Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

  Who was your inspiration in Childhood ? My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts More »

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA  Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

1. आपका बचपन में प्रेरणा स्त्रोत कौन था? मेरे पूज्य बाबाजी स्वर्गीय श्री रामसिंह जी । जो एक कृषक थे, एक सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने जिंदगी में मुझे जीना सीखाया। प्ररेणा भी More »

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd. with 300+ Centers all across India Who was your inspiration in Childhood ? My mother and father were my source More »

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Who was your inspiration in Childhood ? My inspiration was my family. I was surrounded by educators in my family. Ma Nanaji, Mamaji, my mother everybody was into academics. My Mamaji was More »

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

Who was your inspiration in Childhood ? I always believed that inspiration is from inside and not from outside. Only you can inspire yourself. Outward inspirations are momentary and do not stay More »

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

  Who was your inspiration in Childhood ? My dad and my uncle were my inspiration in my childhood. Both of them were associated with RSS. They inspired me to join RSS More »

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Dr.Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker Who was your inspiration in Childhood ? My mother was my inspiration in my childhood and she is still my inspiration. My brother had also More »

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Who was your inspiration in Childhood ? My grandfather was my biggest inspiration. I had learnt the minutest details of life from him. I learnt a lot from him about business. Like More »

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Who was your inspiration in Childhood ? I think in my childhood it was the national leaders like Gandhi ji and Nehru ji who inspired me the most because our exposure at More »

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

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Who was your inspiration in Childhood? Radio was my source of inspiration as I used to listen to loads of music and radio and tape recorder were the only source to listen More »

 

हस्तिनापुर (मेरठ) : न्यू ब्लाक कालोनी में एक व्यक्ति ने पत्‍‌नी की गला दबाकर हत्या कर दी और और जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

हस्तिनापुर (मेरठ) : न्यू ब्लाक कालोनी में एक व्यक्ति ने पत्‍‌नी की गला दबाकर हत्या कर दी और और जंगल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्या और आत्महत्या की वजह दंपती में आपसी शक माना जा रहा है। वह पेंटिंग का काम करता था। हाथ पर लिखे सुसाइड नोट में खुद को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है।

कालोनी में रवि सरकार (48) अपनी पत्‍‌नी रेखा (44) के साथ रह रहा था। रवि मकानों पर पुताई का काम करता था। दंपती के पांच बच्चे हैं। थाना प्रभारी महेंद्र सिंह ने बताया कि मंगलवार रात रवि और रेखा में विवाद हो गया। रेखा अक्सर रवि पर दूसरी महिला से संबंधों को लेकर शक करती थी। पांच बच्चों में से चार बेटियों की शादी हो चुकी है। बेटा भी नोएडा में नौकरी करता है। दंपती अकेला ही घर में रहता था। पुलिस के अनुसार रवि और रेखा में देर रात विवाद हुआ। गुस्से में आकर रवि ने रेखा की गला दबाकर हत्या कर दी। रेखा के नाक से खून बहता हुआ मिला है। उसके बाद रवि घर से भाग निकला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रेखा के शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। भाई की ओर से रवि के खिलाफ रेखा की हत्या का मुकदमा दर्ज कर दिया। कुछ घंटे बाद पता चला कि रवि ने बहसूमा के रहमापुर के जंगल में पेड़ पर फांसी लगा ली है। पुलिस ने शव को पेड़ से उतारकर पोस्टमार्टम को भेजा। एएसपी अंकित मित्तल ने बताया कि रवि और रेखा में अवैध संबंध को लेकर विवाद रहता था।

ऐसे हुई पहचान

बुधवार सुबह बहसूमा थाना क्षेत्र के गांव रहमापुर में रजवाहे के पास रवि का शव शहतूत के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला। ग्राम प्रधान बिजेंद्र को गांव के प्रवेश ने शव की जानकारी दी। मृतक की जेब की जेब से मिले परिचय पत्र से पहचान हुई। इसके बाद रवि के दामाद परमल के मोबाइल पर मामले की जानकारी दी गई।

पांच बच्चे हैं

रवि व रेखा के पांच बच्चों में चार बेटियां मोनू, सीमा, गीता व कविता हैं और सभी शादीशुदा हैं। बीस वर्षीय बेटा अभिजीत नोएडा में मकानों की पुताई का कार्य करता है।

छोले-भटूरे भी रखे रह गए

रात में खाना खाने के लिए बाजार से छोले भटूरे लाए गए थे। परंतु खाना खाने से पूर्व ही दोनों में अनबन हो गई और छोले-भटूरे रखे रह गए।

हाथ पर लिखा सुसाइड नोट

रवि के बाएं हाथ पर पेन से सुसाइड नोट लिखा था। पढ़ने में आया कि रेखा और रवि का बस इतना ही साथ था। अपनी मौत का मैं खुद जिम्मेदार हूं। अंत में नमस्ते लिखा हुआ था। कुछ अक्षर मिट चुके थे।

11 साल पहले प्रेमिका के खून से हाथ रंग चुका रवि

मेरठ : शादी के बाद भी रवि और रेखा में अक्सर विवाद रहता था। पहले से ही रवि अक्सर दूसरी लड़कियों से दोस्ती रखता था। 11 साल पहले भी हस्तिनापुर में रहने वाली बांग्लादेश की युवती से रवि को प्यार हो गया था। रेखा को छोड़कर युवती से शादी करने के बाद रवि मवाना में उसके साथ रहने लगा था। रवि की युवती से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जिसके चलते रवि ने ईटों से कुचलकर युवती की हत्या कर दी थी।

रवि मूल रूम से वेस्ट बंगाल का रहने वाला है, जो करीब 30 वर्ष पहले हस्तिनापुर में आकर रहने लगा। रेखा से रवि के पांच बच्चे हैं। 11 वर्ष पहले पड़ोस में रहने वाली बांग्लादेश की युवती से रवि का प्रेम प्रसंग हो गया। रेखा को छोड़कर रवि मवाना में प्रेमिका के साथ रहने लगा था। अचानक ही प्रेमिका और रवि में विवाद हो गया, जिसके चलते रवि ने गुस्से में आकर युवती की ईट से कुचलकर हत्या कर दी। मवाना पुलिस ने रवि को जेल भेज दिया। युवती की हत्या की पैरवी करने के लिए कोई आगे नहीं आया। पति होने के नाते फिर भी रवि से रेखा जेल में मिलने गई। उसके बाद रेखा ने रवि की जमानत कराकर जेल से निकाल दिया। हालांकि बाद में रवि मुकदमे में बरी हो गया था। उसके बाद रवि और रेखा साथ साथ रहने लगे। हाल में फिर रवि घर के बजाय अक्सर बाहर रहने लगा। रेखा इसका विरोध करती थी। शक था कि रवि का दूसरी महिलाओं से अवैध संबंध है। इसी को लेकर रवि ने रेखा की हत्या कर दी और फिर आत्महत्या कर ली।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया। जेल जाने वालों में दो साल का मासूम भी है। हैरत की बात यह है कि आनंद शर्मा, उनकी पत्नी सरला और बेटी करिश्मा हत्या की सूचना छिपाने के आरोपी हैं, उन्हें भी पुलिस ने हत्यारोपी बना दिया है।

नईम गाजी की हत्या जयदेवी नगर के प्रीत विहार में आनंद शर्मा के घर पर की गई। पुलिस का दावा है कि उस समय घर में आनंद शर्मा, उनकी पत्‍‌नी सरला, बेटी करिश्मा, दामाद विशाल, भतीजा अभिषेक उर्फ हैप्पी, रिश्तेदार रमाशंकर और नौकर दिनेश था। पुलिस ने इस घर के अंदर मौजूद कुत्ते टॉमी को छोड़कर सभी को हत्या का आरोपी बना दिया है। जांच के बजाय सभी को आरोपी बना देने के पीछे राजनीतिक दबाव की बात की जा रही है। कचहरी में पेश होने वाले आरोपियों में से आनंद शर्मा की बेटी करिश्मा और पत्‍‌नी सरला चीख-चीख कर कह रहे थे कि उन्होंने नईम की हत्या नहीं की है। करिश्मा दो साल के बेटे को गोद में लेकर कसम तक ले रही थी। उसका कहना था कि हत्या वाले दिन तो पति विशाल के साथ ज्वालापुर हरिद्वार में थी। तब भी उन्हें हत्या में आरोपी बना दिया है। खुद कप्तान स्वीकार भी कर रहे थे कि पूरे परिवार से लगातार नौ दिनों तक पूछताछ की है। उसके बावजूद भी परिवार के किसी सदस्य ने नईम के बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी है। ऐसे में साफ है कि उन पर हत्या में सूचना छिपाने का आरोप बनता है। सवाल उठता है कि फिर सभी आरोपियों को हत्या में शामिल क्यों किया गया?

एक कटर और इतने हत्यारे?

नईम गाजी का शव मिलते ही पुलिस के आला अफसरों ने सपा के कद्दावर नेताओं से संपर्क कर लिया था, जिसमें तय हुआ था कि भीड़ को काबू में करने के लिए पीड़ित परिवार को अपनापन दिखाकर बवाल नहीं होने देना है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तभी तय हुआ था कि आनंद शर्मा के पूरे परिवार को जेल भेजा जाएगा। एसएसपी जे रविंदर गौड का कहना है कि पूरा परिवार हत्या करने में शामिल था। पुलिस ने हैप्पी और रमाशंकर की निशानदेही पर हेलमेट, स्कूटी और कटर बरामद किया है। सभी के हत्यारोपी बनाने पर सवाल उठता है क्या कटर सभी ने बारी-बारी से चलाया।

ये लगाई गई धाराएं

364 आइपीसी : अपहरण। कर लेना।

302 आइपीसी : हत्या।

201 आइपीसी : हत्या के बाद साक्ष्य मिटाना।

147 आइपीसी : अपराध में सभी की सहमति।

149 आइपीसी : मारपीट करना।

34 आइपीसी : हत्या की नीयत से हमला करना।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला। परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर बदमाश शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने डकैती की घटना को भी चोरी में दर्ज किया है।

खिवाई गांव की प्रधान नसीम के पड़ोस में ही चचेरे ससुर हशमत रहते हैं। मंगलवार को हशमत अपनी पत्नी के साथ मेरठ गए थे। घर पर हशमत का साला आलमगीर निवासी ग्राम बड़ौदा जिला हापुड़ अपनी पत्नी व बहन के बच्चों के साथ सोया हुआ था। देर रात्रि हथियारों से लैस आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश मकान की छत से घर में प्रवेश कर गए। बच्चों व आलमगीर को उठाकर गन प्वाइंट पर ले लिया। सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। सेफ की चाबी लेकर उनमें रखी पचास हजार रुपये की नकदी के साथ सोने-चांदी के करीब तीन लाख रुपये के आभूषण व कीमती कपड़ा लूट लिया। आधा घंटे से अधिक समय तब बदमाशों ने मकान को खंगाला।

बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर घटना की जानकारी ग्रामीणों और कंट्रोल रूम को दी। पुलिस के न पहुंचने पर थाने को घटना की जानकारी दी गई। मकान मालिक हशमत ने तहरीर पर चोरी में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

मनमाफिक पुलिस ने लिखवाई तहरीर

-पीड़ित के बड़े भाई व प्रधान के ससुर रौनक अली ने बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें कहा कि पचास हजार की नकदी घर में रहने की बात से आप जांच के घेरे में आ जाओगे। आप कम राशि ही तहरीर में लिखना। पुलिस ने पीड़ित से दस हजार रुपये की नकदी ही लिखवाई। हालांकि थाना प्रभारी ने ऐसी किसी बात से इन्कार किया है।

चौकी इंचार्ज का सीयूजी दो माह से बंद

– खिवाई में रिपोर्टिग चौकी होने के बाद वहां पर तैनात चौकी प्रभारी का सीयूजी दो माह से लगातार बंद है। चौकी क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांव आते हैं। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सिम है। सरकारी फोन में ही डाला जाएगा वह अपने व्यक्तिगत फोन में क्यों डाले?

इन्होंने कहा

मेरे संज्ञान में खिवाई चौकी पर सीयूजी फोन होने की जानकारी नहीं है अगर सीयूजी दो माह से बंद है तो मामला गंभीर है। उसे शीघ्र ही चालू करा दिया जाएगा। चोरी में रिपोर्ट दर्ज कैसे की, इसकी जानकारी इंस्पेक्टर से मांगी जा रही है।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर फैक्ट्री ने भारी मात्रा में नकली माल बरामद किया है। फैक्ट्री संचालक, पार्टनर और मकान स्वामी को पकड़ लिया गया है। ढाई माह पहले ही फैक्ट्री गाजियाबाद से मेरठ शिफ्ट हुई थी। बरामद रजिस्ट्रर से जानकारी मिली है की करोड़ों रुपये का सामान मेरठ समेत पांच जनपदों में सप्लाई किया जा रहा था।

गुरुवार को टीपीनगर पुलिस की टीम ने गंगा विहार में कंकरखेड़ा के पठानपुर निवासी विपिन कुमार के मकान पर छापा मारा। विपिन ने मकान को अमित जैन निवासी नई बस्ती, बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर को किराए पर दिया हुआ था। अमित जैन मकान के अंदर रणजीत कश्यप निवासी अशदपुर निवाड़ी गाजियाबाद के साथ मिलकर नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट और समोसम बना रहे थे। पुलिस ने आवास के अंदर से विभिन्न कंपनियों की वाल पट्टी के 100 कट्टे बरामद किए। 400 कट्टे अ‌र्द्ध बने हुए थे। 1500 रेपर मिले है, जो जेके सीमेंट, सुपर डायमंड, बिरला, रॉयल, सम्राट समेत 15 ब्रांडेड कंपनी के थे। इन कंपनियों की नकली वाल पट्टी भरकर मार्केट में उतारी जा रही है। 4000 कट्टे मिले है, जो समोसम की एशियन, बर्जर और नरोलक कंपनी के तैयार किए जा रहे थे। साथ ही एशियन पेंट के खाली डिब्बे भी बरामद हुए है। साथ ही चार ली की बाल्टी और एक तथा आधे लीटर के भरे और खाली डिब्बे भी बरामद किए गए है। पुलिस ने मौके से अमित जैन, मकान स्वामी विपिन और पार्टनर रणजीत कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। साथ मौके से बरामद सामान को ट्रक में रखवा कर थाने लगाया गया, जिसमें पेकिंग मशीन से लेकर कट्टों पर मार्का तैयार करने वाली स्क्रीन भी है, जिनके जरिए तत्काल किसी भी कंपनी का कट्टा तैयार कर वाल पट्टी और समोसम भरा जाता था। रसीद बुक भी मिली है, जिस पर 2015 से बिल कट रहे है। हालांकि यह फैक्ट्री गंगानगर में ढाई माह पहले आई थी। पहले गाजियाबाद में फैक्ट्री से माल सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर माल सप्लाई करने वाले दुकानदार और गाजियाबाद की फैक्ट्री के बारे में जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर सचिन मलिक ने बताया कि फैक्ट्री में करोड़ों की नकली वाल पट्टी, पेंट और समोसम सप्लाई हो चुका है। बड़ा गैंग इसके पीछे काम कर रहा है। पुलिस बाकी लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है।

मेरठ : मेरठ छावनी में पिछले दिनों मिलिट्री अस्पताल के निकट परमवीर चक्र से सम्मानित योगेंद्र यादव के नाम पर आवासीय फ्लैटों को सैनिकों के सुपुर्द करने के बाद बुधवार को मैरिड एकोमोडेशन प्रोजेक्ट (मैप) के अंतर्गत बनी एक और कॉलोनी का उद्घाटन किया गया।

मेरठ : मेरठ छावनी में पिछले दिनों मिलिट्री अस्पताल के निकट परमवीर चक्र से सम्मानित योगेंद्र यादव के नाम पर आवासीय फ्लैटों को सैनिकों के सुपुर्द करने के बाद बुधवार को मैरिड एकोमोडेशन प्रोजेक्ट (मैप) के अंतर्गत बनी एक और कॉलोनी का उद्घाटन किया गया। फाजलपुर स्थित एनवायरनमेंटल पार्क में बने एक और शहीद हवलदार राजेश कुमार को समर्पित कालोनी का उद्घाटन देश के रक्षा राज्य मंत्री सुभाष भामरे ने किया। अत्याधुनिक सुविधाओं से व्यवस्थित 623 फ्लैट सैनिकों के सुपुर्द किए जाएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित सैनिकों व पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए पश्चिम यूपी सब एरिया के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल के मनमीत सिंह ने बताया कि मेरठ छावनी क्षेत्रफल और जनसंख्या के हिसाब से दूसरी सबसे बड़ी छावनी है। यह देश में 14वां सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहर और विश्व में सबसे तेजी से बढ़ रहे शहरी क्षेत्र में 63वें स्थान पर है। छावनी को दूसरे चरण तक कुल 4695 सरकारी आवास देने की मंजूरी मिली है जिनमें 278 अफसर, 470 जेसीओ और 3947 सैनिकों के आवास शामिल हैं।

जीओसी ने बताया कि जहां एक ओर सैनिकों की आवासीय समस्या दूर हो रही है वहीं आने वाले दिनों में मेट्रो रेलवे के दो स्टेशन छावनी क्षेत्र में बनेंगे जिससे जवानों को सीधे कैंट तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी। इसी तरह रैपिड रेल से सीधे दिल्ली से मेरठ आने का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में दो मोबाइल सीएसडी बुलंदशहर व शामली में चल रही हैं जिन्हें बढ़ाया जाएगा। साथ ही मेरठ छावनी अगले साल दो मेगा वाट व आने वाले दिनों में 16 मेगावॉट का सोलर प्लांट लगाया जाएगा।

सेना को मिलेंगे दो लाख आवास

मैरिड एकोमोडेशन प्रोजेक्ट (मैप) के महानिदेशक मेजर जनरल संजीव जैन ने बताया कि 15 अगस्त 2001 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने सेना के लिए देश भर में दो लाख आवास बनाने की घोषणा की थी। मई 2002 में मैप की स्थापना हुई और तीन चरणों में योजना को विभाजित किया गया। जिसमें दिसंबर 2017 तक देश भर में 1,25,000 हजार फ्लैट सेना को मिल जाएंगे। उन्होंने बताया कि साल 2002-03 में गठित संस्था मैप महज 13 सालों में देश की सबसे अच्छी सार्वजनिक गृह निर्माण संस्थाओं में से एक है। साल 2015-16 में इस संस्था का टर्नओवर 2700 करोड़ रुपये रहा।

कुपवाड़ा में शहीद हुए थे राजेश कुमार

इस कालोनी का नाम शहीद हवलदार राजेश कुमार के नाम पर रखा गया है। हवलदार राजेश कुमार राजपुताना राइफल्स की 11वीं बटालियन के थे। एक अगस्त 2009 को जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तलाशी दल पर हुए आतंकी हमले के दौरान आतंकियों से आमने-सामने की लड़ाई में राजेश कुमार सबसे नजदीक पहुंच गए थे। उन्होंने गोली लगने के बाद भी एक-एक कर तीन आतंकियों को हाथ की लड़ाई में मार गिराया था। उन्हें मरणोपरांत अशोक चक्र के सम्मान से नवाजा गया।

सरहद के बाहर व भीतर भी सक्रिय है सेना

सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि सेना का एक हिस्सा सरहदों पर तैनात रहता है जबकि बड़ा हिस्सा देश के भीतर भी रहता है। सैनिकों व दूर रहने वाले परिवारों को रहने की व्यवस्था बेहतर होनी ही चाहिए। समय-समय पर सेना देश के भीतर मानव निर्मित समस्याओं से निपटने या फिर आपदा के समय में लोगों को राहत व बचाव मुहैया कराती है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार रेल और रोड के जरिए दिल्ली से मेरठ की दूरी कम कर रही है, जल्द ही हवाई रास्ते की सुविधा भी इसमें शामिल होगी।

आंकड़ों में मेरठ छावनी की आवासीय योजना

सैनिक कार्यरत : लगभग 25 हजार

सैन्य परिवार के सदस्य : 75 हजार

मेरठ को कुल फ्लैट : 6700

प्रथम चरण : 2430

द्वितीय चरण : 2265

तृतीय चरण : 2005

फ्लैट मिल चुके : 937

अगले तीन महीने में : 670

दिसंबर 2017 तक : 1700

देश भर के आंकड़े

प्रथम चरण : 90 स्टेशनों में 57 हजार फ्लैट

द्वितीय चरण : 160 स्टेशनों में 30 हजार फ्लैट

तृतीय चरण : 70 हजार फ्लैट बनेंगे

दिसंबर 2017 तक : 1,25,000 फ्लैट होंगे तैयार

मेरठ पहुंचे मुलायम सिंह यादव, नोटबंदी पर कहा- बीजेपी को जवाब देगी जनता

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव बुधवार को मेरठ पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर बीजेपी को जनता जवाब जरूर देगी। सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘बैंकों में पैसा नहीं है और लोग लाइन में खड़े है।’ मुलायम सिंह यहीं नहीं रूके इसके बाद उन्होंने कहा कि लोगों के घर में खाने के लिए अनाज नहीं है। ऐसे में गरीब लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। मुलायम ने कहा कि केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
जानें मेरठ क्यों आए मुलायम
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव बुधवार को सपा नेता मोहम्मद अब्बास की बेटी की शादी में पहुंचे थे। इस बीच उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और बीजेपी वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुलायम सिंह ने कहा कि 2017 में सपा की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से पहले सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। वहीं रालोद और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर उन्होंने चुप्पी साधी।

मिली मंजूरी: हर गरीब के सिर पर छत हो, इस दिशा में काम करने के लिए एमडीए तैयार

वर्ष 2022 तक हर सिर पर छत हो, इस दिशा में काम करने का प्रयास कर रहे मेरठ विकास प्राधिकरण को बड़ी सफलता मिली है। हुडको ने इस बाबत 35 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर कर दिया है। अब एमडीए जब चाहे पैसा लेकर इस पर काम शुरू कर सकता है। एयरपोर्ट एंकलेव में सबसे पहले इस योजना को लागू करने का प्लान बनाया जा रहा है।
दरअसल यह प्रधानमंत्री आवास योजना है। इसके तहत वर्ष 2022 तक देश में दो करोड़ आवास बनाए जाने हैं। सभी प्रदेश को इसमें शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार इस पर काम कर रही है। एमडीए को गंभीरता से इस पर काम करने को कहा गया है। एमडीए एयरपोर्ट एंकलेव में 480 आवास बना रहा है। चार मंजिला इन फ्लैट का कॉरपेट एरिया लगभग साठ मीटर है। रकम है बीस से 23 लाख तक। इस योजना पर एमडीए इसे लागू करने की बात कह रहा है।

छह लाख के लोन पर मिलेगी छूट
इस योजना का लाभ उन आवंटियों को मिलेगा जिनकी अधिकतम सालाना आय छह लाख रुपये है। पहले यह सीमा एक लाख रुपये रखी गई थी पर अब इसे बढ़ाया गया है। ऋण चाहे कितना भी लिया जाए पर छूट छह लाख रुपये तक के लोन पर ही मिलेगी। छह लाख में दो लाख बीस हजार रुपये की छूट दी जाएगी। यानी जितनी आय है उतने ही लोन पर छूट मिलेगी।

एमडीए की तैयारी पूरी
कई बार बैठक होने के बाद हुडको ने 35 करोड़ का ऋण स्वीकृत कर दिया है। अब एमडीए इस तैयारी में है कि इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाए। अहम यह है कि इस समय रियल एस्टेट में मंदी चल रही है। ऐसे में यदि एमडीए इस ऋण को लेता है तो पूरी तरह से इसके नफा नुकसान का आंकलन करना होगा।

कैश न मिलने पर बैंक मैनेजर और स्टाफ बंधक बनाया

सरधना रोड जंगेठी गांव स्थित सिंडिकेट शाखा में कैश न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को शाखा प्रबंधक और स्टाफ को बंधक बना लिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस ने लोगों को समझाकर मैनेजर को बंधनमुक्त कराया।
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक में पर्याप्त कैश न होने पर रोजाना ही हंगामा होता है। मंगलवार सुबह बैंक खुलते ही काफी संख्या में ग्रामीण लाइन में लगे थे। काफी देर बाद बैंक कर्मचारियों ने बताया कि कैश नहीं आया है। यह सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्रामीण जबरन बैंक का दरवाजा खोलकर घुस गए और प्रबंधक पवन कपूर व अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई दिनों से रोजाना लाइन में लग रहे हैं। लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल रहा। बैंक कर्मी बहानेबाजी करते हैं। नगदी न होने से किसान न तो फसल बो पा रहे हैं और न पशुओं के लिए चारे का प्रबंध कर पा रहे हैं। प्रबंधक का कहना है कि कई दिनों से बैंक में कैश नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से परेशानी बन रही है। अभद्रता करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर देने पर विचार किया जा रहा है।

नईम गाजी की हत्या के बाद शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का सख्त पहरा

अपहृत नईम गाजी का शव हत्यारोपी की निशानदेही पर बरामद होते ही सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए संवेदनशील भगत सिंह मार्केट और हापुड़ अड्डा चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दिन निकलने से पहले ही भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली।
मंगलवार तड़के 4.15 बजे नईम गाजी का शव सड़ी हुई हालत में पुलिस ने बरामद किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी जे. रविंदर गौड़ तड़के 4:30 बजे ही एक्टिव हो गए थे। उन्होंने लखनऊ समेत अपने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद तीन कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ के अलावा हापुड़ और गाजियाबाद से पुलिस फोर्स करीब एक घंटे के अंदर ही हापुड़ अड्डा पर पहुंच गई। इस दौरान नौचंदी और कोतवाली में हाल में तैनात रहे थानेदारों को भी माहौल को काबू में रखने के लिए विशेष तौर पर बुलाया गया।

आधी रात को ही बन गया था प्लान
हत्यारोपी हैप्पी और रमाशंकर से सोमवार आधी रात को गहन पूछताछ के बाद ही साफ हो गया था कि नईम गाजी की हत्या कर दी गई है। जिसके बाद पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार को बवाल के अंदेशे के चलते हापुड़ रोड और गढ़ रोड के ट्रैफिक को भी तड़के से ही डायवर्ट कर दिया गया था। जिसके चलते हापुड़ अड्डे पर केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। वैसे भी नईम का शव बरामद होने की खबर शहर में फैलने के बाद अधिकांश लोगों ने हापुड़ अड्डे की तरफ जाने से परहेज किया।

जमकर नारेबाजी, हंगामा
नईम का शव मिलने की सूचना पर हापुड़ अड्डा, सोहराब गेट, भगत सिंह मार्केट में सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, जिले के सभी सीओ और थानेदार इस दौरान फोर्स के साथ पूरे इलाके को कवर किए रहे। भीड़ ने कई बार नारेबाजी करते हुए खूब हंगामा किया। हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। कई बार पुलिस अफसरों ने तो शहर काजी ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। शाम तक इलाके में फोर्स तैनात रही।

आधा शहर रहा जाम के हवाले
बवाल के अंदेशे पर हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर रूट डायवर्जन से शहर के बाकी इलाकों में दिन भी जाम की स्थिति रही। एसपी ट्रैफिक किरण यादव के अनुसार हापुड़ अड्डा चौराहे को जोड़ने वाले सभी चौराहों पर मंगलवार तड़के से ही बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। जो शाम पांच बजे तक लागू रहा। इस दौरान लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया तो अन्य रास्तों पर बुरी तरह जाम लग गया। बेगमपुल, ईव्ज चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, दिल्ली रोड, भूमिया पुल के अलावा शहर के पुराने बाजारों में जाम लगा रहा।

दोनों पत्नियों और बच्चों का हाल बेहाल
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद नईम का शव घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। नईम की दो पत्नियां हैं। जिनमें एक रुखसाना के पांच बच्चे अरमान (10), फराज, फईम, आंचल और उल्फत (2) है। जबकि शास्त्रीनगर में रह रही दूसरी पत्नी खुशबू के तीन बच्चे पिंजा, तमील और गुड्डू है। खुशबू ने धर्म परिवर्तन कर नईम से शादी की थी। दोनों पत्नियों और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।

मोदी डिस्पेंसरी बंद होने से नहीं मिल रहा सफाई कर्मियों का वेतन, हंगामा, हाईवे जाम

मोदी डिस्पेंसरी बंद होने के बाद वेतन न मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने एक दंपति के नेतृत्व में मंगलवार को हाईवे जाम कर दिया। वाहनों में तोड़फोड़ का प्रयास किया गया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने प्रबंधन से वार्ता कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पुलिस के अनुसार पल्लवपुरम फेज दो डबल स्टोरी निवासी दंपति ओमबीर व कृष्णा करीब 24 साल से मोदी डिस्पेंसरी में सफाई कार्य कर रहे थे। यह डिस्पेंसरी 15 दिसंबर से बंद हो गई है। जिसका नोटिस एक दिन पहले ही लगाया गया था। दंपति का आरोप है कि उनका बोनस, वेतन, पीएफ और अन्य देय नहीं दिया गया। जिस कारण सभी कर्मचारी परेशान हैं। जिसको लेकर सुबह दस बजे दंपति पल्लववुरम क्षेत्र के सभी सफाई कर्मियों को लेकर मोदी गेट पर पहुंचा और हाईवे पर ड्रम और तख्त रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर फोर्स लेकर पहुंचे एसएसआई पल्लवपुरम अर्जुन सिंह ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उन्हें शांत किया। इसके बाद भी करीब दो घंटे तक सफाई कर्मी हाईवे किनारे हंगामा करते रहे।

गेट पर दिया धरना
दंपति और कर्मचारियों ने डिस्पेंसरी गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारी पर आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी एक सप्ताह से उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

नीली बत्ती गाड़ी रोकी
जाम के दौरान सफाई कर्मियों ने मेरठ से मुजफ्फरनगर की तरफ जा रही एक नीली बत्ती लगी कार रोक ली। प्रदर्शनकारी डंडा लेकर कार के आगे खड़े हो गए। पुलिस ने किसी तरह कार को वहां से निकलवाया।