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यीशु मसीह मिले, जिंदगी मिल गई.

मेरठ: क्रिसमस पर यूनाईटेड क्रिश्चियन प्रोशेसन कमेटी की ओर से सोमवार को भव्य जुलूस निकाला गया। क्रिसमस जुलूस रूड़की रोड स्थित सेंट जोजफ चर्च से प्रारंभ हुआ, जो बॉम्बे बाजार, आबूलेन, बेगमपुल, बच्चा पार्क और कचहरी रोड से होता हुआ सिविल लाइंस स्थित सिटी मैथोडिस्ट चर्च पर संपन्न हुआ।
जुलूस में सेंट थॉमस चर्च ने जहां झांकी में प्रभु यीशु के जन्म को दर्शाया। वहीं सेंट्रल चर्च द्वारा चरनी का दृश्य बनाकर झांकी निकाली गई। सेंट जोजफ चर्च द्वारा जंगल में फरिश्तों को बच्चों ने दर्शाया। तो सेंट पॉल चर्च ने राजा हेरोदेश का दरबार बनाकर प्रस्तुत किया। इसके अलावा जुलूस में प्रभु यीशु के गीत भी गाए गए।
सबसे सुंदर झांकी के लिए सेंट थॉमस चर्च का प्रथम पुरस्कार देकर सम्मानित किया। वहीं सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च की झांकी दूसरे और सेंट जोजफ चर्च ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। जुलूस में रेव्ह चमन कम्फर्ट, प्रवीन जोशी, फादर रौशन, फादर पारितोष, महेश चंद, डीके गोयल, ब्रदर ललित स्टीफन और सैमसन भी उपस्थित रहे।

न्यू ईयर के वेलकम को होटल और रेस्तरां तैयार

मेरठ: सर्द हवाओं के बीच पूरे शहर में जिंगल बेल की गूंज के बाद अब न्यू ईयर की आहट आने लगी है। मॉल, होटल और रेस्तरां सभी जगह विशेष तैयारी की जा रही है। 2016 की विदाई और 2017 के स्वागत में होटल और रेस्तरां कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। इसलिए सेलिब्रेशन का अंदाज कुछ खास होने वाला है। कहीं ब्लैक एंड व्हाइट की थीम पर होटल की सजावट की जा रही है तो कहीं अरेबियन थीम पर। इस बार पार्टी में बैली डांस का तड़का भी होगा। अरेबियन से लेकर टर्की फूड तक की व्यवस्था की जा रही है।
लाइटिंग भी ब्लैक एंड व्हाइट
दिल्ली रोड स्थित होटल क्रोम के डायरेक्टर गौरव नारंग कहते हैं कि न्यू ईयर पार्टी की थीम इस बार ब्लैक एंड व्हाइट रखी गई है। पार्टी में सिर्फ सजावट ही ब्लैक एंड व्हाइट थीम पर नहीं की जा रही, बल्कि लाइटिंग भी ब्लैक एंड व्हाइट ही रहेगी।
अरेबियन थीम और बैली डांस
दिल्ली रोड स्थित होटल हाईफन के महाप्रबंधक प्रदीप पाल ने बताया कि 31 दिसंबर की रात रसियन मैजिक की रात होगी। इस रात का खास आकर्षण रसियन डांसर का बैली डांस होगा। इसके अलावा होटल को अरेबियन थीम के अनुसार सजाया जाएगा। साथ ही अरेबियन फूड भी तैयार किए जा रहे हैं।
डीजे पर मचेगी धमा-चौकड़ी
गढ़ रोड स्थित सम्राट हैवेंस होटल के डायरेक्टर सुबोध गुप्ता का कहना है कि न्यू ईयर पार्टी डीजे विद डांस फ्लोर संग होगी। युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए रंग-बिरंगी लाइटों से सजावट की जा रही है।
रेड एंड ब्लैक थीम होगी खास
बाउंड्री रोड स्थित होटल क्रिस्टल के डायरेक्टर राजेंद्र सिंघल ने बताया कि न्यू ईयर पाटी की थीम रेड एंड ब्लैक रखी गई है। इसे रेड एंड ब्लैक बैलून से सजाया जा रहा है। इसके साथ डीजे और स्पेशल डिनर भी है।
डीजे पर होगा धमाल
गढ़ रोड स्थित एडिक्शन क्लब के डायरेक्टर आकाश त्यागी ने बताया कि उनके रेस्टोरेंट में यह पहली न्यू ईयर पार्टी है। इसे खास बनाने के लिए रेड एंड ब्लैक थीम से रेस्टोरेंट की सजावट की जा रही है। युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए खास डीजे का इंतजाम किया गया है।
न्यू ईयर की नाइट होगा हैंगओवर
परतापुर बाईपास स्थित ब्रावरा गोल्ड रिसोर्ट के डायरेक्टर शेखर भल्ला ने बताया कि नए साल की पार्टी को ‘हैंगओवर 2017’ का नाम दिया गया है। इसमें डीजे अखिल तलरेजा नॉन स्टॉप हॉट बॉलीवुड रिमिक्स से लोगों का मनोरंजन करने वाले हैं।
आला कार्ड में टर्की फूड
शॉपरिक्स मॉल स्थित फूड कोड में गरम मसाला की डायरेक्टर पारुल मदान ने बताया कि रेस्टोरेंट को रेड एंड व्हाइट थीम पर ही सजाया जा रहा है। यह गरम मसाला की भी थीम है। इस साल का आकर्षण ‘आला कार्ड’ है, जिसमें सबसे खास टर्की फूड है। इसके अलावा फिश और सी-फूड का स्वाद भी इस बार खास रहेगा।
यह है कपल की एंट्री फीस
हाईफन – 3000 रुपये
क्रिस्टल – 5000 रुपये
ब्रावरा – 4999 रुपये
अन्य में रहेगा बफर सिस्टम
न्यू ईयर नाइट के लिए जहां कुछ होटलों में कपल टिकट सिस्टम लागू होगा। वहीं, शहर के अन्य होटलों में बफर सिस्टम की व्यवस्था रहेगी, यानि आप अपने ऑर्डर के मुताबिक ही अपने बिल का भुगतान कर सकते हैं।

अफसरों की साठगांठ से सरकार को लगाया जा रहा टैक्स का चूना, जानिए कैसे ?

अफसर की मेहरबानी हो, तो सरकार को टैक्स का चूना आसानी से लगाया जा सकता है। ‘मेरा शहर मेरी पहल’ संस्था द्वारा नौचंदी मैदान में आयोजित नव वर्ष महोत्सव मेले में ऐसा ही हो रहा है। इस मेले पर मनोरंजन कर विभाग की नजर नहीं है। जिसका बड़ा उदाहरण ये है कि मेले में लगे झूला संचालक जो टिकट दे रहे हैं, वह उत्तराखंड में लगी किसी प्रदर्शनी के हैं।

किसी भी मेला आयोजन में झूला या मनोरंजन आदि के साधनों पर जब शुल्क लगाया जाता है, तो उस पर मनोरंजन कर लगता है। यह मनोरंजन कर 25 प्रतिशत होता है। नौचंदी मैदान में 15 दिसंबर से 8 जनवरी तक के लिए मेरा शहर मेरी पहल संस्था द्वारा नववर्ष महोत्सव मेला आयोजित कराया जा रहा है। छह दिन पूर्व वैरायटी शो (फूहड़ नृत्य) के कार्यक्रम से चर्चा में आये इस मेले में अब मनोरंजन कर की चोरी का मामला सामने आया है। जिसमें विभाग का संरक्षण साफ नजर आ रहा है।

मेला परिसर में छोटे-बड़े करीब डेढ़ दर्जन झूले लगे हैं। इनमें बड़े झूले वाले 40 रुपये और छोटे झूले वाले 20 रुपये शुल्क वसूल रहे हैं। मेला आयोजन की अनुमति देते हुए अपर जिलाधिकारी नगर ने कहा था कि इसके लिए मनोरंजन कर विभाग से भी एनओसी ली जाये।

मनोरंजन कर विभाग ने बंद की आंखें
मेला आयोजन कराने वाली संस्था से अधिकारी और शहर के प्रभावशाली लोग जुड़े हैं। ऐसे में मनोरंजन कर विभाग भी आंख बंद करके बैठ गया। झूलों के टिकट पर नव वर्ष महोत्सव मेला, नौचंदी मैदान मेरठ के स्थान पर ‘उत्तराखंड मनोरंजन एवं विकास प्रदर्शनी, एमबी इंटर कालेज मैदान हल्द्वानी नैनीताल लिखा है। जिसे शिवानी एम्यूजमेंट द्वारा संचालित किया गया। इस पर पांच प्रतिशत की दर से टैक्स जोड़ते हुए कुल 40 रुपये कीमत दर्शायी गयी है। टिकट पर कहीं झूला भी दर्ज नहीं है।

इंस्पेक्टर से पूछकर बताऊंगा
मनोरंजन कर विभाग के सहायक आयुक्त एमके सिंह से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि झूले पर टैक्स वसूला जायेगा। जब उनसे पूछा गया कि हल्द्वानी की किसी प्रदर्शनी का टिकट झूला संचालक दे रहे हैं तो उस पर कैसे टैक्स निर्धारित करोगे, तो उन्होंने कहा कि इस संबंध में इंस्पेक्टर से पूछकर जवाब दे पाऊंगा।

वैरायटी शो की जानकारी ही नहीं
सहायक आयुक्त मनोरंजन कर को मेला परिसर में एक सप्ताह तक चले दो वैरायटी शो की जानकारी ही नहीं है। जबकि इस पर भी 40 रुपये का टिकट लगाया गया था। इस दौरान सैकड़ों लोगों ने रोजाना वैरायटी शो देखा था। यदि दोनों वैरायटी शो में प्रतिदिन औसतन एक हजार लोग भी आये, तो सप्ताह में सात हजार लोगों ने शो देखा होगा। शुल्क वसूली 2.80 लाख रुपये बैठती है और इस पर 70 हजार का टैक्स बनता है। इससे सहायक मनोरंजन कर आयुक्त की अनभिज्ञता भी सवालों के घेरे में आ गई है।

शपथ भारद्वाज ने 14 साल की उम्र में रच दिया इतिहास, अब सीनियर टीम में खेलेंगे

डबल ट्रैप शूटर शपथ भारद्वाज ने 14 साल की उम्र में इतिहास रच दिया। उन्होंने नेशनल की सीनियर टीम के लिए क्वालीफाई किया है। ऐसा करने वाले वह देश के सबसे कम उम्र के शूटर हैं। हाल में हुई एशियाई चैंपियनशिप के पदक विजेता अंकुर मित्तल और संग्राम सिंह दहिया टीम के अन्य सदस्य होंगे। शपथ दिल्ली, मैक्सिको और साइप्रस में होने वाले वर्ल्ड कप मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

नवंबर में जयपुर में हुई 60वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन कर शपथ ने 136/150 का स्कोर बनाकर जूनियर वर्ग में द्वितीय और सीनियर वर्ग में तृतीय रैंक हासिल की थी। पंजाब के पटियाला शहर में 18 से 24 दिसंबर तक वर्ल्ड कप के लिये बनने वाली सीनियर नेशनल टीम के लिये सलेक्शन ट्रायल हुआ। शपथ भारद्वाज ने देश के अंतरराष्ट्रीय शूटरों के साथ खेलते हुए पहले ट्रायल में 122/150 का स्कोर किया। दूसरे ट्रायल में जबरदस्त वापसी करते हुए 136/150 का स्कोर कर दूसरा स्थान पक्का किया। वह अपनी सफलता का श्रेय कोच और शूटर योगिंदर पाल सिंह को देते हैं। भारतीय जूनियर टीम (डबल ट्रैप) के मुख्य कोच विक्रम चोपड़ा ने भी उन्हें बधाई दी है। सेंट मेरीज एकेडमी के प्रधानाचार्य ब्रदर बाबू वर्गीज और शिक्षकों ने भी बधाई दी है।

शपथ के रिकॉर्ड
फिनलैंड में मई में हुए 8वें इंटरनेशनल शॉटगन कप में खेलते हुए टीम की ओर से सर्वाधिक 128/150 का स्कोर किया। टीम ने रजत पदक जीता।
जर्मनी में अप्रैल में हुई जूनियर वर्ल्ड कप में टीम का सबसे कम उम्र का सदस्य।
केरल में अप्रैल में हुई 35वें नेशनल गेम्स में 13 वर्ष की आयु में अपने प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर रिकॉर्ड बनाया।

हाईस्पीड ट्रेन में मिलेगी हवाई जहाज जैसी सुविधा, इसके अलावा भी बहुत कुछ खास, जानें क्या ?

दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम (92.05 किमी) तक हाईस्पीड ट्रेन में यात्रा का खाका तैयार है। दिल्ली-गाजियाबाद के रास्ते मेरठ तक के सफर में हवाई जहाज जैसी बैठने की सुविधा (2 गुणा 2 की ट्रांसवर्स सीट) ही नहीं होगी बल्कि कंपार्टमेंट में बिजनेस क्लास के लिए अलग व्यवस्था होगी। ट्रेन की डिजाइन एंटी टेलिस्कोपिक होगी जिसमें कोच और मोटर कोच ऑस्टेनिटिक स्टेनलेस स्टील या एल्यूमिनियम से बना होगा।

नेशनल कैपिटल रिजन ट्रांसपोर्ट कार्पोरेशन (एनसीआरटीसी) बोर्ड ने दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर के डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मंजूरी देकर दिल्ली और यूपी को जल्द से जल्द मंजूरी के लिए भेजा है। दोनों राज्यों की मंजूरी के बाद ही आगे का काम शुरू होगा। जहां इस कॉरिडोर पर हाईस्पीड ट्रेन चलाने की योजना है। हाईस्पीड की ट्रेन 200-250 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलती है लेकिन इस कॉरिडोर पर प्रत्येक 5 से 10 किमी की दूरी पर स्टेशन है। इसलिए ट्रैक और ट्रेन कोच को अधिकतम स्पीड 180 किमी प्रति घंटा के हिसाब से डिजाइन करने का फैसला विशेषज्ञों ने लिया है।

प्रोजेक्ट के अनुसार दिल्ली से मोदीपुरम तक के कॉरिडोर के रास्ते में 42 जगह क्रॉसिंग हैं जिसमें 30 जगह अच्छा खासा घुमाव है। चूंकि इस रास्ते पर ईएमयू भी चलती है तो उसी 22 मीटर लंबे, 3.2 मीटर चौड़े और 3.9 मीटर ऊंची ट्रेन के साइज को ठीक माना गया है। कोच में दोनों तरफ तीन-तीन दरवाजे होंगे। जहां 6 कोच में 182 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी, वहीं प्रत्येक वर्ग मीटर में 3 यात्रियों के लोड और बहुत भीड़ की दशा में 8 यात्रियों को प्रतिवर्ग मीटर के हिसाब से खड़े होने की व्यवस्था नई ट्रेन में होगी। साथ ही एक व्हील चेयर की जगह भी होगी।

हाईस्पीड कॉरिडोर पर दौड़ने वाली ट्रेन में ये है खास
. परिचालन की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा और औसत स्पीड 100 किमी रहेगी।
. आग लगने की दशा में तुरंत सूचना देने की तकनीक से लैस होगी ट्रेन।
. ट्रेन के कोच में ऐसा सिस्टम लगा होगा कि अचानक बिजली से संपर्क खत्म होने पर भी 90 मिनट तक वेंटिलेशन की दिक्कत नहीं होगी।
. ओवरहेड वॉयर से बिजली मिलनी बंद हो जाए तो भी तीन घंटे तक लाइट और उद्घोषणा काम करेगा।
. ट्रेन एक सेकेंड में 1.3 मीटर की रफ्तार पकड़ लेगी।
. ट्रेन और ट्रैक स्टैंडर्ड गेज (1435 एमएम) की होगी।

आदायगी पर आई ‘आफत’

MEERUT: नोटबंदी के बाद कालाधन से बैंक का लोन चुकाने वालों पर इनकम टैक्स ने शिकंजा कस दिया है। विभाग ने ऐसे लोनधारकों से पूछा है कि ‘एकाएक उनके पास इतना पैसा कहां से आया?’ बड़े पैमाने पर डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक के खाताधारकों ने नोटबंदी के बाद अपना लोन चुकता किया है। इनकम टैक्स विभाग ने एलआईसी में भी दस्तावेज खंगाले हैं।
जमा हुआ कालाधन
आयकर विभाग के मुताबिक मेरठ के हजारों खातों में नोटबंदी के बाद लोन की अदायगी के नाम पर कालाधन जमा किया गया है। सर्वाधिक खाते डिस्ट्रिक्ट कोआपरेटिव बैंक से संबंधित हैं। 25 लाख या उससे अधिक के लोन को नोटबंदी के बाद कैश चुकाने वालों पर विभाग ने शिकंजा कस दिया है।
भेजे गए नोटिस
नोटिस भेजकर विभाग ने ऐसे लोनधारकों से पूछा है कि ‘आखिर एकाएक वो इतनी रकम कहां से लाए हैं.’ विभाग का मानना है कि ये रकम कालाधन है जिसे ठिकाने लगाने के इरादे से लोन की अदायगी कर दी गई। रकम के स्रोत को स्पष्ट न कर पाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
खंगाली गई फाइलें
सूचना के आधार पर पिछले दिनों आयकर विभाग ने एलआईसी की फाइलें भी खंगाली हैं। सूचना थी कि नोटबंदी के बाद कालेधन से लोगों ने जीवन बीमा निगम को पॉलिसी की किस्तें अदा की हैं। बड़े पैमाने पर कालेधन की खपत की सूचना था हालांकि जांच में आयकर विभाग को यहां से ऐसा कुछ नहीं मिला है।
हर लेनदेन पर है नजर
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि नोटबंदी के बाद बड़े पैमाने पर जिन मदों में नकदी खर्च की गई है वे सब रडार पर हैं। आयकर विभाग ने बैंकों को निर्देश दिए हैं कि बड़े लेनदेन और बकाएदारों की सूची मुहैया करा दें।

व्यापारियों को बांधा गया तो आएगी मंदी

MEERUT। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट द्वारा दो लाख की खरीदारी या फिर ट्रांजेंक्शन पर सरकार को जानकारी देना का व्यापारियों ने तुगलकी फरमान जैसा बताया। व्यापारियों ने कहा कि इनकम टैक्स को जानकारी दें या फिर व्यापार करें।
ये बोले व्यापारी
व्यापारियों को सूचनाओं में बांधना ठीक नहीं है। व्यापारी व्यापार करेगा या फिर पूरे दिन सूचनाएं ही बनाता रहेगा। नोटबंदी से पहले ही व्यापार ठप हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी छोटे व्यापारियों को हो रही है।
नवीन गुप्ता अध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
इस प्रकार के आदेश तुगलकी फरमान जैसे हैं। ऐसे आदेश से व्यापारियों को खासा नुकसान हो रहा है। अधिकांश व्यापारी इनकम टैक्स भरते है। व्यापारियों के पास कालाधन नहीं है।
– गुल्लु ठाकुर, सरधना व्यापार संघ अध्यक्ष
इस प्रकार के आदेश को देश को मंदी की ओर ले जाएंगे। यदि व्यापारी सूचनाएं ही देता रहेगा तो वह व्यापार कब करेगा। इस प्रकार के आदेश बिना सोचे और समझे हुए लिए हैं।
– कमल ठाकुर, उपाध्यक्ष संयुक्त व्यापार संघ
नोटबंदी के कारण पहले ही व्यापारी परेशान हैं। व्यापार एक प्रकार से ठप से हो गए हैं। सरकार ने इतनी पाबंदी लगा दी हैं कि व्यापार करना मुश्किल हो गया है। ऊपर से इनकम टैक्स ने एक और फरमान जारी कर दिया है। इस प्रकार से व्यापारियों को परेशान करना ठीक नही है।

लैपटॉप पाकर खिले चेहरे

MEERUT : सीसीए यूनीवर्सिटी के प्रेक्षागृह में प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी व फ्लैगशिप योजना माध्यमिक शिक्षा विभाग की लैपटॉप व श्रम विभाग की साइकिल तथा मृत्यु एवं अंत्येष्टि योजना के लाभार्थियों को शनिवार लाभान्वित किया गया। कैबिनेट मंत्री (श्रम एवं सेवायोजन) शाहिद मंजूर ने मेधावी छात्रों को लैपटॉप देते हुए कहा कि सरकार ने हर वर्ग को लाभान्वित किया।
लाभार्थियों के खिले चेहरे
इस दौरान 1222 मेधावी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप वितरण किए गए। 50 श्रमिकों को साइकिल और मृत्यु एवं अंत्येष्टि योजना के 13 लाभार्थियों को 21 लाख 55 हजार रुपये के स्वीकृति पत्र दिए गए। कबीना मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा अनेकों कल्याणकारी योजनाएं आमजन के लिए चलाई जा रहीं हैं जो बिना किसी जाति या संप्रदाय को ध्यान में रखकर हैं। सीएम अखिलेश यादव ने युवाओं को सूचना प्रौद्योगिकी से जोड़ने का कार्य किया है तथा आज वितरित किए जा रहे लैपटॉप छात्र- छात्राओं के पढ़ाई व उनके सुनहरे भविष्य के लिए कारगर सिद्ध होंगे।
ये रहे मौजूद
आयोजन में डीएम बी। चन्द्रकला, दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री राजपाल सिंह, रफीक अंसारी, इसरार सैफी, सपा जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह, महानगर अध्यक्ष अब्दुल अलीम, परविन्द्र सिंह ईशु, गोपाल दास अग्रवाल, पिन्टू राणा, विपिन त्यागी, सीडीओ विशाख जी, डीआईओएस श्रवण कुमार यादव ने अपने विचार रखे.
लैपटॉप वितरण योजना
1211- वर्ष 2015 का लक्ष्य
1173- 2016 का लक्ष्य
2384- कुल लैपटॉप का वितरण
2242- लैपटॉप हुए शासन से प्राप्त
142- अतिशीघ्र आने वाले
– माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा, संस्कृत विद्यालयों के 1222 मेधावी छात्र- छात्राओं को लैपटॉप का निशुल्क वितरण किया गया है.
– जिनमें 461 सामान्य जाति के, 253 अति पिछड़ा वर्ग के, 319 अनुसूचित जाति व जनजाति के व 189 अल्पसंख्यक समुदाय के छात्र शामिल हैं.

नए बिजली घर होंगे 139

MEERUT। मेरठ समेत पश्चिमांचल के सभी शहरों में 24 घंटे पावर सप्लाई को मेंटेन करने के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की है। इसके लिए प्रदेश सरकार के साथ केन्द्र सरकार ने भी बिजली के बड़े प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। केन्द्र की आईपीडीएस और डीयूजीजेवाई योजना के अंतर्गत मार्च- 2017 तक 139 बिजली घर पीवीवीएनएल के बेड़े में शामिल कर लिए जाएंगे।
मार्च- 17 तक 139 बिजली घर
दरअसल, केन्द्र सरकार की आईपीडीएस (इंटीग्रेटेड पॉवर डेवलपमेंट स्कीम) व डीयूजीजेवाई (दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण ज्योति योजना) के अंतर्गत पश्चिमांचल में 139 नए बिजली घर बनाने की शुरुआत की गई है। जिसमें से 95 बिजली घरों का निर्माण अब तक पूर्ण कर लिया गया है। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के चीफ इंजीनियर (एमएम) जीके गुप्ता ने बताया कि आईपीडीएस योजना के अंतर्गत कुल 139 बिजली घर बनने प्रस्तावित हैं, जिनमें से 96 का सर्वे पूर्ण कर लिया गया है और 53 बिजली घरों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण कर लिया गया है। वहीं डीडीयूजीजेवाई के अंतर्गत कुल 140 बिजली घरों की क्षमता वृद्धि होनी है, जिसमें से 42 पर काम पूर्ण कर लिया गया है।
मेरठ जोन होंगे 16 बिजली घर
योजना के अंतर्गत मेरठ जोन में 33/11 केवीए के 16 बिजली घर, गाजियाबाद में 26, मुरादाबाद में 20 व सहारनपुर में 30 नए बिजली घर बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन ने 458 करोड़ रुपए की किस्त सैंक्शन की है.
आईपीडीएस व डीडीयूजीजेवाई के अंतर्गत 139 बिजली घरों पर काम किया जाना है। जिनमें से 95 बिजली घरों का काम लगभग पूर्ण कर लिया गया है। इन योजनाओं से पीवीवीएनएल की तस्वीर बदल जाएगी।

बिजली विभाग की योजनाओं में मंद पड़ा करंट

MEERUT। शहर में बिजली की महत्वाकांक्षी योजनाएं एक के बाद एक धड़ाम होती जा रहीं हैं। इसी का नतीजा रहा कि 2016 में बिजली की कई योजनाएं धड़ाम रही। सरकार की मदद से विभाग पॉवर सप्लाई दुरुस्त करने के लिए कई अहम योजनाएं तो लाया लेकिन क्रियान्वयन के धरातल पर अधिकतर योजना खेत रही। हालांकि नवंबर आते- आते पावर सप्लाई की स्थिति जरूर सुधरी.
योजनाएं रहीं खेत
पिछले पांच सालों का रिकार्ड उठाएं तो इस दौरान केन्द्र और राज्य सरकार की मदद से बिजली विभाग आधा दर्जन योजनाएं लेकर आया। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से बिजली विभाग ने शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति का करने का सपना संजोया था, लेकिन दुर्भाग्य वश विभाग एक भी योजना का मूर्त रूप नहीं दे सका और अधिकतर योजनाएं केवल फाइल और कागजों का हिस्सा बनकर रही रह गई।
ये हैं योजनाएं
– आरएपीडीआरपी- बी ( रि- स्ट्रक्चरड एसेलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट एंड रि- फॉर्म प्रोग्राम)
– आरजीजीवाई – राजीव गांधी ग्रामीण ज्योति योजना
– फीडर सेग्रीगेशन
– स्कैडा
– ऑन लाइन बिलिंग
– एसएमएस अलर्ट
– प्रीपेड मीटिरिंग
– रूरल मीटिरिंग
– एलईडी प्रोजेक्ट
आरएपीडीआरपी- बी आरएपीडीआरपी पार्ट ए के बाद पार्ट बी को तीन सालों में समाप्त करने के निर्देश प्राप्त हुए थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक यह योजना फाइलों में ही दम तोड़ रही है। इसके अंतर्गत शहर की एलटी, एचटी लाइनों का मेंटीनेंस के साथ- साथ नए फीडरों का निर्माण, फीडरों की क्षमता वृद्धि, 66 11 व 33 11 के नए बिजली घरों का निर्माण, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, एबीसी कंडक्टर का इस्तेमाल व मोबाइल सब- स्टेशन आदि कार्य कराए जाने थे।
फीडर सेग्रीगेशन – फीडर सेग्रीगेशन योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में बेहतर सप्लाई मुहैया कराना था। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों को मेल सप्लाई से अलग करते हुए उनके लिए अलग से फीडर निर्माण कार्य कराए जाने थे, लेकिन पांच साल बाद भी योजना अपने पॉयलट प्रोजेक्ट से बाहर नहीं आ पाई है.
स्कैडा – स्कैडा भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना की शुरुआत भी 2008 में की गई थी। योजना का मुख्य उददेश्य शहर की बिजली को सेंट्रलाइज करना था। इसके लिए शहर के समस्त फीडरों का इंटरकनेक्टेड़ करना था। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होता कि टेक्निकल फॉल्ट के चलते एक फीडर की बत्ती गुल होते ही प्रभावित क्षेत्र को तुरंत ही दूसरे फीडर से कनेक्ट कर दिया जाता।
ऑल लाइन बिलिंग
– जन सुविधाओं को आसान व सरल बनाने के लिए विभाग ने 2009 में पूरे सिस्टम के ऑन लाइन बनाने का निर्णय लिया था। हालांकि इस योजना पर काम करते हुए विभाग ने मेरठ समेत पश्चिमांचल के कई जनपदों को ऑन लाइन भी कर दिया, लेकिन योजना का सही प्रचार प्रसार न होने के कारण योजना पूरी तरह से परवान नही चढ़ पाई है और आज भी अधिकांश लोग विंडो पेमेंट के लिए लाइन में लगते नजर आते हैं।
आएपीडीआरपी पार्ट ए को कंप्लीट कर लिया गया है। हालांकि शुरुआत में काम कुछ धीमी गति से चला, लेकिन अब कार्यो में तेजी लाई जा रही है। पावर सप्लाई की स्थिति अब सुधर चुकी है.