फौजी पिता ने मोबाइल पर पढ़ा बेटे की मौत का समाचार

army person read the news of death of his son
फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 आर्मी पब्लिक स्कूल के कक्षा आठ के छात्र अभय प्रताप सिंह की मौत की खबर उनके पिता सूबेदार मेजर ने अपने मोबाइल फोन पर पढ़ी। ऑनलाइन न्यूजपेपर से उन्हें अपने इकलौते बेटे की मौत का पता चला। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम किया गया। लेकिन मौत का कारण स्पष्ट नहीं हुआ। जांच के लिए बिसरा सुरक्षित रखा गया है। अंतिम संस्कार पैतृक गांव मुहारपुर में बुधवार को किया जाएगा।
रोहटा रोड पर सरस्वती विहार कॉलोनी निवासी अभय प्रताप सिंह (13) पुत्र पृथ्वीपाल सिंह आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ का छात्र था। सोमवार को उसकी स्कूल में अचानक से चक्कर आने के बाद मौत हो गई थी। घर का इकलौता चिराग बुझने से परिजनों पर गमों का पहाड़ टूट पड़ा है। मां अनीता प्रताप का बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार अभय के हार्ट के वॉल्व में समस्या थी। लेकिन वह छह साल से ठीक था।

पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार 
अभय के रिश्तेदारों ने बताया कि अभय के पिता पृथ्वी पाल सिंह मूल रुप से नोएडा के गांव मुहारपुर के रहने वाले हैं। वे आर्मी में सूबेदार मेजर हैं। वर्तमान में चीन की सीमा पर सिक्किम बॉर्डर के पास तैनात हैं। पृथ्वीपाल सिंह चार भाई हैं। जिनमें ऋषिपाल सिंह व हरि पाल सिंह गांव में ही खेती करते हैं। जोधपाल सिंह कृषि विश्वविद्यालय में वैज्ञानिक हैं। दादा देवराज सिंह हैं। परिवार के मुताबिक अंतिम संस्कार बुधवार को पैतृक गांव में होगा।

पिता ने पूछा, क्या हुआ था मेरे अभय को 
परिजनों के मुताबिक अभय के पिता से उसकी मौत का कारण छिपाया गया। उन्हें सिर्फ इतना ही बताया कि अभय की तबीयत खराब है और मिलिट्री हॉस्पिटल में भर्ती है। बेटे की तबीयत खराब बताकर अचानक से घर बुलावे की बात पृथ्वीपाल सिंह को बार-बार खटक रही थी। उन्होंने अपने मोबाइल पर मंगलवार को शहर के सभी न्यूज पेपर इंटरनेट पर देखे और देखने के बाद पत्नी अनीता से फोन पर बात की। वह फूट-फूट कर रोने लगे। उन्होंने पूछा कि आखिर ऐसा क्या हुआ था मेरे अभय को, जो उसकी मौत हो गई। वे चाइना बॉर्डर से सोमवार को ही रवाना हो गए थे। संभवत: मंगलवार देर रात तक पहुंचेंगे। आर्मी की यूनिट उनको दिल्ली से रिसीव कर मिलिट्री हॉस्पिटल लेकर आएगी। उधर, मंगलवार को स्कूल में हुई शिक्षक-अभिभावक मीटिंग में अभिभावकों को छात्रों की मेडिकल हिस्ट्री को लेकर सचेत किया गया। शिक्षक सांत्वना देने अभय के घर पहुंचे।

दो माह पूर्व हुआ प्रमोशन  
रिश्तेदारों ने बताया कि अभय के पिता प्रमोशन पाक दो महीने पहले सूबेदार मेजर बने थे। परिवार में खुशियों का माहौल था। दीपावली पर वह छुट्टी आए थे। अभय से बेहद लगाव था। वह उसे सेना में अफसर बनाना चाहते थे।

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