Category Archives: मेरठ न्यूज़

तीन सेकेंड में बाइक उड़ाने वाला गैंग पकड़ा

 bike thief arrested who theft bike in three second
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 टीपीनगर पुलिस ने तीन सेकेंड में बाइक चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन बदमाश पकड़े है। इस गिरोह का टारगेट शराब के ठेके और हाईवे पर दुकानों के सामने बाइक खड़ी कर सामान खरीदने वाले लोग होते थे। अक्सर बाइक का लॉक खुला छोड़ने की लापरवाही का फायदा उठाकर वह बाइक साफ कर देते थे। बाइक या स्कूटी का लॉक तोड़ने में महज 10 सेकेंड लगाते थे।

सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान ने प्रेस वार्ता में बताया कि इंस्पेक्टर टीपीनगर सचिन मलिक ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की पांच बाइक, मास्टर की और दो तमंचे बरामद किए हैं। चोरी की बाइक वह पहले सोतीगंज में 2-3 हजार रुपये में देते थे। लेकिन कुछ दिन से एक कबाड़ी उनसे चोरी के वाहन खुद आकर ले जाता था।

गिरफ्तार बदमाश
– अब्दुल्ला निवासी सद्दीकनगर लिसाड़ी गेट
– मोहसिन निवासी श्याम नगर लिसाड़ी गेट
– राहुल निवासी शिवपुरम टीपी नगर

अब्दुल्ला गैंग का सरगना
सीओ के अनुसार गैंग का सरगना अब्दुल्ला है। आरोपियों पर दिल्ली, मेरठ सहित कई राज्यों में वाहन चोरी के 18 से ज्यादा केस दर्ज हैं। यहां लिसाड़ी गेट, टीपी नगर ,मेडिकल थानों में केस दर्ज हैं।

पीड़ितों का लगा तांता
बाइक चोर गैंग पकड़े जाने की सूचना पर टीपी नगर थाने पहुंचे शिवपुरम निवासी अंकित ने बताया कि उसकी बाइक 16 अप्रैल को चोरी हुई थी। अंकित के अलावा गोलाबढ़ निवासी एक युवक ने भी अपनी बाइक पहचान ली। पुलिस के अनुसार सभी बाइक ट्रेस हो गई हैं।

कांस्टेबल प्रेमिका ने अपने आशिक सिपाही का कर दिया कत्ल, देखें तस्वीरें

Murder of Policeman in Saharanpur, Constable girlfriend custody, see photos
सिपाही ललित की फाइल फोटो
सहारनपुर में नगर कोतवाली क्षेत्र में यूपी डायल 100 की गाड़ी पर तैनात सिपाही ललित की सोमवार देर रात गला दबाकर हत्या कर दी गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हो गई है। पुलिस ने उसकी कांस्टेबल प्रेमिका पर हत्या की आशंका जताते हुए उसे हिरासत में ले लिया है। पुलिस का मानना है कि महिला कांस्टेबल को शादी करने से रोकने पर उसने ललित की हत्या की है। सिपाही के परिजनों ने महिला कांस्टेबल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।
बागपत के ग्राम नगला जाफराबाद निवासी ललित की लगभग 6 साल पहले शादी हुई थी और उसके चार साल का एक बेटा भी है। दो साल पहले ही सहारनपुर में ललित की तैनाती हुई थी। वह इस समय डायल 100 पर तैनात था। पत्नी और बेटा गांव में ही रह रहे थे, जबकि ललित सहारनपुर में अकेला ही रह रहा था। उसी समय बागपत के ही ग्राम बाघू निवासी कांस्टेबल रश्मि को भी यहां तैनाती मिली। फिलहाल वह गागलहेड़ी थाने पर तैनात है। बताया जा रहा है कि पास के गांव के होने के कारण उन दोनों में जान पहचान हो गई। दोनों मोहल्ला हकीकत नगर में रह रहे था। 17 अप्रैल को दोनों ने मोहल्ला चर्च कंपाउंड में किराए का दूसरा मकान लिया और वहां पर 17 अप्रैल को अपना सामान लेकर शिफ्ट हो गए।

कानून बना तो 10 गुना सस्ता हो जाएगा इलाज

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
मरीजों को सस्ती दवाएं उपलब्ध कराने के मकसद से सरकार कानून बनाने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संकेत दिए हैं कि सरकार ऐसा कानून लाएगी, जिसके तहत डॉक्टरों के लिए मरीजों को जेनेरिक दवाएं लिखना अनिवार्य होगा। अगर यह कानून बन गया तो मरीजों के इलाज का खर्च पांच से दस गुना तक सस्ता हो जाएगा। दरअसल, जेनेरिक दवाओं के मूल्य निर्धारण पर सरकारी अंकुश होता है, इसलिए वे सस्ती होती हैं। जबकि पेटेंट दवाओं की कीमत कंपनियां खुद तय करती हैं, इसलिए वे महंगी होती हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि यदि डॉक्टर मरीज को जेनेरिक दवाइयों की सलाह देने लगें तो सिर्फ धनी देशों में चिकित्सा व्यय पर 70 प्रतिशत तक कमी आ जाएगी। गरीब देशों के चिकित्सा व्यय में यह कमी और भी ज्यादा होगी। कई बार तो ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमतों में 90 प्रतिशत तक फर्क होता है। जेनेरिक दवाएं बिना किसी पेटेंट के बनाई और वितरित की जाती हैं। जेनेरिक दवा के फॉर्मुलेशन पर पेटेंट हो सकता है, लेकिन उसकी सामग्री पर पेटेंट नहीं हो सकता। जानकार बताते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय मानकों से बनी जेनेरिक दवाइयों की गुणवत्ता ब्रांडेड दवाइयों से कम नहीं होती। यह भी उतना ही असर करती हैं जितनी ब्रांडेड दवाएं। जेनेरिक दवाइयों को बाजार में लाने का लाइसेंस मिलने से पहले गुणवत्ता मानकों की सभी सख्त प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। इन दवाओं के प्रचार-प्रसार पर कंपनियां कुछ खर्च नहीं करतीं। दूसरी तरफ, दवा कंपनियां ब्रांडेड दवा से बड़ा मुनाफा कमाती हैं। यही वजह है कि डॉक्टर जेनेरिक दवाएं लिखते ही नहीं और ब्रांडेड दवाओं का कारोबार दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है।

ये होता है अंतर
अगर ब्रांडेड दवा की 14 गोलियों का एक पत्ता 786 रुपये का है, तो एक गोली की कीमत करीब 56 रुपये हुई। इसी सॉल्ट की जेनेरिक दवा की 10 गोलियों का पत्ता सिर्फ 59 रुपये में ही उपलब्ध हो जाएगा। इसकी एक गोली करीब 6 रुपये में पड़ेगी। वहीं किडनी, यूरिन, बर्न, दिल संबंधी रोग, न्यूरोलॉजी डायबिटीज जैसे बीमारियों में ब्रांडेड और जेनेरिक दवा की कीमत में बहुत ज्यादा अंतर देखने को मिलता है।

ये होती हैं जेनेरिक दवाएं
किसी एक बीमारी के लिए तमाम शोधों के बाद एक रासायनिक यौगिक को विशेष दवा के रूप में देने की संस्तुति की जाती है। इस यौगिक को अलग-अलग कंपनियां अलग-अलग नामों से बेचती हैं। जेनेरिक दवाइयों का नाम उसमें उपस्थित सक्रिय यौगिक के नाम केआधार पर एक विशेषज्ञ समिति निर्धारित करती है। किसी भी दवा का जेनेरिक नाम पूरे विश्व में एक ही होता है। आपकी किसी भी बीमारी के लिए डॉक्टर जो दवा लिखते हैं, उसी दवा केसॉल्ट वाली जेनेरिक दवाएं उससे काफी कम कीमत पर आपको मिल सकती हैं। जेनेरिक दवाएं उत्पादक से सीधे रिटेलर तक पहुंचती हैं। कीमत का यह अंतर पांच से दस गुना तक हो सकता है। ज्यादातर कंपनियां ब्रांडेड के साथ-साथ कम कीमत वाली जेनेरिक दवाएं भी बनाती हैं।

मोबाइल एप से पता करें कीमत का अंतर
ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं की कीमत में अंतर का पता लगाने केलिए एक मोबाइल एप ‘समाधान और हेल्थकार्ट’ भी बाजार में उपलब्ध है।

जेेनेरिक दवा का नहीं कोई सरकारी स्टोर
मेरठ में जेनेरिक दवाओं का कोई सरकारी स्टोर नहीं है, एक प्राइवेट स्टोर कंकरखेड़ा में बताया जा रहा है। ब्रांडेड दवाओं के मुकाबले जेनेरिक दवाओं से इलाज सस्ता होता है। सरकार अगर ऐसा कोई कानून बनाएगी तो इससे सस्ता इलाज हो सकेगा। सरकारी अस्पतालों में बाहर से दवाए लिखने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। – वीपी सिंह, सीएमओ

कारोबार होगा प्रभावित
मेरठ में रिटेलर और हॉलसेलर मिलाकर करीब 3200 मेडिकल स्टोर केलाइसेंस हैं। साढ़े तीन सौ तो खैरनगर में ही हैं। शहर में हर रोज तकरीबन तीन करोड़ से ज्यादा का दवा कारोबार होता है। महीने में यह एक अरब केआसपास पहुंच जाता है। जेनेरिक दवाएं आने से कारोबार काफी कम हो जाएगा। – रजनीश कौशल, महामंत्री, मेरठ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन

सरकारी डॉक्टरों से मांगा गया आय-संपत्ति का ब्यौरा

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
प्राइवेट प्रैक्टिस पर शिकंजे केबाद अब सरकारी डॉक्टरों से आय-संपत्ति का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। इस संबंध में डीजी हेल्थ की तरफ से आदेश और परफॉर्मा आया है, जिसे डॉक्टरों को भरकर भेजना है।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य केकेगुप्ता ने बताया कि सोमवार को यह परफार्मा डीजी हेल्थ की तरफ से आया है। मंगलवार दोपहर तक इसे भरकर भेजना था। मेडिकल कॉलेज केकरीब 150 डॉक्टरों के पास आय का ब्यौरा देने के लिए यह परफॉर्मा आया है। इनमें से 90 ने मंगलवार को यह परफॉर्मा सम्मिट कर दिया है, बाकी अभी सम्मिट नहीं कर पाए हैं। जिन डॉक्टरों ने आय का ब्यौरा अभी तक नहीं दिया है, उन पर क्या कार्रवाई की जाएगी, यह शासन स्तर पर ही तय किया जाएगा।
बता दें कि इससे पहले शासन ने आदेश दिए थे कि सरकारी डॉक्टर प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर सकेंगे। अगर वे ऐसा करते मिले तो उनकेखिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्राइवेट प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरों के खिलाफ सीएमओ छापेमारी कर सकते हैं। वहीं, अब उनकी आय-संपत्ति का ब्यौरा मांगा गया है।

पति ने बोला तीन तलाक, पीड़िता योगी से लगाएगी गुहार

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 तीन तलाक का मुद्दा देश में छाया हुआ है। इस मुद्दे पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहे है। रोजाना तीन तलाक के मामले सामने आते रहते हैं। ताजा मामला मेरठ में सामने आया है, जहां 5 मिनट में पति ने अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोल दिया। अब पीड़िता परिवार के साथ मिलकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इंसाफ मांगने की तैयारी कर रही है।
मेरठ के थाना कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली परवीन का निकाह मवाना निवासी दाऊद से 6 महीने पहले ही हुआ था। आरोप है कि निकाह के बाद से ही दाउद और उसके परिवार वाले परवीन को परेशान करते थे। बुधवार को दाउद ने परवीन को तीन बार तलाक बोलकर घर से बाहर निकाल दिया। परवीन का आरोप है कि उसके पति के कहीं और संबंध हैं, जिस वजह से उसको तलाक देकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी गई।
इस मामले में परवीन ने पुलिस से तो गुहार लगायी ही है। लेकिन अब वह अपनी बुआ और बहन के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर इंसाफ की गुहार लगाने की बात भी कह रही है। परवीन ने कहा कि वह योगी आदित्यनाथ से मिलकर बताएगी कि तीन तलाक पर उनकी सोच पूरी तरह सही है, जहां पर पांच मिनट में किसी औरत की जिंदगी बर्बाद कर दी जाती है। ऐसी महिलाएं जिंदगी भर मुसीबतें झेलती रहती हैं। ऐसे में योगी सरकार से हम अपील करते है कि ऐसे लोगों को कड़ी सजा दिलाएं जो महिलाओं को महज चंद मिनटों में तीन बार तलाक बोलकर जिंदगी भर के लिए ठोकरें खाने के लिए छोड़ देते हैं।
परवीन की बहन सबाना में इस तरह की तलाक की घटनाओं को लेकर गुस्सा नजर आया। उसने कहा कि  वर्तमान योगी सरकार तीन तलाक को लेकर जो कर रही है, सही कर रही है। हम उनके साथ हैं और इस तरह तीन तलाक देना इस्लाम के खिलाफ है।
परवीन की मां नहीं है और बुआ मुसर्रत उसके साथ रहती है। मुसर्रत ने भी परवीन और सबाना की बात का समर्थन करते हुए कहा कि इस तरह का तलाक नाजायज है। वह योगी सरकार के साथ मिलकर ऐसे 5 मिनट के तलाक देने वाले के खिलाफ कार्यवाही में साथ देने को तैयार है। आज तक किसी ने इस मुद्दे पर बात नहीं की। लेकिन योगी सरकार ने ये तलाक का मुद्दा उठाया है, जिसका हम सम्मान करते हैं।

एनसीआर के ठक-ठक गैंग का भंडाफोड़

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 गाड़ी से ऑयल टपकने की बात कहकर वारदात करने वाला एनसीआर का ठक-ठक गिरोह मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ गया। चार बदमाश गिरफ्तार हुए हैं, जिनसे होंडा सिटी कार (डीएल-3सीए-के-7193), अवैध शराब, दस किलो गांजा और लूटे गए लैपटॉप और बैग बरामद हुए हैं। सीओ ब्रह्मपुरी धर्मेंद्र चौहान ने प्रेस वार्ता में इसका खुलासा किया।
वारदात का तरीका
इस गैंग में 7-8 सदस्य हैं। इनमें कुछ होंडा सिटी से तो कुछ बाइक से चलते हैं। भीड़भाड़ वाले स्थान या चौराहे के आसपास जिन वाहनों में ये बैग या कीमती सामान रखा देखते हैं, उसे अलग-अलग तरीके से निशाना बनाते हैं।  1- बाइक से या पैदल चलने बदमाश किसी कार को टारगेट बनाकर कार के बोनट पर बड़ी सफाई से ऑयल डाल देते हैं। उनके दो साथी चालक साइड के शीशे पर ठक-ठक करते हुए कहते हैं कि आपकी गाड़ी के इंजन से तेल टपक रहा है। चालक जब तक इंजन चेक करने के लिए कार से उतरता है, दूसरी साइड के बदमाश सेकेंडों में कार से बैग उड़ाकर फरार हो जाते हैं।
2- हाईवे पर दो बदमाश बाइक से कार का पीछा करते हैं। कार के पास बाइक सटाकर चालक को झांसा देते हैं कि आपकी गाड़ी से तेल टपक रहा है। चालक बिना सोचे समझे कार रोककर चेक करता है कि दूसरी साइड से बदमाश कार का शीशा तोड़कर बैग उड़ा लेते हैं।
3. भीड़भाड़ वाले स्थान पर किसी कार में बैग या कीमती सामान रखा देख गिरोह के बदमाश बच्चों का भी सहारा लेते हैं। कार का मालिक या चालक आसपास होता है तो कार के बोनट पर बच्चे पहले गंदगी डाल देते हैं। गिरोह के बदमाश शोर मचाकर गंदगी डालने की बात कहते हैं। चालक जब बच्चों को पकड़ने दौड़ता है तो बदमाश कार से बैग और कीमती सामान उड़ाकर फरार हो जाते हैं।
4. भीड़भाड़ वाले स्थान पर गिरोह के सदस्य कार की ड्राइविंग साइड में पहुंचकर कार चालक से कार से ऑयल टपकने की बात कहते हैं। चालक कार से उतरता है तो दूसरी साइड से बदमाश डैश बोर्ड पर रखा मोबाइल फोन या बैग उठाकर भाग जाते हैं।

दिल्ली के गैंग पर 31 मुकदमे
सीओ के अनुसार गिरफ्तार बदमाश ज्योति, सूरज, भरत और करण मूल रूप से मद्रासी कॉलोनी मदनगीर थाना अंबेडकर नगर और जेजे नगर इंद्रपुरी दिल्ली के निवासी हैं। जो मेरठ सहित पूरे एनसीआर में वारदात करते हैं। इन बदमाशों पर एनसीआर में 31 मुकदमे दर्ज हैं। इस गैंग का टारगेट काफी समय से दिल्ली रोड मेरठ था। ये बदमाश गाड़ी का शीशा तोड़ने के लिए गुलेल या फिर कंचे का भी प्रयोग करते हैं। जिससे शीशा आसानी से टूट जाता है। यह गिरोह अक्सर होंडा सिटी कार से चलता है। ताकि किसी को शक न हो। वारदात के बाद बदमाश दिल्ली भाग जाते थे। सोमवार को दिल्ली रोड पर परतापुर और टीपी नगर थाना क्षेत्र में हुई दो वारदातों सहित इनसे मेरठ की पांच वारदातों का खुलासा हुआ है। गैंग के दो सदस्य महेश व श्याम निवासी दिल्ली फरार हैं। एसएसपी जे. रविंद्र गौड़ ने इस गुड वर्क पर परतापुर पुलिस को पांच हजार रुपये का इनाम दिया है।

‘जालिमों से मेरी सुमनलता जिंदा या मुर्दा बरामद करा दो’

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
13 दिन बीत चुके हैं, सुमनलता का अभी तक सुराग नहीं है। वह जिंदा है या मार दी, यह तो शोएब कुरैशी या उसका पिता अब्दुल हक बता सकता है। इन जालिम पिता-पुत्र से मेरी सुमनलता को जिंदा या मुर्दा बरामद करा दो। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो मैं परिवार समेत थाने में आत्मदाह कर लूंगा। हम तो बर्बाद हो गए हैं, अब जिंदा रहने से क्या फायदा। ये बिलखते हुए शब्द सुमनलता के पति पवन कुमार ने मंगलवार को इंस्पेक्टर लालकुर्ती के सामने गिड़गिड़ाते हुए कहे। इस दौरान इंस्पेक्टर दिलासा देते रहे कि सुमनलता को जरूर बरामद करूंगा।
 ग्रेटर पल्लवपुरम निवासी नेहा और उसकी मां सुमनलता की हत्या छह अप्रैल को शोएब कुरैशी उर्फ आदित्य गुप्ता उर्फ बबलू निवासी लावड़ ने की थी। सात अप्रैल को नेहा की लाश बरामद हो गई थी। लेकिन सुमनलता का अभी तक कोई सुराग नहीं लगा है। सोमवार को सीजेएम कोर्ट के आदेश पर शोएब नेहा की हत्या और सुमनलता के अपहरण केस का मुल्जिम बन गया है। इसकी जानकारी लगने पर मंगलवार को सुमनलता के पति पवन कुमार अखिल भारत हिंदू महासभा के जिला उपाध्यक्ष चौधरी कृष्ण गोपाल के साथ लालकुर्ती थाने पहुंचे थे।

वो जालिम तो जेल में है
पवन ने इंस्पेक्टर से कहा कि जालिम शोएब और उसके पिता अब्दुल हक से सुमनलता को जिंदा या मुर्दा बरामद करा दो। शोएब तो जेल में है जबकि अब्दुल फरार है। सुमनलता कहां है, इसकी जानकारी इन दोनों के अलावा किसी के पास नहीं है।

रिमांड पर लेंगे
इंस्पेक्टर लालकुर्ती धीरज शुक्ला ने पवन को आश्वासन दिया है कि कोर्ट के आदेश पर शोएब पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। सुमनलता कहां है, इसके बारे में उसको बताना होगा। अब्दुल की तलाश में भी पुलिस लगी है।

क्यों छुपा रहा शोएब सुमनलता को 
शोएब ने कोर्ट के सामने माना कि अमित श्रीवास्तव उसका पार्टनर है। अमित, संदीप गुर्जर, नाजिश व जावेद दावा कर चुके हैं कि सुमनलता की हत्या शोएब ने की। लेकिन काफी पूछताछ के बावजूद शोएब सुमनलता को क्यों छुपा रहा है, इसको लेकर पुलिस भी हैरान है। पीड़ित परिवार को अंदेशा है कि आरोपी पिता-पुत्र ने सुमनलता की लाश मवी लावड़ कब्रिस्तान में दबा दी है।

हम बताएंगे इसने किया मर्डर 
आदित्य बनकर लोगों को ठगने वाला शोएब कुरैशी कितना शातिर है, इसके बारे में दर्जनों लोग गवाही देने को तैयार हैं। पवन ने कहा कि हम कोर्ट को बताएंगे कि यह शोएब कुरैशी है और आदित्य गुप्ता उर्फ बबलू बनकर हमारे परिवार से मिला करता था। उसकी बेटी श्वेता ने भी बताया कि शोएब को वह अच्छी तरह जानती है। जरूरत पड़ी तो वह भी कोर्ट में जाकर बताएगी कि यह नेहा की हत्या का आरोपी शोएब है।

हम आंदोलन करेंगे 
अखिल भारत हिंदू महासभा के जिला उपाध्यक्ष ने चेतावनी दी कि अगर सुमनलता जिंदा या मुर्दा नहीं मिली तो वह पुलिस के खिलाफ आंदोलन करेंगे। पीड़ित परिवार गरीब है, इसलिए पुलिस-प्रशासन भी आंख मूंदकर तमाशा देख रहा है। पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी अभी तक पीड़ित परिवार से मिला तक नहीं। इसको लेकर पीड़ित परिवार में अधिकारियों के प्रति भी गुस्सा है।

आज मांगेंगे पुलिस रिमांड 
इंस्पेक्टर लालकुर्ती ने बताया कि शोएब कुरैशी के खिलाफ काफी सुबूत जुटा लिए हैं। बुधवार को कोर्ट में पुलिस रिमांड के लिए अर्जी दी जाएगी। पुलिस ने होटल से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी बरामद कर ली है। शोएब ने सुमनलता की हत्या की, इसका पुख्ता सुबूत पुलिस के पास है। लेकिन लाश कहां फेंकी, यह शोएब या उसका पिता ही बता सकता है।

तलाक…तलाक…तलाक कहकर घर से निकाल दिया, महिला ने थाने में सुनाई आपबीती

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तलाक…तलाक…तलाक
मेरठ की सराय बहलीम निवासी विवाहिता ने पति, भाभी और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पति ने तीन बार तलाक कहकर घर से निकाल दिया।
मेरठ के थाना कोतवाली अंतर्गत सराय बहलीम निवासी परवीन पुत्री बाबू ने बताया कि उसकी शादी छह माह पूर्व मवाना में मोहल्ला खैरात अली निवासी युवक से हुई थी। शादी के बाद से ही उसके पति, भाभी और ननद ने दहेज की खातिर मारपीट करना शुरू कर दिया। पति 15 फरवरी को दो लाख रुपये उसके परिवार से यह कहकर लाया था कि उसको बाग लेना है। इसके कुछ दिन तक सब ठीक रहा। इसके पश्चात पति मारपीट कर उसको मायके छोड़ आया। वह तीन माह तक उसे लेने नहीं आया तो मायके वालों ने चचेरे भाई के साथ 14 अप्रैल को मवाना सुसराल भेज दिया।

पीड़िता ने थाने में सुनाई आपबीती
ससुराल वालों ने पूछा कितने रुपये लेकर आई है। इनकार करने पर पति ने उसके भाई को भी पीटा। पति ने तीन बार तलाक कहकर घर से निकाल दिया। पीड़िता ने तहरीर दी। थाना प्रभारी का कहना है कि जांच कर रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।

मां-बहन के साथ कई साल से कर रहा था दुष्कर्म, मां-बहन ने ही दे दी सुपारी

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पुलिस ने किया फिरोज की हत्या का पर्दाफाश
सहारनपुर के कुतुबशेर थाना क्षेत्र की एकता कालोनी में मिली सिर कटी लाश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। सिर कटी लाश एकता कालोनी निवासी फिरोज की थी। हत्या उसकी सगी मां और बहन ने ही सुपारी देकर अपने ही एक पड़ोसी और उसके साथी से कराई थी। मां और बहन का आरोप है कि फिरोज मानसिक रूप से बीमार था और दोनों के साथ ही दुष्कर्म करता था। हत्यारोपियों ने फिरोज की हत्या कर सिर को अपने ही मकान में दबा दिया था। पुलिस ने सिर और हत्या में प्रयुक्त दांव एवं छुरा बरामद कर लिया है।
बृहस्पतिवार को हुए इस जघन्य हत्याकांड का रविवार को नगर पुलिस अधीक्षक संजय सिंह ने खुलासा किया है। गौरतलब है कि बृहस्पतिवार की सुबह थाना कुतुबशेर की एकता कालोनी में आबादी के बीच खाली पड़े एक प्लाट में बोरे में एक सिर कटी लाश मिली थी। उसके हाथ पर एफ लिखा हुआ था। एसपी ने बताया कि मोहल्ले में जानकारी के बाद ग्राम अफगान, नकुड़ निवासी मो. तालिब उर्फ विनोद कुमार सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने मृतक की पहचान अपने बेटे फिरोज के रूप में की। जो अपनी मां और बहन के साथ न्यू एकता कालोनी में रहता था। मृतक की पहचान होने के बाद पुलिस ने मृतक की मां और बहन की तलाश शुरू कर दी और उन्हें टपरी रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ की गई तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। जो कहानी मां और बहन ने बताई उससे सुनकर हर कोई दहल गया।

Audio Viral : सिपाही बोला- छोटे भाई एक हजार रुपये भैंस लूंगा, फिर चाहे कितने पशु काटो

Audio Viral :Talk to soldiers-younger brother will take one thousand rupees buffalo,chowki Incharge
अवैध कमेले पर बवाल
सीएम के पशुओं के अवैध कटान के प्रतिबंध के प्रयासों को पुलिस पलीता लगा रही है। सोमवार को एक सिपाही की वायरल हुई ऑडियो ने पुलिस महकमे की कार्यशैली पर सवाल उठा दिए। एसएसपी ने देर रात सिपाही को सस्पेंड कर दिया है। 35 सेकेंड की इस ऑडियो में सिपाही नरेंद्र कुमार ने मीट व्यापारी से कहा है कि एक हजार रुपये प्रत्येक पशु पर दो और जितने चाहे उतने पशु काटो। इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज से इस संबंध में बातचीत हो गई है। मामला सरूरपुर के हर्रा कस्बे का है। हर्रा पुलिस चौकी पर तैनात एक सिपाही ने ऑडियो में मीट व्यापारी को छोटे भाई कहकर संबोधन करते हुए अलग मिलने की बात कही।
सिपाही ने कहा, छोटे भाई मैं ये कह रहा था कि एक हजार रुपये भैंस लूंगा और इसके लिए इंस्पेक्टर और चौकी इंचार्ज से मेरी बात हो गई है। एक हजार रुपये प्रति पशु देने के बाद तुम्हें परमिशन की कोई जरूरत नही है, छोटे भाई एक हजार रुपये भैंस लूंगा, चौकी पर मुझे बता देना, इसलिए मैंने तुम्हें अलग में बुलाया है। छोटे भाई और किसी से बताने की जरूरत नही है। यह सिपाही लंबे समय से हर्रा पुलिस चौकी पर तैनात है। इस ऑडियो से पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है। जिसे सुनकर हिंदू संगठन से जुडे़ लोगों ने पुलिस अफसरों से भी शिकायत करने की बात कही है।

एसपी देहात श्रवण कुमार ने कहा कि ऑडियो की सीओ सरधना से जांच कराई जा रही है। वहीं, एसएसपी ने देर रात सिपाही को सस्पेंड कर दिया है।