सर्वर ठप, शराब की दुकानों का आवंटन स्थगित

server thap sharab ki  dukan ka avantan sthagit
मेरठ – फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 शराब की दुकानों का ई-लॉटरी प्रक्रिया से आवंटन करने की तैयारियां सर्वर ठप होने से धरी रह गईं।  देर रात तक सर्वर चालू न होने से कलक्ट्रेट में तमाम आवेदक आवंटन प्रक्रिया में गड़बड़ी का संदेह जताते हुए वापस लौट गए। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि पूरे प्रदेश में एक साथ सभी जनपदों में आवंटन प्रक्रिया लागू होने के कारण सर्वर ठप हुआ है, जिस कारण पूरी व्यवस्था बिगड़ गयी।

प्रदेश में भाजपा सरकार आने के बाद आबकारी नीति में बदलाव किया गया था। जिसके तहत इस बार सिंडिकेट को दुकान आवंटन के बजाय आम जनता को ई-लाटरी के माध्यम से दुकानें आवंटित करने की योजना थी। इसके लिए आवेदन भी ऑनलाइन भरे गए थे। मेरठ में शराब की 383 दुकानों के लिए करीब चार हजार आवेदन आए थे। जिनका ई-लॉटरी के माध्यम से आवंटन होना था।

सुबह से हो गई रात, नहीं चला सर्वर
ई-लॉटरी के माध्यम से दुकान आवंटन की प्रक्रिया के लिए प्रशासन ने कलक्ट्रेट में बचत भवन के सामने बड़ा पंडाल लगाकर उसमें एलईडी स्क्रीन लगायी थी। सुबह 9 बजे से ही आवेदक पंडाल में पहुंचना शुरू हो गए थे। इसमें सबसे पहले देशी, फिर  मॉडल शॉप, बीयर और सबसे अंत में अंग्रेजी शराब की दुकानों का आवंटन होना था। लेकिन सुबह से ही सर्वर ठप हो गया। आवंटन प्रक्रिया के नोडल अधिकारी वरिष्ठ आईएएस कुमार अरविंद सिंह देव कलक्ट्रेट पहुंचे। लेकिन सर्वर न चलने से वह भी सर्किट हाउस चले गए। रात 10 बजे तक भी सर्वर चालू न होने से एक भी दुकान की आवंटन प्रक्रिया नहीं हो पायी।

साठगांठ के संदेह के लगे आरोप 
सुबह से देर रात तक सर्वर ठप होने से परेशान आवेदक साठगांठ के आरोप लगाते नजर आए। आवेदकों में चर्चा रही कि आबकारी नीति तो बदल दी गयी। लेकिन शराब सिंडिकेट के दबाव में इसमें खेल हो रहा है। वहीं, कुछ लोगों ने आशंका जतायी कि इस विवादित प्रक्रिया के कोर्ट जाने से सिंडिकेट को ही लाभ मिलेगा। क्योंकि यदि यह प्रक्रिया अटकती है तो शराब की बिक्री जारी रहेगी और पुराना सिंडिकेट अपना कोटा मनमर्जी से बेचते हुए समाप्त करने में कामयाब होगा।
देर रात आवंटन प्रक्रिया स्थगित
रात 10 बजे के बाद जिला प्रशासन की तरफ से मौके पर बैठे आवेदकों को बताया गया कि आज की ई-लॉटरी की प्रक्रिया अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी है। शासन से दोबारा कार्यक्रम आने पर सूचित कर दिया जाएगा। इसके बाद सुबह से रात तक बैठे परेशान आवेदक आक्रोशित होकर लौट गए।

Leave a Reply