Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

Impacting Lives of Beginners: Mrs. Neena Bhatia, Principal ABC Public School

  Who was your inspiration in Childhood ? My father was my inspiration in Childhood. He always preached us that luck sure comes at the door and knocks too but your efforts More »

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA  Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

Top of the Town: Ravindra Bhadana, MLA Indian politician and a member of the 16th Legislative Assembly of Uttar Pradesh of India

1. आपका बचपन में प्रेरणा स्त्रोत कौन था? मेरे पूज्य बाबाजी स्वर्गीय श्री रामसिंह जी । जो एक कृषक थे, एक सामाजिक व्यक्ति थे। उन्होंने जिंदगी में मुझे जीना सीखाया। प्ररेणा भी More »

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Top of the Town: Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd.

Mr. Vikram Parakash Lamba, MD American Institute of English Language Pvt. Ltd. with 300+ Centers all across India Who was your inspiration in Childhood ? My mother and father were my source More »

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Top of the town: Dr. Mohini Lamba, Director in American Kids Play School, Early Childhood Curriculum Developer, Montessori Teachers Trainer

Who was your inspiration in Childhood ? My inspiration was my family. I was surrounded by educators in my family. Ma Nanaji, Mamaji, my mother everybody was into academics. My Mamaji was More »

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

Top of the Town: Mrs. Monika Kohli, 52 years young model and actor, into print ads, T.V. commercials and movies

Who was your inspiration in Childhood ? I always believed that inspiration is from inside and not from outside. Only you can inspire yourself. Outward inspirations are momentary and do not stay More »

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

Top of the town: Respected Rajendra Aggarwal, MP

  Who was your inspiration in Childhood ? My dad and my uncle were my inspiration in my childhood. Both of them were associated with RSS. They inspired me to join RSS More »

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Top of the town: Dr. Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker

Dr.Vishwajeet Bembi, renowned Physician and Social Worker Who was your inspiration in Childhood ? My mother was my inspiration in my childhood and she is still my inspiration. My brother had also More »

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Top of the town: Mr. Rakesh Kohli, Chairman, Stag International known for sporting goods in different countries of the world.

Who was your inspiration in Childhood ? My grandfather was my biggest inspiration. I had learnt the minutest details of life from him. I learnt a lot from him about business. Like More »

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Top of the town: Mr. Prem Mehta, Principal City Vocational Public School

Who was your inspiration in Childhood ? I think in my childhood it was the national leaders like Gandhi ji and Nehru ji who inspired me the most because our exposure at More »

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

Top of the town: Dr. Mamta Varshney, Lecturer and Poetess

Who was your inspiration in Childhood? Radio was my source of inspiration as I used to listen to loads of music and radio and tape recorder were the only source to listen More »

 

प्रशांत हत्याकांड में छात्रनेता समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट

prashant hatya me
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 चौधरी चरण सिंह विवि के छात्रनेता प्रशांत की हत्या के मामले में मंगलवार को मेडिकल पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी। पुलिस ने दो नाम बढ़ाते हुए जेल में बंद पांच के खिलाफ हत्या की धाराओं में चार्जशीट लगाई है। जबकि मृतक के परिजनों ने तीन लोगों को नामजद किया था। एक हत्यारोपी अभी भी फरार है।
मेडिकल क्षेत्र के जागृति विहार सेक्टर-3 निवासी योगेंद्र सिंह का इकलौता बेटा प्रशांत उर्फ रोबिन चौधरी विवि पढ़ाई कर रहा था। 29 जून की रात को प्रशांत का अन्य साथियों से तेजगढ़ी स्थित ऑल- इज- वेल होटल में विवाद हो गया था। होटल के बाहर निकलते ही .32 बोर की पिस्टल से गोली मारकर प्रशांत की हत्या कर दी गई थी। मृतक प्रशांत के चाचा इंद्रपाल सिंह ने पंकज प्रधान, मयंक स्याल और टिल्लू पंडित व दो- तीन अज्ञात के खिलाफ मेडिकल थाने में हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
केस की विवेचना एसओ मेडिकल रविंद्र वशिष्ठ कर रहे हैं।
पुलिस ने जांच में पाया कि हत्या आशू यादव ने की थी। जिसमें पुलिस ने मयंक, आशू, अमित मिरिंडा, विक्की उर्फ विकास और पंकज प्रधान को जेल भेज दिया था। नामजद आरोपी टिल्लू पंडित अभी भी फरार चल रहा है। एसओ मेडिकल ने बताया कि मंगलवार को कोर्ट में मयंक स्याल निवासी स्याल थाना भावनपुर, आशू उर्फ तेजेंद्रपाल सिंह निवासी जागृति विहार, अमित मिरिंडा निवासी कुली मानपुर थाना परीक्षितगढ़ हाल पता शास्त्रीनगर, विक्की उर्फ विकास निवासी मयूर विहार और समाजवादी छात्रसभा का नेता रहा पंकज प्रधान पुत्र संतरपाल निवासी गड़ीना थाना फलावदा के खिलाफ 147, 148, 149, 302, 120 बी धारा में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने एक दर्जन लोगों के बयान भी शामिल किये हैं। एसओ का कहना है कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। जल्द ही कोर्ट के आदेश पर कुर्की की जाएगी।

बाबू ने ली रिश्वत, छात्र ने बनाई वीडियो

baabu ne li rishwat
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 आरटीओ में बाबू द्वारा रिश्वत लेने की एक छात्र ने वीडियो बना ली। इससे गुस्साएं छात्रों ने बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
मंगलवार को अपनी गाड़ी की आरसी पर चढ़े लोन को कटवाने गए एक छात्र हर्ष से आरसी सेक्शन के बाबू ने फीस से अलग सुविधा शुल्क मांग लिया। इस पर हर्ष ने विश्वविद्यालय के छात्र नेता विनीत चपराणा को फोन कर मामले की जानकारी दी। विनीत ने हर्ष से रिश्वत देने की वीडियो बनाने को कहा तो हर्ष ने दोबारा सेक्शन में जाकर रिश्वत देते हुए वीडियो बना ली।
इसके बाद चपराणा भी दर्जनों छात्रों के साथ आरटीओ पहुंच गए। आरटीओ ममता शर्मा के नहीं मिलने पर छात्रों ने आरटीओ सिटी कमल गुप्ता को वीडियो दिखाते हुए बाबू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। कमल गुप्ता ने बाबू को बुलाकर पूछताछ की तो उसने रिश्वत लेने से इनकार करते हुए वहां मौजूद एजेंट द्वारा पैसे लिए जाने की बात कही। छात्रों का हंगामा बढ़ता देख कमल गुप्ता ने सभी को एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह के पास भेज दिया।
चपराणा ने एआरटीओ रंजीत सिंह को भी वीडियो दिखाई। रंजीत सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर बाबू से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जवाब मिलने के बाद निलंबन या पटल परिवर्तन की कार्रवाई की जाएगी। दलालों को ऑफिस में नहीं घुसने दिया जाएगा। मयंक भाटी, नितिन मलिक, अनुज गुर्जर, मोनू पहाड़ी, सोनू बैसला, दीपक चौधरी, श्रीकांत चौधरी, राजा चौधरी आदि मौजूद रहे।

Amit Agarwal social worker on GWR

Amit Agarwal social worker and volunteer MCMI on Guinness world record. 

Do participate in this mega event. 

ट्रैफिक पुलिस के साथ सड़क पर उतरे एनसीसी कैडेट

जागरण संवाददाता,मेरठ : शहर के स्कूलों की छुट्टी के समय जाम से निपटने के लिए सोमवार से ट्रैफिक पुलिस के साथ ही एनसीसी कैडेट भी रास्ते पर उतर गए हैं। पहले दिन 60 एनसीसी कैडेट्स को वेस्ट एंड रोड और बेगमपुल चौराहे पर तैनात किया गया। वेस्ट एंड रोड पर तैनात 28 एनसीसी कैडेट्स ने वेस्ट एंड रोड के प्रमुख चौराहों पर अगल-अलग रास्तों से घुसने वाले चार पहिया व कमर्शियल वाहनों को रोकने के साथ ही बिना हेलमेट दुपहिया वालों को भी अंदर की ओर से जाने से रोका और उन्हें हेलमेट पहन – See more at: http://www.jagran.com/uttar-pradesh/meerut-city-14810884.html#sthash.TbA1BGo3.dpuf

शहर के स्कूलों की छुट्टी के समय जाम से निपटने के लिए सोमवार से ट्रैफिक पुलिस

को भी अंदर की ओर से जाने से रोका और उन्हें हेलमेट पहनकर बच्चों को लेने पहुंचने के लिए प्रेरित किया। कुछ लोगों ने उनकी बातें सुनी तो कुछ लोग आगे निकल गए।

नो एंट्री में घुसते रहे वाहन

वेस्ट एंड रोड पर सुबह स्कूलों के खुलने और बंद होने के दौरान एक-एक घंटे के लिए चार पहिया वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। सुबह स्कूल खुलने के समय साढ़े छह बजे से साढ़े सात बजे के दौरान बाहरी ट्रैफिक का लोड नहीं होने के कारण कठिनाई नहीं होती, लेकिन छुट्टी के समय परिजनों के वाहनों के साथ शहर वासियों के चार पहिया वाहन व कमर्शियल वाहन दोपहर साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे के दौरान वेस्ट एंड रोड से निकलने की कोशिश करते हैं। सोमवार को भी वेस्ट एंड रोड के दोनों छोरों के साथ ही बीच के रास्तों से चार पहिया वाहन घुसे जिन्हें एमपीएस व एसडी सदर के सामने से बाहर निकाला गया।

सिर पर नहीं दिखा हेलमेट

अक्टूबर के महीने में ट्रैफिक पुलिस का विशेष ट्रैफिक अभियान चलने के बाद भी लोगों के सिर से हेलमेट नदारद ही दिखे। न परिजन हेलमेट में नजर आए और न ही छात्र-छात्राएं हेलमेट पहने दिखे। एनसीसी कैडेटों ने हेलमेट न पहनकर आने वालों को रोका तो उनकी बात भी नहीं सुनी गई। कुछ महिला व पुरुष परिजन कैडेटों से उलझते भी नजर आए और उनकी बात को अनसुना करते हुए जबरन वेस्ट एंड रोड में आगे बढ़ गए।

नहीं मान रहे व्यवस्था

छीपी टैंक स्थित सेंट थॉमस इंग्लिश मीडियम स्कूल के सामने दोपहर एक बजे से दो बजे के दौरान वन की व्यवस्था लागू नहीं हो सकी है। दोपहर एक बजकर 20 मिनट पर स्कूल की छुट्टी होती है। इस दौरान वाहनों को केवल शिव चौक की ओर से प्रवेश की इजाजत है जबकि एनएएस कालेज की ओर से वाहनों को प्रतिबंधित किया गया है। सोमवार को स्थिति विपरीत नजर आई। एनएएस कालेज की ओर से घुसते वाहनों के कारण रास्ते पर जाम की स्थिति रही। वहीं सोफिया के पास भी पार्किंग स्थल पर पर्याप्त जगह होने के बावजूद लोगों ने अपनी कारें स्कूल के सामने और बैंक स्ट्रीट पर दोनों ओर पार्किंग में लगा रखी थी।

हटाए गए ठेले

स्कूलों के निकट तंबाकू व नशीले पदार्थो की बिकवाली पर रोक होने के बावजूद ठेलों पर खाद्य सामग्री के साथ ही गुटखा व पान मसाला बेचा जाता है। सोमवार को रोड सेफ्टी क्लब और ट्रैफिक पुलिस की ओर से ठेलों को मौके से हटाया गया।

चिराग स्कूल पर कब लगेगी ट्रैफिक लाइट

रुड़की रोड स्थित चिराग स्कूल के सामने से रफ्तार में जाते वाहनों पर अंकुश लगाने और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक लाइट लगाने का निर्णय लिया गया था। बावजूद इसके अब तक ट्रैफिक लाइटें नहीं लगी हैं। एक होमगार्ड या कांस्टेबल से जीरो माइल से आने वाले वाहनों के रेले को रोकना संभव नहीं हो पाता है।

अन्य रास्ते हुए जाम

स्कूलों को जाम से थोड़ी राहत जरूर मिली लेकिन शहर के अन्य रास्तों जैसे, छीपी टैंक, जीरो माइल, बच्च पार्क, दिल्ली रोड, कचहरी पुल आदि रास्तों पर स्कूलों की छुट्टी के बाद दोपहर में जाम की स्थिति बनी रही।

इनका कहना है

एनसीसी कैडेट्स के मिलने से हमें रास्तों पर अधिक लोगों को उतारने में मदद मिली है। सोमवार को वैसे भी जाम की स्थिति रहती है इसलिए कुछ जगहों पर वाहनों की चाल धीमी रही। चिराग स्कूल के सामने ट्रैफिक लाइट लगाने के लिए पिछले दिनों हुई चर्चा के बाद एमडीए व नगर निगम को पत्राचार भेजे गए हैं। फिलहाल मौके पर ट्रैफिक संभालने के लिए होमगार्ड को नियुक्त किया गया है।

-सुनील कुमार सिंह, ट्रैफिक इंस्पेक्टर

ट्रैफिक पुलिस के चालान पर भारी मंत्रीजी का हुक्म

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने बदतर ट्रैफिक अवस्था को सुधारने के लिए पूरे अक्टूबर महीने में हर जिले में सघन ट्रैफिक अभियान चलाने के आदेश जारी किए हैं। इस अभियान में ट्रैफिक नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए हेलमेट, ट्रिपलिंग, सीट बेल्ट सहित तमाम जरूरी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। पिछले तीन दिन से चल रहे इस ट्रैफिक अभियान में जहां ट्रैफिक पुलिस लोगों के चालान काटने में जुटी है वहीं शहर के मंत्री जी चुनावी साल में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन कर रहे अपने चेलों को फोन पर छुड़ाने की मुहिम में जुटे हैं। पिछले तीन दिनों में ट्रैफिक पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों से करीब 58,400 रुपये जुर्माना वसूला है। एक अक्टूबर को 11,700, दो अक्टूबर को 18,700 और तीन अक्टूबर को 28 हजार रुपये चालान से वसूले। फिर भी लोग हेलमेट व सीट बेल्ट के नियमों का उल्लंघन घुलेआम कर रहे हैं।

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भारत-पाक तनाव के बीच 18 गांव ऐसे, जो नहीं छोड़ना चाहते घर और देना चाहते हैं सेना का साथ

भारत-पाक तनाव के बीच 18 गांव ऐसे, जो नहीं छोड़ना चाहते घर और देना चाहते हैं सेना का साथ

 

भारत और पाकिस्तान के बीच पैदा हुए तनाव के बाद से सीमा पर बसे गांवों को खाली कराने का काम जारी है. इस कड़ी में पंजाब में करीब एक हज़ार गांव ऐसे हैं, जहां से लोगों को हटाया जा रहा है, लेकिन अबोहर के हिंदूमल कोट के पास के करीब 18 गांव ऐसे हैं, जिन्होंने प्रशासन के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है.

इन गांववालों का कहना है कि वह अपना गांव छोड़कर कहीं नहीं जाएंगे और अगर दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात बने तो भी वह गांव में ही रहकर फौज की मदद करेंगे.

गांववालों के मुताबिक, प्रशासन की ओर से गांव खाली करने की कई बार अपील की जा चुकी है, लेकिन उन्होंने इसे दरकिनार कर यहीं रहने का फ़ैसला किया.

वहीं सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव के चलते पंजाब के सरहदी गांवों को खाली करने के आदेश के बाद बादल सरकार ने जो राहत कैंप बनाए हैं, उनमें से कई खाली पड़े हैं. ज़्यादातर लोग या तो अपने रिश्तेदारों के पास चले गए हैं या फिर उन्होंने गुरुद्वारों में पनाह ली है.

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हवा में रस्सी के सहारे बिना ड्राइवर के चलेंगी पॉड टैक्सियां

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर हवा में रस्सी के सहारे बिना ड्राइवर के चलेंगी पॉड टैक्सियां

 

महत्वाकांक्षी ‘पॉड टैक्सी’ परियोजना तेजी से आगे बढ़ने को तैयार है, और पायलट परियोजना के तहत इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ (एम्बिएंस मॉल के समीप) पर दिल्ली-हरियाणा राजमार्ग पर चलाया जाएगा. इसे राजीव चौक, इफको और सोहना रोड होते हुए बादशाहपुर तक ले जाया जाएगा, और इस पर करीब 800 करोड़ रुपये का खर्च आएगा.

वैश्विक स्तर पर अपनी ही तरह की इस परियोजना को ‘पर्सनल रैपिड ट्रांज़िट’ या ‘मेट्रिनो’ के नाम से जाना जाता है, और सरकार ने इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के तहत क्रियान्वित करने का फैसला किया है. शुरुआती बोली में चार वैश्विक कंपनियां इसके लिए पात्र पाई गई हैं.

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ”हम एनएचएआई के तहत 800 करोड़ रुपये की पायलट परियोजना को क्रियान्वित करने जा रहे हैं… मेरी शहरी विकास मंत्री एम. वेंकैया नायडू से मुलाकात हुई है और अंतत: हमने फैसला किया कि हम इसे एनएचएआई कानून के तहत क्रियान्वित कर सकते हैं… पूर्व में इस बात पर गौर किया गया था कि इसे ट्रामवे कानून के तहत क्रियान्वित किया जाए या एनएचएआई कानून के अंतर्गत…”

मंत्री ने बताया कि चार शुरुआती निविदाएं मिली हैं और सरकार जल्दी ही मेट्रिनो परियोजना के लिए वित्तीय बोली आमंत्रित करेगी. इसके तहत यात्री राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बिना चालक वाले रस्सी के सहारे चलने वाले ‘पॉड’ के ज़रिये यात्रा कर सकेंगे. पायलट परियोजना के तहत इसे राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या आठ (दिल्ली-हरियाणा राजमार्ग) पर 12.3 किलोमीटर तक चलाया जाएगा.

कावेरी जल विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से कहा, हमारे आदेश की अवहेलना बंद करें

कावेरी जल विवाद : सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक से कहा, हमारे आदेश की अवहेलना बंद करें

कावेरी जल विवाद पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि कोर्ट 30 सितंबर के आदेश में संशोधन करे. केंद्र ने कावेरी मैनेजमेंट बोर्ड के गठन का विरोध किया है. सरकार ने कहा कि यह काम संसद का है. बता दें कि कोर्ट ने 30 सितंबर के अपने आदेश में बोर्ड के गठन का आदेश दिया था. उधर, उच्चतम न्यायालय ने इसी मामले में सुनवाई करते हुए कर्नाटक से कहा कि कर्नाटक कोर्ट के आदेश की अवहेलना बंद करे और सूचित करे कि उसने तमिलनाडु के लिए जल छोड़ा है या नहीं. मंगलवार को दोपहर बाद इस मामले में फिर सुनवाई होगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार द्वारा तमिलनाडु को कावेरी का पानी नहीं देने पर सवाल उठाते हुए कहा – हमारे आदेश का पालन करके अपनी साफ मंशा को सामने लाइए. यह बात तब कही गई जब कर्नाटक ने अदालत द्वारा तय की गई 1 अक्टूबर की तारीख के बाद भी पड़ोसी राज्य तमिलनाडु को पानी नहीं दिया. कोर्ट ने कर्नाटक को आदेश दिए थे कि एक अक्टूबर से अगले छह दिन तक तमिलनाडु को पानी दिया जाए.

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर को अपने आदेश में कर्नाटक सरकार को लताड़ते हुए तमिलनाडु के लिए 1 से 6 अक्टूबर तक 6000 क्यूसेक पानी छोड़ने का आदेश दिया था और कहा था कि ऐसे हालात पैदा मत कीजिए कि कानून का गुस्सा टूट पड़े. कोर्ट के आदेशों का पालन होना ही चाहिए.

इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र को 4 अक्तूबर तक कावेरी मैनेजमैंट बोर्ड का गठन करने के आदेश दिए थे. कोर्ट ने कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और पुद्दुचेरी को शनिवार तक अपने प्रतिनिधियों के नाम केंद्र को देने को कहा था. बोर्ड टीम ही दौरा कर सुप्रीम कोर्ट को 6 अक्तूबर तक रिपोर्ट देगी.

वहीं तमिलनाडु की ओर से कहा गया है कि हमारे साथ इस मामले में बुरा बर्ताव किया गया है. हम इस केस में कुछ नहीं कहना चाहते हैं. कोर्ट चाहे जो आदेश करे, राज्य उसे मानने को तैयार है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में केंद्रीय मंत्री उमा भारती की देखरेख में दोनों राज्यों के प्रतिनिधियों के बीच हुई बैठक का ब्योरा भी सुप्रीम कोर्ट में दिया गया था. दरअसल, पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को आगे आकर कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच सुलह कराने की कोशिश के निर्देश दिए थे.

कश्मीर घाटी में बेहतर हो रहे हैं हालात, लोगों की आवाजाही बढ़ी

कश्मीर घाटी में बेहतर हो रहे हैं हालात, लोगों की आवाजाही बढ़ी

कश्मीर घाटी में लगभग तीन महीने तक चला आंदोलन अब ठंडा पड़ता दिख रहा है. आज पूरी घाटी में कहीं भी लोगों की आवाजाही पर कोई पाबंदी नहीं लगाई गई है. हालांकि कश्मीर में अलगाववादी समर्थित हड़ताल के कारण आज लगातार 87वें दिन जनजीवन प्रभावित हुआ.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों में सुरक्षा की भावना को बनाए रखने के लिए बाजार समेत कुछ इलाकों में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है, ताकि लोग अपनी रोजमर्रा की गतिविधियां बिना किसी खौफ के कर सकें.

अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में हर नए दिन के साथ हालात बेहतर हो रहे हैं और श्रीनगर के बाहरी इलाकों तथा व्यावसायिक इलाके लाल चौक पर निजी तथा सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही भी बढ़ी है, हालांकि बसें अभी भी नहीं चल रही हैं. शहर के कई इलाकों में रेहड़ी वाले लौट आए हैं और फल-सब्जी, चाय-नाश्ता आदि बेच रहे हैं.

हालांकि शहर के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों, जिला मुख्यालय और कस्बों समेत घाटी के अन्य हिस्सों में अलगाववादी समर्थित हड़ताल के कारण लगातार 87वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा.

सुरक्षाबलों द्वारा 8 जुलाई को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकी बुरहान वानी को ढेर किए जाने के बाद अशांत हुई घाटी में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच हुई मुठभेड़ों में अब तक दो पुलिसकर्मियों समेत 83 लोगों की मौत हो चुकी है और कई हजार लोग घायल हुए हैं.

मोबाइल टावरों के रेडिएशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

मोबाइल टावरों के रेडिएशन पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब

मोबाइल टावरों के रेडिएशन पर सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट में CJI ठाकुर ने कहा कि आम लोगों के पास ऐसा यंत्र होना चाहिए, जो पता लगा सके कि रेडिएशन का स्तर क्या है? कहा जाता है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले रेडिएशन से पक्षी गायब हो रहे हैं. या कोई सिस्टम होना चाहिए, जिससे लोगों को रेडिएशन का पता चले.

रेडिएशन को लेकर लोगों के मन में जो डर है, वह दूर होना चाहिए. विदेशों की तुलना में देश में सरकार के रेडिएशन को लेकर क्या स्टैंडर्ड है? क्या मोबाइल टावर रेडिएशन को लेकर नियमों का उल्लंघन हुआ है, क्या एक्शन लिया गया?
इस पर केंद्र 17 अक्तूबर तक जवाब दाखिल करें.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कुछ सवालों के जवाब देने को कहा कि क्या कभी मोबाइल टावर की रेडिएशन को लेकर कोई स्टडी की गई कि इसका लोगों और पक्षियों पर क्या असर पड़ता है? क्या सरकार ने रेडिएशन की कोई लिमिट तय की है?

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट मोबाइल टावरों से होने वाली रेडिएशन को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि संसदीय दल ने कहा था कि जिन जगहों पर जनसंख्या ज्यादा है, वहां से टावरों को हटाया जाए, लेकिन केंद्र ने कुछ नहीं किया.

आतंकी हमलों की आशंका के मद्देनजर दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा

आतंकी हमलों की आशंका के मद्देनजर दिल्ली में चप्पे-चप्पे पर कड़ी सुरक्षा

नई दिल्ली: उरी और बारामुला में आतंकी हमले का असर राजधानी दिल्ली में भी दिखने लगा है. दिल्ली में सुरक्षा बड़े पैमाने पर चाक चौबंद की जा रही है. सभी पुलिस थानों को आदेश दिया गया है कि वे अपने इलाके में हथियारबंद पुलिस कर्मियों की गश्त और बढ़ाएं.

गृह मंत्रालय के आदेश के बाद सभी बड़े मॉलों,अस्पतालों, होटलों, बस अड्डों, बड़े बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इन स्थानों पर दिल्ली पुलिस,अर्धसैनिक बलों और स्वात कमांडो की तैनाती की गई है. दिल्ली की कई रामलीलाओं के अलावा लाल किले का रामलीला का आयोजन भी कड़ी सुरक्षा के दायरे में है. यहां सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जा रही है.

राजधानी में सभी वीआईपी की सुरक्षा का ऑडिट भी किया जा रहा है. नवरात्र के चलते मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं. नवरात्र के बाद दशहरा और दीवाली का त्यौहार है, और आतंकी हमले का खतरा ज्यादा है. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक सबसे ज्यादा खतरा लश्कर ए तैयबा, जैश ए मोहम्मद,अल कायदा इंडिया सबकान्टिनेंट और कुछ कश्मीरी आतंकियों से है.