Category Archives: Others

जवानों के लिए बीएसएफ ने शुरु की हेल्पलाइन

Advertisement
 सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने एक विशेष टेलीफोन आधारित हेल्पलाइन शुरू की है ताकि उसके जवान 31 जनवरी तक गुप्त तरीके से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकें। कुछ दिन पहले बल के एक जवान ने सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर कथित तौर पर खराब गुणवत्ता वाला खाना मिलने का आरोप लगाया था।

अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ के महानिदेशक केके शर्मा ने गुरुवार देश भर में बल की क्षेत्रीय इकाइयों के साथ उपग्रह आधारित एक सैनिक सम्मेलन किया था। इसमें उन्होंने जवानों से गुप्त तरीके से अपनी शिकायतें उन्हें बताने को कहा। शर्मा ने यहां बीएसएफ मुख्यालय के दो टेलीफोन नंबर भी बताए और कहा कि जवान और अधिकारी इन हेल्पलाइनों पर अपनी कोई भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, कॉल करते वक्त उनके नाम, रैंक, पदनाम वगैरह नहीं पूछे जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह हेल्पलाइन 31 जनवरी तक काम करेगी। उसके बाद वाजिब शिकायतों पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बता दें कि इससे पहले रविवार (नौ जनवरी) को बीएसएफ के कांस्टेबल तेज बहादुर यादव ने फेसबुक पर कई वीडियो शेयर करके सैनिकों को खराब खाना दिए जाने की शिकायत की। बुधवार (11 जनवरी) शाम चार बजे तक इस वीडियो को लाखों से ज्यादा लोग देख चुके हैं। तेज बहादुर ने फेसबुक पर तीन और वीडियो शेयर किए हैं। इन वीडियो में जली रोटी, पानी वाली दाल को दिखाया गया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने तत्काल मामले की जांच का आदेश दे दिया। बीएसएफ ने मामले पर सफायी देते हुए खराब दिए जाने से इनकार किया। लेकिन पूरे मामले में भावनाओं में बहकर इस बात की अनदेखी की जा रही है कि यादव ने अपनी सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है।

42 वर्षीय यादव हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के रहने वाले हैं। वो 1996 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे। उन्हें जम्मू-कश्मीर स्थित राजौरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के निकट तैनात किया गया था। वीडियो में यादव ने आरोप लगाया है कि सैनिकों को पिछले 10 दिनों से लगातार जली हुई रोटी और पानी मिली हुई दाल खाने में दी जा रही है। यादव ने आरोप लगाया कि कई बार जवानों को भूखा भी रहना होता है। यादव 2032 में रिटायर होने वाले हैं लेकिन उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) की अर्जी दी है। माना जा रहा है कि वीआरएस स्वीकार किए जाने पर इसी महीने के अंत तक उन्हें सेवा मुक्त किया जा सकता है।

संवेदनशील क्षेत्र में तैनात यादव ने वीडियो पोस्ट करके सुरक्षा बलों पर लागू होने वाली सेवा शर्तों का उल्लंघन किया है। सैन्य बल और अर्ध सैनिक बल की सेवा शर्तें काफी कड़ी होती हैं। इन सेवा शर्तों के अनुसार सुरक्षा बलों के ऊपर से नीचे के पद के अधिकारियों पर अपने विचार सार्वजनिक करने पर रोक होती है, खासकर संवेदनशील मुद्दों पर। यादव द्वारा अपनी दिक्कत को इस तरह फेसबुक पर शेयर करने और उसके वायरल होने से दूसरे सैन्य बलों को भी ऐसा करने की प्रेरणा मिल सकती है।

पिछले कुछ समय से सुरक्षा बलों के अनुशासन का मुद्दा उठता रहा है। फेसबुक और ट्विटर के बढ़ते प्रयोग से स्थिति पहले से चिंताजनक हुई है। पिछले साल “वन रैंक वन पेंशन” आंदोलन के समय व्हाट्सऐप के प्रयोग को सरकार विशेष रूप से चिंतित हो गयी थी। सेना में काम करने वाले अधिकारियों और जवानों द्वारा एनक्रिप्टेड मैसेज सर्विस के प्रयोग से सरकार के लिए उनकी निगरानी मुश्किल हो गयी। साल 2012 में लेह में तैनात एक रेजिमेंट में अफसरों और सैनिकों के बीच मारपीट से सभी लोग स्तब्ध रह गये थे।

हरियाणा निकाय चुनावों में भाजपा की बंपर जीत, नोटबंदी के बाद लगातार पांचवां राज्‍य किया फतेह

भाजपा ने हरियाणा में फरीदाबाद नगर निगम और भिवानी नगर परिषद के चुनावों में जोरदार जीत दर्ज की है।

भाजपा ने हरियाणा में फरीदाबाद नगर निगम और भिवानी नगर परिषद के चुनावों में जोरदार जीत दर्ज की है। पार्टी ने फरीदाबाद में 40 में से 30 सीटों पर कब्‍जा जमाया। कांग्रेस यहां पर एक भी सीट नहीं जीत पाई। 10 सीटों पर निर्दलीय उम्‍मीवार विजयी रहे हैं। यहां पर पहली बार भाजपा का मेयर बनने जा रहा है। चुनाव में केंद्रीय मंत्री कृष्‍णपाल सिंह गुर्जर के बेटे भी खड़े हुए थे। उन्‍होंने नौ हजार वोट से जीत दर्ज की है। चुनावों के दौरान बसपा ने भी उम्‍मीदवार उतारे थे। पिछली बार उसके तीन पार्षद बने थे लेकिन इस बार उसे एक भी सीट नहीं मिली। चुनावों के दौरान बसपा और निर्दलीयों ने नोटबंदी का मुद्दा उठाया था। फरीदाबाद में 8 जनवरी को निकाय चुनाव हुए थे। वहीं भिवानी में भाजपा ने सिंबल दिए बिना प्रत्‍याशी मैदान में उतारे। इसके चलते उसे फायदा हुआ और उसने 31 में से 18 वार्ड जीते। कांग्रेस को केवल एक और इनेलो को दो सीटों से संतोष करना पड़ा।

हरियाणा के मुख्‍यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री कृष्‍णपाल सिंह गुर्जर ने जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि नतीजे मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले पर मुहर है। इससे पहले भाजपा ने चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भी जबरदस्त जीत दर्ज की थी। भाजपा ने चंडीगढ़ में कुल 26 सीटों में से 20 सीटों पर जीत दर्ज की थी। नोटबंदी के ऐलान के बाद से भाजपा को सभी चुनावों में जीत हासिल हुई है। उसने यहां से पहले गुजरात, महाराष्‍ट्र, राजस्‍थान और मध्य प्रदेश में भी निकाय चुनाव फतेह किए थे। इसमें बड़ी बात यह भी है कि सभी निकाय चुनावों में भाजप की जीत का अंतर बड़ा रहा है। कांग्रेस के लिए कहीं से भी अच्‍छी खबर नहीं मिली। हालांकि यह भी एक तथ्‍य है कि जिन भी राज्‍यों में निकाय चुनाव हुए हैं वहां पर भाजपा का राज है।

इसी साल होने जा रहे पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा के लिए यह उत्‍साहजनक खबर है। हालांकि नोटबंदी के फैसले पर जनता का रुख क्‍या है यह पांच राज्‍यों के चुनावों से पता चलेगा। पंजाब, गोवा, उत्‍तराखंड, उत्‍तर प्रदेश और मणिपुर में चुनावों की शुरुआत फरवरी से होने जा रही है। 11 मार्च को इन चुनावों के नतीजे आएंगे। पंजाब और गोवा में भाजपा सत्‍ता में है। नोटबंदी के बाद यह पहले बड़े चुनाव है। भाजपा नोटबंदी और सर्जिकल स्‍ट्राइक को इन चुनावों में मुद्दा बना रही है। वहीं विपक्ष नोटबंदी से हुर्इ परेशानी को भुनाना चाहेगा। इन राज्‍यों के चुनाव नतीजे नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली केंद्र सरकार के आधे कार्यकाल पर जनमत की तरह होगा।

नए साल पर मोदी सरकार की जेब पर मार! रसोई गैस के बाद अब पेट्रोल और डीजल हुआ महंगा


नईं दरें आधी रात से लागू होंगी।

अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार में तेजी के मद्देनजर घरेलू सरकारी पेट्रोलियम कंपनियों ने रविवार को पेट्रोल 1.29 रुपए और डीजल के दाम 97 पैसे प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। पेट्रोल की कीमत पिछले एक महीने में यह तीसरी और डीजल के दाम एक पखवाड़े में दूसरी बार बढ़ाए गए हैं। खुदरा बिक्री मूल्यों में यह बढ़ोत्तरी आज मध्यरात्रि से लागू होगी। विभिन्न राज्यों में लगने वाले शुल्कों के कारण स्थानीय स्तर पर इनके बिक्री मूल्य में वृद्धि कमबेशी हो सकती है।

दिल्ली में वैट कर सहित पेट्रोल के खुदरा मूल्य में 1.66 रुपए और डीजल के मूल्य में 1.14 रपुए का इजाफा होगा। दिल्ली में अब पेट्रोल की दर 70.60 रुपए और डीजल की 57.82 रुपए प्रति लीटर हो जाएगी। इससे पहले 17 दिसंबर को पेट्रोल की कीमत 2.21 रुपए और डीजल की कीमत 1.79 रुपए प्रति लीटर बढ़ाई गई थी। तब दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 68.94 रुपए और डीजल की कीमत 56.68 रुपए प्रति लीटर हो गई थी।

इससे पहले एविएशन टरबाइन ईंधन (ATF) के रेट रविवार को 8.6 प्रतिशत बढ़ा गए। इसके अलावा एलपीजी गैस के रेट भी प्रति सिलेंडर दो रुपए बढ़े थे। अब सिलेंडर 434 रुपए 71 पैसे का मिलेगा। घरेलू गैस के रेट पिछले सात महीनों में आठवीं बार बढ़ाए गए हैं। ATF या जेल फ्यूल के रेट 4,161 रुपए प्रति किलोलीटर बढ़े हैं। यानी अब प्रति किलोलीटर ATF 52,540.63 का हो गया है। घरेलू गैस सिलेंडर जो पहले 432.71 रुपए का था वह अब 434.71 का होगा।

बता दें, इससे पहले 16 दिसंबर को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे। उस वक्त पेट्रोल के दाम 2.21 रुपए प्रति लीटर और डीज़ल के दाम में 1.79 रुपए प्रति लीटर बढ़ाए गए थे। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (एचपीसीएल) प्रत्येक महीने की पहली और 16 तारीख को पिछले पखवाड़े में अंतरराष्ट्रीय बाजार में औसत कीमत के आधार पर दरों में संशोधन करती हैं। एक दिसंबर को भी कीमतों में संशोधन किया गया था। उस समय पेट्रोल के दाम में मामूली 13 पैसे लीटर की वृद्धि की गयी जबकि डीजल की दरों में 12 पैसे की कटौती की गयी थी।

सदर व्यापार मंडल का विवाद निपटाने को संघ ने दिया दखल –

मेरठ : सदर व्यापार मंडल में व्यापारियों के बीच चल रहे विवाद को निपटाने के लिए संयुक्त व्यापार संघ ने दखल दे दिया है। संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि दोनों के बीच आपसी सहमति बनायी जा रही है। वहीं आपसी विवाद के कारण नहीं खुल पा रहे मंदिर की गुल्लक को खोला गया। इसमें डेढ़ लाख रुपये से अधिक के रुपये मिले।
सदर में व्यापारियों के बीच आपसी कलह चल रही है। इसमें सुनील दुआ जहां स्वयं को अभी भी अध्यक्ष कह रहे हैं तो वहीं बीते दिनों विनोद जायसवाल ने चुनाव कराकर खुद को अध्यक्ष घोषित कर दिया। बीते दिनों शिव चौक पर मंदिर की गुल्लक खोलने को लेकर दोनों गुटों में तनातनी हो गयी थी। गाली-गलौच, मारपीट के बाद दोनों गुटों की ओर से तहरीर दी गयी थी।
वहीं बुधवार को संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता, मंत्री गौरव शर्मा तथा विकास गिरधर व लल्लू मक्कड़ संग पहुंचे। नवीन गुप्ता ने बताया कि पुराने नोट जमा करने की सीमा 30 दिसंबर है। जबकि मंदिर का गल्ला, व्यापारियों के आपसी विवाद के कारण नहीं खुल पा रहा था। दोनों गुटों से बात करके बुधवार को हनुमान मंदिर बोम्बे बाजार का गल्ला खोला गया। इसमें एक लाख 52 हजार रुपये की नकदी के अलावा करीब आठ हजार रुपये के सिक्के मिले हैं। इस धनराशि को बैंक में जमा कराया जाएगा। वहीं दोनों गुटों से बात कर सर्वसहमति बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

ट्र्रैफिक की पहली परीक्षा में फे ल हुए होमगार्ड

ट्रैफिक पुलिस की पहली ही परीक्षा में होमगार्ड फेल हो गए। एसपी ट्रैफिक के आदेश पर मंगलवार को होमगार्डों की एक घंटे की लिखित परीक्षा कराई गई। परीक्षा के बाद सभी को यातायात नियमों की जानकारी की भी दी गई। जांच में सामने आया है कि 50 प्रतिशत होमगार्ड के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं हैं।

जिले में ट्रैफिक पुलिस में सौ होमगार्ड तैनात हैं। मंगलवार को एसपी ट्रैफिक किरन यादव के आदेश पर पहले चरण में 45 होमगार्डों की लिखित परीक्षा कराई गई। जिसमें ट्रैफिक के नियम संबंधी 20 आसान से सवाल पूछे गये। लाल बत्ती, नीली बत्ती पर क्या करना चाहिए। इस पर भी होमगार्ड जवाब नहीं दे सके। चौराहे पर वाहनों को कैसे पार करायें इसके बारे भी नहीं बता सके। दो होमगार्ड ही बीस अंकों में से 16 अंक प्राप्त कर सके। जिसके बाद राजस्नेह मारुति ड्राइविंग स्कूल के एजीएम अश्विनी गुप्ता ने होमगार्डाें को ट्रेनिंग दी। एसपी ट्रैफिक किरन यादव और ट्रैफिक इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने यातायात नियमों के बारे में बताया। एसपी ट्रैफिक ने बताया कि दूसरे चरण में उन होमगार्डों को ट्रेनिंग दी जाएगी जिनकी ड्यूटी रात्रि में लगी हुई है। ट्रेनिंग एक सप्ताह तक दी जाएगी। जांच में पता चला है कि ट्रैफिक में सौ होमगार्डों में से 52 के पास डीएल नहीं है। पूछने पर होमगार्डाें ने बताया कि वह बिना डीएल के वाहन चलाते हैं, उन्हें कोई रोकता नहीं है। एसपी ट्रैफिक ने कहा कि एक सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद सभी के डीएल बनवाए जाएंगे।

बिजली विभाग की योजनाओं में मंद पड़ा करंट

MEERUT। शहर में बिजली की महत्वाकांक्षी योजनाएं एक के बाद एक धड़ाम होती जा रहीं हैं। इसी का नतीजा रहा कि 2016 में बिजली की कई योजनाएं धड़ाम रही। सरकार की मदद से विभाग पॉवर सप्लाई दुरुस्त करने के लिए कई अहम योजनाएं तो लाया लेकिन क्रियान्वयन के धरातल पर अधिकतर योजना खेत रही। हालांकि नवंबर आते- आते पावर सप्लाई की स्थिति जरूर सुधरी.
योजनाएं रहीं खेत
पिछले पांच सालों का रिकार्ड उठाएं तो इस दौरान केन्द्र और राज्य सरकार की मदद से बिजली विभाग आधा दर्जन योजनाएं लेकर आया। इन महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से बिजली विभाग ने शहर को निर्बाध बिजली आपूर्ति का करने का सपना संजोया था, लेकिन दुर्भाग्य वश विभाग एक भी योजना का मूर्त रूप नहीं दे सका और अधिकतर योजनाएं केवल फाइल और कागजों का हिस्सा बनकर रही रह गई।
ये हैं योजनाएं
– आरएपीडीआरपी- बी ( रि- स्ट्रक्चरड एसेलरेटेड पॉवर डेवलपमेंट एंड रि- फॉर्म प्रोग्राम)
– आरजीजीवाई – राजीव गांधी ग्रामीण ज्योति योजना
– फीडर सेग्रीगेशन
– स्कैडा
– ऑन लाइन बिलिंग
– एसएमएस अलर्ट
– प्रीपेड मीटिरिंग
– रूरल मीटिरिंग
– एलईडी प्रोजेक्ट
आरएपीडीआरपी- बी आरएपीडीआरपी पार्ट ए के बाद पार्ट बी को तीन सालों में समाप्त करने के निर्देश प्राप्त हुए थे, लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि अभी तक यह योजना फाइलों में ही दम तोड़ रही है। इसके अंतर्गत शहर की एलटी, एचटी लाइनों का मेंटीनेंस के साथ- साथ नए फीडरों का निर्माण, फीडरों की क्षमता वृद्धि, 66 11 व 33 11 के नए बिजली घरों का निर्माण, डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, एबीसी कंडक्टर का इस्तेमाल व मोबाइल सब- स्टेशन आदि कार्य कराए जाने थे।
फीडर सेग्रीगेशन – फीडर सेग्रीगेशन योजना के अंतर्गत ग्रामीण इलाकों में बेहतर सप्लाई मुहैया कराना था। योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूपों को मेल सप्लाई से अलग करते हुए उनके लिए अलग से फीडर निर्माण कार्य कराए जाने थे, लेकिन पांच साल बाद भी योजना अपने पॉयलट प्रोजेक्ट से बाहर नहीं आ पाई है.
स्कैडा – स्कैडा भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है। इस योजना की शुरुआत भी 2008 में की गई थी। योजना का मुख्य उददेश्य शहर की बिजली को सेंट्रलाइज करना था। इसके लिए शहर के समस्त फीडरों का इंटरकनेक्टेड़ करना था। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होता कि टेक्निकल फॉल्ट के चलते एक फीडर की बत्ती गुल होते ही प्रभावित क्षेत्र को तुरंत ही दूसरे फीडर से कनेक्ट कर दिया जाता।
ऑल लाइन बिलिंग
– जन सुविधाओं को आसान व सरल बनाने के लिए विभाग ने 2009 में पूरे सिस्टम के ऑन लाइन बनाने का निर्णय लिया था। हालांकि इस योजना पर काम करते हुए विभाग ने मेरठ समेत पश्चिमांचल के कई जनपदों को ऑन लाइन भी कर दिया, लेकिन योजना का सही प्रचार प्रसार न होने के कारण योजना पूरी तरह से परवान नही चढ़ पाई है और आज भी अधिकांश लोग विंडो पेमेंट के लिए लाइन में लगते नजर आते हैं।
आएपीडीआरपी पार्ट ए को कंप्लीट कर लिया गया है। हालांकि शुरुआत में काम कुछ धीमी गति से चला, लेकिन अब कार्यो में तेजी लाई जा रही है। पावर सप्लाई की स्थिति अब सुधर चुकी है.

प्रधानमंत्री के नाम पर बड़े फर्जीवाडे़ की तैयारी, जानिए क्या ?

प्रधानमंत्री के नाम पर एक और बड़े फर्जीवाडे़ की तैयारी हो रही है। जनपद में इस समय बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत आवेदन पत्र भरवाये जा रहे हैं। जिसमें प्रत्येक बेटी के लिए दो-दो लाख रुपये देने की बात कही जा रही है। अब तक जनपद में मोटे अनुमान के तौर पर डेढ़ लाख से ज्यादा आवेदन पत्र भरवाये जा चुके हैं। वहीं संबंधित विभाग को ही इस योजना की जानकारी नहीं है।

ये है फर्जीवाड़ा
इन दिनों एक आवेदन पत्र चर्चा में है। जिसमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 8 वर्ष से 32 वर्ष की बेटियों के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। आवेदन पत्र में सभी जानकारियों के साथ आवेदिका का बैंक शाखा का नाम, बैंक खाता संख्या और आईएफएससी कोड आदि की जानकारी के साथ नीचे एक कॉलम पार्षद या प्रधान के लिए दिया गया है। जो आवेदिका के नाम और माता पिता के नाम की संस्तुति करेगा। इस आवेदन पत्र में नीचे कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरुआत की है। 200 करोड़ रुपये की शुरुआती राशि के साथ यह योजना देशभर में शुरू की गई है। जिसके तहत दो-दो लाख रुपये दिए जाएंगे।

प्रधान और पार्षदों के यहां पहुंच रहे लोग
देहात में प्रधान और नगरीय क्षेत्र में पार्षदों के यहां संस्तुति कराने वाले लगातार पहुंच रहे हैं। बाजार में फोटो स्टेट आदि दुकानों पर यह फार्म दो रुपये से 25 रुपये तक का बिक रहा है और आवेदन पत्र भरने वाले भी पचास से सौ रुपये ले रहे हैं। वहीं कुछ लोग आवेदन पत्र जमा कराने के नाम पर भी अशिक्षित और गरीब लोगों से पचास से सौ रुपये ले रहे हैं। लोग विभागों में जाकर आवेदन पत्र जमा करने को चक्कर लगा रहे हैं।

ऐसी कोई योजना नहीं है
इस मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी आशुतोष सिंह ने बताया कि उन्हें ऐसी किसी योजना की कोई जानकारी नहीं है। यह जरूर है कि उनके कार्यालय में भी कुछ आवेदन पत्र जमा कराने के लिए आए हैं। इस मामले में आशुतोष सिंह ने शनिवार को एक अपील भी जारी की है, जिसमें जनता से इस योजना के तहत कोई भी आवेदन न भरने को कहा है।

फर्जीवाड़े के पीछे संगठित गिरोह
इस फर्जीवाड़े के पीछे एक सोची समझी नीति के तहत संगठित गिरोह काम कर रहा है। जिसमें उसने अपना निशाना देहात के साथ ही शहर के उस पिछड़े इलाके को बनाया है, जिसमें लोग अशिक्षित होने के साथ ही गरीब भी हैं। इस गिरोह का पहला काम इस योजना का झूठा प्रचार कर आवेदन पत्र वितरित कराकर उसे भरवाने का चल रहा है। इसके साथ ही अब फार्म जमा कराने के नाम पर भी ये लोग छोटे स्तर पर ठगी करते हुए पचास से सौ रुपये तक वसूल रहे हैं। लेकिन असली ठगी का काम इसके बाद शुरू होगा, जिसमें ये लोग अनुदान स्वीकृत कराने के नाम पर पांच से दस हजार रुपये की वसूली आवेदन पत्र जमा कराने वालों से करेंगे।

प्रधानमंत्री और भाजपा को बदनाम करने की साजिश
इस मामले में सांसद राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि यह भाजपा और प्रधानमंत्री को बदनाम करने की साजिश है। जब इतनी बड़ी संख्या में फार्म भरे जाएंगे और उनका कोई परिणाम सामने नहीं आयेगा तो निश्चित रूप से जनता के बीच रोष और अविश्वास पैदा होगा। इस मामले में जिला प्रशासन को गहनता से जांच कराने के साथ इस फर्जीवाड़े को करने वालों को चिह्नित करते हुए कार्रवाई तय करनी चाहिए।

पहले आवासीय योजना में हो चुका है घोटाला
प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर लोगों के साथ धोखा किया जा रहा है। लोग साइबर कैफे पर लाइनों में लगे हैं। यहां उनसे आवेदन के नाम पर धन की उगाही की जा रही है। जबकि, इस योजना में आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर थी, जिसे गुजरे एक माह से भी ज्यादा का समय हो गया है। यही नहीं, सूबे में इस योजना के तहत मकान के लिए करीब 16 लाख लोगों ने आवेदन किया था। इनमें से करीब 10 लाख लोगों को ही पात्र पाया गया है। इसके लिए पहले चरण की डीपीआर भी तैयार कर ली गई है। बावजूद इसके अभी भी लोग इस योजना में आवेदन कर रहे हैं। इस संबंध में अमर उजाला ने 22 दिसंबर के अंक में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किया था।

अतुल प्रधान का बड़ा बयान, कहा- लखनऊ में बैठे चाचा शिवपाल को हैसियत…

संत चार्ल्स इंटर कॉलेज के मैदान में शनिवार को सपा नेता अतुल प्रधान ने जनसभा का आयोजन किया। सभा में उमड़ी भीड़ से गदगद अतुल ने भाजपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर भड़ास निकाली। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि लखनऊ में बैठे चाचा इस भीड़ को देख लें। उन्हें हैसियत का अंदाजा लग जाएगा।

दादरी मार्ग पर शुक्रवार को सड़क के लोकार्पण को लेकर अतुल प्रधान और सरधना विधायक संगीत सोम के समर्थकों में टकराव के हालात पैदा हो गए थे। ऐसे में जनसभा स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूर्वाह्न 11 शुरू होने वाली जनसभा में अतुल प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के साथ करीब दो बजे पहुुंचे। इस दौरान सभा स्थल समर्थकों से भर चुका था। पहले सीमा प्रधान ने अतुल द्वारा सपा के लिए की गई मेहनत मशक्कत का बखान किया। उन्होंने टिकट कटने के बाद उत्पन्न हालात में जनता से अतुल के लिए समर्थन मांगा। वहीं, अतुल ने जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि यह भीड़ बता रही है कि उनमें और किसी चिंटू मिंटू, पिंटू की हैसियत में कितना फर्क है। उन्होंने बसपा प्रत्याशी इमरान कुरैशी पर तंज कसे तो विधायक संगीत सोम के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस-प्रशासन और संगीत सोम को खुली चुुनौती दी। कहा कि विधायक समर्थकों द्वारा लगाये शिलापट को हटवा दिया जाए, वरना वह खुद हटवाने में सक्षम हैं।

शिलापट को रखा सुरक्षा घेरे में
पुलिस विधायक संगीत सोम समर्थकों द्वारा लगाए गए शिलापट को सुरक्षा घेरे में लिये रही। इस दौरान जिला पंचायत की तरफ से प्रस्तावित विकास कार्यों का लोकार्पण जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने फीता काटकर किया। इनमें दादरी मार्ग और ग्राम दादरी में प्रस्तावित कन्या डिग्री कॉलेज शामिल रहे। जनसभा सकुशल संपन्न होने पर ही प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। दरअसल, शुक्रवार रात हुई घटना को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। एसडीएम, एसपी देेहात, सीओ और इंस्पेक्टर से लेकर अन्य आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान हालात बिगड़ने की आशंका के चलते भारी फोर्स तैनात रहा। खुफिया विभाग के अधिकारी भी चौकस रहे। वे समय-समय पर लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों को जानकारी देते रहे। सीओ सरधना सीपी सिंह का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी चौकसी बरती। इससे सब कुछ सामान्य रहा।

बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग में बड़ा खेल, शिक्षकों से मांगे गये आवेदन

बेसिक शिक्षा विभाग में ट्रांसफर, पोस्टिंग में बड़ा खेल कर दिया गया है। नियमों और मानकों को ताक पर रखकर शिक्षकों से ट्रांसफर आवेदन मांगे गये हैं। ट्रांसफर के लिए जिन स्कूलों की सूची तैयार की गयी है, उनमें ऐसे भी स्कूल शामिल हैं, जहां किसी खास विषय का शिक्षक या तो पहले से है या वहां शिक्षक मानक के अनुरूप हैं। इसके अलावा आवेदन की अंतिम तिथि पर ही सूची एनआईसी पर अपलोड की गई।

ये है पूरा मामला
बेसिक शिक्षा विभाग में शासन से 8 अगस्त को नई ट्रांसफर नियमावली जारी हुई थी। लेकिन तब इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया। जबकि दूसरे जनपदों में ट्रांसफर पोस्टिंग कर दी गयी। अब दिसंबर माह में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जिले के भीतर ही ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू की और सीडीओ के पास फाइल भेजी। सीडीओ ने आपत्ति लगाते हुए फाइल लौटा दी। सीडीओ ने कहा कि पहले सूची एनआईसी पर अपलोड की जाये। बीएसए कार्यालय ने इसमें भी खेल कर दिया। ट्रांसफर के लिए आवेदन पत्र लेने की अंतिम तिथि 15 दिसंबर दिखाते हुए 15 दिसंबर को ही अपलोड कर दी गई। अपलोड किया गया पत्र बैकडेट में 9 दिसंबर को जारी दिखाया गया। इससे शिक्षक सूची देखने से वंचित रह गये। जबकि चहेते शिक्षकों को पहले से सूची दिखाकर उनके आवेदन भरवा दिये गये।

ऐसे खुला मामला
जब कुछ शिक्षकों ने 15 दिसंबर को सूची एनआईसी पर देखी और आवेदन पत्र भरकर अपने खंड शिक्षा अधिकारी के पास पहुंचे तो वहां आवेदन लेने से इंकार कर दिया गया। शिक्षकों ने विरोध जताया, लेकिन उनके आवेदन स्वीकार नहीं किये गये। शिक्षकों का आरोप है कि आवेदन पत्र लेने में भी खेल किया गया है। गणित विषय वाले शिक्षकों को विज्ञान विषय के रिक्त पदों पर ट्रांसफर की तैयार हो रही है, तो विज्ञान विषय के रिक्त पद पर सामान्य विषय के शिक्षक को भेजे जाने की तैयारी करते हुए आवेदन पत्र लिये गये हैं।

प्राथमिक स्कूलों में और भी बड़ा खेल
शहरी आवासीय भत्ता और आने-जाने की सुविधा वाले स्कूलों में अधिकांश शिक्षक जाने के इच्छुक होते हैं। ऐसे स्कूलों में भले ही शिक्षकों की संख्या पर्याप्त हो, फिर भी जगह रिक्त दर्शायी गयी है। हालांकि यह नियम के तहत दर्शायी गयी है। लेकिन जनपद में इतने शिक्षक नहीं हैं कि दूसरे स्कूल जहां शिक्षक पहले से कम हैं और बच्चे ज्यादा हैं, वहां पर भी तैनाती दे दी जाये। ऐसे स्कूलों में हस्तिनापुर के पहाड़पुर में तीन शिक्षकों के पद रिक्त हैं, लेकिन दूर होने के कारण वहां कोई जाना नहीं चाहता। जबकि तमाम दूसरे स्कूल ऐसे हैं, जहां 125 बच्चों पर 4-5 शिक्षक तैनात हैं, फिर भी वहां एक पद रिक्त दिखाया गया है। जबकि बीएसए आफिस को सिर्फ उन्हीं स्कूलों में रिक्ति दर्शानी चाहिए थी, जहां शिक्षक बहुत कम हैं।

चुनाव के लिए जा चुका है डाटा
दिसंबर में ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर एक बड़ा सवाल ये भी उठ रहा है कि चुनाव में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक ड्यूटी पर लगाये जाते हैं। जिनका डाटा एनआईसी को अपडेट करने के लिए भेज दिया गया है। ऐसे में यदि इन शिक्षकों का ट्रांसफर होता है तो उनके ड्यूटी पत्र सही पते पर नहीं पहुंच पाएंगे और निर्वाचन कार्य बाधित होगा। क्योंकि एनआईसी पर 127 उच्च प्राथमिक और 234 प्राथमिक स्कूलों की सूची अपलोड की गयी है।

हो चुकी है सेटिंग
विभागीय सूत्रों की मानें तो बीएसए कार्यालय में एक माह से इस ट्रांसफर पोस्टिंग को लेकर तैयारी के बीच सेटिंग का खेल चल रहा है। मनचाही पोस्टिंग के लिए 50 हजार से एक लाख रुपये तक के रेट तय हुए हैं। जिसके चलते दिसंबर माह में चुनाव से पहले अचानक प्रक्रिया शुरू हुई है। क्योंकि मई में बीएसए सेवानिवृत्त हो रहे हैं और फरवरी में चुनाव की संभावना है।

एसी और सामान्य बसों में टिकट काट रहीं महिला कंडक्टर

महिला सशक्तिकरण के दौर में मेरठ की बेटियां भी किसी से पीछे नहीं है। पढ़ाई-लिखाई और खेलों में नाम कमाने के साथ ही बेटियों ने अब पुरुष प्रधान नौकरियों में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया है। मेरठी बेटियों ने न केवल रोडवेज परिचालक की परीक्षा पास की, बल्कि ईटीएम थामकर टिकट भी काट रही हैं। अमर उजाला ने भैसाली डिपो में कार्यरत महिला परिचालकों से बात की तो उन्होंने बेबाकी से सफलता की कहानी शेयर की।
परिवार के लिए जरूरी थी नौकरी
मेरठ से दिल्ली के बीच चलने वाली भैसाली डिपो की एसी बस संख्या यूपी-12 एटी 0038 पर तैनात माधवपुरम निवासी परिचालक शीतल अग्रवाल ईटीएम से यात्रियों के टिकट काट रही थी। शीतल ने बताया कि उनके पिता और दो भाई प्राइवेट जॉब करते हैं। घर की आर्थिक जरूरत को पूरा करने के लिए नौकरी जरूरी थी। एमए करने के बाद वर्ष 2015 में परिचालक भर्ती में नंबर आ गया। पांच दिसंबर से रूट पर चल रही हूं। यात्रियों का पूरा सहयोग मिल रहा है।

महिलाएं किसी से नहीं कम
मेरठ-दिल्ली रूट की एसी बस में तैनात माधवपुरम निवासी रीता ने बताया कि उनके पिता बीमार रहते हैं। मां गृहिणी है। मेहनत से पढ़ाई कर परिचालक की नौकरी हासिल की। ऑफिस की बजाय अधिकारियों ने रूट पर चलने को कहा तो मैं भी इसके लिए तैयार हो गई। रूट पर अभी तक र्कोई परेशानी नहीं हुई हैं। आज की महिलाएं किसी से कम नहीं है।

निभा रही जिम्मेदारी
मेरठ से आगरा रूट की एसी बस पर तैनात मलियाना निवासी रमा की कहानी संघर्ष से भरी है। पिता मजदूरी करते हैं और मां गृहिणी है। परिवार की आर्थिक हालत सुधारने के लिए उन्होंने एमए बीएड किया और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की। परिचालक में नंबर आया तो बेहद खुशी मिली। टीईटी का एग्जाम दिया है। शिक्षक बनने का मौका मिला तो ही वे इस नौकरी को छोड़ने का फैसला करेंगी।

नौकरी पाकर हूं खुश
मेरठ-आगरा रूट की एसी बस पर तैनात मलियाना निवासी ज्योति ने बताया कि चार भाई-बहनों को पिता ने मेहनत कर पढ़ाया। उन्होंने अंग्रेजी विषय से एमए किया है। वे घर में सबसे बड़ी हैं, बाकी भाई बहन पढ़ रहे हैं। परिचालक की नौकरी मिलने से वह और परिवार खुश है।

12 परिचालक मिली है रीजन को
मेरठ रीजन को 120 नए परिचालक मिले हैं। इनमें से 12 महिला परिचालक हैं। मेरठ डिपो को 7, भैसाली डिपो को 4 और सोहराबगेट डिपो को एक महिला परिचालक दी गई है। सभी ने ट्रेनिंग के बाद रूट पर जाना शुरू कर दिया है। -मनोज कुमार पुंडीर, आरएम