Category Archives: In Schools

नगीन ग्रुप आफ स्कूल के शिक्षको ने देखी प्रेरणादायी शिक्षक व स्कूली जीवन पर आधारित हिचकी फिल्म


नगीन ग्रुप आफ स्कूल के तत्वावधान मे शांति निकेतन विद्यापीठ, सेंट जेवियर्स मेरठ, सरधना एंव मीरापुर के शिक्षको ने प्रेरणादायी शिक्षक व स्कूली जीवन पर आधारित हिचकी फिल्म देखकर हालातों से हार नहीं मानने की सीख ली एंव जाना कि आम टीचर पढ़ाता है, अच्छा टीचर समझाता है और बहुत अच्छा टीचर करके दिखाता है, लेकिन कोई खास टीचर आपकी प्रेरणा बन जाता है, जिसे आप पूरी जिंदगी नहीं भूल पाते। साथ ही यह भी जाना कि विद्रोही स्वभाव के बच्चे जो किसी टीचर की कुछ नहीं सुनते थे अचानक अपनी टीचर नैना की किस प्रकार सुनने लग जाते हैं। फेल होने वाले बच्चे किस प्रकार टॉपर बन जाते हैं।

इस अवसर पर प्रधानाचार्या विभा गुप्ता, निधि मलिक, रितु सकूजा, शैली गांधी ने शिक्षको का उत्साहवर्धन किया एंव इस फिल्म को शिक्षा के क्षेत्र और शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक बताया।

निदेशक श्री विशाल जैन ने कहा कि आमतौर पर शिक्षकों को बच्चे समझ नहीं पाते या फिर शिक्षक बच्चों को समझ नहीं पाते। हिचकी फिल्म की दिखाने का उद्देश्य इस फिल्म से प्रेरणा लेकर हम शिक्षक व विद्यार्थी दोनों को एक दूसरे के करीब ला सकते हैं। स्कूल के वातावरण को बेहतर बना सकते हैं।
शिक्षको को बच्चों की परिस्थितियों एवं पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर प्रोत्साहित कर उनसे बेस्ट आउट पुट लेने की कोशिश करनी चाहिए! इससे बच्चों की प्रतिभा में निखार अवश्य आएगा।

सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल मीरापुर के शिक्षको ने लिया क्रिस्टल वर्ल्ड वाटर पार्क के टूर का लुत्फ


सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल मीरापुर के शिक्षको ने प्रधानाचार्या शैली गांधी के दिशा निर्देशन मे रुड़की के क्रिस्टल व‌र्ल्ड वाटर पार्क का भ्रमण किया!
शिक्षको ने क्रिस्टल वर्ल्ड वाटर पार्क मे पहुचकर 5डी राइड , वाटर पुल, वाइल्डवुड जंगल थीम,मल्टी स्लाइड वाटर टावर,स्नैक्स डेन और भी बहुत रोमांचक झूलो का आनंद लिया!प्रधानाचार्या शैली गांधी के दिशा निर्देशन मे रुड़की के क्रिस्टल व‌र्ल्ड वाटर पार्क का भ्रमण किया!
शिक्षको ने क्रिस्टल वर्ल्ड वाटर पार्क मे पहुचकर 5डी राइड , वाटर पुल, वाइल्डवुड जंगल थीम,मल्टी स्लाइड वाटर टावर,स्नैक्स डेन और भी बहुत रोमांचक झूलो का आनंद लिया!

शांति निकेतन विद्यापीठ एव सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियो ने ग्लोबल एजुकेशन फेयर मे लिया भाग


नई दिल्ली में एबराड एजुकेशन कंसलटेंट के तत्वावधान मे आयोजित ग्लोबल एजुकेशन फेयर मे शांति निकेतन विद्यापीठ एव सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल के विद्यार्थियो ने शनिवार को जॉब के विकल्प, कोर्स से जुड़ी जानकारी विदेश के कोने कोने से आई विभिन्न यूनिवर्सिटी के स्टॉल से प्राप्त की।
वहीं कॅरियर काउसिलिग मे भी भाग लिया!
नगीन ग्रुप आफ स्कूल के निदेशक श्री विशाल जैन ने बताया कि यह जो कदम उठाया है, वह शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहल है। एजुकेशन फेयर में आने वाले छात्रों के अंदर कई सपने थे, उन्हें कन्फ्यूजन भी था, लेकिन यहां आने के बाद अब वे अपने सपनों को उड़ान भरने के लिए तैयार हो गए हैं। उन्हें सही गाइडेंस मिल गई है।
एजुकेशन फेयर में स्टूडेंट्स ने सब्जेक्ट चयन को लेकर दिक्कत , 10वीं के स्टूडेंट्स को आगे किस विषय से पढ़ाई करें और 12वीं के स्टूडेंट्स अगर वे इंजीनियरिंग करना चाहते हैं तो किस ब्रांच करें। , विदेशी कोर्स, यूनिवर्सिटी सलेक्शन, वीजा गाइडेंस, स्कालरशिप , कोर्स के उपरांत जाब, आदि की जानकारी यहां की यूनिवर्सिटी से मिली। उन्हें वकायदा काउंसलिंग दी गई और बेहतर से बेहतर फ्यूचर कैसे बनाएं इसके बारे में बताया गया।
इस एजुकेशन फेयर मे 50 से अधिक विदेशी विश्वविद्यालयक के स्टॉल लगे थे। इस अवसर पर अभिभावको ने एक ही छत के नीचे इतनी जानकारी मुहैया कराने के लिए विद्यालय प्रशासन को धन्यवाद किया।
प्रधानाचार्या विभा गुप्ता व प्रधानाचार्या निधि मलिक ने विद्यार्थियो का उत्साहवर्धन किया!

जैन इंटरनेशनल स्कूल, हस्तिनापुर में दक्षिण कोरिया से दोस्ती पर होगी निबंध प्रतियोगिता

जैन इंटरनेशनल स्कूल, हस्तिनापुर कोरिया गणराज्य के कोरियाई सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कोरिया – भारत मैत्री निबंध प्रतियोगिता का आयोजन करने जा रहा हैं । बृहस्पतिवार को हुई एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान जैन इंटरनेशनल स्कूल, हस्तिनापुर की प्रधानाचार्य डॉ. ऋतू राजवंशी ने बताया की इस तरह की प्रतियोगिताये छात्रों में कोरिया और भारत की संस्कृति में समानताएं और हजारो वर्षो पुराने रिश्तो के भावनात्मक जुड़ाव को दर्शायेंगी । भारत स्थित कोरिया गणराज्य के कोरियाई सांस्कृतिक केन्द्र द्वारा पिछले 5 सालों से भारतीय छात्रों के लिए ‘निबंध प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जाता रहा हैं जिसमे पूरे भारतवर्ष के छात्र बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते हैं । यह पहली बार है जब जैन इंटरनेशनल स्कूल कोरिया और भारत की दोस्ती पर राष्ट्रीय स्तर की निबंध प्रतियोगिता आयोजित करेगा । प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कोरिया निबंध प्रतियोगिता के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर दीपक अग्रवाल जी मौजूद रहे ।

यह प्रतियोगिता भारत में रहने वाले भारतीय छात्रों के लिए आयोजित की जा रही है । कोरिया – भारत मैत्री निबंध प्रतियोगिता में कक्षा 6 से कक्षा 12 के छात्र भाग ले सकते हैं । ये प्रतियोगिता दो वर्गों में विभाजित हैं, जूनियर वर्ग (कक्षा 6 से 9) एवं सीनियर वर्ग (कक्षा 10 से 12) । कक्षा 6 से 9 के छात्रों के लिए निबंध लेखन का विषय ‘Why South Korea is my Favorite Country?’ (कोरिया मेरा पसंदीदा देश क्यों है ?) एवं कक्षा 10 से 12 के छात्रों के लिए निबंध लेखन का विषय ‘Why I want to become an Indian Ambassador to South Korea?’ (मैं दक्षिण कोरिया में भारतीय राजदूत क्यों बनना चाहता हूं ?) हैं । ‘कोरिया-भारत मैत्री निबंध प्रतियोगिता’ में भाग लेने के लिए प्रतिभागी को दिए गए विषयों पर अंग्रेजी भाषा में निबंध लिखना होगा और उसे ’email@koreaindiaessay.com’ या Korean Cultural Centre, 25-A, Ring Road, Lajpat Nagar 4, New Delhi- 110024 पर अपने डिटेल्स के साथ भेजना होगा । इसके अलावा बच्चो की सहुलियत को ध्यान रखते हुए जैन इंटरनेशनल स्कूल ने हस्तिनापुर क्षेत्र से भाग लेने वाले छात्रों के लिए विशेष प्रबंध किया हैं । हस्तिनापुर क्षेत्र के छात्र अपने निबंध लिखकर जैन इंटरनेशनल स्कूल के रिसेप्शन पर जाकर अगस्त 17 से पहले जमा कर सकते हैं। ‘कोरिया-भारत मैत्री निबंध प्रतियोगिता’ में सीनियर वर्ग के प्रथम दो पुरुष्कार विजेताओं को 6 दिन और 5 रातों की मुफ्त कोरिया घूमने का मौका मिलेगा एवं जूनियर वर्ग के प्रथम विजेता को Rs 20,000 का नकद पुरुस्कार दिया जायेगा । इसके अलावा इस प्रतियोगिता में अन्य विजेताओ के पास Rs 1,19,000 का नकद इनाम जीतने का मौका हैं । इसके अतिरिक्त विजेताओ को कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र भारत की तरफ से प्रमाण पत्र देकर भी सम्मानित किया जायेगा। इस प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को कोरियाई सांस्कृतिक केंद्र भारत की तरफ से ‘पार्टिसिपेशन सर्टिफिकेट’ दिया जायेगा। ये प्रतियोगिता पूरी तरह से निशुल्क हैं । ‘कोरिया-भारत मैत्री निबंध प्रतियोगिता’ में लेने की अंतिम तिथि अगस्त 17, 2018 हैं । । इस प्रतियोगिता की सम्पूर्ण जानकारी कोरिया गणराज्य की प्रतियोगिता सम्बंधित वेबसाइट ‘www.koreaindiaessay.com’ पर उपलब्ध हैं।

शांति निकेतन विद्यापीठ एंव सेंट जेवियर्स गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियो ने दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटिएट सैंटर पर स्कालिस्टक इंडिया के तत्वावधान मे आयोजित गार्डन आफ फाईव सैंस रीड अलाउड थिंक अलाउड विषय पर आधारित कार्यशाला में लिया भाग


शांति निकेतन विद्यापीठ एंव सेंट जेवियर्स गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियो ने दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटिएट सैंटर पर स्कालिस्टक इंडिया के तत्वावधान मे आयोजित गार्डन आफ फाईव सैंस रीड अलाउड थिंक अलाउड विषय पर आधारित कार्यशाला में भाग लिया!
कार्यशाला मे एक्सप्रेस माइंड की विशेषज्ञ सीमा चारी ने पठन व् लेखन की तकनीक को काफी स्पष्टता के साथ बताते हुए बच्चों को बताया कि किस प्रकार स्टोरी टैलिंग, रीडिंग एवं राइटिंग को विविध गतिविधियों के द्वारा प्रभावशाली बनाता जा सकता है!
निदेशक श्री विशाल जैन, प्रधानाचार्या विभा गुप्ता ,प्रधानाचार्या निधि मलिक ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया! इस अवसर पर एक्सप्रेस माइंड वरिष्ठ प्रबंधक कविता नऱूला एंव उनकी टीम का विशेष योगदान रहा!

सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल शास्त्रीनगर में ग्रेजुएशन डे मनाया गया।


सेंट जेवियर्स वर्ल्ड स्कूल शास्त्रीनगर में ग्रेजुएशन डे मनाया गया। ज्योति प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। स्कूल के यू के जी के विद्यार्थियों ने गाउन पहनकर मुख्य अतिथि श्री एम के मिश्रा भूतपूर्व डीआईजी एंव विशिष्ट अतिथि डाॅ निधि शर्मा, सभासद सेंर्टल मार्केट शास्त्रीनगर से डिग्रियां प्राप्त की।

बच्चों ने बड़े ही गरिमापूर्ण अंदाज में अपने पारंपरिक कन्वोकेशन गाउन और कैप्स को पहना था। उनके मुस्कुराते चेहरों और कन्वोकेशन प्रोसेशन को देखकर वहां मौजूद अभिभावकों ने खूब तालियां बजाकर उनका उत्साह बढ़ाया और उनके साथ उनके टाइटल्स भी प्रदान किए गए जिससे उनके व्यक्तित्व का भी अंदाजा होता है। बच्चों के अभिभावक भी अपने बच्चों को अपनी प्रतिभा के लिए सराहे जाने और अपने मेरिट सर्टीफिकेट्स प्राप्त करते हुए बेहद भावुक हो गए। नन्हें ग्रेजुएट्स ने अपनी सर्टीफिकेट्स लेने के बाद सभी का दिल से धन्यवाद किया और वादा किया कि वे आगे भी अपना बेहतरीन प्रदर्शन जारी रखेंगे।

नगीन गु्रप समूह के निदेशक विशाल जैन , स्कूल के निदेशक श्री नितिन गुप्ता, प्रधानाचार्या कमलेश भारद्वाज ने नन्हें गे्रजुएट्स को उनकी सफलताओं के लिए बधाई दी और उनके अभिभावकों को भी बधाई दी तथा बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित अतिथियों अभिभावक पक्ष का आभार व्यक्त किया गया।कार्यक्रम को सफल बनाने मे सभी शिक्षकों का योगदान रहा।

Admission open in schools in meerut

Admission are open in Nageen Group of schools, meerut’s top education group in schools . Nageen group of school runs various CBSE boarding and day boarding schools, nursery schools, junior schools at each and every corner of meerut.

The site www.nageen.com can be browsed for getting website details of various top schools of meerut.

शांति निकेतन विद्यापीठ में विदाई समारोह में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए


शांति निकेतन विद्यापीठ में बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत ढंग से हवन के द्वारा हुआ। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के आयोजन में अपने सीनियर्स का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद कक्षा 12 के स्टूडेंट्स ने केक काटा और स्कूल में बिताए पलों को याद किया और अपने अनुभव बताए। इस दौरान कई बच्चे भाव.विभोर भी हो गए। कक्षा 11 के बच्चों ने अपने सीनियर्स के सम्मान में रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कक्षा 12 के बच्चों को उपाधियां भी दी गईं।
जहा एक ओर सीनियर बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए तो वहीं जूनियर वर्ग के बच्चों ने उन्हे उज्जावल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अध्यापक वर्ग ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए निरतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।
इन भावुक पलों को यादगार बनाने के लिए छात्र.छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।और कई प्रकार से खेलों का आयोजन भी किया गया। मंच से स्कूल में संजोई खटी मीठी यादों को भी दर्शकों के साथ सांझा किया।
छात्र.छात्राओं ने अपने सीनियर साथियों को गिफ्ट देकर विदाई दी
और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। बाहरवीं के विद्यार्थियों को कई गेम्स खिलाए गए। बारहवीं के विद्यार्थियों ने भावुक होते हुए स्कूल में बिताए सुखद पलों को याद किया। बच्चों ने बताया कि स्कूल के अध्यापक व प्रबंधकों ने उन्हें किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने में सक्षम बनाया है। बाहरवीं के विद्यार्थियों ने गाउन पहनकर प्रधानाचार्य विभा गुप्ता से डिग्रियां प्राप्त की और उन्हे ग्रेजुएशन की उपाधि से अलंकृत किया गया.
स्कूल की प्रधानाचार्य विभा गुप्ता ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। स्कूल के निदेशक श्री विशाल जैन ने बच्चों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्डिनेटर रितु सिंह सहित समस्त पीजीटी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

आर्मी पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र की मौत

army public school student died
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ (सी) के छात्र अभय प्रताप सिंह की सोमवार सुबह अचानक मौत हो गई। लंच ब्रेक के दौरान छात्र को चक्कर आना और तेज-तेज सांसें लेना बताया गया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार चिकित्सकों और बच्चे की मां ने बताया कि बच्चे के दिल के वाल्व कमजोर थे। बच्चे के पिता पूथ्वीपाल सिंह जेसीओ हैं। वर्तमान में नार्थ ईस्ट में तैनात हैं। उनके मंगलवार को मेरठ पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम हो पाएगा।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रीटा गुप्ता ने बताया कि छात्र अभय सुबह करीब 11:06 बजे लंच ब्रेक में खाना खाने के बाद क्लासरूम से बाहर पानी पीने गया था। क्लास फर्स्ट फ्लोर पर है। क्लास के बाहर कॉरीडोर में वाटर कूलर लगा है। पानी पीकर वह बोतल में पानी लेकर क्लास में लौट रहा था। इस दौरान वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। प्रिंसिपल के अनुसार छात्र को कोई चोट, बुखार या ब्लीडिंग नहीं थी। लेकिन उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं। छात्र की हालत बिगड़ती देख तुरंत गाड़ी से उसे स्कूल के सामने प्राथमिक उपचार केंद्र ले जाया गया। लेकिन लगातार हालत बिगड़ती देख करीब 11:15 बजे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान ही चिकित्सकों ने 11.30 बजे छात्र को मृत घोषित कर दिया। इस बीच सूचना पर छात्र की मां अनीता सिंह (गृहिणी) और स्थानीय रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए थे।

अभिभावकों ने स्कूल से छिपायी मेडिकल हिस्ट्री
प्रिंसिपल के अनुसार अभय के नियमित हेल्थ चेकअप में सब कुछ ओके था। छात्र ने कभी शार्ट या लांग मेडिकल लीव नहीं ली। न ही कभी उसकी तबियत स्कूल में खराब हुई। स्कूल का अनुशासित, मेधावी, होनहार छात्र था। पढ़ने में हमेशा अव्वल रहता था। हमेशा हंसता खेलता रहा। आज अचानक उसके साथ ये हादसा हो गया। परिजनों ने कभी विद्यालय में यह नहीं बताया कि उनके बच्चे को बचपन में दिल का वाल्व कमजोर होने की समस्या थी। इसका लंबा इलाज भी चला।

मिलिट्री अस्पताल में चिकित्सकों के बहुत पूछने के बाद मां ने चिकित्सकों को बताया कि बचपन में बच्चे के वाल्व कमजोर थे और वो बीमार रहा था। अभिभावकों से छात्र के दाखिले के वक्त ही मेडिकल डिकलेरेशन फार्म भराते हैं, उसमें भी अभय के परिजनों ने क ोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने ऐसा क्यों किया, नहीं पता। स्कूल में भी छात्र के रूटीन हेल्थ चेकअप में कभी कोई परेशानी नहीं आई। लेकिन अस्पताल में छात्र की मां ने बताया कि बचपन में अभय के वाल्व कमजोर थे, जिसका इलाज भी चला। लेकिन अब वो ठीक था। अगर परिजन हमें बच्चे की सही हेल्थ हिस्ट्री रिपोर्ट देते तो शायद हम कुछ कर पाते। छात्र की मेडिकल हिस्ट्री देना कंपलसरी होता है। स्कूल में स्पेशल स्टूडेंट्स भी पढ़ते हैं, सभी की मेडिकल हिस्ट्री ली जाती है।

इकलौता था अभय
अभय अपनी मां के साथ कैंट एरिया स्थित उमराव एंकलेव में रहता था। ढाई साल से आर्मी स्कूल में पढ़ रहा था। माता-पिता की इकलौती संतान था।

लंच में खाया था पूरा खाना
प्रिंसिपल के अनुसार अभय ने लंच ब्रेक में पूरा खाना खाया था। वहीं, अस्पताल में मम्मी ने बताया कि अभय सुबह भी नाश्ता करके स्कूल गया था।
स्कूल में हुई शोकसभा
छात्र की मौत की सूचना के बाद सोमवार को ही छुट्टी से पहले विद्यालय में शोक सभा करा दी गई थी। सभी छात्रों ने मौन रखा था। मंगलवार को स्कूल में केवल पीटीएम होगी। कक्षाएं नहीं होंगी।

पापा की तरह आर्मी ऑफिसर बनूंगा
शिक्षकों ने बताया कि अभय का सपना देशसेवा करना था। अपने पिताजी की तरह अभय भी सेना में जाना चाहता था। इकलौती संतान होने के कारण अभय अपने सपने के प्रति बहुत गंभीर था। इस समय स्कूल में वार्षिक उत्सव की तैयारी चल रही है। लेकिन अभय ने पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहकर इसमें भाग नहीं लिया था।

स्कूल और सख्त करेगा स्वास्थ्य नियम
प्रिंसिपल ने बताया कि अभिभावक बच्चे की कोई भी हेल्थ हिस्ट्री न छिपाएं, इसके लिए सख्त नियम बनाएंगे। अभिभावकों से हर साल बच्चों का हेल्थ डिकलेरेशन लेंगे। बच्चे को कभी भी कोई परेशानी रही हो तो अभिभावक उसके बारे में हमसे जरूर बताएं। स्कूल में छात्रों का नियमित हेल्थ चेकअप होता है। हेल्थ काउंसलर और एमआई भी हैं। लेकिन इस घटना के बाद हेल्थ संबंधी नियमों व सुविधाओं पर सख्त नजर रखेंगे।

शहर की बेटियों का एक और सरकारी स्कूल

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
सरकारी स्कूल में कोई अपने बच्चे पढ़ाए भी तो कैसे। यहां तो पढ़ाई के नाम पर होता है सिर्फ मजाक। शिक्षिक अपनी मजबूरी जताते हैं तो अफसर बडे़ अफसरों से बात करने की बात कहते हैं। सालों से यही हालत चल रही है इन स्कूलों की। सुधार की बात छोड़िए, अफसर इन स्कूलों में आकर झांकना भी पसंद नहीं करते। बेटियों के एक और स्कूल ब्रहमपुरी स्थित प्राइमरी स्कूल कन्या नंबर दो में हालत और भी बदतर मिली। पानी नहीं, बिजली नहीं, शौचालय भी नहीं और पढाई के नाम पर यहां खानापूर्ति होती मिली।

सोमवार को अमर उजाला टीम ब्रहमपुरी की मास्टर कालोनी स्थित प्राथमिक स्कूल कन्या नंबर -2 में पुहंची। स्कूल की हालत देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि यहां शिक्षा दी जाती है। नगरीय क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी भयावह कैसे हो सकती है। किराये के भवन में संचालित स्कूल चार बाई आठ की गैलरी में चलता मिला। भवन मालिक का कुत्ता बच्चों के बीच घूम रहा था। बच्चों को डर भी लगता है लेकिन मासूम बच्चे कुछ कह नहीं पाते। कुत्ता बच्चों का काट भी सकता है। विद्यालय परिसर में खड़ी एक कबाड़ मोटर साइकिल पर स्कूल बोर्ड लगा हुआ था। जिस पर शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही थी। स्कूल की प्रधानाचार्य अनीता गुप्ता और एक शिक्षामित्र मिथलेश शर्मा की तैनाती है। प्रधानाचार्य ने बताया स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं हैं, इसलिए वे रोजाना पीने का पानी बोतलों में भरकर घर से ही लाती हैं। स्कूल में छह घंटे तक रहने के लिए एक बोतल के पानी से पूर्ति नहीं हो पाती है। स्कूल के बच्चे आसपास के सरकारी नलोें और नगर निगम की टंकी से पानी पीते हैं। शौचालय के लिए बच्चे आसपास की गलियों में ही चले जाते हैं। बिजली का कनेक्शन विभाग ने नहीं दिया है। भवन मालिकों ने भी बिजली देने से इंकार कर दिया है। कुल मिलाकर स्कूल में कोई सुविधा नहीं मिली।

खंडहरनुमा कमरे बने खतरनाक 
इस प्राथमिक विद्यालय में कमरे तो तीन हैं। लेकिन दो कमरों में भवन मालिक ने कबाड़ और पुराना सामान भर रखा है। तीसरे कमरे की सीलन के कारण हालत इतनी भयावह हो गई है कि बच्चों का कमरे में अंदर जाना खतरे से खाली नहीं है। बच्चों ने बताया कि जिस कमरें के बराबर में वे पढ़ाई कर रहे हैं। उसमें कीड़े, काकरोच और कानखजूरा घूमते रहते हैं। इस कमरे में बच्चे तो क्या शिक्षिकाओं की जाने की हिम्म्त नहीं है। बच्चों के पीछे गंदगी का अंबार लगा हुआ था। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई मानो रामभरोसे ही चल रही है।

बारिश मतलब स्कूल की छुट्टी
स्कूल में तैनात शिक्षिकाओें ने बताया कि करीब 60 सालों से ये स्कूल किराये की बिल्डिंग में चल रहा है। सड़क उपर आ गई और स्कूल नीचा हो गया है। बारिश कम हो या ज्यादा स्कूल में पानी भर जाता है। जिसके बाद बच्चों को पढ़ाना नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। इसके अलावा उनके पास कोई उपाय भी नहीं है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की है। लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं होती है। स्कूल की पहचान के लिए यहां कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया।

यह प्राथमिक विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। भवन मालिक जगह खाली कराना चाहता है। किराये के भवनों की शिकायतें विभाग में आ रही हैं। भवन मालिकों के विवाद के कारण स्कूलों में सुधार नहीं हो पा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उच्च अधिकारियों से बात कर मामले का हल निकाला जाएगा।
एसके गिरी, नगर शिक्षा अधिकारी