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अतुल प्रधान का बड़ा बयान, कहा- लखनऊ में बैठे चाचा शिवपाल को हैसियत…

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संत चार्ल्स इंटर कॉलेज के मैदान में शनिवार को सपा नेता अतुल प्रधान ने जनसभा का आयोजन किया। सभा में उमड़ी भीड़ से गदगद अतुल ने भाजपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर भड़ास निकाली। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि लखनऊ में बैठे चाचा इस भीड़ को देख लें। उन्हें हैसियत का अंदाजा लग जाएगा।

दादरी मार्ग पर शुक्रवार को सड़क के लोकार्पण को लेकर अतुल प्रधान और सरधना विधायक संगीत सोम के समर्थकों में टकराव के हालात पैदा हो गए थे। ऐसे में जनसभा स्थल के आसपास भारी पुलिस बल तैनात रहा। पूर्वाह्न 11 शुरू होने वाली जनसभा में अतुल प्रधान, जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान के साथ करीब दो बजे पहुुंचे। इस दौरान सभा स्थल समर्थकों से भर चुका था। पहले सीमा प्रधान ने अतुल द्वारा सपा के लिए की गई मेहनत मशक्कत का बखान किया। उन्होंने टिकट कटने के बाद उत्पन्न हालात में जनता से अतुल के लिए समर्थन मांगा। वहीं, अतुल ने जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि यह भीड़ बता रही है कि उनमें और किसी चिंटू मिंटू, पिंटू की हैसियत में कितना फर्क है। उन्होंने बसपा प्रत्याशी इमरान कुरैशी पर तंज कसे तो विधायक संगीत सोम के प्रति अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया। पुलिस-प्रशासन और संगीत सोम को खुली चुुनौती दी। कहा कि विधायक समर्थकों द्वारा लगाये शिलापट को हटवा दिया जाए, वरना वह खुद हटवाने में सक्षम हैं।

शिलापट को रखा सुरक्षा घेरे में
पुलिस विधायक संगीत सोम समर्थकों द्वारा लगाए गए शिलापट को सुरक्षा घेरे में लिये रही। इस दौरान जिला पंचायत की तरफ से प्रस्तावित विकास कार्यों का लोकार्पण जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने फीता काटकर किया। इनमें दादरी मार्ग और ग्राम दादरी में प्रस्तावित कन्या डिग्री कॉलेज शामिल रहे। जनसभा सकुशल संपन्न होने पर ही प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने राहत की सांस ली। दरअसल, शुक्रवार रात हुई घटना को लेकर पुलिस-प्रशासन सतर्क रहा। एसडीएम, एसपी देेहात, सीओ और इंस्पेक्टर से लेकर अन्य आला अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान हालात बिगड़ने की आशंका के चलते भारी फोर्स तैनात रहा। खुफिया विभाग के अधिकारी भी चौकस रहे। वे समय-समय पर लखनऊ में बैठे आला अधिकारियों को जानकारी देते रहे। सीओ सरधना सीपी सिंह का कहना है कि पुलिस-प्रशासन ने अपनी तरफ से पूरी चौकसी बरती। इससे सब कुछ सामान्य रहा।

UP government might dissolve today


With the current scenario within Samajwadi party UP Govt might get dissolved today. BJP , congress, BSP might approach governer to dissolve the government. 

Today Akhilesh yadav expelled shiv pal yadav and 4 other ministers with Jaya prada. 

Akhilesh yadav or ram Gopal yadav might be expelled from Samajwadi party today. 

To save the government Mulayam SINGH might become next chief minister of UTTAR Pradesh. 

Last month amit shah approached Akhilesh yadav to join BJP and become chief minister face of BJP in Uttar Pradesh. 

Alliance with congress also cannot be ruled out. 

If the situation is not solved There is a strong possibility that Akhilesh yadav can form a new party or might join BJP. 

इशारों में पाक को पीएम मोदी का कड़ा संदेश, बोले- कभी-कभी युद्ध भी जरूरी

आनन्द राय, लखनऊ। ‘कभी-कभी परिस्थितिवश युद्ध की ओर भी जाना पड़ता है। लेकिन यह देश युद्ध का नहीं, बुद्ध का है। हमारा अंतिम पथ बुद्ध पथ (शांति) है।’ लखनऊ के दशहरा महोत्सव में इस संदेश के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नाम लिए बगैर पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी। कहा-‘आतंकियों की मदद करने वालों और उन्हें पनाह देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।’ प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत और समापन ‘जय श्रीराम’ के उद्घोष से किया।

प्रधानमंत्री मोदी ऐशबाग के रामलीला मंच पर 25 मिनट बोले। सभी पक्षों का छुआ। शांति और सद्भावना पर जोर देकर राम के साथ श्रीकृष्ण को भी याद किया। बोले-इन दोनों महापुरुषों के जीवन में युद्ध था। लेकिन हम वे लोग हैं, जो युद्ध से बुद्ध की ओर चले जाते हैं।

 

आतंकवाद को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा-‘पूरा विश्र्व तबाह हो रहा है। दो दिन से हम सीरिया की एक छोटी बालिका का चित्र देख रहे हैं। आंख में आंसू आ जाते हैं। 30-40 वर्ष पहले आतंकवाद पर देश चर्चा करता तो कुछ देशों के गले नहीं उतरता था। अमेरिकी अफसर से 1991 में हमारी बात हुई तो उसने कहा कि यह तो आपके यहां कानून-व्यवस्था का मसला है। लेकिन 26/11 (मुंबई हमला) के बाद सारी दुनिया को आतंकवाद पता चल गया। आतंकवाद खत्म किए बिना मानवता की रक्षा नहीं हो सकती। रावण को आतंकवाद का प्रतीक बनाकर सभी तरह की बुराइयों पर विजय का आह्वान किया।

तो जटायु की तरह लड़ें

मोदी ने प्रतीकों के जरिये समाज की बुराइयों को भी दूर करने की नसीहत दी। कहा, आतंक के खिलाफ पहली लड़ाई कोई फौजी, कोई नेता नहीं लड़ा। यह लड़ाई जटायु ने नारी के सम्मान के लिए लड़ी। आमजन का आह्वान करते हुए कहा कि 125 करोड़ जनता अगर राम नहीं बन सकती तो जटायु की भूमिका निभा सकती है। देशवासी अगर आतंकियों की हरकत पर ध्यान रखें तो वे सफल नहीं हो सकते। दुराचार, भ्रष्टाचार हमारे समाज को तबाह कर रहे हैं। ऐसे लोग रावण नहीं तो क्या हैं?

घर में पैदा होने वाली सीता को बचाएं

मोदी ने कहा कि आज विजयदशमी है और पूरा विश्र्व ग‌र्ल्स डे मना रहा है। सीता मां पर अत्याचार करने वाले रावण को हर साल जलाते हैं, लेकिन कभी सोचा कि बेटा-बेटी में फर्क क्यों करते हैं? अपने अंदर का रावण मारिए। घर में पैदा होने वाली सीता को बचाइए। बेटियों के पैदा होने पर भी उत्सव मनाइए। उन्होंने गंदगी को भी रावण का प्रतीक बताया। अशिक्षा को समाज को नष्ट करने वाली शक्ति बताते हुए इस पर भी विजय प्राप्त करने पर जोर दिया।

..ऐसे पहले प्रधानमंत्री

नरेंद्र मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जिन्होंने दिल्ली से बाहर रामलीला महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। लखनऊ में ऐशबाग के रामलीला महोत्सव में प्रधानमंत्री के शामिल होने को उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चुनाव के मद्देनजर संदेश भी दिया। जातिवाद, सांप्रदायिकता और भाई-भतीजावाद को रावण की तरह बताते हुए मोदी ने कहा-‘इन्हें भी मारिए।’ उन्हें पराक्रम के प्रतीक सुदर्शन चक्र और धनुष-बाण भेंट किया गया। इसे सर्जिकल स्ट्राइक के लिए सम्मान के तौर पर देखा गया। हालांकि उन्होंने अपने संबोधन में सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र तक नहीं किया।

सपा ने दिया हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी को टिकट, अखिलेश बोले ‘जानकारी नहीं’

सपा ने दिया हत्या के आरोपी अमनमणि त्रिपाठी को टिकट, अखिलेश बोले 'जानकारी नहीं'

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी में सोमवार को फिर से खींचतान देखने को मिली. दरअसल, इसने नौ विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की जिनमें हत्या के आरोपी नेता अमर मणि त्रिपाठी के बेटे भी शामिल हैं. इस घटनाक्रम से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव नाखशु नजर आए क्योंकि उन्होंने कहा कि वह इससे वाकिफ नहीं हैं. यादव ने हाल ही में अपने चाचा और प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव से शक्ति संघर्ष के दौरान अगले साल के चुनाव में उम्मीदवारों के चयन में अपनी बात माने जाने की मांग थी. उन्होंने आज कहा कि उम्मीदवार बदले जा सकते हैं.

एक कार्यक्रम के दौरान जब उनका ध्यान उम्मीदवारों की घोषणा की तरफ आकृष्ट किया गया तो उन्होंने कहा, “मेरे पास कोई जानकारी नहीं है. मैं फिलहाल इस भवन का उद्घाटन कर रहा हूं. कल मैं कानपुर में मेट्रो का काम शुरू करूंगा. भविष्य में और उम्मीदवार बदले जाएंगे.” उससे पहले दिन में शिवपाल यादव ने 2017 के विधानसभा चुनाव के वास्ते 14 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए उम्मीदवारों को बदले जाने के अलावा नौ सीटों के लिए सपा उम्मीदवारों की घोषणा की. घोषित किए गए उम्मीदवारों में अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी भी हैं. अमरमणि त्रिपाठी कवियत्री मधुमिता हत्याकांड के सिलसिले में जेल में हैं.

अमनमणि को महाराजगंज जिले की नौटवाना सीट से टिकट दिया गया है. उन पर अपनी पत्नी की हत्या का आरोप है. जब अखिलेश से उनके करीबी समझे जाने वाले अतुल प्रधान को टिकट नहीं दिए जाने और अमनमणि को टिकट दिये जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “मैंने अपने सारे अधिकार छोड़ दिए हैं. सभी अधिकार लोगों के पास हैं.” इस मुद्दे पर कुरेदे जाने पर उन्होंने कहा, “अब मैं या तो सत्यवादी बनूं या राजनीतिक. मैं अपनी आदतें नहीं बदल सकता.” दिन में बाद में सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के निवास पर बैठक हुई जिसमें रामगोपाल यादव, शिवपाल यादव और अखिलेश मौजूद थे.

रामगोपाल ने कहा, “टिकट वितरण को लेकर पार्टी में कोई मतभेद नहीं है.” जब उनसे अमनमणि को टिकट दिये जाने के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें 2012 में भी टिकट दिया गया था.

जब उनसे टिकट वितरण के बारे में अखिलेश की अनभिज्ञता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “यह प्रदेश अध्यक्ष का काम है और उसमें कुछ भी गलत नहीं है.” हाल ही जब मुख्यमंत्री अखिलेश को प्रदेश अध्यक्ष के पद से हटाया गया था और उनके स्थान पर उनके चाचा शिवपाल यादव को अध्यक्ष बनाया गया था तो दोनों के बीच शक्तिसंघर्ष हुआ था. मुलायम सिंह यादव के हस्तक्षेप के बाद खींचतान ठंडी पड़ गई थी.

सपा के प्रांतीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव द्वारा यहां जारी की गयी सूची के मुताबिक, कांग्रेस के बागी विधायक मुकेश श्रीवास्तव को बहराइच जिले की पयागपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है. वहीं, अमनमणि को महराजगंज जिले की नौतनवा सीट से टिकट दिया गया है.

कवयित्री मधुमिता शुक्ला हत्याकांड मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे पूर्व विधायक अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि पिछले साल अपनी पत्नी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद अपनी ससुराल के लोगों द्वारा लगाये गए हत्या के आरोपों के घेरे में आए थे. उन्हें एक व्यापारी को धमकी देने के आरोप में लखनऊ में गिरफ्तार भी किया गया था.

सोमवार को घोषित सूची के मुताबिक, सुभाष राय को अम्बेडकरनगर जिले की जलालपुर सीट से, मोहम्मद इरशाद को सहारनपुर की नकुड़ सीट से, संजय यादव को सोनभद्र की ओबरा सीट से, उषा वर्मा को हरदोई की सांडी सीट से सपा प्रत्याशी बनाया गया है. इसके अलावा पार्टी ने 14 सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले भी हैं.

आगरा की खरागढ़ सीट से विनोद कुमार सिकरवार की जगह पक्षालिका सिंह को टिकट दिया गया है. इसके अलावा ललितपुर सीट से ज्योति लोधी की जगह चंद्रभूषण सिंह बुंदेला उर्फ गुड्डू राजू को प्रत्याशी बनाया गया है.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

दशहरे पर लखनऊ में रावण दहन करेंगे पीएम मोदी! पार्टी ने किया आने का अनुरोध

दशहरे पर लखनऊ में रावण दहन करेंगे पीएम मोदी! पार्टी ने किया आने का अनुरोध

पीएम नरेंद्र मोदी (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार दशहरे पर लखनऊ की प्रसिद्ध ऐशबाग रामलीला में हिस्सा ले सकते हैं. बीजेपी नेताओं के अनुसार, प्रधानमंत्री से इसके लिए अनुरोध किया गया है और अब उनकी औपचारिक ‘हां’ का इंतजार है. राज्य बीजेपी नेताओं ने प्रधानमंत्री के संभावित दौरे के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं.

लखनऊ के ऐशबाग की रामलीला देश की सबसे प्राचीन और ऐतिहासिक रामलीलाओं में से एक है. माना जाता है कि तुलसीदास द्वारा रामचरितमानस का सृजन करने के बाद उनके शिष्यों ने इस रामलीला की शुरुआत करीब तीन सौ वर्ष पूर्व की थी. यह गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक भी है. नवाबों के शासन के दौर में यह रामलीला चलती रही. 19 वीं शताब्दी में श्रीरामलीला समिति ऐशबाग का पंजीकरण कराया गया था.

लखनऊ के मेयर और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश शर्मा श्रीरामलीला समिति ऐशबाग के संरक्षक हैं. उन्होंने बताया कि कालीकट में बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद की बैठक के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस रामलीला में आने का अनुरोध किया था.

अमूमन सारे प्रधानमंत्री दिल्ली में रामलीला मैदान पर रामलीला समितियों के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते आए हैं हालांकि 2014 में प्रधानमंत्री मोदी को वहां रावण दहन कार्यक्रम में नहीं बुलाया गया था क्योंकि समिति के मुख्य संरक्षक और पूर्व कांग्रेस सांसद जयप्रकाश अग्रवाल ने पीएम मोदी की मौजूदगी का विरोध किया था. इसके बाद पीएम मोदी ने सुभाष मैदान में रावण दहन कार्यक्रम में हिस्सा लिया था.

ऐशबाग की ऐतिहासिक रामलीला कभी पूरे मैदान में हाथी-घोड़ों और रथों के जरिए होती थी. बाद में इसे मंच पर कर दिया गया. वहां राम भवन और तुलसी भवन का निर्माण भी किया गया है. पिछले साल ऐशबाग रामलीला की थीम गोहत्या प्रतिबंध थी और मंच का निर्माण अयोध्या में प्रस्तावित राम मंदिर की तरह किया गया था. इस साल रामलीला में थाईलैंड के कलाकारों को भी बुलाया गया है.

गौरतलब है कि बीजेपी ने तय किया है कि राज्य में आने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री महीने में कम से कम एक बार उत्तर प्रदेश जरूर आएं. बीजेपी का कहना है कि दशहरे पर पीएम के लखनऊ आने से कार्यकर्ताओं का जोश दोगना हो जाएगा.

UP cabinet expansion on Monday, perhaps last before polls

UP cabinet expansion on Monday, perhaps last before polls

Lucknow: Uttar Pradesh Chief Minister Akhilesh Yadav will expand his cabinet on September 26 in perhaps the last reshuffle of his council of ministers ahead of the Assembly election in early 2017.

Governor Ram Naik will administer the oath of office and secrecy to the new ministers at Raj Bhawan on Monday, a Raj Bhawan release said here tonight.

This will be the eighth expansion of the Akhilesh Yadav government since it assumed office in 2012.

The UP council of ministers can have 60 ministers and there are three vacancies at present.

Sacked Mines Minister Gayatri Prajapati is all set to be inducted as a cabinet minister as part of a compromise formula to end the recent family feud in the Yadav clan, but he may get a different portfoilo, sources said.

Controversy dogs Akhilesh Yadav’s ministry expansion

Controversy dogs Akhilesh Yadav's ministry expansion

Lucknow: Controversy shrouds the expansion of the Akhilesh Yadav ministry on Monday with a social activist throwing a spanner by challenging before Governor Ram Naik the possible re-entry of tainted former Mines Minister Gayatri Prajapati.

The Governor is scheduled to administer oath of office and secrecy to some new ministers tomorrow, a Raj Bhawan communique said.

With Prajapati’s re-induction on the cards as part of a compromise formula to douse the flames in the Yadav clan that took the hue of a major political crisis recently, activist Nutan Thakur has petitioned the Governor against making him minister again.

This will be the eighth expansion of the Akhilesh Yadav government since it assumed office in 2012.

The UP council of ministers can have 60 ministers and there are three vacancies at present.

Another probable swearing in could be that of Ziauddin Rizvi, who was not able to take oath in July when the cabinet was last expanded. He was abroad then.

Nutan filed the petition before the Governor just 48 hours before the oath ceremony requesting him not to re-induct Prajapati.

In her petition, she said Prajapati was removed as minister on serious corruption charges after the order of Allahabad High Court for CBI enquiry and the CBI report was presented before the court.

She said a minister is removed from office under provisions of Article 164 of the Constitution when he loses the pleasure of the Governor.

Nutan said when Prajapati was removed as minister, he had lost the pleasure of the Governor. Hence, he cannot be re- inducted in the Ministry unless the facts and reasons on which he had lost the pleasure of the Governor get removed.

Prajapati began as Minister of State for Irrigation in February 2013 and was moved to the lucrative berth of mining, directly under Yadav who handled that portfolio.

In July 2013, Yadav elevated Prajapati to MoS (Independent Charge) and in January 2014, he was made a Cabinet Minister.

Uri Avenged: India hits Pakistan terror launchpads in surgical strikes along LoC

Surgical strikes, India Pakistan, India Pakistan attack, India Pakistan LoC, Terrorism, terror launch pad, pakistan terrorist camp, uri attack, uri attack kashmir, india news, indian express news, latest india newsSurgical strikes along LoC: DGMO Lt Gen Ranbir Singh addressing the media

India conducted surgical strikes last night along the LoC to safeguard our nation, the Defence Ministry said on Thursday. “Significant casualties have been caused to terrorists and those trying to shield them. We don’t have a plan to further conduct such strikes. India has spoken to Pakistan,” DGMO Lt Gen Ranbir Singh said.

“… Now, based on very specific and credible information we received yesterday, that some terrorist teams had positioned themeselves at launch pads along the LoC with an aim to carry out infiltration and terrorist strikes in J&K and various other metros in our country. There were launch pads at the LoC where terrorists were present waiting to infiltrate the nation and attack areas in Kashmir and metros across the country,” the DGMO said. No Indian casualties occurred during the surgical strikes that were carried out last night by the Indian Army

 India Strikes Along LoC; DGMO Says Surgical Strikes Followed Specific Information

“We have recovered items including GPS which have Pakistani markings. Captured terrorists hailing from PoK or Pakistan have confessed to their training in Pakistan or in Pakistan controlled region,” Singh said.

“I spoke to the Pak DGMO, shared our concerns and told him that we conducted surgical strikes last night: DGMO Singh said.

PM Narendra Modi had informed President Pranab Mukherjee, Vice President and former Prime Minister Mahmohan Singh on the surgical strikes. Jammu and Kashmir Governor and CM Mehbooba Mufti have also been informed about the surgical strike.

Home Minister Rajnath Singh has informed Chief Ministers of Punjab, West Bengal and Odisha, CPI-M’s Sitaram Yechury and Congress’ Ghulam Nabi Azad about surgical strikes.

The press conference was jointly conducted by the Ministry of External Affairs and the Ministry of Defence.

Meanwhile, Pakistan, in a statement issued has said: At least two Army men were killed as Indian and Pakistani troops exchanged fire over the Line of Control in “Azad Jammu and Kashmir”. The exchange of fire began at 2:30am, ISPR said, and continued till 8:00am. “Pakistani troops befittingly responded to Indian unprovoked firing on the LoC in Bhimber, Hotspring Kel and Lipa sectors,” the statement said.

India had repeatedly warned Pakistan not to allow its territory to be used for terrorist activities. Besides, India had called for an international diplomatic boycott of Pakistan as it shielded terrorists on its land. At the United Nations General Assembly, External Affairs Minister Sushma Swaraj said Pakistan was a terror state and it need to rein in terror elements.

Earlier on Thursday, Prime Minister Narendra Modi chaired a meeting of the Cabinet Committee on Security to discuss the ceasefire violations along the Line of Control. Also present at the meeting were Home Minister Rajnath Singh, External Affairs Minister Sushma Swaraj, Finance Minister Arun Jaitley, Defence Minister Manohar Parrikar, NSA Ajit Doval, and Foreign Secretary S Jaishankar.

Three ceasefire violations by Pakistan were reported along the LoC in the last 24 hours.

Prime Minister Modi was also scheduled to hold a high-level meeting on Thursday to review the Most Favoured Nation status granted to Pakistan, but that meeting has now been rescheduled for next week.

India had also summoned Pakistan high commissioner Abdul Basit and handed over evidence that proved the terrorists that attacked an army base in Uri and left 19 jawans dead, did come in from across the Line of Control.

पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान पर बलात्कार के आरोप में FIR दर्ज

 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और समाजवादी पार्टी नेता अशोक प्रधान के खिलाफ रेप का मामला दर्ज हुआ है। पीड़िता ने दिल्ली के मॉडल टाउन पुलिस थाने में जीरो एफआइआर दर्ज कराई है। घटनास्थल नोएडा में होने की वजह से मॉडल टाउन पुलिस ने नोएडा के थाना सेक्टर- 24 में जीरो एफआइआर ट्रांसफर की है। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। दूसरी ओर प्रधान ने अपने पर लगे आरोपों को निराधार बताया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली के मॉडल टाउन में रहने वाली युवती की शादी 2 साल पहले सेक्टर- 33 के सी ब्लॉक में रहने वाले उद्योगपति एवं कई सामाजिक संगठनों से जुड़े पंकज जिंदल के बेटे आशीष के साथ हुई थी। शादी कराने में पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान की अहम भूमिका रही थी। युवती के मुताबिक ससुराल पक्ष के सदस्य उसके साथ मारपीट कर दहेज की मांग करते थे, जिससे परेशान होकर वह मायके चली आई थी।

युवती ने आरोप लगाया है कि 11 महीने पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री अशोक प्रधान ने ससुराल में ही उसके साथ बलात्कार किया था। साथ ही युवती ने अपने पति को नपुंसक बताते हुए अप्राकृतिक यौन शोषण करने के अलावा ससुर पंकज जिंदल पर भी बलात्कार का आरोप लगाया है। जबकि सास सविता जिंदल, ननद अंकिता और एक अन्य व्यक्ति प्रताप मेहता पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। युवती ने अशोक प्रधान समेत ससुराल पक्ष के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की भी शिकायत की है।
थाना सेक्टर- 24 पुलिस का कहना है कि 14 सितंबर को युवती की शिकायत पर दिल्ली के मॉडल टाउन थाने में अशोक प्रधान, पंकज जिंदल, आशीष जिंदल, सविता, अंकिता और प्रताप मेहता के खिलाफ बलात्कार, अप्राकृतिक यौन शोषण, दहेज उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी के मामले में जीरो एफआइआर दर्ज की थी।
उधर, अशोक प्रधान ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि यह दो परिवारों के बीच का झगड़ा है। युवती के ससुराल वालों के नजदीक होने की वजह से मामले में उनका नाम घसीटा गया है। उन्होंने कहा कि जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।

झकझोर देगी पुल‌िस की संवेदनहीनता, रस्सी से बांधकर घसीटी युवक की लाश

Insenstivity of police in sitapur.

 

सीतापुर के हरगांव में पुलिस ने एक बार फिर मानवता को शर्मसार कर दिया। सरायन नदी में मिले एक युवक के शव को पुलिसवालों ने रस्सी से बांधकर नदी से घसीटा। पुलिस वालों के इशारे पर शव निकालने नदी में उतरे ग्रामीण करीब 50 मीटर तक उसका शव खींचते रहे। औंधे मुंह गिरे युवक के चेहरे को देखने के लिए पुलिसकर्मियों ने शव को रस्सी के सहारे पलटने का भी प्रयास किया।

उधर, पुलिस की ओर से शव की बेकदरी का वीडियो वायरल होते ही अधिकारी सकते में आ गए। आननफानन एसपी सौमित्र यादव ने आरोपी दरोगा व आरक्षी को लाइन हाजिर कर दिया। मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी गई है।

हरगांव व इमलिया सुल्तानपुर थाने की सीमा पर सधुवापुर गांव के पास गुरुवार को एक अज्ञात युवक का शव सरायन नदी में मिला। शव नदी किनारे एक पेड़ की डाल में फंसा हुआ था। ग्रामीणों ने इमलिया सुल्तानपुर और फिर हरगांव पुलिस को इसकी जानकारी दी। थोड़ी ही देर में काजी कमलापुर चौकी प्रभारी राहुल शर्मा मौके पर पहुंचे।

हरगांव से दरोगा मतीन खां, आरक्षी अरविंद चंदेल व होमगार्ड ओम प्रकाश भी आ गए। पहले दोनों थानों की फोर्स के बीच घटनास्थल की सीमा को लेकर विवाद हुआ। बाद में घटनास्थल हरगांव थाने में तय किया गया। हरगांव पुलिस ने ग्रामीण को बुलाया और नदी में उतरा रहे शव को रस्सी से बंधवा दिया। इसके बाद शव को करीब 50 मीटर तक घसीटा गया।

औंधे मुंह पड़े होने से जब युवक का चेहरा नहीं दिखा तो पुलिस वालों ने उसे रस्सी के सहारे उलटने का प्रयास किया। इसी बीच किसी ग्रामीण ने शव की बेकदरी का वीडियो बना लिया। उधर, यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हड़कंप मच गया।

वीडियो में एक पुलिसकर्मी भी वीडियोग्राफी करता दिखा। मामले की गंभीरता को भांप आननफानन एसपी सौमित्र यादव ने इस मामले में आरोपी दरोगा मतीन खां व आरक्षी अरविंद चंदेल को लाइन हाजिर कर दिया। साथ ही मामले की जांच सीओ सदर को सौंपी है।