Category Archives: Crime

मां-बहन के साथ कई साल से कर रहा था दुष्कर्म, मां-बहन ने ही दे दी सुपारी

this-hewan-has-done-all-the-limits-misbehaved-with-mother-and-sister
पुलिस ने किया फिरोज की हत्या का पर्दाफाश
सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र की एकता कालोनी में मिली सिर कटी लाश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सिर कटी लाश एकता कालोनी निवासी फिरोज की थी। हत्या उसकी सगी मां और बहन ने ही सुपारी देकर अपने ही एक पड़ोसी और उसके साथी से कराई थी। मां और बहन का आरोप है कि फिरोज मानसिक रूप से बीमार था और दोनों के साथ ही दुष्कर्म करता था। हत्यारोपियों ने फिरोज की हत्या कर सिर को अपने ही मकान में दबा दिया था। पुलिस ने सिर और हत्या में प्रयुक्त दांव एवं छुरा बरामद कर लिया है।
बृहस्पतिवार को हुए इस जघन्य हत्याकांड का रविवार को नगर पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने खुलासा किया है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की सुबह थाना कुतुबशेर की एकता कालोनी में आबादी के बीच खाली पड़े एक प्लाट में बोरे में एक सिर कटी लाश मिली थी। उसके हाथ पर एफ लिखा हुआ था। एसपी ने बताया कि मोहल्ले में जानकारी के बाद ग्राम अफगान, नकुड़ निवासी मो. तालिब उर्फ विनोद कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने मृतक की पहचान अपने बेटे फिरोज के रूप में की। जो अपनी मां और बहन के साथ न्यू एकता कालोनी में रहता था। मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक की मां और बहन की तलाश शुरू कर दी और उन्हें टपरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। जो कहानी मां और बहन ने बताई उससे सुनकर हर कोई दहल गया।

बदला लेने को सराफ के पूर्व ड्राइवर ने कराई थी लूट

Revenge was looted by former driver of gold
पुलिस ने पकड़े लूट करने वाले बदमाश।PC: अमर उजाला ब्यूराो
मेरठ शहर सराफा बाजार के सराफ मुकेश जैन के दो कर्मचारियों से गाजियाबाद में 28 मार्च को हुई 11.75 लाख कैश और 35 किलो चांदी की लूट का रविवार को खुलासा हो गया। एसएसपी गाजियाबाद दीपक कुमार के अनुसार सराफ का पूर्व ड्राइवर सुशील ही इस वारदात का मास्टर माइंड निकला। जिसने सराफ से बदला लेने के लिए लूट की साजिश रची थी। नौ में से चार बदमाशों को गाजियाबाद पुलिस और क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर लिया है। जिनसे एक एसेंट कार, 18 किलो चांदी की ईंटें, 9 एमएम की पिस्टल और एक तमंचा बरामद किया है।
पकड़े गए आरोपी
ऋतुराज निवासी कंकरखेडा मेरठ, अनुज उर्फ विक्की निवासी मुजफ्फरनगर, सुशील निवासी सरूरपुर मेरठ, राजकुमार निवासी ब्रह्मपुरी।

इसलिए रखता था रंजिश
एसएसपी के अनुसार सुशील सराफ मुकेश जैन की गाड़ी चलाता था। उसने अपने पिता के बीमार होने पर सराफ से पांच हजार रुपये मांगे थे, जिसे सराफ ने देने से इंकार कर दिया था। उसके कुछ दिन बाद सुशील को लेकर मुकेश परिवार के साथ अंबाला घूमने गए थे। लौटते समय करनाल-मेरठ मोड़ पर स्थित ठेके पर सुशील ने गाड़ी रोककर शराब पीने के साथ शराब की बोतल भी खरीदी थी। जिस पर मुकेश ने उसे गाड़ी से उतार दिया था। उसकी हरकतें देख कुछ दिन बाद ही नौकरी से भी निकाल दिया था। उसके बाद से सुशील बदला लेने की फिराक में था।

सुशील ने किया ऋतुराज गैंग से संपर्क
सुशील को सराफ के कारोबार की पूरी जानकारी थी। उसने बदला लेने के लिए शातिर बदमाश ऋतुराज से सराफ की मुखबिरी की। इस वारदात में नौ बदमाशों को शामिल किया गया था।

कुख्यात बदमाश बना था फर्जी दरोगा
28 मार्च को सराफ का कर्मचारी नीरज और ड्राइवर मोनू मेरठ से दिल्ली कैश और चांदी लेकर स्विफ्ट डिजायर कार से निकले थे। ऋतुराज ने बाईपास से एसेंट कार से उनका पीछा शुरू कर दिया था। ऋतुराज की सूचना पर मेरठ तिराहे पर काले रंग की फॉरर्च्यूनर गाड़ी ने स्विफ्ट डिजायर कार को ओवरटेक कर रुकवा दिया था। फॉरर्च्यूनर में कुख्यात बदमाश कुलदीप उर्फ कपिल उर्फ डाक्टर हरियाणा के दरोगा की वर्दी पहनकर अपने साथियों के सवार था। चेकिंग की बात कहकर नीरज और मोनू को अगवा कर वापस मेरठ की तरफ ले गए थे। परतापुर के गून गेझा के जंगल में बदमाशों ने चांदी, कैश और कार कब्जे में कर दोनों को नशे की गोलियां खिलाकर बेहोश कर दिया था। फिर भोजपुर क्षेत्र के जंगल में दोनों को फेंककर फरार हो गए थे।

पुलिस से पहले ही जेल पहुंचे
एसएसपी ने बताया कि शातिर बदमाश कुलदीप महेंद्रगढ़ हरियाणा का रहने वाला है। उस पर राजस्थान, हरियाणा, यूपी, दिल्ली में ठगी, लूट, डकैती, हत्या के 18 मुकदमे दर्ज हैं। जिसे अलवर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में शामिल रोहित निवासी मेरठ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। रोहित चार करोड़ की सोने की डकैती में हिमाचल प्रदेश से सजायाफ्ता है। लूट में शामिल दीपक निवासी मेरठ, गुलाब निवासी बीबीनगर (बुलंदशहर) और आशू निवासी गौतमबुद्ध नगर फरार हैं।

फॉरर्च्यूनर पर ऑडी का नंबर
पुलिस के मुताबिक लूट में प्रयुक्त फॉरर्च्यूनर पर सपा सरकार में रहे एक पूर्व कैबिनेट मंत्री के बेटे की ऑडी कार का नंबर था। फिलहाल फॉरर्च्यूनर बरामद नहीं हुई है।
सराफ रहते थे निशाने पर
ऋतुराज के गैंग के निशाने पर सराफ रहते थे। कुछ सदस्य सराफा व्यापारियों की रेकी करते थे। कुछ सदस्य लूट की वारदात को अंजाम देते थे। यह गैंग वेस्ट यूपी में वारदातों को अंजाम देता था। वारदात में लग्जरी गाड़ियों का प्रयोग होता था।

हम खुलासे से संतुष्ट
सराफ मुकेश जैन के बेटे नितेश जैन ने बताया कि वह इस केस के खुलासे से पूरी तरह संतुष्ट हैं। बरामद चांदी पर उनकी शॉप की मुहर लगी थी। जिसे हमने पहचान लिया। हालांकि लूट के माल का अभी केवल 25 प्रतिशत ही बरामद हुआ है। पुलिस बाकी चांदी और कैश भी जल्द बरामद करे।

बाऊ जी! नमस्ते
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सुशील का सराफ नितेश से आमना-सामना कराया तो सुशील ने उन्हें बाऊ जी कहकर नमस्ते की। लेकिन उन्होंने नमस्ते नहीं की। कहा पहले तो हमें लूटा और अब नमस्ते करता है।

गरीबों की पेंशन लेकर गायब हुए 300 से ज्यादा ‘रईस’

 300 rich lost after taken poor pension
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
गरीबों का हक मारने वाले तीन सौ से ज्यादा रईस उनके हिस्से की पेंशन ले उड़े। ये ऐसे लोग थे जो सुविधा संपन्न थे और इस योजना के लिए पात्र नहीं थे। एक साल की पेंशन उन्हें अवमुक्त कर दी गई, जिसे रोकने के लिए बैंकों को भी पत्र लिखे गए, लेकिन बैंकों ने जवाब नहीं दिया। अब समाजवादी पेंशन योजना पर योगी सरकार ने ब्रेक लग दिया है तो ऐसे लोगों के खिलाफ फिर से बैंकों को पत्र जारी कर कार्रवाई की बात कही जा रही है।
गरीब लोगों को पेंशन देने के लिए पिछली सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना शुरू की थी। इस योजना में शुरुआत से ही सवाल खडे़ होने शुरू हो गए थे। हालांकि काफी लोगों को इसका लाभ भी मिला। योजना की तमाम शर्तें थी। मसलन आवेदक अल्प आय हो। आश्रयहीन होना चाहिए। उसके नाम कार, ट्रैक्टर, मकान, दुकान आदि नहीं होना चाहिए। वृद्धा एवं विधवा महिलाओं को पेंशन योजना में तरजीह दी गई थी। इसके अलावा अन्य लोगों को भी यह पेंशन दी गई।

साल भर की पेंशन में हुआ घपला
वर्तमान में 67,502 लोगों को यह पेंशन दी जा रही थी। पिछले साल तक लगभग 57 हजार लोगों को पेंशन वितरण हो रहा था। इस योजना में 500 रुपये प्रतिमाह पात्र को दिए जाते हैं। दरअसल तीन माह की पेंशन एक साथ जारी होती है। कई बार एक साल की पेंशन आती है तो गरीब व्यक्ति को एक साथ छह हजार रुपये मिलने से काफी राहत मिलती है। यही कारण है कि इस योजना के आवेदकों की संख्या भी बढ़ती चली गई और दो लाख से ज्यादा लोगों ने इसके लिए आवेदन कर डाले थे।

रईस भी बन गए गरीब
मात्र पांच सौ रुपये प्रतिमाह की इस योजना के लिए ऐसे कई लोगों ने गरीबों के हक पर झपट्टा मार दिया जो सुविधा संपन्न थे। यहां तक कि उनके पास अपने आवास थे। कृषि भूमि वाले भी थे। ट्रैक्टर वाले थे। कार स्वामियों तक ने इसमें आवेदन किया और पेंशन पर दावा ठोक दिया। ऐसे तीन सौ से ज्यादा आवेदकों को शासन से पेंशन भी जारी हो गई।

जांच में हो गया खुलासा
पिछले साल के पेंशन भोगियों की जांच में यह खुलासा हो गया। इसके लिए समाज कल्याण विभाग ने बैंकों को पत्र जारी किए कि ऐसे खाताधारकों को रकम न दी जाए। इस बाबत बैंकों ने कोई जवाब अभी नहीं भेजा जबकि रिमाइंडर भी जारी किया जा चुका है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि बैंकों ने इस रकम का वितरण कर डाला और अब जवाब नहीं दे रहे हैं।

पेंशन पर ब्रेक, अब होगी वसूली
योगी सरकार ने समाजवादी पेंशन योजना पर ब्रेक लगा दिया है। माना जा रहा है कि इस योजना की पहले जांच होगी और और इसका स्वरूप बदला जाएगा। इस पर ब्रेक लगने और जांच की आहट से विभाग सक्रिय हो गए हैं। तैयारी है कि फर्जी ढंग से पेंशन लेने वालों को ढूंढकर वसूली की जाए। इस बाबत फिर बैंकों के खाते तलाशे जाएंगे।

शोएब की उत्तराखंड, सुमनलता की कब्रिस्तान में तलाश

shoeb searched in uttarakhand, sumanlata searched in gravieard
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
नेहा और उसकी मां सुमनलता की हत्या के मुख्य आरोपी शोएब कुरैशी का पुलिस सातवें दिन भी सुराग नहीं लगा सकी। शोएब की गिरफ्तारी और सुमनलता की लाश बरामद करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया है। शोएब के उत्तराखंड में छिपे होने की आशंका पर पुलिस टीम हरिद्वार और देहरादून में उसकी तलाश कर रही हैं। वहीं, पुलिस सुमनलता की लाश बरामद करने के लिए मवी गांव के कब्रिस्तान में पहुंची। पुलिस ने ग्रामीणों से जानकारी ली कि किस कब्र में किसका शव दफन है।
बच्चा पार्क स्थित सिटी सेंटर में शोएब कुरैशी निवासी लावड़ ने बीती छह अप्रैल को अपने ऑफिस में नेहा की हत्या कर लाश को रुड़की रोड पर सैन्य फार्म के पास फेंका था। इसका खुलासा शोएब के पार्टनर अमित ने पूछताछ में किया था। जिसके बाद ड्राइवर संदीप को लावड़ से गिरफ्तार किया गया। संदीप ने दावा किया कि शोएब ने नेहा की मां सुमनलता की उसके सामने चलती कार में गोली मारकर हत्या की थी। पुलिस ने इन दोनों चश्मदीदों के अलावा शोएब से जुड़े नाजिश और जावेद को भी गिरफ्तार किया था। संदीप ने यह भी बताया था कि शोएब ने लावड़ के पास मवी गांव के कब्रिस्तान में सुमनलता की लाश को कार से उतारा था। जहां पर शोएब का पिता एक युवक के साथ पहले से मौजूद था।
बुधवार को लालकुर्ती पुलिस मवी गांव स्थित कब्रिस्तान में पहुंची। पुलिस ने आसपास के ग्रामीणों को वहां बुलाकर नेहा और सुमनलता की हत्या के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने ग्रामीणों से पूछा कि किस कब्र में किसकी लाश है। जिस पर ग्रामीणों ने चार-पांच लोगों की कब्र के बारे में तो जानकारी दी। लेकिन सभी के बारे में गांव में पूछताछ के बाद ही जानकारी देने की बात कही। बाद में पुलिस ने बताया कि अभी सुमनलता का कोई अता-पता नहीं लगा है।

पीड़ित परिवार में आक्रोश
पुलिस ने चारों आरोपियों को साजिश रचने और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में नामजद कर जेल भेजा है। जबकि शोएब कुरैशी के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया है। इसको लेकर पीड़ित परिवार में आक्रोश है। उनका आरोप है कि नेहा और सुमनलता की हत्या में शोएब के साथ शामिल होने वाले आरोपियों पर हत्या का मुल्जिम क्यों नहीं बनाया गया। पुलिस का कहना है कि शोएब की गिरफ्तारी होने और सुमनलता की लाश बरामद करने के बाद सभी आरोपियों को हत्या का मुल्जिम बना दिया जाएगा।

हम उनकी बातों पर क्यों यकीन करें
बेटी और पत्नी की हत्या के खुलासे पर सुमनलता के पति पवन ने सवाल उठाए है। उनका कहना है कि शोएब के साथ कौन-कौन थे और चश्मदीदों ने क्या-क्या देखा, हम उनकी बातों पर यकीन क्यों करें। सुमनलता जिंदा है या मार दी गई, इसका कोई पुख्ता सुबूत पुलिस के पास नहीं है। सुमनलता की लाश बरामद होगी, तभी हत्या की पुष्टि होगी। पुलिस ने जिन चश्मदीदों को पकड़कर हत्या का खुलासा किया है, उनको हम नहीं जानते। शोएब कुरैशी को जानते थे, उसे गिरफ्तार कर पुलिस सामने लाए। तभी हम उसी से पूछेंगे। परिजनों ने पुलिस से आरोपी शोएब को गिरफ्तार कर सुमनलता को बरामद करने की मांग की।

अंकित से दोस्ती पर मारी नेहा और सुमनलता
पुलिस का दावा है कि नेहा और अंकित की दोस्ती से शोएब नाराज रहता था। अंकित नेहा को कॉल करने के साथ ही शॉपिंग भी करता था, इसको लेकर शोएब की नेहा से कहासुनी होती थी। इसका अंदेशा अंकित को भी था कि शोएब नेहा के साथ कुछ भी कर सकता है। ऐसे में सवाल उठता है कि अंकित ने सब कुछ जानकारी में होने के बावजूद भी पुलिस या परिजनों को क्यों नहीं बताया। पुलिस ने बताया कि नेहा जब अंकित के साथ रहती थी तो शोएब बार-बार कॉल करता था। जिसको नेहा रिसीव नहीं करती थी। उस दिन भी ऐसा ही हुआ। जिसके चलते पहले शोएब ने नेहा को मारा और फिर नेहा की मौत का राज छुपाने के लिए उसकी मां सुमनलता की हत्या कर दी।  फेल साबित हो रही पुलिस
पुलिस के अनुसार शोएब कुरैशी की अंतिम लोकेशन आठ अप्रैल की हरिद्वार में मिली थी। लेकिन शोएब और उसका पूरा परिवार कहां है, इसका पता लगाने में फेल साबित हो रही है। अंदेशा है कि शोएब अपने परिवार के साथ भी हो सकता है। क्राइम ब्रांच की टीम लगातार शोएब और उसके परिवार को ढूंढ रही है। पुलिस का दावा कि अगर शोएब का पिता भी हत्थे चढ़ जाए तो सुमनलता की लाश बरामद हो सकती है।

नौ माह से छात्रा अपह्त, पुलिस को चाहिए ‘शांति’

nine month girl kidnapped, police want calm
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
सरकार बदल गई। लेकिन पुलिस की मानसिकता नहीं बदल रही। कंकरखेड़ा से 10वीं कक्षा की छात्रा का नौ माह पहले अपहरण हुआ। मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर चार आरोपियों पर नामजद केस दर्ज हुआ। तीन दरोगा छात्रा को ढूंढने में फेल रहे। चौथे दरोगा ने केस की प्रगति पूछने पर परिजनों को ही धमका दिया कि शांति से काम करने दो। छात्रा की मां और बहन ने भी पुलिस से एतबार उठने की बात कहकर थाने में परिवार समेत आत्मदाह की धमकी दी तो दरोगा ने आठ दिन में बरामदगी का आश्वासन दे दिया।
गांव लाला मोहम्मदपुर निवासी मजदूर कृष्ण गोपाल की पुत्री सारिका (14) दसवीं कक्षा की छात्रा थी। विगत 19 अगस्त 2016 को स्कूल से लौटते समय उसका कार सवार युवकों ने अपहरण कर लिया था। तहरीर मिलने पर कंकरखेड़ा पुलिस ने दो माह तक रिपोर्ट नहीं लिखी, तो परिजन मानवाधिकार आयोग की शरण में गए। जहां से निर्देश पर 20 मार्च 2017 को रमेश, रवि, दीपक और आकाश निवासी भगवानपुर थाना इंचौली के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज हो पाया।

पुलिस सब जानती है
रविवार को थाने पहुंचीं सारिका की मां सुमन और बहन आरती के अनुसार इन नौ माह में थाने से लेकर एसएसपी तक फरियाद कर चुके हैं। पुलिस ने एक भी आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ तक नहीं की। हमें कम से कम ये तो पता चले कि हमारी बेटी सही सलामत भी है या नहीं। आरोप लगाया कि पुलिस जानबूझ अनजान बन रही है। पुलिस को सब पता है कि सारिका के साथ क्या हुआ है।

पुलिस ने की साठगांठ
छात्रा का सुराग लगाने की जिम्मेदारी एसआई पवन सैनी, मनोज कुमार और महेंद्र कुमार को दी गई थी। अब करीब एक माह से चौथे दरोगा मुकेश कुमार को इसकी विवेचना मिली है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में ही आरोपियों से साठगांठ कर केस कमजोर कर दिया।

गंभीरता से कर रहे जांच
मामला काफी पुराना है। गंभीरता से जांच की जा रही है। शीघ्र ही छात्रा बरामद कर परिजनों के सुपुर्द की जाएगी। -प्रशांत कपिल, इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा

आठ दिन में ढूंढ लूंगा
मेरे पास विवेचना आए करीब एक माह ही हुआ है। परिजन शांति से काम करने दें। आठ दिन में छात्रा को सकुशल बरामद कर परिजनों के सुपुर्द करूंगा। -मुकेश कुमार, विवेचक

शराबी सिपाहियों ने दो युवकों को अधमरा कर कुएं में फेंका

drunk police man beaten two boys
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
मेरठ पुलिस ने अपनी करतूत से महकमे के साथ मानवता को भी शर्मसार कर दिया। रोहटा थाने के दो सिपाहियों ने ईंट भट्ठे पर काम करने वाले दो युवकों से वसूली करने की कोशिश की। विरोध करने पर दोनों युवकों को अधमरा कर करीब 40 फीट गहरे कुएं में फेंक दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद आरोपी सिपाही फरार हो गए। ग्रामीणों ने मशक्कत के बाद दोनों को कुएं से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया। दोनों की हालत गंभीर बनी है।
थिरोठ निवासी ओंकार (35) पुत्र रामे व गांव चोबला निवासी मोहित (32) पुत्र सोहनपाल गांव कल्याणपुर स्थित विकास ब्रिक फील्ड पर ईंट पाथने का काम करते हैं। दोनों युवक परिवार सहित भट्ठा परिसर में ही रहते हैं। बृहस्पतिवार दोपहर दोनों घरेलू सामान लेने गांव के मुख्य बाजार में पैदल जा रहे थे। गांव के बाहरी छोर पर कल्याणपुर पुलिस चौकी पर तैनात सिपाही अंकित नागर और माजिद अली सामने से बाइक पर आ रहे थे। आरोप है कि दोनों सिपाहियों ने शराब पी रखी थी। सिपाहियों ने ओंकार व मोहित को रोककर गालीगलौज करते हुए पैसे मांगने शुरू कर दिए। युवकों ने जब पैसे न होने की बात कहकर गाली देने पर विरोध जताया तो सिपाहियों ने उन्हें वहीं गिराकर पीटना शुरू कर दिया।
आरोप है कि लात-घूंसों से पीटने के बाद एक सिपाही ने दोनों पर रायफल की बट बजा दी। दोनों बेहोश हो गए तो सिपाहियों ने उन्हें मृत समझकर सड़क से घसीटकर पास में कुएं में फेंक दिया। इस दौरान आसपास के लोगों ने जमा होना शुरू किया तो दोनों सिपाही वहां से भाग निकले। इस बीच सूचना पर दोनों युवकों के परिजन भी पहुंच गए। ग्रामीणों की मदद से दोनों को कड़ी मशक्कत के बाद कुएं से निकाला जा सका। दोनों को रोहटा सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखकर जिला अस्पताल रैफर कर दिया। सीएचसी पर लोगों ने इंस्पेक्टर रोहटा एमपी सिंह और सीओ सरधना सीपी सिंह के विरोध में नारेबाजी कर दी। जिसके बाद सीओ ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।

रायफल की बट से पीटा
पुलिस अफसर जब अस्पताल पहुंचे तो घायल मोहित ने बताया कि उन्हें रायफल की बट से पीटा गया। बचाव के लिए वह चिल्लाते रहे, लेकिन सिपाहियों ने एक नहीं सुनी। ग्रामीणों ने सीओ से कहा कि इन फैंटम सिपाहियों पर पहले भी आरोप लगते रहे हैं। लेकिन दोनों सिपाही यह कहकर दबंगई करते थे कि थाना उनकी मनमर्जी से चलता है।

कुएं में पानी ने बचाई जान
ग्रामीणों और घायलों ने पुलिस अफसरों से बताया कि कुआं करीब 40 फीट गहरा है। यदि कुएं में पानी नहीं होता तो दोनों युवकों की जान जा सक ती थी।

मसूरी गांव से युवती का अपहरण

girl kidnapped from mansoori village
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
मसूरी गांव में बृहस्पतिवार सुबह मां के साथ मंदिर जा रही युवती का कार सवार बदमाशों ने अपहरण कर लिया। आरोपी कार लावड़ रोड की ओर लेकर फरार हो गए। परिजनों की सूचना पर इंचौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
मवाना रोड स्थित मसूरी गांव निवासी एक किसान की बेटी मवाना के एक डिग्री कॉलेज में छात्रा है। परिजनों के अनुसार उनका घर सड़क किनारे है। सुबह करीब 4:30 बजे युवती अपनी मां के साथ गांव स्थित मंदिर में पूजा करने के लिए घर से निकली। जैसे ही दोनों मसूरी तिराहे पर पहुंची लावड़ मार्ग से आई सफेद रंग की स्विफ्ट कार तेजी के साथ आकर उनके पास रुकी। कार से मुंह पर रुमाल बांधे दो युवक उतरे और उसकी मांग को धक्का देकर सड़क पर गिरा दिया। आरोपियों ने युवती को खींचकर कार में डाल लिया। बदमाश अपहरण करने के बाद वापस लावड़ मार्ग की ओर फरार हो गए। युवती की मां ने घटना की जानकारी घर आकर परिजनों को दी। परिजनों की सूचना पर इंचौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लावड़ मार्ग सहित आसपास के क्षेत्र में तलाश की। वहीं थाने पहुंचे परिजनों ने कार सवार अज्ञात युवकों के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।

चलती ई-रिक्शा में 1.34 लाख उड़ाए

on going e riksha 1.34 lakh theft
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
अभी तक प्राइवेट बसों और ट्रेन में सूटकेस से नकदी और जेवरात उड़ाने की घटनाएं सामने आती रही हैं। लेकिन बुधवार को शहर में चलती ई-रिक्शा में दिल्ली के व्यापारी के सूटकेस से दिनदहाड़े 1.34 लाख रुपये उड़ा लिए। व्यापारी ने सूटकेस खोला तो उसमें जूते-चप्पल निकली।
दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-7 निवासी मुकेश गुप्ता का चांदनी चौक में कपडे़ का थोक कारोबार है। बुधवार को वह कैश कलेक्शन करने मेरठ आए थे। शाम करीब साढ़े छह बजे तक उन्होंने घंटाघर क्षेत्र में कई दुकानों से 1.34 लाख रुपये कलेक्शन किया। पूरा कैश एक सूटकेस में था। उन्होंने घंटाघर से हापुड़ अड्डा जाने के लिए ई-रिक्शा लिया। रास्ते में ई-रिक्शा चालक ने व्यापारी के विरोध के बावजूद सात सवारियां और बैठा लीं। चालक व्यापारी को अचानक इंदिरा चौक पर उतारकर चला गया। शक होने पर व्यापारी ने सूटकेस खोला तो उसमें कैश के बजाय जूते चप्पल रखे थे। काफी तलाश के बाद भी ई-रिक्शा न मिलने पर व्यापारी थाना देहली गेट पहुंचा तो पुलिस ने मामला कोतवाली का बता दिया।
मुकेश ने मेरठ में परिचित नितिन अग्रवाल को बुला लिया। नितिन की सूचना पर व्यापारी नेता जीतू नागपाल, जीशान कुरैशी समेत दर्जनों व्यापारी देहली गेट थाने पहुंचे और हंगामा किया। व्यापारियों ने कोतवाली पहुंचकर व्यापारी से तहरीर दिलवाई। पुलिस से कहा कि शहर में ठग गिरोह घूम रहा है। जो कई लोगों को निशाना बना चुका है। इसे जल्द पकड़ा जाना चाहिए।

डकैती डाल प्रेमिका को भेजा था हनीमून पर

after robbery girl friend send to honeymoon
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
शास्त्रीनगर में एक्सईएन प्रमोद कुमार के घर हुई डकैती का सोमवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया। मुख्य आरोपी गोलू ने बताया कि प्रेमिका को हनीमून पर भेजने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपी की प्रेमिका के घर से लूट के जेवरात बरामद कर लिए जबकि लूटी हुई नकदी प्रेमिका हनीमून पर ही खर्च कर आई। आरोपी गोलू एक्सईएन के घर पर रहता था और दूर के रिश्ते में उनका साला लगता था। डकैती के बाद सबसे ज्यादा हंगामा भी गोलू ने किया था।
एसपी क्राइम अजय सहदेव, आईपीएस सुकीर्ति माधव और सीओ सिविल लाइन रितेश कुमार ने एसएसपी ऑफिस में प्रेसवार्ता कर आरोपी गोलू उर्फ सोनू और सौरभ कुमार निवासी शास्त्रीनगर सेक्टर-2 को मीडिया से रूबरू कराया। एसपी क्राइम ने बताया कि आरोपी गोलू ने अपने दोस्त सौरभ और शंकर के साथ मिलकर एक्सईएन के मकान में डकैती की वारदात की प्लानिंग बनाई। छह मार्च को वारदात के दौरान सौरभ और शंकर के साथ गोलू भी मुंह पर रुमाल बांधकर एक्सईएन के घर में घुसा था। गोलू ने ही एक्सईएन की पत्नी अरुण के मुंह पर कपड़ा डाला था, ताकि वह उसको न पहचान सके। गोलू को नकदी और जेवरात की सारी जानकारी थी, इसलिए वह 10 मिनट में वारदात को अंजाम देकर वहां से फरार हो गए थे।

प्रेमिका के घर से बरामद जेवरात
क्राइम ब्रांच प्रभारी संजीव यादव और इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राना ने अपनी टीम के साथ मुखबिर की सूचना पर आरोपी गोलू और सौरभ को गढ़ रोड़ से गिरफ्तार किया। आरोपी गोलू के खिलाफ क्राइम ब्रांच नेे पहले ही बहुत सारे सुबूत जुटाए लिए थे। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो दोनों आरोपियों ने डकैती की वारदात को कबूल कर लिया। आरोपी गोलू ने प्रेमिका के घर पर लूट के जेवरात रखे हुए थे। पुलिस ने गोलू को साथ लेकर प्रेमिका के घर पर दबिश देकर लूट के जेवरात बरामद किए।

37 हजार रुपये हनीमून में खर्च हुए
एक्सईएन के घर से 81 हजार रुपये नकद लूटे थे। जिसमें 37-37 हजार तीनों आरोपी गोलू, सौरभ व शंकर के हिस्से में आए थे। पुलिस के मुताबिक गोलू ने प्रेमिका की शादी कुछ दिनों पहले ही अपने दोस्त से करा दी थी। प्रेमिका को 37 हजार रुपये देकर गोलू ने दंपति को हनीमून पर भेजा था। प्रेमिका एक सरकारी विभाग में नौकरी करती है।

चार लाख के कंगन 35 हजार में बेचे
पुलिस के मुताबिक एक्सईएन के घर से करीब 30 लाख रुपये के जेवरात लूटे थे। आरोपियों ने चार कंगन सर्राफा बाजार में एक सर्राफ को सिर्फ 35 हजार रुपये में बेचे थेे। जबकि उनकी कीमत चार लाख रुपये बताई गई। अन्य जेवरात गोलू ने अपनी प्रेमिका के घर में रखे थे। गोलू ने दोनों साथियों से कहा था कि थोड़ा मामला शांत होते ही जेवरातों का बंटवारा कर लेंगे।

सर्विलांस से खुली गोलू की पोल
आरोपी गोलू की पोल सर्विलांस से खुली है। गोलू के पास तीन सिम थे। एक नंबर से वह अपनी प्रेमिका और दोस्तों से बात करता था। वारदात के बाद से गोलू ने तीसरे नंबर से बात करनी बंद कर दी। जिस पर पुलिस को शक हुआ। 20 दिन पहले गोलू ने दोबारा से उसी नंबर से बात करनी शुरू की। जिसके आधार पर पुलिस ने दो दिन पहले सौरभ को उठाकर पूछताछ की और छोड़ दिया। सौरभ ने यह बात गोलू को बता दी। दोनों भागने की फिराक में थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।

प्रेमिका ने खुद को बचाया
एक्सईएन के घर में डकैती की जानकारी गोलू की प्रेमिका को भी थी। गोलू अक्सर शराब पीकर जुआ खेलता था। उसके पास अचानक इतने पैसे और जेवरात कहां से आ गए। सब कुछ जानकारी होने के बावजूद प्रेमिका कुछ नहीं बोली। जबकि प्रेमिका एक्सईएन प्रमोद कुमार को भी अच्छी तरह से जानती थी। एक्सईएन के साथ कभी कभी गोलू आवास विभाग के ऑफिस में आता था, जहां पर उसकी मुलाकात हुई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि प्रेमिका ने पुलिस से साठगांठ करके खुद को बचा लिया।

पुलिस पहुंची तो गोवंश की खाल उतारता मिला ठेकेदार

Contractor found to take down skeleton skeleton, police invoices
गोवंश की खाल उतारता मिला ठेकेदार
बागपत के कान्हड़ गांव में श्मशान घाट के पास गोकशी की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस और शिव सेना के जिला प्रभारी पहुंचे तो मुर्दा मवेशी का ठेकेदार गोवंश की खाल उतारता मिला। इसको लेकर शिव सैनिकों ने हंगामा किया। पुलिस ने ठेकेदार का शांति भंग में चालान कर दिया। शुक्रवार को शिव सेना के जिला प्रभारी रणवीर सिंह को सूचना मिली कि कान्हड़ गांव में श्मशान घाट के पास गोकशी की जा रही है। इस पर उन्होंने दोघट पुलिस को सूचना दी।