Category Archives: मेरठ न्यूज़

खाड़ी देश से हुई थी सीएम के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट

vulger post about cm posted from gulf country
लोगोPC: अमर उजाला
चार दिन पूर्व व्हाट्सएप ग्रुप पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के खिलाफ आपत्तिजनक फोटो और पोस्ट खाड़ी देश के मोबाइल नंबर से डाली गई थी। साइबर सेल ने जांच के बाद इसका खुलासा किया। लेकिन, परतापुर पुलिस ने कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन की सहमति लेकर कार्रवाई से किनारा कर लिया।
मामला बृहस्पतिवार को सामने आया था। परतापुर थाना क्षेत्र के इंदिरापुरम निवासी मोहित ने परतापुर थाना पुलिस से शिकायत की थी कि वह जली कोठी निवासी एक उद्यमी के बनाए व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा है। इसी ग्रुप में शामिल दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने बुधवार रात करीब नौ बजे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के प्रति आपत्तिजनक फोटो और टिप्पणी की है। आरोप है कि जब उसने ग्रुप में इस तरह की पोस्ट न डालने को कहा तो आरोपी ने आपत्तिजनक चैटिंग करनी शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन के लोगों ने परतापुर थाने जाकर विरोध जताया था। तहरीर देकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने मामला साइबर सेल को भेजा था।

11 डिजिट का था वह नंबर

क्राइम ब्रांच के साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच में शिकायतकर्ता से उसके मोबाइल फोन से पूरी डिटेल और साक्ष्य लिए गए। इंटरनेशनल गेटवे की स्कैनिंग में सामने आया कि जिस नंबर से पोस्ट आई थी, वह 11 डिजिट का था। जांच में ये नंबर खाड़ी देश का निकला। इसका ग्रुप का एडमिन जली कोठी निवासी है। संभव है कि पोस्ट करने वाला व्यक्ति ग्रुप एडमिन का परिचित होगा। जिसने इसको ग्रुप से जोड़ा। पूरी रिपोर्ट परतापुर पुलिस को दे दी गई थी। अब इस केस में थाना स्तर से ही कार्रवाई संभव है।

दोनों पक्ष सहमत इसलिए कार्रवाई नहीं 

परतापुर थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसएसआई सुरेंद्र भाटी ने बताया कि शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन दोनो को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ग्रुप एडमिन का कहना था कि ये मामला मेरी जानकारी में नहीं था। उसने ग्रुप से उस नंबर को हटा दिया है। शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन एक-दूसरे के अच्छे परिचित हैं। मामला खाड़ी देश से जुड़ा था, इसलिए दोनों पक्षों ने सहमति से इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का अनुरोध किया था। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पुलिस ने क्यों नहीं दिखाई गंभीरता

मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा है। आपत्तिजनक पोस्ट भी दूसरे देश से आई। ऐसे में मामला बेेहद गंभीर था। लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया। पुलिस ने ये भी पता लगाने की कोशिश नहीं की कि ग्रुप में आखिर दूसरे देश के व्यक्ति का नंबर कैसे जोड़ा गया। ग्रुप एडमिन को इस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी होेगी। लेकिन पुलिस ने न तो उसके जरिये पोस्ट करने वाले तक पहुंचने की कोशिश की और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

मामला गंभीर है, लेकिन मेरे संज्ञान में नहीं है। परतापुर थाने और साइबर सेल से जानकारी लेकर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी

250 कर्मचारियों का नहीं तैनाती रिकॉर्ड

no posting record of 250 workers
लोगोPC: अमर उजाला
घोटालों के स्वास्थ्य विभाग में अब प्रत्येक कर्मचारी का बायोमैट्रिक डाटा संकलित होने पर करोड़ों का गड़बड़झाला सामने आ रहा है। 1176 लोगों के स्टाफ में से 250 ऐसे चिकित्सक से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं, जो हर माह वेतन तो बराबर ले रहे हैं, लेकिन उनकी तैनाती का कोई रिकॉर्ड नहीं मिल रहा। हैरानी की बात यह है कि सीएमओ कार्यालय ने इस पूरे खेल पर पल्ला झाड़ते हुए कह दिया है कि हमने तो सभी का बायोमैट्रिक रिकॉर्ड मुहैया करा दिया है। इस प्रकरण की जांच शुरू हो गई है।
यह है मामला
शासन के आदेश पर प्रत्येक सरकारी विभाग में बायोमैट्रिक हाजिरी लगाने की कवायद शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग में भी इसके चलते सभी जिलों में चिकित्सकों और फार्मेसिस्ट से लेकर हर श्रेणी के कर्मचारी का बाटोमैट्रिक डाटा लिया गया। स्थानीय जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल, एडी कार्यालय, रीजनल फैमिली वेलफेयर ट्रेनिंग सेंटर से लेकर सीएमओ के अधीन संचालित पीएचसी, सीएचसी और उपकेंद्रों पर तैनात स्टाफ का बायोमैट्रिक डाटा इकट्ठा किया गया।

लखनऊ में फूटा भांडा
लंबी चौड़ी कवायद के बाद जब जिले का यह बायोमैट्रिक डाटा लखनऊ मुख्यालय में मिलान के लिए भेजा गया तो भांडा फूट गया। चौंकाने वाली जानकारी मिली कि शासन से जिले में तैनात 1176 लोगों को सैलरी दी जा रही है। लेकिन सीएमओ कार्यालय से केवल 926 लोगों का डाटा मुहैया कराया गया। ऐसे में उन 250 कर्मचारियों का दोबारा से बायोमैट्रिक डाटा मांगा गया, जो इस सूची में गड़बड़ थे। लेकिन सीएमओ कार्यालय की तरफ से कहा गया कि हमारी तरफ से पूरे स्टाफ का बायोमैट्रिक रिकॉर्ड मुहैया करा दिया गया है।

वेतन के नाम पर करोड़ों का खेल  
शासन से जारी होने वाली सैलरी और जिले से मुहैया कराए गए डाटा में बड़ा अंतर सामने आने पर सीधे-सीधे करोड़ों रुपये के घोटाले की सुगबुगाहट है। क्योंकि बड़ा सवाल यहां यह है कि वे 250 कर्मचारी कौन हैं, जिनका शासन से तो वेतन रिलीज हो रहा है और इनमें काफी स्टाफ जिला अस्पताल, सीएचसी और पीएचसी पर तैनात दिखाया गया। लेकिन इनका बायोमैट्रिक रिकॉर्ड गायब है। यदि यह कर्मचारी काम कर रहे हैं तो फिर इनका रिकार्ड कहां हैं?

ज्वाइन किया, आए नहीं
बताया गया कि अधिकांश स्टाफ संविदा से जुड़ा है। वहीं, इनमें कुछ स्थायी चिकित्सक भी शामिल हैं, जो ज्वाइन करने के बाद कभी आए ही नहीं। अब मामला पकड़े जाने के डर से ये लापता हो गए हैं। ऐसे में यह सारा खेल करोड़ों के घोटाले का हो सकता है। जिला स्वास्थ्य विभाग से शासन तक मचे इस हड़कंप के बीच अब इसकी जांच शुरू हो गई है।

हर कर्मचारी का होगा सत्यापन
लखनऊ मुख्यालय की तरफ से ऐसे हर कर्मचारी का सत्यापन शुरू करा दिया गया है, जिनका बायोमैट्रिक डाटा मिल चुका है। उनका भी फोन कॉल कर सत्यापन किया जा रहा है। उनका नाम, स्थायी पता, आधार नंबर से लेकर पद व वरिष्ठता नंबर तक पूछा जा रहा है। ऐसे में वास्तविक तस्वीर सही तरह से सत्यापन का काम पूरा होने के बाद ही सामने आ पाएगी। बताया जा रहा है कि शासन से एक टीम इन कर्मचारियों का भौतिक सत्यापन करने के लिए मेरठ आने की तैयारी कर रही है।

लखनऊ से यह कहा गया है कि जब वेतन ज्यादा कर्मचारियों का दिया जा रहा है तो डाटा कम कर्मचारियों का क्यों भेजा है? इस बाबत हम जांच कर रहे हैं। सभी कर्मचारियों एवं अधिकारियों का वेरिफिकेशन भी शुरू किया गया है – डा. गोपाल सिंह डिप्टी सीएमओ एवं प्रभारी मानव संपदा

ऐतिहासिक मेला नौचंदी का विधिवत उद्घाटन

inaugration of nauchandi fair
नौचंदी मेले के शुभारंभ अवसर पर पूजन करते कमिश्नर आलोक सिंन्हा और जिपं अध्यक्ष सीमा प्रधान।PC: अमर उजाला
ऐतिहासिक और सांप्रदायिक सौहार्द के प्रतीक मेला नौचंदी का रविवार को विधिवत् उद्घाटन मंडलायुक्त आलोक सिन्हा ने किया। शहीद स्मारक गेट पर फीता काटने के बाद उन्होंने नवचंडी मंदिर में पूजा अर्चना की और फिर बाले मियां की मजार पर चादर चढ़ाई। साथ ही मैदान में स्थित महापुरूषों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण किया। बाद में गुब्बारे और कबूतर उड़ाकर मेले का औपचारिक उद्घाटन किया।
मंडलायुक्त ने इस अवसर पर कहा कि नौचंदी मेला करीब 131 वर्ष पुराना है और यह उनका सौभाग्य है कि लगातार तीसरी बार इस मेले के उद्घाटन का अवसर उन्हें मिला है। उन्होंने कहा कि मेरठ व नौचंदी मेला एक-दूसरे के पूरक है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए कि मेले की गरिमा को बनाये रखने के लिए जिला पंचायत व नगर निगम के समन्वय से मेले की भूमि को सुरक्षित कर उसकी बाउंड्री कराएं। साथ ही मेले का एक स्थायी ढांचा भी विकसित किया जाए, ताकि मेले की भूमि का उपयोग करते हुए पूरे वर्ष कोई न कोई आयोजन यहां होता रहे। मेले के आयोजन में स्वच्छता का संदेश भी दिया जाए। एडीएम सिटी मुकेश चंद्र और जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा प्रधान ने मेले के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रमों की जानकारी दी।
इस अवसर पर जादूगर बी सम्राट ने प्रस्तुति दी। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। समारोह में एसडीएम सदर अरविंद सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत शिशुपाल शर्मा, अभियंता जिला पंचायत प्रशांत गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य सुबोध गुर्जर, तनु गुर्जर, डॉ. मनोज अधाना आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
गुटबाजी पूरी तरह उजागर
उद्घाटन समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्यों के बीच गुटबाजी साफ नजर आयी। कार्यक्रम से भाजपा सदस्यों सहित अध्यक्ष विरोधी तमाम सदस्य गायब रहे। जिसे लेकर तमाम चर्चाएं होती रहीं।
उद्घाटन कार्यक्रम में जिला पंचायत का पूरा बोर्ड मौजूद नहीं था। ऐसा पहली बार हुआ कि निर्वाचित सदस्यों में से आधा दर्जन भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। जबकि अब से पहले तक पूरा बोर्ड उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल रहा करता था। गुटबाजी इस कदर हावी रही कि कार्यक्रम से सदस्यों ही नहीं भाजपाइयों ने भी पूरी तरह दूरी बनाये रखी। तमाम चर्चाओं के बीच कुछ लोगों ने कहा कि मेला विधिवत रूप से शुरू होने में अभी 20 दिन लगेंगे और यदि इस बीच अविश्वास प्रस्ताव आ गया तो मेला आयोजन पूरी तरह प्रभावित हो जाएगा।
नहीं आये डॉ. संजीव बालियान
मेला उद्घाटन के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. संजीव बालियान को मुख्य अतिथि बनाया गया था। उनके नाम के निमंत्रण पत्र भी बांटे गए। लेकिन डॉ. बालियान उद्घाटन करने नहीं आये। सूत्रों की मानें तो डॉ. बालियान से मेला उद्घाटन में मुख्य अतिथि के रूप में आने को लेकर कोई अनुमति लेना तो दूर बात तक नहीं हुई, तो ऐसे में वह कैसे आते।

प्रतियोगी परीक्षा फार्म का भी रखें ध्यान

alert for compittion examination
लोगोPC: अमर उजाला
 बोर्ड परीक्षा के साथ बैचलर डिग्री में एडमिशन के लिए प्रतियोगी परीक्षा के फार्म और एग्जाम की टेंशन भी छात्रों का सता रही है। कई परीक्षाओं के फार्म इस वक्त ऑनलाइन भरे जा रहे हैं।
12वीं के बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, लॉ और मैनेजमेंट आदि कोर्सेज में एडमिशन की भागदौड़ शुरू होनी है। कई संस्थान फार्म भरवा चुके हैं तो कुछ के फार्म अभी भरे जा रहे हैं। इंजीनियरिंग में फार्म भरने के बाद एग्जाम की बारी है। बोर्ड के बीच में उन्हें जेईई मेंस का सामना करना है। दो अप्रैल को जेईई मेंस का एग्जाम है। 21 मई को जेईई एडवांस होना है। तब तक बोर्ड का प्रेशर खत्म हो चुका होगा। चुनाव की वजह से डेट शीट थोड़ी लेट होने की वजह से मेंस इस बार बोर्ड के साथ पड़ रहा है। मेडिकल में नीट के फार्म भरे जा चुके हैं। परीक्षा सात मई को होगी। 28 मई को एम्स की परीक्षा होगा।
क्लैट की अंतिम तिथि 31 मार्च 
क्लैट (कॉमन लॉ एप्टीट्यूट टेस्ट) का फार्म भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। परीक्षा 14 मई को होगी। क्लैट के जरिए 17 नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन होता है। क्लैट की वेबसाइट www.clat.ac.in है। आईपी यूनिवर्सिटी में बीबीए एलएलबी में एडमिशन के लिए होने वाले एंट्रेंस फार्म भरने की अंतिम तिथि 18 अप्रैल 2017 और एनएलयू दिल्ली की सात अप्रैल है। सिंबायोसिस यूनिवर्सिटी में लॉ के फार्म की अंतिम तिथि 13 अप्रैल है। सिंमबायोसिस की परीक्षा छह मई और एनएलयू दिल्ली की सात मई को होगी। करियर काउंसलर डॉ. विक्रांत जावला का कहना है बोर्ड एग्जाम के साथ छात्र और पैरेंट्स को प्रतियोगी परीक्षा फार्म पर भी नजर रखनी चाहिए। अगर फार्म ही नहीं भरेंगे तो फाइट कैसे करेंगे। मौका हाथ से निकलना नहीं चाहिए।

गर्मी में सजा फैशन का बाजार

market ready for summer fashion 
गर्मी में समर फैशन कलेक्शन की मांग बढ़ी।PC: अमर उजाला
मौसम से ठंडक गायब होते ही बाजार में गर्मियों के कपड़े नजर आने लगे हैं। कॉटन, शिफॉन, जार्जेट, लिनेन और नर्म डेनिम से बने डिजायनर कपड़े बाजार की शोभा बढ़ा रहे हैं। कोल्ड शोल्डर टॉप, चिकनकारी, डेनिम शॉर्ट्स, शर्ट, केप्स और नी लेंथ प्लाजो युवतियों को पसंद आ रहे हैं। शहर में आबूलेन, सदर, बेगमपुल, सेंट्रल मार्केट के बड़े बाजार के साथ लालकुर्ती, शारदा रोड व अन्य छोटे बाजारों में भी दुकानाें पर गर्मी के क पड़ों की खरीददारी हो रही हैं। शॉपिंग मॉल्स में भी गर्मी के कपड़ों का स्टॉक डिसप्ले है, युवतियां खरीद भी रही हैं।
स्लीवलेस नहीं कोल्ड शोल्डर का फैश
गर्मी के बाजार में इस बार स्लीवलेस, शॉर्ट स्लीव्स बाहों के परंपरागत फैशन से ज्यादा मांग कोल्ड शोल्डर्स की है। बाहों से कंधे के बीच खुले हुए डिजायन के टॉप का ट्रेंड है। कोल्ड शोल्डर में कुर्ते, श्रग्स और जैकेट भी हैं। इसके अलावा वनथ्री स्लीव्स, स्ट्रिप टॉप, ट्यूब टॉप और बैलून टॉप भी पसंद किए जा रहे हैं।

इंडो वेस्टर्न में डेनिम का जलवा
ब्लू डेनिम जींस और जैकेट सर्दियों का पहनावा समझा जाता है, लेकिन अब गर्मियों में भी डेनिम का जादू चल रहा है। डेनिम की मिडी, डेनिम टॉप, डेनिम पोंचू टॉप, डेनिम के लांग पेंट स्कर्ट, डेनिम शॉर्ट स्कर्ट, डेनिम के शॉर्ट्स और डेनिम हाफ श्रग बाजार में ऑन डिमांड है। नीले रंग के डेनिम वनपीस ड्रेस के साथ सफेद रंग के स्टोल का कांबिनेशन पसंद किया जा रहा है। लांग कुर्ते, शॉर्ट कुर्ते और कुर्तियाें में भी डेनिम का जलवा है।

फुंदना स्टाइल का जोर
टॉप, श्रग, कुर्ती और जैकेट सभी में इन दिनों राजस्थानी फुंदना स्टाइल भी काफी चल रहा है। टॉप की किनारी पर लटके धागे व ऊन से बने मैचिंग फुंदने। राजस्थानी पैटर्न को फॉलो करते हुए लाल, हरे, पीले, काले, गुलाबी और नारंगी रंग के सतरंगी फुंदने चल रहे हैं। दुपट्टों पर कुर्तों की किनारी पर भी युवतियां ये फुंदने लगवाने पसंद कर रही हैं। रेडीमेड फुंदने लगे टॉप, लांग स्कर्ट और जैकेट भी पसंद किए जा रहे हैं।

स्ट्रिप फ्रॉक, शॉर्ट ड्रेेसेस भी हिट
स्ट्रिप फ्रॉक, बोट नेक टॉप के साथ शॉर्ट ड्रेेस भी डिमांड में है। गर्मी से बचने के लिए युवतियां और महिलाएं शार्ट ड्रेस, लांग ड्रेस विदाउट स्लीव्स पहन रही हैं। ऑर्डर पर भी इस तरह की फ्रॉक और ड्रेस तैयार करा रही हैं। स्ट्रिप फ्रॉक को आसानी से किसी भी जैगिंग्स और स्टॉकिंग्स के साथ पहन रही हैं। कुछ महिलाएं श्रग और जैकेट के साथ स्ट्रिप फ्रॉक पहन रही है। युवतियां सामान्य तरीके से केवल ऐसी फ्रॉक और वनपीस ड्रेस पहन रही हैं। शॉपिंग मॉल्स और बाजार दोनों जगह ये ड्रेसेस हैं।

रेशमी सलवार पर कुर्ता जालीदार
लखनवी कढ़ाई से सजा चिकनकारी का कुर्ता भी बहुत डिमांड में है। कॉटन और शिफॉन, जार्जेट हर कपड़े में ये कुर्ते पसंद किए जा रहे हैं। कुर्तों के साथ पेंट्स, एंकल पेंट्स, एंकल जींस, फुल प्लाजो, शॉर्ट प्लाजो और स्कर्ट पसंद की जा रही है। सिंगल रंग के अलावा मल्टी कलर में ये कुर्तिंया काफी ट्रेंड में हैं। इनकी कीमत 500 रुपए से प्रारंभ है।

थानों में पुलिस ने लगाई झाड़ू, चमक उठे थाने

cleanness in police staion
थाने में सफाई अभियान चलाते पुलिसकर्मी।PC: अमर उजाला
सत्ता बदलते ही पुलिस में बदलाव दिखाई दे रहा है। पुलिस कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ थानों की साफ सफाई पर ध्यान दे रही है। 48 घंटे में दूसरी बार पुलिस अफसरों और कर्मियों ने थानों में साफ सफाई की। दो घंटे चले सफाई अभियान के बाद थाने चमक उठे।
 एसपी क्राइम/ कार्यवाहक एसएसपी अजय सहदेव, एएसपी लाइन अंकित मित्तल, आरआई सत्यप्रकाश शर्मा ने पुलिस लाइन ग्राउंड, बैरक, बहुउद्देशीय हॉल, शहीद स्मारक पर पुलिसकर्मियों और ट्रेनिंग कर रहे रंगरूटों ने सफाई। एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी, सीओ दौराला बीएस वीर कुमार के अलावा एसओ कोतवाली विजय गुप्ता, इंस्पेक्टर देहली गेट के अलावा एसएसपी ऑफिस, क्राइम ब्रांच ऑफिस, वायरलेस ऑफिस, सभी सीओ ऑफिस, थानों और पुलिस चौकियों में सुबह 8 से 10 बजे तक सफाई अभियान चलाया। सभी थानों और सीओ ऑफिस और अन्य ऑफिसों में तैनात सिपाही, दरोगा और इंस्पेक्टरों से सफाई अभियान के फोटो भी एसएसपी आवास से मांगे गए। नौचंदी थाने में एक सिपाही ने आनाकानी की तो इंस्पेक्टर ने कड़ी फटकार लगाई। कई स्थानों पर पुलिस ने वर्दी में सफाई की तो कई स्थानों पर पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में सफाई करते हुए दिखाई पड़े। वहीं गंगानगर थाने में सभी पुलिसकर्मी हाथों में झाड़ू लिए  सफाई करते हुए नजर आए। सीओ सदर देहात यूनएन मिश्र ने अपने दफ्तर पर सफाई की। वहीं एसओ मोहम्मद असलम ने थाना परिसर में झाड़ू लगाई। सफाई के बाद फूल वाले पौधों के गमले लगाए गए। उधर, भावनपुर एसओ सतेंद्र कुमार यादव भी अपने हमराह को साथ थाना परिसर में पानी छिड़कने से लेकर झाडू़ लगाने तक का काम किया।
पीआरओ बोले पहली बार लगाई झाड़ू
पुलिस लाइन में पुलिस अफसर सफाई कर रहे थे, उसी समय एसएसपी के पीआरओ उमेश चंद पचौरी मोबाइल डायरी लेकर खड़े रहे। एक अधिकारी ने कहा कि कोई बात नहीं झाडू़ पकड़ लें। बाद में सफाई करने के बाद पीआआरे ने कहा कि पहली बार झाड़ू लगाई है।

धार्मिक स्थल पर पिता देना चाहता था बलि, बेटी ने मचा दिया शोर

Father wanted to sacrifice, Daughter shouted

बागपत में यमुना खादर में धार्मिक स्थल पर बेटी को ले जाकर पिता ने उसकी पिटाई की। किशोरी ने पिता पर बलि देने की आशंका जताते हुए शोर मचा दिया। लोगों ने आरोपी व्यक्ति को पकड़ लिया और उसकी धुनाई कर पुलिस को सौंप दिया। बागपत के पुराना कस्बा निवासी व्यक्ति अपने परिवार के साथ शाहपुर बड़ौली के पास स्थित एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी करता है। शुक्रवार दोपहर अपनी 11 वर्षीय बेटी को लेकर बागपत शहर में आया था। वह बेटी को लेकर यमुना खादर में एक धार्मिक स्थल पर चला गया था। उसके साथ मारपीट की। किशोरी ने शोर मचा दिया।

आसपास खेतों में काम कर रहे लोग इकट्ठे हो गए। किशोरी ने बताया कि उसका पिता झाड़ फूंक के चक्कर में उसकी बलि देना चाहता है। यह सुनते ही लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और नलकूप के पास जमकर धुनाई की। बाद में पुलिस को बुलाकर उसको सौंप दिया। आरोपी व्यक्ति का कहना है कि वह धार्मिक स्थल पर पूजा करता है। बाजार से खरीदा गया घी खराब निकल गया था। उसको बदलने के लिए बेटी के साथ बागपत आया था। वह दर्शन करने धार्मिक स्थल में आ गया था। उसकी बेटी जो आरोप लगा रही है वह पूरी तरह से गलत है।  कोतवाली एसआई बाजीलाल भास्कर का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस पहुंची तो गोवंश की खाल उतारता मिला ठेकेदार

Contractor found to take down skeleton skeleton, police invoices
गोवंश की खाल उतारता मिला ठेकेदार
बागपत के कान्हड़ गांव में श्मशान घाट के पास गोकशी की सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस और शिव सेना के जिला प्रभारी पहुंचे तो मुर्दा मवेशी का ठेकेदार गोवंश की खाल उतारता मिला। इसको लेकर शिव सैनिकों ने हंगामा किया। पुलिस ने ठेकेदार का शांति भंग में चालान कर दिया। शुक्रवार को शिव सेना के जिला प्रभारी रणवीर सिंह को सूचना मिली कि कान्हड़ गांव में श्मशान घाट के पास गोकशी की जा रही है। इस पर उन्होंने दोघट पुलिस को सूचना दी।

15 दिन में दहशत भरी दर्जनभर चिट्ठियां

last 15 days threatning letter
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से वेस्ट यूपी में अब तक आतंकियों के नाम से 12 धमकी भरी चिट्ठियां आ चुकी हैं। माना जा रहा है कि ये चिट्ठियां किसी आतंकी धमाके के लिए नहीं, बल्कि दहशत फैलाने के लिए भेजी जा रही हैं। शुक्रवार को एक के बाद एक दो चिट्ठियां मिलने के बाद आईजी मेरठ जोन अजय आनंद ने कई विभागों के अधिकारियों से जानकारी ली। शरारती तत्व कोई बड़ा बखेड़ा न कर दें, इसे देखते हुए कई जगहों पर पुलिस के साथ पीएसी, आरएएफ की तैनाती शुरू करा दी है। पुलिस अफसरों का मानना है कि चिट्ठी भेजने वाला एक ही गैंग है। गृह मंत्रालय ने सुरक्षा एजेंसियों से इसकी रिपोर्ट तलब की है।
15 दिनों में मेरठ में पांच, मुजफ्फरनगर में तीन, सहारनपुर में दो समेत वेस्ट यूपी के जिलों में 12 धमकी भरी चिट्ठियां मिल चुकी हैं। इनमें से सिर्फ पांच ही उजागर हुई हैं, जबकि सुरक्षा एजेंसियां अन्य चिट्ठियों की जांच में जुटी हैं। जांच एजेंसियों की मानें तो ये चिट्ठियां एक ही तरीके से भेजी गईं और लिखने का तरीका भी मिलता-जुलता हुआ है।

गृह मंत्रालय का फोकस सौहार्द बनाने पर
धमकी भरी चिट्ठियों की जानकारी लेते हुए गृह मंत्रालय ने जांच एजेंसियों को ताकीद दी है कि वेस्ट यूपी में सांप्रदायिक सौहार्द न बिगड़ने पाए। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने पुलिस-प्रशासन के आला अधिकारियों से कहा है कि सांप्रदायिक घटना पर ज्यादा फोकस होना चाहिए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक नई सरकार बनने के बाद सक्रिय हुए कुछ शरारती तत्व बखेड़ा कराने की कोशिश में हैं।

आरएएफ, पीएसी तैनात करने की तैयारी
धमकी भरी चिट्ठियों और खुफिया विभाग के इनपुट के बाद पुलिस अधिकारियों ने आरएएफ व पीएसी अधिकारियों के साथ मीटिंग कर कई जगहों पर फोर्स तैनात करने की प्लानिंग बनाई। इसके लिए मिश्रित आबादी वाले कई इलाके चिह्नित किए गए हैं।

कौन और कैसे जारी कर रहा चिट्ठी
सुरक्षा एजेंसियां यह जांच करने में जुटी हैं कि चिट्ठी कैसे और कौन जारी कर रहा है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, चिट्ठी भेजने वालों को कुछ पैसा देकर भेजा जाता है। दरअसल, 12 में से पांच मामले ऐसे हैं, जिनमें पैसे देकर चिट्ठी भेजने की बात सामने आई है। पुलिस ने कई जगहों पर सीसीटीवी भी खंगाले हैं, जिससे कोई क्लू हाथ लग सके।

रिमांड पर चीता बोला पार्षद आरिफ को मारूंगा

remand chitta said will kill corporater aarif
फाइल फोटोPC: अमर उजाला
 ब्रह्मपुरी में गुटखा व्यापारी के पुत्र अभिषेक वर्मा की हत्या में जेल भेजे कुख्यात कासिफ उर्फ चीता को पुलिस ने शुक्रवार को आठ घंटे की रिमांड पर लिया। पुलिस के अनुसार इस दौरान कुख्यात ने जेल से छूटकर पार्षद आरिफ को मारने की बात कही।
कुख्यात कासिफ और शिवा शर्मा उर्फ पंडित को सदर बाजार पुलिस ने दस दिन पहले ब्रह्मपुरी के अभिषेक हत्याकांड में जेल भेजा था। पुलिस का दावा था कि 17 नवंबर को चीता ने अपने साथियों के साथ साकेत में किन्नर शमशाद निवासी लालकुर्ती का भी मर्डर किया था। इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने कासिफ को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक की रिमांड पर लिया था।
पुलिस के मुताबिक रिमांड के दौरान चीता ने बताया कि उसे कोतवाली के पार्षद आरिफ ने पुलिस से सेटिंग कर हत्याओं में फंसाया है। उसकी गिरफ्तारी के दौरान पुलिस के साथ खुद आरिफ भी था। जेल से छूटने के बाद वह आरिफ को जरूर मारेगा। यह सुनकर पुलिस ने उसको धमकाया। पुलिस ने कासिफ की निशानदेही पर लिसाड़ीगेट से किन्नर की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की।