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शांति निकेतन विद्यापीठ एंव सेंट जेवियर्स गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियो ने दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटिएट सैंटर पर स्कालिस्टक इंडिया के तत्वावधान मे आयोजित गार्डन आफ फाईव सैंस रीड अलाउड थिंक अलाउड विषय पर आधारित कार्यशाला में लिया भाग


शांति निकेतन विद्यापीठ एंव सेंट जेवियर्स गर्ल्स स्कूल के विद्यार्थियो ने दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटिएट सैंटर पर स्कालिस्टक इंडिया के तत्वावधान मे आयोजित गार्डन आफ फाईव सैंस रीड अलाउड थिंक अलाउड विषय पर आधारित कार्यशाला में भाग लिया!
कार्यशाला मे एक्सप्रेस माइंड की विशेषज्ञ सीमा चारी ने पठन व् लेखन की तकनीक को काफी स्पष्टता के साथ बताते हुए बच्चों को बताया कि किस प्रकार स्टोरी टैलिंग, रीडिंग एवं राइटिंग को विविध गतिविधियों के द्वारा प्रभावशाली बनाता जा सकता है!
निदेशक श्री विशाल जैन, प्रधानाचार्या विभा गुप्ता ,प्रधानाचार्या निधि मलिक ने बच्चों का उत्साहवर्धन किया! इस अवसर पर एक्सप्रेस माइंड वरिष्ठ प्रबंधक कविता नऱूला एंव उनकी टीम का विशेष योगदान रहा!

सक्षम संस्था ने मवाना रोड की बदहाली को दिखाया

फाइल फोटो
फाइल फोटो – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
मवाना रोड की बदतर हालत को सक्षम संस्था ने अधिकारियों को दिखाया। संस्था अध्यक्ष ने अपर आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर जल्द सड़क की मरम्मत कराने का आग्रह किया। सक्षम संस्था अध्यक्ष आशीष मलिक अपने कार्यकर्ताओं के साथ मंडलायुक्त से मिलने पहुंचे। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार की अनुपस्थिति में उन्होंने अपर आयुक्त राम नारायण धामा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने बताया कि मवाना रोड का हाल बुरा हो चुका है। पंद्रह किमी. की दूरी तय करने पर करीब एक घंटे से ज्यादा का समय लग रहा है। जेपी कॉलेज के सामने सड़क पर खाई बन चुकी है। जिसमें रोजाना छोटे वाहन फंस रहे है, लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। वहीं जाम की स्थिति बन जाती है। बताया कि गड्ढों की वजहों से करीब आधा दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। व्यापारियों, स्कूली बच्चों को जान का खतरा बना रहता है। वहीं क्षेत्रीय लोगों का जीना मुहाल हो चुका है। संस्था के सदस्यों ने फिलहाल प्राथमिकता से सड़क के गड्ढे भरवाने का आग्रह किया। तेजबहादुर, संदीप चौधरी, मोहित चौधरी, अभिषेक शास्त्री व टीटू मसूरी आदि मौजूद रहे।

दुल्हन की फोटो दिखा… कस्टमर को फंसा लेते थे जाल में, युवतियों समेत 14 गिरफ्तार

मौके से ये तीन आरोपी पकड़े गए
मौके से ये तीन आरोपी पकड़े गए

मामला उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का है। यहां एक फर्जी मैरिज ब्यूरो का भंडाफोड़ हुआ है। जिसमें 11 युवतियों समेत 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी यूपी, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब व राजस्थान समेत कई राज्यों में शादी कराने का झांसा देकर लोगों से ठगी करते थे। एक आरोपी एक भाजपा नेता की पुत्री भी है। आरोपी युवतियां ब्रह्मपुरी, टीपीनगर और कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की हैं।

यह फर्जी मैरिज ब्यूरो दिल्ली रोड स्थित वीर नगर में चल रहा था। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-5 निवासी विनोद ने साइबर सेल में शिकायत की थी। आरोप था कि मैरिज ब्यूरो संचालक ने अच्छे परिवार की सुंदर लड़की के रिश्ते बताए थे। कई लड़कियों के फोटो उसको दिखाए। शादी से पहले 11 हजार रुपये रजिस्ट्रेशन के नाम पर फीस जमा कराई। लेकिन शादी नहीं कराई।

एसपी क्राइम शिवराम यादव के अनुसार साइबर सेल के उमेश कुमार, महिला थाना पुलिस और ब्रह्मपुरी पुलिस ने ब्यूरो ऑफिस में छापा मारा। ब्यूरो संचालक अरुण शर्मा निवासी शिवहरि मंदिर कालोनी बागपत रोड समेत तीन युवकों और 11 युवतियों को पकड़ा गया। इन युवतियों पर शादी के नाम पर युवकों को फंसाने का आरोप है। ऑफिस से 5 लैपटॉप, 16 कंप्यूटर, दो मोहर, 10 स्लिप बुक, 10 रजिस्टर, 17 मोबाइल फोन बरामद हुए।

रिश्ते कराने की लगती थी बोली

फाइल फोटो

फाइल फोटो
एसपी क्राइम ने बताया कि ये लोग अच्छे रिश्ते कराने के नाम पर बोली लगाते थे। 21 हजार रुपये तक रजिस्ट्रेशन फीस लेते थे। सोशल साइट पर ऑनलाइन आवेदन के लिए सुंदर लड़कियों के फैमिली सहित फोटो लोड होते थे। रजिस्ट्रेशन फीस जमा कर शादी नहीं कराते थे।

थाने में हंगामा, पुलिस पर आरोप 
युवतियों को छुड़ाने के लिए कई लोगों ने महिला थाने में हंगामा किया। एक भाजपा नेता द्वारा की सिफारिश रात भर पुलिस अधिकारियों के पास आती रही। युवतियों ने बताया कि वे तो यहां 4-5 हजार रुपये की जॉब करती हैं। इस फर्जीवाड़े से उनका क्या लेना-देना। पुलिस की सेटिंग से यह फर्जी मैरिज ब्यूरो चल रहा था। छापा मारने से पहले भी पुलिस ने सेटिंग करने का प्रयास किया, बात नहीं बनी तो उनको पकड़ लिया।

रिश्वत लेते रंगेहाथ दबोचा एचसीपी

फाइल फोटो
फाइल फोटो – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार दोपहर 15 हजार की रिश्वत लेते एचसीपी को रंगेहाथ दबोच लिया। एचसीपी दहेज उत्पीड़न मुकदमे की जांच कर रहे थे। हालांकि पीड़ित महिला और उसके पति के बीच समझौता हो गया था, लेकिन एचसीपी मुकदमे में एफआर लगाने के एवज में महिला से 50 हजार रुपये मांग रहा था। एंटी करप्शन ने आरोपी एचसीपी को कचहरी में गिरफ्तार कर सिविल लाइन पुलिस को सौंप दिया।

लिसाड़ीगेट के लखीपुरा निवासी गुलिफ्शा पुत्री मरहूम नसीरूद्दीन ने बृहस्पतिवार सुबह एंटी करप्शन मेरठ में शिकायत की थी कि लिसाड़ीगेट थाने में तैनात एचसीपी सुखपाल सिंह राघव रिश्वत मांग रहे हैं। एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार सुबह ही एचसीपी को रंगेहाथ पकड़ने की प्लानिंग कर ली। एचसीपी ने रिश्वत के पैसे लेने के लिए महिला को कचहरी गेट पर जयसवाल फोटो स्टेट पर बुला लिया। एचसीपी ने जैसे ही रिश्वत के 15 हजार रुपये लिए, एंटी करप्शन इंस्पेक्टर जेके तोमर और उनकी टीम ने उसे रंगेहाथ दबोच लिया।

इस मामले में ली रिश्वत 
इंस्पेक्टर जेके तोमर ने बताया है गुलिफ्शा का निकाह 29 जून 2017 में शौकीन निवासी सुभाष नॉर्थ दिल्ली से हुआ था। दहेज को लेकर दंपति में विवाद हो गया। लिसाड़ीगेट थाने में गुलिफ्शा की शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ था। इसकी विवेचना 20 फरवरी 2018 से एचसीपी सुखपाल सिंह कर रहे थे। इस बीच दोनों परिवार में समझौता हो गया। इसका शपथ पत्र विवेचक सुखपाल सिंह को दिया। विवेचक ने 50 हजार रुपये की डिमांड कर एफआर लगाने की बात कही।

एचसीपी ने की थी सौदेबाजी
तीन दिन से एचसीपी फोन कर गुलिफ्शा से पैसे मांग रहा था। बाद में बात 15 हजार में तय हुई। शुक्रवार सुबह से ही एचसीपी ने फोन करने शुरू कर दिए। महिला लिसाड़ीगेट थाने पहुंची। वहां एचसीपी नहीं मिले। उसके बाद एचसीपी ने महिला को कचहरी आने को कहा। महिला एंटी करप्शन टीम के भी संपर्क में थी। महिला ने कचहरी में एचसीपी को जैसे ही पैसे दिए एंटी करप्शन टीम ने उसको दबोच लिया।

दरोगा जी… पकड़े जाओगे
महिला से रिश्वत मांगी जा रही है। एंटी करप्शन में एचसीपी की शिकायत हो चुकी है। इसके बारे में इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट मोहम्मद असलम को भी जानकारी थी। इंस्पेक्टर ने सुखपाल सिंह को बताया था कि दरोगा जी पकड़े जाओगे। तुम्हारे पीछे एंटी करप्शन लगी है। इसके बावजूद भी सुखपाल सिंह नहीं माने।

सर्वर ठप, शराब की दुकानों का आवंटन स्थगित

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मेरठ – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 शराब की दुकानों का ई-लॉटरी प्रक्रिया से आवंटन करने की तैयारियां सर्वर ठप होने से धरी रह गईं।  देर रात तक सर्वर चालू न होने से कलक्ट्रेट में तमाम आवेदक आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए वापस लौट गए। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे प्रदेश में एक साथ सभी जनपदों में आवंटन प्रक्रिया लागू होने के कारण सर्वर ठप हुआ है, जिस कारण पूरी व्यवस्था बिगड़ गयी।

प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद आबकारी नीति में बदलाव किया गया था। जिसके तहत इस बार सिंडिकेट को दुकान आवंटन के बजाय आम जनता को ई-लाटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित करने की योजना थी। इसके लिए आवेदन भी ऑनलाइन भरे गए थे। मेरठ में शराब की 383 दुकानों के लिए करीब चार हजार आवेदन आए थे। जिनका ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन होना था।

सुबह से हो गई रात, नहीं चला सर्वर
ई-लॉटरी के माध्यम से दुकान आवंटन की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने कलक्ट्रेट में बचत भवन के सामने बड़ा पंडाल लगाकर उसमें एलईडी स्क्रीन लगायी थी। सुबह 9 बजे से ही आवेदक पंडाल में पहुंचना शुरू हो गए थे। इसमें सबसे पहले देशी, फिर  मॉडल शॉप, बीयर और सबसे अंत में अंग्रेजी शराब की दुकानों का आवंटन होना था। लेकिन सुबह से ही सर्वर ठप हो गया। आवंटन प्रक्रिया के नोडल अधिकारी वरिष्ठ आईएएस कुमार अरविंद सिंह देव कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन सर्वर न चलने से वह भी सर्किट हाउस चले गए। रात 10 बजे तक भी सर्वर चालू न होने से एक भी दुकान की आवंटन प्रक्रिया नहीं हो पायी।

साठगांठ के संदेह के लगे आरोप 
सुबह से देर रात तक सर्वर ठप होने से परेशान आवेदक साठगांठ के आरोप लगाते नजर आए। आवेदकों में चर्चा रही कि आबकारी नीति तो बदल दी गयी। लेकिन शराब सिंडिकेट के दबाव में इसमें खेल हो रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने आशंका जतायी कि इस विवादित प्रक्रिया के कोर्ट जाने से सिंडिकेट को ही लाभ मिलेगा। क्योंकि यदि यह प्रक्रिया अटकती है तो शराब की बिक्री जारी रहेगी और पुराना सिंडिकेट अपना कोटा मनमर्जी से बेचते हुए समाप्त करने में कामयाब होगा।
देर रात आवंटन प्रक्रिया स्थगित
रात 10 बजे के बाद जिला प्रशासन की तरफ से मौके पर बैठे आवेदकों को बताया गया कि आज की ई-लॉटरी की प्रक्रिया अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी है। शासन से दोबारा कार्यक्रम आने पर सूचित कर दिया जाएगा। इसके बाद सुबह से रात तक बैठे परेशान आवेदक आक्रोशित होकर लौट गए।

विषाक्त कॉफी से पूरा परिवार बेहोश

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मेरठ – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के मजीद नगर में बुधवार रात एक ही परिवार के आठ सदस्यों की हालत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बताया गया कि इन सभी ने खीर खाने के बाद कॉफी पी थी। आरोप है कि कुनबे की एक महिला अपने घर से खीर बनाकर लाई थी। बाद में उसने ही कॉफी भी बनाई थी। आरोप है कि कॉफी में कीटनाशक पदार्थ मिलाकर दिया गया। हालांकि अस्पताल में सभी की हालत खतरे से बाहर बताई गई। इंस्पेक्टर के अनुसार तहरीर मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई होगी।

पुलिस के अनुसार मजीद नगर में दो सगे भाइयों साजिद और शकील का संयुक्त परिवार एक ही मकान में रहता है। बुधवार रात कुनबे की ही एक महिला अपने जवान बेटे और बेटी के साथ साजिद के घर आई। वो अपने साथ खीर बनाकर लाई थी। उसने साजिद और शकील दोनों भाइयों के परिजनों को ये खीर खिलाई। कुछ देर बाद इस महिला ने वहीं पर अपने हाथ से कॉफी बनाई। कॉफी भी सभी ने पी। देर रात इस महिला के बेटे और बेटी के साथ जाने के बाद परिवार के सदस्यों को बेहोशी छा गई।
आसपास मचा हड़कंप
बृहस्पतिवार दोपहर तक भी जब घर से किसी की आवाज नहीं आई तो पड़ोसी मोबीन ने उनके यहां जाकर देखा। दरवाजा खुला था। अंदर गया तो परिवार के लोगों को बेहोशी की हालत में पाकर हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों के सहयोग से सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। रात को चिकित्सकों ने सभी आठों सदस्यों की हालत में सुधार बताया।
इंस्पेक्टर लिसाड़ी गेट मौ. असलम ने बताया कि सूचना पूरे परिवार को जहर देने की उड़ी थी। लेकिन साजिद ने अपने कुनबे की महिला पर ही कॉफी में कीटनाशक पदार्थ मिलाकर देने का मौखिक आरोप लगाया। लेकिन देर रात तक किसी भी पक्ष ने तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर ही मामला दर्ज कर जांच की जाएगी। वहीं, युवा सेवा समिति के अध्यक्ष बदर अली ने घटना की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की।
इनकी बिगड़ी हालत
साजिद (27) पुत्र सईद, सना (8) पुत्री साजिद, सीमा (25) पत्नी साजिद, शकील (45) पुत्र सईद, नाजिया (14), आयशा (16) पुत्री शकील, इरम (11) पुत्री शकील, आसमां (65) पत्नी सईद।
अपनों पर ही शक की सुुई 
मेरठ। पुलिस के अनुसार साजिद और शकील के परिवार के सभी सदस्यों ने खीर खाई थी। लेकिन उस महिला और उसके पुत्र और पुत्री ने कॉफी नहीं पी। तीनों की हालत भी ठीक थी। वो अस्पताल में भर्ती भी नहीं थे। शक होने पर महिला ने पूछताछ में बताया कि उसने बुधवार रात को घर पर जल्दी खाना खा लिया था इसलिए उसे भूख नहीं थी। इस वजह से ही उसने खीर नहीं खाई और न ही काफी पी। पुलिस को इस पर भी संदेह है कि जब परिवार की ही एक महिला की तबियत ठीक थी तो उसने बाकी सदस्यों की तबियत खराब होने की सूचना क्यों नहीं दी। इस पर उसका तर्क था कि उसे भी गहरी नींद आ गई थी। वहीं घटना के बाद पुलिस जांच करने घर पहुंची तो सभी बर्तन भी साफ करके रखे गए थे।
सभी तथ्यों पर जांच
सीओ कोतवाली दिनेश शुक्ल के अनुसार सभी सदस्यों की हालत ठीक है। हो सकता है कि खीर या कॉफी दूषित होने से सभी की हालत बिगड़ी हो। तमाम तथ्यों पर चिकित्सकों से बात की जाएगी। पीड़ित परिवार आरोप तो लगा रहा है। लेकिन तहरीर नहीं मिली है। जांच के बाद केस दर्ज किया जाएगा।

शांति निकेतन विद्यापीठ में विदाई समारोह में रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए


शांति निकेतन विद्यापीठ में बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत ढंग से हवन के द्वारा हुआ। 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों के विदाई समारोह के आयोजन में अपने सीनियर्स का तिलक लगाकर स्वागत किया। इसके बाद कक्षा 12 के स्टूडेंट्स ने केक काटा और स्कूल में बिताए पलों को याद किया और अपने अनुभव बताए। इस दौरान कई बच्चे भाव.विभोर भी हो गए। कक्षा 11 के बच्चों ने अपने सीनियर्स के सम्मान में रंगारंग कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। कक्षा 12 के बच्चों को उपाधियां भी दी गईं।
जहा एक ओर सीनियर बच्चों ने अपने अनुभव साझा किए तो वहीं जूनियर वर्ग के बच्चों ने उन्हे उज्जावल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। अध्यापक वर्ग ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए निरतर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा दी।
इन भावुक पलों को यादगार बनाने के लिए छात्र.छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए।और कई प्रकार से खेलों का आयोजन भी किया गया। मंच से स्कूल में संजोई खटी मीठी यादों को भी दर्शकों के साथ सांझा किया।
छात्र.छात्राओं ने अपने सीनियर साथियों को गिफ्ट देकर विदाई दी
और सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया। बाहरवीं के विद्यार्थियों को कई गेम्स खिलाए गए। बारहवीं के विद्यार्थियों ने भावुक होते हुए स्कूल में बिताए सुखद पलों को याद किया। बच्चों ने बताया कि स्कूल के अध्यापक व प्रबंधकों ने उन्हें किसी भी परिस्थिति का डटकर मुकाबला करने में सक्षम बनाया है। बाहरवीं के विद्यार्थियों ने गाउन पहनकर प्रधानाचार्य विभा गुप्ता से डिग्रियां प्राप्त की और उन्हे ग्रेजुएशन की उपाधि से अलंकृत किया गया.
स्कूल की प्रधानाचार्य विभा गुप्ता ने सभी के उज्जवल भविष्य की कामना की। स्कूल के निदेशक श्री विशाल जैन ने बच्चों को उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्डिनेटर रितु सिंह सहित समस्त पीजीटी शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

रात का पारा 4.5 डिग्री चढ़ा

raat ka paara 4.5 degree chada
फाइल फोटो – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

सुबह आसमान पर बादलों के बीच दोपहर में धूप खिली तो तापमान एक डिग्री चढ़ गया। रात का पारा 4.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो बुधवार से मौसम साफ रहेगा।

तीन दिन तक आसमान पर बादल रहने के बाद अब मौसम का मिजाज फिर से बदलेगा। बारिश तो नहीं हुई, लेकिन बादलों से तापमान गिर गया। हवा ने मौसम भी ठंडा कर दिया। मौसम में उतार चढ़ाव के बीच रात का तापमान अधिकतम स्तर पर पहुंच गया। सुबह बादलों के बीच चल रही हवा से मौसम में नमी बनी हुई थी। दोपहर तक धीरे-धीरे मौसम साफ हुआ और फिर से धूप खिली। धूप खिली तो पारा भी बढ़ गया। मौसम कार्यालय पर दिन का अधिकतम तापमान 22.4 डिग्री व रात का न्यूनतम तापमान 12.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। अधिकतम आर्द्रता 70 व न्यूनतम 36 प्रतिशत दर्ज की गई। कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि रात का तापमान इस सीजन में सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया है। अब बुधवार से मौसम साफ रहेगा और दिन के तापमान में भी बढ़ोतरी होगी। दिन का पारा फिर से 25 डिग्री के पार पहुंचेगा। रात का तापमान थोड़ा कम होगा। अभी रात का तापमान सामान्य से 6 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। दिन का 2 डिग्री अधिक है।

अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुईं यूपी बोर्ड परीक्षाएं

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फाइल फोटो – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
पहली पाली में हाईस्कूल में गृहविज्ञान और इंटरमीडिएट में हिंदी का पेपर था। दूसरी पाली में इंटरमीडिएट में सामान्य हिंदी का पेपर था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में परीक्षा छोड़ने वालों की भी काफी तादाद रही। दोनों पालियों में 5343 ने परीक्षा छोड़ी। इनमें पहली पाली में 2741 और दूसरी पाली में 2602 परीक्षार्थी रहे। हालांकि परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था रही। नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में पहले दिन की परीक्षा संपन्न हुई। सचल दलों ने जगह-जगह छापेमारी की।

मेरठ में पहली पाली में हाईस्कूल के 14129 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1119 अनुपस्थित रहे। इंटरमीडिएट में 13809 विद्यार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 1622 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। इनमें हाईस्कूल में मेरठ क्षेत्र में 975, मवाना में 87 और सरधना में 57 अनुपस्थित रहे। इंटरमीडिएट में मेरठ क्षेत्र में 1383, मवाना में 166 और सरधना में 73 अनुपस्थित रहे। दूसरी पाली में मेरठ क्षेत्र में 2117, मवाना में 189 और सरधना में 296 अनुपस्थित रहे। इसमें 28692 परीक्षार्थी बैठने थे।

दो केंद्र व्यवस्थापकों पर गाज
संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि अव्यवस्था के कारण दो केंद्र व्यवस्थापकों को कार्य से मुक्त कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि ये सम्राट चंद्र गुप्त इंटर कॉलेज फतेहपुर नारायण और अलफलाह इंटर कालेज, किठौर के केंद्र व्यवस्थापक थे।

मंडल के अन्य जिलों का हाल
अनुपस्थित रहे विद्यार्थी (पहली पाली)
अनुपस्थिति विद्यार्थी
जिला          हाईस्कूल          इंटरमीडिएट

बागपत           162               301
गाजियाबाद       535               550
हापुड़             173               220
गौतमबुद्धनगर     350               434
बुलंदशहर          818              661

नकल की आशंका, दो केंद्रों की होगी स्क्रीनिंग
संयुक्त शिक्षा निदेशक दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि बागपत के दो परीक्षा केंद्रों की दोबारा स्क्रीनिंग कराई जाएगी, इन केंद्रों पर नकल का अंदेशा है। मूल्यांकन से पहले दूसरी पाली की सामान्य हिंदी की परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रीनिंग कराई जाएगी।

बाबूगढ़ में नकल करते पकड़ी छात्रा
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने बताया कि हापुड़ जिले के बाबूगढ़ के एक स्कूल में नकल करते हुए हाईस्कूल गृहविज्ञान में एक छात्रा पकड़ी गई है। उसकी कॉपी को सीज कर दिया गया है।

आर्मी स्कूल में घुसे आतंकी, बच्चों के साहस के सामने ‘ढेर’

army school me mock drill
फाइल फोटो – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे का समय। आर्मी पब्लिक स्कूल कैंट की प्रिंसिपल डॉ. रीटा गुप्ता अपने ऑफिस में बैठी थीं। उनके ऑफिस में बने कंट्रोल पैनल पर अचानक खतरे की घंटी बजी। आतंकी हमले का यह संकेत कक्षा-छह के एफ सेक्शन से आया था। प्रिंसिपल ने बिना देरी किए सेना और कंट्रोल रूम को सूचना दे दी। पूरे स्कूल में खतरे का अलार्म बजते ही तीन मिनट के भीतर सभी बच्चों ने खुद को सेफ कर लिया। कुछ ही देर में सेना के जवानों ने स्कूल पहुंचकर मोर्चा संभालकर स्कूल में घुसे तीनों आतंकी दबोच लिए। बच्चों को पता चला कि ये सेना का मॉकड्रिल था, तो तालियां बजने लगीं। सेना के जवानों ने अलार्म बजते ही बच्चों द्वारा दिखाई गई स्मार्टनेस पर उनकी तारीफ की।
गणतंत्र दिवस को लेकर देश के सभी छावनी इलाकों में खास सतर्कता बरती जा रही है। सेना की तरफ से जगह-जगह मॉकड्रिल किया जा रहा है। बृहस्पतिवार को सेना ने मॉकड्रिल के लिए आर्मी पब्लिक स्कूल को चुना। मॉकड्रिल में तीन जवानों को स्कूल में पहुंचकर ऐसा दर्शाना था कि वे संदिग्ध हैं और स्कूल को कब्जे में ले रहे हैं। संदिग्ध के रूप में जवान कक्षा छह के एफ सेक्शन में घुस गए। अचानक संदिग्ध लोगों के कक्षा में पहुंचते ही क्लास टीचर ने बिना कोई देरी किए खतरे का अलार्म बटन दबा दिया। बटन दबते ही प्रिंसिपल के ऑफिस में लगे कंट्रोल पैनल पर आतंकी हमले वाला अलार्म बजने लगा। उनकी सूचना पर कुछ ही देर में सेना के अफसर और जवानों ने स्कूल की घेराबंदी कर ली। सेना के डॉग्स पहुंच गए। ड्रोन को उड़ाकर स्कूल के चप्पे-चप्पे को खंगाला जाने लगा। सेना के जवानों ने बेहतर प्लानिंग के चलते तीनों संदिग्ध युवकों को दबोच लिया। मॉकड्रिल में जीओसी मेजर जनरल के. मनमीत सिंह, डिप्टी जीओसी सुशील मान समेत कई अफसर पहुंचे।

ट्रेनिंग से बच्चे बने ऐसे बने आत्मविश्वासी 
आर्मी स्कूल साल में तीन बार मॉकड्रिल करता है। मॉकड्रिल की तीन श्रेणियां हैं। अगर आग लग जाती है तो उसके लिए क्या करें। भूकंप आ जाए तो कैसे खुद को बचाना है और अगर आतंकी स्कूल में घुस आएं तो कैसे सुरक्षित रहें। तीनों ही श्रेणियों का अलग अलार्म है। आतंकी हमले के दौरान बच्चों को बताया जाता है कि अगर वो बाहर हैं तो करीब की किसी भी सुरक्षित जगह पर छिप जाएं। जो कमरे में हैं, वे तुरंत खिड़की और दरवाजे बंद करके जमीन पर लेट जाएं। स्कूल की प्राइमरी विंग के बच्चों को बताया जाता है कि अगर ऐसा हो तो दूसरी तरफ भागकर ब्लॉक्स में छिप जाएं। आर्मी स्कूल की इस ट्रेनिंग के चलते अलार्म बजने के तीन मिनट के भीतर ही बच्चों ने खुद को कमरों में बंद कर लिया। जो बच्चे 26 जनवरी के कार्यक्रम की तैयारी कर रहे थे, वे भी तुरंत कमरों में छिप गए। प्राइमरी विंग के बच्चों ने ब्लॉक्स में शरण ले ली। बच्चों में गजब का आत्मविश्वास दिखा।

हमें पता था क्या करना है
जिस कक्षा में संदिग्ध घुसे थे, वहां के बच्चों ने बताया कि ऐसी स्थिति आने पर उन्हें क्या करना है, इसकी जानकारी थी। ऐसे में कोई हड़बड़ाहट नहीं हुई। कुछ पल के लिए थोड़ा डर लगा। लेकिन जब उन्हें पता चला कि सेना आ गई है तो वे बेफिक्र हो गए।

 दूसरे स्कूल भी लें सीख 
अमूमन आग लगने या भूकंप आने पर सबसे ज्यादा नुकसान हड़बड़ाहट में होता है। कुछ लोग भूकंप आते ही बिल्डिंग से कूद जाते हैं। आग लगने पर भी ऐसा ही हो जाता है। लेकिन जहां पर इस सबको लेकर मॉकड्रिल के जरिए ट्रेनिंग दी जाती है, वहां पर नुकसान कम होता है। हिम्मत और दिमाग से सोचें तो काफी हद तक जानें बचाई जा सकती हैं। आर्मी स्कूल अपने बच्चों को इस सबके लिए ट्रेंड करता है। जिससे बच्चों को पता होता है कि इमरजेंसी में क्या करें। ऐसे में आर्मी स्कूल की ये पहल बेहद सराहनीय है। दूसरे स्कूलों में भी अगर बच्चों को समय-समय पर इस तरह से मॉकड्रिल कराकर ट्रेंड किया जाए तो वे भविष्य में समाज को बहुत योगदान देंगे। सेना के अफसर भी चाहते हैं कि स्कूलों में ऐसी गतिविधियां बढ़ें।

 बीआई लाइंस और आरवीसी में भी हुई मॉकड्रिल 
बृहस्पतिवार को ही सेना ने बीआई लाइंस के आवासीय इलाके और आरवीसी में भी मॉकड्रिल किया। यहां पर भी सेना के जवानों ने संदिग्धों को प्रतीकात्मक रूप से ढेर कर दिया।


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