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सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.

यूपी के बागपत में नाव पलटी, अभी तक 19 की मौत, तलाशी अभियान जारी

Baghpat: many people dead after a boat carrying over 24 people capsized in Yamuna river
यूपी। बागपत के काठा गांव में यमुना में नाव पलटने की खबर सामने आयी है। बताया जा रहा है कि हादसे में करीब 50 लोग नदी में डूबे हैं। मौके पर बचाव कार्य के लिए सैंकड़ो ग्रामीण पहुंचकर कर तलाशी कार्य में मदद कर रहे हैं। अब तक 19 लोगों के शव निकाले जा चुके हैं। वहीं, 25 लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।

जानकारी के मुताबिक ये लोग काठा से नाव में सवार होकर सोनीपत मजदूरी के लिए जा रहे थे। लोगों का कहना है कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। इसीलिए यह पलट गई। हालांकि हादसे के कारणों का आधिकारिक तौर पर कोई खुलासा नहीं हुआ है।

राहत और बचाव का कार्य अभी जारी है। यमुना से निकाले गए 16 लोगों को इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया है। इनमें 8 को मेरठ के लिए रेफर किया गया है।

ये है आपके बच्चे की स्कूल बस

school bus of your ward
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की कत्ल की घटना से पूरे देश में अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है। स्कूली बसों से लेकर स्कूल की सुरक्षा पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए अमर उजाला ने मेरठ में स्कूल की बसों और ऑटो का जायजा लिया। लेकिन हालात बदतर ही नजर आए। शहर में भी स्कूली बसों के हालात संतोषजनक भी नहीं है। कुछ दिन पहले शहर के एक नामचीन पब्लिक स्कूल के बस कंडक्टर की लापरवाही से बच्चे का बस स्टॉप से ही अपहरण हो गया। ऐसी तमाम छिटपुट घटनाएं, लेकिन इन घटनाओं के बावजूद स्कूल बसों में सुधार के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
घिसे टायर, टायरों की उम्र छिपाने को चढ़ी छुर्रीदार रबड़, सुरक्षा संकेत गायब, न फर्स्टएड बॉक्स, न फायर सेफ्टी, बदरंग ढांचा। ये आपके बच्चे की स्कूल बस है। आपके बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाली यह वो बस है, जिसे बिना वर्दी वाला ड्राइवर चलाता है। यही ड्राइवर बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का सफर हर रोज तय कराता है। अधिकांश बसें सिर्फ ड्राइवरों के भरोसे ही हैं। ऑटो तो भगवान भरोसे ही चल रहे हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद आप कभी भी सड़क पर ऑटो पर लटके हुए बच्चों को देख सकते हैं।

गाइड लाइन का खुलकर उल्लंघन
स्कूल बसों में सीबीएसई के आदेशों का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। बसों पर स्कूल का फोन नंबर, नाम नहीं है। चालक , कंडक्टर का फोन नंबर, स्पीड नियंत्रण संदेश, बच्चों के उतरने का संदेश नहीं हैं। बच्चों को बस धीमी करके उतार देते हैं। कई बसों में हेल्पर, कंडक्टर भी नहीं, जो बच्चे को स्टॉप तक छोड़े। ट्रंासपोर्टेशन फीस में बच्चे को घर से लाने-ले जाने की बात होती है, लेकिन बस चालक बच्चों को सड़क पर ही छोड़ आगे बढ़ जाते हैं।

ठेके  पर चल रहा स्कूल ट्रांसपोर्टेशन 
शहर के कई स्कूलों के पास निजी ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं हैं। निजी बसें या ठेकेदार की बसें चल रहीं हैं। कई बसों का ये हाल है कि ठेकदार दूसरे शहर में है और बसें मेरठ में चल रही हैं। अगर मेरठ में किसी बस से दुर्घटना हो जाए तो उसके मालिक को आने में कम से कम चार से पांच घंटे का समय लगेगा। दूसरे शहरों की खटारा, आउटडेटेड बसों पर पीला कलर पुतवाकर स्कूल बस में काम ले रहे हैं। निजी बस सेवा होने के कारण अधिकांश स्कूलों की बसें टूटी हैं। उनमें सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। स्कूल प्रबंधन निजी बस होने के कारण बसों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता। बसों में सुरक्षा इंतजाम कभी परखे नहीं जाते।

ये है गाइडलाइन
. बस की पहली सीढ़ी की ऊंचाई 325 मिलीमीटर से अधिक न हो
. बस लो-फ्लोर हो, खिड़की और रेलिंग भी हो
. बस में बैग रखने की जगह हो, हर साल उसकी जांच हो
. ठेके की बस है तो स्कूल के साथ कांट्रेक्ट की प्रति भी बस में हो
. बस में ड्राइवर के साथ कंडक्टर और हेल्पर मौजूद हो
. कंडक्टर बच्चों को बस से उतारने, चढ़ाने के अलावा सड़क भी पार कराएगा
. बस स्टाफ वैध सिक्योरिटी एजेंसी से मान्यता प्राप्त हो, यूनिफार्म में होना अति आवश्यक
. बसें पीले रंग की हों, जिस पर स्कूल का नाम, फोन नंबर अवश्य लिखा जाए
. बस पर कंडक्टर, चालक का नाम, फोन नंबर, सुरक्षा के निर्देश व सुरक्षा पहचान चिह्न होना आवश्यक
. बस में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो
. बस चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस हो
. बस चालक के स्वास्थ्य का परीक्षण हर छह माह में किया जाए
. बस चालक व कंडक्टर शराब पीकर बस न चलाए
. बस खटारा एवं उसके खिड़की दरवाजे टूटे न हों, रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हो

ऐसे चले स्कूल बस
. बस की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो
. रांग साइड में बस न रोकी जाए
. बच्चा बस से सुरक्षित न उतरे तब तक बस आगे न बढ़ाएं
. क्षमता से अधिक बच्चे न बैठाएं
. बच्चों को घर से लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी निभाएं।

बारबेक्यू नेशन ने मेरठ में अपना पहला आउटलेट खोला

भारत के सबसे सफलतम कैजुअल डाइनिंग रेस्तरां की श्रृंखलाओं में एक बारबेक्यू नेशन ने अब मेरठ  में अपना आउटलेट शुरु किया है। इस शहर का पहला बारबेक्यू नेशन आउटलेट सिविल लाइन्स एरिया में खोला गया है। आउटलेट का उद्घाटन NGO ज्ञानोदय के बच्चों द्वारा किया गया । भारत में बारबेक्यू नेशन का यह 86वां आउटलेट है।

अब मेरठ  में स्वाद के दीवाने इस नए आउटलेट में, अपने टेबल पर ही लगे लाइव ग्रिल्स पर अपने पसंदीदा वेज और नॉनवेज बारबेक्यू को ग्रिल करने का लुत्फ उठा सकेंगे। इस आउटलेट में एक बार में करीब 100 मेहमानों के बैठने की व्यवस्था होगी। रेस्तरां की सजावट बारबेक्यू नेशन की विरासत और सिद्धांत को ध्यान में रख कर की गई है। यहां सफेद-नारंगी रंग का बारबेक्यू नेशन का नया ब्रांड लोगो है, जिसमें ब्रांड के नाम के ऊपर एक ताज उसकी शोभा बढ़ाता है। रेस्तरां का लुक एंड फील आपको बारबेक्यू नेशन की पारंपरिक सज्जा में एक नया एहसास दिलाएगा। यहां की कलर स्कीम, बैठने की व्यवस्था, संपूर्ण माहौल में बदलाव किये गये हैं और यूनिफॉर्म पहने सर्विस एग्जिक्यूटिव्स एक आधुनिक तथा उत्साही वातावरण निर्माण करते हैं।

बारबेक्यू नेशन ने ही सबसे पहले ‘DIY’ (डू-इट-योरसेल्फ) कूज़िन की शरुआत की थी, जिसमें मेहमान के टेबल पर, उनके सामने ही ग्रिल करने का कॉन्सेप्ट है और आज यह देश का सबसे बड़ा कैजुअल डाइनिंग ब्रांड बन चुका है। रेस्तरां में पहले से तय मेनू फिक्स्ड प्राइस पर पेश किया जाता है। इसके मेनू में मेडिटेरेनियन, अमेरिकन, ओरिएंटल और इंडियन व्यंजनों का समावेश है। यहां ग्राहकों को अपने ही टेबल पर मैरिनेड्स और सॉस की रेंज में कई प्रकार के स्टार्टर्स ग्रिल करने और सीधे स्क्युअर्स पर ही उन्हें खाने की सुविधा मिलेगी। वहीं, बारबेक्यू नेशन में एक फिक्स्ड प्राइस के अंतर्गत, एक फुल कोर्स बुफे मेनू पेश किया जाता है जिसमें सूप, सलाद, मेन कोर्स डिशेज़ और डेजर्ट्स उपलब्ध होंगे।

बारबेक्यू नेशन के बुफे में अनेक प्रकार के वेज और नॉन वेज मेन कोर्स मील्स के साथ सूप भी पेश किया जाता है, और आप जितना चाहें जी भर खा सकते हैं। इसके लोकप्रिय स्टार्टर्स मेनू में मशलिका चिकन टिक्का, अजवैनी फिश टिक्का, मटन गिलाफी सीक कबाब के साथ-साथ बीबीक्यू पाइनएप्पल, हरियाली कबाब, तंदूरी पनीर टिक्का सहित अन्य व्यंजनों का समावेश है। मेरठ  का रेस्तरां इस लिये भी खास है कि यहां डेजर्ट के रूप में आम तौर पर दिए जाने वाले कसाटा पेस्ट्री, मैंगो टार्ट, लौकी का हलवा, ऑरेंज चीज़ केक आदि के अलावा चार अलग-अलग प्रकार के मुरब्बे भी परोसे जाएंगे।

बारबेक्यू नेशन हॉस्पिटैलिटी लि. के चीफ एग्जिक्यूटिव ऑफिसर श्री समीर भसीन ने कहा, “मेरठ  में अपने आउटलेट खोलने की घोषणा करते हुए हमें बेहद खुशी है। बारबेक्यू नेशन का आउटलेट एक सुविधाजनक स्थान पर मौजूद है, जहां इंडियन ऑयल या प्रभा टॉकीज जैसी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को लंच या डिनर के लिए अपने साथियों या फैमिली के साथ आना आसान होगा। हमें पूरा भरोसा है कि इस आउटलेट को मेरठ  के लोगों द्वारा पसंद किया जाएगा।”

कहां, तीसरा मंजिल, खसरा नं। 5,832, शिखर टावर,
पंचशील कॉलोनी, गढ़ रोड, मेरठ,
उत्तर प्रदेश – 25000

कब: रात के खाने का समय
लागत: लगभग दो रुपये के लिए भोजन 1600 लगभग
संपर्क संख्या: 088 991 16060

बारबेक्यू नेशन के बारे में

बारबेक्यू नेशन लाइव ऑन-द-टेबल ग्रिल के कॉन्सेप्ट के साथ ग्राहकों को DIY’ (डू इट योरसेल्फ) की सुविधा देने वाला पहला रेस्तरां है, जिसने अपना पहला स्टोर मुंबई में 2006 में खोला था। बारबेक्यू नेशन की शुरुआत ग्राहकों को किफायती दामों पर एक संपूर्ण डाइनिंग अनुभव पेश करने के एक साधारण विज़न के साथ की गई थी। इस सिद्धांत को सेवा के सभी पहलूओं में लागू किया, जिससे इस रेस्तरां श्रृंखला का तेजी से विस्तार हुआ। 2008 तक बारबेक्यू श्रृंखला की पूरे देश में महत्वपूर्ण उपस्थिति बन चुकी थी। इसके रेस्तरां चंडीगढ़, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे राज्यों में खोले गए। पूरे देश में बारबेक्यू रेस्तरां चेन उन ग्राहकों को लुभाने में सफल रहा जिन्हें पैसे चुकाने पर मनपसंद खाना चाहिए। 2015 में बारबेक्यू नेशन ने अपने आउटलेट्स पर ‘लाइव काउंटर’ की भी शुरुआत की, जहां एक शेफ ग्राहकों के सामने बिल्कुल उनकी पसंद के अनुसार व्यंजन तैयार कर देते हैं।

ग्राहकों संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, इस रेस्तरां श्रृंखला में नियमित रूप से अनोखे फूड फेस्टिवल्स आयोजित किये जाते हैं जहां ग्राहकों के लिए मज़ेदार व्यंजनों की रेंज पेश की जाती है –बॉ़लीवुड बारबेक्यू फुड फेस्टीवल इसी कड़ी का एक हिस्सा है। आज पूरे भारत में बारबेक्यू के 86 से भी अधिक आउटलेट हैं और नए स्थानों पर विस्तार की योजना भी है, ताकि बारबेक्यू नेशन का जादू फैलाया जा सके।

डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

 डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

जब राहुल ने ऑरिगेनो का पैकेट खोला तो उसमें से कीड़े बाहर न‍िकलने लगे

खास बातें

  1. कीड़ों का रंग भी ऑरिगेनो की तरह था
  2. पिज्‍जा खाने के बाद राहुल बीमार पड़ गए
  3. राहुल ने कंज्‍यूमर ड‍िपार्टमेंट में भी श‍िकायत की है

नई द‍िल्‍ली : बदलती लाइफस्‍टाइल के साथ हम भारतीयों को भी प‍िज्‍जा खूब भाने लगा है. सिर्फ बच्‍चे ही नहीं बल्‍कि बड़े भी इसे खूब चाव से खाते हैं. और खाएं भी क्‍यों न प‍िज्‍जा होता ही इतना टेस्‍टी है. क्रंची बेस, चीज़ी लेयर और मनपसंद टॉपिंग की वजह से यह सबका फेवरेट बना हुआ है. ऊपर से ऑरिगेनो की सीजनिंग इसे और टेस्‍टी बना देती है. लेकिन तब आप क्‍या करेंगे जब आपको पिज्‍जा सीजनिंग में रेंगते हुए कीड़े दिख जाएं. जी हां, यह बिलकुल सच है. दरअसल, फेसबुक पर एक वीडियो पोस्‍ट किया गया है जिसमें डॉमीनोज के सीजनिंग पैकेट में कीड़े रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.

यह वीडियो दिल्‍ली के रहने वाले राहुल अरोड़ा ने पोस्‍ट किया है. अपने पोस्‍ट में उन्‍होंने  लिखा है, ‘भारत में डॉमिनोज़ पिज्‍जा प्रेमियों सावधान! वेआपको खाने के लिए ये (कीड़े) दे रहे हैं.’  हालंकि डॉमिनोज़ ने फेसबुक पर राहुल से मांफी मांगते हुए पूरे मामले की जांच का आश्‍वासन दिया है.

राहुल ने यह वीडियो 10 सितंबर को पोस्‍ट किया था. उनका दावा है कि उन्‍होंने शुक्रवार शाम ऑ‍नलाइन पिज्‍जा ऑर्डर किया था और अगले दिन सुबह उन्‍हें ऑरिगेनो में कीड़े दिखाई दिए. राहुल ने एनडीटीवी को बताया, ‘कीड़े बहुत ही छोटे थे और कोई भी उन्‍हें ऑरिगेनो ही समझता क्‍योंकि वो ज्‍़यादा हिल नहीं रहे थे. उनका रंग और आकार भी ऑरिगेनो की ही तरह था. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है इसलिए जैसे ही मैंने अपनी अंगुली से ऑरिगेनो चेक किया कीड़े बिखर गए.’ इतना ही नहीं राहुल को ऑरिगेनो के बाकि बचे चार पैकेटों में भी कीड़े मिले.


बाद में राहुल को डॉमिनोज़ से ऑडर रिप्‍लेस करने के लिए फोन भी आया. उनके मुताबिक, ‘मैंने उनसे कहा कि यह कोई लेट डिलिवरी का मामला नहीं है. उनका खराब खाना खाकर हम बीमार पड़ गए. इस मामले को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए.’

यही नहीं राहुल ने कंज्‍यूमर अफेयर डिपार्टमेंट में भी इस मामले को लेकर श‍िकायत दर्ज की है और उन्‍हें जवाब का इंतज़ार है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि अगर यह अमेरिका में हुआ होता तो क्‍या होता. भारतीय ग्राहकों के प्रति ‘चलता है’ वाले एटीट्यूड को खत्‍म होना ही चाहिए.’

गुड़गांव रेयान स्कूल मर्डर: पिंटो परिवार को गिरफ्तारी से एक दिन की राहत

रेयान इंटरनेशनल स्कूल।

रेयान इंटरनेशनल के सीईओ रेयान पिंटो द्वारा दायर अग्रिम जमानत की याचिका पर आज (12 सितंबर) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। पिंटो परिवार को हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से एक दिन की राहत दे दी है। हरियाणा पुलिस की टीम उससे पूछताछ के लिए पहले ही मुंबई पहुंच चुकी है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल के वकील ने इस बात की जानकारी दी थी कि स्कूल के संस्थापक और प्रेसिडेंट ऑगस्टीन पिंटो और स्कूल की प्रबंध निदेशक उनकी पत्नी ग्रेस पिंटो ने अपने बेटे रेयान पिंटो के साथ बुंबई हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी।

अबतक क्या हुआ: गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार (8 सितंबर) सात साल के बच्चे प्रद्यूम्न की हत्या हो गई। हत्या का आरोप बस कंडक्टर पर लगा। उसके बाद स्कूल के बाहर प्रद्यूम्न के मात-पिता के साथ-साथ बाकी पेरेंट्स ने भी स्कूल के बाहर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि कंडक्टर को फंसाया जा रहा है जबकि असल बात कुछ और ही है। प्रदर्शन में हिंसा भी हुई जिसमें पुलिसवालों ने डंडे भी चलाए।

इसी बीच वसंत कुंज वाले रेयान के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई। वहां सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे और पानी के टैंक कथित तौर पर खुले रहते थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा सरकार के साथ-साथ CBSE को नोटिस भेजा। सुप्रीम कोर्ट को तीन हफ्ते के अंदर जवाब देना होगा। इसमें सभी स्कूलों में सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए कहा गया है। रेयान स्कूल में तोड़फोड़ भी की गई थी। घटना के बाद का वीडियो भी सामने आया था। उसमें टॉयलेट के अंदर खून ही खून दिख रहा था।

गुरुग्राम में बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, रयान स्कूल के दो सीनियर अधिकारी गिरफ्तार

गुरुग्राम में बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, रयान स्कूल के दो सीनियर अधिकारी गिरफ्तार

गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे की शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी

खास बातें

  1. सोहना के SHO को सस्पेंड किया गया
  2. स्कूल का जूनियर और नर्सरी सेक्शन अगले आदेश तक बंद
  3. SIT जांच में स्कूल में कई खामियां उजागर

गुरुग्राम: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में स्कूल मैनेजमेंट के दो सीनियर अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. स्कूल के रीजनल हेड और एचआर हेड को गिरफ्तार किया गया है और दोनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. कुछ अन्य टीचरों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं सोहना थाने के एसएचओ को भी सस्पेंड कर दिया गया है. स्कूल कम से कम मंगलवार तक बंद रहेगा. रयान इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट ने अभिभावकों को सूचित किया कि जूनियर और नर्सरी सेक्शन अगले आदेश तक बंद रहेंगे. हालांकि छठी से 12वीं तक के क्लास बुधवार को परीक्षा के लिए खुलेंगे. हत्या की जांच कर रही एसआईटी को स्कूल में कई खामियों का पता चला है. जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल में एक-दो नहीं, बल्कि कई स्तर पर लापरवाही बरती जा रही थी. एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि स्कूल में सीसीटीवी लगाने में गड़बड़ी की गई थी. साथ ही स्कूल के अंदर ड्राइवर और कंडक्टरों के लिए अलग से कोई टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी. स्कूल की बाउंड्री भी टूटी हुई थी और टॉयलेट बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं थे.

एसआईटी के सदस्यों ने यह भी बताया कि स्कूल के कर्मचारियों की सही तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन नहीं की जाती है. रविवार को नाराज लोगों ने स्कूल के पास के शराब के एक ठेके को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया. कुछ मीडियाकर्मियों को भी चोटें आई हैं. अभिभावक लगातार स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा है कि इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और स्कूल प्रबंधन को जबावदेह ठहराया जाएगा. वहीं हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने रविवार को कहा कि इस मामले में आरोपपत्र सात दिन में तैयार होगा. बहरहाल, अगर बच्चे के माता-पिता सीबीआई या किसी दूसरी एजेंसी से जांच की मांग करते हैं तो सरकार उनकी मांग स्वीकार कर लेगी.

VIDEO : एसआईटी रिपोर्ट में गुरुग्राम के स्कूल में कई खामियों का जिक्र

बीते शुक्रवार को स्कूल के टॉयलेट में दूसरी कक्षा के प्रद्युम्न ठाकुर की गला काटकर हत्या कर दी गई थी. इस कांड के सिलसिले में बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है.

नवविाहिता की गला रेतकर हत्या कर… पति ने उठाया ये खौफनाक कदम

Killed the wife, husband raised this creepy step
निधि का फाइल फोटो
एक युवक ने अपनी नवविवाहिता पत्नी की छुरे से गला रेतकर हत्या दी और खुद पटरी पर सिर रखकर ट्रेन से कटकर जान दे दी। गांव वालों का कहना है कि युवक मानसिक रूप से बीमार था।

बिजनौर के गांव खानपुर माधो उर्फ तिमरपुर निवासी अंकित का विवाह 27 जून को चांदपुर थाने के गांव हल्ला नंगली निवासी निधि से हुआ था। अंकित घरवालों के साथ मिलकर खेती करता था। रविवार को अंकित की मां, पिता व भाई एक रिश्तेदारी में आरिष्टी में शामिल होने कोतवाली शहर के गांव सड़ियापुर गए थे। घर पर निधि, अंकित, अंकित की दादी कलावती व निधि के ताऊ कूड़े सिंह थे। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे अंकित ने कूड़े सिंह को खाना खिलाया और उनके कमरे में तेज आवाज में टीवी चला दिया। अंकित ने अपने कमरे में जाकर वहां मौजूद निधि की छुरे से गला रेतकर हत्या कर दी और घर से फरार हो गया। अंकित की दादी ने उसे घर से भागते देखा, लेकिन ध्यान नहीं दिया। करीब डेढ़ बजे कूड़े सिंह अपने कमरे से बाहर निकले तो उन्होंने निधि के कमरे से खून बहकर आंगन में आता देखा। वे भागकर कमरे में गए तो वहां निधि का रक्तरंजित शव जमीन पर पड़ा था। पास में ही हत्या में प्रयुक्त छुरा पड़ा था। सूचना पर निधि के घरवाले भी गांव पहुंच गए। उन्होंने निधि के ससुरालवालों पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि मायके वाले निधि को उनसे फोन पर बात तक नहीं करने देते थे। निधि ने किसी तरह शुक्रवार को घर फोन कर अपना हाल बताया था। तब उसके ताऊ कूड़े सिंह उसके घर आए थे।

हत्या कर फरार हो गया था पति

जांच करने पहुंची पुलिस

इस बीच करीब तीन बजे बालावाली व चंदक स्टेशन के बीच गांव नाईवाला के पास एक युवक का शव रेलवे ट्रैक पर पड़े होने की सूचना मिली। गांव वाले मौके पर पहुंचे तो शव की शिनाख्त अंकित के रूप में की। अंकित ने पटरी पर सिर रखकर ट्रेन से कटकर आत्महत्या की थी। नवदंपति की मौत से घर में मातम का माहौल है। गांव वालों का कहना है कि अंकित, घरवालों के साथ खेती में हाथ बंटाता था। फसलों में दवाइयों, कीटनाशकों आदि का छिड़काव अंकित ही करता था। करीब एक महीना पहले फसलों में दवा छिड़कते समय उसके दिमाग पर दवाइयों की गर्मी चढ़ गई थी, तब से उसका दिमागी संतुलन ठीक नहीं था। परिजन उसका उपचार करा रहे थे। सीओ सिटी गजेंद्रपाल सिंह व एसओ जसवीर सिंह मौके पर पहुंचे और मृतका के मायके वालों को शांत कर शव कब्जे में लिया। अभी तक मामले की तहरीर नहीं दी गई है।

परत दर परत खुल रहे हैं डेरा सच्चा सौदा के राज, अब विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री बरामद

परत दर परत खुल रहे हैं डेरा सच्चा सौदा के राज, अब विस्फोटक बनाने की फैक्ट्री बरामद

सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा परिसर में तलाशी अभियान दूसरे दिन भी जारी है

सिरसा: हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में आज दूसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी है. आज तलाशी अभियान के दौरान डेरा परिसर में विस्फोटक बनाने की अवैध फैक्ट्री पकड़ी गई हैं. इस फैक्ट्री से 82 पेटी विस्फोटक बरामद हुए हैं. फॉरेंसिंक विभाग की टीम यहां गहन छानबीन में जुटी है. वहीं आज डेरा परिस के अंदर जमीन की खुदाई भी होगी. शनिवार से जारी तलाशी अभियान में धीरे-धीरे डेरे के राज सामने आ रहे हैं. डेरे से शनिवार को 5 लोगों को आजाद कराया गया था, जिनमें 2 नाबालिग हैं.

फॉरेंसिंक टीम ने उस गुफा का भी मुआयना किया, जिसमें राम रहीम ने दो महिलाओं के साथ रेप किया था. जांच में कैश भी बरामद हुआ है, कुछ हार्ड डिस्क भी मिली है. शनिवार को तलाशी के दौरान बिना रजिस्ट्रेशन प्लेट वाली एक लग्जरी कार और पुराने करंसी नोट बरामद किए गए. एक ओबी वैन, बिना लेबल वाली कुछ दवाएं और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया.

VIDEO : सर्च ऑपरेशन में खुलते जा रहे हैं डेरा सच्चा सौदा के राज

पंजाब-हरियाणा हाइकोर्ट के नियुक्त किए गए कोर्ट कमिश्नर की निगरानी में तलाशी अभियान चल रहा है. इस अभियान को 10 भागों में बांटा गया है. सर्च ऑपरेशन के लिए एसपी रैंक के अधिकारियों की 10 टीमें बनाई गई हैं. सिरसा में फिलहाल कर्फ्यू लगा हुआ है. पूरे तलाशी अभियान की सीलबंद रिपोर्ट हाइकोर्ट को सौंपी जाएगी.

भाजपा नेता के घर के बाहर मीट फेंकने पर बवाल, गर्माया सांप्रदायिक माहौल

On throwing meat out of BJP leader house, heated communal atmosphere
भाजपा नेता के घर के बाहर मीट फेंकने पर बवाल
मेरठ में कोतवाली थानाक्षेत्र के खंदक बाजार में भाजयुमो नेता के घर के सामने मीट फेंकने से सांप्रदायिक माहौल गर्मा गया। पुलिस ने पहुंचकर मीट को हटाकर नष्ट कराया।भाजयुमो के महानगर मंत्री दीपक शर्मा का खंदक बाजार में आवास है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब तीन बजे किसी ने उनके घर के सामने पालीथिन में भरकर मीट डाल दिया।

इस दौरान अफवाह फैल गई कि किसी ने गाय के पैर काटकर डाल दिए हैं। इस पर कई भाजपा नेता बाजार में जमा होने लगे। सूचना पर एसओ देहली गेट पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ल भी पहुंच गए। भाजपाइयों ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि ये सब सोची समझी साजिश के तहत किया गया है। अराजक तत्व माहौल खराब कर प्रदेश सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। खंदक बाजार व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन अरोड़ा और अन्य व्यापारियों ने कहा कि बाजार में कई व्यापारियों की दुकानों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इन कैमरों को चेक किया जाए तो आरोपियों का पता चल जाएगा। एसओ देहली गेट ने बताया कि मीट के साथ ऊंट के पैर थे। जिन्हें नष्ट करा दिया गया। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामले में तहरीर नहीं दी गई है।

स्कूटी सवार युवकों ने फेंका

भाजपाईयों ने किया हंगामा

मौके पर पहुंचे सीओ कोतवाली के सामने कुछ भाजपाइयों ने दो किशोर को बुलाकर कहा कि उन्होंने मीट डालने वाले स्कूटी सवार युवकों को देखा है। भाजपा नेता दीपक शर्मा ने बताया कि बाजार में लगे सीसीटीवी कैमरे में आरोपी कैद हो गए हैं। फुटेज पुलिस को सौंप दी गई है।

दंगे का आरोपी बनाया गया था
भाजयुमो नेता दीपक शर्मा को तीरगरान दंगे में आरोपी बनाया गया था। खुद दीपक ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस और मुस्लिम पक्ष की ओर से उन्हें आरोपी बनाकर उनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया था।


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