प्रतिबंधित वाहनों पर आरटीओ सख्त, 60 सीज किए

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
एनजीटी द्वारा प्रतिबंधित किए गए 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने वाहनों के खिलाफ शासन से आदेश मिलते ही आरटीओ ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। मंडलायुक्त के निर्देश के बाद शुक्रवार को आरटीओ की चार टीमें सड़क पर उतर गई और शाम तक 60 प्रतिबंधित वाहनों को सीज कर दिया।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने गत 7 अप्रैल 2015 को दिल्ली सहित एनसीआर में शामिल जनपदों में 10 साल पुराने डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों का संचालन प्रतिबंधित कर दिया था। इसके बाद देश के तमाम ट्रांसपोर्टरों ने हड़ताल का विरोध जताते हुए केंद्र सरकार से मामले में दखल देने की अपील की थी। इस पर केंद्रीय परिवहन मंत्रालय की ओर से ट्रिब्यूनल में अपील कर राहत देने की प्रार्थना की गई थी, लेकिन एनजीटी ने मांग नहीं मानते हुए आदेश को बरकरार रखा था। इसके बाद काफी वाहन स्वामियों ने तो प्रभावित जिलों से एनओसी लेकर गाड़ियों को बाहरी जिलों में बेच दिया, लेकिन काफी लोगों के पास अभी तक ये वाहन चल रहे हैं। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर फिर से मचे बवाल के बाद एक बार फिर से इस आदेश पर सख्ती शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार ने एनसीआर में शामिल मेरठ, गाजियाबाद, बागपत, नोएडा, हापुड़, बुलंदशहर, मुजफ्फरनगर और शामली में चल रहे पुराने वाहनों को सीज करने का आदेश जारी किया था। इसकी जिम्मेदारी शासन ने मंडलायुक्तों को दी है। मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार ने आरटीओ डॉ. विजय कुमार को सुबह तलब कर प्रतिबंधित वाहनों को सीज करने के निर्देश दिए। इसके बाद आरटीओ का प्रवर्तन अमला सड़क पर उतर गया। चार टीमों ने बागपत रोड, गढ़ रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर सघन अभियान चलाते हुए शाम तक 60 वाहनों को पकड़कर सीज कर दिया। इन वाहनों में एनसीआर जिलों के प्रतिबंधित वाहनों के अलावा हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड राज्यों के भी पुराने वाहन पकड़े गए हैं। शाम को आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने मंडलायुक्त डॉ. प्रभात कुमार के पास पहुंचकर कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट सौंपी। मंडलायुक्त ने अभियान जारी रखने को कहा है।

ये वाहन आएंगे जद में, होंगे सीज 
आरटीओ डॉ. विजय कुमार ने बताया कि जिले में रजिस्टर्ड यूपी 15एटी-0750 से पहले के नंबर और सीरीज वाले 10 साल पुराने सभी डीजल वाहन प्रतिबंधित है। वहीं 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों में यूपी 15 एन 6050 नंबर से पहले के सभी पेट्रोल वाहन प्रतिबंधित हैं। ये सभी वाहन एनजीटी के आदेश के दायरे में आ रहे हैं। ये चलते पाए गए तो इन्हें पुलिस भी विदाउट लिस्ट बंद कर सकती है।

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