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किशोरी को अगवा कर गैंगरेप, एक गिरफ्तार

Kidnapped gangrape, arrested one
rapePC: Demo
भावनपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में 17 वर्षीय किशोरी को अगवा कर गैंगरेप का मामला सामने आया है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
शनिवार को 17 वर्षीय किशोरी अपनी मां के साथ खेत में गई थी। किशोरी की मां दूसरे खेत में चारा काट रही थी। आरोप है कि चेहरे पर कपड़ा बांधे दो युवक वहां पहुंचे और किशोरी की कनपटी पर तमंचा तान दिया। जिसके बाद दोनों युवकों ने किशोरी को धमकी दी कि यदि शोर मचाया तो गोली मार देंगे। आरोप है कि दोनों युवक किशोरी को ईख के खेत में ले गए। जहां युवकों ने उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और उसके साथ गैंगरेप किया। इस दौरान किशोरी ने आरोपी युवकों से हाथापाई भी की।

इस बीच किशोरी की मां वहां पहुंची तो आरोपी उसके साथ मारपीट कर भाग गए। रविवार को परिजन किशोरी को लेकर भावनपुर थाने पहुंचे। पुलिस ने किशोरी को मेडिकल परीक्षण के लिए महिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसओ भावनपुर विनोद कुमार का कहना है कि एक आरोपी फिरोज को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

गैंगरेप के बाद आरोपी से निकाह, फिर बेच डाला

marriage after gangrape, then sold
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
अपहरण कर किशोरी से गैंगरेप और फिर एक आरोपी से पुलिस की मौजूदगी में निकाह कराया गया। यही नहीं, आरोपियों ने इस किशोरी को दिल्ली में बेच डाला। बंधन मुक्त होकर किशोरी थाने पहुंची। लेकिन पुलिस ने उसको धमकाकर भगा दिया। बुधवार को भाजपा के पूर्व विधायक के नेतृत्व में पीड़ित परिवार आईजी रेंज से मिला। आईजी ने कार्रवाई करने की बात कहकर पुलिस पर भी जांच बैठा दी है।
मामला परीक्षितगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव का है। आरोप है कि दो मार्च 2017 को एक किशोरी को तीन युवक अगवा कर ले गए और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। परिजनों ने थाने में शिकायत की तो पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर किशोरी को बरामद कर लिया। आरोपियों के परिजनों की साठगांठ के चलते पुलिस ने एक आरोपी से किशोरी का जबरन निकाह करा दिया।
पुलिस ने बताया कि यह आरोपी अपने साथियों के साथ किशोरी को दिल्ली ले गया। किशोरी का आरोप है कि दिल्ली में उसको बेचा गया, जहां पर सेक्स रैकेट चलता है। 17 मई 2017 को किशोरी आरोपियों के चुंगल से छूटकर किठौर थाने पहुंची। पुलिस ने किशोरी की मां को थाने बुलाया और मां-बेटी को फटकारकर थाने से भगा दिया।

पूर्व विधायक के साथ पहुंचे परिजन 
बुधवार को भाजपा के पूर्व विधायक गोपाल काली के साथ पहुंचे पीड़ित परिवार ने आईजी रेंज रामकुमार को प्रकरण से अवगत कराया। आईजी ने आरोपियों पर तुरंत मुकदमा दर्ज कराने और पुलिस के खिलाफ जांच कराने का आश्वासन दिया। आईजी ने पुलिस की मौजूदगी में किशोरी का निकाह होने पर भी गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने इस मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही।

छात्रा को अगवा कर मथुरा और आगरा में दुष्कर्म

after kidnap girl raped in mathura and agra
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 परतापुर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी से डेढ़ माह पहले व्यापारी की अपहृत बेटी को शनिवार रात पुलिस ने मथुरा से बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी बीफार्मा के छात्र को भी गिरफ्तार किया है। इंस्पेक्टर परतापुर के अनुसार आरोपी ने छात्रा को मेरठ के अलावा मथुरा और आगरा के होटल में नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया था। छात्रा का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने आरोपी के साथी छात्र को भी हिरासत में लिया है।

इंस्पेक्टर परतापुर दीपक शर्मा के अनुसार परतापुर क्षेत्र की एक कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय छात्रा ने दसवी कक्षा की परीक्षा दी थी। छह अप्रैल को छात्रा का अपहरण कर लिया गया था। छात्रा के परिजनों ने सूरज पुत्र चौखेलाल निवासी कोलाना मांट जिला मथुरा के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कराया था। आरोपी सूरज परतापुर बाईपास स्थित एक डेंटल कॉलेज में बीफार्मा फाइनल ईयर का छात्र था। छात्रा के घर के पास ही आरोपी किराए के मकान में रहता था। इंस्पेक्टर के अनुसार आरोपी सूरज ने पूछताछ में बताया कि अपहरण के बाद उसने छात्रा को नशीला पदार्थ देकर अपने कमरे में रखा था। जिसके बाद वह उसे पहले मथुरा ले गया था, जहां एक होटल में दो दिन तक रखकर उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर आगरा के एक होटल में भी दुष्कर्म किया गया। इसके बाद उसने मथुरा के मांट इलाके में किराए का कमरा लिया था, जहां भी वह छात्रा के साथ दुष्कर्म करता रहा था।

ये बढ़ीं धाराएं 
सूरज के खिलाफ दर्ज अपहरण के केस में दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धारा बढ़ाई गई है। इंस्पेक्टर के अनुसार छात्रा नाबालिग है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद छात्रा के कोर्ट में बयान दर्ज कराए जाएंगे।

तीन बार बदले नंबर
पुलिस के अनुसार सूरज ने पुलिस से बचने के लिए डेढ़ माह में तीन बार अपने मोबाइल नंबर बदले। पुलिस ने सूरज के मेरठ में चल रहे मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया था। जिसकी लोकेशन के आधार पर मथुरा में दबिश दी गई थी। पुलिस के आने की सूचना पर उसने नंबर बंद कर दूसरा सिम ले लिया था। फिर पुलिस ने दबिश दी तो सूरज ने फिर नंबर चेंज कर लिया था। बाद में पुलिस ने सूरज के एक साथी छात्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो आरोपी की गिरफ्तारी और छात्रा बरामद हो पाई। आरोपी ने छात्रा के साथ मथुरा के मंदिर में शादी करने का भी दावा किया। लेकिन पुलिस ने इसे नकार दिया।

घर में मारपीट, थाने में सुलह, मस्जिद में निकाह

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
रिश्तेदार युवक से प्यार हुआ तो लड़की पक्ष ने एतराज किया। लड़की पर बंदिशें लगाई। शुक्रवार को लड़की प्रेमी के घर पहुंची। नाराज लड़की पक्ष ने हमला बोल दिया। प्रेमी भी घायल हो गया। पुलिस दोनों पक्षों को थाने लेे गई , लेकिन  युवती ने थाने जाकर अपने प्यार की कहानी पुलिस को बताई। पुलिस भी पसीज गई। पुलिस की मध्यस्ता से दोनों पक्षों में सुलह करा दोनों का निकाह करा दिया गया।
लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के हुंमायू नगर निवासी सलाउद्दीन (26) और उसके पड़ोस में रहने वाली उसकी खाला की बेटी गुलबहार (20) के बीच रिश्तेदारी के नाते आना जाना था। इसी बीच दोनों एक दूसरे को चाहने लगे। बकौल सलाउद्दीन गुलबहार के परिजनों को उनका रिश्ता पसंद नहीं था। शुक्रवार शाम को अपने परिजनों के रवैये से आहत गुलबहार सलाउद्दीन के घर पहुंच गई और उसी के साथ रहने की जिद पर अड़ गई।
आरोप है कि इससे गुस्साए गुलबहार के परिजनों ने सलाउद्दीन के परिजनों पर हमला बोल दिया। सलाउद्दीन और गुलबहार का भाई सद्दाम घायल हो गए । किसी ने यूपी 100 को सूचना दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची वह सलाउद्दीन सहित दोनों पक्ष के चार लोगाें को थाने ले आई। पुलिस मारपीट का मामला दर्ज करने ही वाली थी कि गुलबहार थाने पहुंच गई । उसने अपने और सलाउद्दीन के प्यार के बारे में बताया। उसने बताया कि दोनों निकाह कर एक साथ रहना चाहते हैं लेकिन उसके घर वाले इस रिश्ते को मंजूर नहीं कर रहे। उसने पुलिस को बालिग होने का प्रमाण भी दिखाया। इस बीच दोनों पक्ष के परिजन भी थाने पहुंच गए।
थानाध्यक्ष धमेंद्र कुमार के अनुसार थाने में दोनों पक्षों में सुलह हो गई। बच्चों की खुशी देख दोनों पक्ष दोनों के निकाह को भी रजामंद हो गए । थाने में ही गोला कुंआ की आयशा मस्जिद के इमाम मरगूब रहमान और समाज के कुछ गणमान्य लोगों को थाने बुलाया और कागजी कार्रवाई पूरी कर मौलवी के साथ निकाह कराने को भेज दिया। देर रात मौलवी ने दोनों पक्षों और कुछ समाज के गणमान्य लोगों की  मौजूदगी में मस्जिद परिसर में दोनों का निकाह करा दिया। निकाह के बाद सलाउद्दीन और गुलबहार बेहद खुश थे। सलाउ्दीन के सिर में चोट लगी थी। उसने कहा कि उसे सालों बाद अपनी मंजिल मिली है।

मेरठ की महिला से दिल्ली के होटल में गैंगरेप

gangrape  with meerut lady in delhi hotel
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर निवासी एक महिला से गैंगरेप का मामला सामने आया है। सोमवार शाम महिला अपने पति के साथ थाने पहुंची और चार युवकों पर गैंगरेप का आरोप लगाकर तहरीर दी। पुलिस ने महिला को मेडिकल परीक्षण के  लिए भेज दिया।
महिला का पति विदेश में इमाम है। पीड़िता का आरोप है कि एक माह पहले पड़ोस के युवक ने पासपोर्ट बनवाने का आश्वासन दिया था। 15 अप्रैल को पड़ोसी युवक महिला को पासपोर्ट बनवाने के बहाने दिल्ली ले गया। वहां एक होटल में ले जाकर युवक ने कोल्डड्रिंक में उसे नशीला पदार्थ दिया। आरोप है कि चार युवकों ने महिला के साथ होटल में गैंगरेप किया। इस दौरान आरोपी युवकों ने महिला की वीडियो भी बना ली।
24 अप्रैल को आरोपी युवक फिर से अपने दो साथियों के साथ महिला के घर पहुंचा और उसे गाजियाबाद चलने के लिए दबाव डाला। युवक ने उसके बच्चे पर तमंचा तानते हुए कहा कि यदि वह नहीं गई तो वीडियो क्लीपिंग को नेट पर डाल दिया जाएगा। महिला का पति विदेश से लौटा तो पीड़िता ने आपबीती सुनाई। महिला अपने पति को लेकर लिसाड़ीगेट थाने पहुंची और चार युवकों के खिलाफ गैंगरेप की तहरीर दी है। पुलिस ने आरोपी युवक की तलाश में दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। एसओ लिसाड़ीगेट धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि तहरीर के आधार पर जांच कर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

सुनियोजित तरीके से हत्या, राजदार ने की मुखबिरी

property dealer murder in modipuram
देवीदास मोहल्ले में विलाप करते प्रापर्टी डीलर के परिजन।PC: अमर उजाला ब्यूराो
रुड़की रोड पर शनिवार देर रात प्रॉपर्टी डीलर सुबोध शर्मा की गोली बरसाकर हत्या करने की वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था। पुलिस के अनुसार हत्या के पीछे सुबोध से जुड़े रहे करीबी लोगों की भूमिका को तलाशा जा रहा है। अंदेशा है कि किसी निजी अदावत में यह हत्या की गई, जिसमें सुबोध की मुखबिरी किसी राजदार ने की। हालांकि अभी कोई आरोपी हत्थे नहीं चढ़ा है। पोस्टमार्टम के बाद सुबोध के शव का रविवार को खतौली में अंतिम संस्कार किया गया।
मूल रूप से खतौली के मोहल्ला देवीदास निवासी सुबोध पुत्र सुरेंद्र शर्मा वर्तमान में मोदीपुरम की आनंद निकेतन कॉलोनी में दूसरी पत्नी ज्योति, बेटे प्रभव (11) और बेटी आराध्या (4) के साथ रहते थे। शनिवार देर रात उनके परिचित खतौली निवासी सुधीर शर्मा की भतीजी की शादी हाईवे स्थित नारायण फार्म हाउस में थी। जिसमें शरीक होने के बाद सुबोध दोनों बच्चों के साथ स्कूटी से घर लौट रहे थे।
किसी करीबी पर शकइंस्पेक्टर पल्लवपुरम के अनुसार सुबोध के भाई सुभाष की तहरीर पर हत्या में खतौली निवासी सुधीर शर्मा, राजबीर उर्फ टीटू, दीपक बंसल, मुजफ्फरनगर निवासी धर्मेंद्र और ड्रग इंस्पेक्टर राकेश यादव नामजद हुए हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या की फुलप्रूफ प्लानिंग की गई। हत्यारों को पूरी जानकारी थी कि सुबोध कब घर से चला और कब शादी समारोह में शरीक होने के बाद स्कूटी से निकला। बच्चों को कुछ न कहने से स्पष्ट है कि हत्यारों का टारगेट सुबोध ही था, जो सुबोध से ही किसी खास रंजिश की तरफ इशारा करता है। एसओ पल्लवपुरम के अनुसार शनिवार रात ही शादी समारोह से एक युवक को हिरासत में लिया गया था। जिससे पूछताछ हो रही है।

पांच गोलियां लगीं
पुलिस
ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से बताया कि सुबोध को पिस्टल की तीन गोलियां सिर और दो पेट में लगी थीं। मौके से तीन खोखे भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताए जांच के ये बिंदु
1. हत्या की वजह प्रॉपर्टी को लेकर विवाद, पारिवारिक विवाद, पैसे के लेनदेन को लेकर रंजिश मानी जा रही है। सुबोध ने दो शादियां की थीं। पहली पत्नी सुधा मोदीनगर निवासी है, जो सुबोध के घर खतौली में रहती है। दूसरी पत्नी ज्योति निवासी दिल्ली सुबोध के साथ मोदीपुरम में रहती थी।
2. नामजद राजबीर, दीपक, सुधीर और ड्रग इंस्पेक्टर राकेश यादव सुबोध के साथ प्रॉपर्टी व्यवसाय से जुड़े थे। खतौली में मेडिकल स्टोर चलाने वाले सुधीर की राकेश यादव में दोस्ती थी। राकेश की सुबोध की बात बिगड़ गई थी। जिसके चलते उसने 27 जनवरी को विजिलेंस मेरठ से उसे मुजफ्फरनगर में पकड़वाया था। वह कुछ समय पहले ही जेल से छूटा है। सस्पेंड होने के बाद राकेश लखनऊ हेडक्वार्टर से संबद्ध चल रहा है।
3. खतौली में करीब बीस साल पहले एक हत्या में सुबोध नामजद हुआ था। हालांकि इसमें समझौता हो गया था। वहीं, नामजद दीपक ने भी गाड़ी के मामले में खतौली थाने में 17 जून 2015 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुबोध ने एक गाड़ी खरीदी थी, जिसमें गारंटर दीपक था। गाड़ी की किश्त न देने पर नोटिस आने पर विवाद हुआ था। दीपक ने पैसा जमा कर गाड़ी अपनी तरफ कर ली थी। राजबीर से भी प्रॉपर्टी के विवाद में मुकदमा चल रहा था। एसओ पल्लवपुरम का कहना है कि हत्या की जांच इन्हीं बिंदुओं के इर्द-गिर्द घूम रही है।

…इन्हें कोई डेडबॉडी मत बोलो
मोदीपुरम।
सुबोध की हत्या की खबर सुनकर पहले ज्योति और इसके करीब एक घंटे बाद दूसरी पत्नी सुधा रिश्तेदारों के साथ शनिवार देर रात निजी अस्पताल पहुंची थी। सुबोध का खून से लथपथ शव देखकर सुधा बेहोश हो गई थी। जबकि ज्योति सदमे में यह मानने को तैयार नहीं थी कि सुबोध की मौत हो चुकी है। वह बार-बार विलाप करते कह रही थी कि इन्होंने (सुबोध ने) बोला था कि मैं तुम्हें कभी नहीं छोड़कर जाऊंगा। मेरी बात सुनो। तुम खड़े क्यों नहीं हो रहे हो। जल्दी खड़े हो जाओ। इनके गले में साईं बाबा हैं। इन्हें कुछ नहीं होगा। इनके कपड़े गंदे हो गए है, जल्दी बदलो। ये कहीं नहीं जा सकते। ये तो मुझसे कहकर गए थे कि मैं थोड़ी देर में आ रहा हूं। मैं इन्हें दूसरे अस्पताल में लेकर जाऊंगी और ये मेरे साथ जाएंगे। इन्हें कोई डेडबॉडी मत बोलो, ये मेरे पति है।

मासूम के साथ क्राइम सीन
पुलिस
ने इस हत्याकांड के चश्मदीद दोनों बच्चों से भी पूछताछ की। पुलिस सुबोध के बेटे प्रभव को लेकर मौका-ए-वारदात पर पहुंची। उससे वारदात को लेकर क्राइम सीन जाना। पुलिस के अनुसार प्रभव इतना ही बता पाया कि गाड़ी सफेद और वीडीआई थी। पुलिस गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की बच्चों से पहचान भी कराएगी।

पापा को अंकल ने गोली मार दी
अस्पताल
में दोनों बच्चे मां से पूछ रहे थे कि पापा कब उठेंगे? पापा ठीक हो जाएंगे ना मम्मी? पापा को गोली मार दी ना अंकल ने? इसके बाद वे मां को रोता देख खुद भी बिलख पड़े।

हत्या में झूठा फंसाने का आरोप
नामजद
आरोपी सुधीर शर्मा की तरफ से उनके भाई अनुज शर्मा द्वारा रविवार को एसएसपी मेरठ को दिए प्रार्थनापत्र में सुधीर शर्मा को इस केस में झूठा फंसाने का आरोप लगाया गया। प्रार्थनापत्र में दावा किया गया कि उनके सुबोध से कोई वैमनस्यपूर्ण संबंध नहीं थे। सुधीर या उनके परिवार के किसी सदस्य का इस घटना से कोई लेना-देना नहीं है। हत्या की जांच एसएसपी अपने स्तर पर कराकर दोषियों को दंडित करें।

गर्भवती पत्नी की हत्या कर हंसते हुए थाने पहुंचा

pregnant woman murder accused smile in police station
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
अवैध संबंधों के शक में गर्भवती पत्नी की हत्या जैसी सनसनीखेज वारदात कर एक पति शुक्रवार सुबह हंसता हुआ खरखौदा थाने पहुंच गया। नए कपड़े पहने इस युवक की बात को पुलिस ने पहले तो मजाक में लिया। लेकिन बार-बार हत्या-हत्या चिल्ला रहे युवक को करीब आधा घंटे बाद पुलिस उसके घर लेकर पहुंची तो पत्नी की रक्तरंजित लाश देखकर उसके होश उड़ गए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त खून से सना चाकू बरामद करते हुए हत्यारोपी पति को गिरफ्तार कर लिया।

मामला खरखौदा थानाक्षेत्र के कैली गांव का है। नरेंद्र पुत्र राजबल की शादी 17 जनवरी 2017 को पिंकी (22) पुत्री बाबूराम निवासी हबीसपुर, बाबूगढ हापुड़ से हुई थी। नरेंद्र करीब दो माह से गर्भवती पत्नी पर अवैध संबंधों को लेकर शक किया करता था। शुक्रवार सुबह आठ बजे नरेंद्र के पिता राजबल और मां मूर्ति खेत पर गेहूं काटने चले गए। छोटी बहन अलका स्कूल चली गई। घर में अकेली पिंकी को पहले पीटा और दुपट्टे से गला घोट दिया। उसके बाद सब्जी काटने वाले चाकू से उसकी गर्दन काट दी।

नए कपड़े पहने, खाना खाया
हत्या के बाद नरेंद्र ने खून से सने कपड़े बदलकर नए कपड़े पहने। इत्मिनान से खाना खाया और फिर साइकिल से सुबह नौ बजे खरखौदा थाने पहुंच गया। नरेंद्र ने हंसते हुए पुलिस से कहा कि उसने अपनी पत्नी हत्या कर दी। उसके कपड़े भी साफ थे और वह हंस रहा था। इसके चलते पुलिस को उसकी बातों पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन बार-बार पत्नी की हत्या करने की बात कह रहे नरेंद्र को पुलिस शक होने पर उसे लेकर कैली गांव में पहुंची। पिंकी की लाश देख पुलिस भी दंग रह गई।

हवालात में भी हंसता रहा
पुलिस ने आरोपी नरेंद्र को गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया। नरेंद्र हवालात में भी हंसते हुए कहता रहा कि उसे पत्नी की हत्या का कोई पछतावा नहीं।

तूने तो दो जान ले लीं
थाने पहुंचे नरेंद्र के परिजनों ने उसे खरीखोटी सुनाते हुए कहा कि तूने एक नहीं दो जानें ली हैं। तुझे भगवान भी माफ नहीं करेगा। पिंकी के पिता बाबूराम ने हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है।

परिवार पर टूटा गम का पहाड़ 
राजबल मूल निवासी कुआंखेड़ा परीक्षितगढ़ के निवासी हैं। 20 साल पहले वह गांव छोड़कर मोदीनगर चले गए थे। राजबल के तीन बेटों में जितेंद्र की दो साल पहले संदिग्ध हालत में जबकि अमित की पांच साल पहले हादसे में मौत हो गई थी। कैली में ही राजबल की बहन भी रहती थी। इसके चलते राजबल पत्नी, बेटी अलका और बेटे नरेंद्र के साथ करीब पांच साल पहले कैली गांव में आकर रहने लगे थे। पहले दो बेटों की मौत और अब तीसरा बेटा पुत्रवधू की हत्या में जेल चला गया। जिसको लेकर परिवार पर गम का पहाड़ टूट गया है।

एक सप्ताह से कर रहा था इंतजार
पुलिस के मुताबिक नरेंद्र ने बताया कि उसे शक था कि पिंकी के पेट में उसका बच्चा नहीं है। वह एक सप्ताह से पिंकी की हत्या करने का प्रयास कर रहा था। वह रोजाना सोचता था कि घर पर जिस दिन पिंकी अकेली होगी, तभी वह उसे मार डालेगा।

पति की सेवा करती थी पिंकी
पिंकी के पिता बाबूराम ने बताया कि उसकी बेटी पिंकी बहुत हंसमुख और समझदार थी। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर ग्रामीणों के सहयोग से उसकी शादी नरेंद्र से धूमधाम से की गई थी। नरेंद्र मानसिक रूप से अस्वस्थ रहता था। करीब 10 साल पहले उसका दिल्ली के गुरु तेगबहादुर अस्पताल में इलाज कराया गया था। पिंकी तो पति की खूब सेवा करती थी। उसे कोई कष्ट नहीं उठाने देती थी।

मां-बहन के साथ कई साल से कर रहा था दुष्कर्म, मां-बहन ने ही दे दी सुपारी

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पुलिस ने किया फिरोज की हत्या का पर्दाफाश
सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र की एकता कालोनी में मिली सिर कटी लाश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सिर कटी लाश एकता कालोनी निवासी फिरोज की थी। हत्या उसकी सगी मां और बहन ने ही सुपारी देकर अपने ही एक पड़ोसी और उसके साथी से कराई थी। मां और बहन का आरोप है कि फिरोज मानसिक रूप से बीमार था और दोनों के साथ ही दुष्कर्म करता था। हत्यारोपियों ने फिरोज की हत्या कर सिर को अपने ही मकान में दबा दिया था। पुलिस ने सिर और हत्या में प्रयुक्त दांव एवं छुरा बरामद कर लिया है।
बृहस्पतिवार को हुए इस जघन्य हत्याकांड का रविवार को नगर पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने खुलासा किया है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की सुबह थाना कुतुबशेर की एकता कालोनी में आबादी के बीच खाली पड़े एक प्लाट में बोरे में एक सिर कटी लाश मिली थी। उसके हाथ पर एफ लिखा हुआ था। एसपी ने बताया कि मोहल्ले में जानकारी के बाद ग्राम अफगान, नकुड़ निवासी मो. तालिब उर्फ विनोद कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने मृतक की पहचान अपने बेटे फिरोज के रूप में की। जो अपनी मां और बहन के साथ न्यू एकता कालोनी में रहता था। मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक की मां और बहन की तलाश शुरू कर दी और उन्हें टपरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। जो कहानी मां और बहन ने बताई उससे सुनकर हर कोई दहल गया।

बदला लेने को सराफ के पूर्व ड्राइवर ने कराई थी लूट

Revenge was looted by former driver of gold
पुलिस ने पकड़े लूट करने वाले बदमाश।PC: अमर उजाला ब्यूराो
मेरठ शहर सराफा बाजार के सराफ मुकेश जैन के दो कर्मचारियों से गाजियाबाद में 28 मार्च को हुई 11.75 लाख कैश और 35 किलो चांदी की लूट का रविवार को खुलासा हो गया। एसएसपी गाजियाबाद दीपक कुमार के अनुसार सराफ का पूर्व ड्राइवर सुशील ही इस वारदात का मास्टर माइंड निकला। जिसने सराफ से बदला लेने के लिए लूट की साजिश रची थी। नौ में से चार बदमाशों को गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे एक एसेंट कार, 18 किलो चांदी की ईंटें, 9 एमएम की पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है।
पकड़े गए आरोपी
ऋतुराज निवासी कंकरखेडा मेरठ, अनुज उर्फ विक्की निवासी मुजफ्फरनगर, सुशील निवासी सरूरपुर मेरठ, राजकुमार निवासी ब्रह्मपुरी।

इसलिए रखता था रंजिश
एसएसपी के अनुसार सुशील सराफ मुकेश जैन की गाड़ी चलाता था। उसने अपने पिता के बीमार होने पर सराफ से पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसे सराफ ने देने से इंकार कर दिया था। उसके कुछ दिन बाद सुशील को लेकर मुकेश परिवार के साथ अंबाला घूमने गए थे। लौटते समय करनाल-मेरठ मोड़ पर स्थित ठेके पर सुशील ने गाड़ी रोककर शराब पीने के साथ शराब की बोतल भी खरीदी थी। जिस पर मुकेश ने उसे गाड़ी से उतार दिया था। उसकी हरकतें देख कुछ दिन बाद ही नौकरी से भी निकाल दिया था। उसके बाद से सुशील बदला लेने की फिराक में था।

सुशील ने किया ऋतुराज गैंग से संपर्क
सुशील को सराफ के कारोबार की पूरी जानकारी थी। उसने बदला लेने के लिए शातिर बदमाश ऋतुराज से सराफ की मुखबिरी की। इस वारदात में नौ बदमाशों को शामिल किया गया था।

कुख्यात बदमाश बना था फर्जी दरोगा
28 मार्च को सराफ का कर्मचारी नीरज और ड्राइवर मोनू मेरठ से दिल्ली कैश और चांदी लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से निकले थे। ऋतुराज ने बाईपास से एसेंट कार से उनका पीछा शुरू कर दिया था। ऋतुराज की सूचना पर मेरठ तिराहे पर काले रंग की फॉरर्च्यूनर गाड़ी ने स्विफ्ट डिजायर कार को ओवरटेक कर रुकवा दिया था। फॉरर्च्यूनर में कुख्यात बदमाश कुलदीप उर्फ कपिल उर्फ डाक्टर हरियाणा के दरोगा की वर्दी पहनकर अपने साथियों के सवार था। चेकिंग की बात कहकर नीरज और मोनू को अगवा कर वापस मेरठ की तरफ ले गए थे। परतापुर के गून गेझा के जंगल में बदमाशों ने चांदी, कैश और कार कब्जे में कर दोनों को नशे की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। फिर भोजपुर क्षेत्र के जंगल में दोनों को फेंककर फरार हो गए थे।

पुलिस से पहले ही जेल पहुंचे
एसएसपी ने बताया कि शातिर बदमाश कुलदीप महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है। उस पर राजस्थान, हरियाणा, यूपी, दिल्ली में ठगी, लूट, डकैती, हत्या के 18 मुकदमे दर्ज हैं। जिसे अलवर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल रोहित निवासी मेरठ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रोहित चार करोड़ की सोने की डकैती में हिमाचल प्रदेश से सजायाफ्ता है। लूट में शामिल दीपक निवासी मेरठ, गुलाब निवासी बीबीनगर (बुलंदशहर) और आशू निवासी गौतमबुद्ध नगर फरार हैं।

फॉरर्च्यूनर पर ऑडी का नंबर
पुलिस के मुताबिक लूट में प्रयुक्त फॉरर्च्यूनर पर सपा सरकार में रहे एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे की ऑडी कार का नंबर था। फिलहाल फॉरर्च्यूनर बरामद नहीं हुई है।
सराफ रहते थे निशाने पर
ऋतुराज के गैंग के निशाने पर सराफ रहते थे। कुछ सदस्य सराफा व्यापारियों की रेकी करते थे। कुछ सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देते थे। यह गैंग वेस्ट यूपी में वारदातों को अंजाम देता था। वारदात में लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग होता था।

हम खुलासे से संतुष्ट
सराफ मुकेश जैन के बेटे नितेश जैन ने बताया कि वह इस केस के खुलासे से पूरी तरह संतुष्ट हैं। बरामद चांदी पर उनकी शॉप की मुहर लगी थी। जिसे हमने पहचान लिया। हालांकि लूट के माल का अभी केवल 25 प्रतिशत ही बरामद हुआ है। पुलिस बाकी चांदी और कैश भी जल्द बरामद करे।

बाऊ जी! नमस्ते
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सुशील का सराफ नितेश से आमना-सामना कराया तो सुशील ने उन्हें बाऊ जी कहकर नमस्ते की। लेकिन उन्होंने नमस्ते नहीं की। कहा पहले तो हमें लूटा और अब नमस्ते करता है।

गरीबों की पेंशन लेकर गायब हुए 300 से ज्यादा ‘रईस’

 300 rich lost after taken poor pension
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
गरीबों का हक मारने वाले तीन सौ से ज्यादा रईस उनके हिस्से की पेंशन ले उड़े। ये ऐसे लोग थे जो सुविधा संपन्न थे और इस योजना के लिए पात्र नहीं थे। एक साल की पेंशन उन्हें अवमुक्त कर दी गई, जिसे रोकने के लिए बैंकों को भी पत्र लिखे गए, लेकिन बैंकों ने जवाब नहीं दिया। अब समाजवादी पेंशन योजना पर योगी सरकार ने ब्रेक लग दिया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ फिर से बैंकों को पत्र जारी कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
गरीब लोगों को पेंशन देने के लिए पिछली सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना शुरू की थी। इस योजना में शुरुआत से ही सवाल खडे़ होने शुरू हो गए थे। हालांकि काफी लोगों को इसका लाभ भी मिला। योजना की तमाम शर्तें थी। मसलन आवेदक अल्प आय हो। आश्रयहीन होना चाहिए। उसके नाम कार, ट्रैक्टर, मकान, दुकान आदि नहीं होना चाहिए। वृद्धा एवं विधवा महिलाओं को पेंशन योजना में तरजीह दी गई थी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी यह पेंशन दी गई।

साल भर की पेंशन में हुआ घपला
वर्तमान में 67,502 लोगों को यह पेंशन दी जा रही थी। पिछले साल तक लगभग 57 हजार लोगों को पेंशन वितरण हो रहा था। इस योजना में 500 रुपये प्रतिमाह पात्र को दिए जाते हैं। दरअसल तीन माह की पेंशन एक साथ जारी होती है। कई बार एक साल की पेंशन आती है तो गरीब व्यक्ति को एक साथ छह हजार रुपये मिलने से काफी राहत मिलती है। यही कारण है कि इस योजना के आवेदकों की संख्या भी बढ़ती चली गई और दो लाख से ज्यादा लोगों ने इसके लिए आवेदन कर डाले थे।

रईस भी बन गए गरीब
मात्र पांच सौ रुपये प्रतिमाह की इस योजना के लिए ऐसे कई लोगों ने गरीबों के हक पर झपट्टा मार दिया जो सुविधा संपन्न थे। यहां तक कि उनके पास अपने आवास थे। कृषि भूमि वाले भी थे। ट्रैक्टर वाले थे। कार स्वामियों तक ने इसमें आवेदन किया और पेंशन पर दावा ठोक दिया। ऐसे तीन सौ से ज्यादा आवेदकों को शासन से पेंशन भी जारी हो गई।

जांच में हो गया खुलासा
पिछले साल के पेंशन भोगियों की जांच में यह खुलासा हो गया। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने बैंकों को पत्र जारी किए कि ऐसे खाताधारकों को रकम न दी जाए। इस बाबत बैंकों ने कोई जवाब अभी नहीं भेजा जबकि रिमाइंडर भी जारी किया जा चुका है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि बैंकों ने इस रकम का वितरण कर डाला और अब जवाब नहीं दे रहे हैं।

पेंशन पर ब्रेक, अब होगी वसूली
योगी सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना पर ब्रेक लगा दिया है। माना जा रहा है कि इस योजना की पहले जांच होगी और और इसका स्वरूप बदला जाएगा। इस पर ब्रेक लगने और जांच की आहट से विभाग सक्रिय हो गए हैं। तैयारी है कि फर्जी ढंग से पेंशन लेने वालों को ढूंढकर वसूली की जाए। इस बाबत फिर बैंकों के खाते तलाशे जाएंगे।