हृदय रोगी रहें सावधान, ठंड न कर दे परेशान

heart patient be alert
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 बदलता मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां भी लेकर आता है। ठंड के मौसम में सांस के मरीजों केसाथ-साथ दिल के मरीजों को भी सावधान रहने की जरूरत है। दरअसल, इस मौसम में रक्त धमनियां सिकुड़ने लगती हैं, रक्तचाप बढ़ जाता जाता है और हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा रहता है।
हालांकि थोड़ी सी सावधानी बरतने से इससे काफी हद तक बचा जा सकता है। मॉर्निंग वॉक पर नियमित जाने वाले लोगों को बिस्तर छोड़ने के तुरंत बाद घर से निकलने के बजाय घर पर ही थोड़ी एक्सरसाइज कर लेनी चाहिए। गर्म कपडेृ में ही घर से बाहर निकलना चाहिए। वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. राजीव अग्रवाल और डॉ. ममतेश बताते हैं कि ठंड में हार्ट अटैक की वजह यह होती है कि हार्ट तक खून पहुंचाने वाली धमनी में जमी फैट के थक्के से रक्त फ्लो रुक जाता है और रक्त न मिलने से दिल की मांसपेशियों में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है, जिससे धीरे-धीरे मांसपेशियों की रफ्तार कम हो जाती है। लिहाजा सूरज निकलने के बाद ही घूमने जाएं तो बेहतर है। खराब मौसम में घूमने न जाएं, अपनी दवाएं जरूर खाएं। सीने के बीच में दर्द हो तो ईसीजी जरूर कराएं। इसे सिर्फ गैस का दर्द न मानें।

हार्ट अटैक के लक्षण
– सीने में दर्द या ऐंठन होना
– थकान और कमजोरी महसूस होना
– पसीना, चक्कर आना, सांस फूलना और नींद न आना
– हाथों, कंधों, जबड़ों आदि में दर्द होना या उल्टी आना

ये करें फौरन
– अटैक की आशंका होते ही तुरंत डॉक्टर या इमरजेंसी कॉल करें
– दर्द होने पर मरीज केसीने पर हाथ रखकर पंपिंग करते हुए दबाएं
– डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा लें

ये बरतें सावधानी
– घर से बाहर निकलने पर सिर, कान, नाक, गला आदि अच्छे तरीके से ढक लें।
– खुले में अलाव तापने से बचें, कमरे को हीटर या ब्लोअर आदि से गर्म रखें।
– चिकनाई वाले तैलीय या घी युक्त भोजन के सेवन से बचें।
– दिनभर पानी का सेवन करते रहें।
– खाली पेट न रहें, नशा करने से बचें।
– रक्तचाप और मधुमेह की जांच कराएं, इसे नियंत्रित करने की नियमित दवा लें।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply