Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

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  Who was your inspiration in Childhood ? My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts More »

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA  Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

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1. आपका बचपन में प्रेरणा स्त्रोत कौन था? मेरे पूज्य बाबाजी स्वर्गीय श्री रामसिंह जी । जो एक कृषक थे, एक सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने जिंदगी में मुझे जीना सीखाया। प्ररेणा भी More »

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd. with 300+ Centers all across India Who was your inspiration in Childhood ? My mother and father were my source More »

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Who was your inspiration in Childhood ? My inspiration was my family. I was surrounded by educators in my family. Ma Nanaji, Mamaji, my mother everybody was into academics. My Mamaji was More »

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

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Who was your inspiration in Childhood ? I always believed that inspiration is from inside and not from outside. Only you can inspire yourself. Outward inspirations are momentary and do not stay More »

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

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  Who was your inspiration in Childhood ? My dad and my uncle were my inspiration in my childhood. Both of them were associated with RSS. They inspired me to join RSS More »

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Dr.Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker Who was your inspiration in Childhood ? My mother was my inspiration in my childhood and she is still my inspiration. My brother had also More »

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Who was your inspiration in Childhood ? My grandfather was my biggest inspiration. I had learnt the minutest details of life from him. I learnt a lot from him about business. Like More »

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Who was your inspiration in Childhood ? I think in my childhood it was the national leaders like Gandhi ji and Nehru ji who inspired me the most because our exposure at More »

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

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Who was your inspiration in Childhood? Radio was my source of inspiration as I used to listen to loads of music and radio and tape recorder were the only source to listen More »

 

सपा-बसपा ने किया प्रदेश का बेड़ा गर्क : केशव प्रसाद मौर्य

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि 14 साल में सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया है। अब हम सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ उत्तर प्रदेश में आ रहे हैं। उन्होंने मजबूत भरोसे के साथ कहा कि सूबे में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी और हम उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाएंगे।

शुक्रवार को जिला इकाई के किठौर और हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र का संयुक्त पिछड़ा वर्ग सम्मेलन मेरठ-परीक्षितगढ़ मार्ग पर ग्राम रूकनपुर के पास हुआ। इसे संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद करने के साथ ही यहां गुंडाराज, माफियाराज व भ्रष्टाचार बढ़ाने का काम किया। लेकिन, विकास की बात दोनों ने ही नहीं की। दोनों सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश आगे बढ़ने के बजाय पीछे चला गया। उन्होंने कहा कि वर्ष-2014 में जिस तरह जनता ने नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत किए, उसी तरह 2017 में भी प्रदेश में कमल खिलाना है।

70 साल पुरानी बीमारी खत्म कर रहे
केंद्र की योजनाएं गिनाते हुए मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोट बंदी जैसा कदम 70 साल पुरानी बीमारी और कैंसर को समाप्त करने के लिए उठाया है। इससे जनता को थोड़ा कष्ट जरूर हुआ है। लेकिन, इस बीमारी को खत्म करने के लिए जनता ने इसे खुशी से सहा है। मौर्य बोले- राहुल गांधी कहते हैं मोदी ने गलत किया। मायावती कहती हैं भूकंप आ गया। मुलायम सिंह कहते हैं सात दिन का समय तो देते। लेकिन, क्या भ्रष्टाचारियों को बचना चाहिए? कांग्रेस, सपा और बसपा को लगता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई गलत है। गरीब हित में उठाए गए इस कदम को इन तीनों पार्टियों को गलत लगना ही है। मौर्य ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद की फैक्ट्री चल रही है। पहले सर्जिकल स्ट्राइक और बाद में नोट बंदी से इसे नेस्तनाबूद कर दिया है।

अफसरों को ही सपाई बना दिया
मौर्य ने कहा कि देश में कई प्रदेश ऐसे हैं, जो विकास में आगे हैं। जिस उत्तर प्रदेश को सबसे आगे होना चाहिए था, वह सबसे पीछे है। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में हाहाकार मचा है, लेकिन वह जातिवाद और परिवारवाद की सियासत कर रहे हैं। जनता की परेशानियों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। लेकिन, उत्तर प्रदेश की जनता मूर्ख नहीं हे। 2014 में सूबे की जनता ने जो किया, उससे भी अखिलेश नहीं समझे कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। उन्होंने न तो माफिया और न ही गुंडों के खिलाफ कार्रवाई की। ईमानदार अफसरों को काम नहीं करने दिया। कुछ अफसरों को तो सपा कार्यकर्ता जैसा बना दिया। नतीजा, माफिया खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अपराधियों से डर रही है। मां-बहनों की आबरू सुरक्षित नहीं है। युवा पलायन कर रहा है। मौर्य ने कहा कि आपदा का जो पैसा केंद्र ने दिया, वह भी प्रदेश सरकार ने किसानों तक नहीं पहुंचाया।

धर्मेंद्र और रविंद्र ने ज्वाइन की भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य व बसपा में रहे धर्मेंद्र भारद्वाज और रविंद्र गुर्जर को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। दोनाें ही भारी भीड़ के साथ सम्मेलन में पहुंचे और समर्थकों के साथ पार्टी ज्वाइन की। इससे पूर्व सम्मेलन को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सैनी, क्षेत्रीय महामंत्री सूर्यप्रकाश पाल, पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, सम्मेलन के जिला प्रभारी डॉ. लोकेश प्रजापति, पूर्व विधायक गोपाल काली, अशोक त्यागी, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, सत्यवीर त्यागी, जिला पंचायत सदस्य रोहताश पहलवान आदि ने संबोधित किया। संचालन जिला महामंत्री हरीश चौधरी ने किया।

ये रहे मुख्य रूप से मौजूद
सम्मेलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष और एमएलसी भूपेंद्र सिंह, लोकसभा पालक जयकरण गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, दिनेश खटीक, पूर्व विधायक अतुल खटीक, विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, योगेंद्र कुसैड़ी, अंकुर राणा, हरवीर पाल, अजीत सिंह, विक्की तनेजा, जगत सिंह दौसा, रमेश चंद गोलाबढ़, ओमकार चौधरी, इंद्रपाल बजरंगी, समीर चौहान, समय सिंह सैनी, फकीर चंद प्रजापति, विमला जाटव, हीरा त्यागी, फिरेराम धनतला, रामेश्वर प्रजापति, रोबिन गुर्जर, संजय चौधरी, केपी सिंह, विनय त्यागी, सुशील कांबोज, बॉबी पाल, संजय खरखौदा, अजय त्यागी आदि मौजूद रहे।

दोपहर में याद आई बड़े चौधरी की जयंती
सम्मेलन में व्यस्त भाजपाई शायद पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की जयंती भी भूल गए। दोपहर करीब दो बजे चौ. चरण सिंह के चित्र के साथ कार्यक्रम में पहुंचे मनिंदरपाल सिंह और धर्मेेंद्र भारद्वाज ने भाजपाइयों को इसकी याद दिलाई। इसके बाद सभी नेताओं ने बड़े चौधरी को नमन किया।

कस रहा शिकंजा, बढ़ रहा जांच का दायरा

सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के सहायक कुल सचिव द्वारा किए गए गबन की जांच कई अधिकारियों तक पहुंच गई है। तत्कालीन कुलपति से लेकर वर्तमान कुल सचिव तक से पूछताछ हो सकती है। विधिक समिति ने जो बिल पास किए हैं कोर्ट के आदेश पर उनकी भी जांच होगी।

फर्जी बिलों के भुगतान के मामले में सहायक कुल सचिव डीएस यादव बच नहीं पाएंगे। मामले की मॉनीटरिंग स्वयं हाईकोर्ट कर रहा है। खास बात यह है कि बिल 2015 के हैं। इस मामले की शिकायत सच संस्था के अध्यक्ष संदीप पहल ने हाईकोर्ट में की थी। पूर्व कुल सचिव और वर्तमान कुल सचिव से भी पूछताछ की जाएगी। विधिक समिति ने जो बिल पास किए हैं और उन बिलों पर जिनके हस्ताक्षर हुए हैं, उनसे भी पूछताछ होगी। कोर्ट ने पूछा है कि समिति ने बिल पास कैसे कर दिए।
गिरफ्तारी को पुलिस दे रही दबिश
सहायक कुल सचिव डीएस यादव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुए आठ दिन हो गए हैं, लेकिन अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। जांच अधिकारी व एसएसआई दौराला बृजेश चौहान ने बताया कि सहायक कुल सचिव की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अभी वह हाथ नहीं लगे हैं। मामले से जो भी अधिकारी जुड़े हैं उनसे पूछताछ की जाएगी।
पूर्व कुलपति के समय में हुआ गबन
17 लाख रुपये का गबन पूर्व कुलपति एचएस गौड़ के समय का है। सूत्रों का कहना है कि हाईकोर्ट के सख्त रुख से पूर्व कुलपति से भी पूछताछ हो सकती है।

कुलपति ने क्यों खुलवाई ऑफिस की सील
गबन का मामला सीसीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर एनके तनेजा के समय में पकड़ा गया था। उन्होंने रात 11 बजे ऑफिस सील करा दिया था। 10 मार्च को कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने चार्ज लिया था और 15 मार्च को ऑफिस की सील खोल दी गई। सवाल उठता है कि आखिर कुलपति ने सील क्यों खुलवाई।

परिवार संग टंकी पर चढ़ी महिला

सचिन हत्याकांड में फरार आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार दोपहर मृतक की मां अपने परिजनों के साथ वेदव्यासपुरी में पानी की टंकी पर चढ़ गई। महिला ने केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह की कोशिश की। तीन घंटे चले हंगामे के बाद पुलिस ने किसी तरह आश्वासन देकर महिला और उनके परिवार के लोगों को टंकी से उतारा।

परतापुर क्षेत्र के घाट गांव में 31 मार्च 2016 को सचिन पुत्र कुंवरपाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों ने रिषभ, रूपक, मनोज और क ोउत्तम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने रिषभ और कोउत्तम को जेल भेज दिया था। एक माह पहले मृतक सचिन की मां सुरेश ने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एसएसपी ऑफिस पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की थी। 25 दिन पहले आरोपी रूपक ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। बीस दिसंबर को रूपक की कोर्ट से जमानत मिल गई।
शुक्रवार दोपहर सचिन की मां सुरेश, अपने बेटे कपिल, बेटी पूजा, दामाद रोहताश, बेटी और बेटे के बच्चों के साथ टीपीनगर क्षेत्र में वेदव्यासपुरी में अंसल पार्क में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गई। सूचना पर टीपीनगर इंस्पेक्टर सचिन मलिक और इंस्पेक्टर परतापुर सुशील कुमार दूबे फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस लाइन से जाल और फायर ब्रिगेड की गाड़ी भी बुला ली गई। महिला का आरोप है कि पुलिस ने मनोज को गिरफ्तार नहीं किया और रूपक पर हल्की धारा लगाई है, जिस कारण उसे जमानत मिल गई। महिला ने अपने परिवार की जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की। जैसे ही पुलिस ने टंकी पर चढ़ने की कोशिश की तो महिला ने केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। बाद में पुलिस ने आश्वासन दिया कि फरार आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, जो जमानत पर छूटा है उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस कान खोलकर सुन ले, मैं छलांग लगा दूंगी
मृतक की मां सुरेश ने कहा कि उसे बर्दाश्त करते नौ माह बीत चुके हैं, पुलिस कान खोलकर सुन ले, यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वह छलांग लगा देगी। इस पर पुलिस के हाथ पैर फूल गये। पुलिस ने काफी मशक्कत कर उन्हें टंकी से उतारा।

सहकारी बैंकों का खजाना खाली, गन्ना भुगतान अटका

नोटबंदी के बाद से सहकारी बैंकों में कैश की समस्या बरकरार है। किसानों को कैश नहीं मिल पा रहा है। चीनी मिलों ने करीब 22 करोड़ रुपये के गन्ना भुगतान की एडवाइजरी सहकारी बैंकों में भेज दी है, लेकिन सहकारी बैंकों का खजाना खाली होने से किसानों को भुगतान नहीं मिल रहा है।

राष्टीयकृत बैंकों को चेस्ट ब्रांच के माध्यम से कैश भेजा जाता है। जिला सहकारी बैंकों में चेस्ट ब्रांच की व्यवस्था नहीं होती है। इन बैंकों को राष्ट्रीयकृत बैंकों के माध्यम से ही कैश मुहैया कराया जाता है। नोटबंदी के बाद से राष्ट्रीयकृत बैंकों में कैश की किल्लत होने से सहकारी बैंकों में भी कैश नहीं पहुंच रहा है। मेरठ के जिला सहकारी बैंक से मेरठ और बागपत जिले के 53 सहकारी बैंक जुडे़ हैं। इनमें करीब तीन लाख किसानों के खाते हैं। हाल ही में सहकारी बैंकों में बागपत, रमाला, टिकौला, दौराला, मवाना आदि कई चीनी मिलों से करीब 22 करोड़ रुपये के गन्ना भुगतान की एडवाइजरी भेजी जा चुकी है, लेकिन सहकारी बैंकों के पास कैश नहीं है।

बैंक नहीं खुलने देने की चेतावनी
ग्रामीण क्षेत्रों के कई सहकारी बैंकों में 10 दिन से कैश नहीं पहुंचा है। इस कारण बैंकों में स्टाफ से अभद्रता हो रही है। बुधवार को बहसूमा, रोहटा और जानी क्षेत्र में कैश नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने अफसरों को फोन कर जाम लगाने और धरने की धमकी दी। रोहटा के किसानों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वह ब्रांच नहीं खुलने देंगे।

आठ करोड़ के आदेश, मिले दो करोड़
जिला सहकारी बैंक के जीएम सतीश कुमार, एजीएम लेखा विनय चौधरी एडीएम फाइनेंस के सामने यह मुद्दा उठा चुके हैं। एडीएम फाइनेंस ने आठ राष्ट्रीयकृत बैंकों को एक-एक करोड़ देने का लैटर जारी किया है। इनमें से भी केवल तीन बैंकों से ही केवल दो करोड़ रुपये सहकारी बैंकों को दिए गए हैं।

पुलिस की नरमी से आरोपियों को मिली जमानत

एसटीएफ ने 8.80 लाख रुपये के साथ बृहस्पतिवार की रात चार आरोपियों को पकड़ा था। शुक्रवार को पुलिस ने चारों आरोपियों पर नरमी बरती। आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराओं में केस दर्ज करने के बजाय उन्हें शांति भंग के आरोप में कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास नए नोट कहां से आए इसकी जांच आयकर विभाग करेगा।

पांडव नगर निवासी रजनीश गर्ग, जय देवी नगर निवासी अनिल रावत, कसेरूखेड़ा निवासी जितेंद्र कुमार और मोहनपुरी निवासी वेदप्रकाश के पास से पुलिस और एसटीएफ टीम ने 8.80 लाख रुपये बरामद किए थे। इनके पास मिले नोटों में एक ही सीरीज के दो-दो हजार रुपये के नए नोट शामिल थे। पुलिस की सूचना पर आयकर विभाग के अधिकारियों ने रात में ही चारों से पूछताछ की थी। इंस्पेक्टर सिविल लाइन विजय कुमार सिंह ने बताया कि चारों को शांति भंग के मामले में शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से चारों को जमानत मिल गई।

बडे़ दावे करने वाली पुलिस ढीली पड़ी
बृहस्पतिवार की रात चारों को नई करेंसी के साथ पकड़ने वाली पुलिस बढ़ चढ़कर दावे कर रही थी। पुलिस का कहना था कि ये चारों कमीशन पर नोट बदलने का काम करते हैं। पुलिस ने उन्हें पकड़ा तो किसी बडे़ अधिकारी को नोटों की सप्लाई देने जा रहे थे, लेकिन शुक्रवार को पुलिस बैकफुट पर नजर आई। पुलिस ने चारों का शांति भंग में चालान किया। ऐसे में कोर्ट से जमानत भी मिल गई। पुलिस का कहना है कि पकडे़ गए आरोपी नई करेंसी को अपनी रकम बता रहे थे। करेंसी के मामले में आयकर विभाग ही इसकी जांच करता है। यदि पुलिस को ये बात पता थी कि तो फिर कार्रवाई से पहले आयकर विभाग की टीम को क्यों साथ नहीं लिया? यह एक बड़ा सवाल है।

शक के दायरे में आए बैंक
लाखों रुपये की नई करेंसी पकड़े जाने के मामले सामने आने से कई बैंक भी संदेह के दायरे में हैं। बकौल पुलिस चारो आरोपी बरामद रकम को अपनी बता रहे हैं, लेकिन यह संभव नहीं है। सभी नोटों की एक सीरीज होने का मतलब है कि ये सभी नोट एक ही बैंक से एक साथ निकाले गए हैं। आरोपियों की बात पर विश्वास भी किया जाए तो आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार चारों आरोपी अधिकतम 96 हजार रुपये ही एक साथ निकाल सकते थे।

कचहरी जाने की बात कहकर दुकान से गया था
पकड़ा गया आरोपी रजनीश वर्तमान में एक स्पोर्ट्स शॉप पर सेल्समैन है। दुकानदार के मुताबिक रजनीश बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे कचहरी में कोई काम होने की बात कहकर दुकान से गया था। शाम चार बजे तक भी वह नहीं लौटा तो उसे फोन किया। उसने 15 मिनट में आने की बात कही लेकिन वह शाम तक दुकान पर नहीं आया। शाम करीब सात बजे के आसपास रजनीश के भाई ने दुकान पर आकर बताया कि वह अभी तक घर नहीं पहुंचा है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है।

चार बड़े प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने का आदेश

अवैध निर्माण को लेकर हाईकोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। लालकुर्ती के निकट जवाहर क्वार्टर्स स्थित चार बड़े प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। दरअसल, यहां की रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी ने एमडीए के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की थी। इस आदेश से बाजार में खलबली मच गई है।

जवाहर क्वार्टर्स स्थित साड़ी संसार, चावला क्लोद्स हाउस, चावला कलेक्शन और राजीव कन्फैक्शनरी को लेकर हाईकोर्ट में मामला चल रहा था। यहां की रेजीडेंट वेलफेयर सोसायटी ने इस प्रकरण को उठाया था। सोसायटी का कहना था कि ये प्रतिष्ठान अनाधिकृत रूप से बने हैं। यह आवासीय कालोनी है। इसका भू उपयोग आवासीय है। यहां दुकानें या शोरूम नहीं बनाए जा सकते हैं। इस बाबत एमडीए में भी फाइल चली। कार्रवाई न होने पर सोसायटी ने हाईकोर्ट का सहारा लिया। वर्ष 2010 से इस मामले में तेजी आई। इस बाबत अब हाईकोर्ट से सख्त निर्णय सुनाया है। कहा है कि यदि ध्वस्तीकरण का आदेश स्टैंड करता है तो एमडीए इन्हें ध्वस्त करे। अदालत ने कहा है कि दो माह में इस आदेश का पालन करें। पांच दिन पहले यह आदेश हुए थे। 22 दिसंबर को एमडीए अधिकारियों को ये आदेश मिल गए। एमडीए में यह क्षेत्र जोन डी में आता है। ऐसे में तत्काल जोन डी प्रभारी एपी सिंह अैर जेई कुमदेश शर्मा ने मौके पर जाकर सभी प्रतिष्ठानों का जायजा लिया।

रिफ्यूजी के लिए बनाए गए थे क्वार्टर
आजादी के बाद शरणार्थियों के लिए सरकार ने जवाहर क्वार्टर्स बनाए थे। बाद में लोग इन क्वार्टर्स को बेचते गए। चूंकि ये लालकुर्ती के सघन बाजार से सटे हैं तो इन्हें तोड़कर काफी लोगों ने यहां व्यावसायिक प्रतिष्ठान बना लिए, तो काफी लोगों ने घर में ही दुकानें चला रखी हैं। नीचे दुकान और ऊपर आवास हैं। हालांकि एमडीए में यह आवासीय क्षेत्र में ही दर्ज है।

फिर रजिस्ट्री क्यों कॉमर्शियल
अहम सवाल यह है कि जिस लाइन में चावला क्लोद्स है, उस लाइन की रजिस्ट्री कॉमर्शियल कैटेगरी में होती है। वहां का सर्किल रेट भी महंगा है, जबकि उसके सामने की लाइन की रजिस्ट्री आवासीय में होती है। इन दुकानदारों का कहना है कि एक लाख रुपये से ज्यादा का रेट यहां है। फिर यह कैसे आवासीय है। जिन दुकानों का मसला है, वे भी काफी पुरानी हैं। कई दुकान तो 20 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं।

एमडीए में तलाशी फाइल
एमडीए अधिकारियाें ने इस प्रकरण की फाइल तलाश ली है। अपने बचाव में अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने तो ध्वस्तीकरण का आदेश फाइनल किया था, पर अपील में कमिश्नर ने यह आदेश निरस्त कर दिया।

बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़ा खेल, शिक्षकों से मांगे गये आवेदन

बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर, पोस्टिंग में बड़ा खेल कर दिया गया है। नियमों और मानकों को ताक पर रखकर शिक्षकों से ट्रांसफर आवेदन मांगे गये हैं। ट्रांसफर के लिए जिन स्कूलों की सूची तैयार की गयी है, उनमें ऐसे भी स्कूल शामिल हैं, जहां किसी खास विषय का शिक्षक या तो पहले से है या वहां शिक्षक मानक के अनुरूप हैं। इसके अलावा आवेदन की अंतिम तिथि पर ही सूची एनआईसी पर अपलोड की गई।

ये है पूरा मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में शासन से 8 अगस्त को नई ट्रांसफर नियमावली जारी हुई थी। लेकिन तब इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जबकि दूसरे जनपदों में ट्रांसफर पोस्टिंग कर दी गयी। अब दिसंबर माह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के भीतर ही ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की और सीडीओ के पास फाइल भेजी। सीडीओ ने आपत्ति लगाते हुए फाइल लौटा दी। सीडीओ ने कहा कि पहले सूची एनआईसी पर अपलोड की जाये। बीएसए कार्यालय ने इसमें भी खेल कर दिया। ट्रांसफर के लिए आवेदन पत्र लेने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर दिखाते हुए 15 दिसंबर को ही अपलोड कर दी गई। अपलोड किया गया पत्र बैकडेट में 9 दिसंबर को जारी दिखाया गया। इससे शिक्षक सूची देखने से वंचित रह गये। जबकि चहेते शिक्षकों को पहले से सूची दिखाकर उनके आवेदन भरवा दिये गये।

ऐसे खुला मामला
जब कुछ शिक्षकों ने 15 दिसंबर को सूची एनआईसी पर देखी और आवेदन पत्र भरकर अपने खंड शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे तो वहां आवेदन लेने से इंकार कर दिया गया। शिक्षकों ने विरोध जताया, लेकिन उनके आवेदन स्वीकार नहीं किये गये। शिक्षकों का आरोप है कि आवेदन पत्र लेने में भी खेल किया गया है। गणित विषय वाले शिक्षकों को विज्ञान विषय के रिक्त पदों पर ट्रांसफर की तैयार हो रही है, तो विज्ञान विषय के रिक्त पद पर सामान्य विषय के शिक्षक को भेजे जाने की तैयारी करते हुए आवेदन पत्र लिये गये हैं।

प्राथमिक स्कूलों में और भी बड़ा खेल
शहरी आवासीय भत्ता और आने-जाने की सुविधा वाले स्कूलों में अधिकांश शिक्षक जाने के इच्छुक होते हैं। ऐसे स्कूलों में भले ही शिक्षकों की संख्या पर्याप्त हो, फिर भी जगह रिक्त दर्शायी गयी है। हालांकि यह नियम के तहत दर्शायी गयी है। लेकिन जनपद में इतने शिक्षक नहीं हैं कि दूसरे स्कूल जहां शिक्षक पहले से कम हैं और बच्चे ज्यादा हैं, वहां पर भी तैनाती दे दी जाये। ऐसे स्कूलों में हस्तिनापुर के पहाड़पुर में तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन दूर होने के कारण वहां कोई जाना नहीं चाहता। जबकि तमाम दूसरे स्कूल ऐसे हैं, जहां 125 बच्चों पर 4-5 शिक्षक तैनात हैं, फिर भी वहां एक पद रिक्त दिखाया गया है। जबकि बीएसए आफिस को सिर्फ उन्हीं स्कूलों में रिक्ति दर्शानी चाहिए थी, जहां शिक्षक बहुत कम हैं।

चुनाव के लिए जा चुका है डाटा
दिसंबर में ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि चुनाव में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी पर लगाये जाते हैं। जिनका डाटा एनआईसी को अपडेट करने के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में यदि इन शिक्षकों का ट्रांसफर होता है तो उनके ड्यूटी पत्र सही पते पर नहीं पहुंच पाएंगे और निर्वाचन कार्य बाधित होगा। क्योंकि एनआईसी पर 127 उच्च प्राथमिक और 234 प्राथमिक स्कूलों की सूची अपलोड की गयी है।

हो चुकी है सेटिंग
विभागीय सूत्रों की मानें तो बीएसए कार्यालय में एक माह से इस ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर तैयारी के बीच सेटिंग का खेल चल रहा है। मनचाही पोस्टिंग के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक के रेट तय हुए हैं। जिसके चलते दिसंबर माह में चुनाव से पहले अचानक प्रक्रिया शुरू हुई है। क्योंकि मई में बीएसए सेवानिवृत्त हो रहे हैं और फरवरी में चुनाव की संभावना है।

रोहटा के आजमपुर गांव में सरेशाम एक युवक की गोली मारकर हत्या, प्रेम प्रसंग से जुड़ा है मामला

रोहटा के आजमपुर गांव में बृहस्पतिवार को सरेशाम एक युवक का एलानिया मर्डर हो गया। गुस्साए लोगों ने हंगामा कर दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। लोगों ने बताया कि आरोपी की बहन को कमलवीर का साला प्रेम प्रसंग के चलते ले गया। आरोपी ने धमकी दी थी कि वह कमलवीर को नहीं छोडे़गा। कमलवीर एसएसपी से सुरक्षा मांगते रहे और आरोपी ने उनकी हत्या कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया कि आरोपी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
रोहटा क्षेत्र के आजमपुर गांव निवासी कमलवीर उपाध्याय (30) पुत्र सुरेश कासाला विपिन निवासी दांतल जिटौली कंकरखेड़ा अपने जीजा के पास ही रहता था। दोनों पीओपी लगाने का काम करते थे। विपिन का आजमपुर गांव में एक युवती से प्रेम प्रसंग हो गया। तीन माह पहले दोनों ने घर से जाकर कोर्ट मैरिज कर ली। युवती के भाई राहुल ने कमलवीर और विपिन समेत पांच लोगों पर केस दर्ज कराया था। पुलिस ने युवती को बरामद कर परिजनों को दे दिया।

पुलिस के मुताबिक एक महीने पहले हाईकोर्ट के निर्देश पर युवती को विपिन के सुपुर्द किया गया। कमलवीर जान का खतरा बताकर एक महीने से एसएसपी ऑफिस के चक्कर काट रहा था। वह बार बार कहता था कि युवती का भाई राहुल उसको धमकी देता है। बृहस्पतिवार शाम करीब पांच बजे कमलवीर अपने घर से दुकान पर जा रहा था। तभी गली में राहुल और उसके साथ चार युवकों ने कमलवीर को घेर लिया। आरोप है कि राहुल ने कमलवीर पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। चार गोली लगीं, जिसमें उसकी मौत हो गई।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
कमलवीर की हत्या पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने नारेबाजी और हंगामा करते हुए करीब दो घंटे तक शव नहीं उठने दिया। ग्रामीणों की रोहटा थाना पुलिस से हाथापाई भी हुई। मामला तूल पकड़ा तो सीओ सरधना समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर शांत किया और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा।

तुम हमारी बेटी को रखोगे
पुलिस ने बताया कि विपिन और युवती अलग-अलग बिरादरी के हैं। दोनों की लव मैरिज से गांव में तनाव था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपी राहुल व उसका भाई विकास, चचेरा भाई अंकुर और एक युवक अज्ञात था। उनके हाथों में तमंचे थे और वह कमलवीर के पास पहुंचे। आरोपियों ने गाली देकर कहा कि तुम हमारी बेटी बहनों को रखोगे। इतना कहते ही कमलवीर पर गोलियां बरसा दीं। बाद में आरोपी हवाई फायरिंग करते हुए भाग गए।

पुलिस गंभीर होती तो बच जाता कमलवीर
गोलियों की आवाज सुनकर ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। रोहटा थाना पुलिस पहुंची तो लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि कमलवीर कई बार रोहटा थाना पुलिस और एसएसपी से मिलकर राहुल से जान का खतरा बताकर सुरक्षा की गुहार लगा चुका था। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस कमलवीर की शिकायत को गंभीरता से लेती तो उसकी हत्या नहीं होती।

भाई देवेंद्र की तहरीर पर केस दर्ज
कमलवीर के भाई देवेंद्र की तहरीर पर आरोपी राहुल पुत्र कृष्णपाल, विकास पुत्र कृष्णपाल, अंकुर पुत्र सुकरमपाल और एक अज्ञात युवक के खिलाफ हत्या और राहुल की मां राजेश के खिलाफ हत्या की साजिश रचने का मुकदमा दर्ज कराया है। कमलवीर छह भाइयों में दूसरे नंबर का था। वह अपनी पत्नी सविता तथा तीन बच्चों के साथ आरोपी राहुल के पड़ोस में अकेला रहता था।

शहर से एक और बड़ा मामला आया सामने, 8.80 लाख की नई करेंसी के साथ चार आरोपी गिरफ्तार

सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके जैन की करीब पौने तीन करोड़ की बेनामी संपत्ति के भंडाफोड़ के बाद मेरठ में एक और मामला पकड़ा गया है। सिविल लाइन पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में एक ही सीरीज के 8.80 लाख की नई करेंसी के साथ चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस का दावा है कि चारों आरोपी कमीशन पर पैसा बदलने का काम करते हैं। आरोपी एक अधिकारी को नई करेंसी पहुंचाने जा रहे थे। एक आरोपी जितेंद्र सीए है।

मेरठ एसटीएफ इंस्पेक्टर विनोद कुमार और सिविल लाइन इंस्पेक्टर विजय कुमार को बृहस्पतिवार की रात लगभग आठ बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि पांच युवक नई करेंसी लेकर एक अधिकारी को देने जा रहे है। जिस पर एसटीएफ और सिविल लाइन पुलिस टीम ने घेराबंदी करके चार युवक रजनीश गर्ग निवासी पांडव नगर, अनिल रावत निवासी जय देवी नगर, सीए जितेंद्र कुमार निवासी कसेरूखेड़ा और वेदप्रकाश निवासी मोहनपुरी सिविल लाइन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चारों युवकों की तलाशी ली। उनके पास से एक ही सीरीज के दो-दो हजार के 8.80 लाख रुपये बरामद किए गए हैं। एक ही सीरीज के दो-दो हजार के नोट मिलने पर पुलिस ने आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक आरोपी एक बैंक से कैश निकालकर लाए हैं। सवाल उठता है कि 8.80 लाख रुपये बैंक ने किस सेटिंग के जरिये इन युवकों को दिए हैं। पुलिस ने फोन करके इनकम टैक्स के अधिकारियों को भी मौके पर बुला लिया। इनकम टैक्स के अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की।

25-30 % पर बदलते थे
इंस्पेक्टर सिविल लाइन के मुताबिक आरोपी पुराने नोट लेकर 25-30 प्रतिशत के कमीशन पर नई करेंसी देते है। बृहस्पतिवार को भी रोहटा रोड स्थित एक अधिकारी को नई करेंसी देनी थी। आरोपियों ने अधिकारी का नाम भी पुलिस को बताया है। मामले की जांच इनकम टैैक्स के अधिकारी कर रहे हैं। अधिकारी किस विभाग का है और कितने नोट बदलवा चुका है, इसकी जांच जारी है।

पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य, कहा- सपा और बसपा ने किया प्रदेश का बेड़ा गर्क

मेरठ में परीक्षितगढ़ मार्ग पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नोटबंदी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने का काम किया, लेकिन राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव और मायावती इसका विरोध कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सपा और बसपा पर तंज कसते हुए कहा कि इन दोनों ही पार्टियों ने पिछले 10 सालों में उत्तर प्रदेश का बेड़ा गर्क किया है। इस सम्मेलन में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक जयप्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन संयोजक पूर्व एमएलसी लोकेश प्रजापति आदि शामिल रहे। खास बात यह है कि बसपा छोड़कर आए धर्मेंद्र भारद्वाज और रविंद्र गुर्जर ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।