एसएसपी आवास के अंदर जा पहुंचा सीएम सचिवालय का अधिकारी

Officer of the CM Secretariat, went inside the SSP Housing
कार की फाइल फोटो।PC: अमर उजाला
डीएम आवास पर अधिकारियों को गुमराह करके सीएम सचिवालय से जुड़ा अधिकारी एस्कॉर्ट लेकर एसएसपी मंजिल सैनी के आवास जा पहुंचा। आवास के अंदर अपरिचित व्यक्ति को देखकर एसएसपी ने उसे तुरंत वहां से निकाला और गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को जमकर हड़काया। इस मामले की जानकारी एसएसपी ने सीएम सचिवालय में दी है। पुलिस इसकी जांच करने में जुटी है।

मामला रविवार सुबह 10 बजे का है। डीएम आवास पर एक व्यक्ति बाइक से पहुंचा और खुद का परिचय सीएम के सचिव के रूप में दिया। यहां से गुमराह करके ली गयी एस्कॉर्ट लेकर ये व्यक्ति एसएसपी आवास पहुंचा। यहां इस व्यक्ति ने अपना नाम डॉ. एमएटी रिजवी बताया और खुद को सीएम सचिवालय में सूचना प्रसारण का अधिकारी बताया। एसएसपी के पीआरओ धीरज शुक्ला को विजिटिंग कार्ड देकर रिजवी आवास के अंदर पहुंच गया। ऐसे किसी को संदिग्ध तरीके से घूमता देखकर एसएसपी ने डॉ. रिजवी को वहां से निकाला। रिजवी ने एसएसपी को ये कहकर प्रभाव में लेने का प्रयास किया कि वह सीएम का सचिव है और डीएम की एस्कॉर्ट लेकर आया है।

एसएसपी ने पीआरओ समेत आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों को हड़काया और पूछा कि कोई ऐसे अनके आवास में कैसे आ गया। एसएसपी ने लखनऊ में सचिवालय में फोन कर जानकारी ली कि डॉ. रिजवी कौन व कहां पर तैनात है, इसकी कोई पुष्टि न होने पर पुलिस में खलबली मच गई। पीआरओ ने डीएम आवास पर फोन कर एस्कॉर्ट देने की बात पूछी। जहां से जानकारी मिली कि एस्कॉर्ट तो डॉ. रिजवी वापस डीएम आवास पर छोड़ गए हैं।

एस्कॉर्ट का अधिकार नहीं
डॉ. रिजवी को छोटा मवाना का निवासी बताया गया है। डॉ. रिजवी के सीयूजी नंबर पर अमर उजाला ने बात की तो उसने बताया कि वह पहले पत्रकार था। मानवाधिकार आयोग में उसने नौकरी की और अब वह सचिवालय में सूचना प्रसारण विभाग में है। उसको बेटे के चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन कराना था, इसीलिए वह एसएसपी के पास गया था, लेकिन ढाई घंटे तक एसएसपी नहीं मिलीं। उसने स्वीकार किया कि उसको एस्कॉर्ट का अधिकार नहीं है, डीएम आवास से अनाधिकृत तरीके से एस्कॉर्ट ली।

जांच बैठी, मामला कितना सही 
एसएसपी आवास से जाने के बाद भी डॉ. रिजवी ने सीयूजी नंबर 9454411834 से एसएसपी के सीयूजी नंबर पर कॉल की। उन्होंने खुद को मुजफ्फरनगर की सीमा में होना बताकर फिर दोबारा आने की बात कही है। उसके बाद एसएसपी के पीआरओ ने उनको फोन कर वापस आने को कहा, लेकिन उन्होंने आने से इंकार कर दिया। एसएसपी ने इस मामले में जांच बैठा दी है कि आखिर मामला कितना सही है। सर्विलांस की टीम इसकी जांच में जुट गई है।

कैसे अंदर आ सकता कोई 
एसएसपी मंजिल सैनी दहल का कहना है कि उनके आवास में अंदर आने का किसी को कोई अधिकार नहीं है। खुद को सचिवालय में अधिकारी बताने वाला उनके आवास में अंदर तक कैसे पहुंच गया। इसकी जांच कराई जा रही है। प्राथमिक जांच की रिपोर्ट के बाद डॉ. रिजवी के खिलाफ कार्रवाई होगी। लखनऊ सीएम सचिवालय से भी इसकी शिकायत की है।

Facebooktwittergoogle_plusredditpinterestlinkedinmail

Leave a Reply