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शपथ भारद्वाज ने 14 साल की उम्र में रच दिया इतिहास, अब सीनियर टीम में खेलेंगे

डबल ट्रैप शूटर शपथ भारद्वाज ने 14 साल की उम्र में इतिहास रच दिया। उन्होंने नेशनल की सीनियर टीम के लिए क्वालीफाई किया है। ऐसा करने वाले वह देश के सबसे कम उम्र के शूटर हैं। हाल में हुई एशियाई चैंपियनशिप के पदक विजेता अंकुर मित्तल और संग्राम सिंह दहिया टीम के अन्य सदस्य होंगे। शपथ दिल्ली, मैक्सिको और साइप्रस में होने वाले वर्ल्ड कप मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नवंबर में जयपुर में हुई 60वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर शपथ ने 136/150 का स्कोर बनाकर जूनियर वर्ग में द्वितीय और सीनियर वर्ग में तृतीय रैंक हासिल की थी। पंजाब के पटियाला शहर में 18 से 24 दिसंबर तक वर्ल्ड कप के लिये बनने वाली सीनियर नेशनल टीम के लिये सलेक्शन ट्रायल हुआ। शपथ भारद्वाज ने देश के अंतरराष्ट्रीय शूटरों के साथ खेलते हुए पहले ट्रायल में 122/150 का स्कोर किया। दूसरे ट्रायल में जबरदस्त वापसी करते हुए 136/150 का स्कोर कर दूसरा स्थान पक्का किया। वह अपनी सफलता का श्रेय कोच और शूटर योगिंदर पाल सिंह को देते हैं। भारतीय जूनियर टीम (डबल ट्रैप) के मुख्य कोच विक्रम चोपड़ा ने भी उन्हें बधाई दी है। सेंट मेरीज एकेडमी के प्रधानाचार्य ब्रदर बाबू वर्गीज और शिक्षकों ने भी बधाई दी है।

शपथ के रिकॉर्ड
फिनलैंड में मई में हुए 8वें इंटरनेशनल शॉटगन कप में खेलते हुए टीम की ओर से सर्वाधिक 128/150 का स्कोर किया। टीम ने रजत पदक जीता।
जर्मनी में अप्रैल में हुई जूनियर वर्ल्ड कप में टीम का सबसे कम उम्र का सदस्य।
केरल में अप्रैल में हुई 35वें नेशनल गेम्स में 13 वर्ष की आयु में अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रिकॉर्ड बनाया।

हाईस्पीड ट्रेन में मिलेगी हवाई जहाज जैसी सुविधा, इसके अलावा भी बहुत कुछ खास, जानें क्या ?

दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम (92.05 किमी) तक हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा का खाका तैयार है। दिल्ली-गाजियाबाद के रास्ते मेरठ तक के सफर में हवाई जहाज जैसी बैठने की सुविधा (2 गुणा 2 की ट्रांसवर्स सीट) ही नहीं होगी बल्कि कंपार्टमेंट में बिजनेस क्लास के लिए अलग व्यवस्था होगी। ट्रेन की डिजाइन एंटी टेलिस्कोपिक होगी जिसमें कोच और मोटर कोच ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील या एल्यूमिनियम से बना होगा।

नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एनसीआरटीसी) बोर्ड ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी देकर दिल्ली और यूपी को जल्द से जल्द मंजूरी के लिए भेजा है। दोनों राज्यों की मंजूरी के बाद ही आगे का काम शुरू होगा। जहां इस कॉरिडोर पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने की योजना है। हाईस्पीड की ट्रेन 200-250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है लेकिन इस कॉरिडोर पर प्रत्येक 5 से 10 किमी की दूरी पर स्टेशन है। इसलिए ट्रैक और ट्रेन कोच को अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा के हिसाब से डिजाइन करने का फैसला विशेषज्ञों ने लिया है।

प्रोजेक्ट के अनुसार दिल्ली से मोदीपुरम तक के कॉरिडोर के रास्ते में 42 जगह क्रॉसिंग हैं जिसमें 30 जगह अच्छा खासा घुमाव है। चूंकि इस रास्ते पर ईएमयू भी चलती है तो उसी 22 मीटर लंबे, 3.2 मीटर चौड़े और 3.9 मीटर ऊंची ट्रेन के साइज को ठीक माना गया है। कोच में दोनों तरफ तीन-तीन दरवाजे होंगे। जहां 6 कोच में 182 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, वहीं प्रत्येक वर्ग मीटर में 3 यात्रियों के लोड और बहुत भीड़ की दशा में 8 यात्रियों को प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से खड़े होने की व्यवस्था नई ट्रेन में होगी। साथ ही एक व्हील चेयर की जगह भी होगी।

हाईस्पीड कॉरिडोर पर दौड़ने वाली ट्रेन में ये है खास
. परिचालन की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा और औसत स्पीड 100 किमी रहेगी।
. आग लगने की दशा में तुरंत सूचना देने की तकनीक से लैस होगी ट्रेन।
. ट्रेन के कोच में ऐसा सिस्टम लगा होगा कि अचानक बिजली से संपर्क खत्म होने पर भी 90 मिनट तक वेंटिलेशन की दिक्कत नहीं होगी।
. ओवरहेड वॉयर से बिजली मिलनी बंद हो जाए तो भी तीन घंटे तक लाइट और उद्घोषणा काम करेगा।
. ट्रेन एक सेकेंड में 1.3 मीटर की रफ्तार पकड़ लेगी।
. ट्रेन और ट्रैक स्टैंडर्ड गेज (1435 एमएम) की होगी।

आदायगी पर आई ‘आफत’

MEERUT: नोटबंदी के बाद कालाधन से बैंक का लोन चुकाने वालों पर इनकम टैक्स ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने ऐसे लोनधारकों से पूछा है कि ‘एकाएक उनके पास इतना पैसा कहां से आया?’ बड़े पैमाने पर डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के खाताधारकों ने नोटबंदी के बाद अपना लोन चुकता किया है। इनकम टैक्स विभाग ने एलआईसी में भी दस्तावेज खंगाले हैं।
जमा हुआ कालाधन
आयकर विभाग के मुताबिक मेरठ के हजारों खातों में नोटबंदी के बाद लोन की अदायगी के नाम पर कालाधन जमा किया गया है। सर्वाधिक खाते डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक से संबंधित हैं। 25 लाख या उससे अधिक के लोन को नोटबंदी के बाद कैश चुकाने वालों पर विभाग ने शिकंजा कस दिया है।
भेजे गए नोटिस
नोटिस भेजकर विभाग ने ऐसे लोनधारकों से पूछा है कि ‘आखिर एकाएक वो इतनी रकम कहां से लाए हैं.’ विभाग का मानना है कि ये रकम कालाधन है जिसे ठिकाने लगाने के इरादे से लोन की अदायगी कर दी गई। रकम के स्रोत को स्पष्ट न कर पाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
खंगाली गई फाइलें
सूचना के आधार पर पिछले दिनों आयकर विभाग ने एलआईसी की फाइलें भी खंगाली हैं। सूचना थी कि नोटबंदी के बाद कालेधन से लोगों ने जीवन बीमा निगम को पॉलिसी की किस्तें अदा की हैं। बड़े पैमाने पर कालेधन की खपत की सूचना था हालांकि जांच में आयकर विभाग को यहां से ऐसा कुछ नहीं मिला है।
हर लेनदेन पर है नजर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर जिन मदों में नकदी खर्च की गई है वे सब रडार पर हैं। आयकर विभाग ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि बड़े लेनदेन और बकाएदारों की सूची मुहैया करा दें।

व्यापारियों को बांधा गया तो आएगी मंदी

MEERUT। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा दो लाख की खरीदारी या फिर ट्रांजेंक्शन पर सरकार को जानकारी देना का व्यापारियों ने तुगलकी फरमान जैसा बताया। व्यापारियों ने कहा कि इनकम टैक्स को जानकारी दें या फिर व्यापार करें।
ये बोले व्यापारी
व्यापारियों को सूचनाओं में बांधना ठीक नहीं है। व्यापारी व्यापार करेगा या फिर पूरे दिन सूचनाएं ही बनाता रहेगा। नोटबंदी से पहले ही व्यापार ठप हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे व्यापारियों को हो रही है।
नवीन गुप्ता अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
इस प्रकार के आदेश तुगलकी फरमान जैसे हैं। ऐसे आदेश से व्यापारियों को खासा नुकसान हो रहा है। अधिकांश व्यापारी इनकम टैक्स भरते है। व्यापारियों के पास कालाधन नहीं है।
– गुल्लु ठाकुर, सरधना व्यापार संघ अध्यक्ष
इस प्रकार के आदेश को देश को मंदी की ओर ले जाएंगे। यदि व्यापारी सूचनाएं ही देता रहेगा तो वह व्यापार कब करेगा। इस प्रकार के आदेश बिना सोचे और समझे हुए लिए हैं।
– कमल ठाकुर, उपाध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
नोटबंदी के कारण पहले ही व्यापारी परेशान हैं। व्यापार एक प्रकार से ठप से हो गए हैं। सरकार ने इतनी पाबंदी लगा दी हैं कि व्यापार करना मुश्किल हो गया है। ऊपर से इनकम टैक्स ने एक और फरमान जारी कर दिया है। इस प्रकार से व्यापारियों को परेशान करना ठीक नही है।

लैपटॉप पाकर खिले चेहरे

MEERUT : सीसीए यूनीवर्सिटी के प्रेक्षागृह में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी व फ्लैगशिप योजना माध्यमिक शिक्षा विभाग की लैपटॉप व श्रम विभाग की साइकिल तथा मृत्यु एवं अंत्येष्टि योजना के लाभार्थियों को शनिवार लाभान्वित किया गया। कैबिनेट मंत्री (श्रम एवं सेवायोजन) शाहिद मंजूर ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप देते हुए कहा कि सरकार ने हर वर्ग को लाभान्वित किया।
लाभार्थियों के खिले चेहरे
इस दौरान 1222 मेधावी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप वितरण किए गए। 50 श्रमिकों को साइकिल और मृत्यु एवं अंत्येष्टि योजना के 13 लाभार्थियों को 21 लाख 55 हजार रुपये के स्वीकृति पत्र दिए गए। कबीना मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं आमजन के लिए चलाई जा रहीं हैं जो बिना किसी जाति या संप्रदाय को ध्यान में रखकर हैं। सीएम अखिलेश यादव ने युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़ने का कार्य किया है तथा आज वितरित किए जा रहे लैपटॉप छात्र- छात्राओं के पढ़ाई व उनके सुनहरे भविष्य के लिए कारगर सिद्ध होंगे।
ये रहे मौजूद
आयोजन में डीएम बी। चन्द्रकला, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजपाल सिंह, रफीक अंसारी, इसरार सैफी, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष अब्दुल अलीम, परविन्द्र सिंह ईशु, गोपाल दास अग्रवाल, पिन्टू राणा, विपिन त्यागी, सीडीओ विशाख जी, डीआईओएस श्रवण कुमार यादव ने अपने विचार रखे.
लैपटॉप वितरण योजना
1211- वर्ष 2015 का लक्ष्य
1173- 2016 का लक्ष्य
2384- कुल लैपटॉप का वितरण
2242- लैपटॉप हुए शासन से प्राप्त
142- अतिशीघ्र आने वाले
– माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा, संस्कृत विद्यालयों के 1222 मेधावी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप का निशुल्क वितरण किया गया है.
– जिनमें 461 सामान्य जाति के, 253 अति पिछड़ा वर्ग के, 319 अनुसूचित जाति व जनजाति के व 189 अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं.

नए बिजली घर होंगे 139

MEERUT। मेरठ समेत पश्चिमांचल के सभी शहरों में 24 घंटे पावर सप्लाई को मेंटेन करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ केन्द्र सरकार ने भी बिजली के बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। केन्द्र की आईपीडीएस और डीयूजीजेवाई योजना के अंतर्गत मार्च- 2017 तक 139 बिजली घर पीवीवीएनएल के बेड़े में शामिल कर लिए जाएंगे।
मार्च- 17 तक 139 बिजली घर
दरअसल, केन्द्र सरकार की आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम) व डीयूजीजेवाई (दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना) के अंतर्गत पश्चिमांचल में 139 नए बिजली घर बनाने की शुरुआत की गई है। जिसमें से 95 बिजली घरों का निर्माण अब तक पूर्ण कर लिया गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर (एमएम) जीके गुप्ता ने बताया कि आईपीडीएस योजना के अंतर्गत कुल 139 बिजली घर बनने प्रस्तावित हैं, जिनमें से 96 का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है और 53 बिजली घरों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। वहीं डीडीयूजीजेवाई के अंतर्गत कुल 140 बिजली घरों की क्षमता वृद्धि होनी है, जिसमें से 42 पर काम पूर्ण कर लिया गया है।
मेरठ जोन होंगे 16 बिजली घर
योजना के अंतर्गत मेरठ जोन में 33/11 केवीए के 16 बिजली घर, गाजियाबाद में 26, मुरादाबाद में 20 व सहारनपुर में 30 नए बिजली घर बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने 458 करोड़ रुपए की किस्त सैंक्शन की है.
आईपीडीएस व डीडीयूजीजेवाई के अंतर्गत 139 बिजली घरों पर काम किया जाना है। जिनमें से 95 बिजली घरों का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इन योजनाओं से पीवीवीएनएल की तस्वीर बदल जाएगी।

बिजली विभाग की योजनाओं में मंद पड़ा करंट

MEERUT। शहर में बिजली की महत्वाकांक्षी योजनाएं एक के बाद एक धड़ाम होती जा रहीं हैं। इसी का नतीजा रहा कि 2016 में बिजली की कई योजनाएं धड़ाम रही। सरकार की मदद से विभाग पॉवर सप्लाई दुरुस्त करने के लिए कई अहम योजनाएं तो लाया लेकिन क्रियान्वयन के धरातल पर अधिकतर योजना खेत रही। हालांकि नवंबर आते- आते पावर सप्लाई की स्थिति जरूर सुधरी.
योजनाएं रहीं खेत
पिछले पांच सालों का रिकार्ड उठाएं तो इस दौरान केन्द्र और राज्य सरकार की मदद से बिजली विभाग आधा दर्जन योजनाएं लेकर आया। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से बिजली विभाग ने शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति का करने का सपना संजोया था, लेकिन दुर्भाग्य वश विभाग एक भी योजना का मूर्त रूप नहीं दे सका और अधिकतर योजनाएं केवल फाइल और कागजों का हिस्सा बनकर रही रह गई।
ये हैं योजनाएं
– आरएपीडीआरपी- बी ( रि- स्ट्रक्चरड एसेलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट एंड रि- फॉर्म प्रोग्राम)
– आरजीजीवाई – राजीव गांधी ग्रामीण ज्योति योजना
– फीडर सेग्रीगेशन
– स्कैडा
– ऑन लाइन बिलिंग
– एसएमएस अलर्ट
– प्रीपेड मीटिरिंग
– रूरल मीटिरिंग
– एलईडी प्रोजेक्ट
आरएपीडीआरपी- बी आरएपीडीआरपी पार्ट ए के बाद पार्ट बी को तीन सालों में समाप्त करने के निर्देश प्राप्त हुए थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक यह योजना फाइलों में ही दम तोड़ रही है। इसके अंतर्गत शहर की एलटी, एचटी लाइनों का मेंटीनेंस के साथ- साथ नए फीडरों का निर्माण, फीडरों की क्षमता वृद्धि, 66 11 व 33 11 के नए बिजली घरों का निर्माण, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, एबीसी कंडक्टर का इस्तेमाल व मोबाइल सब- स्टेशन आदि कार्य कराए जाने थे।
फीडर सेग्रीगेशन – फीडर सेग्रीगेशन योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में बेहतर सप्लाई मुहैया कराना था। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों को मेल सप्लाई से अलग करते हुए उनके लिए अलग से फीडर निर्माण कार्य कराए जाने थे, लेकिन पांच साल बाद भी योजना अपने पॉयलट प्रोजेक्ट से बाहर नहीं आ पाई है.
स्कैडा – स्कैडा भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना की शुरुआत भी 2008 में की गई थी। योजना का मुख्य उददेश्य शहर की बिजली को सेंट्रलाइज करना था। इसके लिए शहर के समस्त फीडरों का इंटरकनेक्टेड़ करना था। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होता कि टेक्निकल फॉल्ट के चलते एक फीडर की बत्ती गुल होते ही प्रभावित क्षेत्र को तुरंत ही दूसरे फीडर से कनेक्ट कर दिया जाता।
ऑल लाइन बिलिंग
– जन सुविधाओं को आसान व सरल बनाने के लिए विभाग ने 2009 में पूरे सिस्टम के ऑन लाइन बनाने का निर्णय लिया था। हालांकि इस योजना पर काम करते हुए विभाग ने मेरठ समेत पश्चिमांचल के कई जनपदों को ऑन लाइन भी कर दिया, लेकिन योजना का सही प्रचार प्रसार न होने के कारण योजना पूरी तरह से परवान नही चढ़ पाई है और आज भी अधिकांश लोग विंडो पेमेंट के लिए लाइन में लगते नजर आते हैं।
आएपीडीआरपी पार्ट ए को कंप्लीट कर लिया गया है। हालांकि शुरुआत में काम कुछ धीमी गति से चला, लेकिन अब कार्यो में तेजी लाई जा रही है। पावर सप्लाई की स्थिति अब सुधर चुकी है.

सर्दियों का मौसम है, थोड़ा सावधान रहें

MEERUT। पहले सर्दियों के मौसम को बीमारी के लिहाज से अधिक सिक्योर समझा जाता था। सर्दियों में अपने खानपान और विशेष दिनचर्या के माध्यम से लोग काफी फिट रहते थे। लेकिन इसके विपरीत अब सर्दियों में बीमारी के खतरे गर्मियों की अपेक्षा में अधिक बढ़ गए हैं। सीनियर डायटीशियन डॉ। भावना तोमर इसको खानपान में आए बदलाव और फिजीकल एक्टीविटी में आई बेहद कमी को कारण बताती हैं.
डॉ। वीरोत्तम तोमर ने बताया कि ठंड में तापमान कम होने से बॉडी का टेंप्रेचर मौसम से कोप- अप करता है। ऐसे में वैस्क्यूलर प्रॉब्लम पैदा हो जाती है। ठंड होने से नसे सिकुड़ने लगती है, जिससे एजाइना पेन व हार्ट स्ट्रोक का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ठंड में दमा अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात में और सुबह इस बीमारी का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गो का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है.
एयर बोर्न डिजीज
– स्मॉग में खतरनाक वायसर नीचे आ जाते हैं, जो सांस के साथ फेफडों में प्रवेश कर जाते हैं।
– सर्दियों में अधिकांश लोग एक कमरे में रहना पंसद करते हैं, जिससे परिवार के एक सदस्य से बीमारी दूसरों को लगने की आशंका रहती है.
– कमरे में गैस गीजर का यूज न करें। हीटर आदि पर भी पानी से भरा बर्तन रखें, ताकि माइश्चर मेंटेन रहे.
कुछ आदत डालें
– हैंड वॉशिंग टेक्निक को अपनाएं.
– खाने में तरल पदार्थो की संख्या बढ़ाएं.
– मौसमी फलों को अधिक मात्रा में लें.
– खान- पान में बदलाव न करें। प्रयोग से बचें.
इम्यूनिटी बढ़ाएं
– योगा को दिनचर्या में लाएं.
– मानसिक तनाव से बचें, यह इम्यूनिटी वीक करती है.
– ब्रीद कंट्रोलिंग सिस्टम को सीखें.
कॉलोस्ट्रोल पर रखें कंट्रोल
– बॉडी में शुगर की मात्रा न बढ़ने दें.
– रेगुलर एक्सरसाइज कर कैलोरी बर्न करें.
– एल्कोहल से परहेज करें.
– मूंगफली अधिक मात्रा में न लें.
– इंडियन डायट को ही तरजीह दें.
– फलों और सलाद की संख्या बढ़ाएं.
– वॉक पर जरूर निकलें.
– फाइबर युक्त चीजों से परहेज रखें.
– हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें.
– धूप में बैठें, खूब पानी पिएं, नमक कम लें.
– सरसों के तेल का अधिक सेवन करें.
– 3 से 4 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें.
– डिनर में रोटी को अवॉयड करें। दलिया या दाल आदि लें.
– सर्दियों में दही जरूर खाएं।
– रोजाना पांच बादाम और दो अखरोट लें.
ड्रायनेस से बचें
– नहाने से पूर्व बॉडी पर सरसों के तेल से मालिश करें.
– नहाने के बाद गीले शरीर पर मॉइश्चर का यूज करें.
– सर्दियों में साबुन का इस्तेमाल न बराबर करें.
बरतें एहतियात
– दमा रोगी इनहेलर हमेशा रखें.
– बीपी पेशेंट्स रेगुलर बीपी मॉनीटर रखें.
– किडनी पेशेंट्स डॉक्टर्स के रेगुलर टच में रहें.
सर्दियों में हार्ट और दमा पेशेंट को अधिक सावधानी की जरूरत है। खानपान में बदलाव और कुछ एक्सरसाइज के माध्यम से बॉडी को फिट रखा जा सकता है।
– डॉ। वीरोत्तम तोमर, चेस्ट रोग स्पेशलिस्ट, अध्यक्ष आईएमए
सर्दियों में हमें अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जैसे हरे पत्तेदार सब्जी, मौसमी फल व खाने में तरल पदार्थो को बढ़ाकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
– डॉ। भावना गांधी, डायटीशियन
चिकनगुनिया के बाद सर्दियों में ज्वाइंट पेन की समस्या अधिक गहरा गई है। ऐसे में इस पेन से बचने के लिए क्या किया जाए। सर्दियों में बॉडी का ख्याल कैसे रखें.

कड़ाके की सर्दी से सहमा मेरठ

MEERUT : सुबह ठंड और शाम होते ही कोहरे का प्रकोप ने रविवार को जनजीवन को हलकान कर दिया। देर शाम होते ही कोहरा इतना सघन हो गया कि एक कए मीटर की दूरी पर आने जाने वाले वहन नजर नहीं आ आए। हाईवे पर वाहन रेंग रेंग कर गुजरे। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सीजन का यह सबसे घना कोहरा है.
देर शाम आई आफत
रविवार सुबह घने कोहरे के बीच करीब साढ़े दस बजे धूप खिली। साफ मौसम को शाम छह बजे जैसे नजर लगी हो। तेज हवाओं के साथ आंधी आई और शाम को कोहरे की धुंध ने अपने आगोश में ले दिया। रात होते- होते घने कोहरे में हाथ को हाथ नहीं दिखाई दे रहा था। सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहनों से बाहर निकले लोग किसी तरह घर पहुंचे। जिन सड़कों पर स्ट्रीट लाइट नहीं थी वह से गुजरना लोगों के लिए शामत बन गया। आईआईएफएसआर के मौसम कृषि वैज्ञानिक डॉ। एन सुभाष ने बताया कि वातावरण में अत्यधिक नमी और तापमान कम होने के चलते शाम से कोहरा छा गया। हवाओं का रुख शांत होने से कोहरा घना होता गया.
ट्रेनों के थमे पहिए
मौसम में बदलाव का सीधा असर ट्रेनों के आवागमन पर पड़ रहा है। रविवार को इलाहाबाद से मेरठ आने वाली संगम एक्सप्रेस सात घंटे के विलंब सिटी स्टेशन पहुंची। नौचंदी ने भी नखरे दिखाए और चार घंटे की देरी से आयी। आधा दर्जन ट्रेनें तीन से सात घंटे के विलंब से पहुंची। जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। अमृतसर से इंदौर जाने वाली एक्सप्रेस छह घंटे, शताब्दी एक्सप्रेस चार घंटे, शालीमार तीन घंटे विलंब से चलती रहीं। सिटी स्टेशन अधीक्षक श्याम सुंदर ने बताया कि शाम को संगम को समय से रवाना किया गया, जबकि नौचंदी सवा घंटे विलंब से भेजी गयीं। उन्होंने कहा कि कोहरे के कारण ट्रेनों का आवागमन प्रभावित हो रहा है.
आज बंद रहेंगे स्कूल
जिलाधिकारी पंकज यादव के निर्देश पर कड़ाके की सदी के चलते सोमवार को स्कूलों को बंद रखने के निर्देश दिए गए। डीएम कार्यालय ने बताया कि नर्सरी से कक्षा आठ तक के सभी आईसीएसई, सीबीएसई और प्राइमरी, पूर्व माध्यमिक विद्यालय बंद रहेंगे। देर रात्रि शासन से रायशुमारी कर यह फैसला डीएम ने लिया।

हिमाचल-उत्तराखंड में बर्फबारी, वेस्ट में सिहरन

MEERUT: हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी के बाद जहां समूचा उत्तर भारत ठिठुर वहीं वेस्ट यूपी में भी दिनभर धूप नहीं निकली। बर्फबारी का असर है कि मेरठ में तापमान काफी गिर गया। रविवार सुबह से ही यहां धुंध रही और देर शाम तक कोहरा और गहरा गया। सर्द हवाओं ने लोगों को घरों में दुबके रहने के लिए मजबूर कर दिया।
वेस्ट यूपी में बर्फीली हवाएं
मेरठ समेत वेस्ट यूपी में बर्फीली हवाओं से लोग ठिठुर गए। गलन बढ़ गई। खिली धूप भी सर्द हवाओं के सामने नतमस्तक नजर आई। शाम होते- होते हवाएं और तेज हो गईं। जानलेवा हुई ठंड से लोग घरों में दुबके रहे। शुक्रवार रात शुरू हुए कोहरे का कहर जारी है। शनिवार देर रात से सुबह तक कोहरे की चादर धूप निकलने तक तनी रही। दृश्यता बेहद कम होने के चलते कई जगहों पर घना कोहरा छाया रहा।
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वेस्टर्न डिस्टर्बेस के चलते मौसम में बदलाव आया है। आने वाले 48 घंटों तक तापमान में 2- 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जाएगी। वेस्ट यूपी में शीत लहर और घने कोहरे का असर देखने को मिलेगा।
– डॉ। सुभाष, मौसम वैज्ञानिक, सरदार बल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय
कोहरे के कारण ट्रेनें रहीं लेट
– नौचंदी- संगम समेत ज्यादातर ट्रेनें हुई लेट
मेरठ की प्रमुख संगम एक्सप्रेस 18 घंटे तक लेट थी। खबर लिखे जाने तक ट्रेन स्टेशन पर नहीं पहुंची थी। सुबह 7 बजे मेरठ सिटी स्टेशन पर पहुंचने वाली एक्सप्रेस ट्रेन रात्रि 11 बजे तक पहुंचने की संभावना है। रेलवे का दावा है कि रात्रि 2 बजे तक संगम को रवाना कर दिया जाएगा। नौचंदी 5 घंटे लेट है। इसके अलावा अप एंड डाउन की करीब 80 ट्रेनें 2 से 6 घंटे तक लेट थीं। कोहरे का असर रेलवे के परिचालन पर पड़ा.


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