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धुएं और धुंध से सहमा शहर

fog and smoke threat city
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
मौसम में बढ़ती प्रदूषण की मात्रा और समय से पहले कोहरे की दस्तक से मौसम की चाल बदल गई है। मंगलवार सुबह जहां घना कोहरा छाया रहा, वहीं दिन में धुंध का असर भी कम नहीं हुआ। कोहरा और धुंध से दिन में ही अंधेरा छा गया। वाहन चालकों को लाइट जलानी पड़ी।
एनसीआर क्षेत्र में बढ़ रहे प्रदूषण का असर मेरठ तक दिखाई दे रहा है। हरियाणा और पंजाब में जलाई गई पराली और बढ़ते प्रदूषण के असर के चलते मौसम का मिजाज बदल रहा है। इस बार कोहरे ने भी समय से पहले दस्तक दे दी है। सुबह 10 बजे भी ऐसा लगा रहा था कि अभी दिन नहीं निकला है। सुबह के समय जहां हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही वहीं शाम को भी दिन छिपने से पहले ही चालकों को लाइट जलानी पड़ी।
कृषि विवि के मौसम वैज्ञानिक डॉ. यूपी शाही का कहना है कि अक्तूबर में बारिश नहीं हुई, हवा भी शांत चल रही है। बढ़ते डस्ट पार्टिकल और वायमुंडल में बन रही नमी के चलते धुंध और कोहरे का असर बना हुआ है। प्रदूषण बढ़ने का असर मौसम पर साफ दिख रहरा है। इस समय चल रहा मौसम ठीक नहंी है। तीन चार दिन तक मौसम ऐसे ही बना रहेगा। -,

पीएम-10 का स्तर 500 पर पहुंचा
मेरठ। एक मनुष्य दिनभर में औसतन 20 हजार सांसें लेता है। वायुमंडल में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, कार्बन-डाई-ऑक्साइड, कार्बन-मोनो-ऑक्साइड आदि गैसें निश्चित अनुपात में रहती हैं। इस अनुपात के बिगड़ने पर वायुमंडल अशुद्ध होता है, जो इंसान के लिए बेहद हानिकारक साबित हो रहा है। हवा को दूषित करने वाले कार्बन-डाई-ऑक्साइड, कार्बन-मोनो-ऑक्साइड, नाइट्रोजन-ऑक्साइड, हाइड्रोकार्बन, धूल मिट्टी के कण आदि हैं। इनकी वायु में अधिकता लोगों को बीमार कर रही है।

प्रदूषण और जहरीली गैसों का मिश्रण
मंगलवार तड़के से ही शहर में जमा स्मॉग कई तरह के प्रदूषण के कणों व जहरीली गैसों के मिश्रण से बना है। इसका असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। मौसम विभाग की मानें तो यह स्थिति दो दिन तक रहेगी। दरअसल, वाष्पन प्रक्रिया के चलते भारी व दूषित कण पानी के साथ मिलकर स्मॉग का रूप ले रहे हैं। भारी होने से यह सतह से ज्यादा ऊंचाईं तक नहीं जा पाते है। प्रदूषण नियंत्रण विभाग की मानें तो तेज हवा या बारिश होने से ही प्रदूषण के स्तर में कमी आ सकती है।

स्मॉग की वजह से पॉल्यूशन मास्क पहनकर आने को कहा
मेरठ। कोहरे और स्मॉग के बीच अचानक मौसम ने जो करवट ली है, उसे लेकर स्कूल अलर्ट हो गए हैं। वह बच्चों को मास्क पहनकर आने की सलाह दे रहे हैं। मंगलवार देर शाम दीवान पब्लिक स्कूल ने अपने छात्र-छात्राओं के लिए निर्देश जारी किया कि स्मॉग की वजह से हवा की गुणवत्ता बिगड़ी है। एहतियातन बचाव के लिए पॉल्यूशन मॉस्क पहनकर स्कूल आएं। पैरेंट्स को देर शाम यह मैसेज मोबाइल पर मिला। मौसम अभी ऐसा ही रहने का अनुमान है।

सावधान रहे मरीज
मेरठ। मौसम में धुएं और धुंध से बनी स्मोग की चादर फैली हुई है, जिसने आबोहवा को जहरीला कर दिया है, जो किसी को भी सांस का रोगी बना सकती है। लिहाजा सावधान रहने की जरूरत है। खासकर सांस, शुगर, ब्लड प्रेशर के रोगी और साइनस के मरीजों के लिए यह ज्यादा परेशानी का सबब बन सकता है।
सुबह-शाम में तापमान में गिरावट केसाथ ही हवा में पार्टिकल मैटर (पीएम) अति सूक्ष्म कण तेजी से बढ़ रहे हैं। आसमान में गिर रही ओसकेकारण नमी हो गई है। इसकी वजह से धूल के कण ऊपर नहीं उठ पा रहे हैं, जिसकी वजह से प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। इसकी वजह से धुंध फैल गई है। इससे चिकित्सकों के पास और अस्पतालों में अस्थमा, साइनस और सांस, एलर्जी के मरीजों की तादाद बढ़ने लगी है।
सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर ने बताया कि धुंध में खांसी, गले और छाती में संक्रमण आदि बीमारियां हो सकती हैं। जिन लोगों को अस्थमा है उनकेलिए धुंध काफी खतरनाक है। ऐसे लोगों को धुंध में निकलने से बचना चाहिए। धुंध अस्थमा, साइनस और एलर्जी वालों मरीजों के लिए उत्प्रेरक का काम करती है। ये कण फेफड़े में चले जाते हैं। इसके लिए प्रदूषण भी काफी हद तक जिम्मेदार है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में तो केंद्रीय आईएमए ने मेडिकल इमरजेंसी घोषित कर दी है।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. तनुराज सिरोही ने बताया कि धुंध-धुएं केकारण सांस लेने में दिक्कत होने पर कई तरह की परेशानियां होती हैं। धूल से बुखार होने का खतरा भी बना रहता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, सांस के मरीजों के लिए ये कण ज्यादा नुकसानदेह हैं। इस तरह के मौसम और धुंध से नए वायरस फैल जाते हैं, जो लोगों को कई तरह की बीमारियां देते हैं।
वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बेम्बी ने बताया कि अभी तक डेंगू और वायरल बुखार के मरीज ज्यादा आ रहे थे, मगर मंगलवार को सांस के मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई। ऐसा धुंध की वजह से हुआ है। धुंध से सांस के मरीजों की ओपीडी बढ़ जाती है। सावधानी न बरती जाए तो दिल के मरीजों के लिए ये भी यह खतरनाक हो सकता है। ऐसे मौसम में वायरल इंफेक्शन की भी आशंका बनी रहती है। रात दो बजे से सुबह सात बजे तक हार्ट और ब्रेन अटैक का खतरा ज्यादा रहता है।
मेडिकल अस्पताल के फिजिशियन डॉ. तुंगवीर सिंह आर्य ने बताया कि इस मौसम में ज्यादा हल्के कपड़े न पहनें, बल्कि स्वेटर या जैकेट पहनें। नहीं तो बीमार हो सकते हैं। गर्म सूप या पेय पदार्थ ज्यादा पिएं। शरीर में पानी की कमी न होने दें। अगर धूप निकले तो धूप में बैठें। बच्चे और बुजुर्गों को इस मौसम में ज्यादा देखभाल की जरूरत है।

प्रदूषण से हो सकती हैं ये समस्याएं
– आंखों में जलन, श्वास संबंधी परेशानियां, फेफड़ों में संक्रमण, घबराहट, सिरदर्द, तनाव, अनिद्रा, चिड़चिड़ापन, त्वचा संबंधी बीमारियां प्रदूषण की प्रमुख व तात्कालिक समस्याएं हैं।

ये सावधानियां बरतें
– सुबह और शाम केसमय टहलने से बचें
– कमरे में एग्जॉस्ट चलाएं
– घर से बाहर निकलें तो मुंह पर रूमाल लगा लें
– पेय पदार्थ ज्यादा लें, खासकर गर्म पेय पदार्थ
– घरों की खिड़कियां-दरवाजें बंद रखें
– सांस के मरीज अपनी दवाएं समय से लें
– कोई परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें

कुछ उपाय जो करेंगे प्रदूषण से बचाव
– हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करें, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप प्रदूषण से लड़ पाएंगे।
– धुंध के समय घर से बाहर न निकलें। खुले में व्यायाम करने से भी बचें।
– तरलीय पदार्थ ज्यादा से ज्यादा लें। धूम्रपान को ना कहें।
– घर के आस-पास कूड़ा-कचरा जल रहा हो तो उसकी सूचना तत्काल प्रशासन को दें।
– हो सके तो घर से बाहर निकलें तो अच्छी क्वालिटी का मास्क लगाएं।

सावधान : भूलकर भी मत खाना व्रत के लड्डू, सच्चाई जानकर चौंक जाएंगे

careful : By knowing this truth, you will not eat the laddoo
माधवपुरम में फर्श पर बनते गुड़ और चौलाई के लड् डू और जांच करते अ‌धिकारी
मेरठ में गंदगी में मिठाइयां, फर्श पर व्रत के लड्डू तैयार हो रहे हैं शहर में। जिन लड्डू को व्रत में शुद्ध समझकर हम इस्तेमाल करते हैं, उन चौलाई के लड्डूओं को बनते देखकर आप व्रत तो दूर, सामान्य खाने से भी मना कर देंगे। इस तरह गंदगी में मिठाई या खाद्य पदार्थ बनाकर ये लोग स्वास्थ्य के साथ लोगों की आस्था से भी खिलवाड़ कर रहे हैं। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम कारखानों में पहुंची तो ये हालत नजर आयी। चौलाई के लड्डू इस तरह बनते देखकर टीम भी दंग रह गई।
टीम ने दिल्ली रोड स्थित दो कारखानों में छापेमारी कर गुड़, चौलाई के लड्डू, मटर, चने की दाल और नमकीन के सैंपल ले लिए। जांच के लिए लखनऊ प्रयोगशाला भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने तक कारखाना बंद करा दिया गया है।

गोदाम में छापेमारी की

ऐसी गंदगी में बनते हैं लड्डू

मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर्वेश मिश्रा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने दोपहर में माधवपुरम में विनोद कुमार के गोदाम में छापेमारी की। जहां से गुड़, चौलाई के लड्डू और नमकीन के नमूने लिए गए। उन्होंने बताया कि गुड़ के चौलाई के लड्डू जहां बनाए जा रहे थे, वहां गंदगी थी। फर्श पर गुड़ और चौलाई का दाना पड़ा हुआ था और कारीगर लड्डू बना रहे थे। इसी जगह लोग आ जा रहे थे। इनके सैंपल लेकर कारखाने के बंद कराने के निर्देश दिए गए।

गंदगी में बनाए जा रहे खाद्य पदार्थ 
मेरठ। गंदगी में बन रहे खाद्य पदार्थों को खरीदने से रोकने के लिए एफएसडीए लोगों को जागरूक करेगा। साथ ही दुकानदारों को भी साफ-सफाई की हिदायत देते हुए कार्रवाई करेगा। एफएसडीए ने छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। मिठाई आदि खाद्य पदार्थ बनाने वाले उनके रडार पर होंगे। मंगलवार को दिल्ली रोड स्थित कंचन बंसल के कारखाने में भी छापेमारी की गई, जहां से चने की दाल और मटर की दाल के सैंपल लिए गए। इस कार्रवाई के दौरान अभिहित अधिकारी अर्चना धीरान, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अनिल गंगवार, दर्पण कुमार, वाईडी आर्य और वैभव शर्मा मौजूद रहे।

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डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

 डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

जब राहुल ने ऑरिगेनो का पैकेट खोला तो उसमें से कीड़े बाहर न‍िकलने लगे

खास बातें

  1. कीड़ों का रंग भी ऑरिगेनो की तरह था
  2. पिज्‍जा खाने के बाद राहुल बीमार पड़ गए
  3. राहुल ने कंज्‍यूमर ड‍िपार्टमेंट में भी श‍िकायत की है

नई द‍िल्‍ली : बदलती लाइफस्‍टाइल के साथ हम भारतीयों को भी प‍िज्‍जा खूब भाने लगा है. सिर्फ बच्‍चे ही नहीं बल्‍कि बड़े भी इसे खूब चाव से खाते हैं. और खाएं भी क्‍यों न प‍िज्‍जा होता ही इतना टेस्‍टी है. क्रंची बेस, चीज़ी लेयर और मनपसंद टॉपिंग की वजह से यह सबका फेवरेट बना हुआ है. ऊपर से ऑरिगेनो की सीजनिंग इसे और टेस्‍टी बना देती है. लेकिन तब आप क्‍या करेंगे जब आपको पिज्‍जा सीजनिंग में रेंगते हुए कीड़े दिख जाएं. जी हां, यह बिलकुल सच है. दरअसल, फेसबुक पर एक वीडियो पोस्‍ट किया गया है जिसमें डॉमीनोज के सीजनिंग पैकेट में कीड़े रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.

यह वीडियो दिल्‍ली के रहने वाले राहुल अरोड़ा ने पोस्‍ट किया है. अपने पोस्‍ट में उन्‍होंने  लिखा है, ‘भारत में डॉमिनोज़ पिज्‍जा प्रेमियों सावधान! वेआपको खाने के लिए ये (कीड़े) दे रहे हैं.’  हालंकि डॉमिनोज़ ने फेसबुक पर राहुल से मांफी मांगते हुए पूरे मामले की जांच का आश्‍वासन दिया है.

राहुल ने यह वीडियो 10 सितंबर को पोस्‍ट किया था. उनका दावा है कि उन्‍होंने शुक्रवार शाम ऑ‍नलाइन पिज्‍जा ऑर्डर किया था और अगले दिन सुबह उन्‍हें ऑरिगेनो में कीड़े दिखाई दिए. राहुल ने एनडीटीवी को बताया, ‘कीड़े बहुत ही छोटे थे और कोई भी उन्‍हें ऑरिगेनो ही समझता क्‍योंकि वो ज्‍़यादा हिल नहीं रहे थे. उनका रंग और आकार भी ऑरिगेनो की ही तरह था. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है इसलिए जैसे ही मैंने अपनी अंगुली से ऑरिगेनो चेक किया कीड़े बिखर गए.’ इतना ही नहीं राहुल को ऑरिगेनो के बाकि बचे चार पैकेटों में भी कीड़े मिले.


बाद में राहुल को डॉमिनोज़ से ऑडर रिप्‍लेस करने के लिए फोन भी आया. उनके मुताबिक, ‘मैंने उनसे कहा कि यह कोई लेट डिलिवरी का मामला नहीं है. उनका खराब खाना खाकर हम बीमार पड़ गए. इस मामले को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए.’

यही नहीं राहुल ने कंज्‍यूमर अफेयर डिपार्टमेंट में भी इस मामले को लेकर श‍िकायत दर्ज की है और उन्‍हें जवाब का इंतज़ार है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि अगर यह अमेरिका में हुआ होता तो क्‍या होता. भारतीय ग्राहकों के प्रति ‘चलता है’ वाले एटीट्यूड को खत्‍म होना ही चाहिए.’

शरीर में हो रही है आयरन की कमी तो लें इन चीजों की खुराक


प्रतीकात्मक फोटो। (Source: Dreamstime)

 हमारे शरीर के हर सेल को आयरन की जरूरत होती है। ये हमारे शरीर की आवश्यक जरुरतों में से एक है। हमें ये ध्यान रखने की जरुरत हैं कि शरीर में आयरन की कमी न हो। ऐसे में यह जरुरी है कि शरीर में आयरन की कमी न हो और पोषण देने वाला आयरन युक्त भोजन का सेवन आप कर रहे हों। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि अपनी सेहत को अच्छा बनाए रखने के लिए आपको कौन-सी आयरन युक्त चीजों को अपने भोजन में लेना चाहिए।

पालक- ये शरीर को मजबूत बनाता है। इसमे आयरन अधिक मात्रा में होता है जो खून की सफाई करता है साथ ही शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी यह मदद करता है।

मछली- इसमें ओमेगा-3 की मात्रा अधिक होती है। साथ ही इसमें विटामिन डी भी होता है। इसे अपनी डाइट में शामिल करने से शरीर में आयरन की कमी नहीं होगी और यह प्रोटीन का एक बढ़िया स्त्रोत है।

काले सेम- इसमें प्रोटीन और फाइबर अधिक मात्रा में होता है। ये ब्लड में इन्सुलिन की मात्रा को भी बैलेंस रखता है। जिससे डाइबटिज का खतरा भी कम होता है।

पिस्ता- इसका सेवन करने से शरीर को प्रर्याप्त मात्रा में आयरन और विटामिन बी मिलता है। साथ ही यह वजन कम और वजन को कंट्रोल करने में मदद करता है।

किशमिश- अगर आपके शरीर में आयरन की काफी कमी है तो दिन में 2 से 3 तीन किशमिश खाने से इसे खत्म किया जा सकता है।

चुकन्दर- यह आयरन का अच्छा स्रोत है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन बनता है। जिनके शरीर में खून की कमी होती है उनके लिए भी ये काफी लाभदायक है।

अनार- ये आयरन और खून दोनों की कमी को पूरा करता है। रोजाना इसका जूस पीने से ब्लड सर्कुलेशन भी अच्छे से होता है।

घुटने और जोड़ों के दर्द से हैं परेशान तो इन घरेलू नुस्खों से पा सकते हैं छुटकारा

यह फोटो प्रतीक के रूप में प्रयोग की गई है

एक उम्र के बाद घुटने और जोड़ों का दर्द होना सामान्य है। कई बार चोट लगने से भी घुटने या अन्य जोड़ों में दर्द होने लगता है। बुढ़ापे में शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है। बढ़ती उम्र के साथ इंसान की हड्डियां भी कमजोर होती जाती हैं, जिसकी वजह से दर्द रहने लगता है। इसके लिए कई लोग डॉक्टरों के चक्कर काटते रहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ आराम नहीं मिलता। ऐसे लोगों के लिए हम कुछ घरेलू उपचार लेकर आए हैं। जिन्हें अपनाकर वे घर बैठकर ही दर्द में आराम पा सकते हैं।

सरसों का तेल- सरसों का तेल घुटने और जोड़ों के दर्द के लिए काफी फायदेमंद होता है। एक या दो चम्मच सरसों के तेल में लहसुन की तीन या चार कलियां पीसकर डालकर उसे अच्छे से पका लें। इसके बाद इस तेल को एक डिब्बे में रख लें। इस तेल की सुबह और शाम दिन में दो बार मालिश करें। इससे आपको घुटने के दर्द में राहत महसूस होगी।

हल्दी- हल्दी को एक दर्द निवारक औषधि के रूप में देखा जाता है। जोड़ों के दर्द के लिए एक ग्लास दूध में एक चम्मच हल्दी की मिलाकर रोजाना सेवन करें। एक महीने तक ऐसा करने से आपको दर्द में आराम मिलेगा और आपकी हड्डियां मजबूत होंगी। इसके अलावा सरसों के तेल में हल्दी और चुने को मिला कर उसे गरम करके इसका लेप तैयार कर लें। इस लेप को घुटने पर लगाने से भी दर्द में राहत मिलेगी।

मेथी के दाने- जोड़ों के दर्द में मेथी के दाने भी बहुत फायदेमंद होते है। मेथी के दानों का सेवन 30 से 90 दिन तक करे जिससे आपको दर्द में बहुत राहत मिलेगी। इसके अलावा मेथी का सेवन खाने में भी किया जा सकता है। साथ ही मेथी के लड्डू भी बनाए जा सकते हैं, इनका सेवन सर्दियों में ही किया जाता है।

टैटू बनवाने से हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां और परेशानियां


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टैटू देखने में सबको अच्छे लगते हैं। कुछ लोग इसे फैशन ट्रेंड की तरह फॉलो कर रहे हैं तो कुछ इसे अपने दोस्तों में अपनी ट्रेंडी पर्सनालिटी दिखाने के लिए बनवाते हैं। कुछ लोग हाथ, पैर, कंधे पर कुछ लोग चेहरे पर भी टैटू बनवाते हैं। टैटू हमेशा एक प्रोफेशनल आर्टिस्ट से बनवाना चाहिए जिससे हर तरह से आपकी स्किन को सेफ रहे। टैटू आपको कूल और फैशनेबल तो बनाता है पर अपने साथ कई तरह की परेशानियां भी लाता है। आपने शायद सुना होगा लोगों को टैटू बनवाने के कारण मरते हुए। अपनी स्किन पर स्याही लगवाना आपको कूल बनाता है पर आपकी जान भी ले सकता है। अगर आप भी टैटू बनवाने जा रहे हैं तो ये बातें अपने ध्यान में जरूर रखें।

एलर्जी और इन्फेक्शन- टैटू जिस स्याही से बनता है वो आपकी स्किन पर इन्फेक्शन कर सकती है। जिससे स्किन पर लाल धब्बे, जलन, सूजन और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती है।

एचआईवी और हेपेटाइटिस- ज्यादातर लोग टैटू सड़क के किनारे या ऐसे पार्लर से बनवाते हैं जो सस्ते हों, पर इसका यह नुकसान होता है कि वो लोग एक ही सुई को हर किसी पर प्रयोग करते हैं जिससे एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैलने का खतरा रहता है।

खून पतला करता है- टैटू बनवाते वक्त स्याही को स्किन में जाने से खून पतला होता है जिससे ज्यादा ब्लीडिंग होती है। जो आपके शरीर के लिए नुकसानदेह होता है.

मांसपेशियों को नुकसान- टैटू बनाते समय सुई को इतना अंदर तक चुभाया जाता है, जिससे स्किन के साथ-साथ मांसपेशियों को भी नुकसान पहुंचता है जिससे वो डैमेज हो सकती हैं।

प्रोफेशनल आर्टिस्ट से ही बनवाएं- अगर आप इन सब बातों को ध्यान में रखकर टैटू बनवाने जा रहे हैं तो एक प्रोफेशनल आर्टिस्ट से ही बनवाएं। यह थोड़े महंगे जरूर होते हैं पर इससे आपकी सेफ्टी की गारंटी थोड़ी बढ़ जाती है।

साफ-सफाई का रखें ध्यान- टैटू बनवाते समय अपने आस-पास सफाई का ध्यान रखें। इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जिस सुई से आपको टैटू बनाया जा रहा है वो नई हो, रंग, ग्लव्स भी साफ-सुथरे होने चाहिए। अगर टैटू बनाने वाला सामान ही खराब होगा तो इससे आपको एलर्जी और इन्फेक्शन होने की संभावना बढ़ जाती है।

दिल की बीमारियों को न्योता देता है बढ़ता कोलेस्ट्रॉल, ये टिप्स अपनाकर पाएं इस पर काबू

यह तस्वीर प्रतीक के तौर पर प्रयोग की गई है
 आज जिस तरह का जीवन हम जी रहे हैं, उसमें कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक आम समस्या है। खान-पान पर ध्यान ना देने के कारण हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है। मोटापा बढ़ने से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है। इसके बढ़ने से कई सारी बीमारियां होने की संभावना होती है। कोलेस्ट्रॉल ही हार्ट से जुड़ी समस्याओं को खड़ा करता है। ऑयली, मिर्च-मसाले और जंक फूड खाने की वजह से यह समस्या बढ़ जाती है। कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए आज हम आपके लिए कुछ घरेलू उपाय लेकर आए हैं जिन्हें अपनाकर कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ कई बीमारियों से बचा जा सकता है।

आंवला- इसमें विटामिन-सी की मात्रा अधिक होती है जो कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायक होता है। एक ग्लास गर्म पानी में एक चम्मच आंवला पाउडर मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पीना लाभदायक होता है।

प्याज और लहसुन- यह दोनों कोलेस्ट्रॉल खत्म करने में बहुत सहायक होते हैं। एक चम्मच प्याज या लहसुन के रस में शहद मिलाकर रोज पीने से शरीर में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है। अदरक को भी अपने खान-पान में शामिल करें।

संतरे का जूस- यह विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। रोजाना 2 से 3 ग्लास संतरे का जूस पीना आपके लिए लाभदायक साबित होगा।

बैंगन- अपने खाने में बैंगन को शामिल करें। यह आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है। कोलेस्ट्रॉल को खत्म करने में भी आपकी मदद करता है।

नारियल का तेल- यह ऐसा तेल है जिससे कोलेस्ट्रॉल नहीं बढ़ता। सरसों के तेल और घी की जगह नारियल के तेल का प्रयोग करें। इससे खाना भी स्वादिष्ट बनता है।

हरी सब्जियां- अपने खाने में ऐसी सब्जियां शामिल करें जो पोष्टिक आहार प्रदान करती हैं। जितना प्रोटीन आप में जाएगा उतना कोलेस्ट्रॉल आपके शरीर से कम होगा।

एक्सरसाइज- यह आपको हर बीमारी से दूर रखती है। आपके शरीर को मजबूती देती है। रोज सुबह या शाम 30 मिनट अपने शरीर के स्वाथ्य के लिए एक्सरसाइज को दें।

अपने खाने में इन दस चीजों को शामिल करके पा सकते हैं लीवर की बीमारी से छुटकारा


लीवर को स्वस्थ रखने के लिए लाइफस्टाइल में भी बदलाव करना होगा।

लीवर हमारे शरीर का महत्वपूर्ण अंग है। इसलिए इस अंग का विशेषतौर पर ख्याल रखा जाना चाहिए। इसके खराब होने पर कई बीमारियों आपको चपेट में ले सकती हैं। इसलिए इसका स्वस्थ रहना जरूरी है। आप लीवर की बीमारियों पर केवल अपनी डाइट में बदलाव करके भी काबू पा सकते हैं। इसके साथ ही आपको अपनी लाइफस्टाइल में भी थोड़ा सा बदलाव करना होगा। आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू उपायों की लिस्ट बताने जा रहे हैं, जिनका सेवन करके आप अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं।

आंवला- आंवला आपके लीवर के लिए बहुत ही फायदेमंद है। सूखे आंवले के 6-7 टुकड़े रात में पानी में भिगोकर रख दें। इसके बाद सुबह उस पानी का सेवन करें। ऐसा एक सप्ताह लगातार करने से लीवर से संबंधित सारी बीमारियां खत्म हो जाएंगी।

सौंफ- सौंफ की तासीर ठंडी होती है। इसका सेवन भी लीवर के लिए अच्छा होता है। सौंफ को दही में मिलाकर भूखे पेट 4-5 दिन खाएं। इससे आपका लीवर साफ हो जाएगा और स्वस्थ रहेगा। इसके साथ ही आपको शरीर के अंदर की गर्मी से भी निजात मिलेगी।

लहसुन- लीवर को साफ करने के लिए लहसुन का सेवन फायदेमंद है। यह लीवर में एन्जाइम को सक्रिय करता है, जो कि टॉक्सिन को बाहर निकाल फेंकता है। लहसुन में एलिसिन और सेलेनियम होते हैं, जो लीवर को टॉक्सिन के हमले से बचाता है। इसके अलावा यह कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी कम करता है। लहसुन पेस्ट या पाउडर की जगह ताजा लहसुन का इस्तेमाल करें। खाने में इस्तेमाल के साथ ही रोजाना 2-3 पौथी लहसुन की रोजाना खाएं।

मौसमी- इसमें विटामिन सी की मात्रा होती है। इसके अलावा इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो कि लीवर को साफ करने में मदद करते हैं। इसका एक ग्लास जूस या फिर एक मौसमी रोजाना नाश्ते में लेने से फायदा मिलेगा।

चुकंदर- लीवर फंक्शन को मजबूत करने के लिए चुकंदर का सेवन भी लाभकारी होता है। यह खून को साफ करने में मदद करता है। इसके लिए अपनी डाइट में चुकंदर को शामिल कर लें। जूस या सलाद के रूप में इसका सेवन किया जा सकता है।

नींबू- एन्जाइम को सक्रिय करने के लिए नींबू का सेवन जरूरी है। इसमें काफी मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है, जिससे एंजाइम का उत्पादन बढ़ जाता है, जो कि पाचनतंत्र को मजबूत करते हैं। इसके लिए दिन में एक ग्लास नींबू पानी का सेवन करना चाहिए। नींबू का सेवन और भी कई तरीके से किया जा सकता है।

ग्रीन टी- ग्रीन टी का सेवन करने से आपके शरीर से टॉक्सिन बाहर हो जाएंगे और मोटापे में भी कमी आ जाएगी, जिससे शरीर का हाइड्रेशन स्तर बढ़ेगा। यह लीवर की बीमारियों को दूर रखने में मदद करती है। रोजाना 2-3 कप ग्रीन टी पीनी चाहिए। अगर आप इसमें मीठे का स्वाद लेना चाहते हैं तो इसमें शहद भी मिला सकते हैं।

हल्दी- लीवर को बीमारियों से दूर रखने के लिए यह भी एक अच्छी औषधि है। यह आपके लीवर को तो साफ करती ही है, साथ ही यह फेट को भी डाइजेस्ट कर जाती है। इसका सेवन खाने में तो किया ही जा सकता है। इसके अलावा एक चौथाई चम्मच हल्दी को पानी के एक गिलास में उबाल लें और कुछ सप्ताह के लिए दिन में दो बार इस पानी का सेवन करें।

सेब- एप्पल ऐसा फ्रूट है जो आपके लीवर को स्वस्थ रखता है। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कि शरीर से टॉक्सिन बाहर निकाल देता है। इसके अलावा ये कोलेस्ट्रॉल स्तर को भी नियंत्रित रखता है। इसलिए रोजाना एक सेब खाएं या फिर इसका जूस का सेवन करें।

ब्रॉकली- अपनी डाइट में ब्रॉकली को शामिल करके आप अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं। इसके सेवन से शरीर से टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। इसमें काफी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो कि आपके पाचनतंत्र को मजबूत करता है। एक सप्ताह एक कप ब्रॉकली का सेवन करें, इससे आपका लीवर स्वस्थ रहेगा।

गर्मी में बाहर निकलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

यह फोटो प्रतीक के रूप में प्रयोग की गई है

गर्मी का मौसम शुरू होते ही सबसे बड़ी चिंता यह हो जाती है कि कैसे धूप से खुद को बचाया जाऐ और सूरज की तेज किरणों से कैसे खुद को छुपाया जाएं। गर्मी हो सर्दी हमें काम से बाहर जाना ही पड़ता है। ऐसे में गर्मी से होने वाली बीमारियां भी हमारा पीछा नहीं छोड़ती। जरा-सी आपकी लापरवाही से उलटी-दस्त, घमोरिया, चक्कर आना जैसी बिमारियां हो सकती हैं। बाहर धूप में जाने से पहले हमेशा अपने शरीर को अच्छे से ढक ले ताकि आप धूप से भी बचा पाएं खुद को और बीमारियों से भी, इसलिए आज हम आपको ऐसे कुछ ऐसे तरीके बता रहे हैं, जिनके उपयोग करके आप खुद को धूप से बचा सकता है

पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं – गर्मियों में आप हमेशा याद रखे कि कहीं भी बाहर जाने से पहले अपने साथ एक पानी की बोतल जरूर लेकर जाएं क्योंकि पानी हमारे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा और रक्त प्रवाह बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं इसलिए हमें हमेशा पानी अपने साथ रखना चाहिए।

सूती और ढीले कपड़े पहनकर निकले- हमेशा बाहर जाने से पहले इस बात का ध्यान रखें कि आप चुस्त कपड़े पहन कर न जाएंगे। गर्मी में हमेशा ढीले -ढाले कपड़े पहने जिससे आप गर्मी से बच सकते है ।

सनस्क्रीन लगाकर बाहर जाएं – अगर अपनी तवचा को गर्मी में बचा कर रखना चाहते है तो हमेशा घर से बाहर जाने से पहले सनस्क्रीन जरूर लगाएं जिससे की आप अपनी तवचा को गर्मी में खराब होने से बचा सकते है

ठंडे फल अपने साथ जरूर रख कर ले जाएं – हमेशा याद रखे गर्मी में हमारे शरीर में पानी की कमी हो जाती है और ऐसे में केवल पानी पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी नहीं हो पाती इसलिए हमेशा अपने साथ कुछ ऐसे फल लेकर ही बाहर जाएं जिससे पानी की कमी पूरी होती हो ।

सनग्लासेस हमेशा अपने साथ रखे – गर्मी में अपनी आंखों को धूप से बचाने के लिए सनग्लासेस अपने साथ हमेशा रखें क्योंकि धूप की वजह से आंखों में जलन हो जाती है इसलिए हमेशा धूप में बाहर जाते समय सनग्लासेस जरूर लगाएं ।


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