आर्मी पब्लिक स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र की मौत

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फाइल फोटोPC: अमर उजाला ब्यूरो
 आर्मी पब्लिक स्कूल में कक्षा आठ (सी) के छात्र अभय प्रताप सिंह की सोमवार सुबह अचानक मौत हो गई। लंच ब्रेक के दौरान छात्र को चक्कर आना और तेज-तेज सांसें लेना बताया गया। स्कूल प्रबंधन के अनुसार चिकित्सकों और बच्चे की मां ने बताया कि बच्चे के दिल के वाल्व कमजोर थे। बच्चे के पिता पूथ्वीपाल सिंह जेसीओ हैं। वर्तमान में नार्थ ईस्ट में तैनात हैं। उनके मंगलवार को मेरठ पहुंचने पर शव का पोस्टमार्टम हो पाएगा।
स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रीटा गुप्ता ने बताया कि छात्र अभय सुबह करीब 11:06 बजे लंच ब्रेक में खाना खाने के बाद क्लासरूम से बाहर पानी पीने गया था। क्लास फर्स्ट फ्लोर पर है। क्लास के बाहर कॉरीडोर में वाटर कूलर लगा है। पानी पीकर वह बोतल में पानी लेकर क्लास में लौट रहा था। इस दौरान वह चक्कर खाकर गिर पड़ा। प्रिंसिपल के अनुसार छात्र को कोई चोट, बुखार या ब्लीडिंग नहीं थी। लेकिन उसकी सांसें बहुत तेज चल रही थीं। छात्र की हालत बिगड़ती देख तुरंत गाड़ी से उसे स्कूल के सामने प्राथमिक उपचार केंद्र ले जाया गया। लेकिन लगातार हालत बिगड़ती देख करीब 11:15 बजे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान ही चिकित्सकों ने 11.30 बजे छात्र को मृत घोषित कर दिया। इस बीच सूचना पर छात्र की मां अनीता सिंह (गृहिणी) और स्थानीय रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए थे।

अभिभावकों ने स्कूल से छिपायी मेडिकल हिस्ट्री
प्रिंसिपल के अनुसार अभय के नियमित हेल्थ चेकअप में सब कुछ ओके था। छात्र ने कभी शार्ट या लांग मेडिकल लीव नहीं ली। न ही कभी उसकी तबियत स्कूल में खराब हुई। स्कूल का अनुशासित, मेधावी, होनहार छात्र था। पढ़ने में हमेशा अव्वल रहता था। हमेशा हंसता खेलता रहा। आज अचानक उसके साथ ये हादसा हो गया। परिजनों ने कभी विद्यालय में यह नहीं बताया कि उनके बच्चे को बचपन में दिल का वाल्व कमजोर होने की समस्या थी। इसका लंबा इलाज भी चला।

मिलिट्री अस्पताल में चिकित्सकों के बहुत पूछने के बाद मां ने चिकित्सकों को बताया कि बचपन में बच्चे के वाल्व कमजोर थे और वो बीमार रहा था। अभिभावकों से छात्र के दाखिले के वक्त ही मेडिकल डिकलेरेशन फार्म भराते हैं, उसमें भी अभय के परिजनों ने क ोई जानकारी नहीं दी। उन्होंने ऐसा क्यों किया, नहीं पता। स्कूल में भी छात्र के रूटीन हेल्थ चेकअप में कभी कोई परेशानी नहीं आई। लेकिन अस्पताल में छात्र की मां ने बताया कि बचपन में अभय के वाल्व कमजोर थे, जिसका इलाज भी चला। लेकिन अब वो ठीक था। अगर परिजन हमें बच्चे की सही हेल्थ हिस्ट्री रिपोर्ट देते तो शायद हम कुछ कर पाते। छात्र की मेडिकल हिस्ट्री देना कंपलसरी होता है। स्कूल में स्पेशल स्टूडेंट्स भी पढ़ते हैं, सभी की मेडिकल हिस्ट्री ली जाती है।

इकलौता था अभय
अभय अपनी मां के साथ कैंट एरिया स्थित उमराव एंकलेव में रहता था। ढाई साल से आर्मी स्कूल में पढ़ रहा था। माता-पिता की इकलौती संतान था।

लंच में खाया था पूरा खाना
प्रिंसिपल के अनुसार अभय ने लंच ब्रेक में पूरा खाना खाया था। वहीं, अस्पताल में मम्मी ने बताया कि अभय सुबह भी नाश्ता करके स्कूल गया था।
स्कूल में हुई शोकसभा
छात्र की मौत की सूचना के बाद सोमवार को ही छुट्टी से पहले विद्यालय में शोक सभा करा दी गई थी। सभी छात्रों ने मौन रखा था। मंगलवार को स्कूल में केवल पीटीएम होगी। कक्षाएं नहीं होंगी।

पापा की तरह आर्मी ऑफिसर बनूंगा
शिक्षकों ने बताया कि अभय का सपना देशसेवा करना था। अपने पिताजी की तरह अभय भी सेना में जाना चाहता था। इकलौती संतान होने के कारण अभय अपने सपने के प्रति बहुत गंभीर था। इस समय स्कूल में वार्षिक उत्सव की तैयारी चल रही है। लेकिन अभय ने पढ़ाई प्रभावित होने की बात कहकर इसमें भाग नहीं लिया था।

स्कूल और सख्त करेगा स्वास्थ्य नियम
प्रिंसिपल ने बताया कि अभिभावक बच्चे की कोई भी हेल्थ हिस्ट्री न छिपाएं, इसके लिए सख्त नियम बनाएंगे। अभिभावकों से हर साल बच्चों का हेल्थ डिकलेरेशन लेंगे। बच्चे को कभी भी कोई परेशानी रही हो तो अभिभावक उसके बारे में हमसे जरूर बताएं। स्कूल में छात्रों का नियमित हेल्थ चेकअप होता है। हेल्थ काउंसलर और एमआई भी हैं। लेकिन इस घटना के बाद हेल्थ संबंधी नियमों व सुविधाओं पर सख्त नजर रखेंगे।

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