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पुलिस ही लगा रही सरकारी तेल में ‘आग’

पुलिस महकमे में सरकारी तेल की जमकर कालाबाजारी हो रही है। पुलिस ड्राइवर थाने की जीप से लेकर पुलिस अफसरों की गाड़ियों में पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप से डीजल और पेट्रोल डलवाते हैं। उसके बाद सरकारी गाड़ी को प्राइवेट दुकान पर ले जाकर तेल बेच देते हैं।
मेरठ पुलिस के पास 128 गाड़ी और 141 फैंटम बाइक हैं। प्रदेश सरकार हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये का पुलिस को डीजल, पेट्रोल और गाड़ियों के मरम्मत के लिए देती है। पुलिस की सुविधा को देखते पुलिस लाइन परिसर में ही पेट्रोल पंप बनवाया हुआ है। जहां से पुलिस की गाड़ियों में डीजल व पेट्रोल भरा जाता है। वहीं पुलिस के ड्राइवर खुलेआम तेल की काला बाजारी कर रहे हैं। दिन निकलते ही एक के बाद एक सरकारी गाड़ियों में तेल भरवाकर पुलिसकर्मी प्राइवेट दुकान पर गाड़ी लेकर पहुंचते हैं। जहां पर गाड़ियों से तेल निकालाकर बेच दिया जाता है। इनमें थाने की गाड़ी से लेकर बंदी वाहन, गश्त की मोबाइल और पुलिस अफसरों की सरकारी गाड़ियां होती हैं। पुलिसकर्मियों की कालाबाजारी से पुलिस विभाग को हर महीने लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। पुलिस के ड्राइवरों के साथ पुलिस लाइन के अधिकारी भी इस खेल में शामिल हैं। पुलिसकर्मियों के इस कारनामों को अमर उजाला ने कैमरे में कैद किया और उसकी वीडियो भी हमारे पास है।ऐसा करते हैं खेल
रोजाना सुबह सात बजे से पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप से ड्राइवर सरकारी गाड़ियों में तेल लेकर मवाना बस स्टैंड समेत शहर के अलग अलग पांच जगहों पर प्राइवेट दुकान पर पहुंचते हैं। मवाना बस स्टैंड के पास एक पेट्रोल पंप है। जिसके पीछे नगर निगम की दुकानें बनी हुई है, जोकिराये पर दी हुई है। पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी दुकान पर लाते हैं, जिसको देखते ही दुकानदार तेल की केन और पाइप लेकर आता है। पुलिसकर्मी दुकान के बाहर पड़ी कुर्सी पर बैठता है और दुकानदार सरकारी गाड़ी से तेल निकाल लेता है। उसके बाद पुलिसकर्मी गाड़ी को फिर पुलिस लाइन में लाकर खड़ी कर देता है। दिनभर शहर की कई दुकानों पर एक के बाद एक पुलिस विभाग की सरकारी गाड़ियां आकर तेल देती हैं।

माफ कर दो, गलती हो गई
अमर उजाला टीम ने गाड़ी से तेल निकालने का खेल अपने कैमरे में कैद किया तो वहां अफरातफरी मच गई। दुकान पर काम करने वाले बच्चों ने आनन-फानन में पुलिस की गाड़ी से पाइप निकाला और तेल से भरी केन को लेकर दुकान में रखने लगे। जबकि पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। पुलिसकर्मी बोला कि गलती हो गई माफ कर दो। पुलिसकर्मी खुद ही बताने लगा कि पुलिस के सभी ड्राइवर तेल बेचते हैं।

ऑफिस में बैठे पुलिसकर्मी भी शामिल
इस कालाबाजारी में केवल पुलिस ड्राइवर ही नहीं, बल्कि पुलिस लाइन में ऑफिस में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ऑफिस के पुलिसकर्मी से सेटिंग के बगैर इतनी बड़ी काला बाजारी संभव नहीं। ऑफिस के पुलिसकर्मियों से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि ड्राइवरों नेे तेल चोरी के स्टिंग के बारे में उनको बताया है। इससे साफ हो गया कि ऑफिस के पुलिसकर्मी भी इस काला बाजारी में शामिल हैं। पुलिस ड्राइवर ने ऑफिस के पुलिसकर्मियों से साफ कहा कि अगर वो फंसा तो वह सबका नाम उजागर कर देगा।

शास्त्रीनगर, जागृति विहार डेंगू की चपेट में

जिले में चिकनगुनिया और डेंगू का रोग बेकाबू हो चुका है। खासकर शहर के शास्त्रीनगर और जागृति विहार इलाके इसकी चपेट में हैं। मेडिकल कॉलेज की लैब में कराई गई जांच के बाद डेंगू और चिकनगुनिया के बृहस्पतिवार को 56 नए मामले सामने आये हैं। इससे साफ है कि शहर में एडिस मच्छर को पनपने का पूरा मौका मिल रहा है। इसके अलावा वायरल को जन्म देना वाला बैक्टीरिया भी गंदगी के चलते फैल रहा है। अब जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है, जबकि चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या ने भी सौ का आंकड़ा छू लिया है।
वायरल बुखार से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं उससे कहीं ज्यादा संख्या उन मरीजों की है, जो चिकित्सकों की सलाह से घरों पर ही इलाज ले रहे हैं। अलर्ट के बीच स्वास्थ्य विभाग थोड़ा एक्टिव हुआ है तो नगर निगम सफाई, कीटनाशक, चूना छिड़काव और फॉगिंग के मोर्चे पर फेल साबित हो रहा है। जिसके कारण वायरल फैलाने वाला बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो रहा है।नहीं चल रहा अभियान
जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम उन क्षेत्रों को चिन्हित कर अभियान नहीं चला पाया है, जहां एडिस मच्छर सबसे ज्यादा पनप रहा है। जबकि पहले दिन से ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग डेंगू और चिकनगुनिया के आ रहे हैं।खास एरिया चपेट में
शुरूआत में मेडिकल कॉलेज कैंपस व जागृति विहार से चिकनगुनिया और डेंगू के मामले सामने आये थे। उसके बाद इसका दायरा बढ़ा और उसने मेडिकल से सटी अजंता कॉलोनी व उसके बाद जागृति विहार से मिले शास्त्री नगर को घेरा। लेकिन नगर निगम और जिला मलेरिया विभाग ने महज रस्म अदायगी ही की। जिसके कारण डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर का दायरा बढ़ता चला गया। अब माछरा और परीक्षितगढ़ ब्लॉक के काफी गांव भी इसकी चपेट में है। अकेले परीक्षितगढ़ और माछरा ब्लॉक से चिकनगुनिया के 30 से अधिक केस सामने आने आ चुके हैं। वहीं डेंगू के भी करीब 15 मामले इन्हीं दोनों ब्लॉक से सामने आये हैं।शहर में गंदगी नहीं दिखती इन्हें
सरकारी अफसरों को शहर में व्याप्त गंदगी नहीं दिखती। जबकि कूड़ा एकत्र करने से लेकर उसके निस्तारण की प्रक्रिया इतनी खराब है कि उसमें बैक्टीरिया जमकर पल रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. योगिता सिंह का कहना है कि वायरल के फैलने के पीछे असली वजह गंदगी है, क्योंकि गंदगी की वजह से बैक्टीरिया पैदा होता है और उसी से फैलता है। लेकिन शहर में जगह-जगह गंदगी है, जिससे वायरल के मामले बढ़ना लाजिमी है।

चूने का छिड़काव नहीं
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि नियम कहता है कि जहां पर कूड़ा एकत्र किया जाता है वहां दिन में दो दफा अनिवार्य तौर पर चूना गिरना चाहिये। इस शहर में कूड़ा एक ही टाइम उठाया जाता है, इसलिए कूड़े के ऊपर और बराबर मे चूना गिरना चाहिये, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं, डंपिंग जोन में भी कूड़े के ऊपर चूने की पूरी परत होनी चाहिये। अगर नगर निगम थोड़ी सक्रियता से काम करे तो वायरल को ज्यादा प्रभावित तरीके से रोक सकता है।

रंगदारी न देने पर कुख्यात ने दंपति को गोलियों से भूना

रोहटा गांव में बृहस्पतिवार सुबह डबल मर्डर से सनसनी फैल गई। कुख्यात मोनू जाट ने दो लाख रुपये की रंगदारी न देने पर दंपति को गोलियों से भून डाला। सूचना मिलने के एक घंटा बाद पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया। तभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।

रोहटा गांव निवासी शीशपाल (58) पुत्र चतर सिंह किसान था। तीन साल पहले शीशपाल के इकलौते बेटे कपिल की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शीशपाल के कंधों पर विधवा पुत्रवधू सीमा व पोते-पोती की जिम्मेदारी थी। शीशपाल से कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट ने दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उसने यह शिकायत रोहटा थाने में की थी। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे शीशपाल पत्नी संतोष (55) के साथ खेत पर चारा लेने गया था। शीशपाल का भाई कंवरपाल सिंह भी साथ था। दंपति चारा काटने लगा तो कंवरपाल अपना ईख का खेत देखने लगा। तभी कुख्यात मोनू अपने दो साथियों के साथ दंपति के पास पहुंचा। बदमाशों ने रंगदारी न देने पर शीशपाल पर गोलियां बरसा दीं। यह देख संतोष बदमाशों पर टूटी तो बदमाशों ने उसे भी गोलियों से भून दिया। शीशपाल को पांच गोलियां मारी गईं। दंपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज सुन कंवरपाल वहां पहुंचा तो बदमाशों ने उस पर भी गोलियां चला दीं। हालांकि कंवरपाल बाल-बाल बच गया।पुलिस को जमकर सुनाई खरीखोटी
दंपति की हत्या की जानकारी लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एक घंटे बाद रोहटा थाने की पुलिस पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई। ग्रामीणों का आरोप है कि रोहटा पुलिस अगर शीशपाल की शिकायत पर गंभीर हो जाती तो उसकी जान बच सकती थी। कुख्यात मोनू लगातार शीशपाल के परिवार को धमकी दे रहा था कि अगर रंगदारी नहीं दी तो वह उनको मार देगा।

एसएसपी पहुंचे तो उठे शव
ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर पुलिस की हिम्मत शवों का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की नहीं हुई। डबल मर्डर और हंगामे की सूचना पर जानी, सरूरपुर, कंकरखेड़ा, समेत कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। करीब 11 बजे एसएसपी जे. रविंदर गौड़ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि तीन दिन में आरोपी मोनू जाट को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तभी ग्रामीण शांत हुए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। कंवरपाल की तहरीर पर मोनू जाट और उसके साथियों पर केस दर्ज हुआ। तहरीर में मोनू के अलावा शिव कुमार पुत्र ब्रह्म सिंह, पवन पुत्र राजवीर, यशपाल पुत्र धर्मवीर, रतन पुत्र बारू को हत्या का षड्यंत्र रचने में नामजद किया गया है।

पहले पति अब सास-ससुर का साथ छूटा

शीशपाल और संतोष की दिनदहाड़े हत्या से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन साल पहले पति खोने वाली सीमा का सास-ससुर से भी साथ छूट गया। पोता-पोती रोते हुए बोले कि अब हमारी परवरिश कैसे होगी। परिवार में कोहराम मचा है तो गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति आक्रोश जताते हुए बाजार बंद रखा।

तीन साल पहले शीशपाल का परिवार खुशी से जीवन काट रहा था। शीशपाल खेतीबाड़ी करता था तो उसका इकलौता बेटे कपिल मोदी शहर में मेट्रो प्लाजा में शेयर ब्रोकर का ऑफिस चलाता था। तीन साल पहले अचानक कपिल को ब्रेन हेमरेज हुआ और उसकी मौत हो गई। कपिल के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा नौ साल का बेटा मानव उर्फ मानू और छह साल की बेटी सीमोन हैं।
बेटे की मौत के बाद परिवार पर संकट पैदा हुआ। लेकिन शीशपाल और संतोष ने परिवार को टूटने नहीं दिया। कलेजे पर पत्थर रखकर अपनी पुत्रवधू और पोता-पोती की परवरिश में जुट गए। परिवार इस दु:ख से कुछ बाहर निकला ही था कि बृहस्पतिवार को फिर इस परिवार पर कहर टूट गया। कुख्यात मोनू जाट ने रंगदारी न देने पर असहाय दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। चर्चा यह भी है कि कुख्यात मोनू के चचेरे भाई ने कपिल के शेयर ब्रोकर में दस लाख रुपये लगाए थे, जिसको मोनू मांगता था। दंपति कहता था कि कपिल के साथ उसके पैसे भी चले गए।सीमा के सामने बड़ी चुनौती
पहले पति और अब सास ससुर की मौत के बाद मासूम बच्चों की परवरिश करना सीमा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उसका रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग सीमा को ढांढस बंधाने में लगे हैं। लेकिन वह कभी पति तो कभी सास-ससुरा को याद कर बेहोश हो जाती है। रोती हुई कहती कि अब वह किसके सहारे जिंदगी कटेगी। कौन देखेगा उसके मासूम बच्चों को।

मम्मी! हमें कौन ले जाएगा स्कूल
मानव कक्षा तीन और सीमोन कक्षा एक में पढ़ती है। रोजाना उनकी दादी संतोष ही स्कूल लेकर जाती और वही उन्हें लेकर आती थी। दादा शीशपाल भी बच्चों को बहुत प्यार करते थे। दादा-दादी की मौत का पता चला तो दोनों बच्चे अपनी मम्मी से पूछ रहे हैं कि अब कौन उनको स्कूल लेकर जाएगा। यह सुनकर मां सीमा ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य लोग भी आंसू नहीं रोक पाए। इन मासूम और बेबस बच्चों को कोई जवाब नहीं दे पाया।

पहले पति और फिर पत्नी को मारा
पुलिस के मुताबिक चश्मदीद कंवरपाल सिंह ने बताया कि उसका भाई शीशपाल बुग्गी पर बैठा था। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। शीशपाल की पत्नी संतोष चारा काट रही थी। मोनू व उसके साथियों ने पहले शीशपाल फिर संतोष को गोली मारी। गोलियां बरसाने के बाद देखा भी कि कहीं दंपति जिंदा तो नहीं बच गया। शीशपाल की सांस चलती देख मोनू ने उसके सिर से सटाकर एक ओर गोली मारी। संतोष के सिर पर भी गोली लगी है।

दोहरे हत्याकांड के बाद बाजार बंद
शीशपाल और संतोष की हत्या की खबर फैली तो गांव का बाजार बंद होता चला गया। बदमाशों की दहशत के चलते देखते ही देखते कुछ ही समय में बाजार में सन्नाटा पसर गया और गांव की गलियां सुनसान हो गईं।

चार लोगों को पहले मार चुका मोनू
मोनू और भरतू नाई का रोहटा इलाके में गैंग बना हुआ है। भरतू नाई फिलहाल जेल में है। मोनू लोगों से रंगदारी मांगता है। विरोध करने पर हत्या कर देता है। दंपति के अलावा पहले भी रंगदारी न देने पर मोनू चार लोगों की हत्या कर चुका है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस गंभीर नहीं है। पुलिस जानकारी के बावजूद भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

मण्डल । जनपद के विभिन्न अधिकारियों के दूरभाष नम्बर जिला मेरठ

क्र0स0 विभाग का नाम
1 प्रशासनिक अधिकारी/राजस्व विभाग

प्रशासनिक अधिकारियों के टेलीफोन नम्बर

2 ग्राम्य विकास विभाग
3 सांसद/विधायकगण
4 क्षेत्र पंचायत प्रमुख
5 जिला पंचायत सदस्य
6 पुलिस विभाग

पुलिस विभाग- सी0यू0 जी0 नम्बर

7 यू0पी0-डी0एम0/सी0डी0ओ0/पी0डी0/डी0डी0ओ0
8 जिला स्तरीय अधिकारीगण
9 मिल्ट्री विभाग
10 विभिन्न विभागों के टेलीफोन नम्बर
11 रोडवेज
12 संभागीय परिवहन अधिकारी (आर0टी0ओ0)
13 आवास विकास विभाग
14 नगर निगम विभाग
15 मेरठ सभासदों की सूची
16 मेरठ विकास प्राधिकरण
17 विद्युत विभाग पी0वी0वी0एन0एल0
18  मेरठ शहर के बिजली घर
19 सी0 एम0 ओ0 पी0 एल0 शर्मा हाॅस्पिटल
20 मैडिकल काॅलिज
21 पी0एल0 शर्मा हाॅस्पिटल मेरठ
22 जनपद का शिक्षा विभाग
23 जनरल मनैेजर
24 जिलाध्यक्ष
25 संयुक्त व्यापार संघ, मेरठ
26 आयकर विभाग पी0बी0 एक्स
27 हाॅस्पिटल
28 जनपद मेरठ से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्रों की सूची
29 जनपद मेरठ के छायाकारो की सूची
30 इलैक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की सूची
31 एम0पी0, एम0एल0ए0, एम0एल0सी0
32 विभिन्न मोबाइल  कम्पनियों के नम्बर
33 आॅटोमोबाईल शोरूम
34 अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों के नम्बर

 

मेरठ जनपद के १२ विभिन्न विकास खण्डों के मानचित्र

जनपद मेरठ का मानचित्र

1 – माछरा विकास खण्ड
2 – रजपुरा विकास खण्ड
3 – खरखोदा विकास खण्ड
4 – मेरठ विकास खण्ड
5- जानी विकास खण्ड
6 – रोहटा विकास खण्ड
7 – सरूरपूर विकास खण्ड
8 – दौराला विकास खण्ड
9 – सरधना विकास खण्ड
11 – परीक्षितगढ़ विकास खण्ड
12 – हस्तिनापुर विकास खण्ड

Guinness World Record By Meerut

Under the guidance of Chairman Shri Alok Sinha, Commissioner Meerut division, My-City My -Initiative (MCMI) is organizing an event which would give Meerut another pride moment to be registered in Guinness Book of World record. The brush strokes of people of Meerut would attempt to create a Guinness record of the longest painting by numbers.
The current record for longest painting by numbers  is 959.35 m (3147 ft 5 in) long and is entitled “Birds and Wetlands”. It was created by 2,041 Participants in an event organized by the Hong Kong Wetland Park at their premises in Hong Kong, China on 17 October 2009. The painting was 1.2 meters (3 ft 11 in) high.
The record creating event in Meerut would be on 14th November, 2016 in Victoria park / Kailash prakash stadium.An attempt would be done to paint 1200+ Meter painting by numbers by 3000+ citizens of Meerut on canvas at one time. The theme of painting is Aquarium.
All the citizens wanted to be a part of this proud moment, should get the registration forms from Nageen group of Schools City office, below HDFC Bank, W. K. Road , Meerut. The registration form is for Rs. 400/- and is available from 1st August, 2016 onwards. The registration is open only for first 3000 candidates on first come first served basis. Registered candidate will get a goodie bag containing T-Shirt – with brand logo, Paint Brush with branding – 1”, Color Box with Brand – 10-15 ml of Acrylic paint*, Water bottle, Cloth, Bowl for water and a Sample to do Kit for practice. The registration forms can also be downloaded from http://guinnessrecordbymeerut.com/wp-content/uploads/2016/07/form.pdf.
So get yourself registered for the flagship moment of Meerut.

First annual day of My City – My Initiative (MCMI)

My City – My Initiative (MCMI) is celebrating its First Annual Day on Wednesday, 7th September 2016 at Radha Govind Mandap on Garh Road. The event would begin at 6:00 pm. Hon’ble Sh. Shahid Manzoor, the President Governing Council, MCMI is the chief guest of the celebrations. Volunteers at MCMI cordially invite the citizens of Meerut to the event and be a part of the journey through the last year.

About MCMI: Meerut has a Glorious History and hard working citizen.Unfortunately it has received negative publicity in the past.The city needs a boost in the field of Trade, Industry, Tourism, Entertainment, Infrastructure, Sports, Arts, Culture.It also requires Social Harmony, Cleanliness and Regulated Traffic.In short it requires a definite Roadmap of Development in every aspect to make it a VIBRANT CITY.As things stand now something of a Miracle is required to bring back the Glory to Meerut that it deserves.

My City-My Initiative (MCMI) is the much needed Mutual wake-up call that the City and her inhabitants are giving to each other.It is based on the premise that every citizen of Meerut can voluntarily contribute towards the vibrancy of the city. The least one can contribute are basic courtesies to fellow citizens.

Many activities can be started to shift the agenda of discussion at Tea and Paan corners and drawing rooms of Meerut from despair to development and hope. These activities may range from Garbage disposal, Traffic,Economic Development, Tourism, Sports, Music, Arts, Culture, Social Harmony, Environment and inculcating Civic Sense. These activities can be planned in a Voluntary set up to engage citizens of all age groups. Voluntary efforts will enhance the output of existing Government schemes. A society in the form of Federation of Volunteers with a little support from Administration will do the trick.It is going to be one more Revolution from the Land of Revolutions.

 

Important Note: to get your event published on meerut.com in any section, kindly send event/news to rohini@school-college.com