बच्चों के अंदर के इंटेलिजेंस को परखेगा एक खास टेस्ट-एमआई टेस्ट (multiple intelligences test)


आपका बच्चा पढ़ने में कैसा है, उसकी रूची किस विषय को लेकर है। आगे बच्चा डॉक्टर बनना चाहता है या इंजीनियर या फिर स्पोर्ट्स मैन। माता-पिता को यह समझ पाना बड़ा ही कठिन लगता है। ऐसे बच्चों के अंदर के इंटेलिजेंस को परखेगा एक खास टेस्ट।
एमआई टेस्ट (multiple intelligences test)
आज के प्रतियोगी युग में बच्चों के लिए सही करियर के विकल्प का चुनाव एक बड़ी चुनौती है। हर बच्चे की इंटेलिजेंस अलग होती है और अभिभावकों व विद्यालयों के लिए बच्चे की सही इंटेलिजेंस का आंकलन करना आसान नहीं होता है।

प्रधानाचार्य श्रीमती विभा गुप्ता ने प्रेस कांफ्रेंस को सम्बोधित करते हुए बताया की शांति निकेतन विद्यापीठ द्वारा मल्टीप्ल इंटेलिजेंस टेस्ट का आयोजन कराया जा रहा है i बहुत लोग केवल अच्छे IQ लेवल को ही एक इंसान की बुद्धिमत्ता का मापदंड मानते हैं. लेकिन प्रोफेसर होवार्ड गार्डनर के हिसाब से हम सबमे अनेक बुद्धिमात्तायें होती है. इन्हें जानकार आपको अपने बारे में बहुत Clarity आती है. MI Test के द्वारा इनका पता लगाना बहुत आसान होता है, जिससे आप अपनी ख़ास बुद्धिमत्ता को उभार कर उस क्षेत्र में महान सफलता पा सकते हैं.
प्रधानाचार्य श्रीमती विभा गुप्ता ने बताया कि प्रोफेसर हावर्ड गार्डनर ने बच्चों की इंटेलीजेंस का पता लगाने के लिए अलग-अलग इंटेलिजेंस के आधार पर मल्टीपल इंटेलिजेंस (एमआई) टेस्ट की रूपरेखा तैयार की थी। इस टेस्ट से बच्चों की इंटेलिजेंस और इंट्रेस्ट का पता लगाया जाता है। एमआई टेस्ट में भाग लेने के लिए बच्चों को रजिस्ट्रेशन कराने के बाद एक निश्चित स्थान पर टेस्ट देने के लिए जाना पड़ता है। करियर काउंसिलर के माध्यम से एमआई टेस्ट में भाग लेने का खर्च करीब 2000 से 4000 रुपए आता है, लेकिन यहां टेस्ट की फ़ीस निशुल्क होगी। देश के किसी भी एजुकेशन बोर्ड से पढ़ाई कर रहे कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी इस टेस्ट में भाग ले सकते हैं।

टेस्ट को दो भागों में बांटा गया है। पहला भाग मल्टीपल इंटेलीजेंस टेस्ट का होगा। इसका मकसद यह पता लगाना होगा कि बच्चे में किस तरह की मेधा (इंटेलिजेंस) है। टेस्ट के दूसरे भाग में बच्चों के एप्टीट्यूड का निर्धारण करेगा। मल्टीपल इंटेलीजेंस टेस्ट में एक स्टेटमेंट के आधार पर बच्चों को अपनी पसंद या नापसंद के हिसाब जवाब देना होगा। एप्टीट्यूड टेस्ट में मल्टीपल चॉइस क्वेशचस पूछे जाएंगे।
शांति निकेतन विद्यापीठ द्वारा नगीन ग्रुप के तत्वाधान में यह टेस्ट कराने का फैसला इस उद्देश्य किया है कि देश के लाखों बच्चों तक इसकी पहुंच हो सके और देश का भविष्य माने जाने वाले बच्चों को एक बेहतर भविष्य बनाने में मदद मिल सके।

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