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शरीर में हो रही है आयरन की कमी तो लें इन चीजों की खुराक


प्रतीकात्मक फोटो। (Source: Dreamstime)

 हमारे शरीर के हर सेल को आयरन की जरूरत होती है। ये हमारे शरीर की आवश्यक जरुरतों में से एक है। हमें ये ध्यान रखने की जरुरत हैं कि शरीर में आयरन की कमी न हो। ऐसे में यह जरुरी है कि शरीर में आयरन की कमी न हो और पोषण देने वाला आयरन युक्त भोजन का सेवन आप कर रहे हों। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि अपनी सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए आपको कौन-सी आयरन युक्त चीजों को अपने भोजन में लेना चाहिए।

पालक- ये शरीर को मजबूत बनाता है। इसमे आयरन अधिक मात्रा में होता है जो खून की सफाई करता है साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी यह मदद करता है।

मछली- इसमें ओमेगा-3 की मात्रा अधिक होती है। साथ ही इसमें विटामिन डी भी होता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर में आयरन की कमी नहीं होगी और यह प्रोटीन का एक बढ़िया स्त्रोत है।

काले सेम- इसमें प्रोटीन और फाइबर अधिक मात्रा में होता है। ये ब्लड में इन्सुलिन की मात्रा को भी बैलेंस रखता है। जिससे डाइबटिज का खतरा भी कम होता है।

पिस्ता- इसका सेवन करने से शरीर को प्रर्याप्त मात्रा में आयरन और विटामिन बी मिलता है। साथ ही यह वजन कम और वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है।

किशमिश- अगर आपके शरीर में आयरन की काफी कमी है तो दिन में 2 से 3 तीन किशमिश खाने से इसे खत्म किया जा सकता है।

चुकन्दर- यह आयरन का अच्छा स्रोत है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है। जिनके शरीर में खून की कमी होती है उनके लिए भी ये काफी लाभदायक है।

अनार- ये आयरन और खून दोनों की कमी को पूरा करता है। रोजाना इसका जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छे से होता है।

घुटने और जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो इन घरेलू नुस्खों से पा सकते हैं छुटकारा

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एक उम्र के बाद घुटने और जोड़ों का दर्द होना सामान्य है। कई बार चोट लगने से भी घुटने या अन्य जोड़ों में दर्द होने लगता है। बुढ़ापे में शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। बढ़ती उम्र के साथ इंसान की हड्डियां भी कमजोर होती जाती हैं, जिसकी वजह से दर्द रहने लगता है। इसके लिए कई लोग डॉक्टरों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ आराम नहीं मिलता। ऐसे लोगों के लिए हम कुछ घरेलू उपचार लेकर आए हैं। जिन्हें अपनाकर वे घर बैठकर ही दर्द में आराम पा सकते हैं।

सरसों का तेल- सरसों का तेल घुटने और जोड़ों के दर्द के लिए काफी फायदेमंद होता है। एक या दो चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की तीन या चार कलियां पीसकर डालकर उसे अच्छे से पका लें। इसके बाद इस तेल को एक डिब्बे में रख लें। इस तेल की सुबह और शाम दिन में दो बार मालिश करें। इससे आपको घुटने के दर्द में राहत महसूस होगी।

हल्दी- हल्दी को एक दर्द निवारक औषधि के रूप में देखा जाता है। जोड़ों के दर्द के लिए एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी की मिलाकर रोजाना सेवन करें। एक महीने तक ऐसा करने से आपको दर्द में आराम मिलेगा और आपकी हड्डियां मजबूत होंगी। इसके अलावा सरसों के तेल में हल्दी और चुने को मिला कर उसे गरम करके इसका लेप तैयार कर लें। इस लेप को घुटने पर लगाने से भी दर्द में राहत मिलेगी।

मेथी के दाने- जोड़ों के दर्द में मेथी के दाने भी बहुत फायदेमंद होते है। मेथी के दानों का सेवन 30 से 90 दिन तक करे जिससे आपको दर्द में बहुत राहत मिलेगी। इसके अलावा मेथी का सेवन खाने में भी किया जा सकता है। साथ ही मेथी के लड्डू भी बनाए जा सकते हैं, इनका सेवन सर्दियों में ही किया जाता है।

टैटू बनवाने से हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां और परेशानियां


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टैटू देखने में सबको अच्छे लगते हैं। कुछ लोग इसे फैशन ट्रेंड की तरह फॉलो कर रहे हैं तो कुछ इसे अपने दोस्तों में अपनी ट्रेंडी पर्सनालिटी दिखाने के लिए बनवाते हैं। कुछ लोग हाथ, पैर, कंधे पर कुछ लोग चेहरे पर भी टैटू बनवाते हैं। टैटू हमेशा एक प्रोफेशनल आर्टिस्ट से बनवाना चाहिए जिससे हर तरह से आपकी स्किन को सेफ रहे। टैटू आपको कूल और फैशनेबल तो बनाता है पर अपने साथ कई तरह की परेशानियां भी लाता है। आपने शायद सुना होगा लोगों को टैटू बनवाने के कारण मरते हुए। अपनी स्किन पर स्याही लगवाना आपको कूल बनाता है पर आपकी जान भी ले सकता है। अगर आप भी टैटू बनवाने जा रहे हैं तो ये बातें अपने ध्यान में जरूर रखें।

एलर्जी और इन्फेक्शन- टैटू जिस स्याही से बनता है वो आपकी स्किन पर इन्फेक्शन कर सकती है। जिससे स्किन पर लाल धब्बे, जलन, सूजन और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।

एचआईवी और हेपेटाइटिस- ज्यादातर लोग टैटू सड़क के किनारे या ऐसे पार्लर से बनवाते हैं जो सस्ते हों, पर इसका यह नुकसान होता है कि वो लोग एक ही सुई को हर किसी पर प्रयोग करते हैं जिससे एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।

खून पतला करता है- टैटू बनवाते वक्त स्याही को स्किन में जाने से खून पतला होता है जिससे ज्यादा ब्लीडिंग होती है। जो आपके शरीर के लिए नुकसानदेह होता है.

मांसपेशियों को नुकसान- टैटू बनाते समय सुई को इतना अंदर तक चुभाया जाता है, जिससे स्किन के साथ-साथ मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचता है जिससे वो डैमेज हो सकती हैं।

प्रोफेशनल आर्टिस्ट से ही बनवाएं- अगर आप इन सब बातों को ध्यान में रखकर टैटू बनवाने जा रहे हैं तो एक प्रोफेशनल आर्टिस्ट से ही बनवाएं। यह थोड़े महंगे जरूर होते हैं पर इससे आपकी सेफ्टी की गारंटी थोड़ी बढ़ जाती है।

साफ-सफाई का रखें ध्यान- टैटू बनवाते समय अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जिस सुई से आपको टैटू बनाया जा रहा है वो नई हो, रंग, ग्लव्स भी साफ-सुथरे होने चाहिए। अगर टैटू बनाने वाला सामान ही खराब होगा तो इससे आपको एलर्जी और इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

दिल की बीमारियों को न्योता देता है बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, ये टिप्स अपनाकर पाएं इस पर काबू

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 आज जिस तरह का जीवन हम जी रहे हैं, उसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम समस्या है। खान-पान पर ध्यान ना देने के कारण हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। मोटापा बढ़ने से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इसके बढ़ने से कई सारी बीमारियां होने की संभावना होती है। कोलेस्ट्रॉल ही हार्ट से जुड़ी समस्याओं को खड़ा करता है। ऑयली, मिर्च-मसाले और जंक फूड खाने की वजह से यह समस्या बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए आज हम आपके लिए कुछ घरेलू उपाय लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

आंवला- इसमें विटामिन-सी की मात्रा अधिक होती है जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है। एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच आंवला पाउडर मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पीना लाभदायक होता है।

प्याज और लहसुन- यह दोनों कोलेस्ट्रॉल खत्म करने में बहुत सहायक होते हैं। एक चम्मच प्याज या लहसुन के रस में शहद मिलाकर रोज पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। अदरक को भी अपने खान-पान में शामिल करें।

संतरे का जूस- यह विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। रोजाना 2 से 3 ग्लास संतरे का जूस पीना आपके लिए लाभदायक साबित होगा।

बैंगन- अपने खाने में बैंगन को शामिल करें। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में भी आपकी मदद करता है।

नारियल का तेल- यह ऐसा तेल है जिससे कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। सरसों के तेल और घी की जगह नारियल के तेल का प्रयोग करें। इससे खाना भी स्वादिष्ट बनता है।

हरी सब्जियां- अपने खाने में ऐसी सब्जियां शामिल करें जो पोष्टिक आहार प्रदान करती हैं। जितना प्रोटीन आप में जाएगा उतना कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर से कम होगा।

एक्सरसाइज- यह आपको हर बीमारी से दूर रखती है। आपके शरीर को मजबूती देती है। रोज सुबह या शाम 30 मिनट अपने शरीर के स्वाथ्य के लिए एक्सरसाइज को दें।

अपने खाने में इन दस चीजों को शामिल करके पा सकते हैं लीवर की बीमारी से छुटकारा


लीवर को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल में भी बदलाव करना होगा।

लीवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए इस अंग का विशेषतौर पर ख्याल रखा जाना चाहिए। इसके खराब होने पर कई बीमारियों आपको चपेट में ले सकती हैं। इसलिए इसका स्वस्थ रहना जरूरी है। आप लीवर की बीमारियों पर केवल अपनी डाइट में बदलाव करके भी काबू पा सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपनी लाइफस्टाइल में भी थोड़ा सा बदलाव करना होगा। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपायों की लिस्ट बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन करके आप अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं।

आंवला- आंवला आपके लीवर के लिए बहुत ही फायदेमंद है। सूखे आंवले के 6-7 टुकड़े रात में पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह उस पानी का सेवन करें। ऐसा एक सप्ताह लगातार करने से लीवर से संबंधित सारी बीमारियां खत्म हो जाएंगी।

सौंफ- सौंफ की तासीर ठंडी होती है। इसका सेवन भी लीवर के लिए अच्छा होता है। सौंफ को दही में मिलाकर भूखे पेट 4-5 दिन खाएं। इससे आपका लीवर साफ हो जाएगा और स्वस्थ रहेगा। इसके साथ ही आपको शरीर के अंदर की गर्मी से भी निजात मिलेगी।

लहसुन- लीवर को साफ करने के लिए लहसुन का सेवन फायदेमंद है। यह लीवर में एन्जाइम को सक्रिय करता है, जो कि टॉक्सिन को बाहर निकाल फेंकता है। लहसुन में एलिसिन और सेलेनियम होते हैं, जो लीवर को टॉक्सिन के हमले से बचाता है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी कम करता है। लहसुन पेस्ट या पाउडर की जगह ताजा लहसुन का इस्तेमाल करें। खाने में इस्तेमाल के साथ ही रोजाना 2-3 पौथी लहसुन की रोजाना खाएं।

मौसमी- इसमें विटामिन सी की मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो कि लीवर को साफ करने में मदद करते हैं। इसका एक ग्लास जूस या फिर एक मौसमी रोजाना नाश्ते में लेने से फायदा मिलेगा।

चुकंदर- लीवर फंक्शन को मजबूत करने के लिए चुकंदर का सेवन भी लाभकारी होता है। यह खून को साफ करने में मदद करता है। इसके लिए अपनी डाइट में चुकंदर को शामिल कर लें। जूस या सलाद के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।

नींबू- एन्जाइम को सक्रिय करने के लिए नींबू का सेवन जरूरी है। इसमें काफी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जिससे एंजाइम का उत्पादन बढ़ जाता है, जो कि पाचनतंत्र को मजबूत करते हैं। इसके लिए दिन में एक ग्लास नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। नींबू का सेवन और भी कई तरीके से किया जा सकता है।

ग्रीन टी- ग्रीन टी का सेवन करने से आपके शरीर से टॉक्सिन बाहर हो जाएंगे और मोटापे में भी कमी आ जाएगी, जिससे शरीर का हाइड्रेशन स्तर बढ़ेगा। यह लीवर की बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है। रोजाना 2-3 कप ग्रीन टी पीनी चाहिए। अगर आप इसमें मीठे का स्वाद लेना चाहते हैं तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

हल्दी- लीवर को बीमारियों से दूर रखने के लिए यह भी एक अच्छी औषधि है। यह आपके लीवर को तो साफ करती ही है, साथ ही यह फेट को भी डाइजेस्ट कर जाती है। इसका सेवन खाने में तो किया ही जा सकता है। इसके अलावा एक चौथाई चम्मच हल्दी को पानी के एक गिलास में उबाल लें और कुछ सप्ताह के लिए दिन में दो बार इस पानी का सेवन करें।

सेब- एप्पल ऐसा फ्रूट है जो आपके लीवर को स्वस्थ रखता है। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकाल देता है। इसके अलावा ये कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी नियंत्रित रखता है। इसलिए रोजाना एक सेब खाएं या फिर इसका जूस का सेवन करें।

ब्रॉकली- अपनी डाइट में ब्रॉकली को शामिल करके आप अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके सेवन से शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कि आपके पाचनतंत्र को मजबूत करता है। एक सप्ताह एक कप ब्रॉकली का सेवन करें, इससे आपका लीवर स्वस्थ रहेगा।

गर्मी में बाहर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

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गर्मी का मौसम शुरू होते ही सबसे बड़ी चिंता यह हो जाती है कि कैसे धूप से खुद को बचाया जाऐ और सूरज की तेज किरणों से कैसे खुद को छुपाया जाएं। गर्मी हो सर्दी हमें काम से बाहर जाना ही पड़ता है। ऐसे में गर्मी से होने वाली बीमारियां भी हमारा पीछा नहीं छोड़ती। जरा-सी आपकी लापरवाही से उलटी-दस्त, घमोरिया, चक्कर आना जैसी बिमारियां हो सकती हैं। बाहर धूप में जाने से पहले हमेशा अपने शरीर को अच्छे से ढक ले ताकि आप धूप से भी बचा पाएं खुद को और बीमारियों से भी, इसलिए आज हम आपको ऐसे कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिनके उपयोग करके आप खुद को धूप से बचा सकता है

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं – गर्मियों में आप हमेशा याद रखे कि कहीं भी बाहर जाने से पहले अपने साथ एक पानी की बोतल जरूर लेकर जाएं क्योंकि पानी हमारे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा और रक्त प्रवाह बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं इसलिए हमें हमेशा पानी अपने साथ रखना चाहिए।

सूती और ढीले कपड़े पहनकर निकले- हमेशा बाहर जाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप चुस्त कपड़े पहन कर न जाएंगे। गर्मी में हमेशा ढीले -ढाले कपड़े पहने जिससे आप गर्मी से बच सकते है ।

सनस्क्रीन लगाकर बाहर जाएं – अगर अपनी तवचा को गर्मी में बचा कर रखना चाहते है तो हमेशा घर से बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं जिससे की आप अपनी तवचा को गर्मी में खराब होने से बचा सकते है

ठंडे फल अपने साथ जरूर रख कर ले जाएं – हमेशा याद रखे गर्मी में हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और ऐसे में केवल पानी पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी नहीं हो पाती इसलिए हमेशा अपने साथ कुछ ऐसे फल लेकर ही बाहर जाएं जिससे पानी की कमी पूरी होती हो ।

सनग्लासेस हमेशा अपने साथ रखे – गर्मी में अपनी आंखों को धूप से बचाने के लिए सनग्लासेस अपने साथ हमेशा रखें क्योंकि धूप की वजह से आंखों में जलन हो जाती है इसलिए हमेशा धूप में बाहर जाते समय सनग्लासेस जरूर लगाएं ।

भीड़ में दूसरों का पसीना खराब कर रहा है आपकी सेहत

Do you know your health is facing a threat from the sweat of others in the crowd

अगर आप भी एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करते हैं और अक्सर पसीने में नहाकर ही अपने गंतव्य तक पहुंचते हैं तो ये खबर शायद आपके लिए ही है।
आजतक आपके लिए पसीने की बदबू लोगों के सामने शर्मिंदगी की वजह बनी होगी।
क्या आप जानते हैं पसीने की वजह से आप सिर्फ शर्मिंदा ही नहीं होते बल्कि कई बीमारियों के शिकार भी हो सकते हैं वो भी तब जब ये पसीना आपका नहीं बल्कि किसी और का हो। आइए जानते हैं किसी दूसरे का पसीना आपको किस तरह बीमार बना सकता है।

वायरल संक्रमण (Viral Infections like Cold, Flu)
आपको बता दें कि वैसे तो सर्दी-जुखाम जैसे संक्रमण के वायरस पसीने में शामिल नहीं होते हैं लेकिन लोगों के नाक-रगड़ने, छींकने या सांस के जरिए ये त्वचा में मिल सकते हैं। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति किसी प्रभावित व्यक्ति को टच करता है या उसके साथ संपर्क में आता है तो वो भी इस वायरस की चपेट में आ सकता है।

हेपेटाइटिस बी वायरस (Hepatitis B Virus)
एक रिसर्च के अनुसार इस बात का खुलासा किया गया है कि हेपेटाइटिस बी का वायरस खेलों के दौरान आने वाले पसीने से फैल सकता है। आमतौर पर, यह माना जाता है कि एचबीवी (HBV) का वायरस खुले घावों और नाक की झिल्ली के जरिए फैलता है।

हाल ही में  एक ओलंपिक कुश्तीबाज पर हुए एक अध्ययन के दौरान कहा गया कि खेलों में भाग लेने वाले 11 प्रतिशत प्रतिभागियों के पसीने में रक्त में पाए जाने वाले वायरस के स्तर के समान ही इस वायरस के घटक मौजूद थे। गौरतलब हैं कि यह अध्ययन ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में भी प्रकाशित हुआ था।

इम्पेटीगो (Impetigo)
इम्पेटीगो एक अत्यधिक संक्रामक त्वचा संक्रमण है जो कि किसी संक्रमित त्वचा के माध्यम से किसी दूसरे इंसान को फैल सकता है। इस तरह का संक्रमण बच्चों में बहुत आम पाया जाता है। इसकी वजह से उन्हें त्वचा पर छाले, लाल पैच, प्लेग हो सकता है। बता दें ये वायरस स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस के कारण भी होता है।

एमआरएसए(MRSA)
मेथिसिलिन प्रतिरोधी स्ट्रैफिलोकोकस ऑरियस एक सुपर बग है जो शरीर के विभिन्न हिस्सों में पहुंच जाता है। ये संक्रमण बहुत मुश्किल से ठीक होता है। आम तौर पर इसे बाजार में उपलब्ध एंटीबायोटिक दवाओं से रोका जाता है। इसकी वजह से त्वचा पर घाव,फोड़े खून और फेफड़ों में इन्फेक्शन हो सकता है।

करनैल होटल के किचन में लगी आग

A fire in the kitchen of the hotel
होटल करनैल में लगी आग।PC: अमर उजाला ब्यूरो
आबूलेन स्थित करनैल होटल एंड रेस्टोरेंट की रसोई में लगी चिमनी में रविवार दोपहर आग लग गई। आग की लपटें बाहर सड़क तक पहुंच गई। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया। करनैल होटल के संचालक आबूलेन व्यापार संघ के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह हैं।  उन्होंने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे होटल की रसोई में लगी चिमनी के पंखे में फाल्ट हो गया, जिससे वहां आग लग गई। चिमनी के अंदर से आग लपटें और धुआं बाहर सड़क पर पहुंच गया, जिससे मार्केट में अफरा तफरी मच गई।

होटल कर्मियों और आसपास के  दुकानदारों ने अग्निशमन यंत्रों से आग पर काबू पाने की कोशिश की। बाद में घंटाघर और पुलिस लाइन से दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुुंचीं और आग पर काबू पाया। अग्निशमन विभाग के सीएफओ शिवदयाल शर्मा, एसएफओ मुकेश कुमार, एसएफओ संजीव कुमार भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि हालांकि होटल में आग से बुझाने के यंत्र थे, लेकिन कई और व्यवस्थाओं की हिदायत दी गई है।

बिजली आपूर्ति बंद की
आग
की वजह से किचन में लगीं बिजली की तारे जल गई। जिससे होटल में करंट दौड़ने की आशंका देख पूरे होटल की बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई। हालांकि आग के वक्त रेस्टोरेंट में ग्राहक ज्यादा नहीं थे। वहीं होटल संचालक नरेंद्र सिंह का कहना है कि आग से 30-40 हजार का नुकसान हुआ है।

सर्दियों का मौसम है, थोड़ा सावधान रहें

MEERUT। पहले सर्दियों के मौसम को बीमारी के लिहाज से अधिक सिक्योर समझा जाता था। सर्दियों में अपने खानपान और विशेष दिनचर्या के माध्यम से लोग काफी फिट रहते थे। लेकिन इसके विपरीत अब सर्दियों में बीमारी के खतरे गर्मियों की अपेक्षा में अधिक बढ़ गए हैं। सीनियर डायटीशियन डॉ। भावना तोमर इसको खानपान में आए बदलाव और फिजीकल एक्टीविटी में आई बेहद कमी को कारण बताती हैं.
डॉ। वीरोत्तम तोमर ने बताया कि ठंड में तापमान कम होने से बॉडी का टेंप्रेचर मौसम से कोप- अप करता है। ऐसे में वैस्क्यूलर प्रॉब्लम पैदा हो जाती है। ठंड होने से नसे सिकुड़ने लगती है, जिससे एजाइना पेन व हार्ट स्ट्रोक का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ठंड में दमा अटैक का भी खतरा बढ़ जाता है। खासकर रात में और सुबह इस बीमारी का खतरा अधिक बढ़ जाता है। ऐसे में बच्चों और बुजुर्गो का खास ख्याल रखने की जरूरत होती है.
एयर बोर्न डिजीज
– स्मॉग में खतरनाक वायसर नीचे आ जाते हैं, जो सांस के साथ फेफडों में प्रवेश कर जाते हैं।
– सर्दियों में अधिकांश लोग एक कमरे में रहना पंसद करते हैं, जिससे परिवार के एक सदस्य से बीमारी दूसरों को लगने की आशंका रहती है.
– कमरे में गैस गीजर का यूज न करें। हीटर आदि पर भी पानी से भरा बर्तन रखें, ताकि माइश्चर मेंटेन रहे.
कुछ आदत डालें
– हैंड वॉशिंग टेक्निक को अपनाएं.
– खाने में तरल पदार्थो की संख्या बढ़ाएं.
– मौसमी फलों को अधिक मात्रा में लें.
– खान- पान में बदलाव न करें। प्रयोग से बचें.
इम्यूनिटी बढ़ाएं
– योगा को दिनचर्या में लाएं.
– मानसिक तनाव से बचें, यह इम्यूनिटी वीक करती है.
– ब्रीद कंट्रोलिंग सिस्टम को सीखें.
कॉलोस्ट्रोल पर रखें कंट्रोल
– बॉडी में शुगर की मात्रा न बढ़ने दें.
– रेगुलर एक्सरसाइज कर कैलोरी बर्न करें.
– एल्कोहल से परहेज करें.
– मूंगफली अधिक मात्रा में न लें.
– इंडियन डायट को ही तरजीह दें.
– फलों और सलाद की संख्या बढ़ाएं.
– वॉक पर जरूर निकलें.
– फाइबर युक्त चीजों से परहेज रखें.
– हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें.
– धूप में बैठें, खूब पानी पिएं, नमक कम लें.
– सरसों के तेल का अधिक सेवन करें.
– 3 से 4 घंटे में कुछ न कुछ खाते रहें.
– डिनर में रोटी को अवॉयड करें। दलिया या दाल आदि लें.
– सर्दियों में दही जरूर खाएं।
– रोजाना पांच बादाम और दो अखरोट लें.
ड्रायनेस से बचें
– नहाने से पूर्व बॉडी पर सरसों के तेल से मालिश करें.
– नहाने के बाद गीले शरीर पर मॉइश्चर का यूज करें.
– सर्दियों में साबुन का इस्तेमाल न बराबर करें.
बरतें एहतियात
– दमा रोगी इनहेलर हमेशा रखें.
– बीपी पेशेंट्स रेगुलर बीपी मॉनीटर रखें.
– किडनी पेशेंट्स डॉक्टर्स के रेगुलर टच में रहें.
सर्दियों में हार्ट और दमा पेशेंट को अधिक सावधानी की जरूरत है। खानपान में बदलाव और कुछ एक्सरसाइज के माध्यम से बॉडी को फिट रखा जा सकता है।
– डॉ। वीरोत्तम तोमर, चेस्ट रोग स्पेशलिस्ट, अध्यक्ष आईएमए
सर्दियों में हमें अपने खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए। जैसे हरे पत्तेदार सब्जी, मौसमी फल व खाने में तरल पदार्थो को बढ़ाकर बीमारियों से बचा जा सकता है।
– डॉ। भावना गांधी, डायटीशियन
चिकनगुनिया के बाद सर्दियों में ज्वाइंट पेन की समस्या अधिक गहरा गई है। ऐसे में इस पेन से बचने के लिए क्या किया जाए। सर्दियों में बॉडी का ख्याल कैसे रखें.

अब कलरफुल होंगे मरीजों की बेडशीट

MEERUT। बेकद्री और बदहाली के लिए प्रसिद्ध सरकारी अस्पताल में अब प्राइवेट हॉस्पिटल से भी अधिक सुविधाएं देखने को मिलेंगी। यही कारण है कि उपकरणों से लेकर इलाज तक में आमूलचूल परिवर्तन किया जा रहा है। यही हॉस्पिटल में साफ- सफाई से लेकर मरीजों की बेडशीट तक पर पूरा फोकस किया गया है। यही कारण है कि निकट भविष्य में जिला अस्पताल में कलर शीट कोड शुरू किया जा रहा है। अब न केवल दिनों के हिसाब से बेड पर कलरफुल शीट बिछाई जाएगी, बल्कि हर आठ घंटे बाद उसको चेंज भी किया जाएगा।
पीपीपी मॉडल पर चलेगी यूनिट
उ.प्र। हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग परियोजना (यूपीएचएसएसपी) के अंतर्गत मेरठ समेत प्रदेश के 51 जिला अस्पतालों को शामिल किया गया है। परियोजना के अंतर्गत आने वाले अस्पतालों के इलाज और सुविधाओं में आमूलचूल परिवर्तन किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय से हुए यूपीएचएसएसपी के इस कांट्रेक्ट में लखनऊ की एजेंसी जेनरेटर प्राइवेट लिमिटेड को सर्विस प्रोवाइडर बनाया गया है। जिला अस्पतालों में होने वाले इस बदलाव के बजट का जिम्मा व‌र्ल्ड बैंक ने उठाया है, जबकि 15 प्रतिशत बजट एरेंज करने की जिम्मेदारी प्रदेश सरकारी को उठानी होगी.
बनेगी मैकेनाइज्ड लॉंड्री
यूपीएचएसएसपी के अंतर्गत जिला अस्पताल में एक मैकेनाइज्ड लॉंड्री बनने जा रही है। हाईटेक प्रणाली पर बनाई जाने वाले इस लॉंड्री को विदेशी तर्ज पर शुरू किया जाएगा। विदेश से आनी वाली यह लॉंड्री मशीन में 500 से अधिक बेडशीट एक साथ धुल सकेंगी। जबकि ड्रायर के माध्यम से उनकों केवल पांच मिनट के भीतर सुखाया भी जा सकेगा। प्रोजेक्ट मैनेजर नुपूर सिंह ने बताया कि इस मैकेनाइज्ड लॉंड्री को स्पेशली हॉस्पिटल्स के लिए ही डिजाइन किया गया है।
ये होगी खाशियत
– 500 से अधिक बेडशीट एक बार में धुल सकेंगी.
– एस्टीम के माध्यम से बेडशीट होंगी वॉश
– ड्रायर के माध्यम से पांच मिनट मे सुखाया जा सकेगा.
– प्रेस करने का भी होगी ऑटोमेटिक सिस्टम.
दिनों के हिसाब से बदलेगा रंग
नुपूर सिंह ने बताया कि कई बार मरीजों की बेडशीट न बदलने की शिकायत मिलती है। इन शिकायतों के आधार पर अब शीट कोड शुरू किया जा रहा है। अब प्रत्येक दिन नए कलर की बेडशीट बिछाई जाएगी, ताकि शीट न बदले जाने की शिकायत शून्य हो जाऐ। दिनों के हिसाब से कलर बदलते ही पुरानी बेडशीट का पता चल जाएगा.
मैकेनाइज्ड लॉंड्री के प्रस्ताव पर जल्द काम शुरू होने जा रहा है। इससे साफ- सफाई से लेकर मरीजों की शिकायतों में कमी आएगी। दिनों के हिसाब से कलरफुल बेडशीट बिछाई जाएंगी.