Category Archives: Special In Meerut

मिले दिल से दिल तो जवां हो गई महफिल

मेडिकल कॉलेज में रविवार को चिकित्सकों और उनके परिवारों ने जमकर धमाल मचाया। गीत और संगीत की धुन पर सब झूम उठे। पुराने दोस्तों को देखकर सभी एक-दूसरे के गले से लिपट गए। जूनियर्स ने सीनियर्स से आशीर्वाद लिया। हालचाल पूछा और फिर मस्ती में डूब गए। मौका था 1966 बैच की गोल्ड जुबली और 1991 की सिल्वर जुबली का। सिंगर रितु पाठक की मधुर आवाज ने कार्यक्रम को और रंगीन कर दिया।

मेडिकल कॉलेज की ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन (ओएसए) की तरफ से कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में अमेरिका, आस्ट्रेलिया से लेकर संयुक्त अरब अमीरात में सेवारत 1991 बैच के चिकित्सक भी पहुंचे। करीब 1100 से अधिक चिकित्सक, उनके परिवारों ने सेलिब्रेशन का लुत्फ उठाया। कार्यक्रम की शुरुआत में मेडिकल कॉलेज के पहले बैच से जुड़े चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। 1991 बैच को पढ़ाने वाले चिकित्सकों को शॉल व स्मृति चिह्न भेंट किए गए। तमाम प्रतिस्पर्धाओं के लकी ड्रॉ निकाल कर ओएसए की तरफ से कुछ चुनिंदा चिकित्सकों को गिफ्ट भी दिए गए। रितु पाठक की धमाकेदार प्रस्तुति के बीच सब झूमने लगे। दोपहर 12 बजे से शुरू हुआ डांस का सिलसिला शाम चार बजे तक चलता रहा। डॉ. भूपेंद्र चौधरी, डॉ. ममतेश गुप्ता, डॉ. अमित उपाध्याय, डॉ. संजय गुप्ता, डॉ. पूजा शर्मा से लेकर डॉ. सीमा व अन्य चिकित्सकों ने मंच पर ठुमके लगाए।

गैलरी रही आकर्षण का केंद्र
मेडिकल कॉलेज के प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र गैलरी रही, जो 1991 बैच की तरफ से बनी गई थी। गैलरी में पुरानी यादों को संजोया गया था। एंट्री प्वाइंट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक टेबल लगाई गईं थीं। इन फोटो से 1991 बैच की यादें ताजा हो गईं।

ड्रेस कोड के हिसाब से थी डेकोरेशन
1991 बैच के सभी चिकित्सक ड्रेस कोड में थे। पुरुष चिकित्सक सफेद शर्ट व ब्लू कोट और पेंट में थे। ऑरेंज कलर की टाई लगाई हुई थी। महिला चिकित्सक ऑरेंज कलर की साड़ी पहने हुईं थीं। डेकोरेशन भी ऑरेंज और व्हाइट कलर से की गई थी। टेंट भी इन्हीं दो रंगों का था।

मौसम ने मारी पलटी, पारा तीन डिग्री गिरा

संडे की छुट्टी कूल कूल बीती। पूरे दिन बर्फीली हवा ने शहरवासियों की कंपकंपी छुड़ा दी। दिन भर कोहरे का असर रहा। शाम होते ही ठंड और बढ़ गई। अगले 48 घंटों तक ठंड अपने तेवर में रहेगी। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद मैदान का मौसम बदला है। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन के तापमान में तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है।

सुबह के समय कोहरा हल्का था। थोड़ी देर के लिए धूप भी निकली, लेकिन सूरज फिर से बादलों में छिप गया। दिन भर धुंध छायी रही और बर्फीली हवा ने भी ठंड को बढ़ा दिया। शाम को हाईवे की दृश्यता 20 मीटर तक ही रह गई। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 9.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 93 न्यूनतम 36 प्रतिशत दर्ज की गई। एक दिन पहले की अपेक्षा दिन और रात के तापमान में 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शमीम अहमद का कहना है कि अभी दो दिन तक मौसम का मिजाज ऐसे ही बना रहेगा। सुबह के समय कोहरा रहेगा और दिन में भी हवा से ठंड बनी रहेगी। 28 दिसंबर से फिर मौसम में बदलाव दिखाई देगा।

पिछले छह दिनों का तापमान
तारीख अधिकतम न्यूनतम
20 25.0 9.8
21 24.1 8.6
22 21.7 6.6
23 25.1 7.2
24 24.2 6.4
25 21.1 9.2

फिर से सक्रिय हो रहा है पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग की मानें तो बर्फीली हवा पहाड़ों से आ रही है। बर्फबारी और बारिश के चलते मौसम सर्द बना हुआ है, जिसका असर यहां पर भी दिखाई दे रहा है। जब भी पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, तभी मौसम में बदलाव दिखाई देगा और ठंड बढे़गी।

ठंड में भी चिकनगुनिया के मरीज मिले

सर्दी में भी चिकनगुनिया फैलाने वाले एडिस एजिप्टी मच्छर खत्म नहीं हो रहे हैं। पिछले 24 दिनों में ही पांच मरीज चिकनगुनिया के सामने आ चुके हैं। इनमें दो मरीज तो शनिवार को आए हैं। इससे खतरा बढ़ गया है। जैसे ही सर्दी के बाद गर्म दिन शुरू होंगे संक्रमण तेजी से फैलने की आशंका है।

सामान्य तौर पर सर्दी शुरू होते ही मच्छर खत्म हो जाते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो रहा है। चिकनगुनिया और डेंगू फैलाने वाला एडिस एजिप्टी मच्छर अधिक एक्टिव हैं। शनिवार को लाला लाजपत राय मेमोरियल मेडिकल कालेज स्थित माइक्रो बायोलॉजी विभाग की तरफ से जागृति विहार निवासी सोनिया (27) व शकुंतला (40) में चिकनगुनिया की पुष्टि की गई। सीएमओ डॉ. वीपी सिंह ने एसीएमओ वैक्टर बोन व जिला मलेरिया अधिकारी को निर्देश दिया है कि संबंधित मरीजों के घरों को सर्वे कराया जाए। कीटनाशक दवा का छिड़काव करें। नियमित तौर पर मरीजों से जुड़े क्षेत्र में लगातार फॉगिंग व कीटनाशक का छिड़काव करते रहें। गर्मियों में करीब चार महीने तक चिकनगुनिया और डेंगू के मच्छर ने कहर बरपाया था, जिसकी वजह से हजारों लोगों को अस्पतालों में भर्ती होना पड़ा। कुछ लोगों की जान भी चली गई। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को तलब कर लिया था जिसके बाद इसे महामारी घोषित किया गया।

प्राइवेट में भी मरीज
सरकारी रिकॉर्ड में चिकनगुनिया के पांच ही केस इस माह दर्ज हुए हैं। लेकिन स्थिति इससे कहीं ज्यादा खराब है। क्योंकि दर्जनों से अधिक मरीज प्राइवेट अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं, जिनकी पुष्टि निजी लैब के आधार पर की गई है।

आने वाले समय के लिए खतरा
ठंड में चिकनगुनिया के मरीजों का सामने आना भविष्य के लिए खतरे की घंटी है। स्वयं मलेरिया विभाग मान रहा है कि अगर ठंड में एडिस एजिप्टी मच्छर एक्टिव है तो गर्मी में इसकी प्रजनन क्षमता बढ़ जाएगी। ऐसी स्थिति में मार्च की शुरुआत से ही चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या बढ़ सकती है।

विभाग जनवरी से चलाएगा अभियान
स्थिति को देखते हुए मलेरिया विभाग ने जनवरी से ही अभियान चलाने का प्लान बनाया है। मशीन एवं दवाएं खरीदने की तैयारी शुरू कर दी है। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि जितने भी जगहों पर चिकनगुनिया की पुष्टि हुई है, वहां पर सैंपल सर्व कराकर फॉगिंग कराई जा रही है। कीटनाशकों का भी छिड़काव किया जा रहा है। वहीं आगे की तैयारी के लिए कीटनाशक दवा व फॉगिंग मशीनों को खरीदने की फाइल तैयार कर भेजी गई है। मुख्यालय को पत्र लिखा गया है।

महीने भर से एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं
प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा सख्ती दिखाए जाने पर डेंगू और चिकनगुनिया को महामारी घोषित किया था। इसके बाद भी आलम यह है कि जिले में एक माह से एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं किया गया है। एसीएमओ (वेक्टर बोन डिजीज) डॉ. केपी सिंह का कहना है कि एंटी लार्वा खत्म है। इस कारण छिड़काव नहीं हो पा रहा है। एक-दो दिन पहले ही दवा आई है। जल्द ही छिड़काव शुरू करा दिया जाएगा।

चिकनगुनिया के लक्षण
खांसी, सर्दी के साथ तेज बुखार।
जोड़ों में दर्द और सूजन की शिकायत।
सिर में तेज दर्द और गर्दन में जकड़न।
बुखार के साथ जी मिचलाना व भूख में कमी।
बुखार जाने के बाद जोड़ों में दर्द करेगा परेशान।

ऐसे करें बचाव
घर के आसपास साफ पानी न भरने दें।
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें।
ज्यादा से ज्यादा गुनगुने पानी व पेय खाद्य पदार्थ लें।

सपा-बसपा ने किया प्रदेश का बेड़ा गर्क : केशव प्रसाद मौर्य

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि 14 साल में सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश का बेड़ा गर्क कर दिया है। अब हम सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के नारे के साथ उत्तर प्रदेश में आ रहे हैं। उन्होंने मजबूत भरोसे के साथ कहा कि सूबे में इस बार भाजपा की सरकार बनेगी और हम उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाएंगे।

शुक्रवार को जिला इकाई के किठौर और हस्तिनापुर विधानसभा क्षेत्र का संयुक्त पिछड़ा वर्ग सम्मेलन मेरठ-परीक्षितगढ़ मार्ग पर ग्राम रूकनपुर के पास हुआ। इसे संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश को बर्बाद करने के साथ ही यहां गुंडाराज, माफियाराज व भ्रष्टाचार बढ़ाने का काम किया। लेकिन, विकास की बात दोनों ने ही नहीं की। दोनों सरकारों के कार्यकाल में प्रदेश आगे बढ़ने के बजाय पीछे चला गया। उन्होंने कहा कि वर्ष-2014 में जिस तरह जनता ने नरेंद्र मोदी के हाथ मजबूत किए, उसी तरह 2017 में भी प्रदेश में कमल खिलाना है।

70 साल पुरानी बीमारी खत्म कर रहे
केंद्र की योजनाएं गिनाते हुए मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री ने नोट बंदी जैसा कदम 70 साल पुरानी बीमारी और कैंसर को समाप्त करने के लिए उठाया है। इससे जनता को थोड़ा कष्ट जरूर हुआ है। लेकिन, इस बीमारी को खत्म करने के लिए जनता ने इसे खुशी से सहा है। मौर्य बोले- राहुल गांधी कहते हैं मोदी ने गलत किया। मायावती कहती हैं भूकंप आ गया। मुलायम सिंह कहते हैं सात दिन का समय तो देते। लेकिन, क्या भ्रष्टाचारियों को बचना चाहिए? कांग्रेस, सपा और बसपा को लगता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई गलत है। गरीब हित में उठाए गए इस कदम को इन तीनों पार्टियों को गलत लगना ही है। मौर्य ने कहा कि पाकिस्तान में आतंकवाद की फैक्ट्री चल रही है। पहले सर्जिकल स्ट्राइक और बाद में नोट बंदी से इसे नेस्तनाबूद कर दिया है।

अफसरों को ही सपाई बना दिया
मौर्य ने कहा कि देश में कई प्रदेश ऐसे हैं, जो विकास में आगे हैं। जिस उत्तर प्रदेश को सबसे आगे होना चाहिए था, वह सबसे पीछे है। अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में हाहाकार मचा है, लेकिन वह जातिवाद और परिवारवाद की सियासत कर रहे हैं। जनता की परेशानियों से उन्हें कोई सरोकार नहीं है। लेकिन, उत्तर प्रदेश की जनता मूर्ख नहीं हे। 2014 में सूबे की जनता ने जो किया, उससे भी अखिलेश नहीं समझे कि भविष्य में क्या होने जा रहा है। उन्होंने न तो माफिया और न ही गुंडों के खिलाफ कार्रवाई की। ईमानदार अफसरों को काम नहीं करने दिया। कुछ अफसरों को तो सपा कार्यकर्ता जैसा बना दिया। नतीजा, माफिया खुलेआम घूम रहे हैं। पुलिस अपराधियों से डर रही है। मां-बहनों की आबरू सुरक्षित नहीं है। युवा पलायन कर रहा है। मौर्य ने कहा कि आपदा का जो पैसा केंद्र ने दिया, वह भी प्रदेश सरकार ने किसानों तक नहीं पहुंचाया।

धर्मेंद्र और रविंद्र ने ज्वाइन की भाजपा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य व बसपा में रहे धर्मेंद्र भारद्वाज और रविंद्र गुर्जर को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई। दोनाें ही भारी भीड़ के साथ सम्मेलन में पहुंचे और समर्थकों के साथ पार्टी ज्वाइन की। इससे पूर्व सम्मेलन को सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल, प्रदेश उपाध्यक्ष जसवंत सैनी, क्षेत्रीय महामंत्री सूर्यप्रकाश पाल, पूर्व एमएलसी हरपाल सैनी, जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, सम्मेलन के जिला प्रभारी डॉ. लोकेश प्रजापति, पूर्व विधायक गोपाल काली, अशोक त्यागी, युवा मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. सोमेंद्र तोमर, सत्यवीर त्यागी, जिला पंचायत सदस्य रोहताश पहलवान आदि ने संबोधित किया। संचालन जिला महामंत्री हरीश चौधरी ने किया।

ये रहे मुख्य रूप से मौजूद
सम्मेलन में क्षेत्रीय अध्यक्ष और एमएलसी भूपेंद्र सिंह, लोकसभा पालक जयकरण गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदरपाल सिंह, दिनेश खटीक, पूर्व विधायक अतुल खटीक, विपेंद्र सुधा वाल्मीकि, योगेंद्र कुसैड़ी, अंकुर राणा, हरवीर पाल, अजीत सिंह, विक्की तनेजा, जगत सिंह दौसा, रमेश चंद गोलाबढ़, ओमकार चौधरी, इंद्रपाल बजरंगी, समीर चौहान, समय सिंह सैनी, फकीर चंद प्रजापति, विमला जाटव, हीरा त्यागी, फिरेराम धनतला, रामेश्वर प्रजापति, रोबिन गुर्जर, संजय चौधरी, केपी सिंह, विनय त्यागी, सुशील कांबोज, बॉबी पाल, संजय खरखौदा, अजय त्यागी आदि मौजूद रहे।

दोपहर में याद आई बड़े चौधरी की जयंती
सम्मेलन में व्यस्त भाजपाई शायद पूर्व प्रधानमंत्री चौ. चरण सिंह की जयंती भी भूल गए। दोपहर करीब दो बजे चौ. चरण सिंह के चित्र के साथ कार्यक्रम में पहुंचे मनिंदरपाल सिंह और धर्मेेंद्र भारद्वाज ने भाजपाइयों को इसकी याद दिलाई। इसके बाद सभी नेताओं ने बड़े चौधरी को नमन किया।

नईम गाजी की हत्या के बाद शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का सख्त पहरा

अपहृत नईम गाजी का शव हत्यारोपी की निशानदेही पर बरामद होते ही सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए संवेदनशील भगत सिंह मार्केट और हापुड़ अड्डा चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दिन निकलने से पहले ही भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली।
मंगलवार तड़के 4.15 बजे नईम गाजी का शव सड़ी हुई हालत में पुलिस ने बरामद किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी जे. रविंदर गौड़ तड़के 4:30 बजे ही एक्टिव हो गए थे। उन्होंने लखनऊ समेत अपने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद तीन कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ के अलावा हापुड़ और गाजियाबाद से पुलिस फोर्स करीब एक घंटे के अंदर ही हापुड़ अड्डा पर पहुंच गई। इस दौरान नौचंदी और कोतवाली में हाल में तैनात रहे थानेदारों को भी माहौल को काबू में रखने के लिए विशेष तौर पर बुलाया गया।

आधी रात को ही बन गया था प्लान
हत्यारोपी हैप्पी और रमाशंकर से सोमवार आधी रात को गहन पूछताछ के बाद ही साफ हो गया था कि नईम गाजी की हत्या कर दी गई है। जिसके बाद पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार को बवाल के अंदेशे के चलते हापुड़ रोड और गढ़ रोड के ट्रैफिक को भी तड़के से ही डायवर्ट कर दिया गया था। जिसके चलते हापुड़ अड्डे पर केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। वैसे भी नईम का शव बरामद होने की खबर शहर में फैलने के बाद अधिकांश लोगों ने हापुड़ अड्डे की तरफ जाने से परहेज किया।

जमकर नारेबाजी, हंगामा
नईम का शव मिलने की सूचना पर हापुड़ अड्डा, सोहराब गेट, भगत सिंह मार्केट में सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, जिले के सभी सीओ और थानेदार इस दौरान फोर्स के साथ पूरे इलाके को कवर किए रहे। भीड़ ने कई बार नारेबाजी करते हुए खूब हंगामा किया। हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। कई बार पुलिस अफसरों ने तो शहर काजी ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। शाम तक इलाके में फोर्स तैनात रही।

आधा शहर रहा जाम के हवाले
बवाल के अंदेशे पर हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर रूट डायवर्जन से शहर के बाकी इलाकों में दिन भी जाम की स्थिति रही। एसपी ट्रैफिक किरण यादव के अनुसार हापुड़ अड्डा चौराहे को जोड़ने वाले सभी चौराहों पर मंगलवार तड़के से ही बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। जो शाम पांच बजे तक लागू रहा। इस दौरान लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया तो अन्य रास्तों पर बुरी तरह जाम लग गया। बेगमपुल, ईव्ज चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, दिल्ली रोड, भूमिया पुल के अलावा शहर के पुराने बाजारों में जाम लगा रहा।

दोनों पत्नियों और बच्चों का हाल बेहाल
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद नईम का शव घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। नईम की दो पत्नियां हैं। जिनमें एक रुखसाना के पांच बच्चे अरमान (10), फराज, फईम, आंचल और उल्फत (2) है। जबकि शास्त्रीनगर में रह रही दूसरी पत्नी खुशबू के तीन बच्चे पिंजा, तमील और गुड्डू है। खुशबू ने धर्म परिवर्तन कर नईम से शादी की थी। दोनों पत्नियों और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।

बड़ी कार्रवाई की तैयारी में आयकर विभाग, क्लर्क से लेकर शहर के इन अफसरों तक की होगी जांच

आयकर विभाग इस समय काला धन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में जुटा है। विभागीय अधिकारी ऐसे लोगों की मेरिट तैयार कर रहे हैं। इसमें सबसे पहले सरकारी विभागों के अधिकारी, अभियंता, क्लर्क के साथ ही शिक्षण संस्थान संचालक हैं। इसके बाद सराफा व्यवसायी और बिल्डरो के साथ कुछ ठेकेदार भी हैं। इनमें एक दर्जन से ज्यादा लोगों को विभाग ने कार्रवाई की टॉप सूची में रखा है।
आयकर विभाग ने बैंक से लेनदेन की तमाम जानकारी जहां इकट्ठा कर ली है। वहीं, चर्चाओं के बीच संदेह के दायरे में आने वाले लोगों की फोन रिकॉर्डिंग भी नोटबंदी के बाद से शुरू कर दी थी। विभागीय सूत्रों की मानें तो सामान्य नोटिस की प्रक्रिया से अलग विभाग ने ऐसे संदिग्धों की सूची तैयार की है, जिनके पास काला धन होने की संभावनाएं सबसे ज्यादा जतायी जा रही हैं। इनमें निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े अभियंताओं के साथ ही विकास प्राधिकरणों, आवास विकास और पावर कारपोरेशन के कुछ अधिकारी और अभियंता के अलावा कुछ अन्य विभागों के अधिकारी और क्लर्क भी शामिल हैं।

शहर में तैनात कई अधिकारी नोट बंदी के बाद कुछ दिन कार्यालयों से नदारद रहते हुए कहीं ओर सक्रिय नजर आये। ऐसे अधिकारियों को विभाग ने चिह्नित किया है। वहीं चर्चा है कि कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनकी निकटता इस समय ऐसे व्यापारियों और उद्यमियों से बन गयी, जो बिल्डर बन चुके हैं। इनके माध्यम से अधिकारियों ने अपना काला धन खपाने का प्रयास किया है।

सर्विलांस बनेगा कार्रवाई का आधार
एक बड़े अधिकारी की मानें तो आयकर विभाग ने कई विभागों के अधिकारियों, इंजीनियरों और क्लर्कों के साथ ही उनसे जुड़े बड़े व्यापारी, उद्यमी और बिल्डरों के फोन भी सर्विलांस पर लिए हैं। उनसे बातचीत के साथ ही उस समय की लोकेशन आदि पर पूरी रिपोर्ट तैयार हो रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयकर विभाग तैयारी में जुटा है।

मोदी डिस्पेंसरी बंद होने से नहीं मिल रहा सफाई कर्मियों का वेतन, हंगामा, हाईवे जाम

मोदी डिस्पेंसरी बंद होने के बाद वेतन न मिलने पर सफाई कर्मचारियों ने एक दंपति के नेतृत्व में मंगलवार को हाईवे जाम कर दिया। वाहनों में तोड़फोड़ का प्रयास किया गया। इस दौरान पुलिस से तीखी नोकझोंक हो गई। पुलिस ने प्रबंधन से वार्ता कराने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पुलिस के अनुसार पल्लवपुरम फेज दो डबल स्टोरी निवासी दंपति ओमबीर व कृष्णा करीब 24 साल से मोदी डिस्पेंसरी में सफाई कार्य कर रहे थे। यह डिस्पेंसरी 15 दिसंबर से बंद हो गई है। जिसका नोटिस एक दिन पहले ही लगाया गया था। दंपति का आरोप है कि उनका बोनस, वेतन, पीएफ और अन्य देय नहीं दिया गया। जिस कारण सभी कर्मचारी परेशान हैं। जिसको लेकर सुबह दस बजे दंपति पल्लववुरम क्षेत्र के सभी सफाई कर्मियों को लेकर मोदी गेट पर पहुंचा और हाईवे पर ड्रम और तख्त रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर फोर्स लेकर पहुंचे एसएसआई पल्लवपुरम अर्जुन सिंह ने करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद उन्हें शांत किया। इसके बाद भी करीब दो घंटे तक सफाई कर्मी हाईवे किनारे हंगामा करते रहे।

गेट पर दिया धरना
दंपति और कर्मचारियों ने डिस्पेंसरी गेट पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारी पर आरोप लगाया कि शिकायत करने के बाद भी एक सप्ताह से उनकी सुनवाई नहीं हो रही है।

नीली बत्ती गाड़ी रोकी
जाम के दौरान सफाई कर्मियों ने मेरठ से मुजफ्फरनगर की तरफ जा रही एक नीली बत्ती लगी कार रोक ली। प्रदर्शनकारी डंडा लेकर कार के आगे खड़े हो गए। पुलिस ने किसी तरह कार को वहां से निकलवाया।

आरके जैन की कुंडली खंगालने में जुटा आयकर विभाग

आयकर विभाग सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके जैन सहित उनके करीबियों की कुंडली खंगालने में जुटा है। इसमें जैन के साथ जुड़े करीबी ठेकेदार आयकर विभाग के रडार पर है। इसके पीछे कारण जैन के सरकारी आवास पर कुछ ठेकेदारों की टेंडर की व्यक्तिगत फाइलों का पाया जाना भी माना जा रहा है।
आयकर विभाग ने सोमवार को अधिशासी अभियंता आरके जैन के सरकारी आवास पर छापा मारा था। जिसमें 2.67 करोड़ रुपये की नगदी के साथ ही तीस किलो चांदी की ईंटें बरामद हुई थीं। इसमें 22 लाख रुपये जैन के सरकारी आवास और बाकी नगदी व चांदी सिंडिकेट बैंक के दो लॉकरों से बरामद हुई थी। इस दौरान आयकर विभाग को आवास से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले, जो उनके दफ्तर में होने चाहिए थे। इन दस्तावेजों के साथ ही जैन के पुरानी पोस्टिंग और मेरठ पोस्टिंग के दौरान करीबी रहे ठेकेदारों पर आयकर विभाग की नजर है। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो जैन की काली कमाई का बड़ा हिस्सा ठेकेदारों के पास भी सुरक्षित है। जो उनके खास माने जाते हैं। इसे लेकर उनके करीबियों में भी इस समय हलचल मची हुई है।

मुकदमे की नींव कमजोर कर पुलिस ने झाड़ा पल्ला

कोतवाली पुलिस ने नईम हत्याकांड के मुकदमे की नींव कमजोर खड़ी कर दी। 120 बी के मुल्जिमों पर भी पुलिस ने धारा 302 के तहत मुकदमा कायम किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास मजबूत साक्ष्य भी नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहली सुनवाई में ही मामला कोर्ट में कमजोर हो जाएगा। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करके पल्ला झाड़ा है।
पुलिस के मुताबिक नईम गाजी की हत्या अभिषेक शर्मा उर्फ हैप्पी, दीपक शर्मा और रमाशंकर ने की है। जबकि साजिश में आनंद शर्मा, सरला, करिश्मा और विशाल शामिल थे। मुकदमे की नींव मजबूत करने के लिए पुलिस को साजिश करने वाले आरोपियों पर 120 बी की धारा लगानी चाहिए थी। पुलिस ने ऐसा नहीं किया। पुलिस ने सातों नामजद आरोपियों पर एक जैसी धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य छुपाना) लगाकर इस मुकदमे में खानापूर्ति कर दी। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठने लाजिमी है। पुलिस ने मुकदमे में जिक्र किया है कि हैप्पी, दीपक और रमाशंकर ने मर्डर किया है। इस दौरान बीमार 70 साल के बुजुर्ग आनंद शर्मा और उनकी पत्नी सरला घर में मौजूद थे। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि मुकदमे में आरोपी आनंद के बीमार होने का जिक्र है, सवाल उठता है कि बीमार व्यक्ति इतना जघन्य अपराध कैसे कर सकता है? केस में नईम की हत्या की सभी आरोपियों ने एक साथ बैठकर प्लानिंग बनाने की बात लिखी गई है।

गैंगस्टर और संपत्ति जब्त की तैयारी?
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि नामजद सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आनंद शर्मा और हैप्पी की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। पुलिस ने आनंद के घर से कटर, लोहे की रॉड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बरामद की है। एसएसपी के अनुसार आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस से पास पुख्ता सुबूत है। गैंगस्टर के बाद रासुका की कार्रवाई भी होगी।

मुकदमे की नींव कमजोर कर पुलिस ने झाड़ा पल्ला

कोतवाली पुलिस ने नईम हत्याकांड के मुकदमे की नींव कमजोर खड़ी कर दी। 120 बी के मुल्जिमों पर भी पुलिस ने धारा 302 के तहत मुकदमा कायम किया है। सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस के पास मजबूत साक्ष्य भी नहीं है। इससे अंदेशा है कि पहली सुनवाई में ही मामला कोर्ट में कमजोर हो जाएगा। पुलिस ने फौरी कार्रवाई करके पल्ला झाड़ा है।
पुलिस के मुताबिक नईम गाजी की हत्या अभिषेक शर्मा उर्फ हैप्पी, दीपक शर्मा और रमाशंकर ने की है। जबकि साजिश में आनंद शर्मा, सरला, करिश्मा और विशाल शामिल थे। मुकदमे की नींव मजबूत करने के लिए पुलिस को साजिश करने वाले आरोपियों पर 120 बी की धारा लगानी चाहिए थी। पुलिस ने ऐसा नहीं किया। पुलिस ने सातों नामजद आरोपियों पर एक जैसी धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य छुपाना) लगाकर इस मुकदमे में खानापूर्ति कर दी। पुलिस की विवेचना पर सवाल उठने लाजिमी है। पुलिस ने मुकदमे में जिक्र किया है कि हैप्पी, दीपक और रमाशंकर ने मर्डर किया है। इस दौरान बीमार 70 साल के बुजुर्ग आनंद शर्मा और उनकी पत्नी सरला घर में मौजूद थे। वरिष्ठ अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि मुकदमे में आरोपी आनंद के बीमार होने का जिक्र है, सवाल उठता है कि बीमार व्यक्ति इतना जघन्य अपराध कैसे कर सकता है? केस में नईम की हत्या की सभी आरोपियों ने एक साथ बैठकर प्लानिंग बनाने की बात लिखी गई है।

गैंगस्टर और संपत्ति जब्त की तैयारी?
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि नामजद सभी आरोपियों पर गैंगस्टर की कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। आनंद शर्मा और हैप्पी की संपत्ति भी जब्त की जाएगी। पुलिस ने आनंद के घर से कटर, लोहे की रॉड और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज बरामद की है। एसएसपी के अनुसार आरोपियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस से पास पुख्ता सुबूत है। गैंगस्टर के बाद रासुका की कार्रवाई भी होगी।


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