Category Archives: In Schools

शहर की बेटियों का एक और सरकारी स्कूल

one more school for girls
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
सरकारी स्कूल में कोई अपने बच्चे पढ़ाए भी तो कैसे। यहां तो पढ़ाई के नाम पर होता है सिर्फ मजाक। शिक्षिक अपनी मजबूरी जताते हैं तो अफसर बडे़ अफसरों से बात करने की बात कहते हैं। सालों से यही हालत चल रही है इन स्कूलों की। सुधार की बात छोड़िए, अफसर इन स्कूलों में आकर झांकना भी पसंद नहीं करते। बेटियों के एक और स्कूल ब्रहमपुरी स्थित प्राइमरी स्कूल कन्या नंबर दो में हालत और भी बदतर मिली। पानी नहीं, बिजली नहीं, शौचालय भी नहीं और पढाई के नाम पर यहां खानापूर्ति होती मिली।

सोमवार को अमर उजाला टीम ब्रहमपुरी की मास्टर कालोनी स्थित प्राथमिक स्कूल कन्या नंबर -2 में पुहंची। स्कूल की हालत देखकर बिल्कुल नहीं लगा कि यहां शिक्षा दी जाती है। नगरीय क्षेत्र के सरकारी स्कूलों की हालत इतनी भयावह कैसे हो सकती है। किराये के भवन में संचालित स्कूल चार बाई आठ की गैलरी में चलता मिला। भवन मालिक का कुत्ता बच्चों के बीच घूम रहा था। बच्चों को डर भी लगता है लेकिन मासूम बच्चे कुछ कह नहीं पाते। कुत्ता बच्चों का काट भी सकता है। विद्यालय परिसर में खड़ी एक कबाड़ मोटर साइकिल पर स्कूल बोर्ड लगा हुआ था। जिस पर शिक्षिका बच्चों को पढ़ा रही थी। स्कूल की प्रधानाचार्य अनीता गुप्ता और एक शिक्षामित्र मिथलेश शर्मा की तैनाती है। प्रधानाचार्य ने बताया स्कूल में पानी की व्यवस्था नहीं हैं, इसलिए वे रोजाना पीने का पानी बोतलों में भरकर घर से ही लाती हैं। स्कूल में छह घंटे तक रहने के लिए एक बोतल के पानी से पूर्ति नहीं हो पाती है। स्कूल के बच्चे आसपास के सरकारी नलोें और नगर निगम की टंकी से पानी पीते हैं। शौचालय के लिए बच्चे आसपास की गलियों में ही चले जाते हैं। बिजली का कनेक्शन विभाग ने नहीं दिया है। भवन मालिकों ने भी बिजली देने से इंकार कर दिया है। कुल मिलाकर स्कूल में कोई सुविधा नहीं मिली।

खंडहरनुमा कमरे बने खतरनाक 
इस प्राथमिक विद्यालय में कमरे तो तीन हैं। लेकिन दो कमरों में भवन मालिक ने कबाड़ और पुराना सामान भर रखा है। तीसरे कमरे की सीलन के कारण हालत इतनी भयावह हो गई है कि बच्चों का कमरे में अंदर जाना खतरे से खाली नहीं है। बच्चों ने बताया कि जिस कमरें के बराबर में वे पढ़ाई कर रहे हैं। उसमें कीड़े, काकरोच और कानखजूरा घूमते रहते हैं। इस कमरे में बच्चे तो क्या शिक्षिकाओं की जाने की हिम्म्त नहीं है। बच्चों के पीछे गंदगी का अंबार लगा हुआ था। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई मानो रामभरोसे ही चल रही है।

बारिश मतलब स्कूल की छुट्टी
स्कूल में तैनात शिक्षिकाओें ने बताया कि करीब 60 सालों से ये स्कूल किराये की बिल्डिंग में चल रहा है। सड़क उपर आ गई और स्कूल नीचा हो गया है। बारिश कम हो या ज्यादा स्कूल में पानी भर जाता है। जिसके बाद बच्चों को पढ़ाना नामुमकिन हो जाता है। ऐसे में बच्चों की छुट्टी करनी पड़ती है। इसके अलावा उनके पास कोई उपाय भी नहीं है। कई बार अधिकारियों से शिकायत की है। लेकिन मामले में कोई सुनवाई नहीं होती है। स्कूल की पहचान के लिए यहां कोई बोर्ड तक नहीं लगाया गया।

यह प्राथमिक विद्यालय किराए के भवन में चल रहा है। भवन मालिक जगह खाली कराना चाहता है। किराये के भवनों की शिकायतें विभाग में आ रही हैं। भवन मालिकों के विवाद के कारण स्कूलों में सुधार नहीं हो पा रहा है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए उच्च अधिकारियों से बात कर मामले का हल निकाला जाएगा।
एसके गिरी, नगर शिक्षा अधिकारी

Free scholarship test and career counseling at T.I.M.E. Institute

Meerut, Sep 21, 2017: T.I.M.E., India’s leading institute for competitive exams, has achieved an important milestone of training more than 18.5 lakh students since inception and over 1.5 lakh students in the last year alone for the various entrance examinations.

At its Meerut office, T.I.M.E. is organizing a free scholarship test on 24 Sep 2017. Students aspiring for CAT (MBA Entrance) or CLAT (Law Entrance) can avail performance-based scholarships of up to 50% of the course fees. This test is open for Class 11th, 12th studying students and undergraduate & graduate students. Aspirants may register for the test online by visiting: http://bit.ly/TimeScholarshipTest, or by sending an SMS to 9068919202 with their name, e-mail & contact number or by visiting the Meerut office. The institute offers prep courses to graduate undergraduate students for premium MBA entrance tests like CAT, XAT, SNAP, NMAT, IIFT etc, and also to class 11th, 12th studying students for law entrance courses like CLAT, AILET, SET and others.

“A free career counseling session will also be provided to students who have any kind of doubts regarding their future career plans”, said the center’s director Meetoo Patkar.

Venue: T.I.M.E.
Address: 381, 2nd Floor, Above HDFC Bank,
Western Kutchery Road, Meerut, Uttar Pradesh 250002
Contact: 0121 4302900
Google Maps: https://maps.google.co.in/?cid=15148247647135426575
Website: http://www.time4education.com/local/locationcms/location_directors.php?city=Meerut

About T.I.M.E.

Triumphant Institute of Management Education Pvt. Ltd. (T.I.M.E.) is India’s leading test-prep institute with a pan-India presence and is headquartered at Hyderabad. Established in 1992, T.I.M.E. today operates out of 244 offices located in 116 towns and cities across the country. Over 40 IIT/IIM graduates form part of the core team at T.I.M.E.

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.

ये है आपके बच्चे की स्कूल बस

school bus of your ward
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में मासूम प्रद्युम्न की कत्ल की घटना से पूरे देश में अभिभावकों में जबरदस्त आक्रोश है। स्कूली बसों से लेकर स्कूल की सुरक्षा पर अब सवाल खड़े हो रहे हैं। अभिभावकों की चिंताओं को देखते हुए अमर उजाला ने मेरठ में स्कूल की बसों और ऑटो का जायजा लिया। लेकिन हालात बदतर ही नजर आए। शहर में भी स्कूली बसों के हालात संतोषजनक भी नहीं है। कुछ दिन पहले शहर के एक नामचीन पब्लिक स्कूल के बस कंडक्टर की लापरवाही से बच्चे का बस स्टॉप से ही अपहरण हो गया। ऐसी तमाम छिटपुट घटनाएं, लेकिन इन घटनाओं के बावजूद स्कूल बसों में सुधार के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
घिसे टायर, टायरों की उम्र छिपाने को चढ़ी छुर्रीदार रबड़, सुरक्षा संकेत गायब, न फर्स्टएड बॉक्स, न फायर सेफ्टी, बदरंग ढांचा। ये आपके बच्चे की स्कूल बस है। आपके बच्चे की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने वाली यह वो बस है, जिसे बिना वर्दी वाला ड्राइवर चलाता है। यही ड्राइवर बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर तक का सफर हर रोज तय कराता है। अधिकांश बसें सिर्फ ड्राइवरों के भरोसे ही हैं। ऑटो तो भगवान भरोसे ही चल रहे हैं। स्कूल की छुट्टी के बाद आप कभी भी सड़क पर ऑटो पर लटके हुए बच्चों को देख सकते हैं।

गाइड लाइन का खुलकर उल्लंघन
स्कूल बसों में सीबीएसई के आदेशों का खुलकर उल्लंघन हो रहा है। बसों पर स्कूल का फोन नंबर, नाम नहीं है। चालक , कंडक्टर का फोन नंबर, स्पीड नियंत्रण संदेश, बच्चों के उतरने का संदेश नहीं हैं। बच्चों को बस धीमी करके उतार देते हैं। कई बसों में हेल्पर, कंडक्टर भी नहीं, जो बच्चे को स्टॉप तक छोड़े। ट्रंासपोर्टेशन फीस में बच्चे को घर से लाने-ले जाने की बात होती है, लेकिन बस चालक बच्चों को सड़क पर ही छोड़ आगे बढ़ जाते हैं।

ठेके  पर चल रहा स्कूल ट्रांसपोर्टेशन 
शहर के कई स्कूलों के पास निजी ट्रांसपोर्टेशन की सुविधा नहीं हैं। निजी बसें या ठेकेदार की बसें चल रहीं हैं। कई बसों का ये हाल है कि ठेकदार दूसरे शहर में है और बसें मेरठ में चल रही हैं। अगर मेरठ में किसी बस से दुर्घटना हो जाए तो उसके मालिक को आने में कम से कम चार से पांच घंटे का समय लगेगा। दूसरे शहरों की खटारा, आउटडेटेड बसों पर पीला कलर पुतवाकर स्कूल बस में काम ले रहे हैं। निजी बस सेवा होने के कारण अधिकांश स्कूलों की बसें टूटी हैं। उनमें सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं है। स्कूल प्रबंधन निजी बस होने के कारण बसों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लेता। बसों में सुरक्षा इंतजाम कभी परखे नहीं जाते।

ये है गाइडलाइन
. बस की पहली सीढ़ी की ऊंचाई 325 मिलीमीटर से अधिक न हो
. बस लो-फ्लोर हो, खिड़की और रेलिंग भी हो
. बस में बैग रखने की जगह हो, हर साल उसकी जांच हो
. ठेके की बस है तो स्कूल के साथ कांट्रेक्ट की प्रति भी बस में हो
. बस में ड्राइवर के साथ कंडक्टर और हेल्पर मौजूद हो
. कंडक्टर बच्चों को बस से उतारने, चढ़ाने के अलावा सड़क भी पार कराएगा
. बस स्टाफ वैध सिक्योरिटी एजेंसी से मान्यता प्राप्त हो, यूनिफार्म में होना अति आवश्यक
. बसें पीले रंग की हों, जिस पर स्कूल का नाम, फोन नंबर अवश्य लिखा जाए
. बस पर कंडक्टर, चालक का नाम, फोन नंबर, सुरक्षा के निर्देश व सुरक्षा पहचान चिह्न होना आवश्यक
. बस में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था हो
. बस चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस हो
. बस चालक के स्वास्थ्य का परीक्षण हर छह माह में किया जाए
. बस चालक व कंडक्टर शराब पीकर बस न चलाए
. बस खटारा एवं उसके खिड़की दरवाजे टूटे न हों, रजिस्ट्रेशन नंबर लिखा हो

ऐसे चले स्कूल बस
. बस की रफ्तार 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो
. रांग साइड में बस न रोकी जाए
. बच्चा बस से सुरक्षित न उतरे तब तक बस आगे न बढ़ाएं
. क्षमता से अधिक बच्चे न बैठाएं
. बच्चों को घर से लाने और छोड़ने की जिम्मेदारी निभाएं।

गुड़गांव रेयान स्कूल मर्डर: पिंटो परिवार को गिरफ्तारी से एक दिन की राहत

रेयान इंटरनेशनल स्कूल।

रेयान इंटरनेशनल के सीईओ रेयान पिंटो द्वारा दायर अग्रिम जमानत की याचिका पर आज (12 सितंबर) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। पिंटो परिवार को हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से एक दिन की राहत दे दी है। हरियाणा पुलिस की टीम उससे पूछताछ के लिए पहले ही मुंबई पहुंच चुकी है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल के वकील ने इस बात की जानकारी दी थी कि स्कूल के संस्थापक और प्रेसिडेंट ऑगस्टीन पिंटो और स्कूल की प्रबंध निदेशक उनकी पत्नी ग्रेस पिंटो ने अपने बेटे रेयान पिंटो के साथ बुंबई हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी।

अबतक क्या हुआ: गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार (8 सितंबर) सात साल के बच्चे प्रद्यूम्न की हत्या हो गई। हत्या का आरोप बस कंडक्टर पर लगा। उसके बाद स्कूल के बाहर प्रद्यूम्न के मात-पिता के साथ-साथ बाकी पेरेंट्स ने भी स्कूल के बाहर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि कंडक्टर को फंसाया जा रहा है जबकि असल बात कुछ और ही है। प्रदर्शन में हिंसा भी हुई जिसमें पुलिसवालों ने डंडे भी चलाए।

इसी बीच वसंत कुंज वाले रेयान के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई। वहां सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे और पानी के टैंक कथित तौर पर खुले रहते थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा सरकार के साथ-साथ CBSE को नोटिस भेजा। सुप्रीम कोर्ट को तीन हफ्ते के अंदर जवाब देना होगा। इसमें सभी स्कूलों में सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए कहा गया है। रेयान स्कूल में तोड़फोड़ भी की गई थी। घटना के बाद का वीडियो भी सामने आया था। उसमें टॉयलेट के अंदर खून ही खून दिख रहा था।

गुरुग्राम में बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, रयान स्कूल के दो सीनियर अधिकारी गिरफ्तार

गुरुग्राम में बच्चे की हत्या के मामले में बड़ी कार्रवाई, रयान स्कूल के दो सीनियर अधिकारी गिरफ्तार

गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे की शुक्रवार को हत्या कर दी गई थी

खास बातें

  1. सोहना के SHO को सस्पेंड किया गया
  2. स्कूल का जूनियर और नर्सरी सेक्शन अगले आदेश तक बंद
  3. SIT जांच में स्कूल में कई खामियां उजागर

गुरुग्राम: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशनल स्कूल में 7 साल के बच्चे की बेरहमी से की गई हत्या के मामले में स्कूल मैनेजमेंट के दो सीनियर अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है. स्कूल के रीजनल हेड और एचआर हेड को गिरफ्तार किया गया है और दोनों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा. कुछ अन्य टीचरों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं सोहना थाने के एसएचओ को भी सस्पेंड कर दिया गया है. स्कूल कम से कम मंगलवार तक बंद रहेगा. रयान इंटरनेशनल स्कूल मैनेजमेंट ने अभिभावकों को सूचित किया कि जूनियर और नर्सरी सेक्शन अगले आदेश तक बंद रहेंगे. हालांकि छठी से 12वीं तक के क्लास बुधवार को परीक्षा के लिए खुलेंगे. हत्या की जांच कर रही एसआईटी को स्कूल में कई खामियों का पता चला है. जांच टीम की रिपोर्ट के मुताबिक स्कूल में एक-दो नहीं, बल्कि कई स्तर पर लापरवाही बरती जा रही थी. एसआईटी ने अपनी जांच में पाया कि स्कूल में सीसीटीवी लगाने में गड़बड़ी की गई थी. साथ ही स्कूल के अंदर ड्राइवर और कंडक्टरों के लिए अलग से कोई टॉयलेट की व्यवस्था नहीं थी. स्कूल की बाउंड्री भी टूटी हुई थी और टॉयलेट बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं थे.

एसआईटी के सदस्यों ने यह भी बताया कि स्कूल के कर्मचारियों की सही तरीके से पुलिस वेरिफिकेशन नहीं की जाती है. रविवार को नाराज लोगों ने स्कूल के पास के शराब के एक ठेके को आग के हवाले कर दिया. इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया. कुछ मीडियाकर्मियों को भी चोटें आई हैं. अभिभावक लगातार स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने कहा है कि इस मामले में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और स्कूल प्रबंधन को जबावदेह ठहराया जाएगा. वहीं हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने रविवार को कहा कि इस मामले में आरोपपत्र सात दिन में तैयार होगा. बहरहाल, अगर बच्चे के माता-पिता सीबीआई या किसी दूसरी एजेंसी से जांच की मांग करते हैं तो सरकार उनकी मांग स्वीकार कर लेगी.

VIDEO : एसआईटी रिपोर्ट में गुरुग्राम के स्कूल में कई खामियों का जिक्र

बीते शुक्रवार को स्कूल के टॉयलेट में दूसरी कक्षा के प्रद्युम्न ठाकुर की गला काटकर हत्या कर दी गई थी. इस कांड के सिलसिले में बस कंडक्टर अशोक कुमार को गिरफ्तार किया गया है.

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स्कूल में बच्चे का यौन शोषण नहीं कर सका तो गला, कान काट दिया और हाथ धोकर निकल गया कंडक्टर

 गुरूग्राम में रयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार (8 सितंबर) सात वर्षीय एक छात्र की गला रेतकर हत्या कर दी गयी और वह शौचालय में खून से लथपथ पड़ा मिला। पुलिस ने यह जानकारी देते हुए बताया कि छात्र की हत्या कथित रूप से बस कंडक्टर ने की है और उसने बच्चे का यौन शोषण करने का भी प्रयास किया था। पुलिस ने इस हत्याकांड के कुछ ही घंटो बाद इसे सुलझा लेने का दावा करते हुए कहा कि इस मामले में स्कूल के बस कंडक्टरों में से एक अशोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरूग्राम के डीसीपी सुमित कुहर ने कहा‘‘ कथित हत्यारे ने कक्षा दो के छात्र का यौन शोषण करने का भी प्रयास किया लेकिन छात्र ने इसका विरोध किया और चिल्लाया। इसके बाद उसकी हत्या कर दी गयी और हत्यारा चाकू छोड़कर भाग गया।’’

पुलिस ने कहा था कि उसने 10 लोगों को हिरासत में लिया है। अशोक कुमार से एक टीम ने पूछताछ की जिसके बाद उसने अपना गुनाह कबूल लिया। लड़के के पिता एवं गुरूग्राम में एक निजी फर्म में गुणवत्ता प्रबंधक के तौर पर कार्यरत वरूण ठाकुर ने स्कूल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। ठाकुर ने कहा, ‘‘उन्होंने मुझे बताया कि उसकी तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्होंने मेरे पुत्र की देखभाल नहीं की। उसे यदि समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया होता तो उसका जीवन बच सकता था।’’

दुखी पिता ने कहा, ‘‘ मैंने उसे आज सुबह करीब साढ़े सात बजे स्कूल छोड़ा था। वह बहुत खुश था।’’ इस घटना के बाद निराश सैकड़ों अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने निजी स्कूल के बाहर इकट्टा होकर स्कूल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। स्कूल की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि कुछ छात्रों ने सोहना क्षेत्र में स्थित स्कूल इमारत के शौचालय में पीड़ित बच्चे को सुबह साढे आठ बजे देखा।

गुड़गांव पुलिस के जन संपर्क अधिकारी रवीन्द्र कुमार ने बताया, ‘‘छात्रों ने शिक्षकों को सूचना दी और स्कूल प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया। छात्र को आर्टेमिस अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।’’ पुलिस ने बताया कि आरोपी अशोक कुमार ने उन्हें बताया कि वह स्कूल के भीतर चाकू इसलिए ले जा सका क्योंकि वह जानता था कि गेट पर सुरक्षा गार्ड उसकी जांच नहीं करेंगे क्योंकि वह जाना पहचान चेहरा था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि इसके बाद वह शौचालय गया और वहां किसी छात्र का इंतजार करने लगा। जैसे ही बच्चा शौचालय में आया तो कुमार ने उसे पकड़ लिया। लेकिन बच्चे ने इसका विरोध किया और आरोपी बच्चे का यौन शोषण नहीं कर सका और उसका गला तथा एक कान काट दिया।

पुलिस का दावा है कि इसके बाद आरोपी ने अपने हाथ धोये और चाकू छोड़कर शौचालय के बाहर टहलने लगा। उसने बच्चे को अस्पताल ले जाने के दौरान शिक्षकों की मदद करने का भी प्रयास किया। पुलिस ने इससे पूर्व बताया था कि एक माली, कंडक्टरों और चालकों समेत 10 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

इस बीच स्कूल ने एक बयान में कहा कि ‘‘ इस घटना से बहुत दुख पहुंचा है।’’ बयान में कहा गया ‘‘बच्चा गंभीर रूप से घायल था और उसे स्कूल हैड द्वारा तुरन्त अस्पताल ले जाया गया। काफी प्रयासों के बावजूद दुर्भाग्यवश उसे नहीं बचाया जा सका।’’ बयान में कहा गया है कि मामले की जांच में स्कूल पुलिस के साथ सहयोग करेगा। फोरेंसिक विशेषज्ञों समेत पुलिस की एक टीम ने इससे पूर्व खून के नमूने इकट्टा किये थे, शौचालय से अंगुलियों के निशान लिये थे और मौके से बरामद चाकू को जांच के लिए भेजा। पुलिस ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

शांति निकेतन विद्यापीठ की छात्रा तान्या ने रोलबाल मे लहराया परचम

मुरादाबाद में आयोजित ११वी सीनियर रोलबाल स्टेट चैंपियनशिप में तान्या ने मेरठ जिले की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए गाज़ियाबाद की टीम को 6-0 से हराया और गोल्ड प्राप्त किया।

निदेशक श्री विशाल जैन एवं प्रधानाचार्या विभा गुप्ता ने हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की।

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