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हत्या कर शव बिटौड़े में फूंका

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 दिलावरा गांव से सटे जंगल में हत्या कर शव बिटौड़े में फूंकने की सनसनीखेज वारदात हो गई। अभी यह पता नहीं चल पाया कि मरने वाला पुरुष है या महिला। क्योंकि शव पूरी तरह से राख हो चुका था। बिटौड़े की राख में केवल हड्डियां ही मिली हैं। पुलिस का कहना है कि हड्डियों की जांच के बाद ही इसका पता चल पाएगा। उसके बाद आगे की कार्यवाही होगी।
पुलिस के अनुसार रविवार सुबह पांच महिलाएं चारा लेने के लिए जंगल में जा रही थीं। गांव के सटे जंगल में एक बिटौड़े में चिता जलती देखकर महिलाओं ने शोर मचा दिया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने देखा कि चिता में किसी को जलाया गया है। चिता की राख में मानव हड्डियां ही पड़ी हुई थीं। लोगों ने अंदेशा जताया कि हत्या के बाद किसी युवक या युवती को बिटौड़े में जलाया गया है। सूचना पर सीओ दौराला बीएस वीर कुमार और इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा प्रशांत कपिल मौके पर पहुंचे।

बोरी में भरीं हड्डियां
पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चिता से हड्डियों को उठाकर एक बोरी में भर लिया। सीओ दौराला ने बताया कि मेरठ जोन के सभी जिलों में जानकारी की जा रही है कि कौन युवक व युवती लापता हैं। अभी यही पता नहीं है कि शव किसी महिला का है या पुरुष का। इसके लिए बरामद हडिडयों की फोरेंसिक लैब से जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे कुछ कहा जा सकेगा।

कहीं ऑनर किलिंग तो नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि बिटौड़े में एक तरह से चिता बनाकर शव को जलाया गया है। चिता में एक बोरी भी जली है। लोगों को अंदेशा है कि ऑनर किलिंग में युवती या किशोरी की हत्या के बाद शव को जलाया है। शक है कि हत्या करके शव को बोरी में लाया गया और फिर हिंदू रीति रिवाज की तरह उसकी चिता बनकर अंतिम संस्कार किया गया है। लापता युवती कौन है, इसका पता लगाया जा रहा है।

बाइक पर लेकर आए शव
पुलिस के मुताबिक बिटौड़े के पास बाइक के पहिये के निशान मिले हैं। जिससे अंदेशा है कि आरोपी बाइक से शव को लाए होंगे। गांव के पास ईंट भट्ठे के मजदूरों ने बताया कि शनिवार रात करीब एक बजे उन्होंने देखा था कि तीन चार लोग यहां पर बाइक लेकर आए थे और बाद में उन्होंने आग जलाई। उन्हें नहीं पता था कि वे किसी का शव जला रहे हैं। अगर ऐसा लगता तो पुलिस को जरूर सूचना देते।

ग्रामीणों ने दरोगा को दौड़ाया, हंगामा
बिटौड़े में शव को फूंकने की जानकारी पर सबसे पहले कंकरखेड़ा थाने के दरोगा चंदगीराम यादव पहुंचे। दरोगा ने कहा कि कोई लावारिस या किसी किसान का शव होगा, इसलिए किसी ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया। जिस पर ग्रामीणों ने दरोगा को दौड़ाते हुए जमकर हंगामा किया। लोगों ने कहा यहां कोई श्मशान घाट या किसी किसान का खेत नहीं है। यह भट्ठे की जमीन है और यहां पर गांव की महिलाएं गोबर पाथती हैं। यहां पर किसी का अंतिम संस्कार नहीं होता। बाद में सीओ और इंस्पेक्टर ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।

अपहृत प्रॉपर्टी डीलर दिल्ली से बरामद

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
अपहृत प्रॉपर्टी डीलर एवं स्कूल संचालक फुरकान रविवार को तीसरे दिन पुलिस ने दिल्ली से बरामद कर लिया। पुलिस का दावा कि देनदारी से बचने के लिए फुरकान ने अपने अपहरण होने का ड्रामा किया। जबकि पीड़ित परिवार अपहरण कर दिल्ली में उसको छोड़ने की बात कर रहा है। फुरकान के अपहरण के बाद से लिसाड़ी गेट में तनाव की स्थिति बनी थी।
हापुड़ रोड भवानीनगर निवासी फुरकान का शुक्रवार सुबह अपहरण हो गया था। फुरकान की पत्नी नाहिदा का आरोप है कि लिसाड़ी गांव निवासी सतवीर ने अपहरण कराया। तीन दिन पहले सतवीर के दोस्त सुखवीर प्रधान ने उनको जान से मारने की धमकी दी थी। फुरकान को सतवीर ने फोन करके बुलाया था। शनिवार को फुरकान की बाइक लिसाड़ी गांव में छोटी मस्जिद के पास मिली थी।
फुरकान की बरामदगी न होने पर परिजनों ने शनिवार व रविवार को लिसाड़ी गेट थाने में हंगामा किया। रविवार को नईम गाजी के भाई भी थाने पहुंचे तो मामला ओर गर्मा गया। नईम के भाई ने कहा कि पुलिस की लापरवाही के चलते उसके भाई की हत्या हुई। रविवार रात फुरकान को पुलिस ने दिल्ली से सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने बताया कि फुरकान ने अपहरण का ड्रामा किया है। वह खुद ही दिल्ली गया था।

सर्विलांस से खुली अपहरण की पोल
पुलिस के मुताबिक फुरकान ने अपने एक पार्टनर के साथ अपहरण की पटकथा रची है। पुलिस ने उसके पार्टनर का नंबर सर्विलांस पर लगाया था। जिसके बाद फुरकान की लोकेशन दिल्ली मिली। देर रात तक पुलिस फुरकान से पूछताछ करने में जुटी थी।

दर्ज होगा हंगामा करने वालों पर केस
पुलिस ने बताया कि फुरकान के फर्जी अपहरण को लेकर लोगों ने हंगामा और थाने में तोड़फोड़ का प्रयास किया था। इस मामले में लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। चुनाव आचार संहिता लगने के बावजूद भी लोग हंगामा करने में लगे थे। उनको चिह्नित करने का काम चल रहा है।

लाखों की देनदारी बताई
पुलिस के मुताबिक फुरकान प्रापर्टी डीलर और कॉलोनी काटने का काम करता है। फुरकान पर लाखों रुपये की देनदारी है। फुरकान का सतवीर से विवाद जरूर चल रहा था। इसको देखते हुए फुरकान ने अपहरण का ड्रामा कर दिया और उसके परिजनों ने सतवीर, सुखवीर को नामजद कर दिया।

नामजदों को मिलेगी क्लीनचिट
सीओ कोतवाली कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि फुरकान के अपहरण के मामले में उसकी पत्नी नाहिदा ने सतवीर और सुखबीर प्रधान को नामजद किया था। पुलिस ने दोनों से पूछताछ भी की। लेकिन उन्होंने कोई भी जानकारी न होना बताया। दोनों को क्लीन चिट दी जाएगी। उच्चाधिकारियों से बातचीत करके फुरकान के खिलाफ भी केस दर्ज किया जाएगा।

प्रॉपर्टी से बेदखल करने पर बेटे ने बेरहमी से मां-बाप को मार डाला

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मेरठ में गंगानगर स्थित ग्लोबल सिटी कॉलोनी में मंगलवार को सिपाही और उसकी पत्नी की रहस्य तरीके से मौत हो गई। महिला की लाश बेडरूम में और सिपाही की लाश अस्पताल में लेकर उनके रिश्तेदार पहुंचे। लोगों में चर्चा है कि प्रॉपर्टी से बेदखल करने पर इकलौते बेटे ने अपने माता-पिता की हत्या की है। पुलिस ने बेटे से घंटों पूछताछ की है।

लरूप से बागपत जिले के बरनावा थानाक्षेत्र नंगला गांव विजय पाल सिंह सहारनपुर स्थित सिविल टैक्स में कांस्टेबल पर तैनात थे। विजय पाल अपने परिवार के साथ गंगानगर ग्लोबल सिटी में रहते थे।

सिपाही विजय पाल सिंह एक महीने की छुट्टी पर थे। मंगलवार दोपहर विजय पाल की पत्नी सविता (55) की धारदार हथियार से हत्या कर दी। जबकि विजय पाल को उनके रिश्तेदारों ने कंकरखेड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां पर डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित किया।

महिला की हत्या की जानकारी पर भावनपुर और गंगानगर थाने की पुलिस ग्लोबल सिटी पहुंची। पुलिस की प्राथमिक जांच में महिला की हत्या धारदार हथियार से और सिपाही को जहर देकर मारा गया।

बेटे राहुल ने बताया कि वह घर से सुबह 11 बजे स्कूटी लेकर निकला था। दोपहर दो बजे उनके पिता का फोन आया और कंकरखेड़ा स्थित सैनिक विहार में मौसी के घर पर बुलाया। पिता की हालत ज्यादा खराब थी तो रिश्तेदारों ने उनको अस्पताल में भर्ती कराया। सवाल उठता है कि राहुल ने अपने पिता को खुद अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं कराया। विजय पाल सिंह ने पत्नी की हत्या के बाद खुद जहर खाया तो इतनी दूर रिश्तेदार के घर पर क्यों गए।

एसओ भावनपुर सतेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सिपाही विजय पाल सिंह का इकलौता बेटे राहुल कुमार का अपने माता पिता के प्रति अच्छा चाल चलन नहीं थे। इसको लेकर बेटा संदेह के घेर में है। पुलिस ने राहुल से घंटो से पूछताछ की है। हालांकि पुलिस ने सिपाही की विवाहिता बेटी शिवानी से जानकारी ली है। शिवानी ने अभी कुछ भी बोलने से परहेज किया है। भाई की चालचलन से बहन को भी आपत्ति है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच पड़ताल करने में लगी है।

 

छेड़छाड़ में यूपी 100 के दो सिपाही सस्पेंड

 

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
यूपी 100 गाड़ी पर तैनात दो सिपाहियों को एसएसपी ने शुक्रवार को सस्पेंड करते हुए जांच बैठा दी है। दोनों सिपाहियों पर शराब पीकर ड्यूटी करने और महिलाओं से छेड़छाड़ करने के आरोप लगे थे।
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ के मुताबिक यूपी 100 गाड़ी पर तैनात सिपाही जगवीर सिंह और रविंद्र कपातिया विगत 22 दिसंबर को शराब के नशे में ब्रह्मपुरी इलाके में ड्यूटी पर पहुंचे थे। एक शिकायत पर दोनों सिपाही पहुंचे और वहां महिलाओं से छेड़छाड़, अभद्रता की थी। इसकी शिकायत महिलाओं ने लखनऊ कंट्रोल रूम में की थी। 25 दिसंबर से दोनों सिपाही गैर हाजिर चल रहे थे। लखनऊ कंट्रोल रूम की सूचना पर दोनों सिपाहियों का रिकॉर्ड मांगा गया था। जांच के बाद इन्हें विभागीय दंड दिया जाएगा।

पहली बड़ी कार्रवाई

यूपी 100 पर तैनात कुछ पुलिसकर्मियों पर व्यापारियों और वाहन चालकों से अवैध वसूली के आरोप लग रहे हैं। ऐसे में दो सिपाहियों पर महिलाओं से छेड़छाड़ के संगीन आरोप लगे हैं। एसएसपी ने यह पहली बड़ी कार्रवाई करते हुए कहा कि जनता कर विश्वास जीतने के लिए ही यूपी 100 की शुरूआत की गई है। अगर किसी भी पुलिसकर्मी की शिकायत मिलेगी तो तुरंत सख्त कार्रवाई होगी।

किसान के परिवार पर बदमाशों का कहर

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जानी खूर्द (मेरठ) : जानी कलां में मंगलवार की देर रात खुद को पुलिसकर्मी बता कर दस बदमाशों ने किसान के परिवार पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी, जिसमें किसान, उसका बेटा और पोता लहूलुहान हो गए। पुलिस ने तीनों घायलों को केएमसी अस्पताल में भर्ती कराया।
किसान बुंदू अपने परिवार के साथ रहते हैं। मंगलवार की रात घर के अंदर बुंदू के साथ उनका बेटा उस्मान, उनकी पत्‍‌नी और पोता परवेज मौजूद थे। उस्मान के मुताबिक, रात करीब 11 बजे दीवार फांदकर दस बदमाश छत के रास्ते मकान के अंदर प्रवेश कर गए। बदमाशों ने परिवार के सभी सदस्यों के बारे में जानकारी ली। उसके बाद उस्मान को उठाकर अपने साथ चल दिए। तभी बुंदू और उस्मान के बेटे परवेज ने विरोध जताया। बदमाश खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे। उस्मान ने पुलिस की आइडी दिखाने को कहा जिस पर वह बिफर गए। आइडी नहीं दिखाने पर परिवार के बाकी सदस्यों ने बदमाशों को घेर लिया। उसके बाद बदमाश महिलाओं की ज्वैलरी उतरवाने लगे। बदमाशों ने घर में रखी हजारों की नकदी भी ले ली और उस्मान को गोली मार दी। बुंदू विरोध को सामने आया तो उसको भी गोली मार दी गई। उस्मान के बेटे परवेज पर तमंचे की बटों से वार कर लहूलुहान कर दिया। परिवार की महिलाओं ने छत पर चढ़कर शोर मचा दिया। आसपास के लोग छतों पर आ गए। खुद को घिरता देख बदमाश फाय¨रग करते हुए भाग गए।
उस्मान को उठाने आए थे
किसान के घर में खुद को पुलिस बताकर घुसे बदमाश उस्मान को उठाने के लिए आए थे। उस्मान 31 नवंबर को हुए मोनिस हत्याकांड में पैरवी कर रहा था। पुलिस मान रही है कि हत्यारोपियों ने ही जेल से उस्मान को उठाने की प्लानिंग तैयार की है। उस्मान दिल्ली में काम करता है। दो दिन पहले ही घर लौटा था। इंस्पेक्टर अखिलेश के मुताबिक, मोनिस के हत्यारोपियों ने जेल में बंद होने के बावजूद उस्मान को अगवा करने की प्लानिंग की। माना जा रहा है कि हत्यारोपियों ने जेल से ही उस्मान को अपने शूटरों से अगवा कराकर मुकदमे में समझौते का प्रयास किया था। वरना उस्मान की हत्या भी की जा सकती थी। पुलिस मोनिस के हत्यारोपियों की प्लानिंग की पड़ताल कर रही है। साथ ही हमलावरों की तलाश की जा रही है। बताया कि पुलिस मोनिस हत्याकांड के अलावा दूसरी लाइन पर भी काम कर रही थी।
इन्होंने कहा..
बदमाश उस्मान को अगवा करने आए थे। मामले की रिपोर्ट दर्ज कर हमलावरों की पड़ताल की जा रही है।

भवी गांव से आठ दिन पहले दूसरे संप्रदाय का युवक युवती को भगा ले गया…………….

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मेरठ : भवी गांव से आठ दिन पहले दूसरे संप्रदाय का युवक युवती को भगा ले गया, जिसे लेकर देहात क्षेत्र में तनाव बन गया। विधायक संगीत सोम ने पंचायत में हाईवे जाम करने का एलान कर दिया था, जिस पर पुलिस की हालत पतली हो गई है। गांव और आसपास के एलआइयू की टीम ने पड़ताल की। साथ ही चार टीमें बनाकर युवती की तलाश की जा रही है। फरार युवक व युवती की लोकेशन देहरादून में आई है, जिसके लिए एक टीम रवाना कर दी गई। एसपी देहात के नेतृत्व में बुधवार देर रात परिवार के सभी लोगों को पुलिस ने अपने साथ ले लिया, जिन्हें युवती की बरामदगी का भरोसा दिलाया जा रहा है। छापामारी में भी पुलिस परिवार को अपने साथ लेकर चल रही है।
भवी गांव से आठ दिन पहले दानिश पड़ोसी युवती को बहला-फुसला कर भगा ले गया था। मामला दो संप्रदाय से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। घटना की रिपोर्ट दानिश सहित छह आरोपियों के खिलाफ दर्ज कराई गई। चार दिन पहले भी हिन्दू संगठनों ने गांव में पंचायत कर युवती की बरामदगी की मांग की थी। मंगलवार को गाव के शिव मंदिर में ग्रामीणों की पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें भाजपा विधायक संगीत सोम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने युवती की बरामदगी नहीं होने पर गुरुवार को हाईवे जामकर पुलिस की घेराबंदी का एलान कर दिया। इसे लेकर पुलिस गंभीर बन गई है। एलआइयू से भीड़ एकत्र होने की जांच करा ली गई है। एसपी देहात के नेतृत्व में चार टीमें बना दी गई हैं। दानिश की लोकेशन देहरादून मिली है। पुलिस की एक टीम देहरादून पहुंच गई है। बाकी तीन टीमें दानिश की रिश्तेदारी में दबिशें डाल रही हैं। पुलिस ने युवती के परिवार को भी काबू कर लिया है और दबिश में अपने साथ लेकर चल रही है। एसपी देहात श्रवण कुमार का कहना है कि पुलिस युवती के करीब पहुंच गई है। उम्मीद है कि देर रात तक उसे बरामद कर लिया जाएगा।

बीए की छात्रा को दो युवकों ने जबरन खेत में खींच लिया, जानिए इसके बाद क्या हुआ

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परतापुर क्षेत्र में बुधवार दोपहर दो युवकों ने स्कूल से घर जा रही छात्रा को जबरन खेत में खींच लिया और गैंगरेप की कोशिश की। पीड़िता का शोर सुनकर दो लोग वहां पहुंचे तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गए। बाद में ग्रामीणों ने घेराबंदी कर दोनों को धुन डाला और पुलिस को सौंप दिया। दोनों आरोपी भाई बताए गए हैं।

परतापुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी 21 वर्षीय युवती मोदीनगर स्थित एक कॉलेज में बीए सेकेंड ईयर में पढ़ती है। बुधवार दोपहर ढाई बजे छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी। उपलेहड़ा मार्ग पर ईख के खेत के पास दो युवकों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म की कोशिश की। इस दौरान छात्रा युवकों से भिड़ गई और शोर मचा दिया। इस बीच रास्ते से जा रहे दो युवक शोर सुनकर ईख के खेत में घुस गये। जिसके बाद आरोपी भाग निकले। सूचना पर पहुंचे ग्रामीणों ने दोनों युवकों को पकड़ लिया और पिटाई कर दी। कंट्रोल रूम पर सूचना के बाद यूपी 100 की गाड़ी मौके पर पहुंची। इंस्पेक्टर परतापुर सुशील दूबे भी मौके पर पहुंचे और आरोपी युवकों को थाने भेज दिया। पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा है। छात्रा ने आरोपी युवकों के खिलाफ परतापुर थाने में तहरीर दी है। इंस्पेक्टर परतापुर का कहना है कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।

पुलिस के सामने बिलख पड़ी छात्रा
छात्रा ने पुलिस के सामने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह आरोपी युवकों से भिड़ गई थी। यदि गांव के दो युवक शोर सुनकर न पहुंचते तो आरोपी उसकी हत्या भी कर सकते थे।

50 दिनों में खूब हुए हंगामे, लगी रहीं लंबी लाइनें

नोटबंदी के इन पचास दिनों में पब्लिक को खूब परेशानी झेलनी पड़ी। देहात क्षेत्र में हालत बहुत खराब रही। लोग अपने ही खाते से कैश निकालने को तरस गए। इस दौरान छह लोगों की मौत हो गई। एटीएम खाली होने के लोग इधर से उधर भटकते रहे। व्यापारियों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। उधर, सरकार ने भी कैश लेस ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने को पूरी ताकत झोंक दी। लेकिन कैश की किल्लत से अभी भी लोगों की जरूरत पूरी नहीं हो रही हैं। काफी फजीहत के बाद सिस्टम पटरी पर आने की उम्मीद जगी है।

आधिकारिक तौर पर नोटबंदी के बाद 10 दिनों में ही जिले के बैंकों में 3665 करोड़ रुपया जमा हुआ था, जबकि निकासी सिर्फ 265 करोड़ थी। हालांकि इसके बाद कोई भी आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं हुआ। लेकिन अनुमान है कि इन 50 दिनों में करीब 750 करोड़ के आसपास नगदी बैंक में जमा हुई है, जबकि निकासी 300 करोड़ के आसपास है।

खूब हुए हंगामे, तोड़फोड़
नोटबंदी के बाद शुरू के 15 दिन बैंकों में पुराने नोट जमा कराने के लिए आपाधापी मची। लेकिन इसके बाद रुपये निकालने वालों की भीड़ बढ़ गई। बैंक के पास करेंसी कम थी और ग्राहक अधिक। कई-कई दिन बैंकों में कैश नहीं आया। लिमिट के मुताबिक भी लोगों को रकम नहीं मिली। कहीं दो तो कहीं चार हजार रुपये मिले। बैंकों में खूब हंगामे और तोड़फोड़ हुई। कई मुकदमे भी दर्ज हुए।

छह लोगों की हो गई मौत
नोटबंदी के बाद से लोगों को कई परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। बैंक की लाइनों में घंटों तक लगना और पर्याप्त कैश न मिलने की वजह से जिले में अलग-अलग स्थानों पर छह लोगों की मौत हो गई। किला रोड पर बसंत विहार कॉलोनी में तो बेटी की शादी के लिए कैश न मिलने से दुखी एक रिटायर सरकारी कर्मी ने खुद पर केरोसिन उड़ेलकर आत्मदाह करने की कोशिश तक की।

नियम शर्तों में ही उलझकर रह गए
नोटबंदी के बाद आरबीआई और सरकार के नियम कायदे लोगों पर भारी पडे़। शादी के लिए ढाई लाख की रकम लेने को लगाई गई सख्त शर्तों को लोग पूरी नहीं कर सके। पांच हजार से अधिक के पुराने नोट जमा करने पर बैंकों में इंटरव्यू और पूछताछ का काफी विरोध हुआ। यही वजह रही कि इन 50 दिनों में सरकार ने कई बार नियम शर्तों में फेरबदल किया।

व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर
बैंकों ने टोकन व्यवस्था लागू कर अपने यहां भीड़ और आपाधापी को कुछ हद तक नियंत्रित कर लिया। कैश की दिक्कत भी धीरे-धीरे कम हो रही है, हालांकि अभी भी लोगों को लिमिट के अनुसार कैश नहीं मिल पा रहा है। बचत खाताधारक को 10 हजार और चालू खाताधारक को 30 हजार रुपये तक मिल रहे हैं। हालांकि आरबीआई से मांग के अनुसार पर्याप्त कैश न मिलने से यह समस्या अभी कुछ दिन और बने रहने की संभावना है।

लॉकर से मिले करोड़ों, बैंकों पर उठे सवाल
नोटबंदी के बाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता आरके जैन के सरकारी आवास और बैंक लॉकर्स करोड़ों के पुराने और नए नोट मिले। सिविल लाइन क्षेत्र में चार लोगों से पुलिस ने 8.80 रुपये के दो हजार के नए नोट बरामद किए। जिससे ये संभावना बढ़ गई कि जिले में भी काले धन का कारोबार चल रहा है। नए नोट लोगों पर कैसे आए, इसे लेकर बैंकों की विश्वसनीयता भी संदेह के दायरे में आई।

धाराओं में फंसी करोड़ों की जमीन

धाराओं के खेल में जागृति विहार एक्सटेंशन की लगभग 400 एकड़ जमीन फंस गई है। एक तरफ विशेष भू अध्यापित अधिकारी ने आवास विकास अधिकारियों से कहा है कि वर्तमान अधिग्रहण प्रक्रिया इस पर लागू हो सकती है, तो आवास विकास ने इससे इंकार कर दिया है। उधर, बिजलीघर को दिए गए एक रास्ते का लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बिजलीघर निर्माण पर यह रास्ता बंद कर दिया गया है।

यह है प्रकरण
आवास विकास परिषद ने वर्ष 2002 में जागृति विहार एक्सटेंशन के लिए काजीपुर, घोसीपुर, सरायकाजी आदि गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया था। 265 हेक्टेयर की यह पूरी योजना है। इस योजना के प्रथम फेज में करीब 171 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया। सेकेंड फेज में 94 हेक्टेयर जमीन का और अधिग्रहण कर लिया गया। इस बाबत किसानों से करार हुए तो घोसीपुर निवासी किसान जावेद अली ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उन्होंने दावा किया कि उन्हें नई भू अधिग्रहण नीति के हिसाब से प्रतिकर दिया जाए। अदालत ने आदेश दिए कि इस मामले का निस्तारण किया जाए। इस पर एडीएम भू अध्यापित मुकेश चंद्र ने अधिशासी अभियंता उप्र आवास विकास को पत्र लिखकर कहा कि नई नीति के हिसाब से इन किसानाें का दावा बनता है।

आवास विकास ने दिया था झटका
इस प्रकरण पर आवास विकास अधिकारियों ने किसानों को तगड़ा झटका दिया है। कहा है कि इन किसानों का दावा नई भू अधिग्रहण नीति के हिसाब से बनता ही नहीं है? 60-70 प्रतिशत जमीन पर जब अर्जन निकाय का कब्जा है, तो नया एक्ट इन पर लागू ही नहीं होता। 600 एकड़ से ज्यादा जमीन पर आवास विकास का कब्जा है। लगभग 400 एकड़ पर ही विवाद है।

एडीएम को करना है निर्णय
आवास विकास अधिकारियों के इस जवाब पर निर्णय एडीएम एलए को करना है, पर यह तय है कि यदि नई नीति से मुआवजा तय हुआ, तोे आवास विकास अदालत की शरण लेगा। इसकी तैयारी की जा रही है। इस चक्कर में यह जमीन फंस गई है। न तो सही तरीके से इस पर डेवलपमेंट हो रहा है और न ही अन्य कार्य।

अब खड़ा हुआ रास्ते का विवाद
आवास विकास ने यहां पावर कारपोरेशन को जमीन दी है। यहां बिजलीघर का निर्माण हो रहा है। ऐसे में यहां एक चकरोड काटकर बिजलीघर की दीवार बना दी गई है। इस पर किसान जावेद आदि का कहना है कि यह खेतों की तरफ जाने वाला रास्ता है, जो रोक दिया गया है। यह ठीक नहीं। रास्ता तो बचना ही चाहिए था। उधर आवास विकास अधिकारियों का कहना है कि अधिग्रहण रास्तों और नालियां का भी हुआ है। इसी सरकारी जमीन के बदले इसी योजना में एसटीपी लगाने के लिए 10 हेक्टेयर जमीन निशुल्क नगर निगम को दी गई है।

डीएनए रिपोर्ट से सुलझेगी शव और निशि की गुत्थी

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थापर नगर नाले से मिले महिला के शव और दिल्ली से लापता निशि वर्मा की गुत्थी अब डीएनए टेस्ट से सुलझेगी। पुलिस मानकर चल रही है कि यह शव दिल्ली निवासी निशि वर्मा का है। हालांकि निशि के पति हरीश इससे इंकार कर चुके हैं। ऐसे में पुलिस शव के बिसरे की जांच आगरा एफएसएल से कराएगी। वहीं, निशि के बच्चों का भी डीएनए टेस्ट होगा। पुलिस दोनों रिपोर्टों का मिलान करने के बाद स्थिति स्पष्ट करेगी। वहीं, पुलिस आरोपी सलमान की तलाश में भी दबिश दे रही है।

दरअसल भजनपुरा दिल्ली निवासी कपड़ा कारोबारी हरीश वर्मा मंगलवार को मेरठ पहुंचे थे। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी पत्नी निशि वर्मा लापता है। जिसकी गुमशुदगी भजनपुर थाने पर दर्ज है। हरीश ने नाले में मिला शव निशि का होने से इंकार कर दिया था। पोस्टमार्टम के बाद बिसरा सुरक्षित रखते हुए शव का पुलिस ने लावारिस में अंतिम संस्कार कराया था।
सीओ कोतवाली रणविजय सिंह के अनुसार हरीश ने पूछताछ में बताया कि निशि की लिसाड़ी गेट निवासी सलमान से फेसबुक पर दोस्ती हुई थी। जिसके बाद निशि घर से तीन लाख के जेवर लेकर सलमान के साथ चली गई थी। अभी तक की जांच पड़ताल में प्राइम सस्पेक्ट सलमान ही है। उसके पकड़ में आने के बाद ही निशि के बारे में स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। लेकिन हरीश से पूछताछ के बाद इसकी गुत्थी सुलझाने के लिए निशि के बच्चों का डीएनए टेस्ट और बिसरे की आगरा फोरेंसिक लैब से जांच कराई जा रही है।

सलमान की फरारी से शक बढ़ा
सीओ के अनुसार पांच दिसंबर तक निशि और सलमान फोन पर लंबी बातें करते थे। जिसके बाद सलमान ने अपने एक मोबाइल नंबर को पोर्ट करा लिया। जिससे कॉल डिटेल नहीं मिल सकी है। कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस मान रही है कि सलमान ने ही निशि की हत्या की है। एक सप्ताह से सलमान भी घर से फरार है। सलमान के एक रिश्तेदार को हिरासत में लिया गया है। सवाल है कि यदि सलमान निशि को नहीं जानता तो फिर वह घर से फरार क्यों है। सलमान की फरारी ने शक और बढ़ा दिया है।