Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

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  Who was your inspiration in Childhood ? My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts More »

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA  Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

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1. आपका बचपन में प्रेरणा स्त्रोत कौन था? मेरे पूज्य बाबाजी स्वर्गीय श्री रामसिंह जी । जो एक कृषक थे, एक सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने जिंदगी में मुझे जीना सीखाया। प्ररेणा भी More »

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

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Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd. with 300+ Centers all across India Who was your inspiration in Childhood ? My mother and father were my source More »

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

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Who was your inspiration in Childhood ? My inspiration was my family. I was surrounded by educators in my family. Ma Nanaji, Mamaji, my mother everybody was into academics. My Mamaji was More »

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

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Who was your inspiration in Childhood ? I always believed that inspiration is from inside and not from outside. Only you can inspire yourself. Outward inspirations are momentary and do not stay More »

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

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  Who was your inspiration in Childhood ? My dad and my uncle were my inspiration in my childhood. Both of them were associated with RSS. They inspired me to join RSS More »

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

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Dr.Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker Who was your inspiration in Childhood ? My mother was my inspiration in my childhood and she is still my inspiration. My brother had also More »

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

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Who was your inspiration in Childhood ? My grandfather was my biggest inspiration. I had learnt the minutest details of life from him. I learnt a lot from him about business. Like More »

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

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Who was your inspiration in Childhood ? I think in my childhood it was the national leaders like Gandhi ji and Nehru ji who inspired me the most because our exposure at More »

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

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Who was your inspiration in Childhood? Radio was my source of inspiration as I used to listen to loads of music and radio and tape recorder were the only source to listen More »

 

न गजट मिला , न कैश, भटकते रहे शादी वाले

na gazat mila
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 शादी वाले परिवारों को ढाई लाख रुपये खाते से निकालने की केंद्र सरकार की घोषणा के बाद बैंकों में इन परिवारों की भीड़ उमड़ गई। लेकिन आरबीआई का गजट न मिलने और कैश का टोटा बताकर लोगों को लौटा दिया गया। ये लोग बैंकों में गिड़गिड़ाए तो एलडीएम और प्रशासनिक अफसरों के आगे गिड़गिड़ाते रहे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बैठीं रहीं बैंक की चौखट पर
मकबरा डिग्गी निवासी सायरा की बेटी की तीन दिसंबर की शादी है। उसके पति और बेटे की मौत हो चुकी है। घर की दो महिलाओं के बैंक खाते में 55 हजार जमा है। जिन्हें शादी के लिए निकलवाने के लिए चार दिन से बैंक के चक्कर काट रही हैं। शुक्रवार को शादी वालों को ढाई लाख मिलने के सरकार के आदेश आए तो वह फिर बैंक पहुंचीं तो बैंक वालों ने अंदर ही नहीं घुसने दिया। कहा बैंक में कैश ही नहीं है। वह घंटो तक बैंक के बाहर ही शादी का कार्ड लेकर बैठी रहीं। लेकिन कोई सुनने वाला नहीं था।

सरकारी कर्मी भी मायूस लौटा
माछरा निवासी कैलाश चंद पशुपालन विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है। बेटी की 25 नवंबर को शादी है। कचहरी स्थित सिंडिकेट बैंक से पैसा निकालने को चार दिन से भटक रहे हैं। वह भी शुक्रवार को फिर बैंक पहुंचे। लेकिन यहां अधिकारियों ने आरबीआई का गजट न मिलने की बात कहकर लौटा दिया।

कैश के लिए भटक रहा घायल कर्मी
सीडीओ ऑफिस में तैनात जयविंद्र शर्मा को चोट लगी है। इसके बाद भी वह बेटे संजीव की शादी के लिए कैश का इंतजाम करने को बैंक में भटक रहे हैं। शुक्रवार को वह सिंडिकेट बैंक से कैश निकालने गए तो आरबीआई से गजट न मिलने की बात कहकर लौटा दिया गया। एलडीएम से समस्या का समाधान नहीं हुआ।

 मिलाई के भी रुपये नहीं
सदर सराफा निवासी सोनू वर्मा शारदा रोड स्थित एसबीआई पहुंचे तो उन्हें कैश न होने की बात कहकर लौटा दिया। सोनू ने बताया कि बहन की 25 नवंबर को शादी है। कुछ सामान तो उधार मिल गया लेकिन रिश्तेदारों की मिलाई, नेग देने को भी पैसे नहीं हैं।

 दो बेटियों की शादी, जेब खाली
ललियाना के बाबू खां की दो बेटियों आयशा और शाहीन की 22 नवंबर को शादी है। लेकिन हाथ में नगदी नहीं है। किठौर पीएनबी ब्रांच में खाते से ढाई लाख लेने गए लेकिन बैंक वालों ने आरबीआई से कोई आदेश न मिलना बताया। बाद में उन्होंने लीड बैंक मैनेजर से गुहार लगाई लेकिन बात नहीं बनी।

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एटीएम में नकदी की किल्लत बरकरार, कतारें जस की तस

इलाहाबाद में एक बैंक से 2000 के नए वोट लेने के बाद उसे दिखाती 58 वर्षीय एक महिला।
(PTI Photo/13 Nov, 2016)

बैंक और एटीएम के बाहर अभी भी कतारों की लंबाई में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है। लोग घंटों कतारों में खड़े हैं ताकि बंद हो चुके 500 और 1000 के पुराने नोटों के बदले मान्य मुद्रा हासिल कर सकें। पुराने नोटों के अचानक बंद होने से लोगों को अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में दिक्कतें पेश आ रही हैं क्योंकि वे नकदी की तंगी से परेशान हैं। नोटबंदी के बाद नौंवे दिन भी बैंक शाखाओं और एटीएम के बाहर बड़ी संख्या में लोग कतारों में लगे हैं। अधिकतर एटीएम में या तो नकदी नहीं है या उनमें नकदी जल्दी खत्म हो जाती है। लोगों को सरकार की ओर से तय अधिकतम 2500 रुपए की नकदी निकासी के लिए भी एक-दो घंटे कतार में गुजारने पड़ रहे हैं।

बैंकों का कहना है कि सभी एटीएम मशीनों को 2000 और 500 रुपए के नए नोटों के अनुरूप बनाने में अभी 10 से 15 दिन का समय और लगेगा। हालांकि गुरुवार (17 नवंबर) को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि बैंक शाखाओं के बाहर कतारों में महत्वपूर्ण कमी आई है और वास्तव में कोई परेशान होने वाली बात नहीं है। सरकार के साथ-साथ रिजर्व बैंक भी बाजार में नकदी उपलब्ध कराने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहा है। नोटबंदी का सबसे बुरा असर छोटे दुकानदारों, ढाबों और गली-मोहल्ले के किराना स्टोरों पर पड़ा है जो आमतौर पर लेन-देन में नकदी का इस्तेमाल करते हैं।

चुनाव आयोग ने वित्त मंत्रालय से अमिट स्याही यूज नहीं करने के लिए लिखा पत्र

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

केंद्र सरकार द्वारा आठ नवंबर को 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का ऐलान करने के बाद से पूरे देश में नोटबंदी पर एक बहस छिड़ गई है। संसद से लेकर सड़क पर चलते लोग केवल इसी मुद्दे पर चर्चा कर रहे हैं। जहां विपक्षी दल मोदी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं, वहीं भाजपा अपनी सरकार के इस फैसले के पक्ष में है। आठ नवंबर के बाद से अब तक यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। शुक्रवार को चुनाव आयोग ने वित्तमंत्रालय को पत्र लिखकर कहा है कि बैंकों में नोट बदलने आ रहे लोगों की उंगुली पर अमिट स्याही ना लगाई जाए। चुनाव आयोग ने चिंता जाहिर की है कि कई राज्यों में चुनाव होने वाले हैं, यह स्याही उन लोगों की उंगुली पर लगाई जाती है, जो एक बार वोट डाल चुके होते हैं। ऐसे में यह एक समस्या पैदा हो जाएगी।

एक न्यूज चैनल से बात करते हुए केंद्रीय मंत्री वैंकया नायडू ने विपक्षी दलों की उस मांग को मानने से इनकार कर दिया, जिसमें विपक्षी दल चाह रहे थे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राज्यसभा में आकर नोटबंदी के मामले पर बात करें। नायडू ने कहा कि पीएम मोदी जब जरूरत होगी, तभी बोलेंगे। गुरुवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बदलने का फैसला वापस लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।

Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

 

Who was your inspiration in Childhood ?

My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts would turn it into fruitful rewards. The seeds of luck would turn into big tree of fruits.

Which great leaders from history or your contemporaries influenced your thought process?

Maharani Laxmibai, who got married when she was only nine years old. She fought so bravely with British. Her zeal to fight inspires me to fight with the problems that I face in my life. I started to face problems with bravery and started winning too.

When did you start working on your ambition?

It all started when I went for my son and daughter’s admission in Sunbeam School. The school principal offered me a job in teaching and that marked the beginning of my journey. Mrs. Edward, principal of Sunbeam school still appreciative of me and this gives me courage to go ahead.

What do you do in your leisure time i.e. your hobbies?

Whenever I am free, I like to pray to God. I sing bhajans and would like to read moralful books to follow them in my life. I believe that “if you do not forsake your ideal, the ideal will never forsake us”.

Quick bites of favorites?

  1. Holiday destination – Staying for some days near Ganga River (Haridwar)
  2. Book – Moral Education Books
  3. Movie – Bhagwan, Avatar
  4. Food – Chole chawal, kadhi, rajma
  5. Actor – Dharmendra, Rajesh Khanna
  6. Actress – Vyjayanti Mala, Hema mailini
  7. Singer – Lata Mangeshkar
  8. Song – “Jeevan Ek Tamasha hai, asha aur nirasha hai. Apna apna hissa hai, apna apna kssa hai”

What is your fitness regime?

Keeping the charm of doing all work properly is my fitness regime. I believe in doing things honestly as I feel that God is watching me.

Who all are there in your immediate family?

My husband, son, daughter, daughter-in-law and grand-daughter. My mother who is 87 years old and my youngest brother also stays with me. I had tried to do best with all my duties and God has been very graceful to me in fulfilling my duties.

How do you maintain work-life balance?

By the blessing of God and with the nature to care for all. It helps in maintaining work life balance.

Who is your best friend and his/her good qualities?

Nishi Luthra is my best friend. The best part is she keeps her calm in all type of situations whether good or bad.

What one thing makes you very angry?

By looking at careless students, who do not pay attention in class and miss out on important and useful things. This really annoys me.

What one thing makes you very happy?

Morning bed tea given to me by my husband makes me very happy. I am very thankful to God for giving me such a caring, loving, supporting, understanding and honest life partner.

What accomplishments of your life you are proud of?

I am proud of being able to successfully keep the balance between my family and professional life. I am thankful to God for letting me the opportunity to impact life of so many children. I feel a part of their successful life and feel proud of.

What are your contributions to your city Meerut?

I had been very lucky to be associated with students and impacting their lives in positive manner. I had a role in their bright career. Also I had the opportunity to work with many ladies and helped them to live life respectfully. I always believed that we cannot change others, in fact we have to change ourselves to adjust with them for getting the peace in our lives.

What are your future goals?

I wanted to be known as an honest person who lived her life for the welfare of others.

One line that defines you in totality?

I think one line preached by Mahatma Gandhi would define my life in totality  that life is being meaningful only when you live your life for others and not for yourself only.

 

 

 

महीने के अंत तक खत्म होगी लोगों की मुश्किल, सभी एटीएम तैयार, नए नोट छापने का काम भी पूरा

नोटबंदी से परेशान लोग बैंक के बाहर खड़े हुए।

नोटबंदी के बाद लोगों को हो रही परेशानी महीने के अंत तक खत्म हो सकती हैं। एनडीटीवी की खबर के मुताबिक, सूत्रों से पता चला है कि 2000 रुपए के नए नोट छापने का काम पूरा हो चुका है और दुनियाभर के लगभग 2 लाख से ज्यादा एटीएम की भी सेटिंग की जा चुकी है। अब वे 500 और 2000 रुपए के नए नोट निकाल सकेंगे। इससे पहले गुरुवार को सरकार ने नोट बदली की लिमिट को 4500 रुपए से कम करके 2000 रुपए कर दिया था। इसके अलावा बैंक और पोस्ट ऑफिस से अब एक बार ही पैसे बदले जा सकेंगे। हालांकि, पुराने नोट 30 दिसंबर तक जमा करवाए जा सकेंगे। मोदी सरकार द्वारा 8 नवंबर को नोटबंदी के ऐलान के बाद से लोग परेशान हैं। 500-1000 रुपए के नोट बंद होने के बाद से लोग लगातार बैंकों और एटीएम के चक्कर काट रहे हैं। कुछ लोग को दिन-रात एटीएम के बाहर ही बिता देते हैं।

लोगों को राहत देने के लिए सरकार द्वारा वक्त-वक्त पर नए कदम उठाए जा रहे हैं। जिन घरों में शादी है उनकी दिक्कतों को देखते हुए अब वित्त मंत्रालय ने शादी का कार्ड दिखाकर 2.5 लाख रुपए निकालने की इजाजत दे दी है। हालांकि, नोटबंदी के बाद लोगों को हो रही परेशानी के लिए सरकार को विपक्ष घेर रहा है। लेकिन सरकार इस बात पर टिकी हुई है कि उसका फैसला बिल्कुल ठीक है। पीएम मोदी ने जापान से लेकर गोवा तक में नोटबंदी के फैसले को सही ठहराते हुए विपक्ष को घेरा था। एक भाषण में तो पीएम मोदी भावुक भी हो गए थे। कार्यक्रम में मोदी ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधा था। मोदी ने कहा था, ‘जिन लोगों ने 2जी स्कैम, कोयला घोटाला किया उन्हें अब 4000 रुपए बदलने के लिए लाइन में खड़ा होना पड़ता है। अपने भाषण के अंत में मोदी ने कहा था, ‘कैसे-कैसी ताकतों से मैंने लड़ाई मोल ली है मैं जानता हूं। वे मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे। मुझे बर्बाद कर देंगे। आप लोग 50 दिन मेरी मदद करें।’

नोटबंदी को लेकर संसद के दोनों सदनों में भी लगातार हंगामा हो रहा है। पीएम मोदी की अपील के बावजूद संसद के दोनों सदनों में हंगामे का दौर जारी है।

नोटबैन के बाद BJP को पहला चुनावी झटका, महाराष्ट्र की एक लोकल बॉडी के चुनाव में नहीं मिली 17 में से एक भी सीट

काले धन पर शिकंजा कसने के उद्देश से नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 के नोटों के बैन के बाद पार्टी को महाराष्ट्र के लोकल चुनाव में बड़ा झटका लगा है। दरअसल, बीजेपी पार्टी महाराष्ट्र के एक लोकल एग्रिकल्चरल बॉडी के चुनावों में बुरा तरह से हार गई है। पार्टी को महाराष्ट्र में एग्रिकल्चरल प्रोड्यूस मार्केट कमेटी में 17 सीटों पर पीजेन्ट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया (पीडब्ल्यूडी), शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी एलायंस और भाजपा में से सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया में भाजपा को एक भी सीट पर पर जीत नहीं मिली है। दरअसल, इस चुनाव में सबसे अधिक 15 सीटों पीजेन्ट्स एंड वर्कर्स पार्टी ऑफ इंडिया ने जीती हैं। वहीं दूसरी ओर, शिवसेना और कांग्रेस ने एक-एक सीट पर जीत हासिल की है, लेकिन भाजपा को एक भी सीट नहीं मिली। बता दें कि इस चुनाव में कांग्रेस ने 25 साल बाद एपीएमसी पोल में एक सीट जीतने में सफलता हासिल कर ली है। इन चुनावों में हुई जीत का उत्सव मनाते समय स्थिति तब खराब हो गई, जब पीडब्ल्यूडी और कांग्रेस समर्थकों ने कुर्सियां और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। इस दौरान बीजेपी का एक कार्यकर्ता घायल भी हुआ है।

काले धन पर लगाम लगाने के चलते महाराष्ट्र में सामान्य जीवन पर काफी बुरा असर पड़ा है। नोटबंदी के फैसले से रिटेल और खुदरा व्यापारी भी बेहद परेशान हैं। पूरे महाराष्ट्र में बहुत से किसान और मजदूरों को भी इस फैसले की वजह से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।