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शहर के बीचोंबीच हत्या, बेखबर रही पुलिस

murder in meerut city center point
police capPC: अमर उजाला
लोहा कारोबारी की अपहरण के बाद शहर के बीचोंबीच हत्या कर दी गई और पुलिस को भनक तक नहीं लगी। ऐसे समय जब निकाय चुनाव को लेकर शहर अलर्ट पर है। कारोबारी के परिजन जहां रंजिश से इंकार कर रहे हैं तो पुलिस अधिकारी लेन-देन में हत्या होना मान रहे हैं।
लोहा कारोबारी सुनील गर्ग पुत्र शिवकुमार गर्ग रविवार शाम करीब 4 बजे घर से बाइक से निकले थे। परिजनों से कहा था कि उन्हें फूलबाग कॉलोनी में जरूरी काम से जाना है। करीब एक घंटे बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। काफी तलाश के बाद परिजन रात करीब दस बजे सिविल लाइन थाने पहुंचे और तहरीर दी। इस बीच उनकी बाइक सूरजकुंड के पास शिवलोक अस्पताल के सामने खड़ी मिली। सूरजकुंड पुलिस चौकी पर दो थानों का बार्डर लगता है। रात में भीड़भाड़ वाले इलाके में कारोबारी की हत्या कर दी जाती है। पुलिस का कहना है कि कारोबारी की हत्या या तो किसी कार में या मकान में की गई।

नाले के पास छोड़कर भागे
पुलिस के अनुसार जहां से कारोबारी का शव बोरे में बंद मिला, पास ही एक राजनैतिक दल का कार्यालय है। संभवत: हत्यारे बोरे को नाले में फेंकना चाहते थे। लेकिन हो सकता है कि चुनावी चहल-पहल के चलते किसी को आता देख शव नाले के पास फेंक दिया गया हो। पुलिस को एक जगह सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से कुछ सफलता मिली है।
मिलनसार थे सुनील
कारोबारी सुनील मिलनसार थे। जिनका किसी से कोई विवाद नहीं होना बताया गया। बेटा शुभम भी पिता के साथ हाथ बंटाता है। दो बेटियों में एक की शादी हो चुकी है। सुनील के भाई संजीव गर्ग ने बताया कि रंजिश जैसी कोई बात नहीं है।

बचाव के लिए किया संघर्ष
कारोबारी के एक हाथ की अंगुली कटी मिली। हाथ और चेहरे पर भी चाकू से कई वार किए गए। पुलिस का मानना है कि सुनील ने बचाव के लिए संघर्ष किया था।
मोबाइल खोलेगा राज
कारोबारी के मोबाइल फोन पर दोपहर बाद आधा दर्जन कॉल आई थीं। जिनमें एक नंबर को पुलिस संदिग्ध मान रही है। बीच में उन्होंने एक बार कॉल भी की थी। पुलिस का कहना है कि सीडीआर से कामयाबी मिल सकती है।

बड़ी रकम लेनी थी लोगों से
पुलिस के अनुसार कारोबारी ने नौचंदी व लिसाड़ी गेट की कई फैक्ट्रियों में लाखों रुपये का उधार माल दिया था। एक सप्ताह पूर्व शहर के एक व्यापारी ने होटल में सुसाइड कर लिया था। जिस पर भी कारोबारी का उधार था। लिसाड़ी गेट से भी हत्या के तार जुड़ रहे हैं।
कोट
परिजनों ने किसी रंजिश से इंकार किया है। कई बिंदुओं पर गहनता से जांच हो रही है। बेटे से भी जानकारी ली गई है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करेंगे। -मंजिल सैनी, एसएसपी

आर्मी पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र की मौत

army public school student died
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ (सी) के छात्र अभय प्रताप सिंह की सोमवार सुबह अचानक मौत हो गई। लंच ब्रेक के दौरान छात्र को चक्कर आना और तेज-तेज सांसें लेना बताया गया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार चिकित्सकों और बच्चे की मां ने बताया कि बच्चे के दिल के वाल्व कमजोर थे। बच्चे के पिता पूथ्वीपाल सिंह जेसीओ हैं। वर्तमान में नार्थ ईस्ट में तैनात हैं। उनके मंगलवार को मेरठ पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम हो पाएगा।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रीटा गुप्ता ने बताया कि छात्र अभय सुबह करीब 11:06 बजे लंच ब्रेक में खाना खाने के बाद क्लासरूम से बाहर पानी पीने गया था। क्लास फर्स्ट फ्लोर पर है। क्लास के बाहर कॉरीडोर में वाटर कूलर लगा है। पानी पीकर वह बोतल में पानी लेकर क्लास में लौट रहा था। इस दौरान वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। प्रिंसिपल के अनुसार छात्र को कोई चोट, बुखार या ब्लीडिंग नहीं थी। लेकिन उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं। छात्र की हालत बिगड़ती देख तुरंत गाड़ी से उसे स्कूल के सामने प्राथमिक उपचार केंद्र ले जाया गया। लेकिन लगातार हालत बिगड़ती देख करीब 11:15 बजे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान ही चिकित्सकों ने 11.30 बजे छात्र को मृत घोषित कर दिया। इस बीच सूचना पर छात्र की मां अनीता सिंह (गृहिणी) और स्थानीय रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए थे।

अभिभावकों ने स्कूल से छिपायी मेडिकल हिस्ट्री
प्रिंसिपल के अनुसार अभय के नियमित हेल्थ चेकअप में सब कुछ ओके था। छात्र ने कभी शार्ट या लांग मेडिकल लीव नहीं ली। न ही कभी उसकी तबियत स्कूल में खराब हुई। स्कूल का अनुशासित, मेधावी, होनहार छात्र था। पढ़ने में हमेशा अव्वल रहता था। हमेशा हंसता खेलता रहा। आज अचानक उसके साथ ये हादसा हो गया। परिजनों ने कभी विद्यालय में यह नहीं बताया कि उनके बच्चे को बचपन में दिल का वाल्व कमजोर होने की समस्या थी। इसका लंबा इलाज भी चला।

मिलिट्री अस्पताल में चिकित्सकों के बहुत पूछने के बाद मां ने चिकित्सकों को बताया कि बचपन में बच्चे के वाल्व कमजोर थे और वो बीमार रहा था। अभिभावकों से छात्र के दाखिले के वक्त ही मेडिकल डिकलेरेशन फार्म भराते हैं, उसमें भी अभय के परिजनों ने क ोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने ऐसा क्यों किया, नहीं पता। स्कूल में भी छात्र के रूटीन हेल्थ चेकअप में कभी कोई परेशानी नहीं आई। लेकिन अस्पताल में छात्र की मां ने बताया कि बचपन में अभय के वाल्व कमजोर थे, जिसका इलाज भी चला। लेकिन अब वो ठीक था। अगर परिजन हमें बच्चे की सही हेल्थ हिस्ट्री रिपोर्ट देते तो शायद हम कुछ कर पाते। छात्र की मेडिकल हिस्ट्री देना कंपलसरी होता है। स्कूल में स्पेशल स्टूडेंट्स भी पढ़ते हैं, सभी की मेडिकल हिस्ट्री ली जाती है।

इकलौता था अभय
अभय अपनी मां के साथ कैंट एरिया स्थित उमराव एंकलेव में रहता था। ढाई साल से आर्मी स्कूल में पढ़ रहा था। माता-पिता की इकलौती संतान था।

लंच में खाया था पूरा खाना
प्रिंसिपल के अनुसार अभय ने लंच ब्रेक में पूरा खाना खाया था। वहीं, अस्पताल में मम्मी ने बताया कि अभय सुबह भी नाश्ता करके स्कूल गया था।
स्कूल में हुई शोकसभा
छात्र की मौत की सूचना के बाद सोमवार को ही छुट्टी से पहले विद्यालय में शोक सभा करा दी गई थी। सभी छात्रों ने मौन रखा था। मंगलवार को स्कूल में केवल पीटीएम होगी। कक्षाएं नहीं होंगी।

पापा की तरह आर्मी ऑफिसर बनूंगा
शिक्षकों ने बताया कि अभय का सपना देशसेवा करना था। अपने पिताजी की तरह अभय भी सेना में जाना चाहता था। इकलौती संतान होने के कारण अभय अपने सपने के प्रति बहुत गंभीर था। इस समय स्कूल में वार्षिक उत्सव की तैयारी चल रही है। लेकिन अभय ने पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहकर इसमें भाग नहीं लिया था।

स्कूल और सख्त करेगा स्वास्थ्य नियम
प्रिंसिपल ने बताया कि अभिभावक बच्चे की कोई भी हेल्थ हिस्ट्री न छिपाएं, इसके लिए सख्त नियम बनाएंगे। अभिभावकों से हर साल बच्चों का हेल्थ डिकलेरेशन लेंगे। बच्चे को कभी भी कोई परेशानी रही हो तो अभिभावक उसके बारे में हमसे जरूर बताएं। स्कूल में छात्रों का नियमित हेल्थ चेकअप होता है। हेल्थ काउंसलर और एमआई भी हैं। लेकिन इस घटना के बाद हेल्थ संबंधी नियमों व सुविधाओं पर सख्त नजर रखेंगे।

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस

सीसीटीवी फुटेज में दिखा, गला रेते जाने के बाद घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आया था प्रद्युम्‍न : पुलिस
 प्रद्युम्‍न ठाकुर गले में चाकू के दो घाव थे, जिसमें से एक घाव काफी गहरा था. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गुरुग्राम के रयान स्‍कूल के टॉयलेट में हुई थी पद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या
  2. सात साल के बच्‍चे की हत्‍या के बाद के CCTV फुटेज पुलिस को मिले
  3. बस कंडक्‍टर अशोक कुमार पर है प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप

नई दिल्‍ली: गुरुग्राम के रयान इंटरनेशल स्‍कूल में सात वर्षीय छात्र प्रद्युम्‍न ठाकुर की हत्‍या के बाद के सीसीटीवी फुटेज पुलिस के हाथ लगे हैं. प्रद्युम्‍न की स्‍कूल के टॉयलेट में नृशंसतापूर्वक गला रेतकर हत्‍या कर दी गई थी. गुरुग्राम पुलिस ने NDTV को बताया कि टॉयलेट के बाहर लगाए गए कैमरे से उसे ये फुटेज हासिल हुई है. पुलिस के अनुसाार, फुटेज में प्रद्युम्‍न को टॉयलेट में प्रवेश करते हुए साफ तौर पर देखा जा सकता है. इसके कुछ मिनट बाद बस कंडक्‍टर अशोक कुमार टॉयलेट पहुंचा है. कुछ मिनटों के बाद खून से लथपथ प्रद्युम्‍न घिसटते हुए टॉयलेट से बाहर आता दिखाई देर रहा है. अशोक कुमार पर ही प्रद्युम्‍न की हत्‍या का आरोप है. वह वॉशरूम के दरवाजे के पास लड़खड़ाकर गिर जाता है. इससे दीवार खून से सन जाती है.

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि सात वर्षीय प्रद्युम्‍न की मौत कुछ ही मिनटों में बड़ी मात्रा में खून बहने के कारण हो गई थी. उसे गले में चाकू के दो घाव थे, इनमें से एक घाव काफी  गहरा और गंभीर था. उससे उसकी सांस लेने वाली नली बुरी तरह क्षतिग्रस्‍त हो गई और इसी कारण वह मदद के लिए चिल्‍ला नहीं सका था. पुलिस के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए बस कंडक्‍टर अशोक ने हत्‍या की बात स्‍वीकार कर ली है. पुलिस की जानकारी के अनुसार, अशोक ने बताया है कि उसने बच्‍चे को यौन हमले का शिकार बनापने की कोशिश की थी, इसका विरोध करने पर उसने बच्‍चे की हत्‍या कर दी थी.

स्‍कूल में घटना के समय मौजूद प्रत्‍यक्षदर्शियों ने बताया कि प्रद्युम्‍न को टॉयलेट के बाहर खून से लथपथ मिलने के बाद अशोक ही बच्‍चे को अस्‍पताल पहुंचाने के लिए कार तक लेकर गया. बाद में वापस लौटकर उसने खून से सनी अपनी शर्ट को धोया था. शुक्रवार को हुई इस घटना के समय स्‍कूल में मौजूद एक अभिभावक सुभाष गर्ग ने कहा कि खून देखकर उसे नफरत होती है.

डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

 डॉमिनोज के ऑरिगेनो वाले पैकेट में मिले रेंगते हुए कीड़े, फेसबुक पर पोस्‍ट किया वीडियो

जब राहुल ने ऑरिगेनो का पैकेट खोला तो उसमें से कीड़े बाहर न‍िकलने लगे

खास बातें

  1. कीड़ों का रंग भी ऑरिगेनो की तरह था
  2. पिज्‍जा खाने के बाद राहुल बीमार पड़ गए
  3. राहुल ने कंज्‍यूमर ड‍िपार्टमेंट में भी श‍िकायत की है

नई द‍िल्‍ली : बदलती लाइफस्‍टाइल के साथ हम भारतीयों को भी प‍िज्‍जा खूब भाने लगा है. सिर्फ बच्‍चे ही नहीं बल्‍कि बड़े भी इसे खूब चाव से खाते हैं. और खाएं भी क्‍यों न प‍िज्‍जा होता ही इतना टेस्‍टी है. क्रंची बेस, चीज़ी लेयर और मनपसंद टॉपिंग की वजह से यह सबका फेवरेट बना हुआ है. ऊपर से ऑरिगेनो की सीजनिंग इसे और टेस्‍टी बना देती है. लेकिन तब आप क्‍या करेंगे जब आपको पिज्‍जा सीजनिंग में रेंगते हुए कीड़े दिख जाएं. जी हां, यह बिलकुल सच है. दरअसल, फेसबुक पर एक वीडियो पोस्‍ट किया गया है जिसमें डॉमीनोज के सीजनिंग पैकेट में कीड़े रेंगते हुए दिखाई दे रहे हैं.

यह वीडियो दिल्‍ली के रहने वाले राहुल अरोड़ा ने पोस्‍ट किया है. अपने पोस्‍ट में उन्‍होंने  लिखा है, ‘भारत में डॉमिनोज़ पिज्‍जा प्रेमियों सावधान! वेआपको खाने के लिए ये (कीड़े) दे रहे हैं.’  हालंकि डॉमिनोज़ ने फेसबुक पर राहुल से मांफी मांगते हुए पूरे मामले की जांच का आश्‍वासन दिया है.

राहुल ने यह वीडियो 10 सितंबर को पोस्‍ट किया था. उनका दावा है कि उन्‍होंने शुक्रवार शाम ऑ‍नलाइन पिज्‍जा ऑर्डर किया था और अगले दिन सुबह उन्‍हें ऑरिगेनो में कीड़े दिखाई दिए. राहुल ने एनडीटीवी को बताया, ‘कीड़े बहुत ही छोटे थे और कोई भी उन्‍हें ऑरिगेनो ही समझता क्‍योंकि वो ज्‍़यादा हिल नहीं रहे थे. उनका रंग और आकार भी ऑरिगेनो की ही तरह था. मुझे लगा कि कुछ गड़बड़ है इसलिए जैसे ही मैंने अपनी अंगुली से ऑरिगेनो चेक किया कीड़े बिखर गए.’ इतना ही नहीं राहुल को ऑरिगेनो के बाकि बचे चार पैकेटों में भी कीड़े मिले.


बाद में राहुल को डॉमिनोज़ से ऑडर रिप्‍लेस करने के लिए फोन भी आया. उनके मुताबिक, ‘मैंने उनसे कहा कि यह कोई लेट डिलिवरी का मामला नहीं है. उनका खराब खाना खाकर हम बीमार पड़ गए. इस मामले को हल्‍के में नहीं लेना चाहिए.’

यही नहीं राहुल ने कंज्‍यूमर अफेयर डिपार्टमेंट में भी इस मामले को लेकर श‍िकायत दर्ज की है और उन्‍हें जवाब का इंतज़ार है. उन्‍होंने कहा, ‘मैं सोच रहा हूं कि अगर यह अमेरिका में हुआ होता तो क्‍या होता. भारतीय ग्राहकों के प्रति ‘चलता है’ वाले एटीट्यूड को खत्‍म होना ही चाहिए.’

राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज

 डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के उपद्रव से करोड़ों की संपत्ति बर्बाद हुई है.

खास बातें

  1. साध्वी से रेप मामले में गुरमीत राम रहीम दोषी
  2. कोर्ट के फैसले के बाद राम रहीम समर्थकों का उपद्रव
  3. हाईकोर्ट ने कहा, डेरा की संपत्ति बेचकर नुकसान की भरपाई होगी

नई दिल्ली : डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के साध्वी से रेप मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद उसके समर्थकों ने हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली समेत दूसरे पड़ोसी राज्यों में भारी उत्पात मचाया है. अबतक करीब 30 लोगों की जान जा चुकी है. पंजाब, हरियाणा हाईकोर्ट ने शुक्रवार एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान उत्पात से हुए नुकसान की भरपाई के लिए गुरमीत राम रहीम की संपत्ति बेचने का आदेश दिया था. शनिवार को इसी मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की फुलबेंच के सामने होगी. सुबह 10 बजे के करीब होने वाली इस सुनवाई में पुलिस कोर्ट के सामने उपद्रव के दौरान हुई हिंसा और तोड़फोड़ की रिपोर्ट भी पेश करेगी. इसी के आधार पर कोर्ट पुलिस को आगे की कार्रवाई का आदेश सुना सकती है.

28 अगस्त को राम रहीम को मिलेगी सजा: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को दो महिलाओं से बलात्कार के आरोप में शुक्रवार को पंचकूला की विशेष सीबीआई अदालत ने दोषी करार दिया है. सजा पर फैसला 28 अगस्त को होगा. राम रहीम को कोर्ट से ही हिरासत में ले लिया गया है. राम रहीम को सड़क के रास्ते अंबाला जेल ले जाया जाएगा. फैसले को देखते हुए सिरसा स्थित डेरा सौदा मुख्यालय में बड़ी संख्या में डेरा प्रमुख के समर्थक जुटे हुए थे और बड़ी ही तादाद में लोग पंचकूला में डटे हैं.

सुरक्षा बल उन्हें खदेड़ने की कोशिश में लगे हैं. आंसू गैस के गोले छोड़ने की बात भी सामने आ रही है. समर्थकों ने न्यूज चैनलों की ओबी वैन पर भी हमला किया. हालांकि डेरा प्रमुख ने एक वीडियो संदेश जारी कर लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपने अनुयायियों से घर लौटने की भी अपील की थी.

VIDEO: राम रहीम की समर्थकों से अपील

जानें क्या हैं आरोप: गुरमीत राम रहीम सिंह द्वारा दो साध्वियों का यौन उत्पीड़न किए जाने संबंधी अज्ञात चिट्ठी मिलने के बाद पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने 2002 में डेरा प्रमुख के खिलाफ मामला दर्ज किया था. डेरा प्रमुख ने हालांकि इन आरोपों से इनकार किया है.

सितंबर से मार्केट में आएगा 200 रुपये का नोट, सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन

rbi to introduce new rupees 200 note by september first week
200 rupee note
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया सितंबर के पहले हफ्ते में या फिर इस महीने के आखिर तक मार्केट में 200 रुपये का नया नोट जारी कर देगा। देश में ऐसा पहली बार होगा, जब 200 रुपये का नोट लोग प्रयोग कर पाएंगे। आरबीआई इस नोट को बैंकों और एटीएम मशीनों के जरिए देश भर में उपलब्ध कराएगा। केंद्र सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
ब्लैक मार्केटिंग रोकने के लिए उठाया कदम
इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक, 200 रुपये के नोट की ब्लैक मार्केटिंग न हो इसके लिए आरबीआई ने पहले से ही कदम उठा लिए हैं। आरबीआई को उम्मीद है कि नए नोट को लोग हाथों-हाथ ले लेंगे और जमाखोरी कर सकते हैं। इससे बचने के लिए 50 करोड़ नोट छापे गए हैं, ताकि इनकी पूरे देश में कमी न हो।

100 और 500 के बीच नहीं है कोई करेंसी नोट
आरबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि 100 और 500 रुपये के नोट के बीच कोई नोट नहीं है। इस कारण से लोग इस नए करेंसी नोट का ज्यादा प्रयोग कर सकते हैं। छोटे खर्चों में यह नोट ज्यादा प्रयोग होने की उम्मीद है।

2000 के नोट की हुई थी जमाखोरी
नोटबंदी के बाद जब आरबीआई ने 2000 का नोट जारी किया था, तो लोगों ने इसकी जमाखोरी करना शुरू कर दिया था। इससे सबक लेते हुए और जमाखोरी रोकने के  लिए आरबीआई पूरी तैयारी के बाद ही 200 का नया नोट बाजार में उतारने जा रहा है। बता दें कि नोटबंदी से पहले 500 के 1,717 करोड़ नोट थे और 1000 के 686 करोड़ नोट थे। SBI की रिसर्च के मुताबिक नोटबंदी के बाद बड़े नोटों के शेयर में 70 फीसदी की कमी आई है।

पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के घर दबिश, बेटी भूमिगत, फेमिली के सभी बच्चे स्कूल से निकाले गए

Home Minister Yakub Qureshi's house raid
याकूब के घर छापे के दौरान आरएएफPC: अमर उजाला ब्यूरो
कैंट स्थित एमपीजीएस (मेरठ पब्लिक गर्ल्स स्कूल) में छात्राओं और शिक्षिकाओं को चाबुक से पीटने का मामले में मंगलवार को पुलिस प्रशासन एक्शन में आ गया। भारी पुलिस बल, पीएसी और पैरा मिलेट्री फोर्स के साथ पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के आवास पर दबिश दी जहां उनसे जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया। इससे पूर्व छात्राओं के अभिभावक, व्यापारी नेता और सामाजिक संस्था स्कूल में पहुंचे जिस पर स्कूल प्रबंधन ने तीन छात्राओं को स्कूल से निष्कासित कर दिया। हालांकि चाबुक चलाने वाली महिला पर पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। वेस्ट एंड रोड स्थित एमपीजीएस में सुबह सात बजे अपनी अपनी बेटियां के साथ अभिभावक पहुंचे। स्कूल के बाहर हंगामा शुरू होते ही सदर बाजार के व्यापारी नेता भी पहुंचे। एबीवीपी के कार्यकर्ता स्कूल प्रशासन व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। मामला तूल पकड़ने लगा तो पुलिस फोर्स स्कूल में पहुंच गई। पुलिस ने सफाई दी कि स्कूल प्रशासन से कोई शिकायत नहीं आई। अभिभावक और एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने स्कूल प्रशासन की घेराबंदी कर ली। पुलिस को स्कूल प्रशासन ने तुरंत लिखित में शिकायत दी। मामला पुलिस के आला अधिकारियों तक पहुंचा। अभिभावक जिद पर अड़े कि स्कूल में हथियारों से लैस घुसकर छात्राओं और शिक्षिकाओं को घोड़े की चाबुक से पीटने वालों को गिरफ्तार करो। मामला तूल पकड़ने लगा तो एसएसपी ने लखनऊ में आला अधिकारियों को इसके बारे में अवगत कराया। एसएसपी ने बसपा नेता पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के घर पर दबिश देने की तैयारी करने की बात पुलिस से कही। वहां से हरी झंडी मिलने पर थाना कोतवाली पुलिस, पीएसी और आरएएफ ने याकूब कुरैशी के यहां दबिश दी। याकूब से जुड़े उसी के आवास पर से बरनावा बागपत निवासी समीर एवं आरिफ, सरधना निवासी फैजल को गिरफ्तार कर लिया। बताया गया कि वह पशु व्यापारी हैं और इसके सिलसिले में ही यहां आए थे। इसके अलावा पड़ोस में रहने वाले सलीम के नाबालिग पुत्र को भी पुलिस ने हिरासत में लिया जिसे देर रात थाने से ही जमानत पर छोड़ दिया गया।

युवक को पकड़कर ले जाती पुलिसPC: अमर उजाला ब्यूरो

आरएएफ देखते ही छंट गई भीड़
आरएएफ को देखते लोगों की भीड़ खुद अपने आप पीछे हटने लगी। याकूब कुरैशी के परिवार के लोग कहने लगे कि हम लोग कानून को मानने वाले है। बच्चों से अगर गलती हुई है तो उनको माफ कर दो। किसी दबाव में कार्रवाई मत करो। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर उचित कार्रवाई करे। सीओ कोतवाली ने उन्हें समझाया कि कोई गलत काम नहीं होगा।कोतवाली में बन गया एक्शन प्लान
पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ ने दोपहर को कोतवाली इलाका घेर लिया। एसपी सिटी, सीओ कोतवाली और एएसपी कैंट पुलिस फोर्स लेकर कोतवाली पहुंचे। याकूब कुरैशी के घर पर पुलिस पहुंची तो लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। हंगामा होने लगा और पुलिस से तीखी झड़प हुई। माहौल गर्माने लगा। फोर्स हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार थी।

नाम बताओ, थाने भेज देंगे
एसपी सिटी मानसिंह चौहान, सीओ कोतवाली रणविजय सिंह, एएसपी कैंट अंकित मित्तल, एसओ कोतवाली विजय गुप्ता पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के घर पहुंचे। याकूब पुलिस को देखकर बोले कि इतना बड़ा मामला तो नहीं हुआ, जोकि इतनी फोर्स बुलानी पड़ी। जिनके नाम बताओ, उसको थाने भिजवा देंगे। पुलिस अफसर बोले कि ऐसा कोई मामला नहीं है। पानी तो पिला दो। याकूब ने पानी और कोल्डड्रिंक मांगकर पिलाई।

15 लोग हथियार और चाबुक लेकर स्कूल में घुसे थे

स्कूल के कमरे बंद कर कराई गई परीक्षाPC: अमर उजाला ब्यूरो

कैंट स्थित मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स (एमपीजीएस) में घुसकर हुई गुंडई के मामले में गुस्साए सैकड़ों अभिभावकों ने मंगलवार को जमकर हंगामा काटा। स्कूल प्रबंधक और प्रधानाचार्य को घेरकर सुरक्षा पर सवाल दागे। आरोप लगाया कि प्रबंधन को छात्राओं से ज्यादा अपनी साख की चिंता है। इतना सब होने के बाद भी प्रबंधन ने रिपोर्ट दर्ज कराने की बजाय मामले में लीपापोती की। अगर इस तरह की असुरक्षा भविष्य में रही और छात्राओं के साथ क्लास रूम में घुसकर कोई अनहोनी हो जाती है तो कौन जिम्मेदार होगा। सुबह करीब आठ बजे प्रबंधक ताराचंद शास्त्री जब स्कूल पहुंचे तो काफी संख्या में अभिभावक उनके कक्ष में घुस आए और घटना पर जवाब मांगने लगे। अभिभावकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कोई अभिभावक किसी काम से स्कूल में आता है तो उससे गेट पर तरह-तरह के सवाल पूछे जाते हैं। एंट्री कराई जाती है। इंतजार कराया जाता है। लेकिन करीब 15 लोग हथियार और चाबुक लेकर स्कूल में घुस गए। क्लास रूम में घुसकर गुंडई की। छात्राओं, शिक्षिकाओं को पीटा। लेकिन उन्हें रोकने की हिम्मत स्कूल प्रबंधन की नहीं हुई। आधा घंटे से ज्यादा तक वे स्कूल में गुंडागर्दी करते रहे। उसी वक्त पुलिस बुलाकर उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं कराया गया।

जो हुआ स्कूल के अंदर हुआ
अभिभावकों ने आरोप लगाया कि सोमवार को स्कूल में जब यह घटना हुई तो प्रबंधक स्कूल में ही मौजूद थे। लेकिन इसके बावजूद ये सब हुआ। किसी छात्र या छात्रा के साथ स्कूल के बाहर कोई घटना होती है तो स्कूल वाले कहते हैं कि उनकी जिम्मेदारी केवल स्कूल के अंदर की है। लेकिन यह घटना तो स्कूल के अंदर की है, फिर भी स्कूल प्रशासन ने अपनी तरफ से थाने पर तहरीर देनी तक उचित नहीं समझी। इन हालातों में अभिभावक किस पर भरोसा करें। उनकी बच्चियां इतनी डरी हुई हैं कि स्कूल आने से ही मना कर रही हैं। गिरीश गुप्ता, नवीन शर्मा, रश्मि, संजीव गुप्ता आदि अभिभावकों के अलावा भाजपा नेता अजय गुप्ता, सारथी संस्था की अध्यक्ष कल्पना पांडे आदि ने असुरक्षा के आरोप लगाकर घटना पर गहरी नाराजगी जतायी।

दो दिन पहले सबक ले लेते तो न होती घटना

ताराचंद शास्त्री से अभिभावकों की नोकझोकPC: अमर उजाला ब्यूरो

मेरठ पब्लिक स्कूल फॉर गर्ल्स (एमपीजीएस) में सोमवार को अभिभावकों ने जो गुंडागर्दी की है, वह स्कूल प्रबंधन की भारी लापरवाही का नतीजा है। बीते शनिवार दोपहर कोे भी छात्राओं के साथ बुर्का पहने महिला कुछ गुंडों व लड़कों को लेकर छात्राओं व शिक्षिकाओं को पीटने के इरादे से हंटर लेकर स्कूल पहुंची थी। स्कूल कॉरिडोर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में स्कूल की लापरवाही साफ नजर आ रही है। स्कूल के मेन गेट और कॉरिडोर में जो सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उसमें आठ जुलाई यानी शनिवार की फुटेज कैद है। इस फुटेज में साफ दिख रहा है कि बुर्का पहने महिला लाल रंग का दुपट्टा डालकर, हंटर, गुंडों को साथ लेकर स्कूल पहुंची है। महिला के साथ आए लड़कों ने कॉरिडोर में ही रुमाल बांधकर अपने चेहरे ढंक लिए। ताकि घटना के वक्त उनकी पहचान न हो पाए। ये लोग पहले स्कूल में घूमे। पूरा स्कूल खाली मिला तो इन्होंने स्कूल में तोड़फोड़ कर दी और दोबारा आने की धमकी देकर वापस लौट गए। शनिवार की वीडियो फुटेज में स्कूल शिक्षिकाएं और यूनिफार्म में छात्राएं नहीं दिख रही हैं। जबकि 10 जुलाई सोमवार की वीडियो फुटेज में वही महिला दोबारा हंटर लिए हुए स्कूल में आती दिख रही है। महिला के साथ गुंडे, मेन विंग की यूनिफार्म पहने कुछ लड़के व दोनों छात्राएं हैं। इस वीडियो फुटेज में स्कूल शिक्षिका नीली साड़ी पहने उस महिला को रोकती हुई साफ दिख रही है। स्कूल यूनिफार्म में कु छ छात्राएं भी कॉरिडोर में नजर आ रही हैं जो उस महिला को रोकती हैं। लेकिन बुर्के वाली महिला हंटर लेकर गुंडों के साथ स्कूल में जबरन घुसकर पूरी घटना को अंजाम देती है। वीडियो फुटेज गवाह है कि ये लोग शनिवार को भी मारपीट के इरादे से स्कूल में घुसे थे। लेकिन छुट्टी हो जाने के कारण घटना नहीं हो पाई थी। स्कूल प्रशासन इस फुटेज से सबक लेकर अगर पुलिस को सूचना देकर सतर्क हो जाता तो सोमवार को यह घटना होती ही नहीं। लेकिन प्रबंधन ने पूरे मामले को दबाए रखा। बल्कि मीडिया को सोमवार को जो तस्वीरें और वीडियो दीं वो भी 8 जुलाई की घटना की थीं, ताकि पूरा मामला दबा रहे। मंगलवार को जब स्कूल प्रशासन पर अभिभावकों ने दबाव बनाया तब उन्होंने 10 जुलाई की वीडियो मजबूरन जारी करनी पड़ी। स्कूल से मिली दोनों वीडियो ने पूरी घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही साफ जाहिर कर दी है।

तीनों छात्राएं निष्कासित

तीनों छात्रों की टीसी दिखाती प्रिंसिपलPC: अमर उजाला ब्यूरो

एमपीजीएस प्रबंधन ने जहां याकूब के परिवार की आठवीं कक्षा की दोनों आरोपी छात्राओं को निष्कासित किया गया है तो इसी परिवारी की नवीं कक्षा की उस छात्रा को भी प्रबंधन ने निष्कासित कर दिया है जिसने प्रिंसिपल के सामने इन दोनों छात्राओं को सच्चाई बताने से रोका और गुमराह किया। तीनों छात्राओं हाजी याकूब कुरैशी के परिवार से हैं। स्कूल की प्रिंसिपल मधु सिरोही के मुताबिक इस परिवार का कोई भी बच्चा अब इस स्कूल में नहीं पढ़ाया जाएगा।

दबाव पड़ने पर लिखी तहरीर
अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी इस मामले में अपनी तरफ से रिपोर्ट दर्ज कराने का दबाव बनाया, जिसके बाद प्रबंधन की तरफ से पेंसिल से तहरीर लिखी जाने लगी तो अभिभावक फिर भड़क गए। कहा कि तहरीर पैन से लिखी जाती है। इसके बाद पैन से तहरीर लिखी गई।

बेटियां तो सबकी की हैं
कई महिला अभिभावकों ने प्रबंधक और प्रधानाचार्या से सवाल किया कि बेटियां तो सबकी हैं। अगर आपकी बेटी के साथ ये सब हो तो कैसा लगेगा? क्या ऐसे माहौल में वे अपनी बेटियों को स्कूल भेजेंगे? कहा कि जो काम स्कूल प्रबंधन को करना चाहिए, वह अभिभावकों को करना पड़ रहा है। तुरंत घटना की रिपोर्ट दर्ज कराकर पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव बनाना चाहिए था।

सुरक्षा तो दो
अभिभावकों ने प्रबंधक से पूछा कि स्कूल में इतनी छात्राएं पढ़ती हैं। लेकिन बच्चियों की सुरक्षा के नाम पर केवल एक निहत्था गार्ड गेट पर है। क्या यही सुरक्षा है? क्या प्रबंधन स्कूल में छात्राओं को सुरक्षा तक नहीं दे सकता?

हम सभी साथ हैं

सभी स्कूलों के प्रंबधकों की बैठकPC: अमर उजाला ब्यूरो

हम सभी प्रिंसिपल एमपीजीएस के साथ हैं। छात्राओं के अभिभावकों ने जो किया वो बहुत गलत है। इस तरह किसी भी स्कूल में गुंडागर्दी नहीं होनी चाहिए। मेरठ सहोदय इस मामले में जल्द कोई कदम उठाएगा। -एच.एम.राउत प्रिंसिपल दीवान पब्लिक स्कूल

काफी शर्मनाक घटना
काफी शर्मनाक घटना है। हम सभी इसका विरोध करते हैं। अच्छे हालात हों, जब शिक्षक बच्चों को पढ़ा सकें। प्रिंसिपलों की बैठक में यही तय करेंगे कि आगे क्या करना है। स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना भी मुश्किल हो रहा है। छात्रों का यूं आवेश में आकर ऐसा कदम उठाना बेहद अशोभनीय हैं। -प्रेम मेहता, प्रिंसिपल सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल

एसएसपी से मांगेंगे सुरक्षा
स्कूलों में अभिभावकों द्वारा अभद्रता करने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। अभिभावक चाहते हैं कि बच्चे अच्छे नागरिक बनें, जब स्कूल बच्चों को पढ़ाते हैं तो अभिभावक इस तरह की घटनाएं करते हैं। यह बहुत निंदनीय घटना है। सभी स्कूल संचालक व प्रिंसिपल मिलकर एसएसपी से मुलाकात करेंगे। स्कूल अपनी तरफ से पूरी सुरक्षा व्यवस्था रखते हैं, फिर भी ऐसी घटना हुई, इसलिए एसएसपी से मिलकर स्कूलों की छुट्टी के वक्त हर स्कूल को दो पुलिसकर्मी दिए जाएं, इसकी मांग करेंगे। काली पट्टी बांधकर सभी शिक्षक और प्रिंसिपल विरोध भी करेंगे। -राहुल केसरवानी, सहोदय सचिव

आगे की रणनीति बनाएंगे
जिस तरह अभिभावकों ने स्कूल में घुसकर गुंडागर्दी की, वह बहुत अशोभनीय है। शिक्षकों का कक्षाओं में पढ़ाना मुश्किल हो रहा है। मेरठ सहोदय और मेरठ स्कूल मैनेजमेंट फेडरेशन एमपीजीएस की घटना की निंदा करता है। आगे क्या करना है, बुधवार को हम सभी शिक्षक मिलकर इसकी रणनिति बनाएंगे। -विशाल जैन, डायरेक्टर शांति निकेतन ग्रुप

आरोपी छात्रों की पहचान कर होगी कार्रवाई

ताराचंद्र शास्त्री से तहरीर लिखवाते अभिभावकPC: अमर उजाला ब्यूरो

एमपीजीएस में गुंडागर्दी करने वालों में मेरठ पब्लिक स्कूल मेन विंग के छात्रों का नाम शामिल है। स्कूल से मिली फुटेज में ये छात्र हंटर वाली महिला के साथ शनिवार और सोमवार दोनों दिन स्कूल में घुसते हुए साफ दिख रहे हैं। पहले से स्कूल प्रशासन इस बात को मानने से इंकार कर रहा था। लेकिन मंगलवार को जब अभिभावकों ने स्कूल में जाकर हंगामा किया और उन छात्रों को स्कूल से निकालने की मांग की, तो मजबूरन स्कूल प्रशासन को कदम उठाना पड़ा। मेन विंग के प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल ने बताया कि शनिवार और सोमवार दोनों दिनों की अनुपस्थित छात्रों की सूची मंगाई है। इस सूची का मिलान वीडियो फुटेज वाले छात्रों से करेंगे। अगर दोषी छात्र हमारे विद्यालय के हैं तो उन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को हाजिरी रजिस्टर का मिलान किया जाएगा।

एमपीजीएस के साथ आया मेरठ सहोदय

पुलिस से अभिभावकों की हुई नोकझोकPC: अमर उजाला ब्यूरो

एमपीजीएस में घुसकर हुई गुंडागर्दी का विरोध करने के लिए मंगलवार को मेरठ सहोदय के सदस्य, विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल एवं मेरठ स्कूल मैनेजिंग फेडरेशन के सदस्य स्कूल पहुंचे। पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपलों व निदेशकों ने पूरी घटना को निंदनीय बताकर विरोध किया। साथ ही एमपीजीएस प्रबंधन से कहा कि पूरी घटना में सभी पब्लिक स्कूलों के प्रिंसिपल व संचालक आपके साथ हैं। एक घंटे तक एमपीजीएस में स्कूल प्रिंसिपलों व निदेशकों की बैठक हुई। सहोदय सचिव राहुल केसरवानी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने पुलिस को पूरी वीडियो फुटेज देकर मामला दर्ज करा दिया है। सभी स्कूल प्रबंधन इस मामले की घोर निंदा करते हैं। हम सभी साथ हैं। पुलिस से न्याय की मांग करेंगे। साथ ही स्कूलों की सुरक्षा के लिए एसएसपी से मुलाकात करके स्कूलों में छुट्टी के वक्त अतिरिक्त पुलिस सुरक्षा बल प्रदान कराने की मांग करेंगे। शांति निकेतन के डायरेक्टर विशाल जैन ने बताया कि जो घटना हुई वो छात्राओं के लिए बहुत गलत है। हम शिक्षक हैं और छात्राओं का बुरा नहीं देख सकते। इसलिए सभी स्कूलों के शिक्षक, प्रिंसिपल व छात्र मिलकर एक दिन काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। अन्य रणनीति तय करने के लिए बुधवार को मेरठ सहोदय की बैठक होगी।  प्रिंसिपलों की बैठक विद्या ग्लोबल स्कूल में दोपहर 2 बजे से होगी। इस बैठक में तय होगा कि आगे क्या करना है। बैठक में एमपीजीएस की प्रिंसिपल मधु सिरोही, एमपीएस ग्रुप की डायरेक्टर कुसुम शास्त्री, दीवान पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल एच.एम.राउत, सिटी वोकेशनल पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल प्रेम मेहता, एमआईटी ग्रुप के डायरेक्टर विष्णु शरण अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, शांति निकेतन ग्रुप के डायरेक्टर विशाल जैन, विद्या नॉलेज पार्क के डायरेक्टर सौरभ जैन, मेरठ सहोदय सचिव राहुल केसरवानी, एमपीएस ग्रुप के प्रबंध निदेशक विक्र म शास्त्री, जीटीबी के डायरेक्टर संजीत पी सिंह, एमपीएस मेन विंग के प्रिंसिपल डॉ. संजीव अग्रवाल उपस्थित रहे।

हंटर चलाने वाली दबंग आसमां हो गई भूमिगत

सीसीटीवी में कैद बुर्के में चाबुक वाली महिलाPC: अमर उजाला ब्यूरो

स्कूल में पहुंचकर छात्राओं और शिक्षिकाओं पर हंटर चलाने वाली पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां मंगलवार को भूमिगत हो गई। पुलिस ने फौरी कार्रवाई कर पल्ला झाड़ने का काम किया हैं। पुलिस ने साठगांठ कर केस की नींव कमजोर खड़ी की। ताकि याकूब के परिवार को बचाया जा सके। सरेआम स्कूल में गुंडागर्दी, हथियारों से लैस लोग, मारपीट और तोड़फोड़ वाली धारा मुकदमे में नहीं लगी। सभी के चेहरे सीसीटीवी कैमरे में कैद है, इसके बावजूद पुलिस ने अनदेखी की।
इंस्पेक्टर सदर बाजार पंकज पंत ने बताया कि  पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की बेटी आसमां पत्नी शादाब निवासी हापुड़ समेत आठ लोगों के नाम मुकदमे में शामिल कर लिए है। स्कूल में गुंडागर्दी का सीन देखकर अभिभावक आगबबूला है। चौतरफा से दबाव पड़ने पर पुलिस ने सिर्फ फौरी कार्रवाई की है। पुलिस का दावा, हंटर चलाने वाली आसमां कुरैशी भूमिगत हो गई। उसकी तलाश में पुलिस फोर्स ने महिला पुलिस को लेकर याकूब कुरैशी के घर पर दबिश दी थी, लेकिन वहां कोई महिला नहीं मिली।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में गंभीरता से पुलिस ने एक्शन नहीं लिया। याकूब कुरैशी के सामने जाते पुलिस नमस्तक हो गई थी। याकूब ने तीन लोग पुलिस को सौंपे। पुलिस ने तीनों युवकों को गिरफ्तार किया है। जबकि हंटर चलाने वाली आसमां के बारे में पुलिस ने उनसे पूछना भी मुनासिब नहीं समझा है। सवाल उठता कि सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में साफ दिखाई दे रहे है आरोपियों को क्यों गिरफ्तार नहीं किया। महिला थाने की एसओ और उसकी टीम चुपचाप खड़ी रही।असली गुनहगार कहां है
तीन आरोपी समीर, आरिफ और फैजल पर पुलिस ने 151 की कार्रवाई की है। तीनों आरोपी फुटेज में नहीं है। पुलिस सूत्रों की मानें तो तीनों आरोपी बेकसूर है, लेकिन असली आरोपी कहां है। असली आरोपी की गिरफ्तारी में पुलिस को पसीने छूट रहे है। समीर, आरिफ बरनावा बागपत के और फैजल सरधना का निवासी है। इस मामले में सभी आरोपी कोतवाली के थे।

बलवा और आर्म्स एक्ट भी नहीं लगाई
सदर बाजार पुलिस ने इस मुकदमे की नींव बहुत कमजोर खड़ी की है। इस मुकदमे में बलवा व आर्म्स एक्ट की कार्रवाई नहीं की। पुलिस ने पास आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सुबूत है। स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं के अभिभावकों का कहना है कि पुलिस ने बसपा नेता से साठगांठ कर ली। इस मामले में पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। पुलिस खानापूर्ति कर रही है।

मुकदमा दूसरा, आरोपी दूसरी धारा में भेजे
लोगों ने बताया पुलिस ने आरोपियों के साथ प्लानिंग बनाकर कार्रवाई की है। जेल भेजे तीनों आरोपी वारदात में नहीं थी, इसकी पुष्टि पुलिस अधिकारियों ने की है। इसको देखते पुलिस ने उन पर 151, 116 और 117 की कार्रवाई की गई है। जबकि सोतीगंज के यूसुफ ने हंटर चलाने वाली महिला समेत दर्जनों लोगों पर 147, 323, 504 की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।

याकूब बोले, भाजपाईयों की साजिश

याकूब कुरैशी

इस संबंध में हाजी याकूब कुरैशी ने कहा कि शिवरात्रि के पर्व पर पुलिस प्रशासन ने भाजपाइयों के साथ मिलकर जानबूझकर शहर का माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। मामूली धाराओं में दर्ज मुकदमों पर आरएएफ लगाकर ऐसी दबिश दी गई कि न जाने क्या आफत आ गई हो? हमने धैर्य दिखाया। बच्चों का मामला था पर जानबूझकर इसे दूसरा रंग दिया जा रहा है। मेरी बेटी ने जाकर किसी को स्कूल में नहीं पीटा। यह पूरी तरह से गलत हो रहा है।
आठ जुलाई को भी हंटर और गुंडे लेकर स्कूल पहुंची थी महिला, मामले को दबा गया था स्कूल प्रशासन, नहीं लिया था एक्शन, 10 जुलाई की घटना में जारी कर दी 8 जुलाई की फुटेज, पुलिस को देखकर भड़के लोग, आरएएफ देखते साधी चुप्पी, दिन निकलते एमपीजीएस अभिभावकों ने घेरा, हुआ हंगामा, कोतवाली इलाका बनाया छावनी, चप्पे चप्पे पर पुलिस फोर्स, तीन छात्राओं को स्कूल प्रबंधन ने दिखाया बाहर का रास्ता

गैर कश्मीरी के लश्कर में शामिल होने से उड़े होश, मां घरों में करती है चौका-बर्तन

non-Kashmiri joining Lashkar
यहां किराए पर रहता है संदीप का परिवारPC: अमर उजाला ब्यूरो
लश्कर-ए- तैयबा में संदीप शर्मा कब शामिल हो गया किसी को कानों कान खबर तक नहीं लगा। उसके परिवार वालों को भी जानकारी नहीं है। उसके घर की माली हालत ठीक नहीं है। शहर में किराए के एक कमरे में रहकर उसकी मां घरों में चौका-बर्तन कर किसी तरह गुजर-बसर करती है। पुलिस ने आतंकी की मां और भाभी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पहली बार किसी गैर कश्मीरी युवक के लश्कर में शामिल पाए जाने से खुफिया एजेंसियों के होश उड़ गए हैं।

सात माह पहले भाई के पास किया था फोन

पुलिस हिरासत में आतंकी की मां और भाभीPC: अमर उजाला ब्यूरो

नईमंडी थाने के मुस्तफाबाद-पचेंडा गांव निवासी 24 वर्षीय संदीप शर्मा अपने पिता रामकुमार शर्मा, भाई प्रवीण शर्मा के साथ यहां रहता था। वर्ष 1990 में गांव का मकान बेचकर शहर की आदर्श कॉलोनी में घर बनाया था। बाद में यह मकान भी बेच दिया। संदीप के ताऊ राजकुमार से उसके परिवार के संबंध में जानकारी मिली। उन्होंने बताया कि संदीप के पिता रामकुमार हिमाचल में अंबा रोलिंग मिल में काम करते थे। पेट में इंफेक्शन होने की वजह से वर्ष 2006 में उनकी मौत हो गई थी। संदीप शर्मा की शहर के मालवीय विद्यामंदिर देवपुरम में कक्षा नौ तक पढ़ाई हुई। पढ़ाई में मन नहीं लगने पर उसने एक दुकान पर वेल्डिंग का काम सीखा। वर्ष 2011 में संदीप शर्मा मुंबई चला गया। वहां उसने किसी ठेकेदार के साथ वेल्डिंग का काम किया। अंतिम बार संदीप को वर्ष 2013 में अपने दादा मायाराम की तेरहवीं में देखा गया था। उसके बाद से वह मुजफ्फरनगर नहीं आया। सात माह पहले संदीप का अपने भाई प्रवीण के पास फोन जरूर आया था। प्रवीण को उसने बताया था कि उसे जम्मू में एक ठेकेदार के यहां 12 हजार रुपये प्रतिमाह की तनख्वाह पर वेल्डिंग का काम मिल गया है। कुछ दिन बाद भाई ने उसी नंबर पर कॉल की, तो वह नंबर उसके मकान मालिक का निकला। बाद में उस मकान को वह छोड़ चुका था।

संदीप का भाई हरिद्वार में टैक्सी चालक

संदीप का ताऊ राजकुमार शर्माPC: अमर उजाला ब्यूरो

माना जा रहा है कि मुंबई में जिस ठेकेदार के साथ संदीप ने काम किया, वहीं से आतंकी तंजीमों से उसके तार जुड़ गए। संदीप का भाई हरिद्वार में टैक्सी चालक है। वह भी तीन-चार माह में एक बार मुजफ्फरनगर आता है। उसने न्यू अंकित विहार कॉलोनी में बरनावा के मूल निवासी गजेंद्र त्यागी के मकान में तीसरी मंजिल पर एक कमरा किराए पर लिया हुआ है। संदीप की मां प्रेमवती और प्रवीण की पत्नी रेखा अपने दो बच्चों के साथ इसी कमरे में रहते हैं। घर की माली हालत बेहद खराब है। प्रेमवती आसपास के घरों में चौका-बर्तन और उसकी बहू रेखा लोगों के घरों में खाना बनाने का काम करती है। रेखा के दो बच्चे आर्यन (7) और पीहू (3) भी साथ रहते हैं। बड़ी बेटी 13 वर्षीय मानू अपने मामा के घर खानपुर लक्सर में रहती है। संदीप के लश्कर से जुड़े होने की खबर मिलते ही प्रशासनिक मशीनरियां सक्रिय हो गई।  सोमवार दोपहर पुलिस पता खोजते हुए न्यू अंकित विहार पहुंची। पुलिस ने प्रेमवती और उसकी बहू रेखा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस ने फोन कर उसके भाई को भी हरिद्वार से बुलाया है। पहली बार किसी गैर कश्मीरी के लश्कर में शामिल पाए जाने से खुफिया एजेंसियों के होश उड़े हुए हैं। यह जानकारी जुटाई जा रही है कि संदीप शर्मा को लश्कर तक पहुंचाने वाले कौन हैं। वह कैसे उनके संपर्क में आया। स्थानीय स्तर पर कुछ और युवक उसके संपर्क में हैं या नहीं इन सब तथ्यों की गहनता से प्रारंभिक स्तर पर छानबीन की जा रही है।

पुलिस को घर तलाशने में लगे चार घंटे

आतंकी से संबंध में जानकारी लेती पुलिसPC: अमर उजाला ब्यूरो

जम्मू-कश्मीर में लश्कर आतंकी संदीप शर्मा उर्फ आदिल के पकड़े जाने के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई है। पूरे मामले में जम्मू-कश्मीर और यूपी पुलिस में तालमेल की कमी देखी गई। जम्मू में प्रेस कांफ्रेंस होने के बाद ही स्थानीय पुलिस को इस मामले की जानकारी हुई। आतंकी का घर तलाशने में पुलिस को चार घंटे लग गए। गाजियाबाद से आई एटीएस की टीम भी दोनों महिलाओं से पूछताछ करने में जुटी हुई है।

मां और भाभी से गोपनीय स्थान पर हो रही पूछताछ

आतंकी के घर की सूचना पर पहुंची पुलिसPC: अमर उजाला ब्यूरो

सोमवार को जम्मू में आईजी मुनीर खां ने मीडिया को अनंतनाग में मुठभेड़ के दौरान लश्कर-ए तैयबा के आतंकवादी संदीप शर्मा उर्फ आदिल को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। एसएसपी अनंत देव ने जम्मू के आईजी से संपर्क कर इस संबंध में जानकारी ली। जानकारी मिली कि आतंकवादी संदीप शर्मा उर्फ आदिल पुत्र रामकुमार शर्मा मुजफ्फरनगर के सरवट इलाके की गली नंबर नौ का निवासी है। इसी जानकारी के बाद पुलिस और खुफिया विभाग उसके मकान की तलाश में जुट गया। चार घंटे के बाद पुलिस को कामयाबी मिली। पता चला कि आतंकी संदीप शर्मा मूल रूप से नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के गांव मुस्तफाबाद का निवासी है। मुस्तफाबाद गांव पहुंची पुलिस को पता चला कि उनका परिवार तीन दशक पहले गांव से मकान बेचकर शहर चला गया था। पुलिस ने जानकारी जुटाई तो नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के पॉश इलाके गांधी कालोनी के उप कालोनी न्यू अंकित विहार में संदीप शर्मा का मकान मिला। यहां परिजन किराए के मकान में रहते हैं। घर पर संदीप की मां प्रेमवती, भाभी रेखा और दो बच्चे सात साल का भतीजा आर्यन और तीन साल की भतीजी पीहू मिले। इसी बीच गाजियाबाद से यहां पहुंची एटीएस की टीम ने संदीप शर्मा की मां और भाभी को अपनी हिरासत में ले लिया। दोनों से किसी गोपनीय स्थान पर ले जाकर गहन पूछताछ की जा रही है। संदीप के भाई प्रवीण से संदीप के बारे में जानकारी लेने के लिए एक टीम हरिद्वार गई है।

भाई से पूछताछ करने एक पुलिस की एक टीम हरिद्वार रवाना

आतंकी के बारे में जानकारी देते एसएसपी अनंत देवPC: अमर उजाला ब्यूरो

मुजफ्फरनगर के एसएसपी अनंत देव ने बताया कि कश्मीर में पकड़ा गया आतंकी संदीप शर्मा यहां मुस्तफाबाद का मूल निवासी है। वर्तमान में उसके परिजन अंकित विहार में रहे हैं। पुलिस ने संदीप की मां और भाभी को हिरासत में लिया है, जिनसे संदीप के बारे में पूछताछ की जा रही है। उसके भाई से पूछताछ के लिए एक टीम को हरिद्वार भेजा गया है।

Video Viral: रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ लेखपाल, पीड़ितों ने सुनाया दर्द

Video Viral: Lekhpal was captured in a camera taking bribes, victims pronounced pain

रिश्वत लेते कैमरे में कैद लेखपाल
केंद्र व राज्य सरकार भले ही भ्रष्टाचार खत्म करने की बात करती हो, लेकिन ऐसा होना अंसभव है। क्योंकि आये दिन किसी न किसी शहर में रिश्वत लेते अधिकारी या कर्मचारी कैमरे में कैद हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला मेरठ से सामने आया है। मवाना तहसील में तैनात रहे एक लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया है। इस वीडियो में एक दूसरा लेखपाल भी उसके साथ नजर आ रहा है। इस वीडियो की जब पड़ताल की गई तो पता चला कि लेखपाल ने गंगा किनारे खरबूजा, तरबूज आदि की खेती करने वालों से यह उगाही की थी। फरवरी में की गई इस उगाही के वीडियो और पीड़ितों के अब आये बयान की सीडी तैयार कर एसडीएम मवाना ने मेरठ भेजने की बात कही है।
ये है मामला
मवाना तहसील के खादर क्षेत्र के ग्राम भीकुंड के कुछ ग्रामीण गंगा किनारे जनवरी-फरवरी माह में ककड़ी, खीरा, खरबूजा और तरबूज की खेती करते हैं। इस जमीन को वह क्षेत्रीय बड़े किसानों से ही ठेके पर ले लेते हैं। ऐसे ही कुछ किसानों ने स्टांप पेपर पर ठेकानामा तैयार कराकर कई सौ एकड़ जमीन पर फसल बो दी। इसके बाद हलका लेखपाल गांव पहुंचा और उक्त किसानों से कहा कि उन्होंने सरकारी जमीन पर फसल बोई है। इसका लगान दो, नहीं तो फसल जुतवा दी जाएगी। किसानों ने लेखपाल को काफी समझाया, लेकिन वह नहीं माना और 500 रुपये प्रति एकड़ पर बात बनी। इसके बाद किसानों ने लेखपाल को पैसा दे दिया।

दो किसानों से‌ लिया पैसा

पीड़ितों ने सुनाया दर्द

जब लेखपाल किसानों के बीच बैठकर पैसा ले रहा था, तभी किसी ने चुपके से वीडियो तैयार कर ली। लेकिन डर के कारण किसान चुप रहे। अब यह वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें लेखपाल जहां पैसे लेता साफ नजर आ रहा है, तो किसान से बकाया होने की भी बात कह रहा है। इस वीडियो में लेखपाल ने दो किसानों से पैसा लिया है।

अब मेरठ में तैनात है लेखपाल
उक्त लेखपाल इस समय मेरठ तहसील में तैनात है। इस मामले में जब एसडीएम मवाना अरविंद कुमार से बात हुई तो उन्होंने पहले पुरानी वीडियो होने की बात कही, लेकिन जब पीड़ितों के बयान वाली वीडियो दिखाई गई तो उन्होंने सभी वीडियो की सीडी बनाकर एसडीएम मेरठ को जांच कराकर कार्रवाई के लिए भेजने की बात कही।

पड़ताल में दोनों किसान आये सामने 
इस वीडियो की जब पड़ताल की गई तो दोनों किसान सामने आ गये। इनमें गांव भीकुंड के मुन्नू और किशन चंद ने पैसा देना स्वीकार किया। दोनों ने आरोप लगाया कि लेखपाल ने उनसे 3500-3500 रुपये लिये थे। जबकि चार अन्य किसानों से भी उसी समय पैसे लेकर गया था और बाकी के पैसे बाद में दिए गए।

एक और कृषि क्रांति : कृषि विज्ञानियों ने तैयार किया गन्ने का सिंथेटिक बीज

Another agricultural revolution : agricultural scientists designed the cane synthetic seeds
गन्ने का सिंथेटिक बीज
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के दो कृषि विज्ञानियों ने दुनिया में पहली बार गन्ने का सिंथेटिक बीज तैयार किया है। इस रिसर्च से गन्ने की खेती का पूरा तरीका बदल जाएगा। अब गन्ने को काटकर खेत में लगाने की बजाय नर्सरी में बीजों से तैयार पौधे खेतों में रोपे जा  सकते हैं। इस बीज का तीन बार फील्ड ट्रायल पूरी तरह सफल रहा है। अब इसकी बड़े पैमाने पर खेती की तैैयारी है। यह शोध जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अध्यक्ष  प्रोफेसर आरएस सेंगर और डॉक्टर मनोज शर्मा ने किया है। दोनों विज्ञानियों ने बताया कि इस उपलब्धि का पेटेंट कराने की तैयारी की जा रही है। कृषि विज्ञानी इसे गन्ने की खेती में दूसरी हरित क्रांति मान रहे हैं।
कैसे तैयार हुआ बीज

लैब में बीज से तैयार किए गए पौधे

यह संश्लेषित बीज प्राकृतिक बीज का ही बहुरूपीय रूप है। पौधे के किसी भी हिस्से से लिए गए टिश्यू को सोडियम एल्जीनेट और कैल्सियम क्लोराइड के घोल से बीज तैयार किया जाता है। इसकी खासियत यह है कि यह प्राकृतिक और कृतिम दोनों ही परिस्थितियों में विकसित होता है।

प्रति हेक्टेयर उत्पादन 75 टन ले जाने का लक्ष्य
प्रोफेसर सेंगर ने बताया कि वेस्ट यूपी में प्रति हेक्टेयर 75 टन गन्ना उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अभी गन्ने का उत्पादन 71.78 टन प्रति हेक्टेयर है। मध्य क्षेत्र में 65.12 टन और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गन्ने का औसत उत्पादन 59.99 टन प्रति हेक्टेयर है।

फसल तैयार होने में करीब डेढ़ से दो माह की बचत

लैब में डा. मनोज और प्रोफेसर सेंगर

प्रोफेसर सेंगर ने बताया कि संश्लेषित बीज तकनीक के जरिये इस बीज को गोली के रूप में तैयार किया गया है। इस बीज का अंकुरण गन्ने को काटर कर बोए गए बीज की तुलना में अधिक होता है। इसके जरिये रोगमुक्त पौधों का रोपण करने से गन्ने की उत्पादकता तीन गुणा तक बढ़ाई जा सकती है। अभी प्रचलित पद्धति की बोआई से करीब 35 प्रतिशत फसल रोगों व अन्य कारणों से खराब हो जाती है। नर्सरी के सफल प्रयोग के बाद इन बीजों को सीधे खेत में बोने का परीक्षण किया जा रहा है। उम्मीद है कि शीघ्र ही इसमें सफलता मिल जाएगी। उन्होंने बताया कि पादप टिश्यू कल्चर तकनीक और उत्तम तकनीक के जरिए विविध फसलों के रोगमुक्त बीज का उत्पादन हमारी प्राथमिकता है, ताकि बढ़ती आबादी के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

डॉक्टर मनोज शर्मा ने बताया कि इस बीज से गन्ने की फसल बोने के समय से पहले नर्सरी तैयार की जा सकती है। डेढ़ से दो महीने के अंदर पौधे रोपने के लिए तैयार हो जाएंगे। इस तरह फसल के पूरी तरह तैयार होने का समय दो महीने तक बचाया जा सकता है।

एक एकड़ के लिए 6000 पौधों की जरूरत
प्रेफेसर सेंगर ने बताया कि वर्तमान की पद्धति में एक एकड़ के लिए करीब 50 क्विंटल गन्ने की जरूरत होती है, जबकि इतनी ही खेती के लिए 6000 पौधे पर्याप्त होंगे। अभी किसानों के लिए एक-एक हजार गोलियों का पैकेट तैयार किया गया है।

व्यावसायिक उत्पादन से लागत में कम होगी
उन्होंने बताया कि संश्लेषित पौधे की कीमत 5 रुपये प्रति पौधा निर्धारित की गई है, जबकि बीज की कीमत 3 रुपये प्रति बीज रखी गई है। व्यावसायिक उत्पादन के जरिये इसकी कीमत 50 पैसे प्रति बीज तक लाई जा सकती है।

कुलपति ने दी बधाई

कुलपति गया प्रसाद
सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर गया प्रसाद ने इस उपलब्धि के लिए प्रोफेसर सेंगर और डॉक्टर मनोज शर्मा को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि जैव तकनीक में शोध को बढञा देने के लिए ज्यादा निवेश की जरूरत है, क्योंकि आने वाले दिनों में बढ़ती आबादी के लिए भोजन की समस्या बढती जाएगी। इसके लिए जरूरी है कि शोध को बढ़ावा दिया जाए।

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