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शहर में जाम का रिकॉर्ड बना रहा यातायात माह

sheher me jaam ka record , yaatayaat abhiyaan
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
एक नवंबर से यातायात माह चला रही ट्रैफिक पुलिस शहर में रोजाना जाम लगने का नया रिकॉर्ड भी कायम रही है। जाम से जूझते अंदरूनी मार्गों से लेकर मुख्य चौराहों को देखकर यही लगता है कि इसे यातायात माह कहें या जाम का महीना। क्योंकि ट्रैफिक के होमगार्ड वाहन चालकों को रोकने और ट्रैफिक के सिपाही उनका चालान कटवाने में व्यस्त हैं। ऐसे में जाम खुलवाने की तरफ किसी का ध्यान ही नहीं है।
शहर में यातायात व्यवस्था सुचारु रूप से चले इसके लिए एसपी ट्रैफिक, दो सीओ, एक इंस्पेक्टर, दो टीएसआई, 21 एचसीपी, 107 सिपाही और 60 होमगार्ड हैं। ट्रैफिक पुलिस रोजाना औसतन 450-500 तक वाहनों के चालान काट रही है। मौके पर ही शमन शुल्क भी वसूला जा रहा है।

चेकिंग के बजाय चालान
ट्रैफिक पुलिस तो अपने असल मुद्दे से भटक ही रही है, थानों की पुलिस का भी यही हाल है। थाने के दरोगाओं को सुबह और शाम निर्धारित प्वाइंटों पर संदिग्ध लोगों की चेकिंग करने के निर्देश हैं। लेकिन साथ में रोजाना दस वाहनों का चालान काटने का टारगेट भी रहता है। इसलिए दरोगा जी जिस चौराहे या तिराहे पर बैठते हैं, वहां चेकिंग के बजाय 10 चालान काटकर निकल लेते हैं।

यह जाम हुआ अब आम
शहर में जाम की समस्या अब आम हो गई है। जीरो माइल, बेगमपुल, भैसाली बस अड्डा के सामने, केसरंगज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, बागपत रोड, दिल्ली रोड स्थित मंडी गेट, बुढ़ाना गेट, घंटाघर, खैरनगर, हापुड़ अड्डा चौराहा और भूमिया पुल पर तो रोजाना ही जाम रहता है। हापुड़ रोड पर शास्त्रीनगर एल ब्लॉक तिराहा भी लगातार जाम से जूझ रहा है।

होमगार्ड करते हैं कागज चेक
शहर में अवैध तरीके से सड़क पर वाहन खड़ा रहे या फिर जाम लगे, होमगार्ड तो वाहन के कागज चेक करने में मशगूल रहते हैं। खासकर दूसरे जिलों या राज्यों का नंबर देखकर होमगार्ड डंडा दिखाकर बीच सड़क पर चेकिंग के नाम पर वाहन रोक लेते हैं। सवाल यह है कि होमगार्डों को ट्रैफिक कंट्रोल की ड्यूटी छोड़कर कागज चेक करने का अधिकार किसने दे दिया। इसका जवाब ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों के पास नहीं है।

जुगाड़ भी बन रहे मुसीबत:
शहर की यातायात व्यवस्था के लिए जुगाड़ भी मुसीबत बन रहे हैं। दिल्ली रोड पर सबसे ज्यादा अवैध तरीके से जुगाड़ दौड़ रहे हैं। गढ़ रोड, हापुड़ रोड और शहर के अन्य स्थानों पर भी जुगाड़ पर सामान लादकर ले जाया जाता है। यह प्रदूषण को तो बढ़ा रही ही रहे हैं, कभी भी इनसे बड़ा हादसा हो सकता है। लेकिन ट्रैफिक पुलिस का कोई ध्यान इस तरफ नहीं है।

सोमवार को जाम से जूझा शहर
सोमवार को शहर में कई स्थानों पर जाम की समस्या बनी रही। शाम होते ही फिर से दिल्ली रोड पर जाम लग गया। रात में दिल्ली- देहरादून हाईवे पर मोहिउद्दीनपुर के पास भी जाम लगा रहा। दोपहर के समय मवाना रोड पर कसेरूबक्सर और डिफेंस कालोनी के सामने जाम की स्थिति बनी रही। जीरो माइल चौराहे से लेकर बेगपमुल तक भी सड़क पर आड़े तिरछे वाहनों के सड़क पर खड़े होने से जाम लगा रहा। दिल्ली रोड पर केसरगंज और रेलवे रोड चौराहे पर भीषण जाम लगा रहा। बागपत रोड पर भी आधा किमी तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।

दिल्ली रोड पर मंडी गेट के पास डिवाइडर कट पर ट्रक और अन्य भारी वाहनों के मुड़ने के कारण दिनभर जाम की समस्या बनी रही। घंटाघर और बुढ़ाना गेट पर भी वाहन जाम में फंसे रहे।

Children’s Day: गूगल ने जवाहरलाल नेहरू, बाल दिवस पर नहीं बनाया Doodle, एक छोटे से यंत्र को किया याद

गूगल का डूडल हमें कई ऐसे दिनों की जानकारी देता है जिसके बारे में हमें नहीं पता होता है। इसी तरह का आज का रंग-बिरंगा डूडल रोज की तरह साधारण ना होकर एक नए ढंग में दिख रहा है। इस डूडल में एक छोटा-सा यंत्र नजर आ रहा है, आज का ये डूडल विशेष तो है लेकिन इसके विशेष होने का कारण भारतीय बाल दिवस नहीं है। आज के दिन भारतीय गूगल ने होल पंचर का डूडल बनाया है। हर किसी को इंतजार था कि आज भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु के जन्मदिवस के अवसर पर बाल दिवस का डूडल प्रस्तुत किया जाएगा या बच्चों के किसी कार्यक्रम आदि का डूडल बनाया जाएगा। इसके साथ ही हर किसी को बाल दिवस की महत्वता बताई जाएगी। लेकिन सबकी उम्मीदों से हटकर गूगल ने एक ऐसी मशीन का डूडल बनाया है जो हमारे रोज के काम में कहीं ना कहीं प्रयोग होती है। होल पंचर की 131 वीं सालगिरह पर डूडल प्रस्तुत किया है।

आज से 131 साल पहले 14 नवंबर 1886 में फ्रेडरिक ने होल पंचर का आविष्कार किया था। फ्रेडरिक एक जर्मन अफसर थे जिन्होनें 1875 में अपनी कंपनी की स्थापना की थी। 131 साल में होल पंचर की मशीन में बहुत बदलाव आया है। इससे पहले गूगल ने छोटे यंत्रों का डूडल नहीं बनाया था। आज इस तरह से गूगल के डूडल ने सबको गूगली देकर सभी को ये अहसास करवाया कि इन छोटे यंत्रों का भी हमारे जीवन में कितना महत्व है। पिछले वर्ष आज के दिन भारत में गूगल नें बाल दिवस के डूडल के लिए प्रतियोगिता आयोजित करवाई थी जिसमें पुणे की एक लड़की विजयी हुई थी। वो रंग-बिरंगा डूडल सभी की आंखे अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था। बाल दिवस भारत में 14 नवंबर को मनाया जाता है। पंडित नेहरु बच्चों को बहुत पसंद करते थे और उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कहते थे। नेहरु बच्चों में देश का भविष्य देखते थे और चाहते थे कि हर क्षेत्र में देश के बच्चे नाम रौशन करें।

आज भारत के बच्चे हर क्षेत्र में अपने देश का नाम रौशन कर रहे हैं और दुनिया के सामने उदाहरण रख रहे हैं कि कला, विज्ञान, अध्यात्म किसी भी क्षेत्र में भारत किसी से भी कम नहीं है। भारत देश के बच्चों के लिए इसी तरह का सपना चाचा नेहरु ने देखा था। स्कूलों में इस दिन को खास बनाने के लिए कार्यक्रम रखे जाते हैं। फैंसी ड्रेस, डांस, नाटक आदि जैसे कार्यक्रम रखे जाते हैं। इस दिन नेहरु जी की सीख बच्चों को समझाने का प्रयास किया जाता है। इस तरह से बच्चों के जीवन में चाचा नेहरु के महत्व को बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। कई देशों में बाल दिवस 1 जून को मनाया जाता है। वहीं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाल दिवस या चिल्ड्रन डे 20 नवंबर को मनाया जाता है। इस दिन के लिए गूगल की तरफ से तो इस वर्ष बधाई नहीं दी गई लेकिन बाल दिवस की महत्वता को जानते और समझते हुए अपने बच्चों को नेहरु के विचारों को तक पहुंचाएं।

अॉड-ईवन स्कीम को NGT ने दी मंजूरी, इस बार टू-व्हीलर्स और महिलाओं को भी छूट नहीं

राजधानी दिल्ली में अॉड-ईवन को नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने मंजूरी दे दी है, लेकिन कुछ शर्तों के साथ। इस बार टू-व्हीलर्स पर भी अॉड-ईवन लागू रहेगा। साथ ही महिलाओं और सरकारी अफसरों को भी छूट नहीं मिलेगी। हालांकि पहले की तरह इमरजेंसी वाहन इसके दायरे से बाहर रहेंगे। दिल्ली में 13 से 17 नवंबर तक अॉड-ईवन स्कीम लागू रहेगी। एनजीटी ने कहा कि जब भी दिल्ली-एनसीआर में पीएम 10 300 का स्तर और पीएम 2.5 500 का स्तर पार करे तब अॉड-ईवन लागू होना चाहिए। इसके अलावा पानी का छिड़काव होता रहे। लेकिन मंजूरी देने से पहले एनजीटी ने जहरीली हवा को लेकर दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई। इसमें एनजीटी ने दिल्ली सरकार से अॉड-ईवन स्कीम लागू करने का तर्क पूछते हुए कहा कि जब राज्य की हवा की गुणवत्ता बदतर थी, तब इसको लागू क्यों नहीं किया गया। एनजीटी ने दिल्ली सरकार से वह पत्र दिखाने को कहा है, जिसके आधार पर यह फैसला लिया गया। साथ ही यह भी जानना चाहा कि क्या इसके लिए उपराज्यपाल की मंजूरी ली गई। एनजीटी ने दिल्ली सरकार को यह बताने के लिए कहा था कि कोई शख्स एक दिन में कितनी बार सांस लेता है। वहीं केंद्रीय पल्यूशन बोर्ड ने कहा कि उसने दिल्ली सरकार को शुरुआत में मौखिक तौर पर इस समस्या के बारे में बताया गया था, लेकिन उसने खारिज कर दिया।
 एनजीटी ने दिल्ली और केंद्र सरकार को आदेश देते हुए उस बड़े शहर का नाम बताने को कहा है, जहां पीएम 10 का लेवल 100 से कम है। एनजीटी ने कहा कि दिल्ली सरकार उसके सब्र का इम्तिहान न ले और आंकड़ों में कब यह माना गया कि बारिश के कारण प्रदूषण के स्तर में कमी आती है। सख्त रुख अपनाते हुए जस्टिस स्वतंत्र कुमार की बेंच ने कहा कि आपने एनजीटी के आदेश से पहले एक्शन क्यों नहीं लिया? वहीं सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड ने एनजीटी को बताया कि अगले दो दिनों में बारिश पड़ सकती है। एनजीटी ने कहा, ”यह चिंताजनक की बात है कि सरकार के विभिन्न विभागों के लिए कोई तालमेल ही नहीं है।

वेस्ट यूपी के इस शहर में बनेगा मोदी मंदिर, अमित शाह करेंगे शिलान्यास

Meerut will be the first Modi temple in the country, Amit Shah will lay foundation stone
मेरठ में बनेगा मोदी मंदिर
मेरठ के सरधना क्षेत्र में पांच एकड़ भूमि पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य मंदिर बनाए जाने का दावा किया गया है, जिसमें 100 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। आगामी 23 अक्तूबर को मोदी मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया जाएगा।

सोमवार को गढ़ रोड स्थित होटल ब्राडवे इन में आयोजित पत्रकार वार्ता में यह जानकारी जेपी सिंह ने दी। जेपी सिंह सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, उत्तर प्रदेश में सहायक अभियंता (सिविल) के पद से रिटायर्ड हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशहित में किए गए कार्यों और देश के लिए अपना जीवन समर्पित कर देने की भावना के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए यह मंदिर निर्माण कराया जाएगा। यह संभवत: देश का पहला मोदी मंदिर होगा। उन्होंने बताया कि मंदिर का शिलान्यास करने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के आने की संभावना है। इस संबंध में उनसे संपर्क किया जा रहा है। इनके अलावा भाजपा के शीर्ष नेता भी इस अवसर पर मौजूद रहेंगे। मोदी मंदिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए ऐतिहासिक फैसलों और उनके कार्यों को विभिन्न माध्यमों से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि देशवासी ही नहीं बल्कि भारत में आने वाले अन्य देशों के लोग भी मोदी के महान कार्यों से रूबरू हो सकें।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

वहीं, मोदी के बारे में फैलाई जा रही विभिन्न भ्रांतियों को भी दूर करने का सार्थक प्रयास किया जाएगा। भव्य मोदी मंदिर के निर्माण के लिए नरेंद्र मोदी के भक्त आवश्यक धनराशि जुटाएंगे। उन्होंने बताया कि इस मंदिर में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की भी मूर्ति रहेगी। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री से अनुमति नहीं ली है। यह सब इच्छा शक्ति से होता है और वो उनमें है।

नाव हादसा : जान जोखिम में डालकर खेती करने जाते हैं कई गांवों के किसान

Farmers from many villages go to farming at risk
जान जोखिम में डालकर करने जाते हैं खेती
बागपत जनपद में दोघट थाना क्षेत्र के झूंडपुर, मिलाना, तवेला गढ़ी सहित कई अन्य गांवों के हजारों किसान और मजदूर जान जोखिम में डालकर हिंडन नदी पार कर खेती करने के लिए जाते हैं। कई बार बड़े हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन शासन-प्रशासन ने आज तक किसानों का दर्द नहीं समझा। किसान हिंडन नदी पर वर्षों से पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
क्षेत्र के तवेला गढ़ी, झूंडपुर, मिलाना, पट्टी बंजारन गांव के हजारों किसानों की हिंडन नदी के दूसरी तरफ हजारों बीघा जमीन है। संबंधित किसान और मजदूर हर रोज भैंसा बुग्गी से या फिर तैर कर नदी को पार कर खेतों में काम करने के लिए जाते हैं। हिंडन नदी को पार करने में कई किसान एवं मजदूरों की जान भी जा चुकी है, लेकिन किसान फिर भी नदी पार करने को मजबूर हैं, क्योंकि नदी के उस पार उनकी हजारों बीघा जमीन है। जिस पर खेती करने के लिए जाते हैं। खेती से उनके घरों के चूल्हे चलते हैं।

शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी ने नहीं ली कोई सुध

विधायक सहेंद्र सिंह रमाला

हिंडन नदी के रास्ते किसान को दो मिनट लगती है अपने खेतों तक जाने में और यदि किसान सरोरा पुल से होकर जाए तो उन्हें तीन से चार घंटे अपने खेतों तक जाने में लगते हैं। इसलिए किसान नदी के रास्ते जाना ही सही समझते हैं। संबंधित गांवों के किसान और मजदूर कई साल से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से हिंडन नदी पर पुल निर्माण की मांग कर रहे है, लेकिन आज तक किसी भी जन प्रतिनिधि या शासन-प्रशासन में बैठे अधिकारी ने उनकी कोई सुध नहीं ली। ग्राम प्रधान संजीव कुमार ने हिंडन नदी पर पुल बनाने की मांग की, ताकि तवेला गढ़ी, पट्टी बंजारन, झूंडपुर, मिलाना आदि गांवों के किसानों और मजदूरों को खेतों में जाने के लिए सुविधा मिल सके। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने भी विधानसभा में भी हिंडन नदी पर पुल बनाने का मुद्दा उठाया, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ा।

विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा: सहेंद्र सिंह 
रालोद नेता और छपरौली के विधायक सहेंद्र सिंह रमाला ने कहा विधानसभा में नदियों पर पुल के मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री से मिलकर ग्रामीणों की इस समस्या का समाधान कराएंगे।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.

गुड़गांव रेयान स्कूल मर्डर: पिंटो परिवार को गिरफ्तारी से एक दिन की राहत

रेयान इंटरनेशनल स्कूल।

रेयान इंटरनेशनल के सीईओ रेयान पिंटो द्वारा दायर अग्रिम जमानत की याचिका पर आज (12 सितंबर) को बॉम्बे हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया। पिंटो परिवार को हाई कोर्ट ने गिरफ्तारी से एक दिन की राहत दे दी है। हरियाणा पुलिस की टीम उससे पूछताछ के लिए पहले ही मुंबई पहुंच चुकी है। रेयान इंटरनेशनल स्कूल के वकील ने इस बात की जानकारी दी थी कि स्कूल के संस्थापक और प्रेसिडेंट ऑगस्टीन पिंटो और स्कूल की प्रबंध निदेशक उनकी पत्नी ग्रेस पिंटो ने अपने बेटे रेयान पिंटो के साथ बुंबई हाई कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दी थी।

अबतक क्या हुआ: गुरुग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में शुक्रवार (8 सितंबर) सात साल के बच्चे प्रद्यूम्न की हत्या हो गई। हत्या का आरोप बस कंडक्टर पर लगा। उसके बाद स्कूल के बाहर प्रद्यूम्न के मात-पिता के साथ-साथ बाकी पेरेंट्स ने भी स्कूल के बाहर हंगामा किया। हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि कंडक्टर को फंसाया जा रहा है जबकि असल बात कुछ और ही है। प्रदर्शन में हिंसा भी हुई जिसमें पुलिसवालों ने डंडे भी चलाए।

इसी बीच वसंत कुंज वाले रेयान के खिलाफ भी शिकायत दर्ज हुई। वहां सीसीटीवी काम नहीं कर रहे थे और पानी के टैंक कथित तौर पर खुले रहते थे। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, हरियाणा सरकार के साथ-साथ CBSE को नोटिस भेजा। सुप्रीम कोर्ट को तीन हफ्ते के अंदर जवाब देना होगा। इसमें सभी स्कूलों में सुरक्षा इंतजाम देखने के लिए कहा गया है। रेयान स्कूल में तोड़फोड़ भी की गई थी। घटना के बाद का वीडियो भी सामने आया था। उसमें टॉयलेट के अंदर खून ही खून दिख रहा था।

राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

 डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के उपद्रव से करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हुई है.

खास बातें

  1. साध्वी से रेप मामले में गुरमीत राम रहीम दोषी
  2. कोर्ट के फैसले के बाद राम रहीम समर्थकों का उपद्रव
  3. हाईकोर्ट ने कहा, डेरा की संपत्ति बेचकर नुकसान की भरपाई होगी

नई दिल्ली : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साध्वी से रेप मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उसके समर्थकों ने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत दूसरे पड़ोसी राज्यों में भारी उत्पात मचाया है. अबतक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है. पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्पात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गुरमीत राम रहीम की संपत्ति बेचने का आदेश दिया था. शनिवार को इसी मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की फुलबेंच के सामने होगी. सुबह 10 बजे के करीब होने वाली इस सुनवाई में पुलिस कोर्ट के सामने उपद्रव के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की रिपोर्ट भी पेश करेगी. इसी के आधार पर कोर्ट पुलिस को आगे की कार्रवाई का आदेश सुना सकती है.

28 अगस्त को राम रहीम को मिलेगी सजा: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं से बलात्कार के आरोप में शुक्रवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला 28 अगस्त को होगा. राम रहीम को कोर्ट से ही हिरासत में ले लिया गया है. राम रहीम को सड़क के रास्ते अंबाला जेल ले जाया जाएगा. फैसले को देखते हुए सिरसा स्थित डेरा सौदा मुख्यालय में बड़ी संख्या में डेरा प्रमुख के समर्थक जुटे हुए थे और बड़ी ही तादाद में लोग पंचकूला में डटे हैं.

सुरक्षा बल उन्हें खदेड़ने की कोशिश में लगे हैं. आंसू गैस के गोले छोड़ने की बात भी सामने आ रही है. समर्थकों ने न्यूज चैनलों की ओबी वैन पर भी हमला किया. हालांकि डेरा प्रमुख ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपने अनुयायियों से घर लौटने की भी अपील की थी.

VIDEO: राम रहीम की समर्थकों से अपील

जानें क्या हैं आरोप: गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा दो साध्वियों का यौन उत्पीड़न किए जाने संबंधी अज्ञात चिट्ठी मिलने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2002 में डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज किया था. डेरा प्रमुख ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है.

यूपी के इन-इन जिलों में धारा 144 लागू, समर्थकों ने कई ट्रेनों को रोका, स्कूल बंद

In these districts of UP, Section 144 applies, supporters stopped many trains
सहारनपुर में धारा 144 लागू
हरियाणा से लगते जिलों में पुलिस प्रशासन की ओर से हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। पुलिस को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदेश में ऐसे किसी भी तत्व को घुसने नहीं देना है जिनसे यूपी में भी उपद्रव की आशंका है। साथ ही सभी अफसर खुफिया इकाईयों को भी सतर्क  कर दिया गया है। सीमाओं पर सभी पुलिस रिस्पांस व्हीकल व कंट्रोल रूम को सूचना मिलने पर तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।
मेरठ जोन और खास तौर पर पश्चिम यूपी के उन जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं, जहां की सीमाएं हरियाणा व दिल्ली से मिलती हैं। बागपत के बरनावा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम पर सुबह से ही पुलिस तैनात रही। बागपत में कासिमपुर खेड़ी और किशनपुर बराल के आधा दर्जन से अधिक लोग हरियाणा के पंचकूला गए हैं। उनके परिजन लगातार खबर ले रहे हैं। वहां फंसे लोगों ने परिवार को सुरक्षित होने की बात कही है। बरनावा स्थित डेरा सच्चा सौदा आश्रम पर कुछ समर्थक सुबह से ही जमा थे, हालांकि फैसला आने के बाद वह धीरे धीरे यहां से निकल गए।  पंजाब और हरियाणा में भड़की हिंसा के बाद दिल्ली सहारनपुर रूट की करीब 20 से अधिक ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इनमें छह ट्रेनों कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस, कटिहार-जालंधर, जनसेवा एक्सप्रेस, लखनऊ-चंडीगढ़ मेल, हजरत निजामुद्दीन- अंबाला, दिल्ली-अंबाला एक्सप्रेस को सहारनपुर में ही रोक दिया गया।  मुजफ्फरनगर में एसएसपी ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। शामली में मेरठ-करनाल व पानीपत खटीमा हाईवे और बागपत में गौरीपुर यमुना पुल पर वाहनों की चेकिंग की गई।

सहारनपुर, मुजफ्फरनगर शामली, और बागपत जिलों में धारा 144 लगा दी गई। सूचना मिल रही है कि सहारनपुर में कई ट्रेनों को रोक दिया गया। यात्री जमकर हंगामा कर रहे हैं। बताया जाता है कि यात्री सुबह से भूखे प्यासे हैं और अब एक जगह खड़ी ट्रेन में परेशान हो रहे हैं। वहीं बागपत में भी बाबा गुरमीत राम रहीम के बरनावा आश्रम को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पूरे बागपत जिले में पुलिसफोर्स तैनात कर दी गई है।

उधर, मेरठ में भी सहोदय ने पब्लिक स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया है। मेरठ सहोदय के सदस्यों ने देर रात बैठक कर स्कूलों को शनिवार को बंद रखने का निर्णय लिया। मेरठ सहोदय के अध्यक्ष व केएल इंटरनेशनल स्कूल के प्रिसिंपल सुधांशु शेखर ने बताया कि छात्रों की सुरक्षा के लिहाज से शनिवार को सभी स्कूल बंद रहेंगे।

उधर, मुजफ्फरनगर में भी अलर्ट घोषित कर दिया गया है। एसएसपी अनंत देव ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को अपने क्षेत्र में भ्रमण करने के निर्देश दिए हैं। गांधी कालोनी स्थित रामचर्चा भवन पर ताला लटका हुआ है। शहर में राम रहीम के अनुयायी करीब सात हजार से अधिक बताए गए हैं, जबकि जिले में इनकी संख्या 20 हजार से अधिक बताई गई है। रद्द होने वाली ट्रेनों में कालका पैसेंजर, शालीमार एक्सप्रेस आदि शामिल हैं। जालंधर एक्सप्रेस को अंबाला तक चलाया गया है। बाकी ट्रेनों का संचालन सहारनपुर तक कर दिया गया है। अचानक ट्रेनों के रद्द होने से यात्री परेशान हैं।

खतौली में पुलिस शुक्रवार को सुबह से ही अलर्ट रही। पुलिस ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डा समेत देहात क्षेत्र में गश्त किया। खतौली क्षेत्र में भी डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों की काफी संख्या है।

बुढ़ाना में कोर्ट में आरोप सिद्ध होने का समाचार मिलते ही उनके समर्थकों में रोष फैल गया। कस्बे में राजबीर, रोहिताश, मांगेराम, अश्वनी, अंकित तथा महिला रोशनी, बीरी आदि ने कहा कि बाबा उनके भगवान हैं। भगवान पर आरोप लगाना गलत है। न्यायालय के निर्णय से उनके समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।

मुजफ्फरनगर रेल हादसा : सिर्फ 36 मिनट में रेलवे को हुआ इतना बड़ा नुकसान

Muzaffarnagar Rail Incident: the huge damage done to the railway in just 36 minutes
मुजफ्फरनगर में रेल हादसा
कलिंग उत्कल एक्सप्रेस हादसे से रेलवे को 36 मिनट में करीब तीस करोड़ रुपये का नुकसान होने की बात सामने आ रही है। लेकिन इस सरकारी नुकसान को जनता की जेब के बजाय लापरवाह अफसरों और कर्मचारियों से वसूला जाए तो ऐसे हादसों पर कुछ हद तक ब्रेक लग सकता है।

सरकारी लापरवाही
खतौली से लेकर मंसूरपुर के बीच रेलवे ट्रैक काफी पुराना होने के साथ ही जर्जर अवस्था में पहुंच गया है। आए दिन इस ट्रैक पर मरम्मत का कार्य होता है। लेकिन पटरियां आए दिन चटकती रहती हैं। टूटी पटरियों से ट्रेनें गुजरने की खबरें छपने के बावजूद रेलवे अधिकारी नींद से नहीं जागे। इसका नतीजा गत शनिवार को दिखा जब बिना ब्लाक लिए ही कर्मचारी खतौली में ट्रैक की मरम्मत करने लगे। इस बीच मेरठ से शाम 5:10 बजे रवाना हुई उत्कल एक्सप्रेस 36 मिनट बाद शाम 5:46 बजे धड़धड़ाती हुई खतौली पहुंची तो कर्मचारी खुले ट्रैक को ही छोड़कर भाग खड़े हुए और यह भीषण हादसा हो गया।

नतीजा जान-माल का नुकसान
रेलवे के अनुसार इस हादसे में 22 लोगों की मौत हुई। 97 लोग घायल हुए। हादसे के बाद बनाई गई विभागीय संयुक्त कमेटी की जांच रिपोर्ट में रेलवे के पाथ-वे विभाग को घटना का दोषी माना गया।

चार साल में 345 लोगों की मौत

रेल हादसा

किसी बड़े हादसे के बाद यात्री सुरक्षा के दावे फेल साबित होते हैं। एक सप्ताह के भीतर ही यूपी में दूसरा रेल हादसा औरैया में हो गया। इसमें आजमगढ़ से दिल्ली जा रही कैफियत एक्सप्रेस मानव रहित फाटक पर एक डंपर से टकरा गई। 10 डिब्बे पटरी से उतर गए।

कैरिज एंड वैगन में तीन करोड़ रुपये के नुकसान का आंकलन किया। इसके अलावा पाथ-वे व एसएंडटी पर तीन लाख का नुकसान दर्शाया गया। लेकिन यह नुकसान रेलवे अधिकारियों ने पुराने कोच की कीमत मानते दर्शाया था। इसमें 12 करोड़ रुपये के कोच, छह करोड़ से ट्रैक का नवीनीकरण, 1.7 करोड़ दुर्घटना मुआवजा बांटने के साथ करीब दस करोड़ का नुकसान 36 घंटे यातायात ठप होने से हुआ है।

सीपीआरओ नार्दन रेलवे नीरज शर्मा ने बताया 
कि उत्कल हादसे से रेलवे को बड़ा नुकसान हुआ है। अधिकारी हादसे से हुए नुकसान का आंकलन जुटा रहे हैं। ऐसे हादसे रोकने के प्रभावी इंतजाम होंगे।

बीते सालों में हुए कुछ बड़े रेल हादसे

खतौली ट्रेन हादसा

19 अगस्त 17 : खतौली में उत्कल एक्सप्रेस डिरेल, 22 लोगों की मौत
17 मार्च 17 : बंगलूरू में एंबुलेंस की ट्रेन से भिड़ंत, 4 महिलाओं की मौत
22 जनवरी 17 : हीराखंड एक्सप्रेस आंध्रप्रदेश में पटरी से उतरी, 27 यात्रियों की मौत
20 नवंबर 16 : कानपुर के पास पुखरायां में रेल हादसे में 150 से ज्यादा लोगों की मौत,
25 जुलाई 16 : इलाहाबाद पैसेंजर भदोही में स्कूल वैन से टकराई, 10 स्कूली बच्चों की मौत
20 मार्च 15 : देहरादून से वाराणसी जा रही जनता एक्सप्रेस पटरी से उतरी, 34 की मौत
25 मई 15 : कौशांबी के सिराथू स्टेशन के पास मूरी एक्सप्रेस में हादसा, 25 की मौत
5 अगस्त 15 : मध्यप्रदेश के हरदा में दस मिनट में दो ट्रेन हादसे, 31 लोगों की मौत


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