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आरबीआई ने दी राहत: एक फरवरी से एटीएम से पैसे निकालने पर कोई लिमिट नहीं

 एटीएम के सामने खड़ी लंबी कतार। (Representative Image)

आम लोगों व छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार (30 जनवरी) को एटीएम व चालू खातों से दैनिक नकदी निकासी पर सीमा को आज समाप्त कर दिया लेकिन बचत बैंक खातों से निकासी पर 24000 रुपए की साप्ताहिक सीमा जारी रहेगी। यानी बचत बैंक खातों से अब एक दिन में एटीएम से अधिकतम 24000 रुपए तक की निकासी की जा सकती है। केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही वादा किया है कि प्रणाली में नकदी लौटने की गति को ध्यान में रखते हुए वह साप्ताहिक सीमा पर भी भविष्य में फिर से विचार करेगा। केंद्रीय बैंक ने कहा है,‘बाजार में गयी नकदी के बैंक में लौटने की गति की समीक्षा करने के बाद पूर्व की स्थिति को आंशिक रूप से बहाल करने का फैसला किया गया है।’ इसके अनुसार एक फरवरी 2017 से एटीएम से नकदी निकासी की दैनिक सीमा नहीं रहेगी। हालांकि बैंकों से अपनी अपनी निकासी सीमा तय करने को कहा गया है जैसा कि वे 8 नवंबर 2016 से पहले कर रहे थे।

सरकार ने उसी इसी दिन 1000 और 500 रुपए मूल्य के पुराने नोटों पर पाबंदी की घोषणा करते हुए नकदी निकासी पर विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगाए थे। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू खातों, नकदी ऋण खातों व ओवर ड्राफ्ट खातों से नकदी निकासी की सारी सीमाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला किया है। इसके अनुसार,‘बचत बैंक खातों पर सीमाएं फिलहाल जारी रहेंगी और निकट भविष्य में इन्हें हटाने पर विचार किया जा रहा है।’ सरकार व रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद नकदी संकट को देखते हुए बैंकों व एटीएम से निकासी पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि बाद में 2000 और 500 रुपए के नए नोटों की आपूर्ति बढाने के साथ इन प्रतिबंधों में क्रमिक ढील दी गई।

बस-कार की टक्कर में दो घायल

बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन के सामने मंगलवार शाम 7:30 बजे प्राइवेट बस और स्विफ्ट कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इससे स्विफ्ट के परखच्चे उड़ गए। कार सवार प्रधान और उनका साथी गंभीर रुप से घायल हो गया। हादसे का कारण सड़क के किनारे खडे़ ट्रक बताए गए है। सूचना देने के 50 मिनट बाद पुलिस पहुंची। इस पर पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने हंगामा किया।

खरखौदा थाना क्षेत्र के नरहाड़ा ग्राम प्रधान रणसिंह अपने दोस्त सतवीर निवासी गगोलपुर के साथ स्विफ्ट कार से लौट रहे थे। सुपरटेक पामग्रीन के सामने सड़कों पर ट्रक और टैंकर खडे़ थे। खरखौदा की तरफ से आती एक प्राइवेट बस ने स्विफ्ट में टक्कर मार दी। हादसे की जानकारी लगते ही सुपरटेक पामग्रीन पर तैनात गार्ड और वहां से गुजरते लोगों ने स्विफ्ट की खिड़की तोड़कर घायल रणसिंह और सतवीर को निकाला। इस दौरान चालक छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंचे सुपरटेक के लोगों ने यूपी-100 को इसकी सूचना दी। काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची। लोगों ने एक कार से दोनो घायलों को बागपत रोड पर केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां से दोनों को आनंद हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। करीब 50 मिनट बाद इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी मौके पर पहुंचे तो लोगों ने हंगामा किया। हालांकि हॉस्पिटल में दोनों की हालत ठीक बताई गई है। प्रधान ने बताया कि स्विफ्ट कार सतवीर चला रहे थे।

खड़े ट्रक से बने हादसे की वजह
लोगों ने बताया कि सड़क के किनारे खडे़ ट्रक और टैंकर हादसे की वजह बन रहे है। बस-स्विफ्ट का भी हादसा भी इस वजह से हुआ है। बस ड्राइवर को सड़क के किनारे खड़े ट्रक नहीं दिखे और उन्होंने स्विफ्ट में टक्कर मार दी। लोगों ने सड़क के किनारे खडे़ ट्रक और टैंकर को हटवाने की मांग की।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी
नवीन मंडी से सब्जी लेकर हापुड़ का एक फौजी गाड़ी से आया था। हादसा देखकर वह भी घटनास्थल पर रुक गया। फौजी ने कहा कि मुख्यमंत्री को यूपी 100 हटा देनी चाहिए। सूचना पर 50 मिनट देरी से पहुंचेगी, तब तक आदमी मर जाएगा। लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान जाम लग गया था।

पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य, कहा- सपा और बसपा ने किया प्रदेश का बेड़ा गर्क

मेरठ में परीक्षितगढ़ मार्ग पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नोटबंदी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने का काम किया, लेकिन राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव और मायावती इसका विरोध कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सपा और बसपा पर तंज कसते हुए कहा कि इन दोनों ही पार्टियों ने पिछले 10 सालों में उत्तर प्रदेश का बेड़ा गर्क किया है। इस सम्मेलन में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक जयप्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन संयोजक पूर्व एमएलसी लोकेश प्रजापति आदि शामिल रहे। खास बात यह है कि बसपा छोड़कर आए धर्मेंद्र भारद्वाज और रविंद्र गुर्जर ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया। जेल जाने वालों में दो साल का मासूम भी है। हैरत की बात यह है कि आनंद शर्मा, उनकी पत्नी सरला और बेटी करिश्मा हत्या की सूचना छिपाने के आरोपी हैं, उन्हें भी पुलिस ने हत्यारोपी बना दिया है।

नईम गाजी की हत्या जयदेवी नगर के प्रीत विहार में आनंद शर्मा के घर पर की गई। पुलिस का दावा है कि उस समय घर में आनंद शर्मा, उनकी पत्‍‌नी सरला, बेटी करिश्मा, दामाद विशाल, भतीजा अभिषेक उर्फ हैप्पी, रिश्तेदार रमाशंकर और नौकर दिनेश था। पुलिस ने इस घर के अंदर मौजूद कुत्ते टॉमी को छोड़कर सभी को हत्या का आरोपी बना दिया है। जांच के बजाय सभी को आरोपी बना देने के पीछे राजनीतिक दबाव की बात की जा रही है। कचहरी में पेश होने वाले आरोपियों में से आनंद शर्मा की बेटी करिश्मा और पत्‍‌नी सरला चीख-चीख कर कह रहे थे कि उन्होंने नईम की हत्या नहीं की है। करिश्मा दो साल के बेटे को गोद में लेकर कसम तक ले रही थी। उसका कहना था कि हत्या वाले दिन तो पति विशाल के साथ ज्वालापुर हरिद्वार में थी। तब भी उन्हें हत्या में आरोपी बना दिया है। खुद कप्तान स्वीकार भी कर रहे थे कि पूरे परिवार से लगातार नौ दिनों तक पूछताछ की है। उसके बावजूद भी परिवार के किसी सदस्य ने नईम के बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी है। ऐसे में साफ है कि उन पर हत्या में सूचना छिपाने का आरोप बनता है। सवाल उठता है कि फिर सभी आरोपियों को हत्या में शामिल क्यों किया गया?

एक कटर और इतने हत्यारे?

नईम गाजी का शव मिलते ही पुलिस के आला अफसरों ने सपा के कद्दावर नेताओं से संपर्क कर लिया था, जिसमें तय हुआ था कि भीड़ को काबू में करने के लिए पीड़ित परिवार को अपनापन दिखाकर बवाल नहीं होने देना है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तभी तय हुआ था कि आनंद शर्मा के पूरे परिवार को जेल भेजा जाएगा। एसएसपी जे रविंदर गौड का कहना है कि पूरा परिवार हत्या करने में शामिल था। पुलिस ने हैप्पी और रमाशंकर की निशानदेही पर हेलमेट, स्कूटी और कटर बरामद किया है। सभी के हत्यारोपी बनाने पर सवाल उठता है क्या कटर सभी ने बारी-बारी से चलाया।

ये लगाई गई धाराएं

364 आइपीसी : अपहरण। कर लेना।

302 आइपीसी : हत्या।

201 आइपीसी : हत्या के बाद साक्ष्य मिटाना।

147 आइपीसी : अपराध में सभी की सहमति।

149 आइपीसी : मारपीट करना।

34 आइपीसी : हत्या की नीयत से हमला करना।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला। परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर बदमाश शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने डकैती की घटना को भी चोरी में दर्ज किया है।

खिवाई गांव की प्रधान नसीम के पड़ोस में ही चचेरे ससुर हशमत रहते हैं। मंगलवार को हशमत अपनी पत्नी के साथ मेरठ गए थे। घर पर हशमत का साला आलमगीर निवासी ग्राम बड़ौदा जिला हापुड़ अपनी पत्नी व बहन के बच्चों के साथ सोया हुआ था। देर रात्रि हथियारों से लैस आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश मकान की छत से घर में प्रवेश कर गए। बच्चों व आलमगीर को उठाकर गन प्वाइंट पर ले लिया। सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। सेफ की चाबी लेकर उनमें रखी पचास हजार रुपये की नकदी के साथ सोने-चांदी के करीब तीन लाख रुपये के आभूषण व कीमती कपड़ा लूट लिया। आधा घंटे से अधिक समय तब बदमाशों ने मकान को खंगाला।

बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर घटना की जानकारी ग्रामीणों और कंट्रोल रूम को दी। पुलिस के न पहुंचने पर थाने को घटना की जानकारी दी गई। मकान मालिक हशमत ने तहरीर पर चोरी में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

मनमाफिक पुलिस ने लिखवाई तहरीर

-पीड़ित के बड़े भाई व प्रधान के ससुर रौनक अली ने बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें कहा कि पचास हजार की नकदी घर में रहने की बात से आप जांच के घेरे में आ जाओगे। आप कम राशि ही तहरीर में लिखना। पुलिस ने पीड़ित से दस हजार रुपये की नकदी ही लिखवाई। हालांकि थाना प्रभारी ने ऐसी किसी बात से इन्कार किया है।

चौकी इंचार्ज का सीयूजी दो माह से बंद

– खिवाई में रिपोर्टिग चौकी होने के बाद वहां पर तैनात चौकी प्रभारी का सीयूजी दो माह से लगातार बंद है। चौकी क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांव आते हैं। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सिम है। सरकारी फोन में ही डाला जाएगा वह अपने व्यक्तिगत फोन में क्यों डाले?

इन्होंने कहा

मेरे संज्ञान में खिवाई चौकी पर सीयूजी फोन होने की जानकारी नहीं है अगर सीयूजी दो माह से बंद है तो मामला गंभीर है। उसे शीघ्र ही चालू करा दिया जाएगा। चोरी में रिपोर्ट दर्ज कैसे की, इसकी जानकारी इंस्पेक्टर से मांगी जा रही है।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर फैक्ट्री ने भारी मात्रा में नकली माल बरामद किया है। फैक्ट्री संचालक, पार्टनर और मकान स्वामी को पकड़ लिया गया है। ढाई माह पहले ही फैक्ट्री गाजियाबाद से मेरठ शिफ्ट हुई थी। बरामद रजिस्ट्रर से जानकारी मिली है की करोड़ों रुपये का सामान मेरठ समेत पांच जनपदों में सप्लाई किया जा रहा था।

गुरुवार को टीपीनगर पुलिस की टीम ने गंगा विहार में कंकरखेड़ा के पठानपुर निवासी विपिन कुमार के मकान पर छापा मारा। विपिन ने मकान को अमित जैन निवासी नई बस्ती, बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर को किराए पर दिया हुआ था। अमित जैन मकान के अंदर रणजीत कश्यप निवासी अशदपुर निवाड़ी गाजियाबाद के साथ मिलकर नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट और समोसम बना रहे थे। पुलिस ने आवास के अंदर से विभिन्न कंपनियों की वाल पट्टी के 100 कट्टे बरामद किए। 400 कट्टे अ‌र्द्ध बने हुए थे। 1500 रेपर मिले है, जो जेके सीमेंट, सुपर डायमंड, बिरला, रॉयल, सम्राट समेत 15 ब्रांडेड कंपनी के थे। इन कंपनियों की नकली वाल पट्टी भरकर मार्केट में उतारी जा रही है। 4000 कट्टे मिले है, जो समोसम की एशियन, बर्जर और नरोलक कंपनी के तैयार किए जा रहे थे। साथ ही एशियन पेंट के खाली डिब्बे भी बरामद हुए है। साथ ही चार ली की बाल्टी और एक तथा आधे लीटर के भरे और खाली डिब्बे भी बरामद किए गए है। पुलिस ने मौके से अमित जैन, मकान स्वामी विपिन और पार्टनर रणजीत कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। साथ मौके से बरामद सामान को ट्रक में रखवा कर थाने लगाया गया, जिसमें पेकिंग मशीन से लेकर कट्टों पर मार्का तैयार करने वाली स्क्रीन भी है, जिनके जरिए तत्काल किसी भी कंपनी का कट्टा तैयार कर वाल पट्टी और समोसम भरा जाता था। रसीद बुक भी मिली है, जिस पर 2015 से बिल कट रहे है। हालांकि यह फैक्ट्री गंगानगर में ढाई माह पहले आई थी। पहले गाजियाबाद में फैक्ट्री से माल सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर माल सप्लाई करने वाले दुकानदार और गाजियाबाद की फैक्ट्री के बारे में जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर सचिन मलिक ने बताया कि फैक्ट्री में करोड़ों की नकली वाल पट्टी, पेंट और समोसम सप्लाई हो चुका है। बड़ा गैंग इसके पीछे काम कर रहा है। पुलिस बाकी लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है।

मेरठ पहुंचे मुलायम सिंह यादव, नोटबंदी पर कहा- बीजेपी को जवाब देगी जनता

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव बुधवार को मेरठ पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर बीजेपी को जनता जवाब जरूर देगी। सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘बैंकों में पैसा नहीं है और लोग लाइन में खड़े है।’ मुलायम सिंह यहीं नहीं रूके इसके बाद उन्होंने कहा कि लोगों के घर में खाने के लिए अनाज नहीं है। ऐसे में गरीब लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। मुलायम ने कहा कि केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
जानें मेरठ क्यों आए मुलायम
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव बुधवार को सपा नेता मोहम्मद अब्बास की बेटी की शादी में पहुंचे थे। इस बीच उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और बीजेपी वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुलायम सिंह ने कहा कि 2017 में सपा की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से पहले सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। वहीं रालोद और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर उन्होंने चुप्पी साधी।

कैश न मिलने पर बैंक मैनेजर और स्टाफ बंधक बनाया

सरधना रोड जंगेठी गांव स्थित सिंडिकेट शाखा में कैश न मिलने से गुस्साए ग्रामीणों ने मंगलवार को शाखा प्रबंधक और स्टाफ को बंधक बना लिया। हंगामे की सूचना पर पहुंची कंकरखेड़ा पुलिस ने लोगों को समझाकर मैनेजर को बंधनमुक्त कराया।
पुलिस के अनुसार ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक में पर्याप्त कैश न होने पर रोजाना ही हंगामा होता है। मंगलवार सुबह बैंक खुलते ही काफी संख्या में ग्रामीण लाइन में लगे थे। काफी देर बाद बैंक कर्मचारियों ने बताया कि कैश नहीं आया है। यह सुनते ही ग्रामीण भड़क गए और हंगामा करना शुरू कर दिया। ग्रामीण जबरन बैंक का दरवाजा खोलकर घुस गए और प्रबंधक पवन कपूर व अन्य कर्मचारियों को बंधक बना लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि वे कई दिनों से रोजाना लाइन में लग रहे हैं। लेकिन उन्हें कैश नहीं मिल रहा। बैंक कर्मी बहानेबाजी करते हैं। नगदी न होने से किसान न तो फसल बो पा रहे हैं और न पशुओं के लिए चारे का प्रबंध कर पा रहे हैं। प्रबंधक का कहना है कि कई दिनों से बैंक में कैश नहीं आ रहा है। जिसकी वजह से परेशानी बन रही है। अभद्रता करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ तहरीर देने पर विचार किया जा रहा है।

नईम गाजी की हत्या के बाद शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस का सख्त पहरा

अपहृत नईम गाजी का शव हत्यारोपी की निशानदेही पर बरामद होते ही सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए संवेदनशील भगत सिंह मार्केट और हापुड़ अड्डा चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दिन निकलने से पहले ही भारी पुलिस फोर्स ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली।
मंगलवार तड़के 4.15 बजे नईम गाजी का शव सड़ी हुई हालत में पुलिस ने बरामद किया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी जे. रविंदर गौड़ तड़के 4:30 बजे ही एक्टिव हो गए थे। उन्होंने लखनऊ समेत अपने उच्चाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसके बाद तीन कंपनी आरएएफ, दो कंपनी पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ के अलावा हापुड़ और गाजियाबाद से पुलिस फोर्स करीब एक घंटे के अंदर ही हापुड़ अड्डा पर पहुंच गई। इस दौरान नौचंदी और कोतवाली में हाल में तैनात रहे थानेदारों को भी माहौल को काबू में रखने के लिए विशेष तौर पर बुलाया गया।

आधी रात को ही बन गया था प्लान
हत्यारोपी हैप्पी और रमाशंकर से सोमवार आधी रात को गहन पूछताछ के बाद ही साफ हो गया था कि नईम गाजी की हत्या कर दी गई है। जिसके बाद पुलिस टीमों ने तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। मंगलवार को बवाल के अंदेशे के चलते हापुड़ रोड और गढ़ रोड के ट्रैफिक को भी तड़के से ही डायवर्ट कर दिया गया था। जिसके चलते हापुड़ अड्डे पर केवल पुलिस की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थीं। वैसे भी नईम का शव बरामद होने की खबर शहर में फैलने के बाद अधिकांश लोगों ने हापुड़ अड्डे की तरफ जाने से परहेज किया।

जमकर नारेबाजी, हंगामा
नईम का शव मिलने की सूचना पर हापुड़ अड्डा, सोहराब गेट, भगत सिंह मार्केट में सैकड़ों लोग सड़क पर आ गए। एसपी क्राइम, एसपी सिटी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, जिले के सभी सीओ और थानेदार इस दौरान फोर्स के साथ पूरे इलाके को कवर किए रहे। भीड़ ने कई बार नारेबाजी करते हुए खूब हंगामा किया। हत्यारोपियों को फांसी देने की मांग की। कई बार पुलिस अफसरों ने तो शहर काजी ने लोगों से संयम बरतने की अपील की। शाम तक इलाके में फोर्स तैनात रही।

आधा शहर रहा जाम के हवाले
बवाल के अंदेशे पर हापुड़ रोड और गढ़ रोड पर रूट डायवर्जन से शहर के बाकी इलाकों में दिन भी जाम की स्थिति रही। एसपी ट्रैफिक किरण यादव के अनुसार हापुड़ अड्डा चौराहे को जोड़ने वाले सभी चौराहों पर मंगलवार तड़के से ही बैरियर लगाकर रूट डायवर्ट कर दिया गया था। जो शाम पांच बजे तक लागू रहा। इस दौरान लोगों ने वैकल्पिक मार्गों का सहारा लिया तो अन्य रास्तों पर बुरी तरह जाम लग गया। बेगमपुल, ईव्ज चौराहा, गांधी आश्रम चौराहा, दिल्ली रोड, भूमिया पुल के अलावा शहर के पुराने बाजारों में जाम लगा रहा।

दोनों पत्नियों और बच्चों का हाल बेहाल
दोपहर दो बजे पोस्टमार्टम के बाद नईम का शव घर पर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। नईम की दो पत्नियां हैं। जिनमें एक रुखसाना के पांच बच्चे अरमान (10), फराज, फईम, आंचल और उल्फत (2) है। जबकि शास्त्रीनगर में रह रही दूसरी पत्नी खुशबू के तीन बच्चे पिंजा, तमील और गुड्डू है। खुशबू ने धर्म परिवर्तन कर नईम से शादी की थी। दोनों पत्नियों और बच्चों का रो रोकर बुरा हाल था।

बड़ी कार्रवाई की तैयारी में आयकर विभाग, क्लर्क से लेकर शहर के इन अफसरों तक की होगी जांच

आयकर विभाग इस समय काला धन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में जुटा है। विभागीय अधिकारी ऐसे लोगों की मेरिट तैयार कर रहे हैं। इसमें सबसे पहले सरकारी विभागों के अधिकारी, अभियंता, क्लर्क के साथ ही शिक्षण संस्थान संचालक हैं। इसके बाद सराफा व्यवसायी और बिल्डरो के साथ कुछ ठेकेदार भी हैं। इनमें एक दर्जन से ज्यादा लोगों को विभाग ने कार्रवाई की टॉप सूची में रखा है।
आयकर विभाग ने बैंक से लेनदेन की तमाम जानकारी जहां इकट्ठा कर ली है। वहीं, चर्चाओं के बीच संदेह के दायरे में आने वाले लोगों की फोन रिकॉर्डिंग भी नोटबंदी के बाद से शुरू कर दी थी। विभागीय सूत्रों की मानें तो सामान्य नोटिस की प्रक्रिया से अलग विभाग ने ऐसे संदिग्धों की सूची तैयार की है, जिनके पास काला धन होने की संभावनाएं सबसे ज्यादा जतायी जा रही हैं। इनमें निर्माण और विकास कार्यों से जुड़े अभियंताओं के साथ ही विकास प्राधिकरणों, आवास विकास और पावर कारपोरेशन के कुछ अधिकारी और अभियंता के अलावा कुछ अन्य विभागों के अधिकारी और क्लर्क भी शामिल हैं।

शहर में तैनात कई अधिकारी नोट बंदी के बाद कुछ दिन कार्यालयों से नदारद रहते हुए कहीं ओर सक्रिय नजर आये। ऐसे अधिकारियों को विभाग ने चिह्नित किया है। वहीं चर्चा है कि कुछ अधिकारी ऐसे भी हैं, जिनकी निकटता इस समय ऐसे व्यापारियों और उद्यमियों से बन गयी, जो बिल्डर बन चुके हैं। इनके माध्यम से अधिकारियों ने अपना काला धन खपाने का प्रयास किया है।

सर्विलांस बनेगा कार्रवाई का आधार
एक बड़े अधिकारी की मानें तो आयकर विभाग ने कई विभागों के अधिकारियों, इंजीनियरों और क्लर्कों के साथ ही उनसे जुड़े बड़े व्यापारी, उद्यमी और बिल्डरों के फोन भी सर्विलांस पर लिए हैं। उनसे बातचीत के साथ ही उस समय की लोकेशन आदि पर पूरी रिपोर्ट तैयार हो रही है। ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए आयकर विभाग तैयारी में जुटा है।


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