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सर्दी ने दिखाया दम, तो डेंगू हो गया कम

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denguPC: meerut news
 ठंड ने दम दिखाना शुरू कर दिया है। इस कारण डेंगू भी काफी कम होने लगा है। पिछले दो दिन से डेंगू का एक भी मरीज नहीं मिला है। इससे स्वास्थ्य विभाग ने भी थोड़ी राहत की सांस ली है। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि गर्मी में लोग कूलर चलाते हैं, जिसमें पानी भरा रहने से डेंगू के मच्छर सबसे ज्यादा पनपते हैं। लोग कम कपड़े पहनते हैं, जिससे मच्छरों को काटने में आसानी होती है। पिछले दिनों कराई गई स्वास्थ्य विभाग की सर्वे रिपोर्ट में भी यही खुलासा हुआ था कि फैशनेबल युवाओं को मच्छरों ने ज्यादा काटा है। दूसरी तरफ, ठंड में कूलर बंद हो जाते हैं, उसमें पानी भी नहीं रहता है।
ऐसे में डेंगू के मच्छर के लार्वा कम पैदा होते हैं। वहीं, लोग पूरे कपड़े पहनने लगते हैं, यानि शरीर ढका रहता है। इससे मच्छरों को काटने के लिए शरीर का खुला स्थान कम मिलता है, जिस कारण डेंगू के मरीजों की संख्या कम हो जाती है। मेडिकल की माइक्रोबायोलॉजी लैब की पिछले एक सप्ताह की रिपोर्ट में यही आंकड़े सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि आने वाले दिनों में डेंगू बिल्कुल खत्म हो जाएगा, क्योंकि ठंड और बढ़ेगी।

अक्तूबर में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा रहा, तब प्रतिदिन मरीजों की संख्या 10 या इससे ज्यादा रही। लेकिन नवंबर शुरू होने के बाद जैसे-जैसे तापमान घटा, मरीजों की संख्या भी कम होने लगी। इस साल जिले में अब तक 643 लोगों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। ये पांच सालों में डेंगू के मरीजों की मेरठ में सबसे ज्यादा संख्या है। पिछले साल डेंगू के 195 मरीज ही मिले थे। 2015 में 205, 2014 में शून्य और 2013 में 180 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी। हालांकि डेंगू अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। अभी भी इक्का-दुक्का मरीज मिल रहे हैं।

ठंड बढ़ना अहम वजह
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि डेंगू के मरीजों की संख्या लगातार कम होती जा रही है। ये राहत की बात है। इसकी वजह ठंड का बढ़ना और स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार एंटी लार्वा स्प्रे और फॉगिंग कराना रहा है।

मरीजों का आंकड़ा
तारीख         सैंपल         डेंगू पॉजिटिव
13 नवंबर       30                04
14 नवंबर       32                04
15 नवंबर       30                04
16 नवंबर       16                02
17 नवंबर       12                01
18 नवंबर       16                00

मौसम का हाल
तारीख             अधिकतम         न्यूनतम
13 नवंबर            27.4            10.8
14 नवंबर            27.4             9.7
15 नवंबर            26.4             12.5
16 नवंबर            28.8             12.5
17 नवंबर             26.2             12.1
18 नवंबर             25.0             12.6
(तापमान डिग्री सेल्सियस में है।)

सिम को आधार से जोड़ने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं, एक दिसंबर से नई व्यवस्था


यूआईडीएआई का कहना है कि आईवीआर पर भाषा इंग्लिश, हिंदी समेत दूसरी क्षेत्रीय भाषाओं में भी होगी।

सिम को अपने आधार नंबर से लिंक करना जरूरी कर दिया गया है। 6 फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल यूजर्स को अपने नंबर को आधार से लिंक कराना है। इसके लिए अभी यूजर को टेलिफोन सर्विस प्रोवाइडर के सेंटर पर जाना पड़ता है। अब एक नई व्यवस्था लागू होने वाली है। अब सिम को आधार से जोड़ने के लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। एक दिसंबर से नई व्यवस्था लागू होने वाली है।

आपका नंबर जिस कंपनी का है उसकी वेबसाइट पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालना है। इसके बाद मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। अब इसे वेबसाइट पर डालना है। याद रहे कि वो मोबाइल नंबर आपके पास ही होना चाहिए जो आपके आधार नंबर के साथ रजिस्टर है। इसके बाद वेबसाइट पर एक मैसेज आएगा और यहां आधार नंबर डालना होगा। इसके बाद UIDAI (आधार) की तरफ से एक ओटीपी आएगा। अब इस ओटीपी को वेबसाइट पर आ रहे ओटीपी के बॉक्स में डालना होगा। इसे डालने के बाद आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो जाएगा।

इसके अलावा कंपनी के आईवीआर सिस्टम के माध्यम से भी अपने मोबाइल नंबर को आधार से लिकं किया जा सकता है। इसके लिए कंपनी के कस्टमर केयर पर कॉल करना होगा। यहां आपको आधार से मोबाइल नंबर को लिंक करने का ऑप्शन सिलेक्ट करना है। यहां से भी लिंक करने के लिए आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। ओटीपी को आईवीआर पर डालना होगा और मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो जाएगा। यूआईडीएआई का कहना है कि मोबाइल नेटवर्क कंपनियों आईवीआर पर इंग्लिश, हिंदी समेत दूसरी क्षेत्रीय भाषाएं भी होंगी।

Children’s Day: गूगल ने जवाहरलाल नेहरू, बाल दिवस पर नहीं बनाया Doodle, एक छोटे से यंत्र को किया याद

गूगल का डूडल हमें कई ऐसे दिनों की जानकारी देता है जिसके बारे में हमें नहीं पता होता है। इसी तरह का आज का रंग-बिरंगा डूडल रोज की तरह साधारण ना होकर एक नए ढंग में दिख रहा है। इस डूडल में एक छोटा-सा यंत्र नजर आ रहा है, आज का ये डूडल विशेष तो है लेकिन इसके विशेष होने का कारण भारतीय बाल दिवस नहीं है। आज के दिन भारतीय गूगल ने होल पंचर का डूडल बनाया है। हर किसी को इंतजार था कि आज भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिवस के अवसर पर बाल दिवस का डूडल प्रस्तुत किया जाएगा या बच्चों के किसी कार्यक्रम आदि का डूडल बनाया जाएगा। इसके साथ ही हर किसी को बाल दिवस की महत्वता बताई जाएगी। लेकिन सबकी उम्मीदों से हटकर गूगल ने एक ऐसी मशीन का डूडल बनाया है जो हमारे रोज के काम में कहीं ना कहीं प्रयोग होती है। होल पंचर की 131 वीं सालगिरह पर डूडल प्रस्तुत किया है।

आज से 131 साल पहले 14 नवंबर 1886 में फ्रेडरिक ने होल पंचर का आविष्कार किया था। फ्रेडरिक एक जर्मन अफसर थे जिन्होनें 1875 में अपनी कंपनी की स्थापना की थी। 131 साल में होल पंचर की मशीन में बहुत बदलाव आया है। इससे पहले गूगल ने छोटे यंत्रों का डूडल नहीं बनाया था। आज इस तरह से गूगल के डूडल ने सबको गूगली देकर सभी को ये अहसास करवाया कि इन छोटे यंत्रों का भी हमारे जीवन में कितना महत्व है। पिछले वर्ष आज के दिन भारत में गूगल नें बाल दिवस के डूडल के लिए प्रतियोगिता आयोजित करवाई थी जिसमें पुणे की एक लड़की विजयी हुई थी। वो रंग-बिरंगा डूडल सभी की आंखे अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था। बाल दिवस भारत में 14 नवंबर को मनाया जाता है। पंडित नेहरु बच्चों को बहुत पसंद करते थे और उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कहते थे। नेहरु बच्चों में देश का भविष्य देखते थे और चाहते थे कि हर क्षेत्र में देश के बच्चे नाम रौशन करें।

आज भारत के बच्चे हर क्षेत्र में अपने देश का नाम रौशन कर रहे हैं और दुनिया के सामने उदाहरण रख रहे हैं कि कला, विज्ञान, अध्यात्म किसी भी क्षेत्र में भारत किसी से भी कम नहीं है। भारत देश के बच्चों के लिए इसी तरह का सपना चाचा नेहरु ने देखा था। स्कूलों में इस दिन को खास बनाने के लिए कार्यक्रम रखे जाते हैं। फैंसी ड्रेस, डांस, नाटक आदि जैसे कार्यक्रम रखे जाते हैं। इस दिन नेहरु जी की सीख बच्चों को समझाने का प्रयास किया जाता है। इस तरह से बच्चों के जीवन में चाचा नेहरु के महत्व को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। कई देशों में बाल दिवस 1 जून को मनाया जाता है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाल दिवस या चिल्ड्रन डे 20 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन के लिए गूगल की तरफ से तो इस वर्ष बधाई नहीं दी गई लेकिन बाल दिवस की महत्वता को जानते और समझते हुए अपने बच्चों को नेहरु के विचारों को तक पहुंचाएं।

अपर मुख्य सचिव बोले, जल्द चलेगी मेट्रो, बदल जाएगी मेरठ की सूरत

Additional Chief Secretary said, metro will run soon, will change the appearance of Meerut
अपर मुख्य मुकुल सिंघलPC: अमर उजाला
मेरठ। शहर से कनेक्टिविटी बढ़ेगी, अगले चार-पांच साल में मेरठ बदला हुआ नजर आएगा। मेट्रो का काम शुरू होने वाला है, रैपिड रेल और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे बनने पर शहर से कनेक्टिविटी काफी बढ़ जाएगी। बिल्डरों ने ही नहीं, विकास प्राधिकरणों ने भी अपने वादे पूरे नहीं किए, इस मिलीभगत में अथॉरिटी भी दोषी है, इसलिए रेरा की जरूरत पड़ी। यह कहना है प्रदेश सरकार के अपर मुख्य सचिव आवास एवं नगर विकास मुकुल सिंघल का।

वे रविवार को वेस्टर्न यूपी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के तत्वावधान में बांबे बाजार स्थित गूजरमल मोदी हॉल में आयोजित ‘इंपेक्ट एंड इंप्लीकेशन ऑफ जीएसटी एंड रेरा ऑन द रीयल एस्टेट’ विषय पर हुए सेमिनार में मुख्य अतिथि थे। उन्होंने कहा कि अब नक्शे ऑनलाइन दो दिन के भीतर पास किए जाएंगे और ऑनलाइन शिकायतों पर तुरंत एक्शन किया जाएगा। यूपी का रेरा, केंद्र सरकार के रेरा से बेहतर है। रीयल एस्टेट अनियंत्रित सेक्टर था, बिल्डर मनमानी भी करते थे। रेरा जैसा कानून मनमानी करने वालों पर शिकंजा कसता है। जब जूता काटने लगता है तो बदलाव की जरूरत पड़ती है। कोई भी सरकार ये नहीं कर सकती है बड़ा वर्ग परेशान रहे और छोटे वर्ग को सुविधाएं दे दे। आम जन की सुविधाओं का ध्यान रखना पड़ता है। उन्होंने रीयल एस्टेट कारोबारियों के सवालों के जवाब भी दिए। इससे पहले कार्यक्रम का उद्घाटन सासंद एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजीव बालियान, एमडीए वीसी साहब सिंह चैंबर के अध्यक्ष अरविंद नाथ सेठ और कार्यक्रम चेयरमैन अजय गुप्ता ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। जीएसटी और रेरा पर विस्तार से चर्चा हुई। सवाल-जवाब हुए। कारोबारियों ने अपनी समस्याएं बताईं, अधिकारियों ने जवाब दिए।

विकास प्राधिकरण को सरलीकरण करना चाहिए: संजीव बालियान

पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजीव बालियानPC: अमर उजाला

पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने कहा कि प्रदेश सरकार के आने केबाद हर विभाग में सरलीकरण हुआ है। अपराध हो या भ्रष्टाचार, सब में कमी आई है। सिंचाई, पीडब्ल्यूडी आदि विभागों में जिस तरह से सरलीकरण हुआ है, उस तरह से अथॉरिटी में उतना सरलीकरण नहीं हुआ है, जो कि होना चाहिए।

पार्कों में भी काट देते थे प्लाट
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि रेरा से पहले एक तरफा व्यवस्था हो रही थी, बिल्डर और अथॉरिटी आम लोगों पर भारी पड़ रहे थे। सोसायटी में पार्क बनाने का दावा करते थे और उसमें भी प्लाट काट देते थे। बिल्डर और अथॉरिटी दोनों की ऐसी शिकायतें आ रही थीं। अब कानून में ढील दिए जाने की मांगें की जा रही हैं।

अॉड-ईवन स्कीम को NGT ने दी मंजूरी, इस बार टू-व्हीलर्स और महिलाओं को भी छूट नहीं

राजधानी दिल्ली में अॉड-ईवन को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंजूरी दे दी है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इस बार टू-व्हीलर्स पर भी अॉड-ईवन लागू रहेगा। साथ ही महिलाओं और सरकारी अफसरों को भी छूट नहीं मिलेगी। हालांकि पहले की तरह इमरजेंसी वाहन इसके दायरे से बाहर रहेंगे। दिल्ली में 13 से 17 नवंबर तक अॉड-ईवन स्कीम लागू रहेगी। एनजीटी ने कहा कि जब भी दिल्ली-एनसीआर में पीएम 10 300 का स्तर और पीएम 2.5 500 का स्तर पार करे तब अॉड-ईवन लागू होना चाहिए। इसके अलावा पानी का छिड़काव होता रहे। लेकिन मंजूरी देने से पहले एनजीटी ने जहरीली हवा को लेकर दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई। इसमें एनजीटी ने दिल्ली सरकार से अॉड-ईवन स्कीम लागू करने का तर्क पूछते हुए कहा कि जब राज्य की हवा की गुणवत्ता बदतर थी, तब इसको लागू क्यों नहीं किया गया। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से वह पत्र दिखाने को कहा है, जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया। साथ ही यह भी जानना चाहा कि क्या इसके लिए उपराज्यपाल की मंजूरी ली गई। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को यह बताने के लिए कहा था कि कोई शख्स एक दिन में कितनी बार सांस लेता है। वहीं केंद्रीय पल्यूशन बोर्ड ने कहा कि उसने दिल्ली सरकार को शुरुआत में मौखिक तौर पर इस समस्या के बारे में बताया गया था, लेकिन उसने खारिज कर दिया।
 एनजीटी ने दिल्ली और केंद्र सरकार को आदेश देते हुए उस बड़े शहर का नाम बताने को कहा है, जहां पीएम 10 का लेवल 100 से कम है। एनजीटी ने कहा कि दिल्ली सरकार उसके सब्र का इम्तिहान न ले और आंकड़ों में कब यह माना गया कि बारिश के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आती है। सख्त रुख अपनाते हुए जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बेंच ने कहा कि आपने एनजीटी के आदेश से पहले एक्शन क्यों नहीं लिया? वहीं सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने एनजीटी को बताया कि अगले दो दिनों में बारिश पड़ सकती है। एनजीटी ने कहा, ”यह चिंताजनक की बात है कि सरकार के विभिन्न विभागों के लिए कोई तालमेल ही नहीं है।

वेस्ट यूपी के इस शहर में बनेगा मोदी मंदिर, अमित शाह करेंगे शिलान्यास

Meerut will be the first Modi temple in the country, Amit Shah will lay foundation stone
मेरठ में बनेगा मोदी मंदिर
मेरठ के सरधना क्षेत्र में पांच एकड़ भूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य मंदिर बनाए जाने का दावा किया गया है, जिसमें 100 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आगामी 23 अक्तूबर को मोदी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया जाएगा।

सोमवार को गढ़ रोड स्थित होटल ब्राडवे इन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी जेपी सिंह ने दी। जेपी सिंह सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश में सहायक अभियंता (सिविल) के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशहित में किए गए कार्यों और देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने की भावना के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए यह मंदिर निर्माण कराया जाएगा। यह संभवत: देश का पहला मोदी मंदिर होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर का शिलान्यास करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने की संभावना है। इस संबंध में उनसे संपर्क किया जा रहा है। इनके अलावा भाजपा के शीर्ष नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। मोदी मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों और उनके कार्यों को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि देशवासी ही नहीं बल्कि भारत में आने वाले अन्य देशों के लोग भी मोदी के महान कार्यों से रूबरू हो सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वहीं, मोदी के बारे में फैलाई जा रही विभिन्न भ्रांतियों को भी दूर करने का सार्थक प्रयास किया जाएगा। भव्य मोदी मंदिर के निर्माण के लिए नरेंद्र मोदी के भक्त आवश्यक धनराशि जुटाएंगे। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भी मूर्ति रहेगी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री से अनुमति नहीं ली है। यह सब इच्छा शक्ति से होता है और वो उनमें है।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.

डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

 डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

जब राहुल ने ऑरिगेनो का पैकेट खोला तो उसमें से कीड़े बाहर न‍िकलने लगे

खास बातें

  1. कीड़ों का रंग भी ऑरिगेनो की तरह था
  2. पिज्‍जा खाने के बाद राहुल बीमार पड़ गए
  3. राहुल ने कंज्‍यूमर ड‍िपार्टमेंट में भी श‍िकायत की है

नई द‍िल्‍ली : बदलती लाइफस्‍टाइल के साथ हम भारतीयों को भी प‍िज्‍जा खूब भाने लगा है. सिर्फ बच्‍चे ही नहीं बल्‍कि बड़े भी इसे खूब चाव से खाते हैं. और खाएं भी क्‍यों न प‍िज्‍जा होता ही इतना टेस्‍टी है. क्रंची बेस, चीज़ी लेयर और मनपसंद टॉपिंग की वजह से यह सबका फेवरेट बना हुआ है. ऊपर से ऑरिगेनो की सीजनिंग इसे और टेस्‍टी बना देती है. लेकिन तब आप क्‍या करेंगे जब आपको पिज्‍जा सीजनिंग में रेंगते हुए कीड़े दिख जाएं. जी हां, यह बिलकुल सच है. दरअसल, फेसबुक पर एक वीडियो पोस्‍ट किया गया है जिसमें डॉमीनोज के सीजनिंग पैकेट में कीड़े रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.

यह वीडियो दिल्‍ली के रहने वाले राहुल अरोड़ा ने पोस्‍ट किया है. अपने पोस्‍ट में उन्‍होंने  लिखा है, ‘भारत में डॉमिनोज़ पिज्‍जा प्रेमियों सावधान! वेआपको खाने के लिए ये (कीड़े) दे रहे हैं.’  हालंकि डॉमिनोज़ ने फेसबुक पर राहुल से मांफी मांगते हुए पूरे मामले की जांच का आश्‍वासन दिया है.

राहुल ने यह वीडियो 10 सितंबर को पोस्‍ट किया था. उनका दावा है कि उन्‍होंने शुक्रवार शाम ऑ‍नलाइन पिज्‍जा ऑर्डर किया था और अगले दिन सुबह उन्‍हें ऑरिगेनो में कीड़े दिखाई दिए. राहुल ने एनडीटीवी को बताया, ‘कीड़े बहुत ही छोटे थे और कोई भी उन्‍हें ऑरिगेनो ही समझता क्‍योंकि वो ज्‍़यादा हिल नहीं रहे थे. उनका रंग और आकार भी ऑरिगेनो की ही तरह था. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है इसलिए जैसे ही मैंने अपनी अंगुली से ऑरिगेनो चेक किया कीड़े बिखर गए.’ इतना ही नहीं राहुल को ऑरिगेनो के बाकि बचे चार पैकेटों में भी कीड़े मिले.


बाद में राहुल को डॉमिनोज़ से ऑडर रिप्‍लेस करने के लिए फोन भी आया. उनके मुताबिक, ‘मैंने उनसे कहा कि यह कोई लेट डिलिवरी का मामला नहीं है. उनका खराब खाना खाकर हम बीमार पड़ गए. इस मामले को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए.’

यही नहीं राहुल ने कंज्‍यूमर अफेयर डिपार्टमेंट में भी इस मामले को लेकर श‍िकायत दर्ज की है और उन्‍हें जवाब का इंतज़ार है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि अगर यह अमेरिका में हुआ होता तो क्‍या होता. भारतीय ग्राहकों के प्रति ‘चलता है’ वाले एटीट्यूड को खत्‍म होना ही चाहिए.’

शांति निकेतन विद्यापीठ की छात्रा तान्या ने रोलबाल मे लहराया परचम

मुरादाबाद में आयोजित ११वी सीनियर रोलबाल स्टेट चैंपियनशिप में तान्या ने मेरठ जिले की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए गाज़ियाबाद की टीम को 6-0 से हराया और गोल्ड प्राप्त किया।

निदेशक श्री विशाल जैन एवं प्रधानाचार्या विभा गुप्ता ने हार्दिक शुभकामनाएँ प्रेषित की।

पॉली बैग फैक्ट्री में लगी भीषण आग, पांच जिलों से पहुंचीं 20 दमकल गाड़ियां

There was a fierce fire in the factory, 20 trains arrived from Ghaziabad, Noida, Baghpat
फैक्ट्री में लगी भीषण आग
मेरठ में परतापुर इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उद्योग पुरम में दोमंजिला पॉलीबैग फैक्ट्री में सोमवार दोपहर शार्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। आग से फैक्ट्री में रखा तैयार और कच्चे माल सहित कई मशीनें जल गईं। पांच जिलों की 20 दमकल गाड़ियों की सहायता से 100 से ज्यादा दमकल कर्मियों ने करीब सात घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
परतापुर थाना क्षेत्र के उद्योगपुरम में शास्त्रीनगर निवासी कमल रस्तोगी की टेप लाइन इंडस्ट्रीज है। दोमंजिला इस फैक्ट्री में पॉलीबैग तैयार होते हैं। नीचे की बिल्डिंग में बैग की छपाई आदि के बाद मशीनों से माल तैयार होता है। ऑफिस और गोदाम भी नीचे हैं। दूसरी मंजिल पर सिलाई और माल की पैकिंग होती है। सोमवार को फैक्ट्री में 50 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे थे। कर्मचारियों के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे नीचे की बिल्डिंग में बिजली की मेन लाइन में शार्ट सर्किट होने पर उसकी चिंगारी वहां रखे प्लास्टिक के दानों पर गिर गई। आग की लपटें तेजी से फैलनी शुरू हुई तो कर्मचारियों ने प्लास्टिक के दानों के बैग फैक्ट्री से बाहर करने शुरू कर दिए। लेकिन तब तक आग भयंकर रूप ले चुकी थी। ऐसे में कर्मचारियों की हिम्मत भी जवाब दे गयी।
दो कर्मचारियों ने बाइक से पास ही परतापुर फायर स्टेशन पहुंचकर आग की सूचना दी। सीएफओ अजय शर्मा और एफएसओ परतापुर मुकेश कुमार दमकल की दो गाड़ियां लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन आग ने आसपास की फैक्ट्रियों को भी लपेटे में लेना शुरू कर दिया था। फैक्ट्री की आधी बिल्डिंग समेत आसपास की कई फैक्ट्रियों की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। सीएफओ की सूचना पर बागपत, हापुड़, गाजियाबाद और नोएडा से भी दमकल गाड़ियां बुलवा ली गईं। आरएएफ की रेस्क्यू टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आसपास जमा भीड़ को हटाकर आग बुझाने में मदद की। शाम करीब सात बजे तक आग पर काबू पाया जा सका।

जानिए पूरा मामला

लगी भीषण आग

फैक्ट्री मालिक के अनुसार प्रारंभिक तौर पर आग से करीब 8-10 करोड़ के नुकसान का अनुमान है। फैक्ट्री से एक-दो दिन में बडे़ ऑर्डर की सप्लाई होनी थी, जिसका स्टॉक तैयार रखा था। काफी माल कच्चा भी था। मशीनें भी जल गई और भवन भी क्षतिग्रस्त हुआ है। हालांकि सही आंकलन बाद में ही संभव होगा। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट रहा।
चीफ फायर ऑफिसर अजय कुमार शर्मा ने बताया कि पांच जिलों की 20 दमकल गाड़ियों के 100 से अधिक दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाया है। पॉली बैग फैक्ट्री में जरूर भारी नुकसान हुआ है। लेकिन आसपास की फैक्ट्रियों को बचा लिया गया है। केवल कुछ की दीवारें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ है। प्रथम दृष्टया आग की वजह शार्ट सर्किट ही बताई जा रही है। लेकिन जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। फैक्ट्री में आग से बचाव के पर्याप्त संसाधन भी नहीं थे।

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