अपील की गई। इसके बाद 11 अगस्त 2016 को अचानक यह जमीन तत्कालीन एसडीएम कुमार भूपेंद्र सिंह ने खतौनी में बिल्डरों के नाम दर्ज कर दी।

अमर उजाला ने किया खुलासा
अमर उजाला ने 23 नवंबर के अंक में इस संबंध में प्रमुखता से खबर प्रकाशित की। जिस पर जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने एसडीएम सरधना राकेश कुमार से पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है। इस दौरान मौखिक रिपोर्ट के आधार पर ही बी. चंद्रकला ने एसडीएम सरधना को रजिस्ट्रार कानूनगो जिन्होंने इस जमीन को खतौनी पर दर्ज किया है, उनके सस्पेंड करने की संस्तुति करने का आदेश जारी किया है।
कई अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
इस पूरे मामले में 2013 से अब तक जो एसडीएम और तहसीलदार रहे हैं, वह सभी जांच के दायरे में आ चुके हैं। प्रशासनिक सूत्रों की मानें तो मामला बहुत बड़ा है। ऐसे में जिस एसडीएम ने शुरू में इस जमीन को बिल्डर के नाम कर विवादित बनाया, उसके खिलाफ और जिसने अब नाम चढ़ाया, उनके खिलाफ तो कार्रवाई निश्चित रूप से तय है। लेकिन इस बीच जो लोग अपर आयुक्त के आदेश को दो साल तक दबाकर बैठे रहे, उनके खिलाफ भी जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की संस्तुति हो सकती है।

कई पर कार्रवाई के साथ रिव्यू होगा दाखिल
डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि इस पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता और भ्रष्टाचार नजर आया है। ऐसे में रजिस्ट्रार कानूनगो को सस्पेंड किया जा रहा है। इसके साथ ही इस पूरे मामले में जो भी अधिकारी संलिप्त रहे हैं उनकी कार्रवाई की समीक्षा कर कार्रवाई तय की जा रही है और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। इसके साथ ही इस मामले पर एक बार फिर कमिश्नर के यहां रिव्यू दाखिल किया जाएगा और शीघ्र इसके निस्तारण का अनुरोध भी किया जाएगा। क्योंकि जमीन वास्तव में नियम विरुद्ध तरीके से बिल्डर को दी गई है।

पिक एंड गो में तब्दील होगा भैसाली बस अड्डा!

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 शहर में जाम का पर्याय बने भैसाली बस अड्डे को भले ही अब तक शिफ्ट न किया जा सका हो, लेकिन रोडवेज ने जर्जर बिल्डिंग गिरानी शुरू कर दी है। रोडवेज सूत्रों का कहना है कि आगामी दिनों में बस अड्डा शिफ्ट होने के बाद यहां से बसों को ‘पिक एंड गो’ योजना के तहत संचालित किया जाएगा। वर्तमान में लखनऊ का आलमबाग बस अड्डा इसी तर्ज पर संचालित हो रहा है। योजना के तहत बसे अड्डे पर रुकती नहीं बल्कि यहां खड़े यात्रियों को पिक कर आगे चली जाती हैं। इससे जाम की स्थिति काफी हद तक कम हो जाती है।

भैसाली बस अड्डे से मेरठ डिपो और भैसाली डिपो की करीब 500 बसें संचालित होती हैं। दोनों डिपो और इनकी वर्कशाप एक जगह होने के चलते पूरे दिन सड़क पर जाम लगा रहता है। लंबे समय से जिला प्रशासन बस अड्डे को शहर से बाहर करने की कवायद में जुटा है। एमडीए ने बस अड्डे को मेरठ-दिल्ली बाईपास स्थित प्रस्तावित न्यू ट्रांसपोर्ट नगर में शामिल किया है। लेकिन जमीन नहीं मिलने पर इसका निर्माण नहीं हो सका है। शहर में प्रस्तावित मेट्रो ट्रेन का स्टेशन भी भैसाली बस अड्डे पर चिह्नित किया गया है। इसके चलते भी यह बस अड्डा आज नहीं तो भविष्य में शहर से बाहर जाना है।

जर्जर बिल्डिंग गिरनी शुरू
रोडवेज ने अड्डे पर बना यात्री शेड गिरा दिया है और जर्जर एआरएम बिल्डिंग को भी गिराया जा रहा है। विभाग ने नए सिरे से बिल्डिंग बनाने के लिए शासन को फाइल तो भेजी थी, लेकिन पैरवी नहीं होने के कारण इस संबंध में कुछ नहीं हुआ। फिलहाल विभाग ने बिल्डिंग गिराने का टेंडर करके इसे गिराना शुरू कर दिया है।

बसे रुकेंगी नहीं, यात्री लेकर चली जाएंगी
क्षेत्रीय रोडवेज अधिकारी बस अड्डे के भविष्य को लेकर बोलने को तैयार नहीं हैं, लेकिन तैयारी पिक एंड गो योजना के तहत संचालित होने वाले बस अड्डे की तरह हो रही है। अधिकारियों का कहना है नई बिल्डिंग बनाया जाना तय नहीं हुआ है। फिलहाल जर्जर बिल्डिंग गिराई जा रही है। इसके बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही आगे का प्लान बनाया जाएगा। लेकिन विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह कवायद बस अड्डे को बाहर जाने की स्थिति में ही हो रही है। बस अड्डा और वर्कशाप के अलावा एआरएम व आरएम ऑफिस की बिल्डिंग बाहर शिफ्ट होने के बाद अड्डे की जमीन खाली रखी जाएगी और बसों को पिक एंड गो योजना के तहत संचालित किया जाएगा। बसे यहां आएगी और यात्रियों को पिक करके चलती रहेगी। यहां पर रुकेगी नहीं।

बैडमिंटन में छात्रों ने दिखाया दम

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 शांति निकेतन विद्यापीठ में बृहस्पतिवार को तीन दिवसीय सीबीएसई नोर्थ जोन बैडमिंटन चैंपियनशिप का शुभारंभ सीबीएसई के चेयरमैन आरके चतुर्वेदी ने किया। विशिष्ट अतिथि कुसुम जैन, निदेशक विशाल जैन, प्रिंसिपल विभा गुप्ता रहीं। स्कूल के छात्रो ने मार्च पास्ट किया। गणेश वंदना व स्वागत गीत भी किया। वहीं स्कूल के बैंड स्टारडस्ट ने गीतों की प्रस्तुति दी।
सीबीएसई चेयरमैन ने सीबीएसई के डिप्टी डायरेक्टर मनोज श्रीवास्तव को सर्विस करते हुए मैच खेलकर शुभारंभ किया। चैंपियनशिप में प्रदेश के 13 जिले, उत्तराखंड के 15 जिलों से आए लगभग 120 स्कूलों के 1200 खिलाड़ी प्रतिभाग कर रहे हैं। पहले दिन ब्वॉयज के अंडर 14, 17 व 19 वर्ग के मुकाबले हुए। लड़कियों के मुकाबले शुक्रवार को होंगे। अंडर 14 बालक वर्ग में कंट्री वर्ल्ड स्कूल बागेश्वर ने सरिता देवी स्कूल शामली को 2- 0 से हराया। दूसरे मैच में लोटस वैली नोएडा ने 2-0 से मॉर्डन इरा बिजनौर को हराया। अंडर 17 में शांति निकेतन विद्यापीठ ने 2-0 से अल्पाईन स्कूल बागपत को हराया। रॉयल पब्लिक स्कूल मुजफ्फरनगर ने 2-0 से एमआरएम स्कूल गाजियाबाद को हराया। अंडर 19 बालक वर्ग में एमपीएस मेरठ ने रमज्ञा नोएडा को 2-0 से हराया और डीडी गोयनका गाजियाबाद ने 2-0 से दून वैली स्कूल देवबंद को हराया। इस अवसर पर सीबीएसई निरीक्षक डॉ. मेजर मनोज गौड़, मनोज श्रीवास्तव सीबीएसई डिप्टी डायरेक्टर एग्जाम, नेहा शर्मा, राहुल केसरवानी, चीफ रेफरी दिलीप सान्याल, स्पोर्ट्स प्रभारी अरविंद शेरवालिया, नीना पांडे आदि मौजूद रहीं।

खिलाड़ियों से बातचीत
स्कूल की टीम से खेलने में एक अलग पहचान बनती है। जब टीम जीतती है तो स्कूल का नाम होता है। इस तरह की चैंपियनशिप बहुत अच्छी है। दिवित, 10वीं, एपीजे नोएडा

सीबीएसई की ओर से कराई जा रही इस चैंपियनशिप में खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका मिला है। यह अलग-अलग प्लयेर्स के साथ प्रैक्टिस करने का मौका है। आर्यवीर  11वीं, एसएनवीपी

बैडमिंटन मुझे शुरू से ही पसंद रहा है। मैंने दूसरे स्कूलों में जाकर मैच खेले हैं। इस चैंपियनशिप के लिए काफी प्रैक्टिस की है। तानिया 9वीं , एसएनवीपी

हमें इस चैंपियनशिप के बारे में पहले बताया गया था। जिसके लिए हमने प्रैक्टिस की है और अलग-अलग स्कूलों से आए प्लेयर्स के साथ खेलने का अलग अनुभव होता है। सिधिक , 8वीं डीपीएस

यहां हमें उत्तराखंड के स्कूलों से आए खिलाड़ियों के साथ भी खेलने का मौका मिलेगा। अलग अलग खिलाड़ियों के साथ खेलने का अपना अनुभव होता है। शताक्षी अग्रवाल, 8वीं डीपीएस

बैडमिंटन भी सभी खेलों से अलग है।  पीवी सिंधू मेरी बेस्ट हैं और मार्ग दर्शिका भी हैं। मैंने इसके लिए प्रैक्टिस भी कर रही हूं।  स्मृति गोयल , 8वीं कुठारी इंटरनेशन स्कूल, नोएडा

मेरा मैच अंडर 14 में होना है। प्रैक्टिस बहुत की है। दूसरे खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिलेगा। जिसमें मुझे अच्छी चीजें सीखने को भी मिलेंगी।  विवेक 7वीं, आर्मी पब्लिक स्कूल मेरठ

भव्यतापूर्वक रंगारंग अंदाज में मनाया गया सीबीएसई नोर्थ जोन बैडमिंटन चैंपयनशिप का उद्घाटन समारोह

आज दिनांक 24 नवबंर 2016  को शांति निकेतन विद्यापीठ के प्रांगण में सीबीएसई नोर्थ जोन बैडमिंटन चैंपयनशिप  के उद्घाटन समारोह  का अत्यंत भव्य आयोजन किया गया ।

समारोह में मुख्य अतिथि श्री आर के चर्तुवेदी ;  प्।ैद्ध  अध्यक्ष ,सीबीएसई  दिल्ली विद्यालय की अध्यक्षा श्रीमती कुसुम जैन, निदेशक श्री विशाल जैन एंव प्रधानाचार्या श्रीमती विभा गुप्ता ने दीप प्रज्ज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

प्रधानाचार्या ने अतिथियों का पुष्प गुच्छ से हार्दिक अभिनंदन किया।

पश्चिमी उत्तरप्रदेश के 13 जिले  ,उत्तराखंड  के 15 जिले से आए  लगभग 128 स्कूलों के 1200  खिलाडियों ने मार्च पास्ट करके अपनी टीम की प्रतिनिधित्वता का परिचय दिया।

मुख्य अतिथि  ने  खिलाडियो को संबोधित करते हुए बताया कि वो उत्तम प्रदर्शन करते हुए सफलता रूपी वटवृक्ष के रूप में पुष्पित व पल्लवित होकर कामयाबी की इमारतें खडी करते रहे। आप अपने लक्ष्य की ओर ध्यान दें, हार या जीत पर नहीं। आप अपनी तत्परता और परिश्रम से उर्जस्वित पथ की ओर अग्रसर रहें।आप ऐसी प्रतिभा बनकर उभरें जिससे न केवल देश में बल्कि विश्व स्तर पर भी अपना परचम लहरा सकें।

निदेशक श्री विशाल जैन ने खिलाडियो का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीत की खुशी और हार के दुख में सामान्य रहने की प्रेरणा ही एक खिलाडी को अच्छा इंसान ही नहीं बल्कि देश का सुसस्ंकृत नागरिक बनने में भी सार्थक सिद्ध होती है।

प्रधानाचार्या विभा गुप्ता ने कहा कि खेल नियमों का पालन करके, दूसरों की जीत में भी प्रसन्नता का इजहार करना, हार जीत में एक समान रहकर व अनुशासित होकर ही एक खिलाडी सफलता के परचम लहरा सकता है।तत्पश्चात प्रज्ज्वलित मशाल के मध्य मुख्य अतिथि ने खिलाडियो को खेल  भावना से खेलने की शपथ दिलाते हुए चैंपियनशिप को आरंभ किया गया। प्रथम दिन आरंभिक मैच खेले गए।

समारोह में सीबीएसई निरीक्षक ( एकेडमिक डायरेक्टर सीबीएसई) श्री मनोज श्रीवास्तव,  (सीबीएसई डिप्टी डायरेक्टर एक्जाम) नेहा शर्मा, डॉ मेजर मनोज गौड एंव चीफ रैफरी श्री दिलीप सान्याल, सीबीएसई स्कूलों के प्रधानाचार्य ,  राहुल केसरवानी, स्पोर्टस प्रभारी श्री अरविंद शेरवालिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

 

 

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