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…तो मैं भी अपनी जान दे दूंगा

 

अमर उजाला

 सॉफ्टवेयर इंजीनियर हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को बेबस पिता ने एसएसपी से मुलाकात की। कप्तान ने सीओ सिविल लाइन से पूरे मामले में जांच रिपोर्ट मांगी है।

सहारनपुर के छुटमलपुर निवासी रमेशचंद राठौर के इकलौते बेटे गौरव राठौर (25) ने चौधरी चरण सिंह विवि कैंपस स्थित सर छोटूराम इंजीनियरिंग कॉलेज से बीटेक किया था। बाद में वह एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी करने लगा। गौरव ने प्रियंका सैनी से शादी की थी, जिसके बाद युवती के परिजनों ने धमकी दी थी। 14 जून 2015 को विवि कैंपस में तपोवन के पास गौरव की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
पिता रमेशचंद राठौर ने युवती के पिता रविंद्र सैनी समेत चार के खिलाफ मेडिकल थाने में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में रविंद्र और नरेंद्र सैनी को जेल भेज दिया था। जबकि अनिल और जितेंद्र फरार चल रहे हैं। शुक्रवार को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर रमेशचंद राठौर एसएसपी से मिले और रोने लगे। कहा कि आरोपी उसे धमकी दे रहे हैं। मेरी पत्नी इस समय जिंदगी और मौत से जूझ रही है। यदि आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह इंसाफ की खातिर अपनी जान दे देगा। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने सीओ सिविल लाइन विनोद सिरोही से पूरे मामले में रिपोर्ट मांगकर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कांवड़ यात्रा के बाद गणेश शोभयात्रा में देशभक्ति का रंग

 

गणेश शोभयात्रा में तिरंगा लहराते श्रद्धालु।

कांवड़ यात्रा के बाद अब गणपति के साथ भी तिरंगा लहराने लगा है। शुक्रवार को शास्त्रीनगर एल ब्लॉक से निकाली गई गणेश विसर्जन यात्रा में भक्तजनों ने देशभक्ति नारों के बीच गणपति बप्पा मोरया का उद्घोष कर तिरंगा लहराया। गणेश पूजा महोत्सव में शुक्रवार को कई जगह गणेश पूजा की धूम रही। कई स्थानों पर शोभायात्रा निकाली। श्रद्धालुओं ने ढोल नगाडे़ की थाप पर  खूब नृत्य किया।शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में शुक्रवार को पांच दिन से चल रहे गणपति जी की मूर्ति का विसर्जन किया गया। इस दौरान सैकड़ों महिलाओं और बच्चों ने खूब डांस किया। इसके बाद नानू नहर पर विसर्जन किया। आयोजनकर्ता भाजपा नेता कुलदीप तोमर, अमित चौहान, गगन सोम, मुकेश कौशिक, विवेक, गौरव चंदेल, तेज बहादुर, पूनम, वंदना, अनीता, रिद्धि, सुभ्रा, नैना, अनिता, श्वेता आदि मौजूद रहीं। वहीं, श्री गणेश शोभायात्रा समिति के तत्वावधान में गणेश महोत्सव के पांचवें दिन बागपत गेट स्थित प्राचीन भोले शंकर शिव मंदिर से गणेश शोभायात्रा निकाली गई।

मुख्य यजमान दिनेश अग्रवाल ने मुख्य तिलक और गणेश शृंगार किया। आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने धार्मिक गीतों पर जमकर डांस किया।  नवयुवक मित्र मंडल महामंत्री अंकुर गुप्ता ने बताया कि शीशमहल में गणेश महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। शनिवार शाम को मंगला आरती का आयोजन होगा तथा रविवार को 51 किलो लड्डू का भोग लगाया जाएगा। इसके अलावा खत्रियों का चौक, सुभाष बाजार, बुढ़ाना गेट से होकर जिमखाना तक शोभायात्रा निकाली जाएगी। सुपरटेक पामग्रीन में अमित गौतम ने गणेश पूजा की। शोभायात्रा निकालने के बाद गणेश मूर्ति का मुरादनगर स्थित गंगनहर में विसर्जन किया गया।

लॉ में रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ी, मेरठ कॉलेज जुड़ा 

सीसीएसयू ने बीए एलएलबी और एलएलबी में रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ाकर 12 सितंबर कर दी है। साथ ही मेरठ कॉलेज का भी इंतजार खत्म हो गया है। एलएलबी में एडमिशन के लिए मेरठ कॉलेज के रजिस्ट्रेशन ओपन हो गए हैं। कोर्ट के आदेश की कॉपी मिलने के बाद विवि ने रजिस्ट्रेशन ओपन कर दिए। बीपीएड और एमपीएड के भी रजिस्ट्रेशन की डेट बढ़ाई है।
एडमिशन कोऑर्डिनेटर प्रोफेसर वाई विमला के मुताबिक बीए एलएलबी, एलएलबी, बीपीएड और एमपीएड में रजिस्ट्रेशन 12 सितंबर तक होंगे। मेरठ कॉलेज में एलएलबी के रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद रजिस्ट्रेशन ओपन हुए हैं। वहीं यूजी सेल्फ फाइनेंस कोर्स की तीसरी मेरिट और यूजी प्रोफेशनल, पीजी ट्रेडिशनल और प्रोफेशनल कोर्स की दूसरी मेरिट के एडमिशन चल रहे हैं। विवि ने इन दोनों मेरिट के एडमिशन की डेट भी बढ़ाकर 12 सितंबर कर दी है।कैंपस में बीबीए बंद
सीसीएसयू
कैंपस में बीबीए का नोटिफिकेशन होने और रजिस्ट्रेशन शुरू करने के बाद यह कोर्स इस साल बंद कर दिया है। विवि ने दो दिन पहले कैंपस में बीबीए के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। आठ सितंबर से रजिस्ट्रेशन ओपन किए। सात रजिस्ट्रेशन भी हो गए थे। इन सभी सातों आवेदकों को विवि ने फोन से सूचना कर दूसरे कॉलेजों में ट्रांसफर का मौका दिया। सूत्रों के मुताबिक सिलेबस तैयार नहीं होने की वजह से इस साल बीबीए शुरू नहीं होगा। पुराने और नए कोर्स में बदलाव आया है।

लॉ में दाखिले के लिए हाईकोर्ट से आदेश जारी
हाईकोर्ट
ने मेरठ कॉलेज में लॉ के दाखिले करने के आदेश जारी कर दिए हैं। बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 9 अगस्त को आदेश जारी कर मेरठ कॉलेज में लॉ की मान्यता समाप्त कर दी थी। इस आदेश को चुनौती देते हुए मेरठ कॉलेज की ओर से वरुण देव शर्मा अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में रिट दायर की।

हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए वर्ष 2016 के आगामी सत्र में लॉ के दाखिले करने के आदेश जारी कर दिए हैं। हाईकोर्ट ने यह आदेश अपने अंतिम निर्णय के अधीन रखते हुए दिए हैं। इस मामले में बार काउंसिल के उस आग्रह को भी स्वीकार किया गया है, जिसमें उसने मेरठ कॉलेज की लॉ फैकल्टी का सर्वे करने की प्रार्थना की थी। हाईकोर्ट ने इस मामले में बार काउंसिल ऑफ इंडिया को सर्वे करने के लिए 15 दिन का समय भी दिया है। हाईकोर्ट ने इस मामले में सुनवाई  के लिए 22 सितंबर की तारीख नियत की है।

दोस्ती, दुष्कर्म, शादी फिर कराया धर्मपरिवर्तन

हस्तिनापुर क्षेत्र की एक दलित युवती को दूसरे समुदाय के एक युवक ने बिजनेस कराने का झांसा देकर उसकी आबरू से खेलता रहा। दोस्ती कर दुष्कर्म किया फिर धर्मपरिवर्तन कराकर निकाह कर लिया। एक साल तक बिजनेस कराने के बाद आरोपी और उसका परिवार उसे धोखा देकर फरार हो गया। बेघर हुई युवती शुक्रवार को एसएसपी के पास पहुंची। उसने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।

बीएड पास पीड़ित इस युवती ने एसएसपी दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाते हुए बताया कि उसकी मुलाकात दो साल पहले किठौर निवासी इदरीश से हुई थी। वह खुद का बिजनेस करना चाहती थी। युवक ने उससे कहा कि घरेलू सामान बनाने की फैक्ट्री लिसाड़ी गेट में अच्छी चलेगी। जिस पर युवती ने अपने परिजनों से करीब 30 लाख रुपये लेकर लिसाड़ी गेट की एक कॉलोनी में बिजनेस शुरू कर दिया।
आरोप है कि इदरीश ने बहला फुसलाकर एक दिन उससे दुष्कर्म किया। करीब छह महीने पहले इदरीश ने उसका धर्म परिवर्तन कराया और उसके साथ निकाह किया। दोनों किराये के मकान में लिसाड़ी गेट क्षेत्र में रहने लगे। कुछ दिनों बाद इदरीश वहां अपने परिजनों को भी ले आया। एक महीने पहले इदरीश अचानक उसको छोड़कर चला गया। उसके बाद उसके परिजन भी गायब हो गए।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया क‌ि युवती ने इदरीश नाम के युवक पर दुष्कर्म, निकाह और धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। हालांकि युवती खुद अपनी इच्छा से इदरीश के साथ दो साल से रहती थी। पुलिस मामले की जांच करने के बाद कार्रवाई करेगी।

फाइनेंस कंपनी में पांच मिनट में 15 लाख का डाका

 सीसीएसयू के सामने मंगलपांडे नगर में शुक्रवार दोपहर हथियारबंद बदमाशों ने करीब पांच मिनट में फाइनेंस कंपनी में 15 लाख का डाका डाल दिया। बदमाशों ने ऑफिस में घुसते ही फायरिंग कर दहशत फैला दी और स्टाफ को बंधक बना लिया। सीसीटीवी कैमरे में छह बदमाश कैद होना सामने आए हैं।

मेडिकल थानाक्षेत्र अंतर्गत मंगल पांडे नगर में उज्ज्वल जीवन फाइनेंस कंपनी का ऑफिस है। सामने ही चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी है तो बगल में कोटक बैंक की ब्रांच है। शुक्रवार दोपहर करीब 2:20 बजे हथियार से लैस तीन बदमाश फाइनेंस ऑफिस में पहुंचे। जबकि तीन हथियारबंद बदमाश ऑफिस के बाहर ही निगरानी करते रहे। अंदर घुसने वालों में एक बदमाश ने कैशियर धर्मराज की कनपटी पर पिस्टल तान दी और दूसरे बदमाश ने ऑफिस में बैठे डिस्ट्रीब्यूटर मैनेजर अमित कुमार, एरिया मैनेजर सर्वेश प्रताप सिंह और एक ग्राहक को केबिन में बंधक बना लिया। जबकि तीसरे बदमाश ने तिजोरी से करीब 15 लाख रुपये लूट लिए।

मेट्रो ट्रेन पर काम से पहले बनाएं यातायात व्यवस्था

शहर में मेट्रो ट्रेन का काम शुरू करने से पहले शासन ने यातायात व्यवस्था बनाने के लिए योजना तैयार करने को कहा है। साथ ही पूछा है कि ऐसी कौन सी तीन कनेक्टिंग रोड हैं जिन पर ट्रैफिक कंट्रोल होना चाहिए। उधर यहां इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार किया जा रहा है। इस बाबत शासन को भी सूचना प्रेषित करने की तैयारी है।

सीएम अखिलेश यादव का मेट्रो ट्रेन ड्रीम प्रोजेक्ट है। लखनऊ में काम शुरू हो चुका है तो मेरठ की डीपीआर प्रदेश सरकार को भेजी जा चुकी है। मुख्य सचिव इसे हरी झंडी भी दे चुके हैं। कवायद यह है कि इस साल यहां काम शुरू हो जाए। इसके दो कॉरिडोर बनाए गए हैं। पहला कॉरिडोर परतापुर से पल्लवपुरम तक है। दूसरा कॉरिडोर श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक है। एक कॉरिडोर एलीवेटिड है तो दूसरा अंडर ग्राउंड।व्यवस्था बनाना आसान नहीं
दिल्ली रोड का जाम किसी से छिपा नहीं है। कॉरिडोर एक का बड़ा भाग भी इसी रोड पर है। यहां कहीं एलीवेटिड तो कहीं अंडर ग्राउंड मेट्रो दौड़ेगी। भैंसाली अड्डे केसामने रोज जाम लगता है। ऐसे में जब यहां काम शुरू होगा तो क्या हाल होगा? कही सड़क के  ऊपर ट्रैक जाएगा तो कहीं सड़क के नीचे खुदाई होगी। पूरी टनल बिछाई जाएगी। ऐसे में पूरी तरह से ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी। हजारों लोग यहां से दिल्ली तक का सफर तय करते हैं। वे कैसे दिल्ली तक का सफर तय कर सकेंगे।

टर्न पर फिर होगी गड़बड़ी
बेगमपुल होते हुए मेट्रोमेडिकल की तरफ जाएगी तो गढ़ रोड पर भी हाल बुरा होगा। बेगमपुल पर तो वैसे ही जंक्शन है। यहां दोनों कॉरिडोर मिलेंगे। ऐसे में यहां व्यवस्था बनाना चुनौती होगा। गढ़ रोड पर एलीवेटिड ट्रैक रहेगा पर काम शुरू होते ही उस रोड पर भी व्यवस्थाएं पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगी।

शासन ने कहा रोड करो चिह्नित
हालांकि एमडीए इस प्लान पर पहले ही काम कर रहा था पर अब प्रदेश सरकार ने कहा है कि इस बाबत ब्लू प्रिंट तैयार करो। कैसे यातायात व्यवस्था बनाई जाएगी। वहीं यहां प्लान यह है कि  दिल्ली से आने वाले ट्रैफिक को मोदीनगर के पास से डायवर्ट किया जाएगा। हापुड़ रोड पर यहां खरखौदा में रोड दिल्ली रोड को मिला रही है। जोर रहेगा कि उधर जाने वाला ट्रैफिक वहीं से डायवर्ट हो। मोदीनगर से बागपत रोड की तरफ जाने वाले रूट को पहले ही गंगनहर की पटरी से गुजारने का प्लान है। इंटरनल ट्रैफिक प्लान पर भी काम शुरू करने की बात कही जा रही है। हालांकि इस पर बड़ी मशक्कत अभी बाकी है। गंगनहर मार्ग बनाने के लिए पीडब्लूडी ने शासन को रिपोर्ट भेजी है। साथ ही पांच हजार पेड़ काटने का प्रस्ताव भी भेजा है।

बनानी होगी ये सड़कें
इनर रिंग रोड बनानी होगी। यह एकमात्र ऐसी रोड है जो इस समस्या के निदान के लिए सबसे बड़ा काम करेगी। सुपरटेक चौराहा से यह रोड हापुड़ रोड, वहां से बिजनौर रोड को मिला रही है। इधर दिल्ली बाईपास को मिला रही है। दूसरे चरण में बिजनौर रोड से घूमकर इसे फिर से रुड़की रोड से मिलाने का प्रस्ताव है। इस सड़क को बनाकर ही यहां ट्रैफिक व्यवस्था को थोड़ा कंट्रोल किया जा सकेगा।

परतापुर की महायोजना रोड
परतापुर में प्रवेश के बाद हवाई पट्टी को जाने वाली रोड बिजली बंबा बाईपास से मिलना प्रस्तावित है। लेकिन यहां लगभग पांच सौ मीटर हिस्से पर अवैध टाउनशिप डेवलेप हो गई है। यह रोड  बनानी होगी। तभी ट्रैफिक बिजली बंबा चौकी होते हुए शहर में प्रवेश कर सकेगा।

जुर्रानपुर फाटक
यहां रेलवे ने तो हवा में पुल बना दिया है पर इसका अभी पूर्ण निर्माण होना है।हवा में लटके पुल को सड़क से जोड़ना होगा। जमीन लेकर दोनों तरफ मार्ग बनाकर इसे जोड़ना होगा। इस साल हर हाल में ओवरब्रिज बनाना ही होगा। यदि महायोजना की सड़क बन भी गई और यह पुल नहीं बना तो यहां जाम की समस्या होगी, जिससे पार पाना टेढी खीर साबित होगा। किसानों से यहां इस बाबत लगातार प्रयास किया जा रहा है।

पुलिस ही लगा रही सरकारी तेल में ‘आग’

पुलिस महकमे में सरकारी तेल की जमकर कालाबाजारी हो रही है। पुलिस ड्राइवर थाने की जीप से लेकर पुलिस अफसरों की गाड़ियों में पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप से डीजल और पेट्रोल डलवाते हैं। उसके बाद सरकारी गाड़ी को प्राइवेट दुकान पर ले जाकर तेल बेच देते हैं।
मेरठ पुलिस के पास 128 गाड़ी और 141 फैंटम बाइक हैं। प्रदेश सरकार हर महीने करीब तीन करोड़ रुपये का पुलिस को डीजल, पेट्रोल और गाड़ियों के मरम्मत के लिए देती है। पुलिस की सुविधा को देखते पुलिस लाइन परिसर में ही पेट्रोल पंप बनवाया हुआ है। जहां से पुलिस की गाड़ियों में डीजल व पेट्रोल भरा जाता है। वहीं पुलिस के ड्राइवर खुलेआम तेल की काला बाजारी कर रहे हैं। दिन निकलते ही एक के बाद एक सरकारी गाड़ियों में तेल भरवाकर पुलिसकर्मी प्राइवेट दुकान पर गाड़ी लेकर पहुंचते हैं। जहां पर गाड़ियों से तेल निकालाकर बेच दिया जाता है। इनमें थाने की गाड़ी से लेकर बंदी वाहन, गश्त की मोबाइल और पुलिस अफसरों की सरकारी गाड़ियां होती हैं। पुलिसकर्मियों की कालाबाजारी से पुलिस विभाग को हर महीने लाखों रुपये का चूना लगा रहा है। पुलिस के ड्राइवरों के साथ पुलिस लाइन के अधिकारी भी इस खेल में शामिल हैं। पुलिसकर्मियों के इस कारनामों को अमर उजाला ने कैमरे में कैद किया और उसकी वीडियो भी हमारे पास है।ऐसा करते हैं खेल
रोजाना सुबह सात बजे से पुलिस लाइन स्थित पेट्रोल पंप से ड्राइवर सरकारी गाड़ियों में तेल लेकर मवाना बस स्टैंड समेत शहर के अलग अलग पांच जगहों पर प्राइवेट दुकान पर पहुंचते हैं। मवाना बस स्टैंड के पास एक पेट्रोल पंप है। जिसके पीछे नगर निगम की दुकानें बनी हुई है, जोकिराये पर दी हुई है। पुलिसकर्मी सरकारी गाड़ी दुकान पर लाते हैं, जिसको देखते ही दुकानदार तेल की केन और पाइप लेकर आता है। पुलिसकर्मी दुकान के बाहर पड़ी कुर्सी पर बैठता है और दुकानदार सरकारी गाड़ी से तेल निकाल लेता है। उसके बाद पुलिसकर्मी गाड़ी को फिर पुलिस लाइन में लाकर खड़ी कर देता है। दिनभर शहर की कई दुकानों पर एक के बाद एक पुलिस विभाग की सरकारी गाड़ियां आकर तेल देती हैं।

माफ कर दो, गलती हो गई
अमर उजाला टीम ने गाड़ी से तेल निकालने का खेल अपने कैमरे में कैद किया तो वहां अफरातफरी मच गई। दुकान पर काम करने वाले बच्चों ने आनन-फानन में पुलिस की गाड़ी से पाइप निकाला और तेल से भरी केन को लेकर दुकान में रखने लगे। जबकि पुलिसकर्मी हाथ जोड़कर माफी मांगने लगा। पुलिसकर्मी बोला कि गलती हो गई माफ कर दो। पुलिसकर्मी खुद ही बताने लगा कि पुलिस के सभी ड्राइवर तेल बेचते हैं।

ऑफिस में बैठे पुलिसकर्मी भी शामिल
इस कालाबाजारी में केवल पुलिस ड्राइवर ही नहीं, बल्कि पुलिस लाइन में ऑफिस में तैनात पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। ऑफिस के पुलिसकर्मी से सेटिंग के बगैर इतनी बड़ी काला बाजारी संभव नहीं। ऑफिस के पुलिसकर्मियों से जब इस संबंध में बात की तो उन्होंने कहा कि ड्राइवरों नेे तेल चोरी के स्टिंग के बारे में उनको बताया है। इससे साफ हो गया कि ऑफिस के पुलिसकर्मी भी इस काला बाजारी में शामिल हैं। पुलिस ड्राइवर ने ऑफिस के पुलिसकर्मियों से साफ कहा कि अगर वो फंसा तो वह सबका नाम उजागर कर देगा।

शास्त्रीनगर, जागृति विहार डेंगू की चपेट में

जिले में चिकनगुनिया और डेंगू का रोग बेकाबू हो चुका है। खासकर शहर के शास्त्रीनगर और जागृति विहार इलाके इसकी चपेट में हैं। मेडिकल कॉलेज की लैब में कराई गई जांच के बाद डेंगू और चिकनगुनिया के बृहस्पतिवार को 56 नए मामले सामने आये हैं। इससे साफ है कि शहर में एडिस मच्छर को पनपने का पूरा मौका मिल रहा है। इसके अलावा वायरल को जन्म देना वाला बैक्टीरिया भी गंदगी के चलते फैल रहा है। अब जिले में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या बढ़कर 55 हो गई है, जबकि चिकनगुनिया के मरीजों की संख्या ने भी सौ का आंकड़ा छू लिया है।
वायरल बुखार से पीड़ित बड़ी संख्या में लोग सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। वहीं उससे कहीं ज्यादा संख्या उन मरीजों की है, जो चिकित्सकों की सलाह से घरों पर ही इलाज ले रहे हैं। अलर्ट के बीच स्वास्थ्य विभाग थोड़ा एक्टिव हुआ है तो नगर निगम सफाई, कीटनाशक, चूना छिड़काव और फॉगिंग के मोर्चे पर फेल साबित हो रहा है। जिसके कारण वायरल फैलाने वाला बैक्टीरिया तेजी से सक्रिय हो रहा है।नहीं चल रहा अभियान
जिला मलेरिया विभाग और नगर निगम उन क्षेत्रों को चिन्हित कर अभियान नहीं चला पाया है, जहां एडिस मच्छर सबसे ज्यादा पनप रहा है। जबकि पहले दिन से ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम को संकेत मिलने शुरू हो गए थे कि किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा लोग डेंगू और चिकनगुनिया के आ रहे हैं।खास एरिया चपेट में
शुरूआत में मेडिकल कॉलेज कैंपस व जागृति विहार से चिकनगुनिया और डेंगू के मामले सामने आये थे। उसके बाद इसका दायरा बढ़ा और उसने मेडिकल से सटी अजंता कॉलोनी व उसके बाद जागृति विहार से मिले शास्त्री नगर को घेरा। लेकिन नगर निगम और जिला मलेरिया विभाग ने महज रस्म अदायगी ही की। जिसके कारण डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले मच्छर का दायरा बढ़ता चला गया। अब माछरा और परीक्षितगढ़ ब्लॉक के काफी गांव भी इसकी चपेट में है। अकेले परीक्षितगढ़ और माछरा ब्लॉक से चिकनगुनिया के 30 से अधिक केस सामने आने आ चुके हैं। वहीं डेंगू के भी करीब 15 मामले इन्हीं दोनों ब्लॉक से सामने आये हैं।शहर में गंदगी नहीं दिखती इन्हें
सरकारी अफसरों को शहर में व्याप्त गंदगी नहीं दिखती। जबकि कूड़ा एकत्र करने से लेकर उसके निस्तारण की प्रक्रिया इतनी खराब है कि उसमें बैक्टीरिया जमकर पल रहा है। वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. योगिता सिंह का कहना है कि वायरल के फैलने के पीछे असली वजह गंदगी है, क्योंकि गंदगी की वजह से बैक्टीरिया पैदा होता है और उसी से फैलता है। लेकिन शहर में जगह-जगह गंदगी है, जिससे वायरल के मामले बढ़ना लाजिमी है।

चूने का छिड़काव नहीं
जिला मलेरिया अधिकारी योगेश सारस्वत का कहना है कि नियम कहता है कि जहां पर कूड़ा एकत्र किया जाता है वहां दिन में दो दफा अनिवार्य तौर पर चूना गिरना चाहिये। इस शहर में कूड़ा एक ही टाइम उठाया जाता है, इसलिए कूड़े के ऊपर और बराबर मे चूना गिरना चाहिये, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। वहीं, डंपिंग जोन में भी कूड़े के ऊपर चूने की पूरी परत होनी चाहिये। अगर नगर निगम थोड़ी सक्रियता से काम करे तो वायरल को ज्यादा प्रभावित तरीके से रोक सकता है।

रंगदारी न देने पर कुख्यात ने दंपति को गोलियों से भूना

रोहटा गांव में बृहस्पतिवार सुबह डबल मर्डर से सनसनी फैल गई। कुख्यात मोनू जाट ने दो लाख रुपये की रंगदारी न देने पर दंपति को गोलियों से भून डाला। सूचना मिलने के एक घंटा बाद पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने जमकर हंगामा काटा। एसएसपी ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत किया। तभी शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए।

रोहटा गांव निवासी शीशपाल (58) पुत्र चतर सिंह किसान था। तीन साल पहले शीशपाल के इकलौते बेटे कपिल की बीमारी के चलते मौत हो गई थी। शीशपाल के कंधों पर विधवा पुत्रवधू सीमा व पोते-पोती की जिम्मेदारी थी। शीशपाल से कुख्यात अमित उर्फ मोनू जाट ने दो लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। उसने यह शिकायत रोहटा थाने में की थी। लेकिन पुलिस ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
बृहस्पतिवार सुबह 8:30 बजे शीशपाल पत्नी संतोष (55) के साथ खेत पर चारा लेने गया था। शीशपाल का भाई कंवरपाल सिंह भी साथ था। दंपति चारा काटने लगा तो कंवरपाल अपना ईख का खेत देखने लगा। तभी कुख्यात मोनू अपने दो साथियों के साथ दंपति के पास पहुंचा। बदमाशों ने रंगदारी न देने पर शीशपाल पर गोलियां बरसा दीं। यह देख संतोष बदमाशों पर टूटी तो बदमाशों ने उसे भी गोलियों से भून दिया। शीशपाल को पांच गोलियां मारी गईं। दंपति ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। गोलियों की आवाज सुन कंवरपाल वहां पहुंचा तो बदमाशों ने उस पर भी गोलियां चला दीं। हालांकि कंवरपाल बाल-बाल बच गया।पुलिस को जमकर सुनाई खरीखोटी
दंपति की हत्या की जानकारी लगते ही ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। एक घंटे बाद रोहटा थाने की पुलिस पहुंची। ग्रामीणों ने पुलिस को जमकर खरीखोटी सुनाई। ग्रामीणों का आरोप है कि रोहटा पुलिस अगर शीशपाल की शिकायत पर गंभीर हो जाती तो उसकी जान बच सकती थी। कुख्यात मोनू लगातार शीशपाल के परिवार को धमकी दे रहा था कि अगर रंगदारी नहीं दी तो वह उनको मार देगा।

एसएसपी पहुंचे तो उठे शव
ग्रामीणों के आक्रोश को देखकर पुलिस की हिम्मत शवों का पंचनामा भरने और पोस्टमार्टम के लिए भेजने की नहीं हुई। डबल मर्डर और हंगामे की सूचना पर जानी, सरूरपुर, कंकरखेड़ा, समेत कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी। करीब 11 बजे एसएसपी जे. रविंदर गौड़ मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि तीन दिन में आरोपी मोनू जाट को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तभी ग्रामीण शांत हुए और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। कंवरपाल की तहरीर पर मोनू जाट और उसके साथियों पर केस दर्ज हुआ। तहरीर में मोनू के अलावा शिव कुमार पुत्र ब्रह्म सिंह, पवन पुत्र राजवीर, यशपाल पुत्र धर्मवीर, रतन पुत्र बारू को हत्या का षड्यंत्र रचने में नामजद किया गया है।

पहले पति अब सास-ससुर का साथ छूटा

शीशपाल और संतोष की दिनदहाड़े हत्या से परिवार पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। तीन साल पहले पति खोने वाली सीमा का सास-ससुर से भी साथ छूट गया। पोता-पोती रोते हुए बोले कि अब हमारी परवरिश कैसे होगी। परिवार में कोहराम मचा है तो गांव में मातम छाया हुआ है। ग्रामीणों ने पुलिस के प्रति आक्रोश जताते हुए बाजार बंद रखा।

तीन साल पहले शीशपाल का परिवार खुशी से जीवन काट रहा था। शीशपाल खेतीबाड़ी करता था तो उसका इकलौता बेटे कपिल मोदी शहर में मेट्रो प्लाजा में शेयर ब्रोकर का ऑफिस चलाता था। तीन साल पहले अचानक कपिल को ब्रेन हेमरेज हुआ और उसकी मौत हो गई। कपिल के परिवार में पत्नी सीमा के अलावा नौ साल का बेटा मानव उर्फ मानू और छह साल की बेटी सीमोन हैं।
बेटे की मौत के बाद परिवार पर संकट पैदा हुआ। लेकिन शीशपाल और संतोष ने परिवार को टूटने नहीं दिया। कलेजे पर पत्थर रखकर अपनी पुत्रवधू और पोता-पोती की परवरिश में जुट गए। परिवार इस दु:ख से कुछ बाहर निकला ही था कि बृहस्पतिवार को फिर इस परिवार पर कहर टूट गया। कुख्यात मोनू जाट ने रंगदारी न देने पर असहाय दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी। चर्चा यह भी है कि कुख्यात मोनू के चचेरे भाई ने कपिल के शेयर ब्रोकर में दस लाख रुपये लगाए थे, जिसको मोनू मांगता था। दंपति कहता था कि कपिल के साथ उसके पैसे भी चले गए।सीमा के सामने बड़ी चुनौती
पहले पति और अब सास ससुर की मौत के बाद मासूम बच्चों की परवरिश करना सीमा के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। उसका रो रोकर बुरा हाल है। परिवार के लोग सीमा को ढांढस बंधाने में लगे हैं। लेकिन वह कभी पति तो कभी सास-ससुरा को याद कर बेहोश हो जाती है। रोती हुई कहती कि अब वह किसके सहारे जिंदगी कटेगी। कौन देखेगा उसके मासूम बच्चों को।

मम्मी! हमें कौन ले जाएगा स्कूल
मानव कक्षा तीन और सीमोन कक्षा एक में पढ़ती है। रोजाना उनकी दादी संतोष ही स्कूल लेकर जाती और वही उन्हें लेकर आती थी। दादा शीशपाल भी बच्चों को बहुत प्यार करते थे। दादा-दादी की मौत का पता चला तो दोनों बच्चे अपनी मम्मी से पूछ रहे हैं कि अब कौन उनको स्कूल लेकर जाएगा। यह सुनकर मां सीमा ही नहीं, बल्कि परिवार के अन्य लोग भी आंसू नहीं रोक पाए। इन मासूम और बेबस बच्चों को कोई जवाब नहीं दे पाया।

पहले पति और फिर पत्नी को मारा
पुलिस के मुताबिक चश्मदीद कंवरपाल सिंह ने बताया कि उसका भाई शीशपाल बुग्गी पर बैठा था। वह कई दिनों से बीमार चल रहे थे। शीशपाल की पत्नी संतोष चारा काट रही थी। मोनू व उसके साथियों ने पहले शीशपाल फिर संतोष को गोली मारी। गोलियां बरसाने के बाद देखा भी कि कहीं दंपति जिंदा तो नहीं बच गया। शीशपाल की सांस चलती देख मोनू ने उसके सिर से सटाकर एक ओर गोली मारी। संतोष के सिर पर भी गोली लगी है।

दोहरे हत्याकांड के बाद बाजार बंद
शीशपाल और संतोष की हत्या की खबर फैली तो गांव का बाजार बंद होता चला गया। बदमाशों की दहशत के चलते देखते ही देखते कुछ ही समय में बाजार में सन्नाटा पसर गया और गांव की गलियां सुनसान हो गईं।

चार लोगों को पहले मार चुका मोनू
मोनू और भरतू नाई का रोहटा इलाके में गैंग बना हुआ है। भरतू नाई फिलहाल जेल में है। मोनू लोगों से रंगदारी मांगता है। विरोध करने पर हत्या कर देता है। दंपति के अलावा पहले भी रंगदारी न देने पर मोनू चार लोगों की हत्या कर चुका है। ग्रामीणों की शिकायत के बाद पुलिस गंभीर नहीं है। पुलिस जानकारी के बावजूद भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।