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GST: ई-वे बिल व्यवस्था लागू होने में हो सकती है देरी, लागू करने पर मतभेद, तैयारी अधूरी

सरकार ने 1 जुलाई, 2017 से जीएसटी लागू करने का फैसला लिया है। (Photo-financialexpres)

जीएसटी शासनतंत्र में ई-वे बिल को लेकर जीएसटी परिषद की बैठक में मतभेद दिखाई दिए। ये मतभेद अगर 30 जून तक दूर भी कर लिए गए तो भी ऐसा प्रतीत नहीं हो रहा कि प्रस्तावित पहली जुलाई से देश में समग्र तौर पर ई-वे बिल व्यवस्था लागू हो ही जाएगी। उसका मुख्य कारण यह है कि केंद्र अभी इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पूरी तरह तैयार नहीं है।  केंद्रीय राजस्व सचिव हंसमुख अधिया मई के पहले सप्ताह में ही साफ कर चुके हैं कि इस व्यवस्था को लागू करने में लचीला रुख अपनाया जाएगा और इसका सरलीकरण किया जाएगा। लेकिन जीएसटी परिषद की रविवार को हुई बैठक में हालांकि ज्यादातर राज्य इस व्यवस्था पर सहमत दिखाई दिए लेकिन कुछ इसे लागू करने को अनिच्छुक भी दिखे। इतना ही नहीं कुछ राज्यों का कहना था कि वे इसके लिए तैयार नहीं हैं। इसकी वजह उन्होंने संसाधनों की कमी बताई। यही कारण केंद्र के लिए भी है कि वह इसे लागू करने को अभी पूरी तैयारी नहीं है।
बैठक में आला अधिकारियों का कहना था कि कई राज्यों में यह व्यवस्था एनआइसी (नेशनल इंफर्मेटिक्स सेंटर) के माध्यम से लागू की गई है। पर पता चला है कि एनआइसी को भी इसे लागू करने के लिए काफी समय की दरकार है। नई व्यवस्था में 50 हजार से ज्यादा के बिल पर आवागमन के दौरान ई-वे बिल जरूरी होगा।

इस व्यवस्था के तहत सामान की आवाजाही के दौरान कागजी बिल बाकी की जरूरत नहीं होगी। यह बिल कोई भी व्यापारी या मौके पर मौजूद अधिकारी आॅनलाइन अपने स्मार्टफोन पर भी देख सकता है। इतना ही नहीं ई-वे बिल सामान ले जा रहे वाहन के चालक के फोन पर एसएमएस से भी भेजा जा सकता है। पर ई-वे बिल पर मतभेद के कारण और सारे राज्यों को केंद्रीकृत प्रणाली से न जोड़ पाने की वजह से अधिकारियों को केंद्र यही हिदायत देने जा रहा है कि वे इस व्यवस्था को लागू करने में तेजी न दिखाएं और व्यापारियों और परिवहन कंपनियों को उसे समझने व उससे जुड़ने का समय दें।ध्यान रहे राजग सरकार इसलिए भी सांसत में है कि इस बिल व्यवस्था का व्यापारी वर्ग में खासा विरोध है। कारण सीधा है कि आॅनलाइन बिल व्यवस्था में मौके पर जांच कर रहा अधिकारी अपने फोन पर ही बिल की वैधता की जांच कर सकता है। अभी तक टैक्स की ज्यादातर चोरी सामान के आवागमन के दौरान ही होती है। पर जैसे ही सारे राज्य ई-वे बिल की केंद्रीकृत प्रणाली से जुड़ जाएंगे, टैक्स की यह चोरी पकड़ी जाएगी।
बहुत सारा सामान अभी तक फर्जी बिलों के सहारे ही एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेज दिया जाता है। एक बार सामान के मंजिल पर पहुंच जाने के बाद यह पता लगाना कठिन हो जाता है कि इसे टैक्स अदा करके लाया गया है या नहीं। और फिर यही सामान आगे भी बिना बिल के ही बेच दिया जाता है। अक्सर दुकानदार यह करते पाए जाते हैं कि पक्का बिल लोगे तो इतनी रकम और नहीं लोगे तो इतना कम। इस धांधली पर रोक लगाने में ई-वे बिल व्यवस्था अचूक है। लेकिन सरकार ने अगर सारे राज्यों को ई-वे बिल की केंद्रीकृत प्रणाली से जोड़ने के लिए युद्धस्तर पर कुछ न किया तो पहली जुलाई से इसके लागू होने के आसार कम ही हैं।

क्या है ई-वे बिल

इस व्यवस्था के तहत सामान की आवाजाही के दौरान कागजी बिल की जरूरत नहीं होगी। यह बिल कोई भी व्यापारी या मौके पर मौजूद अधिकारी आॅनलाइन अपने स्मार्टफोन पर भी देख सकता है। इतना ही नहीं ई-वे बिल सामान ले जा रहे वाहन चालक के फोन पर एसएमएस से भी भेजा जा सकता है।

क्या होगा फायदा

आॅनलाइन बिल व्यवस्था में मौके पर जांच कर रहा अधिकारी अपने फोन पर ही बिल की वैधता की जांच कर सकता है। अभी तक टैक्स की ज्यादातर चोरी सामान के आवागमन के दौरान ही होती है। पर जैसे ही सारे राज्य ई-वे बिल की केंद्रीकृत प्रणाली से जुड़ जाएंगे, टैक्स की यह चोरी पकड़ी जाएगी।

राष्ट्रपति चुनावः इन 4 चेहरों में से कोई हो सकता है विपक्ष का उम्‍मीदवार

President election: These are the possible candidates of the opposition
राष्ट्रपति चुनावों को लेकर भाजपा और एनडीए द्वारा रामनाथ कोविंद को उम्‍मीदवार घो‌षित करने के बाद अब दबाव विपक्ष पर है। भाजपा ने जिस तरह एक दलित उम्‍मीदवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए खड़ा किया है उसने विपक्ष की गोलबंदी में सेंध लगा दी है। अब कोविंद की उम्‍मीदवारी के बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद को एकजुट बनाए रखने की है क्योंकि कोविंद के मुद्दे पर अभी तक साथ खड़े आ रहे कई दलों के सुर बदलने लगे हैं।
जेडीयू नेता नीतीश कुमार ने कोविंद की तारीफ की है तो मायावती ने यह कहकर कांग्रेस को हैरान कर दिया है कि अगर विपक्ष कोई योग्य दलित उम्‍मीदवार नहीं उतारता है तो फिर कोविंद पर सोचा जा सकता है। कांग्रेस जानती है कि अगर राष्ट्रपति के मुद्दे पर फूट पड़ी तो आने वाले समय में तमाम विपक्षी दलों का एक साथ मिलकर भाजपा से लड़ने की उसकी मुहिम कमजोर पड़ जाएगी।

ऐसे में उसके सामने भी किसी दलित चेहरे को आगे करने का दबाव पैदा हो गया है। ऐसे में कांग्रेस के रणनीतिकारों ने भी कोविंद के सामने खड़े होने वाले योग्य दलित उम्‍मीदवारों की तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल खबरों में से छन छनकर कुछ नाम सामने आ रहे हैं।

मीरा कुमार
लोकसभा की पूर्व स्पीकर मीरा कुमार का नाम फिलहाल विपक्ष के दावेदारों में सबसे आगे चल रहा है। मीरा कुमार को कांग्रेस का प्रमुख दलित चेहरा माना जाता है। पूर्व उप प्रधानमंत्री बाबू जगजीवन राम की बेटी मीरा कुमार को कांग्रेस नेतृत्व का नजदीकी भी माना जाता है। महिला होना भी उनके पक्ष में जा सकता है, बसपा सुप्रीमो मायावती सहित कई अन्य दलों को उनके नाम पर साधना आसान होगा।

सुशील कुमार शिंदे
पूर्व केंद्रीय गृहमंत्री और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री रहे सुशील कुमार शिंदे की गिनती भी कांग्रेस के प्रमुख दलित नेताओं में होती है। एनडीए द्वारा कोविंद का नाम घोषित करने के बाद शिंदे का नाम तेजी से विपक्ष की ओर से सामने आया है। शिंदे के नाम पर कांग्रेस अन्य दलों को आसानी से राजी रख सकती है जो गृहमंत्री रहने के दौरान दूसरे दलों से हमेशा अपने अच्छे संबंधों को बनाए रखते थे।

 प्रकाश अंबेडकर 

कांग्रेस की ओर से एक संभावना भारिपा बहुजन महासंघ के नेता  प्रकाश अंबेडकर को भी अपना प्रत्याशी बनाने की दिख रही है। उसकी बड़ी वजह है कि प्रकाश अंबेडकर दलितों के सबसे बड़े नेता माने जाने वाले डा. भीमराव अंबेडकर के पौत्र हैं। हालांकि अंबेडकर का नाम वामदलों की ओर से बढ़ाया जा रहा है जो किसी भी सूरत में भाजपा को जीतने से रोकने के‌ लिए लामबंद हो रहे हैं।

एस स्वामीनाथन 
हरित क्रांति के जनक और मशहूर कृषि वैज्ञानिक एस स्वामीनाथन का नाम भी तेजी से इस चर्चा में सामने आया है। मीडिया रपटों के अनुसार कांग्रेस गंभीरता से उनके नाम पर भी विचार कर रही है। उसकी बड़ी वजह ये भी है कि स्वामीनाथन के नाम पर उसे शिवसेना का समर्थन भी मिल सकता है जो खुद उनका नाम आगे करती रही है। वहीं स्वामीनाथन की छवि को देखते हुए अन्य दलों का साथ मिलने की उम्‍मीद भी की जा सकती है।

Chairman CBSE cracks biggest scam at CBSE

CBSE is an education board conducting examinations for class XII and X. Shri R. K. Chaturvedi IAS Chairman CBSE found out that there were 3 sets of question papers framed for Delhi , All India and rest of the world. It came to his surprise that these 3 papers had different difficulty level and moderations after exams. 

Delhi paper was easier , all India toughest and rest of the world easiest. This difficulty level difference enabled the students of delhi to score more marks and get college seats based on marks of class XII. 

Whole education fraternity and students across India are shocked with what was happening at CBSE. 

To another shock it was known to him that these three sets had different moderation level which hugely benefitted delhi students. This year moderation of delhi : all india is 14:8.  

Chairman has ordered to make examination pattern same for all students of the country and CBSE without any discrimination. 

CBSE chairman recently finished off CCE pattern and started again old Board examinations system. Students and parents across the nation are happy and are praising it.  

Vishal Jain

Editor , School of Educators

आरबीआई ने दी राहत: एक फरवरी से एटीएम से पैसे निकालने पर कोई लिमिट नहीं

 एटीएम के सामने खड़ी लंबी कतार। (Representative Image)

आम लोगों व छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार (30 जनवरी) को एटीएम व चालू खातों से दैनिक नकदी निकासी पर सीमा को आज समाप्त कर दिया लेकिन बचत बैंक खातों से निकासी पर 24000 रुपए की साप्ताहिक सीमा जारी रहेगी। यानी बचत बैंक खातों से अब एक दिन में एटीएम से अधिकतम 24000 रुपए तक की निकासी की जा सकती है। केंद्रीय बैंक ने इसके साथ ही वादा किया है कि प्रणाली में नकदी लौटने की गति को ध्यान में रखते हुए वह साप्ताहिक सीमा पर भी भविष्य में फिर से विचार करेगा। केंद्रीय बैंक ने कहा है,‘बाजार में गयी नकदी के बैंक में लौटने की गति की समीक्षा करने के बाद पूर्व की स्थिति को आंशिक रूप से बहाल करने का फैसला किया गया है।’ इसके अनुसार एक फरवरी 2017 से एटीएम से नकदी निकासी की दैनिक सीमा नहीं रहेगी। हालांकि बैंकों से अपनी अपनी निकासी सीमा तय करने को कहा गया है जैसा कि वे 8 नवंबर 2016 से पहले कर रहे थे।

सरकार ने उसी इसी दिन 1000 और 500 रुपए मूल्य के पुराने नोटों पर पाबंदी की घोषणा करते हुए नकदी निकासी पर विभिन्न तरह के प्रतिबंध लगाए थे। इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू खातों, नकदी ऋण खातों व ओवर ड्राफ्ट खातों से नकदी निकासी की सारी सीमाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त करने का फैसला किया है। इसके अनुसार,‘बचत बैंक खातों पर सीमाएं फिलहाल जारी रहेंगी और निकट भविष्य में इन्हें हटाने पर विचार किया जा रहा है।’ सरकार व रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद नकदी संकट को देखते हुए बैंकों व एटीएम से निकासी पर कुछ प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि बाद में 2000 और 500 रुपए के नए नोटों की आपूर्ति बढाने के साथ इन प्रतिबंधों में क्रमिक ढील दी गई।

बस-कार की टक्कर में दो घायल

बिजली बंबा बाईपास स्थित सुपरटेक पामग्रीन के सामने मंगलवार शाम 7:30 बजे प्राइवेट बस और स्विफ्ट कार की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इससे स्विफ्ट के परखच्चे उड़ गए। कार सवार प्रधान और उनका साथी गंभीर रुप से घायल हो गया। हादसे का कारण सड़क के किनारे खडे़ ट्रक बताए गए है। सूचना देने के 50 मिनट बाद पुलिस पहुंची। इस पर पुलिस के पहुंचने पर लोगों ने हंगामा किया।

खरखौदा थाना क्षेत्र के नरहाड़ा ग्राम प्रधान रणसिंह अपने दोस्त सतवीर निवासी गगोलपुर के साथ स्विफ्ट कार से लौट रहे थे। सुपरटेक पामग्रीन के सामने सड़कों पर ट्रक और टैंकर खडे़ थे। खरखौदा की तरफ से आती एक प्राइवेट बस ने स्विफ्ट में टक्कर मार दी। हादसे की जानकारी लगते ही सुपरटेक पामग्रीन पर तैनात गार्ड और वहां से गुजरते लोगों ने स्विफ्ट की खिड़की तोड़कर घायल रणसिंह और सतवीर को निकाला। इस दौरान चालक छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंचे सुपरटेक के लोगों ने यूपी-100 को इसकी सूचना दी। काफी देर तक पुलिस नहीं पहुंची। लोगों ने एक कार से दोनो घायलों को बागपत रोड पर केएमसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया। जहां से दोनों को आनंद हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया। करीब 50 मिनट बाद इंस्पेक्टर ब्रह्मपुरी मौके पर पहुंचे तो लोगों ने हंगामा किया। हालांकि हॉस्पिटल में दोनों की हालत ठीक बताई गई है। प्रधान ने बताया कि स्विफ्ट कार सतवीर चला रहे थे।

खड़े ट्रक से बने हादसे की वजह
लोगों ने बताया कि सड़क के किनारे खडे़ ट्रक और टैंकर हादसे की वजह बन रहे है। बस-स्विफ्ट का भी हादसा भी इस वजह से हुआ है। बस ड्राइवर को सड़क के किनारे खड़े ट्रक नहीं दिखे और उन्होंने स्विफ्ट में टक्कर मार दी। लोगों ने सड़क के किनारे खडे़ ट्रक और टैंकर को हटवाने की मांग की।

सरकार के खिलाफ नारेबाजी
नवीन मंडी से सब्जी लेकर हापुड़ का एक फौजी गाड़ी से आया था। हादसा देखकर वह भी घटनास्थल पर रुक गया। फौजी ने कहा कि मुख्यमंत्री को यूपी 100 हटा देनी चाहिए। सूचना पर 50 मिनट देरी से पहुंचेगी, तब तक आदमी मर जाएगा। लोगों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान जाम लग गया था।

पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में पहुंचे केशव प्रसाद मौर्य, कहा- सपा और बसपा ने किया प्रदेश का बेड़ा गर्क

मेरठ में परीक्षितगढ़ मार्ग पर शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का पिछड़ा वर्ग सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि नोटबंदी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को समाप्त करने का काम किया, लेकिन राहुल गांधी, मुलायम सिंह यादव और मायावती इसका विरोध कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने सपा और बसपा पर तंज कसते हुए कहा कि इन दोनों ही पार्टियों ने पिछले 10 सालों में उत्तर प्रदेश का बेड़ा गर्क किया है। इस सम्मेलन में सांसद राजेंद्र अग्रवाल, विधायक जयप्रकाश अग्रवाल, क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, पिछड़ा वर्ग सम्मेलन संयोजक पूर्व एमएलसी लोकेश प्रजापति आदि शामिल रहे। खास बात यह है कि बसपा छोड़कर आए धर्मेंद्र भारद्वाज और रविंद्र गुर्जर ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया।

मेरठ : नईम गाजी हत्याकांड में अपनी नाकामी छिपाने के लिए पुलिस ने पूरे परिवार को जेल भेज दिया। जेल जाने वालों में दो साल का मासूम भी है। हैरत की बात यह है कि आनंद शर्मा, उनकी पत्नी सरला और बेटी करिश्मा हत्या की सूचना छिपाने के आरोपी हैं, उन्हें भी पुलिस ने हत्यारोपी बना दिया है।

नईम गाजी की हत्या जयदेवी नगर के प्रीत विहार में आनंद शर्मा के घर पर की गई। पुलिस का दावा है कि उस समय घर में आनंद शर्मा, उनकी पत्‍‌नी सरला, बेटी करिश्मा, दामाद विशाल, भतीजा अभिषेक उर्फ हैप्पी, रिश्तेदार रमाशंकर और नौकर दिनेश था। पुलिस ने इस घर के अंदर मौजूद कुत्ते टॉमी को छोड़कर सभी को हत्या का आरोपी बना दिया है। जांच के बजाय सभी को आरोपी बना देने के पीछे राजनीतिक दबाव की बात की जा रही है। कचहरी में पेश होने वाले आरोपियों में से आनंद शर्मा की बेटी करिश्मा और पत्‍‌नी सरला चीख-चीख कर कह रहे थे कि उन्होंने नईम की हत्या नहीं की है। करिश्मा दो साल के बेटे को गोद में लेकर कसम तक ले रही थी। उसका कहना था कि हत्या वाले दिन तो पति विशाल के साथ ज्वालापुर हरिद्वार में थी। तब भी उन्हें हत्या में आरोपी बना दिया है। खुद कप्तान स्वीकार भी कर रहे थे कि पूरे परिवार से लगातार नौ दिनों तक पूछताछ की है। उसके बावजूद भी परिवार के किसी सदस्य ने नईम के बारे में कोई जानकारी तक नहीं दी है। ऐसे में साफ है कि उन पर हत्या में सूचना छिपाने का आरोप बनता है। सवाल उठता है कि फिर सभी आरोपियों को हत्या में शामिल क्यों किया गया?

एक कटर और इतने हत्यारे?

नईम गाजी का शव मिलते ही पुलिस के आला अफसरों ने सपा के कद्दावर नेताओं से संपर्क कर लिया था, जिसमें तय हुआ था कि भीड़ को काबू में करने के लिए पीड़ित परिवार को अपनापन दिखाकर बवाल नहीं होने देना है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक तभी तय हुआ था कि आनंद शर्मा के पूरे परिवार को जेल भेजा जाएगा। एसएसपी जे रविंदर गौड का कहना है कि पूरा परिवार हत्या करने में शामिल था। पुलिस ने हैप्पी और रमाशंकर की निशानदेही पर हेलमेट, स्कूटी और कटर बरामद किया है। सभी के हत्यारोपी बनाने पर सवाल उठता है क्या कटर सभी ने बारी-बारी से चलाया।

ये लगाई गई धाराएं

364 आइपीसी : अपहरण। कर लेना।

302 आइपीसी : हत्या।

201 आइपीसी : हत्या के बाद साक्ष्य मिटाना।

147 आइपीसी : अपराध में सभी की सहमति।

149 आइपीसी : मारपीट करना।

34 आइपीसी : हत्या की नीयत से हमला करना।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला।

सरूरपुर : खिवाई में मंगलवार रात को बदमाशों ने एक घर बच्चों व अन्य परिजनों को गन प्वाइंट पर लेकर लाखों रुपये की डकैती को अंजाम दे डाला। परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर बदमाश शोर मचाने पर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। पुलिस ने डकैती की घटना को भी चोरी में दर्ज किया है।

खिवाई गांव की प्रधान नसीम के पड़ोस में ही चचेरे ससुर हशमत रहते हैं। मंगलवार को हशमत अपनी पत्नी के साथ मेरठ गए थे। घर पर हशमत का साला आलमगीर निवासी ग्राम बड़ौदा जिला हापुड़ अपनी पत्नी व बहन के बच्चों के साथ सोया हुआ था। देर रात्रि हथियारों से लैस आधा दर्जन नकाबपोश बदमाश मकान की छत से घर में प्रवेश कर गए। बच्चों व आलमगीर को उठाकर गन प्वाइंट पर ले लिया। सभी को एक कमरे में बंद कर दिया। सेफ की चाबी लेकर उनमें रखी पचास हजार रुपये की नकदी के साथ सोने-चांदी के करीब तीन लाख रुपये के आभूषण व कीमती कपड़ा लूट लिया। आधा घंटे से अधिक समय तब बदमाशों ने मकान को खंगाला।

बदमाशों के जाने के बाद पीड़ितों ने किसी तरह बंधनमुक्त होकर घटना की जानकारी ग्रामीणों और कंट्रोल रूम को दी। पुलिस के न पहुंचने पर थाने को घटना की जानकारी दी गई। मकान मालिक हशमत ने तहरीर पर चोरी में रिपोर्ट दर्ज की गई है।

मनमाफिक पुलिस ने लिखवाई तहरीर

-पीड़ित के बड़े भाई व प्रधान के ससुर रौनक अली ने बताया कि पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें कहा कि पचास हजार की नकदी घर में रहने की बात से आप जांच के घेरे में आ जाओगे। आप कम राशि ही तहरीर में लिखना। पुलिस ने पीड़ित से दस हजार रुपये की नकदी ही लिखवाई। हालांकि थाना प्रभारी ने ऐसी किसी बात से इन्कार किया है।

चौकी इंचार्ज का सीयूजी दो माह से बंद

– खिवाई में रिपोर्टिग चौकी होने के बाद वहां पर तैनात चौकी प्रभारी का सीयूजी दो माह से लगातार बंद है। चौकी क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक गांव आते हैं। चौकी इंचार्ज जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी सिम है। सरकारी फोन में ही डाला जाएगा वह अपने व्यक्तिगत फोन में क्यों डाले?

इन्होंने कहा

मेरे संज्ञान में खिवाई चौकी पर सीयूजी फोन होने की जानकारी नहीं है अगर सीयूजी दो माह से बंद है तो मामला गंभीर है। उसे शीघ्र ही चालू करा दिया जाएगा। चोरी में रिपोर्ट दर्ज कैसे की, इसकी जानकारी इंस्पेक्टर से मांगी जा रही है।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था।

मेरठ : टीपीनगर के गंगाविहार में मकान के अंदर ब्रांडेड कंपनी की नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट तथा समोसम तैयार किया जा रहा था। पुलिस ने छापा मारकर फैक्ट्री ने भारी मात्रा में नकली माल बरामद किया है। फैक्ट्री संचालक, पार्टनर और मकान स्वामी को पकड़ लिया गया है। ढाई माह पहले ही फैक्ट्री गाजियाबाद से मेरठ शिफ्ट हुई थी। बरामद रजिस्ट्रर से जानकारी मिली है की करोड़ों रुपये का सामान मेरठ समेत पांच जनपदों में सप्लाई किया जा रहा था।

गुरुवार को टीपीनगर पुलिस की टीम ने गंगा विहार में कंकरखेड़ा के पठानपुर निवासी विपिन कुमार के मकान पर छापा मारा। विपिन ने मकान को अमित जैन निवासी नई बस्ती, बुढ़ाना जिला मुजफ्फरनगर को किराए पर दिया हुआ था। अमित जैन मकान के अंदर रणजीत कश्यप निवासी अशदपुर निवाड़ी गाजियाबाद के साथ मिलकर नकली वाल पट्टी, एशियन पेंट और समोसम बना रहे थे। पुलिस ने आवास के अंदर से विभिन्न कंपनियों की वाल पट्टी के 100 कट्टे बरामद किए। 400 कट्टे अ‌र्द्ध बने हुए थे। 1500 रेपर मिले है, जो जेके सीमेंट, सुपर डायमंड, बिरला, रॉयल, सम्राट समेत 15 ब्रांडेड कंपनी के थे। इन कंपनियों की नकली वाल पट्टी भरकर मार्केट में उतारी जा रही है। 4000 कट्टे मिले है, जो समोसम की एशियन, बर्जर और नरोलक कंपनी के तैयार किए जा रहे थे। साथ ही एशियन पेंट के खाली डिब्बे भी बरामद हुए है। साथ ही चार ली की बाल्टी और एक तथा आधे लीटर के भरे और खाली डिब्बे भी बरामद किए गए है। पुलिस ने मौके से अमित जैन, मकान स्वामी विपिन और पार्टनर रणजीत कश्यप को गिरफ्तार कर लिया है। साथ मौके से बरामद सामान को ट्रक में रखवा कर थाने लगाया गया, जिसमें पेकिंग मशीन से लेकर कट्टों पर मार्का तैयार करने वाली स्क्रीन भी है, जिनके जरिए तत्काल किसी भी कंपनी का कट्टा तैयार कर वाल पट्टी और समोसम भरा जाता था। रसीद बुक भी मिली है, जिस पर 2015 से बिल कट रहे है। हालांकि यह फैक्ट्री गंगानगर में ढाई माह पहले आई थी। पहले गाजियाबाद में फैक्ट्री से माल सप्लाई किया जा रहा था। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर माल सप्लाई करने वाले दुकानदार और गाजियाबाद की फैक्ट्री के बारे में जानकारी जुटा रही है। इंस्पेक्टर सचिन मलिक ने बताया कि फैक्ट्री में करोड़ों की नकली वाल पट्टी, पेंट और समोसम सप्लाई हो चुका है। बड़ा गैंग इसके पीछे काम कर रहा है। पुलिस बाकी लोगों तक पहुंचने में जुटी हुई है।

मेरठ पहुंचे मुलायम सिंह यादव, नोटबंदी पर कहा- बीजेपी को जवाब देगी जनता

समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया मुलायम सिंह यादव बुधवार को मेरठ पहुंचे। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के फैसले का जिक्र करते हुए भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि नोटबंदी पर बीजेपी को जनता जवाब जरूर देगी। सपा सुप्रीमो ने कहा, ‘बैंकों में पैसा नहीं है और लोग लाइन में खड़े है।’ मुलायम सिंह यहीं नहीं रूके इसके बाद उन्होंने कहा कि लोगों के घर में खाने के लिए अनाज नहीं है। ऐसे में गरीब लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। मुलायम ने कहा कि केंद्र सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
जानें मेरठ क्यों आए मुलायम
समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव बुधवार को सपा नेता मोहम्मद अब्बास की बेटी की शादी में पहुंचे थे। इस बीच उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित किया और बीजेपी वाली केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। मुलायम सिंह ने कहा कि 2017 में सपा की सरकार बनेगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नोटबंदी से पहले सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए थी। वहीं रालोद और कांग्रेस के साथ गठबंधन पर उन्होंने चुप्पी साधी।


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