Category Archives: मेरठ न्यूज़

दरोगा ने आईपीएस के भाई पीटा

inspector beaten ips brother
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
मेरठ डीआईजी ऑफिस में तैनात दरोगा समेत सात पुलिसकर्मियों ने एक आईपीएस के भाई और उसके दो दोस्तों पर गाड़ी चोरी का आरोप लगाकर उनकी पिटाई कर दी। पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में तोड़फोड़ भी की। दरोगा समेत सात पुलिसकर्मियों पर बागपत कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत हो गया है। पुलिसकर्मियों के सस्पेंड करने की संस्तुति भी कर दी गई।
शामली के बहावड़ी गांव निवासी शशि कुमार ने बागपत कोतवाली में डीआईजी ऑफिस में तैनात दरोगा राजीव कुमार, मेरठ में तैनात सिपाही शाहनवाज तथा पांच अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कराया। आरोप है कि शशि कुमार अपने दोस्त मनोज कुमार के साथ मेरठ से सोनीपत एक शादी के कार्यक्रम में जा रहे थे। मनोज कुमार आईपीएस विजय ढुल के भाई है। ड्राइवर उनकी बोलेरो चला रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब पौने आठ बजे राष्ट्र वंदना चौक से 60-70 मीटर पहले एक ट्रक खड़ा हुआ था। इससे उनकी बोलेरो भी रुक गई। इसी दौरान वहां पहुंची एक गाड़ी से उतरे सात युवकों ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए मारपीट कर दी। मनोज ने अपने भाई का परिचय भी दिया। इसके बावजूद भी आरोपी मारपीट करते रहे। बोलेरो में भी तोड़फोड़ की गई। आईपीएस विजय ढुल ने दरोगा राजीव से फोन पर बात की, तब जाकर उन्हें छोड़ा गया। कोतवाली में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट (धारा 147,323, 504 व 427 आईपीसी) दर्ज हुई है। कोतवाल अरुण कुमार द्विवेदी का कहना है कि केस की विवेचना के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

क्राइम ब्रांच का दरोगा हूं
पीड़ितों ने बताया कि आरोपी राजीव बार-बार खुद को मेरठ क्राइम ब्रांच में दरोगा बता रहा था। उन पर क्रेटा गाड़ी चोरी करने का आरोप लगाया गया। पुलिस का ऐसा बर्ताव देखकर आईपीएस का भाई और उसके दोस्त भी हैरत में पड़ गए। उन्होंने उच्चाधिकारियों से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

किसके निर्देश पर गए थे बागपत
राजीव डीआईजी ऑफिस में तैनात है। वह किसके निर्देश पर बागपत में चोरी हुई क्रेटा पकड़ने गए थे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दरोगा के साथ डीआईजी ऑफिस में ही तैनात सिपाही शाहनवाज भी थे। दोनों ने बागपत की क्राइम ब्रांच के सिपाहियों से बात की और उनको साथ ले लिया। क्रेटा की जानकारी कहां से आई, इसकी जांच चल रही है।

किशोरी से रेप को लेकर तनाव, हंगामा

tension created after raped girl
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 भावनपुर क्षेत्र के औरंगाबाद गांव में दलित किशोरी को अगवा कर रेप के मामले में शुक्रवार को हंगामा हो गया। ग्रामीणों ने भाजपा नेताओं के साथ एसएसपी ऑफिस का घेराव किया। दो दिन में आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
किशोरी के परिजनों ने 14 फरवरी को आरोपी नाजिम पुत्र सैय्याद के खिलाफ भावनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। गिरफ्तारी न होने पर शुक्रवार को भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी के नेतृत्व में भाजपा नेताओं और दलित समाज के लोगों ने एसएसपी से शिकायत की। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले तो पुलिस ने 24 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज कर मेडिकल कराया, उसके बाद गिरफ्तारी नहीं की गई। पूर्व विधायक रणवीर राणा ने कहा कि पुलिस सत्ता के दबाव में काम कर रही है, जिसके कारण आरोपी फरार है। गांव में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन चुकी है और पुलिस झूठे आश्वासन दे रही है। एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि सीओ सदर देहात और एसओ को कड़े निर्देश दिए हैं। जल्द आरोपी को गिरफ्तारी कर लिया जाएगा। हंगामा करने वालों में पूर्व विधायक विनोद हरित, कै लाश चंद, जगपाल सिंह, सांसद प्रतिनिधि बिजेंद्र सागर, सहन्सरपाल सिंह, राजेंद्र, ब्रजपाल, मनोज जाटव मौजूद रहे।

चेन लुटेरे को महिलाओं ने धुना

ladies beaten chain snatcher
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 शास्त्रीनगर में गोल मंदिर के पास शुक्रवार दोपहर बाइक सवार दो युवकों ने एक महिला से चेन झपट ली। इस पर महिला और उसके साथ एक अन्य महिला लुटेरों के पीछे दौड़ पड़ीं और बाइक पर पीछे बैठे युवक को पकड़ लिया। जबकि दूसरा बाइक छोड़कर भाग निकला। पकड़े गए आरोपी को महिलाओं और लोगों ने जमकर धुना। महिलाएं पुलिस के सामने ही युवक को पीटते हुए थाने तक ले गईं।
सूरजकुंड निवासी राजीव गर्ग की पत्नी ममता गर्ग अभिलाषा फाउंडेशन की संस्थापिका हैं। शुक्रवार दोपहर ममता अपनी सहेली रश्मि अग्रवाल निवासी न्यूमोहनपुरी के साथ पैदल ही सेंट्रल मार्केट में सामान खरीदने जा रही थीं। गोल मंदिर के पास पीछे से पल्सर बाइक पर पहुंचे दो युवकों ने ममता की चेन झपट ली। इस पर दोनों महिला शोर मचाते हुए बाइक के पीछे दौड़ पड़ीं और पीछे बैठे लुटेरेे की शर्ट पकड़ बाइक को गिरा दिया। इस दौरान बाइक चलाने वाला युवक बाइक छोड़कर भाग निकला। जबकि महिलाओं और आसपास के लोगों ने पकड़े गए युवक की जमकर पिटाई की। सूचना पर इंस्पेक्टर नौचंदी एसके राणा भी पहुंचे। पुलिस को देखकर युवक बेहोश होने का नाटक करने लगा। इस दौरान पुलिस ने जैसे ही लुटेरे को जीप में बैठाने की कोशिश की तो महिलाओं फिर उसे उतार लिया और चप्पलों से पीटा। थाने में लोग लुटेरे को लेकर पहुंचे और पीछे पुलिस थी। हंगामे की सूचना पर सीओ सिविल लाइन रितेश कुमार भी पहुंच गये। इंस्पेक्टर नौचंदी ने बताया कि महिला की तहरीर पर पकड़े गए युवक रवि पुत्र संत सिंह निवासी पूठा थाना टीपीनगर और फरार आरोपी परविंदर निवासी मलियाना के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पल्सर बाइक परविंदर की है, जिसका नंबर फर्जी मिला। रवि ने बताया कि वह पुताई का काम करता है, जो टीपीनगर, कंकरखेड़ा और शास्त्रीनगर में आठ-दस लोगों से चेन, पर्स और मोबाइल लूट चुका है।

लूट के बाद नाली में फेंकी चेन
दोनों महिलाओं ने जब रवि से चेन मांगी तो उसने कहा कि वो दूसरा साथी लेकर भाग गया। पुुलिस के सामने ही महिलाओं ने लुटेरे पर खूब चप्पल बरसायीं। बाद में लुटेरे ने बताया कि चेन उसने नाली में फेंक दी। जिसके बाद नाली से चेन बरामद की। लोगों ने कहा कि चेन मिलने पर छोड़ दिया जाए, जिस पर दोनों महिलाओं ने कहा कि आज हमारी चेन लूटी है, कल किसी और के साथ लूट होगी। इसे जेल भिजवा के ही मानेंगी।

चलती कार में गैंगरेप होने पर भड़का जनाक्रोश

pepole protest after gangrape
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
भीख मांगकर परिवार का पेट पालने वाली महिला से चलती कार में गैंगरेप की घिनौनी वारदात को लेकर जन आक्रोश है। पुलिस दरिंदों को पकड़ने के बजाय मामले में लीपापोती करने में जुटी है। दो दिन बाद भी दरिंदों का पता लगाने के लिए सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तक नहीं देखी। दिनभर लोगों ने अधिकारियों के ऑफिसों में हंगामा किया।

बेगमपुल पर भीख मांगकर लौटती महिला को बुधवार रात कार सवार युवकों ने 100 रुपये देने का इशारा देकर बुलाया और कार में डालकर ले गए। रातभर हाईवे पर चारों ने उससे गैंगरेप किया और कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र में हाईवे पर फेंककर भाग गए। बृहस्पतिवार सुबह महिला खेत में पड़ी मिली। शुक्रवार को अखबारों में समाचार प्रकाशित होने पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। भाजपा महानगर अध्यक्ष करुणेश नंदन गर्ग, सामाजिक संस्था कार्यकर्ताओं ने एसपी सिटी, एसएसपी, डीआईजी और फिर आईजी ऑफिस में हंगामा किया। साथ ही पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया।

किस काम के सीसीटीवी कैमरे
शहर के अधिकांश चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घटनास्थल जीरो माइल पर भी कैमरा लगा हुआ है। दरिंदों ने महिला को परतापुर-कंकरखेड़ा बाईपास पर रातभर घुमाया। जहां 22 कैमरे निगरानी कर रहे हैं। लेकिन घटना के दो दिन बाद भी पुलिस ने फुटेज चेक नहीं की है।

लालकुर्ती थाने में केस ट्रांसफर
महिला का अपहरण जीरो माइल से होना बताया गया है। इसे देखते हुए कंकरखेड़ा पुलिस ने शुक्रवार को मुकदमा लालकुर्ती थाने में ट्रांसफर कर दिया। कंकरखेड़ा इंस्पेक्टर प्रशांत कपिल का कहना था कि लालकुर्ती पुलिस ही विवेचना करेगी। इस मामले में हमारा कोई रोल नहीं है।

बिटकॉइन में भुगतान करने वाली कंपनियां भी रडार पर

companies on traget paying bitcoin
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
बिटकॉइन या साइबर करेंसी में भुगतान करने वाली ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ी कई कंपनियां यूपी एसटीएफ और जांच एजेंसियों के रडार पर हैं। दरअसल, वेबवर्क कंपनी ने भी इसी तरह भुगतान की बात कही थी। इसके अलावा ऑनलाइन ट्रेडिंग करने वाली अन्य कंपनियां इसी तरह भुगतान कर रही हैं। इनकी लिखित शिकायत एसटीएफ के साथ अन्य विभागों में हुई है। इसके बाद बिटकॉइन का इस्तेमाल करने वाली ऐसी 10 कंपनियां चिह्नित की जा चुकी हैं, जिनके पूरे कारोबार का रिकॉर्ड देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती जांच में पता चला है कि इन कंपनियों ने छह माह के दौरान बड़ी संख्या में अपने बड़े ग्राहकों को सिंगापुर, मलेशिया और थाइलैंड जैसे देशों का टूर कराया। इसके जरिये ये कंपनियां विदेश में रकम खर्च होना बता रही हैं। बिटकॉइन से भुगतान सीधे विदेशी कंपनियों को किया जा रहा है, जिसके पीछे जांच एजेंसियां को मनी लांड्रिंग की आशंका है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इसकी आड़ में विदेश में नया कारोबार खड़ा कर काले धन के वैध करने का खेल चल रहा हो। ऐसे में केंद्र और राज्य की एजेंसियां हर पहलू को लेकर जांच कर रही हैं।

क्या है बिटकॉइन
बिटकॉइन या साइबर करेंसी सिर्फ अंकों में चलती है। आपको कंप्यूटर स्क्रीन और मोबाइल एप पर अपनी लॉगिन आईडी के माध्यम से रकम दिखती है। इसके जरिये आपको यह जानकारी मिलती रहेगी कि आपका पैसा घट या बढ़ रहा है। ऐसी मुद्रा का इस्तेमाल कंपनियों और सर्विस प्रोवाइडर के बीच होता है। मसलन, कोई प्रोडक्ट खरीदते हैं तो विक्रेता को उतनी मुद्रा अंकों में लिखकर उसकी लॉगिन आईडी पर भेज दी जाती है। ऐसी मुद्रा का अस्तित्व सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक मोड में ही होता है। तमाम पोंजी कंपनियां बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रही हैं।

देश में है प्रतिबंधित
वेबवर्क के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले अमित किशोर जैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि वेबवर्क ने बिटकॉइन में पेमेंट करने को कहा था, जो मुद्रा भारत में अस्तित्व में ही नहीं है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के आदेश के मुताबिक, भारत में बिटकॉइन पूरी तरह से अवैध है और प्रतिबंधित है। इस नजरिये से वो तमाम कंपनियां अब एसटीएफ के निशाने पर हैं, जो बिटकॉइन का इस्तेमाल कर रही हैं। कुछ कंपनियां पैकेज लेने के कुछ ही दिनों में ग्राहकों को विदेश का टूर करा रही हैं।

किसानों को संजीवनी देंगे कृषि विज्ञान केंद्र

 वेस्ट यूपी में 7 नए कृषि विज्ञान केंद्र खोलने के लिए विवि तैयारी में है। नए केवीके खुलने से जहां कृषि के क्षेत्र में शोध किए जाएंगे, वहीं किसानों को भी सीधे तौर पर वैज्ञानिक तकनीकी जानकारी देंगे। कृषि उत्पादन बढ़ाने और किसानों को आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने यह स्वीकृति दी है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध 13 कृषि विज्ञान केंद्र और 2 कृषि ज्ञान केंद्र हैं। अब भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने शामली, संभल, हापुड़, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, बदायूं, मुरादाबाद में नए कृषि विज्ञान खोलने के लिए स्वीकृति दी है। मुजफ्फरनगर और मुरादाबाद के लिए केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री रहे डॉ. संजीव बालियान ने स्वीकृति दिलाई है। केवीके के खुलने से इन जनपदों के किसानों को तकनीकी जानकारी और कृषि के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों के बारे में वैज्ञानिक बताएंगे। विवि प्रशासन अब इन जनपदों में जमीन की तलाश में जुट गया है। जमीन के मिलते ही केवीके बनने शुरू हो जाएंगे।

यह होगा लाभ
एफएलडी बढ़ाएगा किसानों का ज्ञान।
गोष्ठी के माध्यम से समय-समय पर कृषि के बारे में बताया जाएगा।
फसलों में लगने वाले रोग और उपचार के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कृषि से जुड़े हुए छह एक्सपर्ट किसानों को अलग अलग विषयों के बारे में बताएंगे।
किसानों को मृदा परीक्षण के लिए भी जानकारी दी जाएगी।

जमीन के कारण अटका है मामला
सात नए केवीके के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए कुलपति डॉ. गया प्रसाद ने संबंधित जिलों के डीएम को पत्र भेजा है। कुछ स्थानों पर जमीन आसानी से उपलब्ध हो रही है, लेकिन कुछ स्थानों पर पेच फंसा हुआ है। इसे दूर करने के लिए विवि प्रशासन और स्थानीय प्रशासन लगा हुआ है। विवि प्रशासन को उम्मीद है कि आचार संहिता के बाद केवीके का रास्ता साफ हो जाएगा।

जल्द शुरू होगा काम
आईसीएआर ने सात नए केवीके बनाने के लिए स्वीकृति दे दी है। इन्हें बनाने की दिशा में विवि प्रशासन काम कर रहा है। जमीन मुहैया कराने के लिए स्थानीय प्रशासन से बात चल रही है। शीघ्र काम शुरू कराने का काम किया जाएगा।  – डॉ. रघुवीर सिंह, निदेशक प्रसार

किसानों को मिलेगा लाभ
नए केवीके बनने से किसानों को लाभ मिलेगा। किसान वैज्ञानिकों के माध्यम से कृषि में अधिक मुनाफा ले सकेंगे। इनके बनने से क्षेत्रीय किसानों को लाभ मिलेगा और वह आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे।
– डॉ. गया प्रसाद, कुलपति

कम पढ़े-लिखे वोटर मतदान कर रहे बेहतर

less educated cast higher votes
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 लोकतंत्र के महोत्सव में कम पढ़े-लिखे लोग एक बार फिर भारी पड़े हैं। सूबे में विधानसभा चुनाव के दो चरणों के मतदान के आंकड़े इसकी गवाही दे रहे हैं। जिन जिलों में साक्षरता दर अपेक्षाकृत कम है, वहां जमकर वोटिंग हुई, जबकि अति साक्षर जिलों कम।
बार-बार आह्वान और तमाम कवायदें भी पढ़े-लिखे लोगों को मतदान केंद्रों तक खींचने में असफल रहीं। ऐसे जिलों के लोगों को मात दे रहे हैं वह जिले, जिनमें साक्षरता दर कम है। चिंताजनक यह है कि कई उच्च साक्षरता दर वाले जिले इन दो चरणों के मतदान में 60 फीसदी का भी आंकड़ा नहीं छू पाए हैं। उधर, कई ऐसे जिलों में मतदान का प्रतिशत 64 फीसदी के पार गया है, जहां 46 प्रतिशत से ज्यादा लोग पढ़े-लिखे नहीं है।

रामपुर ने किया कमाल
रामपुर जिले की साक्षरता दर 53.34 फीसदी है। यहां दूसरे चरण में मतदान हुआ। इस जिले में वोटिंग का प्रतिशत 64.55 है। वर्ष-2012 के विधानसभा चुनाव में यहां 60.32 प्रतिशत मतदान हुआ था। लोकसभा चुनाव आए तो भी यह स्थिति 59.28 ही रही, लेकिन इस बार जबरदस्त उत्साह दिखाते हुए यहां के लोगों ने मतदान प्रतिशत बढ़ा दिया।

ये पढ़े लिखे बूथ पर जरा धीरे जाते हैं
गौतमबुद्धनगर जिले की साक्षरता दर 80.12 प्रतिशत है। लेकिन, यहां के लोग वोटिंग में उतने ही सुस्त नजर आए। वर्ष-2012 के चुनाव में यहां 57 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इस बार खूब ताकत लगाने के बाद भी 59.17 फीसदी ही मतदान हुआ। गाजियाबाद के लोग तो सुस्ती में इनसे भी आगे निकल गए। गाजियाबाद में पिछले विधानसभा चुनाव में 59 प्रतिशत मतदान हुआ था। इस बार यह घटकर 58.10 प्रतिशत पर अटक गया।

इन्होंने दिखाया आईना
बरेली की साक्षरता दर 58.49 प्रतिशत है पर यहां का वोटिंग प्रतिशत 62.17 रहा। हालांकि, यह आंकड़ा पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में कम है, लेकिन लोकसभा से ज्यादा। बदायूं की साक्षरता दर 51.29 फीसदी है। यहां भी वोटिंग का प्रतिशत 60.89 प्रतिशत रहा।

कहां कितना मतदान
जिले             साक्षरता दर      मतदान प्रतिशत
मेरठ             72.84      64.66
मुजफ्फरनगर    69.12       66.50
बागपत          72.01       64.40
शामली          59.5        67.94
गौतमबुद्घनगर    80.12      59.17
गाजियाबाद      78.07      58.10
बुलंदशहर       68.88      64.65
बिजनौर         68.48       67.15
सहारनपुर    70.49       73.03
पीलीभीत    61.47      67.28
एटा          70.81      66

दूसरी छावनियों के लिए मेरठ कैंट बनेगा मॉडल

meerut cantonment will become model for others
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
मेरठ छावनी दूसरी छावनियों के लिए मॉडल बनेगी। स्मार्ट कैंट प्रोजेक्ट के तहत हो रहे नए काम और अपग्रेडेशन के लिए दूसरी छावनी मेरठ से सीख सकेंगे। छावनी का निरीक्षण करने पहुंचे रक्षा संपदा मध्य कमान के निदेशक एसएन गुप्ता ने ये बात कही।
रक्षा संपदा निदेशक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मेरठ कैंट बोर्ड मध्य कमान के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यहां हो रहे काम दूसरी छावनियों के लिए मॉडल बनेंगे। छावनी से अपनी आय के स्रोत बढ़ाने को कहा है। इस पर सीईओ राजीव श्रीवास्तव ने बढ़ाए गए शुल्क और पार्किंग शुल्क की जानकारी दी। उन्होंने कहा एलईडी लगाकर कैंट बोर्ड साल में करीब चार करोड़ रुपये की बचत करेगा। कैंट में सीवरेज प्लांट की योजना कब अमल में आएगी, इस सवाल के जवाब निदेशक ने कहा करीब 44 करोड़ रुपये का बजट पास हुआ है। पहले चरण में करीब आठ करोड़ की लागत से तीन वार्डों में एसटीपी लगवाए जाएंगे।

140 अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई
अतिक्रमण और अवैध निर्माण पर सीईओ ने कहा पुलिस प्रशासन से फोर्स मांगी गई है। चुनाव की वजह से कार्रवाई रुक गई थी। अब जिला प्रशासन और पुलिस से सहयोग मांगा है। कैंट में 140 अवैध निर्माण पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कैंट बोर्ड की वेबसाइट अपग्रेड हो रही है।

15 मार्च से ऑनलाइन जमा होंगे टैक्स
15 मार्च से कैंट के लोग हाउस टैक्स और वाटर टैक्स ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। इसके लिए मॉडल तैयार हो गया है। कैंट बोर्ड अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन टैक्स जमा करने का लिंक देगा। उधर, कैंट बोर्ड के कर्मचारी अब वर्दी में दिखाई देंगे।

महान लोगों की मूर्तियां लगेंगी
अपने-अपने क्षेत्र में बड़े काम करने वाली महान विभूतियों कीकैंट बोर्ड प्रतिमा लगाएगा। कैंट बोर्ड दफ्तर में पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की प्रतिमा लगाई गई है, जो प्लास्टिक की खाली बोतलों से तैयार की जा रही है। इसी तरह गांधीबाग में मदर टेरेसा, डॉ. सीवी रमन, पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद और सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा लगाई जाएगी।

एप बताएगी पता, देगी जानकारी
इस दौरान निदेशक ने स्वच्छ छावनी स्वस्थ छावनी नाम से मेरठ छावनी की एप भी लांच की। यह एप जहां स्वच्छ भारत अभियान की जानकारी देगी, वहीं बीमारियों से बचने, शिकायत करने, सुझाव देने के अलावा कैंट में वाटर एटीएम और टॉयलेट कहा पर है यह भी बताएगी। एप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड की जा सकती है। उसमें कैंट की तमाम जानकारी दी गई हैं। नागरिकों और छावनी परिषद के कर्त्तव्य बताए हैं। स्वच्छता की शपथ भी है। कैंट बोर्ड ने स्वच्छता की अपील के लिए गीत सबको यही समझाना है, कूड़ा नहीं फैलाना है अपलोड किया है।

28 को बोर्ड बैठक
आगामी कैंट बोर्ड की बैठक 28 फरवरी को होगी। इसमें कैंट हॉस्पिटल में सुविधा बढ़ाने के लिए जो प्लान तैयार किया गया है, वह रखा जाएगा। वित्तीय वर्ष खत्म होने से पहले यह बैठक महत्वपूर्ण होगी।

कैंट की जानकारी  
वार्ड                              8
दुकानें                           2000 लगभग
घर                              10400 लगभग
आबादी                         100000 लगभग
क्षेत्र                              359 एकड़
दैनिक कूड़ा                     50 टन
कचरा घर                       29

30 फीट से गिरा लंगूर मालिक, हड्डी तक नहीं टूटी

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला
किशनलाल की हत्या को हादसा बताने वाली पुलिस क्राइमसीन में उलझ गई है। पुलिस ने हादसे की पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर ली, लेकिन घटनाक्रम से उठ रहे सवालों के जवाब पुलिस के पास नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार किशनलाल के शरीर में कोई फ्रै क्चर नहीं मिला, जबकि पुलिस के अनुसार वह 30 फीट की ऊंचाई से गिरा था।पीएम रिपोर्ट में सिर्फ सिर में मामूली चोट मिली है।
कताई मिल में ईवीएम की मशीनों की देखरेख के लिए पैरामिलिट्री फोर्स तैनात है। लंगूर मालिक किशनलाल की हत्या के मामले की लखनऊ और दिल्ली तक गूंज है। प्रत्याशियों का आरोप कि हत्या के पीछे कोई गहरा राज है। शुक्रवार को पुलिस ने घटनाक्रम का क्राइमसीन किया और मैप बनाकर पूरी स्क्रिप्ट तैयार कर दी। पुलिस के अनुसार यह सिर्फ हादसा है। दावा है कि किशनलाल दूसरी मंजिल से करीब 30 फीट नीचे गिरा। छत पर सीमेंट की चादर है। मौके पर चादर का टूटा हुआ टुकड़ा नहीं मिला है। जिस हॉल में किशनलाल गिरा, उसमें एंट्री करने के लिए सिर्फ एक ही दरवाजा है। उस पर भी सरकारी सील लगी है। पीएम रिपोर्ट के अनुसार किशनलाल के शरीर में फ्रैक्चर नहीं मिला हादसे की बात को दरकिनार करता है।

पानी में डूबने से हुई मौत 
पीएम रिपोर्ट के मुताबिक किशनलाल की मौत पानी में डूबने से हुई है। किशनलाल के सिर में मामूली चोट लगी है। आंख पर चोट के निशान, दोनों कानों और नाक से खून आना बताया गया है। शव को जिस गटर से निकाला, उसमें इतना पानी नहीं है कि कोई व्यक्ति डूब जाए। जहां से सीमेंट की चादर टूटी है, उसके ठीक नीचे भी गटर नहीं है। जोकि किशनलाल सीधा गटर में गिरा हो।

पुलिस की स्क्रिप्ट 
एसएसपी जे. रविंदर गौड़ ने बताया कि किशनलाल ऊपर से गिरा और गटर के रास्ते से बाहर जाने का प्रयास किया होगा। गटर में घुसने से पहले उसने अपने कपड़े और जूते निकाले होंगे। ऐसा संभव नहीं है। 30 फीट ऊंचाई से गिरने के बाद कोई व्यक्ति अपने कपड़े गंदे होने की चिंता करेगा। उसका फोन भी नहीं टूटा है।

मजिस्ट्रेट के आदेश पर खुला गेट
एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि जिस हॉल में शव मिला, उसका दरवाजा मजिस्ट्रेट के निर्देश पर खुला। जबकि उससे पहले पुलिस फायरब्रिगेड को बुलाकर छत पर टूटे सीमेंट के चादर वाले रास्ते से सिपाही  पुलिसकर्मी अंदर देखकर आया था। अंदर जाने के लिए चादर का टुकड़ा बाद में टूटा या फिर पहलेे से टूटा हुआ था। इसका कोई प्रमाण किसी के पास नहीं है।

हत्या की आशंका में रिपोर्ट दर्ज 
पुलिस ने किशनलाल के बडे़ बेटे राजकुमार की तहरीर पर परतापुर थाने में हत्या की आशंका जताते हुए रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस भले ही इसे हादसा मान रही हो, लेकिन हत्या के प्रमाण ज्यादा मजबूत बताए जा रहे। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे भी देखे, लेकिन उस दरवाजे पर कोई फोकस नहीं हुआ।

गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार 
पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह किशनलाल का शव सूरजकुंड स्थित श्मशान घाट पर पहुंचा। गमगीन माहौल में उनके बेटे राजकुमार ने मुखाग्नि दी। इस दौरान भाजपा नेता, प्रत्याशी और परिवार के सैकड़ों लोग मौजूद थे। लोगों का कहना था कि नग्न अवस्था में शव का मिलना अपने आप में बड़ा सवाल है।

लक्ष्मीकांत ने उठाए सवाल

 कताई मिल में लंगूर मालिक किशनलाल की मौत के मामले में भाजपा के शहर उम्मीदवार डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि किशनलाल की मौत में गहरा राज है। इसकी उच्चस्तरीय जांच किसी दूसरे राज्य की संस्था से कराई जाए। पीड़ित परिवार के लोगों ने भी मौत पर सवाल उठाए।
मोहनपुरी स्थित आवास पर आयोजित प्रेसवार्ता में लक्ष्मीकांत ने कहा कि 14 फरवरी को किशनलाल अपने घर से कपड़े लेकर आया था। 15 को उसने अपने पुत्र की कॉल रिसीव नहीं की। 16 को यह फोन एक दरोगा ने उठाया। उसके बेटे को बताया कि किशनलाल का एक्सीडेंट हो गया है और उसे मेडिकल लेकर गए हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार झूठ बोला गया। उन्होंने सवाल उठाए कि बकौल पुलिस यदि वह छत पर लंगूर उतारने चढ़ा था तो सीसीटीवी कैमरे में क्यों नहीं देखा गया?
कंट्रोल रूम में तैनात मजिस्ट्रेट ने उस पर नजर क्यों नहीं रखी। यदि ऐसा था तो उसे रोका क्यों नहीं? ऐसे तो कोई भी छत या कहीं ओर से ईवीएम तक पहुंच सकता है? पुलिस की यह कहानी ही गड़बड़ है। जिस स्थान पर उसे छत से गिरा बताया जा रहा है वह गटर से बीस मीटर दूर है और वहां खून का कोई निशान नहीं है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि वह नग्नावस्था में क्यों था? वाजपेयी ने मांग की है कि इस प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच हो। इस बाबत मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भी पत्र भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सभी प्रत्याशियों को बुलाकर कताई मिल पर उन कक्षों की सील चेक कराई जाए, जिनमें ईवीएम रखी हैं।

50 लाख रुपये मुआवजा और सरकारी नौकरी
इस मौके पर किशनलाल के पुत्र राकेश और सतीश किशनलाल ने भी पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा। उन्होंने 50 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। वाजपेयी एवं छात्र नेता रवि प्रकाश ने भी कहा चूंकि किशनलाल सरकारी ड्यूटी पर ही था तो उसके परिजनों को मुआवजा दिया जाए।

पर्यवेक्षक को भी नहीं दी सूचना
लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार शाम चार बजे चुनाव पर्यवेक्षक मदन काला से बात की। इस समय तक भी उन्हें इस घटना की कोई सूचना प्रशासन ने नहीं दी थी। यदि प्रशासन पाकसाफ है तो समय से रिपोर्ट आयोग या पर्यवेक्षक को क्यों नहीं भेजी गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया है कि किशनलाल की एक भी हड्डी नहीं टूटी है। सवाल है कि 35 फीट ऊंची छत से गिरकर क्या ऐसा हो सकता है?

कताई मिल गए प्रत्याशी
विधायक डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी, कैंट से बसपा प्रत्याशी सतेंद्र सोलंकी शुक्रवार को कताई मिल पहुंचे। उन्होंने यहां सुरक्षा व्यवस्था को देखा। सतेंद्र सोलंकी ने भी कहा कि निश्चित रूप से यह रहस्मयी मौत है। मेन रोड पर सीसीटीवी कैमरा लगा है तो फिर क्यों इसकी फुटेज नहीं दिखाई जा रही है, जबकि उससे बचकर तो कोई छत पर जा ही नहीं सकता।

चुनाव आयोग को लिखा पत्र
सतेंद्र सोलंकी के मुताबिक बसपा जिलाध्यक्ष अश्वनी जाटव ने भारत निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। यह स्पष्ट होना ही चाहिए कि यह हादसा है या हत्या? इसे महज हादसा कहना सही नहीं। कहीं ईवीएम से तो छेड़छाड़ नहीं की गई।

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ईवीएम की सुरक्षा में रखे गए लंगूर मालिक की हत्या, प्रशासन सहित प्रत्याशियों में मचा हड़कंप

Baboon boss killing in Security of EVM, Candidates, including administration created a stir
मौके पर डीएम बी चंद्रकला
जिले में विधानसभा चुनाव होने के बाद ईवीएम की सुरक्षा को लेकर कताई मिल में पैरामिलेट्री फोर्स के अलावा मजिस्ट्रेट और पुलिस की गार्द तैनात की हुई है। कताई मिल परिसर में बंदर भगाने के लिए दो लंगूरों के मालिक को भी तैनात किया था। पैरामिलेट्री फोर्स के रहते हुए लंगूर मालिक की हत्या कर दी गई। बृहस्पतिवार शाम को गटर में नग्न हालत में शव मिला तो सनसनी फैल गई। पुलिस और प्रशासन के तमाम अधिकारी घटना स्थल पहुंचे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। दोनों आंख और सिर में चोट के निशान मिले हैं। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी तलाशी जा रही है। इस बीच भाजपा और बसपा के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए है और उनका कहना है क‌ि इस मामले की सही ढंग से जांच हो।

मेडिकल थाना क्षेत्र के कालियागढ़ी निवासी किशनलाल (52) का लंगूर पालने का पेशा है, जिसके पास दो लंगूर थे। विधानसभा चुनाव के बाद ईवीएम को परतापुर क्षेत्र स्थित कताई मिल में रखा है। जहां ईवीएम की सुरक्षा में एक प्लाटून पैरामिलेट्री फोर्स के सीआईएसएफ के जवान तैनात हैं। साथ ही मजिस्ट्रेट के अलावा पुलिस की गार्द भी ड्यूटी लगाई गई है। बृहस्पतिवार को मिल परिसर में किशनलाल नहीं मिला, तो मजिस्ट्रेट ने फोर्स के जवानों से पूछा। इस दौरान अफसरों और फोर्स में हड़कंप मच गया। परतापुर, सीओ ब्रहमपुरी धर्मेन्द्र चौहान भी पहुंच गये। डॉग स्कवायड ने डेढ़ घंटे तक तलाश किया, जिसके बाद शव मिल परिसर में गटर में नग्न हालत में मिला। किसी तरह शव को बाहर निकाला गया। शरीर पर कोई कपड़ा नहीं था, दोनों आंख के पास नील पड़े हुए थे, कपड़े दूर रखे मिले, वहीं मोबाईल भी कपड़ों से कुछ दूरी पर पड़ा मिला। एक लंगूर भी गायब है। पुलिस शव को मेडिकल इमरजेंसी लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौत का पता चलते ही परिवार के लोगों में कोहराम मच गया। परिवार के लोगों का मोर्चरी पर रोकर बुरा हाल था।

किसी को घुसने की इजाजत नहीं
कताई मिल में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर पैरामिलेट्री फोर्स तैनात है। बाहर के किसी भी व्यक्ति को घुसने की इजाजत नहीं है। मिल परिसर में घुसने पर जिला प्रशासन द्वारा गोली मारने के निर्देश दिए गये थे। गायब लंगूर को लेकर भी तलाश चल रही है।

प्रथम दृष्टा यह एक हादसा है। बिल्डिंग में  बंदर भगाने के दौरान गटर में गिरने का मामला लग रहा है। हो सकता है कि कपड़े निकालकर बाहर फेंक दिए हो। सिर में गंभीर चोट लगी हुई मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले का पता चल सकेगा। आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी