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गंगानगर में कपड़ा व्यापारी के घर सरेशाम डाका

 robbery in ganga nagar in a bussiness men house
लूट की घटना के बारे में जानकारी लेती पुलिस।PC: अमर उजाला
पॉश गंगानगर एच ब्लॉक में बुुधवार सरेशाम बदमाशों ने कपड़ा व्यापारी के घर डकैती को अंजाम दे डाला। तमंचों के बल पर बदमाशों ने व्यापारी व उसके परिजनों के हाथ-पैर बांध दिए। करीब 60 रुपये और सोने के जेवरात लेकर बदमाश फरार हो गए।
गंगानगर एच ब्लॉक 305 में अरविंद शर्मा पुत्र रघुवर दयाल परिवार के साथ रहते हैं। जिनकी किला परीक्षितगढ मेन मार्केट में बालाजी साड़ी सेंटर के नाम से शोरूम है। परिवार में पत्नी सुषमा और बेटी इति शर्मा मवाना रोड स्थित निजी कॉलेज में लेक्चरार है। ऊपरी मंजिल पर बीफार्मा की छात्राएं किराये पर रहती हैं। अरविंद के मुताबिक शाम करीब सात बजे शोरूम से घर लौटे थे। पत्नी और बेटी खाना बना रही थी। जबकि वह कमरे में टीवी देख रहे थे। उस वक्त मेन गेट खुला हुआ था। तभी चार बदमाश घर में घुस आए और सभी को तमंचे के बल पर बंधक बना लिया।

शोर मचाया तो अंजाम बुरा होगा
बदमाशों ने धमकी दी कि उनके तीन साथी घर के बाहर खड़े हैं। शोर मचाया तो अंजाम अच्छा नहीं होगा। पीड़ित के मुताबिक तीन बदमाशों के पास तमंचे और एक पर चाकू था। बदमाशों ने तीनों को कमरे में ले जाकर हाथ पैर बांध दिए। अरविंद को गोली मारने की धमकी देते हुए कैश के बारे में जानकारी ली। बदमाशों ने अरविंद के पर्स और जेब से करीब 42 हजार की नकदी निकाल ली। दो बदमाशों ने अलमारी, बेड आदि खंगाल डाले। अलमारी में रखी करीब 20 हजार की नकदी, लाइसेंसी लोड रिवाल्वर, सोने की ज्वैलरी और एटीएम कार्ड  निकालकर बैग में भर लिए। उसके बाद कमरे को बाहर से बंद कर फरार हो गए।

छात्राओं से खुलवाया गेट
अरविंद ने ऊपरी मंजिल पर रह रही छात्राओं को आवाज लगाकर गेट खुलवाया। बाद में घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। सूचना पर सीओ सदर देहात यूएस मिश्र, गंगानगर थाना प्रभारी मोहम्मद असलम मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाएड ने भी जांच की।

गोल्ड न मिला तो गोली मार देंगे
बदमाशों ने सुषमा पर तमंचा तानते हुए पूछा कि गोल्ड कहां है? अगर गोल्ड नहीं मिला तो गोली मार देंगे। जिसके बाद बदमाशों ने अलमारी खंगालनी शुरू कर दी। अलमारी के लॉकर में रखी 4 सोने की अंगूठी, 1 चेन, सहित अन्य ज्वैलरी निकाल ली।  उसके बाद बदमाशों ने सुषमा के कानों से कुंडल खींच लिए। दो बदमाश शराब के नशे में थे।

रिवाल्वर भी नहीं आई काम
अरविंद के मुताबिक बदमाश जब घर में दाखिल हुए तो खतरे को भांपते हुए वे अलमारी में रखी लोड रिवाल्वर निकालने के लिए अलमारी की तरफ बढे़। तभी बदमाशों ने उन पर तमंचा तान दिया। इसके बाद बदमाशों ने रिवाल्वर भी कब्जे में ले लिया था।

कॉलोनी की सुरक्षा जीरो
गंगानगर एच ब्लॉक की गिनती पॉश कॉलोनियों में होती है। कहने को ऊंचे-ऊंचे मकान और कोठियां बनी हैं। लेकिन सुरक्षा के नाम पर सब सिफर है। करीब तीन साल पहले कॉलोनी के लोगों ने एक साइड में गेट लगाकर बाहरी वाहनों की एंट्री बंद कर दी थी। लेकिन सुरक्षा के लिए किसी ने सीसीटीवी कैमरे तक नहीं लगाए। अगर कॉलोनी में घरों के बाहर गेट पर कैमरे लगे होते तो बदमाश उनमें कैद हो सकते थे। जिसमें पुलिस को बदमाशों तक पहुंचने में आसानी होती।

आयकर विभाग की सराफा बाजार में छापामारी, डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के जेवरात सीज

action in sarafa market by income tax department
छापे की कार्रवाई के बाद बाहर निकलते आयकर अधिकारी।PC: अमर उजाला
आयकर विभाग की टीम ने बुधवार को मेरठ के दो सराफा कारोबारियों सहित दिल्ली के एक व्यापारी के यहां छापामारी की। मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली में हुई इस कार्रवाई में टीम ने 50.50 लाख रुपये की नयी करेंसी के साथ ही डेढ़ करोड़ रुपये कीमत के जेवरात सीज किए हैं। वहीं छापे में बरामद दस्तावेजों के आधार पर विभागीय सूत्रों का कहना है कि जांच के बाद बड़ा मामला सामने आएगा। इस पूरी कार्रवाई के पीछे एक पान वाले के खाते में जमा हुए पांच करोड़ का मामला सामने आया है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार गाजियाबाद की जम्मू एंड कश्मीर बैंक की शाखा में पान की दुकान करने वाले घनश्याम का खाता है। इस खाते में नोट बंदी के दौरान पांच करोड़ रुपये जमा हुए और फिर उनका लेनदेन शुरू हुआ। इसके बाद आयकर विभाग हरकत में आया और उसने घनश्याम पान वाले से पूछताछ की। जिसमें दिल्ली निवासी शीतल चानना का नाम सामने आया। शीतल चानना सराफा कारोबारी हैं। यहां से पड़ताल करने के बाद आयकर विभाग के सामने मेरठ शहर सराफा दो सराफा फर्मों के नाम सामने आए। जिनके नाम आलियान बुलियन और शिव ज्वैलर्स थे।

बुधवार को आयकर विभाग के मेरठ और गाजियाबाद के अधिकारियों की संयुक्त रूप से 11 टीमें गठित हुई। जिन्होंने एक साथ आलियान बुलियन के मालिक हरिओम माहेश्वरी और शिव ज्वैलर्स के मालिक मनमोहन चांदी वालों के प्रतिष्ठान और आवास पर छापामारी की। वहीं, अन्य टीमें गाजियाबाद और दिल्ली रवाना की गईं।

कैश, ज्वैलरी और जरूरी दस्तावेज बरामद
आयकर विभाग के सूत्रों के अनुसार छापामारी में दिल्ली के शीतल चानना के यहां से साढ़े चार लाख रुपये नई करेंसी में और डेढ़ करोड़ रुपये के जेवरात बरामद हुए, जिन्हें सीज किया गया है। वहीं मेरठ में शिव ज्वैलर्स के यहां से बरामद 45 लाख रुपये की नई करेंसी को भी सीज किया गया है। वहीं, आलियान बुलियन के यहां से लेनदेन और स्टॉक संबंधी गंभीर दस्तावेज बरामद हुए हैं। जिनकी जांच के बाद पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार यह मामला करोड़ों रुपये का काला धन खपाने का है और इन लोगों ने नोटबंदी के दौरान पुरानी करेंसी से सोना खरीद भी की हुई है।

इस कार्रवाई को काफी स्टडी के बाद अंजाम दिया गया है। सुपुर्दगी में लिए गए दस्तावेजों की जांच के बाद पूरा मामला सामने आएगा। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकता है। – एमके जैन, डिप्टी डायरेक्टर (जांच) आयकर विभाग मेरठ

2.55 लाख के सिक्के गिनने में लगा बैंक स्टाफ

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
एचडीएफसी बैंक पर विद्युत निगम के कर्मचारी मंगलवार को 2.55 लाख के 10-10 के सिक्के जमा कराने पहुंच गए। इन्हें देख बैंक स्टाफ के पसीने छूट गए। शाम को बैंक का आधा स्टाफ इन्हें गिनने में लगा रहा।
पावर कारपोरेशन के उपखंड कार्यालय प्रथम के कैशियर हरीपाल सिंह मंगलवार सुबह वेस्टर्न कचहरी रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में विभाग का कैश जमा कराने पहुंचे। इनमें 2.55 लाख रुपये के 10-10 के सिक्के थे। इन सिक्कों को देख बैंक कैशियर भौचक्का रह गया। कहा कि  वह इतने ज्यादा सिक्के गिनने गिनने बैठ गया तो काम ही बंद हो जाएगा। बैंक ने शाम को कैश जमा करने को कहा। पहले तो निगम कैशियर ने आनाकानी की, लेकिन बाद में वह वह मान गया।
… अब लेने भी तो पड़ेंगे
विद्युत निगम के कैशियर ने बताया कि सोमवार को एक फैक्ट्री संचालक ने 2.85 लाख के बिल में 2.55 लाख के 10-10 के सिक्के दिए थे। हमें भी इन सिक्कों को गिनने में कई घंटे लगे थे। ये सिक्के जमा करने को लेकर बैंक और निगम स्टाफ में बहस होने पर वहां मौजूद कुछ ग्राहक भी कह बैठे कि पिछले दिनों बैंक ने नोटों के बजाय सिक्कों की थैली थमाईं थीं। लोग मजबूरी में इन्हें ले भी गए। अब ये बैंक में ही तो आएंगे और बैंक वालों को लेने भी पडे़ंगे। बैंक प्रबंधक भूमेश कुमार ने बताया कि शाम को साढ़े तीन बजे के बाद बैंक का आधा स्टाफ लगाकर सिक्के गिनवाए गए।

अधिकारियों की लापरवाही से शुरू नहीं हुआ फूड प्लाजा का काम

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
नगर निगम अधिकारियों की लापरवाही के कारण छह माह पहले धनराशि मिलने के बाद भी सूरजकुंड पार्क में फूड प्लाजा का निर्माण नहीं कराया गया। अब अधिकारी चुनाव आचार संहिता का राग अलाप रहे हैं। इससे साफ है कि फूड प्लाजा अगले वित्तीय वर्ष में ही बन पाएगा।
सूरजकुंड पार्क को एमडीए ने विकसित किया था, लेकिन देखरेख के लिए पार्क नगर निगम को सौंप दिया था। चौराहे पर चल रहे फूड के अवैध कारोबार और जाम को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने पार्क में फूड प्लाजा बनाने का प्रस्ताव कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली अवस्थापना की बैठक में रखा था। छह माह पूर्व नगर निगम प्रशासन ने पार्क में मुख्य द्वार के निकट फूड प्लाजा बनाने के लिए अवस्थापना निधि से मिले 25 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की थी। निगम अधिकारियों की उदासीनता के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका। इसका मुख्य उद्देश्य पार्क में आने वाले लोगों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ आम जनता को एक ही स्थान पर अनेकों व्यंजन उपलब्ध कराना था। आचार संहिता लगने से एक सप्ताह पहले ही टेेंडर निकाले गए। टेंडर तो छूट गया, लेकिन आचार संहिता में निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता है। जबकि निगम अधिकारी समय रहते ध्यान देते तो आचार संहिता से पहले निर्माण शुरू हो जाता।
फूड प्लाजा में मिलेंगी सुविधाएं
फूड प्लाजा में व्यंजन खाने वालों को जहां बैठने का सुरक्षित स्थान, वाहन पार्किंग की सुविधा मिलेगी वहीं, स्वच्छ पानी, लाइट, शौचालय की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी।

नगर निगम है गंभीर
पार्क में फूड प्लाजा के लिए अवस्थापना निधि से प्रस्ताव पास है। जिसको टेंडर हो चुके हैं। आचार संहिता खत्म होने के बाद निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। इसे लेकर नगर निगम बेहद गंभीर है। -रामवृक्ष, अवर अभियंता नगर निगम।

ताकि जनता को मिल सके लाभ
– हमने पार्क में फूड प्लाजा बनवाने का प्रस्ताव रखा था। ताकि पार्क में घूमने वाली जनता ही नहीं बल्कि अन्य लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। -हरिकांत अहलुवालिया, महापौर।

घर के बाहर वाहन खड़ा करने पर देना होगा शुल्क

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 कैंट क्षेत्र में अगर किसी ने अपने घर के बाहर कार खड़ी की तो उसे 200 रुपये महीना पार्किंग शुल्क देना होगा। वहीं मेटाडोर के लिए 1600, बस, ट्रक 3000 और क्रेन खड़ी करने पर 5000 रुपये देने होंगे। मंगलवार को कैंट बोर्ड ऑफिस में हुई बोर्ड की बैठक में राजस्व बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास हुए।
कैंट में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास कार है, लेकिन घर में खड़ी करने के लिए जगह नहीं है। अब उनको पार्किंग शुल्क देना होगा। इसके लिए पब्लिक नोटिस निकाला जाएगा। बोर्ड जानकारी देगा कि जिनके फोर व्हीलर घर के बाहर खड़े रहते हैं वह पार्किंग शुल्क का अपना पास बनवा लें। वह ऐसा नहीं करते हैं तो सर्वे कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पार्किंग शुल्क को चार भागों में बांटा गया है। वहीं कुछ सदस्यों ने प्रस्ताव का विरोध भी किया।
इसके अलावा गांधी बाग में एंट्री फीस दोगुना कर दी गई है। अभी तक पांच रुपये प्रति व्यक्ति के हिसाब से एंट्री फीस ली जाती है। अब यह 10 रुपये कर दी गई है। सुबह पांच से नौ बजे और शाम छह बजे के बाद टहलने वालों से कोई फीस नहीं ली जाएगी। गांधी बाग के क्रिकेट मैदान पर खिलाड़ियों को प्रैक्टिस करने के लिए अब 100 रुपये महीना चार्ज देना होगा। उनके लिए भी पास जारी किया जाएगा। वहीं तहबाजारी बढ़ाने को लेकर कुछ सदस्यों ने विरोध जताया। इसके जवाब में सीईओ ने राजस्व बढ़ने का हवाला देकर आय का ब्योरा पेश किया। बैठक में बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह, सीईओ राजीव श्रीवास्तव, सभासद में विपिन सोढ़ी, मंजू गोयल, अनिल जैन, कमाल बुसरा, धर्मेंद्र सोनकर, नीरज राठौर मौजूद रहे।

एलईडी, अतिक्रमण पर बहस
सभासद अनिल जैन ने एलईडी और अतिक्रमण पर कार्रवाई नहीं होने की शिकायत बोर्ड के सामने की। उन्होंने कहा कई संकरे बाजार से अतिक्रमण नहीं हट रहा। उनके वार्ड में 20 एलईडी लाइट लगी थीं। आठ खराब हो गईं, वह सही नहीं हो रही हैं। इस पर बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह ने उनसे पूछा कि क्या आपने संतुष्टि एप पर शिकायत की तो उन्होंने इनकार कर दिया। इस पर अध्यक्ष ने स्मार्ट कैंट बनाने के लिए कहा कि शिकायत करने के लिए हमें खुद स्मार्ट होना पड़ेगा।

वर्किंग वुमन हॉस्टल के प्रस्ताव पर मुहर
स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट में वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। करीब सवा दो करोड़ रुपये में भवन बनेगा। जिस पर वुमन वेलफेयर एंड चाइल्ड डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री 75 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है। सभासदों ने कैंट के लोगों के लिए इसके इस्तेमाल होने और अपने अधिकार को लेकर कुछ सवाल खड़े किए। जिस पर सहमति बनी कि भवन बनने के बाद इनको ध्यान में रखा जाएगा। उधर, सात बंगलों के चेंज ऑफ परपज के मामले में नोटिस देने का प्रस्ताव आया। रेजीडेंशियल से कॉमर्शियल हुए इन बंगलों का सर्वे कराया गया है। इनको नोटिस दिया जाएगा। उधर, गांधी बाग में पार्किंग का ठेका सात लाख में उठा है। तहबाजारी का ठेका 58 लाख में तय हुआ था, रेट रिवाइज होने के बाद इसे रोक दिया है। अब दोबारा होगा।

खाली पद भरे जाएंगे
डीजीडीई के आदेश का हवाला देते हुए सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने खाली पदों की भर्ती को लेकर प्रस्ताव भेजने की जानकारी बोर्ड के सामने रखी। दो इंजीनियर और दो ड्राफ्ट मैन की डिमांड भेजी जानी है। स्कूलों में टीचर रेग्युलर ही रखने को निर्देश मिला है। स्कूलों में भी खाली पद हैं।

पानी के डबल बिल का होगा समाधान
कैंट में कुछ पुराने बंगलों में पानी की पाइप लाइन एमईएस द्वारा बिछाई गई है। कैंट बोर्ड वाटर बिल लेकर एमईएस को देता है। कुछ जगहों पर दोनों जगह से बिल लेने का मामला सामने आया था। इस पर सहमति बनी की दोनों संस्थाओं के लोग संबंधित सभासद को साथ लेकर काम करें। वेरिफिकेशन के अलावा समस्या का भी पता चल जाएगा। सीएबी इंटर कॉलेज में बीमार व्यक्ति की देखभाल करने से संबंधित नए कोर्स शुरू करने को इजाजत दी गई।

संतुष्टि पर नगर निगम की शिकायत
बोर्ड बैठक में सीईओ ने बताया कि संतुष्टि एप पर रोजाना सात-आठ शिकायतें आ रही हैं। उनका समाधान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लोग नगर निगम और एमडीए की शिकायत भी संतुष्टि पर भेज रहे हैं।

अध्यक्ष, सीईओ का आभार जताया
सभासद मंजू गोयल ने बोर्ड बैठक में उपाध्यक्ष बीना वाधवा, सभासद रीनी जैन और बुसरा कमाल की ओर से कैंट बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह और सीईओ राजीव श्रीवास्तव का आभार जताया। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि बंगला नंबर 210बी की घटना के बाद बोर्ड ने स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट को लेकर अच्छा काम किया है।

कैंट बोर्ड करेगा टाउन प्लानिंग
सीईओ ने बताया कि एक्ट में टाउन प्लानिंग का प्रावधान है। मेरठ छावनी में कभी टाउन प्लानिंग नहीं हुई। वह यह प्लानिंग बना रहे हैं। जिसमें रेजीडेंशियल और कॉमर्शियल संपत्ति के हिसाब से योजना बनाई जाएगी। सभासद विपिन सोढ़ी ने इसमें ग्रुप हाउसिंग स्कीम को जोड़ने का सुझाव दिया। टाउन प्लानिंग स्कीम में सुझावों को आमंत्रित किया जाएगा। भारत सरकार की ग्रुप हाउसिंग की स्कीम लागू की जा सकती है।

स्वच्छ भारत अभियान में मूर्ति का अनावरण
केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत अभियान को समर्पित महात्मा गांधी की एक मूर्ति का कैंट बोर्ड ऑफिस में अनावरण किया गया। बोर्ड अध्यक्ष मेजर जनरल के मनमीत सिंह और सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने अनावरण किया।

रूट डायवर्जन ने घुमाया, देरी से पहुंचे छात्र

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
नामांकन के लिए किए गए रूट डायवर्जन से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। छात्रों को भी दिक्कत हुई। परिजनों और बच्चों को काफी घूमकर जाना पड़ा।
पुलिस ने सुरक्षा के लिहाजा से कलक्ट्रेट की ओर जाने वाले मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन किया था। ईव्ज चौराहा से कचहरी की ओर आने वाला ट्रैफिक मेघदूत पुलिया से मोहनपुरी, कचहरी पुल की ओर से निकाला गया। सूरजकुंड, जेल चुंगी और नाले की ओर कचहरी की तरफ ट्रैफिक सीताराम पुलिया से मोड़ दिया गया। इस कारण लोगों को लंबा सफर तय करना पड़ा। कलक्ट्रेट की ओर से पैदल भी नहीं जाने दिया गया। मवाना के कुछ लोग शिकायत करने एसएसपी कार्यालय आए थे, लेकिन रास्ता बंद होने के कारण ये वापस लौट गए। कलक्ट्रेट आए माछरा के वेदपाल, दीपचंद और शरीफ अहमद भी वापस लौट गए। ट्रैफिक डायवर्जन से स्कूली बसें भी प्रभावित हुई। रास्ता बंद होने से बसें घूमकर दूसरे रास्तों से गई। इस कारण अभिभावक अपने बच्चों को लेकर चिंतित नजर आए। कई ऐसे छात्र थे जिनके घर कलक्ट्रेट के पास थे। सर्किट हाउस से आगे का रास्ता बंद होने से बसों को घूमकर लंबा सफर तय करना पड़ा। इसलिए कई बच्चे पहले ही वाहनों से उतर गए और पैदल ही घर पहुंचे।

चुनाव खर्च पर रखें पैनी नजर : व्यय प्रेक्षक

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
विधानसभा क्षेत्र के व्यय प्रेक्षक आलोक मालवीय ने सर्किट हाउस में जिले के सभी आरओ, सहायक व्यय प्रेक्षकों एवं संबंधित अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि बारीकी से हर उम्मीदवारों के व्यय पर नजर रखी जाए। सभी खर्चों का प्रतिदिन लेखा जोखा तैयार कर उसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाने के भी आदेश दिया।
व्यय प्रेक्षक विवेक कुमार गुप्ता ने निर्वाचन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने नामांकन के समय बरती जाने वाली सभी सावधानियों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि नामांकन करने से पूर्व सभी उम्मीदवारों को अपना अलग से बैंक खाता खुलवाना होगा। इसी के माध्यम से चुनाव के दौरान खर्चा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निर्वाचन में उम्मीदवार की ओर से 20 हजार से अधिक का भुगतान चेक के माध्यम से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कोई भी उम्मीदवार, चुनाव अभिकर्ता या नागरिक निर्वाचन संबंधी समस्या के लिए सर्किट हाउस में प्रात: 9 बजे से 10 बजे तक संपर्क कर सकता है।

शिकायत हो तो प्रेक्षकाें को बताएं  
डीएम बी. चंद्रकला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने आलोक मालवीय को विधानसभा क्षेत्र हस्तिनापुर, सरधना और किठौर तथा विवेक कुमार गुप्ता को मेरठ कैंट, मेरठ शहर, मेरठ दक्षिण और सिवालखास विधानसभा क्षेत्र का व्यय प्रेक्षक नियुक्त किया है। व्यय प्रेक्षक आलोक मालवीय से मोबाइल नंबर 07599681520 पर संपर्क किया जा सकता है। उनके लॉयजन ऑफिसर सुदीप कुमार (ड्रग इंस्पेक्टर) का मोबाइल नंबर  09918591777 है। व्यय प्रेक्षक विवेक कुमार का मोबाइल नंबर 07599681521 है। उनके लॉयजन ऑफिसर प्रदीप दूबे (जिला आबकारी अधिकारी) का मोबाइल नंबर 09454465650 है। कोई भी व्यक्ति निर्वाचन संबंधी शिकायत इन नंबरों पर दर्ज करा सकता है।

पहले दिन पर्चे लिए, नामांकन एक भी नहीं

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 विधानसभा चुनाव के पहले चरण की नामांकन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई। पहले दिन एक भी नामांकन दाखिल नहीं हुआ। हालांकि दस लोगों ने पर्चे जरूर लिए।
जिले की सात विधानसभा सीटों के लिए नामांकन की व्यवस्था कलक्ट्रेट में की गई है। सभी सीटों के नामांकन कक्ष अलग-अलग बनाए गए। यह पहले ही माना जा रहा था कि पहले दिन शायद ही किसी का पर्चा दाखिल हो। एडीएम प्रशासन दिनेश चंद्र ने बताया कि अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से कुल दस लोगों ने पर्चे लिए हैं। जिनमें शहर सीट से अनिल कुमार, अमित भारद्वाज, दक्षिण से अतुल खोड़ावाल, हस्तिनापुर से गिरधारी लाल मौर्य एडवोकेट आदि के नाम हैं। हालांकि किसी ने नामांकन पत्र दाखिल नहीं किया।

अभी तो सिंबल भी नहीं मिले
अहम बात यह है कि अभी तक पार्टी प्रत्याशियाें को सिंबल तक नहीं मिले हैं। बसपाइयों को भी मंगलवार दोपहर को सिंबल मिल पाए। इसके अलावा नो ड्यूज तथा अन्य सभी प्रमाणपत्रों को जुटाने में भी समय लग रहा है। माना जा रहा है कि मुख्य दलों के उम्मीदवारों के नामांकन अभी देर से ही होंगे।

कड़ी रही सुरक्षा व्यवस्था
कलक्ट्रेट में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। सभी नामांकन कक्षों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बैरिकेडिंग से पूरा परिसर कवर किया गया। सभी मार्गों पर पुलिसकर्मी तैनात रहे। सभी एडीएम के अलावा जिलाधिकारी बी. चंद्रकला ने कई बार व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

पेट में मृत बच्चे को लेकर सात घंटे तक तड़पी महिला

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
उस वक्त किसी के दिल पर क्या बीती होगी, जब गर्भ में पल रहे बच्चे की जान चली गई हो और खुद की जान खतरे में हो। ऊपर से खुले में चौराहे पर प्रसव हो जाए। लावड़ निवासी 32 वर्षीय महिला मंगलवार को प्रसव पीड़ा में सात घंटे तक तड़पती रही। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सीएचसी, जिला महिला चिकित्सालय से लेकर मेडिकल कॉलेज में इलाज नहीं मिला। मेडिकल में चिकित्सकों ने भर्ती करने से इंकार किया तो परिजन उसे लेकर चल दिए। ऐसे में करीब सात घंटे की पीड़ा के बाद महिला को शाम करीब 4 बजे मेडिकल कालेज में खुले में प्रसव हो गया। उसके बाद हंगामा हुआ और मामले ने तूल पकड़ा तो आनन फानन में महिला को भर्ती कर लिया गया।
 महिला के देवर कामिल उर्फ  भूरा की जुबानी महिला की पीड़ा सुनेंगे तो आपका कलेजा भी कांप जाएगा। लेकिन मेडिकल कॉलेज में बैठे चिकित्सकों की दिल नहीं पसीजा। कामिल का कहना है कि उसकी भाभी को सुबह नौ बजे प्रसव पीड़ा हुई थी। वे उसे लावड़ पीएचसी पर लेकर पहुंचे तो उन्होंने दौराला सीएचसी रेफर कर दिया। 108 एंबुलेंस पर फोन किया तो एंबुलेंस नहीं आयी। ऐसे में किराये के वाहन से सीएचसी पर पहुंचे। लेकिन वहां से जिला महिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। वहां पर करीब 2 घंटे तक इंतजार करने के बाद एंबुलेंस पहुंची जिसके बाद जिला महिला चिकित्सालय पहुंचे।
वहां पर चिकित्सकों ने देखते ही कहा कि इनकी हालत गंभीर है और इन्हें वेंटिलेटर पर लेना पड़ सकता है। क्योंकि महिला में खून की कमी है इसलिए मेडिकल कॉलेज में ले जाओ। वहीं पर कंप्लीट ट्रीटमेंट मिल सकता है। ऐसे में हमने जिला अस्पताल में एंबुलेंस मांगी तो उन्होंने 108 पर बात कराई। लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। ऐसे में किराये का वाहन करके मेडिकल कॉलेज पहुंचे।

मेडिकल में भर्ती करने से किया इंकार
कामिल का कहना है कि जिस वक्त मेडिकल कॉलेज में पहुंचे तो दोपहर के करीब 2:30 बजे थे। हम लोग जिला महिला अस्पताल से दी गई रेफर रसीद लेकर डॉक्टर से मिले, तो उन्होंने कहा कि कागज में लिखा है कि बच्चे की पेट में ही मौत हो चुकी है। अभी हमारे पास आईसीयू में बेड खाली नहीं है। प्रसव कराने की स्थिति में मरीज की जान भी जा सकती है। इसलिए आप कहीं बाहर ले जाएं। जिस पर हमने अनुरोध किया कि मरीज अच्छे से चल फिर रही है। कम से कम आप लोग देख तो लीजिये। जिस पर डॉक्टरों ने कहा कि आप मरीज को लेकर आएं। ऐसे में बाहर गाड़ी से उतारकर मरीज को लेकर पहुंचे तो चिकित्सक ने भर्ती करने से इंकार कर दिया। चिकित्सक ने कहा कि हम रिस्क नहीं ले सकते हैं क्योंकि कंडीशन काफी खराब है और तत्काल ले जाओ।

आशा ज्योति केंद्र के सामने प्रसव
हताश और मायूस परिजन अपने मरीज को लेकर चल दिए। जैसे ही पीछे के दरवाजे से गायनी वार्ड से बाहर निकल कर चले तो कुछ दूर जाने से महिला दर्द के मारे चिल्ला उठी। आशा ज्योति केंद्र के सामने करीब शाम 4 बजे महिला की हिम्मत जवाब दे चुकी थी और चलते हुए गिर पड़ी। उसे बीच सड़क पर खुले में प्रसव हो गया। आशा ज्योति केंद्र के स्टाफ का कहना है कि जिस वक्त परिजन हमारे केंद्र के सामने उसे गाड़ी में बैठा रहे थे, तो अचानक से चिल्लाने की आवाज आई। उसके बाद हम पहुंचे तो केंद्र के सामने ही प्रसव हो गया। हालांकि बाद में हम लोगों ने दोबारा से गायनी वार्ड में जाकर महिला को भर्ती कराया। लेकिन पहले उसे डॉक्यूमेंट्स देखकर भर्ती करने से इंकार कर दिया था।

शादी में गया परिवार, चोरों ने घर खंगाला

मेरठ : मेडिकल थाना क्षेत्र के शास्त्रीनगर में बदमाशों ने एक मकान के ताले तोड़कर नगदी सहित लाखों के माल पर हाथ साफ कर दिया। घटना के समय गृह स्वामी परिवार सहित पत्नी के भांजे की शादी में गया था। विद्या मंदिर स्कूल के बराबर वाली गली में के ब्लॉक के मकान नंबर 3209 निवासी सतीश दत्त शर्मा की थापरनगर गोल चक्कर के निकट पान और कोल्ड ड्रिंक की दुकान है। सतीश के पुत्री अनु के अनुसार मंगलवार को उनका परिवार गंगानगर में अपने मामा के पुत्र की शादी में शामिल होने के लिए गया था। इसी दौरान देर रात बदमाशों ने मुख्य द्वार का ताला तोड़कर सेफ के ताले तोड़कर उसमें रखी दस हजार की नगदी, सोने का एक सेट, झुमकी, चार अंगूठी, चांदी की पांच पायल और अन्य जेवरात व दो सिलेंडर पर हाथ साफ कर गए। चोरी गए सामान की कीमत लाखों मे बताई गई है।

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