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मिली मंजूरी: हर गरीब के सिर पर छत हो, इस दिशा में काम करने के लिए एमडीए तैयार

वर्ष 2022 तक हर सिर पर छत हो, इस दिशा में काम करने का प्रयास कर रहे मेरठ विकास प्राधिकरण को बड़ी सफलता मिली है। हुडको ने इस बाबत 35 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर कर दिया है। अब एमडीए जब चाहे पैसा लेकर इस पर काम शुरू कर सकता है। एयरपोर्ट एंकलेव में सबसे पहले इस योजना को लागू करने का प्लान बनाया जा रहा है।
दरअसल यह प्रधानमंत्री आवास योजना है। इसके तहत वर्ष 2022 तक देश में दो करोड़ आवास बनाए जाने हैं। सभी प्रदेश को इसमें शामिल किया गया है। प्रदेश सरकार इस पर काम कर रही है। एमडीए को गंभीरता से इस पर काम करने को कहा गया है। एमडीए एयरपोर्ट एंकलेव में 480 आवास बना रहा है। चार मंजिला इन फ्लैट का कॉरपेट एरिया लगभग साठ मीटर है। रकम है बीस से 23 लाख तक। इस योजना पर एमडीए इसे लागू करने की बात कह रहा है।

छह लाख के लोन पर मिलेगी छूट
इस योजना का लाभ उन आवंटियों को मिलेगा जिनकी अधिकतम सालाना आय छह लाख रुपये है। पहले यह सीमा एक लाख रुपये रखी गई थी पर अब इसे बढ़ाया गया है। ऋण चाहे कितना भी लिया जाए पर छूट छह लाख रुपये तक के लोन पर ही मिलेगी। छह लाख में दो लाख बीस हजार रुपये की छूट दी जाएगी। यानी जितनी आय है उतने ही लोन पर छूट मिलेगी।

एमडीए की तैयारी पूरी
कई बार बैठक होने के बाद हुडको ने 35 करोड़ का ऋण स्वीकृत कर दिया है। अब एमडीए इस तैयारी में है कि इस योजना को अमली जामा पहना दिया जाए। अहम यह है कि इस समय रियल एस्टेट में मंदी चल रही है। ऐसे में यदि एमडीए इस ऋण को लेता है तो पूरी तरह से इसके नफा नुकसान का आंकलन करना होगा।

कैश न मिलने पर बैंक मैनेजर और स्टाफ बंधक बनाया

सरधना रोड जंगेठी गांव स्थित सिंडिकेट शाखा में कैश न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को शाखा प्रबंधक और स्टाफ को बंधक बना लिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस ने लोगों को समझाकर मैनेजर को बंधनमुक्त कराया।
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक में पर्याप्त कैश न होने पर रोजाना ही हंगामा होता है। मंगलवार सुबह बैंक खुलते ही काफी संख्या में ग्रामीण लाइन में लगे थे। काफी देर बाद बैंक कर्मचारियों ने बताया कि कैश नहीं आया है। यह सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्रामीण जबरन बैंक का दरवाजा खोलकर घुस गए और प्रबंधक पवन कपूर व अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई दिनों से रोजाना लाइन में लग रहे हैं। लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल रहा। बैंक कर्मी बहानेबाजी करते हैं। नगदी न होने से किसान न तो फसल बो पा रहे हैं और न पशुओं के लिए चारे का प्रबंध कर पा रहे हैं। प्रबंधक का कहना है कि कई दिनों से बैंक में कैश नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से परेशानी बन रही है। अभद्रता करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर देने पर विचार किया जा रहा है।

एसी और सामान्य बसों में टिकट काट रहीं महिला कंडक्टर

महिला सशक्तिकरण के दौर में मेरठ की बेटियां भी किसी से पीछे नहीं है। पढ़ाई-लिखाई और खेलों में नाम कमाने के साथ ही बेटियों ने अब पुरुष प्रधान नौकरियों में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। मेरठी बेटियों ने न केवल रोडवेज परिचालक की परीक्षा पास की, बल्कि ईटीएम थामकर टिकट भी काट रही हैं। अमर उजाला ने भैसाली डिपो में कार्यरत महिला परिचालकों से बात की तो उन्होंने बेबाकी से सफलता की कहानी शेयर की।
परिवार के लिए जरूरी थी नौकरी
मेरठ से दिल्ली के बीच चलने वाली भैसाली डिपो की एसी बस संख्या यूपी-12 एटी 0038 पर तैनात माधवपुरम निवासी परिचालक शीतल अग्रवाल ईटीएम से यात्रियों के टिकट काट रही थी। शीतल ने बताया कि उनके पिता और दो भाई प्राइवेट जॉब करते हैं। घर की आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए नौकरी जरूरी थी। एमए करने के बाद वर्ष 2015 में परिचालक भर्ती में नंबर आ गया। पांच दिसंबर से रूट पर चल रही हूं। यात्रियों का पूरा सहयोग मिल रहा है।

महिलाएं किसी से नहीं कम
मेरठ-दिल्ली रूट की एसी बस में तैनात माधवपुरम निवासी रीता ने बताया कि उनके पिता बीमार रहते हैं। मां गृहिणी है। मेहनत से पढ़ाई कर परिचालक की नौकरी हासिल की। ऑफिस की बजाय अधिकारियों ने रूट पर चलने को कहा तो मैं भी इसके लिए तैयार हो गई। रूट पर अभी तक र्कोई परेशानी नहीं हुई हैं। आज की महिलाएं किसी से कम नहीं है।

निभा रही जिम्मेदारी
मेरठ से आगरा रूट की एसी बस पर तैनात मलियाना निवासी रमा की कहानी संघर्ष से भरी है। पिता मजदूरी करते हैं और मां गृहिणी है। परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए उन्होंने एमए बीएड किया और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। परिचालक में नंबर आया तो बेहद खुशी मिली। टीईटी का एग्जाम दिया है। शिक्षक बनने का मौका मिला तो ही वे इस नौकरी को छोड़ने का फैसला करेंगी।

नौकरी पाकर हूं खुश
मेरठ-आगरा रूट की एसी बस पर तैनात मलियाना निवासी ज्योति ने बताया कि चार भाई-बहनों को पिता ने मेहनत कर पढ़ाया। उन्होंने अंग्रेजी विषय से एमए किया है। वे घर में सबसे बड़ी हैं, बाकी भाई बहन पढ़ रहे हैं। परिचालक की नौकरी मिलने से वह और परिवार खुश है।

12 परिचालक मिली है रीजन को
मेरठ रीजन को 120 नए परिचालक मिले हैं। इनमें से 12 महिला परिचालक हैं। मेरठ डिपो को 7, भैसाली डिपो को 4 और सोहराबगेट डिपो को एक महिला परिचालक दी गई है। सभी ने ट्रेनिंग के बाद रूट पर जाना शुरू कर दिया है। -मनोज कुमार पुंडीर, आरएम

खादर में जमीन कब्जाने के मामले की जांच शुरू

मवाना तहसील के खादर क्षेत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की पत्नी पर जमीन कब्जाने के आरोप के बाद बृहस्पतिवार को जमीन की पैमाइश हुई। रमा पायलट मौके पर मौजूद नहीं थी। आरोप लगाने वाले पक्ष ने अपनी जमीन के कागजात पेश कर दिए, लेकिन आरोपी पक्ष से केयर टेकर कोई कागजात नहीं दिखा सका। आरोपी पक्ष को फिर से एक सप्ताह का समय दिया गया है।
यह है मामला
परीक्षितगढ़ खादर क्षेत्र में गांव खरखाली में रमा पायलट का कृषि फार्म है। उनके बराबर में शशि पत्नी यशवंत और रमा पत्नी सुमेर सिंह निवासी शास्त्रीनगर की भी जमीन है। शशि और रमा सिंह ने डीएम के यहां शिकायत करते हुए कहा था कि रमा पायलट ने अपनी जमीन को जानसठ तहसील के गांव शाहपुर निवासी मेजर सिंह को ठेके पर दे रखा है। रमा पायलट की शह पर मेजर सिंह ने उनकी जमीनों पर भी कब्जा कर लिया है। प्राथमिक जांच में आरोप सही पाए गए। साथ ही ग्राम सभा की जमीन पर भी कब्जा किया हुआ मिला। नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह ने रमा पायलट और मेजर सिंह को 8 दिसंबर को पैमाइश के दौरान मौके पर मौजूद रहने का निर्देश दिया था।

जुबानी खर्च करते रहे मेजर सिंह
बृहस्पतिवार को नायब तहसीलदार जयेंद्र सिंह तहसील टीम और पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। वहां शशि के पति यशवंत, रमा सिंह के पति सुमेर सिंह और मेजर सिंह मौजूद थे। मेजर सिंह ने कहा कि पैमाइश में जिसकी भी जमीन उनके खेत में आती है, वह तत्काल निकाल ली जाए। क्योंकि रमा पायलट ने कहा है कि हम न तो किसी की एक इंच जमीन पर कब्जा चाहते हैं और न अपनी जमीन देंगे। जब जमीनों के कागजात मांगे गये तो यशवंत और सुमेर सिंह ने कागजात दिखा दिये। जिसमें पता चला कि दोनों ने 1991 में जमीन खरीदी थी, जो करीब 60 बीघा है, लेकिन मौके पर उनका कब्जा नहीं है। जबकि मेजर सिंह जमीन के मालिकाना हक संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिखा सके। पैमाइश शुरू करते हुए नायब तहसीलदार ने पूरी जमीन का नक्शा तैयार कर लिया। साथ ही मेजर सिंह से कहा कि एक सप्ताह के भीतर उनके कार्यालय में जमीन के कागजात प्रस्तुत करें। अन्यथा बाद में कोई आपत्ति नहीं सुनी जाएगी।

ग्राम सभा की जमीन फिर आई नजर में
पैमाइश के दौरान ग्राम सभा की भी जमीन कब्जे में नजर आने की बात तहसील टीम ने कही। उनका कहना है कि जितनी जमीन पर खेती हो रही है, उसमें से 100 बीघा से ज्यादा ग्राम सभा की जमीन है। मेजर सिंह द्वारा कागजात प्रस्तुत करने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सिंडिकेट बैंक में एक सप्ताह से नहीं बंट रहा था कैश, ग्रामीणों ने लगा दिया जाम

MEERUT:सिंडिकेट बैंक के कर्मचारियों पर एक सप्ताह से कैश न बांटने का आरोप लगाते हुए बृहस्पतिवार को गुस्साए ग्रामीणों और महिलाओं ने कमालपुर गांव के सामने मेरठ-गढ़ मार्ग जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। काफी हंगामे के बाद पुलिस ने लिखित में शिकायत करने पर बैंक कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद जाम खुलवाया जा सका।
मेडिकल थाना अंतर्गत गांव कमालपुर में सिंडिकेट बैंक की शाखा है। जिसमें गांव गोकलपुर, कमालपुर, गेसूपुर सहित आसपास के कई गांवों के लोगों के खाते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए बताया कि बैंक मैनेजर और कर्मचारी आम लोगों को एक सप्ताह से नगदी नहीं दे रहे हैं। जबकि अपने जानकार लोगों को पेमेंट करने में जुटे हैं। कैश की किल्लत से ग्रामीणों के सारे काम रुके हैं।

नोट भी नहीं बदले
ग्रामीणों का आरोप था कि बैंक कर्मियों ने अपने जानकार लोगों के ही नोट बदले। जबकि ग्रामीणों को टकराया जाता रहा। कुछ ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक बैंक मैनेजर सोनम सभी गांवों के लोगों को पेमेंट करने का आश्वासन नहीं देंगी, तब तक बैंक नही खुलने दिया जाएगा।

जाम से लगी वाहनों की कतारें
गोकलपुर, कमालपुर, गेसूपुर, दतावली सहित अन्य गांवों के लोगों और महिलाओं ने सिंडिकेट बैंक के सामने ही मेरठ-गढ़ मार्ग जाम किया तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक यात्री जाम में ही फंसे रहे। पुलिस ने थोड़ा सख्ती दिखाने का प्रयास किया तो ग्रामीण उग्र हो गए। पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। बाद में पुलिस ने लिखित शिकायत करने पर बैंक कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तो ग्रामीणों ने जाम खोला।

कोहरे का कहर, थम गई जिंदगी, डीएम बी चंद्रकला ने तीन दिन की स्कूल में की छुट्टी

कोहरे की चादर से जिदंगी ठिठुर गई है। बढ़ते कोहरे का असर जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं। दोपहर 12 बजे कोहरा हटने पर दो तीन घंटे के लिए ही धूप निकल रही है। मौसम विभाग ने अभी 48 घंटे तक कोहरे का असर बना रहने की संभावना जताई है। उधर, डीएम बी चंद्रकला ने ठंड और कोहर को देखते हुए पहली से आठवीं तक के सभी बोर्ड के स्कूलों में शु्क्रवार और शनिवार छुट्टी करने के आदेश दिए हैं।
दिसंबर शुरू होते ही हाड़ कंपा देने वाली सर्दी का अहसास शुरू हो गया है। कोहरा बढ़ने से दिन रात के तापमान में भी उतार चढ़ाव आ रहा है। सर्दी का असर रात के बाद अब दिन में भी तेजी से बढ़ रहा है। बुधवार की अपेक्षा बृहस्पतिवार को कोहरा अधिक दिखाई दिया। कोहरे के कारण बच्चों को भी स्कूल पहुंचने में दिक्कत हो रही है। वहीं दिन छिपते ही कोहरा शुरू हो जाता है, यह अगले दिन दोपहर तक रहता है। इसके बाद ही धूप निकलने पर सर्दी से थोड़ी राहत मिल रही है। कोहरे के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार सुबह नौ बजे हाईवे पर वाहन रेंगते हुए निकले। विजिबिलटी 10 मीटर के पास पहुंच गई थी। मौसम कार्यालय पर अधिकतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। एक दिन पहले के अपेक्षा रात के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई, जबकि दिन का तापमान स्थिर रहा। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष का कहना है कि अभी कोहरे का असर बना रहेगा। 10 दिसंबर से मौसम में थोड़ा बदलाव दिख सकता है।

कोहरे में यह बरतें सावधानी
– वाहन चलाते समय फॉग लाइट का प्रयोग अवश्य करें।
– वाहन को ओवरटेक करने से बचें।
– अपने वाहन की रफ्तार धीमी रखें।
– हाईवे पर सफेद पट्टी को ही देखकर ही गाड़ी चलाएं।
– ज्यादा कोहरा हो तो डीपर जलाकर चलें।
– गाड़ी को कहीं रोकना है तो डीपर जलाकर रखें और सड़क के किनारे खड़ा करें।

सुबह घूमने वालों की संख्या हुई कम
कोहरे के कारण पल्लवपुम, गांधी बांग, सीसीएसयू कैंपस और मॉल रोड, कृषि विवि कैंपस समेत अन्य स्थानों पर घूमने वालों की संख्या काफी कम हो गई है।

नौ गांव पर एक बैंक, उसमें भी नो कैश

MEERUT:ग्राम सठला स्थित पीएनबी की शाखा में नौ गांव के लगभग पंद्रह हजार खाते हैं। इस शाखा में आम दिनों में अच्छी खासी भीड़ रहती है। कैश की कमी के चलते शाखा में लोड चार गुना बढ़ गया है। बैंक कर्मचारियों का दावा है कि पिछले सप्ताह भर में चालीस लाख रुपये वितरित कर चुके हैं। लेकिन खाताधारकों की संख्या के अनुपात में यह रकम बहुत मामूली है।
ग्राम नासिरपुर निवासी किसान रणवीर सिंह छोकर, पूर्व प्रधान वाहिद खान, जगपाल सिंह, वाकिफ पठान का आरोप है कि शाखा प्रबंधक आम खाताधारकों से कैश खत्म होने की बात कहते हैं। वहीं, दूसरी तरफ खास लोगों को शाम को कैश वितरित किया जाता है। जगपाल सिंह ने बताया कि पूरे दिन लाइन में लगने के बाद भी उसे कैश नहीं मिला। खाते में कैश है लेकिन बैंक में कैश न होने के कारण पैसा निकाला नहीं जा सकता है। नई करेंसी को आए लंबा समय हो गया है, लेकिन इस शाखा में पैसा वितरित नहीं किया जा रहा है। उधर, शाखा प्रबंधक नईम सिद्दीकी ने बताया कि बीते शनिवार को चालीस लाख रुपये आए थे और सोमवार को पंद्रह लाख रुपये आए। पूरा पैसा बांट दिया गया है। सोमवार के बाद कैश न आने के कारण थोड़ी समस्या हुई है। मंगलवार को कैश आने पर वितरित किया जाएगा।

एक माह से बंद है एटीएम
मवाना। ग्राम सठला में पीएनबी शाखा के पास एटीएम है। कैश बंदी के बाद से इस एटीएम में पैसा नहीं डाला गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि एटीएम चालू हो जाए भारी संख्या में लोगों को इसका लाभ मिलेगा। शाखा प्रबंधक ने नईम सिद्दीकी ने बताया कि कैश न होने के कारण एटीएम का चलना संभव नहीं है।

छात्र करेंगे डिजिटल पेमेंट सिस्टम का प्रचार

MEERUT:नोटबंदी के व्यापक असर के बीच सरकार डिजिटल इकोनॉमी को प्रमोट कर रही है। मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय ने डिजिटल इकोनॉमी को प्रमोट करने के लिए और लोगों की फीडबैक के लिए एक बड़ा अभियान विसाका (वित्तीय साक्षरता अभियान) चलाने की घोषणा की है। इस पर काम शुरू हो चुका है। 12 दिसंबर से लेकर 12 जनवरी तक यह अभियान चलेगा। एमएचआरडी ने यूजीसी के निर्देश दिया है। यूजीसी ने सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को अभियान सफल बनाने के लिए निर्देशित कर दिया है। इसमें छात्रों को वॉलंटियर बनाया जाएगा। उनसे अवेयर करने और सर्वे का काम कराया जाएगा।
ब्लैक मनी और भ्रष्टाचार पर चोट करने के लिए केंद्र सरकार डिजिटल इकोनॉमी को बढ़ाने पर जोर दे रही है। युवाओं का इससे खासा संबंध है। वही इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसलिए छात्रों को डिजिटल इकोनॉमी को लेकर अवेयर करना बेहद जरूरी है।
छात्रों को डिजिटल पेमेंट सिस्टम की जानकारी दी जाएगी। फिर उनको वॉलंटियर बनाया जाएगा। संस्थानों को कैश लैस बनाने को कहा है। विसाका में जो संस्थान सबसे अच्छा काम करेगा, उसे अवार्ड भी दिया जाएगा। एनसीसी और एनएसएस वॉलंटियर की मदद से आसपास के मार्केट का जायजा लेने को कहा है। यह सब इनपुट ऑनलाइन अपलोड कराया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी बांटी गई है। स्टूडेंट्स के लिए निर्देश दिया है कि सात से 14 दिसंबर तक ओरिएंटेशन प्रोग्राम कराकर वॉलंटियर बनने के लिए रजिस्ट्रेशन कराए जाएं। 15 से 20 दिसंबर तक डिजिटल पेमेंट सिस्टम की ट्रेनिंग दी जाए। छात्रों के लिए कहा है 20 दिसंबर से 12 जनवरी तक प्रत्येक वॉलंटियर कम से कम 10 घरों में जाकर डिजिटल पेमेंट सिस्टम को लेकर जागरूक करें और उन्हें इसके लिए राजी करे। इसी तरह एनसीसी और एनएसएस के वॉलंटियर को काम करने को कहा गया है। उन्हें दुकानदारों के पास जाकर उन्हें डिजिटल पेमेंट के प्रति बताने को कहा है।

मेरठ : नोटबंदी के बाद हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को आरबीआइ की ओर से आयी मामूली रकम ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हुई।

मेरठ : नोटबंदी के बाद हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। शुक्रवार को आरबीआइ की ओर से आयी मामूली रकम ‘ऊंट के मुंह में जीरा’ साबित हुई। तमाम बैंकों की अधिकांश शाखाओं पर थोड़ी ही देर में कैश खत्म हो गया। इसके बाद लगे नो-कैश के नोटिस से जनता तैश में आ गयी और जगह-जगह हंगामा हुआ। लोगों ने बैंक स्टाफ पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए। जबकि कई स्थानों पर जाम लगाने का प्रयास किया गया।

आठ नवंबर को पांच सौ व एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद से हालात नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं। एसबीआइ की कैंट शाखा में बड़ी संख्या में वेतनभोगी व पेंशनरों के खाते हैं। शुक्रवार को बैंकों का अवकाश होने के कारण शनिवार को सुबह से लोग बैंकों पर जुट गए। यहां पुलिस, आर्मी, सीडीए समेत तमाम सरकारी विभागों से जुड़े लोग रुपये लेने के लिए पहुंच गए। दोपहर में कैश की कमी की बात कहते हुए जब 24 हजार से कम रुपये दिए जाने लगे तो लोगों ने हंगामा कर दिया। जैसे-तैसे समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया गया।

सिंडिकेट बैंक में एक सप्ताह बाद आया कैश

पिछले एक सप्ताह से सिंडिकेट बैंक में कैश खत्म था। शुक्रवार को आरबीआइ की ओर से बैंक को 30 करोड़ रुपए भेजे गए। नगर निगम स्थित बैंक की चेस्ट शाखा से विभिन्न शाखाओं को कैश भेजा गया। मोटे तौर पर हर शाखा को 20 लाख रुपये दिए गए। लेकिन सप्ताह भर बाद आयी मामूली रकम लोगों के लिए मामूली साबित हुई। वरिष्ठ बैंक प्रबंधक विनय शर्मा ने बताया कि पिछले सप्ताह गुरुवार को धनराशि आयी थी, उसके बाद अब शुक्रवार को रुपये आए हैं।

एसबीआइ बना सहारा, अन्य बैंकों ने नकारा

नोटबंदी के बाद से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया लोगों का मददगार बनकर उभरा। बैंक प्रबंधन की ओर से व्यापक स्तर पर कैश की व्यवस्था की गयी। यही वजह रही कि शहर में जितने भी एटीएम चल रहे हैं उनमें 80 फीसदी एसबीआइ के हैं। शास्त्री नगर शाखा के चीफ मैनेजर शैलेंद्र गंभीर ने बताया कि बैंक अपने स्तर से करेंसी की कमी से निपटने का प्रयास कर रहा है। नेटबैंकिंग के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

जमकर हंगामा, जाम लगाने का प्रयास

गोला कुआं स्थित ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स, हापुड़ अड्डा स्थित इलाहाबाद बैंक, ईव्ज चौराहा स्थित सिंडिकेट बैंक, कचहरी परिसर स्थित सिंडिकेट बैंक समेत दर्जनों शाखाओं पर भारी भीड़ उमड़ी। पीएनबी जिमखाना मैदान में सुबह से लगी भीड़ को कैश न होने की बात कहकर मना किया गया तो वे भड़क गए। बैंक स्टाफ पर चहेतों को रुपये देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।वहीं गोला कुआं, हापुड़ अड्डा व ईव्ज चौराहे पर जाम लगाने का प्रयास लोगों ने किया। जैसे-तैसे पुलिस ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया। वहीं बाउंड्री रोड स्थित एक्सिस बैंक सुबह 11 बजे तक नहीं खुला। ऐसे में लोग परेशान होते रहे।

मेरठ : रेलवे रोड स्थित मनसबिया में गम के माहौल में अलविदाई नौहों के साथ शौहदाए करबला को अंतिम विदाई दी गयी।

मेरठ : रेलवे रोड स्थित मनसबिया में गम के माहौल में अलविदाई नौहों के साथ शौहदाए करबला को अंतिम विदाई दी गयी। प्रसिद्ध नौहेख्वान हुमांयू अब्बास ताबिश ने ‘उम्मत के सताए हैं आफत के सताए हैं, उजड़े हुए परदेसी घर लौट के आए हैं..’ से माहौल गमजदा कर दिया। आखिरी दिन रेलवे रोड स्थित वक्फ मनसबिया बड़ी करबला में अंजुमन दस्ता-ए-हुसैनी की ओर से अलविदाई यौम-ए-गम का आयोजन हुआ।

विश्वविख्यात शिया आलिम मौलाना कमर सुल्तान ने खिताब किया। उन्होंने विश्व में घट रही आतंकवादी घटनाओं की मजम्मत की। कहा कि जिहाद के नाम पर बेगुनाह लोगों का खून बहाने का किसी को कोई हक नहीं है। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता। निर्दाेष लोगों को कत्ल कर देना जिहाद नहीं फसाद है। मौलाना ने कहा कि इस्लाम आतंक का नहीं बल्कि मोहब्बत का पैगाम देता है। उन्होंने कहा कि वतन से मोहब्बत करनी चाहिए। मौलाना ने इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत का जिक्र भी किया।

मौलाना कमर सुल्तान ने कहा कि इमाम हुसैन के दिल में ¨हदुस्तान की मोहब्बत थी तभी तो उन्होंने अपनी जिंदगी में भारत आने की इच्छा जतायी थी। इससे पूर्व सिंघावली से आए हैदर मेहंदी ने सोजख्वानी की तथा मुजफ्फरनगर से आए शायर खुर्शीद हैदर ने नजराना-ए-अकीदत पेश किया। अलविदाई मजलिस के बाद कमाल अब्बास जैदी ने 32 फुट ऊंचा पंरपरागत अलम-ए-मुबारक उठाया। इससे पहले अजादारों को इमाम हसन असकरी के ताबूत की शबीह के साथ-साथ शहजादे अली असगर के झूले व 72 अलमों की जियारत भी करायी गयी। कार्यक्रम का संचालन फखरी जाफरी ने किया। अंजुमन के सचिव सैय्यद जिया जैदी ने बताया कि जफर मुतवल्ली व संयुक्त मुतवल्ली सैयद बाकर जैदी, शबीह हैदर, सैय्यद शाह अब्बास सफवी सहित कई लोगों का सहयोग रहा।