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हाथों में तिरंगा लिए सोगवारों ने किया शोहदाए कर्बला को याद

haatho me tiranga
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
अब्दुल्लापुर में दोपहर मजलिस के बाद बड़ा कदीमी जुलूस ए जुलजुनाह इमामबाड़ा कोट से बरामद हुआ। इसमें सोगवारों ने हाथों में तिरंगा लेकर शौहदाए कर्बला को याद किया और नौहेख्वानी के बीच मातमपुरसी की। जुलूस मुहल्ला हंडिया, पंडित चौक धर्मशाला होता हुआ गुप्ता चौक पहुंचा, जहां हसन मेहंदी व अली मेहंदी ने अपने साथियों के साथ नौहा पढ़ा।

इसके बाद शाम को जुलूस ए जुलजुनाह में शामिल मातमी दस्ते बाड़े वाली मस्जिद-इमामबाड़े में गए, जहां 45 मिनट तक नौहेख्वानी हुई और सोगवारों ने शौहदाए कर्बला को याद करते हुए मातम किया। इसके बाद जुलूस बाहर आया और अलीशान के मकान के सामने सैकड़ों हुसैनी सोगवारों ने जंजीरों के मातम से अपने शरीर को लहूलुहान कर लिया। इस दौरान यह नौहा पढ़ा जर्रे-जर्रे को सुना दो दास्ताने कर्बला। यहां से जुलूस मुहल्ला बाजार से मुहल्ला गढ़ी पहुंचा, जिसमें नौहेख्वान मीसम, जामीन, अम्मार, इमरान, कमर आलम, तनसीर आदि रहे। इसके बाद जुलूस ए जुलजुनाह विभिन्न मार्गों से होता हुआ मोहल्ला कोट में अजाखाना मौ. आकिल के आवास पर जाकर संपन्न हुआ। इस दौरान जुलूस की व्यवस्था में एडवोकेट नायब अली, नफीस आलम, सरफराज अली, रजा अहमद, हाजी जफर अब्बास, रोशन अब्बास, चांद हुसैन, अब्बास बहादुर, आबिद हुसैन आदि का सहयोग रहा।

छत्ता अली रजा से जुलजुनाह का जुलूस बरामद
मेरठ। मुहर्रम की सात तारीख को शाम शहर क्षेत्र में छत्ता अली रजा से जुलूस ए जुलजुनाह अली हैदर के अजाखाने से बरामद होकर वैली बाजार से गुजरता हुआ मनसबिया घंटाघर पहुंचा। जुलूस के आयोजक चांद मियां व अंजुमन इमामिया रहे, जिसमें इस अंजुमन के वाजिद अली गप्पू व मीसम ने अपने साथियों के साथ नौहेख्वानी कर कर्बला के वाकयात को उजागर किया। जुलूस में शाह अब्बास, हाजी शमशाद अली जैदी, अली हैदर, हामिद अली जमाल, शकील अहमद, हैदर अब्बास, कौसर रजा आदि सोगवार शरीक रहे।

उधर, लोहिया नगर में एल ब्लॉक स्थित नियाज फात्मा के अजाखाने से भी जुलूस ए जुलजुनाह बरामद होकर इमामबारगाह अबू तालिब पहुंच कर संपन्न हुआ, जिसमें अंजुमन जुल्फिकारे हैदरी के मातमदारों और नौहेख्वानों ने नौहे पढ़े। इसी क्रम में रामबाग कालोनी स्थित बाकर जैदी के अजाखाने से जुलूसे अलम-ए-मुबारक बरामद हुआ। इससे पहले यहां आयोजित मजलिस को मौलाना अम्मार हैदर रिजवी ने खिताब करते हुए हजरत इमाम हुसैन के किरदार को बयां किया। जुलूस में रजा नकवी, हसन मियां, अफसर रजा, मेहंदी अली काजमी आदि ने नौहेख्वानी की। जुलूस यहां से जैदी फार्म, कौमी एकता मार्ग, शाहजलाल हॉल के सामने से होता हुआ पंजेतनी इमामबारगाह से जैदी सोसायटी पहुंचा। जुलूस में बाकर जैदी, सगीर जैदी, सुहैल, डॉ. रेहान जैदी, दिलबर जैदी, अब्बास रजा, हाजी शमशाद अली, डॉ. फिरोज जैदी सहित बड़ी संख्या में हुसैनी सोगवार शामिल रहे।

सावधान : भूलकर भी मत खाना व्रत के लड्डू, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

careful : By knowing this truth, you will not eat the laddoo
माधवपुरम में फर्श पर बनते गुड़ और चौलाई के लड् डू और जांच करते अ‌धिकारी
मेरठ में गंदगी में मिठाइयां, फर्श पर व्रत के लड्डू तैयार हो रहे हैं शहर में। जिन लड्डू को व्रत में शुद्ध समझकर हम इस्तेमाल करते हैं, उन चौलाई के लड्डूओं को बनते देखकर आप व्रत तो दूर, सामान्य खाने से भी मना कर देंगे। इस तरह गंदगी में मिठाई या खाद्य पदार्थ बनाकर ये लोग स्वास्थ्य के साथ लोगों की आस्था से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम कारखानों में पहुंची तो ये हालत नजर आयी। चौलाई के लड्डू इस तरह बनते देखकर टीम भी दंग रह गई।
टीम ने दिल्ली रोड स्थित दो कारखानों में छापेमारी कर गुड़, चौलाई के लड्डू, मटर, चने की दाल और नमकीन के सैंपल ले लिए। जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक कारखाना बंद करा दिया गया है।

गोदाम में छापेमारी की

ऐसी गंदगी में बनते हैं लड्डू

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने दोपहर में माधवपुरम में विनोद कुमार के गोदाम में छापेमारी की। जहां से गुड़, चौलाई के लड्डू और नमकीन के नमूने लिए गए। उन्होंने बताया कि गुड़ के चौलाई के लड्डू जहां बनाए जा रहे थे, वहां गंदगी थी। फर्श पर गुड़ और चौलाई का दाना पड़ा हुआ था और कारीगर लड्डू बना रहे थे। इसी जगह लोग आ जा रहे थे। इनके सैंपल लेकर कारखाने के बंद कराने के निर्देश दिए गए।

गंदगी में बनाए जा रहे खाद्य पदार्थ 
मेरठ। गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से रोकने के लिए एफएसडीए लोगों को जागरूक करेगा। साथ ही दुकानदारों को भी साफ-सफाई की हिदायत देते हुए कार्रवाई करेगा। एफएसडीए ने छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। मिठाई आदि खाद्य पदार्थ बनाने वाले उनके रडार पर होंगे। मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित कंचन बंसल के कारखाने में भी छापेमारी की गई, जहां से चने की दाल और मटर की दाल के सैंपल लिए गए। इस कार्रवाई के दौरान अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल गंगवार, दर्पण कुमार, वाईडी आर्य और वैभव शर्मा मौजूद रहे।

मुठभेड़ में दरोगा घायल, पुलिस ने एक बदमाश को मारी गोली, दूसरा फरार

Encounter : police fired in a counter-shot, Daroga injured
मुठभेड़ में दरोगा घायलPC: अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर के नकुड़ में बाइक सवार दो बदमाशों ने चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर बदमाशों को गांव नीची नकुड़ के पास घेर लिया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि दूसरा भाग गया। एक दरोगा को भी गोली लगी है। दोनों को जिला चिकित्सालय भर्ती कराया है। सूचना पर पहुंचे एसपी देहात की अगुवाई में कई थानों की पुलिस ने दूसरे बदमाश की तलाश में घंटों कांबिग की, लेकिन उसका सुराग नहीं लग सका।
मुठभेड़ की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे एसपी देहात विद्या सागर मिश्र ने बताया कि सोमवार की रात नकुड़ कोतवाली प्रभारी जितेंद्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ नकुड़ बस अड्डे पर स्थित पेट्रोल पंप के पास रूटीन चेकिंग कर रहे थे। रात करीब पौने दस बजे पुलिस ने सहारनपुर की ओर से आ रहे बाइक सवार दो लोगों को जैसे ही रुकने का इशारा किया तो उन्होंने पुलिस पर फायरिंग कर दी और शाहजहांपुर रोड की ओर भाग गए। पुलिस ने पीछा कर नकुड़-शाहजहांपुर रोड पर गांव नीची नकुड़ के पास बदमाशों को घेर लिया। खुद को घिरता देख बदमाश बाइक सड़क पर छोड़ एक बाग में घुस गये और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान हुई मुठभेड़ में दोनों ओर से कई राउंड फायरिंग हुई। इसमें एसआई अजय कुमार गौड़ कंधे में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश ओमपाल पुत्र हजारी सिंह निवासी हसनपुर लुहारी थानाभवन भी घुटने में गोली लगने से घायल होकर वहीं गिर पड़ा। उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया। दूसरा बदमाश अंधेरे का फायदा उठाते हुए भाग हो गया। सीओ यतेंद्र नागर ने बताया कि पकड़े गए बदमाश से 32 बोर का एक पिस्टल, पांच कारतूस तथा बाइक जिसमें 315 बोर का एक कारतूस बरामद हुआ है। घायल दरोगा और पकड़े गए बदमाश का जिला में इलाज चल रहा है।

पकड़े गए बदमाश का आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही पुलिस

पुलिस मौके पर तैनात

पुलिस पकड़े गये बदमाश का आपराधिक रिकार्ड खंगाल रही है। एसओ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक की जानकारी के मुताबिक बदमाश ओमपाल पुत्र हजारीसिंह निवासी गांव हसनपुर लुहारी, थाना थानाभवन, जिला शामली के खिलाफ सहारनपुर, थानाभवन, मिर्जापुर, ननौता व चिलकाना आदि थानों में विभिन्न संगीन धाराओं में दो दर्जन से अधिक मुकदमे पंजीकृत मिले हैं। जबकि, फरार हुए बदमाश के बारे में जानकारी जुटायी जा रही है।

त्योहारों के सीज़न में बार्बिक्यू नेशन लाएं हैं त्योहार एक रूप अनेक उत्सव !!


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List of Top 10 Boarding Schools in India

The Top 10 Boarding/Residential Schools in India identified on the grounds of Education, Excellence and Performance. The evaluation has been done on  the basis of teacher welfare and development, competence of faculty, sports education, special needs education, co-curricular education, value for money, infrastructure provision, academic reputation, individual attention to students, leadership/management quality, parental involvement, internationalism, community service, life skills education and conflict management.

The Next time you want to send your child to most sophisticated school, check the rankings below.

The List has been divided into 3 categories of Boarding/Residential Schools:-
Top 10 Boarding Co-Ed School in India
Top 10 Boarding School for Girls in India
Top 10 Boarding School for Boys

Here is a look at how Boarding Schools have performed, as a guide for parents and school authorities on the basis of school performances.

Best Boarding Co – Ed School  Best Boarding for Girls

 

Best Boarding for Boys

 

1. Sahyadri School, Pune Welham Girls School, Dehradun Bishop Cotton School, Shimla
2. Shanti Niketan Vidyapeeth, Meerut Mayo College Girls School, Ajmer The Doon School, Dehradun
3. Lawrence School, Sanawar St. Xavier’s Girls School, Meerut The Scindia School, Gwalior
4. Rajghat Besant School, Varanasi Ecole Globale International Girls School, Dehradun Mayo College, Ajmer
5. The Assam Valley School, Balipara &

Jain International Residential School, Bangalore

Ashok Hall Girls Residential School, Ranikhet Welham Boys School, Dehradun
6. Sri Sathya Sai Higher Sec. School, Prasanthi Nilayam, Puttaparthi Vidya Devi Jindal School, Hisar Rashtriya Indian Military College, Dehradun
7. Sherwood College, Nanital Mussoorie International School, Mussoorie Birla Public School, Pilani
8. New Era High School, Panchgani Shah Satnam Ji Girls School, Sirsa Sarala Birla Academy, Bangalore
9. Orchid International School, Nashik Mody School, Lakshmangarh, Rajasthan St. Joseph’s School, North Point, Darjeeling
10. Lawrence School, Lovedale, Ooty Hopetown Girls School, Dehradun & Birla Balika Vidyapeeth, Pilani Birla Vidya Mandir, Nainital

 

एमडीए जमीन दे तो रोडवेज बाहर जाने को तैयार

mda give land , than roadways is ready to go out
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 एनजीटी में चल रहे रोडवेज बस अड्डों को शहर से बाहर करने के मामले का पटाक्षेप करने के इरादे से बुलाई गई एमडीए वीसी की बैठक काफी हंगामेदार रही। बैठक में याचिकाकर्ता लोकेश खुराना और रोडवेज अधिकारियों के बीच कई बार तीखी नोकझोंक हुई। बाद में रोडवेज अधिकारियों ने कोर्ट में लगाए गए हलफनामे में बस अड्डे के लिए मांगी गई 200 एकड़ जमीन में सुधार करने और एमडीए द्वारा उपयुक्त जमीन मुहैया कराने पर शहर से बाहर जाने को तैयार रहने की बात कही। वीसी ने 25 सितंबर को दोनों पक्षों की फिर से बैठक बुलाई है।

शहर में जाम व प्रदूषण का पर्याय बने रोडवेज बस अड्डों को बाहर करने का प्लान एमडीए ने मास्टर प्लान में किया था, लेकिन अभी तक इस पर अमल नहीं हो सका है। मामले के विरोध में आरटीआई एक्टिविस्ट लोकेश खुराना ने एनजीटी में रिट फाइल कर रखी है। कोर्ट में राज्य सरकार को छोड़कर अन्य सभी विभागों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। 21 सितंबर को हुई सुनवाई में एनजीटी ने मामले में 17 अक्तूबर की तिथि लगाई है। मामले का पटाक्षेप कोर्ट से बाहर करने के इरादे से एमडीए वीसी ने बृहस्पतिवार को याची लोकेश खुराना, डॉ. आरएन पाठक समेत रोडवेज अधिकारियों को अपने आफिस में वार्ता के लिए बुलाया था। दोपहर एक बजे शुरू हुई बैठक में लोकेश खुराना ने रोडवेज द्वारा बस अड्डों के लिए 200 एकड़ जमीन की मांग करने का हलफनामा एनजीटी में दाखिल करने की बात कहते हुए वीसी से पूछा कि क्या बस अड्डे के लिए इतनी जमीन की आवश्यकता होती है। इतनी जमीन में तो एयरपोर्ट बन जाता है। यह बात सुनकर रोडवेज अधिकारी उखड़ गए और एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। खुराना ने कहा कि मामला कोर्ट में होने के बावजूद बस अड्डे पर निर्माण चल रहा है। इसके लिए एमडीए नेे भी परमिशन नहीं दी है। रोडवेज ने शासन का हवाल देते हुए सीएम द्वारा बस अड्डे के निर्माण की स्वीकृति देने की बात कही। मामले में कोई बात बनती नहीं देखकर वीसी ने अब सभी को आगामी 25 सितंबर को फिर से बुलाया है।

रोडवेज बस के फर्स्ट एड बॉक्स में म्यूजिक सिस्टम

roadways bus fist aid box become music system
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स (प्राथमिक उपचार पेटिका) तो हैं, लेकिन उनमें प्राथमिक उपचार की दवाइयां ही नहीं हैं। अमर उजाला ने रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की स्थिति जानी तो तस्वीर चौंकाने वाली मिली। किसी बॉक्स में कपड़े रखे मिले तो कोई बिल्कुल खाली मिला। कई बसों में तो इन बॉक्स में म्यूजिक सिस्टम तक लगा दिए गए हैं।
ये है नियम
रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स का मकसद यह है कि स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी होने या चोट आदि लगने पर यात्री को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल जाए। मामला अगर गंभीर हो तो प्राथमिक उपचार के बाद उसे सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया जाए। रोडवेज बसों में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा अमूमन चालक  के पीछे लगे स्टैंड या फिर ऊपर सामान रखने की जगह छोटा बॉक्स बनाकर देने का नियम है। इन बॉक्स में पेट दर्द, सिर दर्द आदि की दवा और मरहम पट्टी की व्यवस्था होती है। खासकर लंबी दूरी की बसों में तो यह व्यवस्था आवश्यक रूप से रखने के आदेश उच्चाधिकारियों ने दे रखे हैं। लेकिन इन आदेशों की रोडवेज बसों में खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

तो नहीं मिलेगा उपचार
सवाल यह है कि रोडवेज बस में सफर करने के दौरान यदि किसी यात्री को प्राथमिक उपचार देने की जरूरत पड़ जाए तो क्या होगा। क्योंकि इन फर्स्ट एड बॉक्स में न तो कोई दर्द निवारक गोली है और न ही कोई मरहम पट्टी की व्यवस्था। ऐसे में यात्रियों को प्राथमिक उपचार मौके पर कैसे मिलेगा।

चालक-परिचालक पर होगी कार्रवाई
रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक एसके बनर्जी का कहना है कि फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां आदि रखनी अनिवार्य हैं। अगर दवाइयां नहीं हैं तो यह बताना चालक-परिचालक की जिम्मेदारी है। ऐसे चालक-परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इसकी सूचना नहीं दी है। आरएम रोडवेज के अनुसार वे खुद बसों का निरीक्षण करेंगे। जिन बसों के फर्स्ट एड बॉक्स में दवाइयां नहीं मिलेंगी, उसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करेंगे।

फर्स्ट एड बॉक्स तो घरों से भी गायब
पहले घरों में भी फर्स्ट एड बॉक्स बनाए जाते थे, लेकिन अब जागरूकता के अभाव में वहां भी गायब होते जा रहे हैं। इस संबंध में आईएमए अध्यक्ष डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि सभी घरों में फर्स्ट एड बॉक्स रखना चाहिए। यह काफी मदद करता है। इसमें सामान्य पेट दर्द, सिरदर्द, बुखार की दवाएं, मरहम, पट्टी और थर्मामीटर आदि रखें। प्राथमिक उपचार के बाद जरूरत पड़े तो डॉक्टर को दिखाना चाहिए।

नाव हादसा : जान जोखिम में डालकर खेती करने जाते हैं कई गांवों के किसान

Farmers from many villages go to farming at risk
जान जोखिम में डालकर करने जाते हैं खेती
बागपत जनपद में दोघट थाना क्षेत्र के झूंडपुर, मिलाना, तवेला गढ़ी सहित कई अन्य गांवों के हजारों किसान और मजदूर जान जोखिम में डालकर हिंडन नदी पार कर खेती करने के लिए जाते हैं। कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ने आज तक किसानों का दर्द नहीं समझा। किसान हिंडन नदी पर वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
क्षेत्र के तवेला गढ़ी, झूंडपुर, मिलाना, पट्टी बंजारन गांव के हजारों किसानों की हिंडन नदी के दूसरी तरफ हजारों बीघा जमीन है। संबंधित किसान और मजदूर हर रोज भैंसा बुग्गी से या फिर तैर कर नदी को पार कर खेतों में काम करने के लिए जाते हैं। हिंडन नदी को पार करने में कई किसान एवं मजदूरों की जान भी जा चुकी है, लेकिन किसान फिर भी नदी पार करने को मजबूर हैं, क्योंकि नदी के उस पार उनकी हजारों बीघा जमीन है। जिस पर खेती करने के लिए जाते हैं। खेती से उनके घरों के चूल्हे चलते हैं।

शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी ने नहीं ली कोई सुध

विधायक सहेंद्र सिंह रमाला

हिंडन नदी के रास्ते किसान को दो मिनट लगती है अपने खेतों तक जाने में और यदि किसान सरोरा पुल से होकर जाए तो उन्हें तीन से चार घंटे अपने खेतों तक जाने में लगते हैं। इसलिए किसान नदी के रास्ते जाना ही सही समझते हैं। संबंधित गांवों के किसान और मजदूर कई साल से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हिंडन नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे है, लेकिन आज तक किसी भी जन प्रतिनिधि या शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी ने उनकी कोई सुध नहीं ली। ग्राम प्रधान संजीव कुमार ने हिंडन नदी पर पुल बनाने की मांग की, ताकि तवेला गढ़ी, पट्टी बंजारन, झूंडपुर, मिलाना आदि गांवों के किसानों और मजदूरों को खेतों में जाने के लिए सुविधा मिल सके। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने भी विधानसभा में भी हिंडन नदी पर पुल बनाने का मुद्दा उठाया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।

विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा: सहेंद्र सिंह 
रालोद नेता और छपरौली के विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा विधानसभा में नदियों पर पुल के मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री से मिलकर ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कराएंगे।

950 यात्री बिना टिकट, इससे ज्यादा भागे

950 were without ticket, more than run away
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
रोडवेज के मुकाबले रेल किराया सस्ता होने के बावजूद लोगों की बिना टिकट सफर करने की प्रवृत्ति खत्म नहीं हो पा रही है। इसको रोकने के लिए रेलवे ने टिकट चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है। दिल्ली-सहारनपुर रेलवे ट्रैक पर चल रहे संयुक्त चेकिंग अभियान के तहत बृहस्पतिवार को रेलवे मजिस्ट्रेट की निगरानी में सुबह पांच बजे से शाम पांच बजे तक 950 यात्रियों को बिना टिकट के पकड़ा गया। वहीं इससे ज्यादा यात्री टीम को देखकर भागने में कामयाब रहे। 95 लोगों से 3 लाख 73 हजार जुर्माना वसूला गया और जुर्माना नहीं देने वाले 6 लोगों को जेल भेज दिया गया।

बुधवार को ही सेक्शन के टीसी की टीम सिटी स्टेशन पर पहुंच गई थी। बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे गोल्डन टेंपल एक्सप्रेस के आगमन से ही टीमों ने अपना काम करना शुरू कर दिया था। इसके बाद चेकिंग अभियान सिटी स्टेशन पर पहुंचने वाली अप व डाउन ट्रेनों से लेकर स्टेशन पर पहुंचने वाले बिना टिकट यात्रियों की धरपकड़ का चलता रहा। रेलवे मजिस्ट्रेट गाजियाबाद आलोक दूबे की निगरानी में चले अभियान में टीसी व आरपीएफ की संयुक्त टीमों ने 950 लोगों को पकड़ा। इसमें 849 लोगों ने तो किराये की पर्ची कटवा ली, लेकिन पर्ची नहीं कटवाने वाले 101 लोगों को मजिस्ट्रेट आलोक दूबे के सामने पेश किया गया। इनमें से 95 लोगों ने जुर्माने की राशि अदा कर दी। जुर्माना नहीं देने वाले 6 लोगों को जेल भेज दिया गया। 3 लाख 73 हजार 839 रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए। नार्दन रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा ने बताया अभियान जारी रहेगा।

टीम को देखकर भाग गए काफी यात्री
ट्रेनों में बिना टिकट सफर कर रहे काफी लोग चेकिंग टीम को देखकर ट्रेन से कूदकर भाग गए। स्टेशन खुला होने का फायदा उठाते हुए कई युवा तो आउटर पर ही कूद गए। आरपीएफ जवानों ने कई को तो भागकर पकड़ा। चेकिंग अभियान से स्टेशन पर पूरे दिन हड़कंप मचा रहा। वहीं अन्य दिनों के मुकाबले जनरल टिकट काउंटर की कमाई में भी इजाफा हुआ।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.


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